विश्व हिंदू परिषद ने औरंगजेब की कब्र को हटाकर इन मराठा योद्धाओं के स्मारक बनाने की उठाई मांग

नई दिल्ली महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान मुस्लिमों के पवित्र ग्रंथ को जलाने की अफवाह फैली तो दंगा भड़क गया। इस दंगे में 6 आम नागरिक जख्मी हुए हैं तो एक आईपीएस समेत कई पुलिस अधिकारी भी घायल हैं। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी मांग कर दी है कि औरंगजेब की कब्र को हटा दिया जाए। उसके स्थान पर पूज्य धना जी, संता जी, छत्रपति राजाराम महाराज जी का स्मारक बनाया जाए। दरअसल धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे मराठा सेना के नायक रहे थे। दोनों ने छत्रपति राजाराम के शासनकाल में सेना का नेतृत्व किया था और कई जंगों में मुगल सेनाओं को मात दी थी। यही नहीं मराठा शासन के गुजरात में विस्तार में धना जी जाधव की अहम भूमिका थी। संताजी घोरपडे को गुरिल्ला वारफेयर का अच्छा जानकार माना जाता है। वहीं राजाराम राजे भोसले महाराजा छत्रपति शिवाजी के छोटे बेटे थे। वह संभाजी राव के सौतेले भाई थे। औरंगजेब द्वारा बेरहमी से संभाजी राव का कत्ल किए जाने के बाद राजाराम राजे ने कमान संभाली थी और 11 वर्षों तक मराठा सेना को हौसला प्रदान किया। उनके दौर में कई बार मुगल सेना को मोर्चे से पीछे हटना पड़ा था। उनका कार्यकाल 11 साल का रहा, जिसमें अधिकांश समय वह मुग़लों से युद्ध में उलझे रहे। उनकी जीवन की पहली लड़ाई 10 जून 1689 को प्रतापगढ़ के पास मोगली सरदार काकरखान के साथ हुई। अब इन तीनों ही मराठा नायकों के स्मारक बनाने की मांग विश्व हिंदू परिषद ने की है। वीएचपी का कहना है कि इनके स्मारकों का निर्माण औरंगजेब की कब्र को हटाकर किया जाएगा। इसके अलावा विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने नागपुर की घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा है कि जो आगजनी और हमले की घटनाएं मुस्लिम समाज के एक वर्ग द्वारा जो की गईं वे पूर्णतः निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा विभाग बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले किए गए। उन्होंने हिंदू समाज के अनेक घरों को निशाना बनाया और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। विश्व हिंदू परिषद इस सब की घोर शब्दों में निंदा करता है। यह बेहद शर्मनाक है कि एक तो यह झूठ फैलाया गया कि हिंदू समाज ने आयतें जलाई हैं और दूसरी ओर हिंसा भड़काने का कुत्सित प्रयास हुआ। ऐसे सभी समाज कंटक जिहादी उत्पतियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज नगर में जो औरंगजेब की कब्र है, उसका महिमा मंडन बंद करना चाहिए। उसकी जगह पर वहां औरंगजेब को जिन्होंने पराजित किया, ऐसे धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे तथा साथ में ही छत्रपति राजारामजी महाराज का एक विजय स्मारक बनाना चाहिए। जहां मराठों के साम्राज्य में औरंगजेब को पराजित करने का एक विजय स्तंभ बने। recent visitors 48

कटरा पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया , उसके कब्जे से पिस्टल बरामद, पिस्टल लेकर मंदिर में दर्शन के लिए जा रही

 जम्मू शराब विवाद के बाद अब माता वैष्णो देवी मंदिर की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है. कटरा पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है. उसके कब्जे से एक पिस्टल बरामद की है. ये महिला पिस्टल लेकर मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थी. कटरा पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया. महिला की पहचान ज्योति गुप्ता के रूप में हुई है. यह महिला दिल्ली पुलिस के लिए काम करती है. जानकारी के मुताबिक, महिला जिस पिस्टल को लेकर पहुंची थी, उसका लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था. कटरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली और महिला को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. एक दिन पहले विवादों में आए ओरी एक दिन पहले ही जम्मू में बॉलीवुड सोशलाइट और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ओरी यानी ओरहान अवात्रामणि विवादों में आए थे. ओरी और 7 अन्य लोगों के खिलाफ वैष्णो देवी के बेस कैंप कटरा में एक होटल में शराब पीने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. कानून के अनुसार, कटरा में शराब बेचना, रखना और पीना सख्त मना है. सोमवार को पुलिस ने ये जानकारी दी थी. इस पूरे मामले पर अभी तक ओरी का कोई रिएक्शन नहीं आया है. 15 मार्च को ओरी का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वो एक प्राइवेट होटल में अपने साथियों संग पार्टी करते दिखे थे. इस वीडियो में शराब की बोतल भी देखने को मिली थी. ओरी का ये वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर भी उन्हें ट्रोलिंग झेलनी पड़ रही है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने बयान में बताया कि इन सभी 8 लोगों के खिलाफ 'देश के कानून का उल्लंघन करने' के लिए FIR दर्ज की गई है. साथ ही एक टीम का गठन किया गया है जो 'लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने' के लिए उन्हें गिरफ्तार करेगी. कटरा पुलिस को 15 मार्च को एक शिकायत मिली थी कि एक होटल में ठहरे कुछ मेहमानों को परिसर में नियमों का उल्लंघन करते हुए शराब पीते हुए पाया गया है. इसके बाद इन 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई.   recent visitors 28

