BJP ने बताया मुस्लिमों को फायदा पहुंचाने वाला- बंगाल में OBC आरक्षण पर बवाल, SC पहुंची ममता सरकार

कोलकाता पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण को लेकर एक बार फिर से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग नए सिरे से जातिगत पिछड़ेपन की समीक्षा कर रहा है और यह प्रक्रिया तीन महीने में पूरी हो जाएगी। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने राज्य सरकार की दलील सुनते हुए मामले को जुलाई तक के लिए टाल दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट से अनुरोध किया कि इस मुद्दे पर आगे की सुनवाई तीन महीने बाद की जाए, जिसके बाद पीठ ने उनकी बात मान ली। वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से ममता सरकार की इस पहल को मुस्लिमों को फायदा पहुंचाने वाला करार दिया है। हाई कोर्ट ने रद्द की थी कई जातियों की ओबीसी सूची यह मामला उस समय गरमाया जब 22 मई 2024 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2010 से अब तक कई जातियों को दी गई ओबीसी आरक्षण की सूची को अवैध करार दे दिया। कोर्ट ने पाया कि इन जातियों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने का आधार केवल धर्म था, जो संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि 77 मुस्लिम जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करना पूरे मुस्लिम समाज का अपमान है। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जिन लोगों को पहले ही आरक्षण का लाभ मिल चुका है या जो सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं, उनकी नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बीजेपी ने लगाया 'मुस्लिम तुष्टिकरण' का आरोप वहीं पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा सियासी तूल पकड़ चुका है। बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य सरकार एक जातिगत सर्वे करा रही है, जिसका मकसद मुस्लिम ओबीसी को फायदा पहुंचाना और हिंदू ओबीसी को पीछे करना है। बीते दिनों बीजेपी महासचिव जगन्नाथ चटर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "टीएमसी सरकार का यह सर्वे केवल राजनीतिक तुष्टिकरण के लिए है। वे मुस्लिम समुदाय की आर्थिक जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं ताकि सरकारी लाभ उन्हीं को दिया जा सके, जबकि हिंदू ओबीसी को इससे बाहर रखा जा रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस सर्वे के सवालों को इस तरह से तैयार किया गया है जिससे समुदायों के बीच फूट डाली जा सके। चटर्जी के मुताबिक, "सवालों में यह पूछा गया है कि उनके इलाकों में पानी की सुविधा कैसी है और क्या वे अपने पड़ोसियों के साथ खाना साझा करते हैं। यह एक सोची-समझी साजिश है ताकि सांप्रदायिक तनाव पैदा किया जा सके।" नई जातियों से जुड़ी ठोस जानकारी दीजिए: सुप्रीम कोर्ट वहीं सुप्रीम कोर्ट पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार से यह मांग कर चुका है कि वह ओबीसी सूची में शामिल नई जातियों की सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन से जुड़ी ठोस जानकारी पेश करे। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि इन जातियों को ओबीसी में शामिल करने से पहले किसी तरह की कानूनी सलाह ली गई थी या नहीं। अब जब राज्य सरकार ने तीन महीने में पूरी समीक्षा करने की बात कही है, तो जुलाई में सुप्रीम कोर्ट इस पर अंतिम फैसला ले सकता है। इस बीच, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार हैं। recent visitors 39

पीएम मोदी पिछले जन्म में महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज थे, लोकसभा में छिड़ा विवाद: भाजपा सांसद

नई दिल्ली संसद में चल रहे बजट सत्र के दौरान ओडिशा के बारगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद प्रदीप पुरोहित ने पीएम मोदी को लेकर एक विवादित दावा किया। सोमवार को अपने संबोधन के दौरान प्रदीप पुरोहित ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पिछले जन्म में मराठा साम्राज्य के संस्थापक और महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज थे। इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया, जहां इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान और उनकी विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। आखिर क्या बोल गए भाजपा सांसद? प्रदीप पुरोहित ने अपने भाषण में एक संत से मुलाकात का जिक्र किया, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें बताया कि नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में हुआ था। उन्होंने कहा, "मैं जिस क्षेत्र से आता हूं वहां एक गंधमर्दन पहाड़ी क्षेत्र है। एक गिरिजा बाबा संत वहां रहते हैं। एक दिन बातचीत चल रही थी तो उन्होंने हमें बताया कि देश के आज जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं वे अपने पूर्व जन्म में महाराज छत्रपति शिवाजी थे। इसलिए आज वे भारत को दुनिया में सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की भावना से काम कर रहे हैं।" पुरोहित ने इसे एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध के रूप में पेश करने की कोशिश की, लेकिन उनके इस दावे ने तुरंत विवाद को जन्म दे दिया। इस बयान के बाद सोशल मीडिया, खासकर एक्स प्लेटफॉर्म पर, लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई यूजर्स ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करार दिया। विपक्षी दलों ने इस बयान को हाथोंहाथ लिया और बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत का राजनीतिकरण करने का प्रयास बताया। मुंबई की कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने वीडियो शेयर करते हुए मराठी में लिखा, "अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनिया भर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेंद्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। और अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए… हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।" शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "भाजपा के इन बेशर्म चाटुकारों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी की छत्रपति शिवाजी महाराज से तुलना बिल्कुल अस्वीकार्य है।" ऐतिहासिक संदर्भ और विवाद छत्रपति शिवाजी महाराज 17वीं सदी के मराठा शासक थे, जिन्होंने मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ स्वराज की स्थापना की थी। उनकी वीरता, रणनीति और प्रशासनिक कुशलता उन्हें भारतीय इतिहास में एक महान नायक बनाती है, खासकर महाराष्ट्र में, जहां वे एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीक हैं। ऐसे में, उनके नाम को किसी भी समकालीन नेता से जोड़ना स्वाभाविक रूप से संवेदनशील और विवादास्पद हो जाता है। वैसे अब तक बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। recent visitors 40

CM देवेंद्र फडणवीस- छावा मूवी के आने के बाद से ही लोगों में मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में हिंसा के बीच बॉलीवुड फिल्म 'छावा' का जिक्र किया है। उन्होंने दावा किया है कि इस फिल्म के आने के बाद से ही लोगों में मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया है। सोमवार को भी औरंगजेब के मकबरे के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद अफवाह के चलते हिंसा भड़क गई थी। उन्होंने कहा, 'छावा मूवी ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों में गुस्सा भड़का दिया है। सभी को महाराष्ट्र को शांत रखने की जरूरत है।' साथ ही उन्होंने नागपुर की हिंसा को साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि नागपुर हिंसा के दौरान भीड़ ने कुछ चुनिंदा घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया; यह एक साजिश प्रतीत होती है। हिंसा में कई घरों और वाहनों को निशाना बनाया गया था। सीएम फडणवीस ने सदन में कहा, 'नागपुर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। अफ़वाह फैलाई गई कि धार्मिक सामग्री वाली चीज़ें जला दी गईं….यह एक सुनियोजित हमला लगता है। किसी को भी कानून- व्यवस्था अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।' उन्होंने साफ किया है, 'पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने जानकारी दी है कि हिंसा में 3 डीसीपी समेत 33 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं, 5 आम नागरिक घायल हुए हैं और उनमें से एक ICU में है। नागपुर में हिंसा पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ जलाया गया है। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। क्या हुई कार्रवाई नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को कहा कि शहर में हुई हिंसा के सिलसिले में कम से कम 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हिंसा के दौरान 34 पुलिसकर्मी तथा पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। मंत्री ने कहा कि हिंसा के दौरान 45 वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई और उन्होंने सभी समुदायों के सदस्यों से शहर में शांति बनाए रखने तथा किसी भी असामाजिक तत्व का समर्थन नहीं करने की अपील की। एकनाथ शिंदे क्या बोले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि जो लोग अब भी औरंगजेब की प्रशंसा कर रहे हैं, वे ‘‘देशद्रोही’’ हैं। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह ने राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की थी और लोगों पर अनेक अत्याचार किए थे। शिंदे ने कहा कि दूसरी ओर, मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज एक ‘‘दैवीय शक्ति’’ थे, जो वीरता, बलिदान और हिंदुत्व की भावना के लिए डटे रहे। recent visitors 30

इजरायल ने उत्तरी गाजा पट्टी खाली करने के आदेश दिया, हमास के ‘The End’ का प्लान!