क्रिकेट का काला अध्याय- 18 मार्च 2007 को पाकिस्तान की टीम के हेड कोच बॉब वूल्मर का हुआ था निधन

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 मार्च की तारीख पाकिस्तान के लिए एक काले सच की तरह है, जबकि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ये दिन बहुत यादगार है, जबकि तीन क्रिकेटरों ने इस दिन अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला है। तीनों ही महान खिलाड़ी रहे हैं, जिनमें सचिन तेंदुलकर जैसा नाम भी शामिल है। इसके अलावा श्रीलंका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा और पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने भी 18 मार्च को आखिरी बार वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में उतरे थे। पाकिस्तान के लिए ये दिन इसलिए मनहूस माना जाता है, क्योंकि 18 मार्च 2007 को पाकिस्तान की टीम के हेड कोच बॉब वूल्मर का निधन हो गया था। पाकिस्तान टीम के मैच के अगले दिन उनको होटल के कमरे में मृत पाया गया था। कहा जाता है कि रहस्यमयी परिस्थितियों में उनका निधन हो गया था। यहां तक कि पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों से कई दिन तक पूछताछ भी हुई थी। जमैका पुलिस ने मर्डर के एंगल से इसकी जांच की थी। हालांकि, इसमें कुछ भी संदेहास्पद नहीं पाया गया था। वहीं, भारतीय टीम के लिए 18 मार्च इसलिए खास है, क्योंकि आज ही के दिन निदहास ट्रॉफी का फाइनल खेला गया था। 2018 में एक ट्राई सीरीज इंडिया, बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेली गई थी, जिसे निदहास ट्रॉफी का नाम दिया गया था। इसका फाइनल आज ही के दिन इंडिया और बांग्लादेश के बीच हुआ था, जिसमें आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर दिनेश कार्तिक ने भारतीय टीम को जीत दिलाई थी। ये कोई रेग्युलर टूर्नामेंट नहीं था, बल्कि श्रीलंका की आजादी के वर्षगांठ पर आयोजित किया गया था। वहीं, जिन तीन महान खिलाड़ियों ने 18 मार्च को अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला, उनमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, श्रीलंका के पूर्व विकेटकीपर कुमार संगकारा और पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने आज ही के दिन यानी 18 मार्च को अपना-अपना आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला था। सचिन तेंदुलकर ने जहां 2012 में 18 मार्च को अपना आखिरी ओडीआई मैच खेला था, जबकि कुमार संगकारा और महेला जयवर्धन ने साल 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ आइसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। इन तीनों दिग्गजों ने मिलकर 45000 से ज्यादा रन बनाए हैं। recent visitors 49

दिल्ली में एक बार फिर बड़ी लूट की घटना, चांदनी चौक में एक बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया

नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर लूट की बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है। चांदनी चौक में एक 'टोपीवाला' वाला बदमाश 80 लाख रुपए कैश से भरे बैग को लूटकर भाग गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है। पुलिस पीड़ित शख्स से भी पूछताछ कर रही है। घटना सोमवार 17 मार्च की है। शाम करीब 6.15 बजे हवेली हैदर कुली चांदनी चौक में आर के गुजराती आंगड़िया के कर्मचारी से नकदी से भरा बैग लूट लिया गया। काले रंग के बैग में 80 लाख रुपए थे। लूट के वक्त बदमाश ने चार राउंड फायरिंग भी की। पूरी घटना एक सीसीटीवी में कैद हो गई है। 48 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि पीड़ित कर्मचारी एक काले रंग के बैग को पीठ पर लादे हुए पैदल चला जा रहा है। कुछ दुकानें बंद हैं तो कुछ खुली है। बाजार में दुकानों पर कुछ लोग भी मौजूद हैं। इस बीच कर्मचारी के पीछे एक शख्स टोपी पहने और मास्क लगाए हुए आ रहा है। उसके हाथ में पिस्टल है और गली में पीछे-पीछे आ रहा है। वह अचानक बैग वाले शख्स को दबोच लेता है और बंदूक दिखाकर बैग छीन लेता है। वह चार राउंड फायरिंग भी करता है। इसके बाद वह भाग निकलता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरे की तलाश शुरू कर दी है। recent visitors 65