 गाजा इजरायल की सेना ने सीजफायर को ठेंगा दिखाकर हमास पर आक्रामक रुख अख्तियार किया है. इजरायल के गाजा पर अब तक के भयावह हमले में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. लेकिन इजरायल का गुस्सा शांत नहीं हो रहा. उसने हमास के खात्मे का प्लान बना लिया है. इजरायल ने उत्तरी गाजा पट्टी खाली करने के आदेश दे दिए हैं. इजरायल की मंशा हमास को जड़ से उखाड़ फेंकने की है. 19 जनवरी को इजराइल-हमास में शुरू हुए सीजफायर के बाद इजराइल का गाजा में यह सबसे बड़ा हमला है. इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने यह हमले इसलिए कराए क्योंकि सीजफायर पर हो रही बातचीत आगे नहीं बढ़ रही थी. वहीं, हमास ने इजरायल के इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इजरायल ने बिना किसी उकसावे के हमले किए हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हमास पर दबाव बनाने के लिए गाजा से मिस्र जाने वाले राफा क्रॉसिंग को बंद रखने के निर्देश दिए हैं. इसका मकसद मरीजों तक इलाज की पहुंच रोकना है. इससे पहले इजराइल ने गाजा में राहत सामग्री, तेल और दूसरी चीजें लेकर जाने वाली गाड़ियों का रास्ता रोक दिया था. मालूम हो कि इजरायल और हमास युद्धविराम समझौते का पहला चरण एक मार्च को खत्म हो गया था. इसके बाद से इजरायल की ओर से गाजा पर हमले जारी है. इजरायली सेना आईडीएफ का कहना है कि यह हमला हमास के आतंकियों को निशाना बनाने के लिए किया गया था. सीजफायर का पहला चरण एक मार्च को खत्म हो गया है. पहले चरण में हमास ने 33 बंधक छोड़े हैं. वहीं इजराइल ने दो हजार से फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है. इजराइल और हमास में बीच सीजफायर के दूसरे फेज पर अभी तक बातचीत शुरू नहीं हो पाई है. इस फेज में लगभग 60 बंधकों को रिहा किया जाना था.   recent visitors 61

भोपाल में पहली बार आयोजित होगी सिन्धी मैराथन, पंकज आडवाणी हरि झंडी देकर करेंगे रवाना

Sindhi Marathon will be organized for the first time in Bhopal, Pankaj Advani will flag it off भोपाल (सुशील दामले)। सिंधी मेला समिति द्वारा रविवार दिनांक 23 मार्च 2025 को शहीद हेमू कालानी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सुबह 6:00 बजे सिंधी समाज के युवाओं के लिए सिन्धी मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इस सिन्धी मैराथन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए सिंधी मेला समिति द्वारा मंगलवार को एक पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया था, जिसमें प्रमुख रूप से सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी, महासचिव नरेश तलरेजा, इस मैराथन कार्यक्रम के संयोजक कपिल भाटिया सह- संयोजक राम आसुदानी एवं दीपक राजानी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। पत्रकारो को संबोधित करते हुए मनीष दरयानी ने बताया कि भोपाल में पहली बार “सिन्धी मैराथन” का आयोजन किया जा रहा है। इस मैराथन के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा, इसके अलावा इस सिन्धी मैराथन में विशेष अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खेल हस्ती, पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित श्री पंकज आडवाणी को आमंत्रित किया गया है। सिन्धी मैराथन के संयोजक भाटिया ने बताया कि यह मैराथन लालघाटी स्थित सनसिटी गार्डन से सुबह 6 बजे स्टार्ट होगी, यह मैराथन 2.5 किमी 5 किमी की श्रेणियों में आयोजित होगी। 2.5 किमी सनसिटी से नीना पैलेस यू टर्न लालघाटी होते हुए वापस सनसिटी पहुँचेगी, एवं 5 किमी वाली सनसिटी से नीना पैलेस यू टर्न लालघाटी चौराहा होते हूए वी.आई.पी रोड होते हुये इंपीरियल सेब्रे होते हुये वापस सनसिटी पहुँचेगी। सभी प्रतिभागियों को इस मैराथन के लिए टीशर्ट भी उपलब्ध करवाई जायेगी। सिंधी मेला समिति द्वारा समाज से सभी वर्गों से अपील की कि इसमें ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हो। भोपाल के सिन्धी युवा जैसे दीपक राजानी, कमलेश चांदवानी, कविता चांदवानी, पूजा भाटिया, सागर, मनोज नागरानी, किरन बत्रा , संतोष लालचंदानी, करण भागचंदानी आदि आगे बढ़कर न सिर्फ मैराथन में हिस्सा लेंगे बल्कि इस आयोजन के लिए व्यवस्थाओं में समिति को अपनी सेवाएं भी प्रदान कर रहें हैं। सिन्धी मेला समिति के सभी साथी इस आयोजन का हिस्सा बनकर पूरे समाज में फिजिकल फिटनेस के प्रति जागरूकता का सन्देश देंगे recent visitors 117