मऊगंज में पुलिस की ताबड़तोड़कार्रवाई, हत्याकांड में शामिल 20 आरोपी गिरफ्तार, अभी-भी जारी है धरपकड़

 रीवा  मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गड़रा में पुलिस की टीम पर पर हमला और एएसआइ की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक दो एफआइआर दर्ज की हैं। पुलिस ने लगभग डेढ़ सौ लोगों पर मारपीट, हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी काम में बाधा व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों मामलों में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपितों में एक यूट्यूबर पत्रकार सहित सरपंच व पूर्व सरपंच शामिल हैं। तीनों पर घटना के पहले षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जिसमे 06 आरोपियों  निशा कोल, प्रेमवती कोल, बृजलाल कोल, विनोद कोल, अंशु कोल और रमेश साहू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. सख्त कानूनी कार्रवाई, न्यायालय में पेशी पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 20 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. इस मामले में  06 आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1), 127 (2), 132, 296, 115 (2), 351 (3), 109, 191 (2), 191 (3), 190, 121(2) समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. गांव में बढ़ी पुलिस चौकसी गड़रा गांव में हुई इस हिंसा के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया. पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस का सख्त संदेश इस घटना के बाद पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें. डीजीपी पहुंचे बलिदानी के घर, सहायता राशि समेत नौकरी का दिया भरोसा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सोमवार को बलिदानी एएसआई रामचरण गौतम के गृह ग्राम जिले के पवैया गांव पहुंचे। जहां उन्होने शहीद के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के स्वजनों को सांत्वना दी। इस दौरान डीजीपी ने शहीद के परिवार के सदस्यों को बताया कि सरकार ने कर्तव्य निवर्हन में शहीद हुए एएसआई रामचरण गौतम के परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी बात कहीं है। यह है मामला मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। शनिवार की शाम सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। हमले में एएसआइ की मौत से क्षेत्र में तनाव फैल गया था। सोमवार को अलग-अलग दो एफआईआर में तकरीबन डेढ़ सौ लोगों के विरुद्ध मामला पंजीकृत कर 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अंकिता ने बताई मऊगंज में हुए खौफनाक मंजर की पूरी कहानी मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शनिवार को एएसआई समेत एक युवक की हत्या कर दी गई। एसडीओपी ने मऊगंज में हुए खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई है। वहीं इसे लेकर ब्राह्मण समाज ने एक दिवस बंद का ऐलान किया है। सोमवार को रीवा और मऊगंज बंद रहेगा। एसडीओपी ने बताई पूरी कहानी SDOP अंकिता शूल्या ने बताया कि कैसे यह पूरी घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में वह बंद थी, आरोपी उसी कमरे में आग लगाने की बात कर रहे थे। आरोपियों की मांग थी कि जिन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है, उन्हें छोड़ दे और एसडीओपी को ले जाए। अंकिता ने बताया कि वह करीब एक घंटे तक कमरे में बंद थी। पुलिस टीम ने हवाई फायरिंग कर एसडीओपी को मुक्त कराया और शव को कब्जे में लेकर वहां से निकाला गया। डीआईजी और एसपी के बोलने पर भी आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को छोड़ने से इनकार कर दिया था। SDOP अंकिता ने बताया कि गांव के लोगों ने युवक की हत्या की थी। हमारा कर्तव्य था कि उन्हें सजा मिले। अपनी जान को जोखिम में डालकर अंकिता शूल्या अपने कर्तव्य पर डटी रही। कई घंटो तक पथराव चलता रहा, हमारे कई पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन शव को छोड़ना सही नहीं था। ब्राह्मण समाज ने बंद का किया ऐलान रीवा और मऊगंज के ब्राह्मण समाज ने बंद का आव्हान किया है। व्यापारी से कहा कि वो इसमें सहयोग करें। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित संजय त्रिपाठी ने कहा कि हम लोग ब्राह्मण पर हो रहे अत्याचार खिलाफ लड़ेंगे और उन्हें इंसाफ दिलाएंगे। ऐसे उपजा विवाद बताया गया कि मऊगंज के गडरा गांव के निवासी द्विवेदी परिवार ने अशोक कोल को अपनी जमीन बेंची थीं। जिसके कुछ पैसे भी बकाया थे। दो माह पहले मऊगंज में अशोक आदिवासी की बाइक से एक्सिडेंट हुआ था और बाईक एक भैंस से टकरा गई थीं। जिसमें अशोक आदिवासी की मौत हो गई थीं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम करवाया था। पीएम रिपोर्ट में एक्सीडेंट से मौत होना पाया गया था, लेकिन मृतक अशोक आदिवासी के परिजनों द्विवेदी परिवार के बेटे सनी द्विवेदी पर सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मामले पर पुलिस के अधिकारियों ने एडिशनल एसपी रैंक के आधिकारी से जांच करवाई थी। जांच के बाद पाया गया की एक्सीडेंट के कारण ही अशोक कोल की मौत हुई थी। होली के दूसरे दिन हुई घटना इसके बाद शनिवार को होली के ठीक दूसरे दिन दोपहर के वक्त सनी द्विवेदी उसी अशोक आदिवासी परिवार की दुकान पर समान लेने गया था, जिसकी मौत का आरोप परिजनों ने सनी द्विवेदी पर लगाया था। इसी बीच आदिवासी परिवार के लोगों ने सनी को किराने की दुकान पर ही बंधक बना लिया। इसकी सूचना सनी के परिजनों को हुई तो वह आदिवासी परिवार से बातचीत करने पहुंचे। तभी आदिवासी परिवार के … Read 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भोपाल में नेशनल सेमिनार ऑन हैप्पीनेस 20 और 21 मार्च को होगा आयोजित