थाना अयोध्यानगर जोन -2 पुलिस की मोबाइल लुटेरो पर बडी कार्यवाही, 08 मोबाइल एवं 01 मोटरसायकल सहित 02 बदमाशो को किया गिरफ्तार

Ayodhyanagar Zone-2 police station took major action against mobile robbers, arrested 02 miscreants along with 08 mobiles and 01 motorcycle भोपाल (सुशील दामले) ! आरोपियों से दिनांक 26.02.2025 को अयोध्यानगर तथा शहर के विभिन्न जगहों से छिने कुल 08 मोबाइल बरामद । बरामद माल का विवरण –मोबाइल – शिक्षाः- 05वीं ।व्यवसायः- पुताई का काम करता हैं । आपराधिक रिकार्डः- आरोपी 2. शाबान पिता मोह.शमीम आयु 19 साल निवासी झुग्गी न. 1506 अर्जुन नगर मैदा मिल के सामने थाना एम.पी.नगर भोपाल शिक्षा- अनपढ ।व्यवसाय- मजदूरी करता है। आपराधिक रिकार्ड- सराहनीय भूमिका – थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उनि विजय सिंह कर्चुली, सउनि संजय चौबे, सउनि मनोज सिंह कछवाह, सउनि अनिल साहू, प्रआर 1177 अमित व्यास, प्रआर 3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रूपेश सिंह जादौन, प्रआर 2638 सुदीप राजपूत, आर 3523 जितेन्द्र उच्चारिया, आर 2115 मनोज जाट, आर 198 दीपक आचार्य तथा आर. आकाश भास्कर (डी.सी.पी. ऑफिस जोन-02 तकनीकी शाखा) की सराहनीय भूमिका रही । recent visitors 98

राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए NDT उपकरणों का उपयोग किया जाता

रायपुर राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नॉन-डिस्टैªक्टिव टेस्ट (NDT) उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिससे संरचनाओं की मजबूती और विश्वसनीयता की जांच बिना किसी नुकसान के की जा सकती है। इन्हीं अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी और उपकरणों के संचालन में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से संगठन के अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 17 मार्च से नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के प्रथम तल पर स्थित मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) में दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 19 मार्च तक चलेगा। मुख्य तकनीकी परीक्षक आर. पुराम ने बताया कि संगठन द्वारा लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता एवं भौतिक प्रगति की जांच कर सामान्य प्रशासन विभाग को प्रतिवेदन प्रेषित किया जाता है। प्रशिक्षण में एनडीटी विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक जांच उपकरणों के संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि नॉन-डिस्टैªक्टिव टेस्टिंग (NDT) ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी भी निर्माण सामग्री या संरचना की मजबूती, गुणवत्ता और स्थायित्व की जांच की जाती है, बिना उसे कोई नुकसान पहुंचाए। इस तकनीक का उपयोग विशेष रूप से सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाओं की जांच के लिए किया जाता है। प्रशिक्षण में अल्ट्रासोनिक पल्स वेलासिटी, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR), डिजिटल रीबाउंड हैमर टेस्ट, प्रोफोमीटर टेस्ट, टोमोग्राफी जैसे प्रमुख उपकरणों के संचालन की तकनीक सिखाई जा रही है। इन उपकरणों की मदद से कंक्रीट की मजबूती, अंदरूनी दरारें, नमी की मात्रा, सरंचना में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और संभावित कमजोरियों की पहचान की जाती है। इस प्रशिक्षण से संगठन के अधिकारियों को आधुनिक जांच तकनीकों की समझ विकसित होगी, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी रूप से परखा जा सकेगा। इससे संगठन को भविष्य में तेजी, सटीकता और विश्वसनीयता के साथ निरीक्षण करने में सहायता मिलेगी। recent visitors 27