भोपाल राज्य आनंद संस्थान द्वारा भोपाल में नेशनल सेमिनार ऑन हैप्पीनेस 20 और 21 मार्च 2025 को आयोजित किया जा रहा है। सेमिनार में मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। चर्चा के लिये मनोवैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, समाजशास्त्रियों और नीति निर्माताओं को आमंत्रित किया गया है। सेमिनार में सभी अपने अनुभवों और शोध निष्कर्षों को साझा कर सकेंगे। इस आयोजन से आनंद के विविध आयामों एवं तत्वों पर केंद्रित विभिन्न विषयों पर गहन चिंतन के लिये मंच मिलेगा। प्रदेश में आनंद विभाग की स्थापना नागरिकों की खुशहाली एवं परिपूर्ण जीवन के लिए आंतरिक तथा बाह्य सकुशलता के लिये अगस्त 2016 में किया गया था। राज्य आनंद संस्थान नागरिकों की खुशहाली और मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के लिए सतत् कार्यरत है। संस्थान अपने विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और आनंदम गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों में सकारात्मकता और आत्मिक आनंद की भावना विकसित करने का प्रयास कर रहा है। इसी सिलसिले में आयोजित हो रहे नेशनल सेमिनार ऑन हैप्पीनेस में आतंरिक आनंद की अनुभूति बाह्य प्रभावों व भौतिक सुविधाओं के साथ आंतरिक आनंद को अनुभव करने के विधाओं पर चर्चा, आनंद से स्वास्थ्य आनंद और स्वास्थ्य के बीच संबंध, खुशहाल परिवार एवं कार्यस्थल परिवार में आनंदमयी वातावरण और कॉर्पोरेट तथा सरकारी संगठनों में आनंदमयी कार्य संस्कृति विकसित करने पर फोकस रहेगा।   recent visitors 27

बीयू की परीक्षाएं एक अप्रैल से, परीक्षाओं के दौरान नकल पर रोक के लिए बीयू ने कड़े आदेश जारी किए हैं

भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की यूजी की प्रथम से तीसरे वर्ष की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रायोगिक परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू कर दी गई हैं। बीयू के बीए, बीएससी, बीकाम, बीएससी (होम साइंस), बीए मैनेजमेंट, बीबीए, बीसीए, बीपीईएस के प्रथम वर्ष और तीसरे वर्ष की सैद्धांतिक परीक्षाएं एक अप्रैल से शुरू होंगी। वहीं पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं मई में आयोजित होंगी। इन परीक्षाओं में करीब 1.80 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रदेश के आठ जिलों में संबद्ध कालेजों के लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान नकल पर रोक के लिए बीयू ने कड़े आदेश जारी किए हैं। अगर कोई विद्यार्थी नकल करते पकड़ाया या किसी के पास स्मार्ट फोन, स्मार्ट वाॅच, ब्लूटूथ जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण पाए गए तो उत्तरपुस्तिका जब्त कर विवि को भेजी जाएगी और परीक्षा निरस्त होगी। इसके अलावा अगर परीक्षा शुरू होने के बाद कोई विद्यार्थी आधे घंटे बाद परीक्षा कक्ष से बाहर जाता है तो उसे दूसरी उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। विवि ने परीक्षा के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी की तलाशी ली जाएगी बीयू ने सभी कॉलेजों के प्राचार्य व केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा केंद्र पर हर परीक्षार्थी की तलाशी ली जाए। प्रतिबंधित सामग्री जैसे पुस्तकें, गाइड,मोबाइल, हस्तलिखी सामग्री,स्मार्ट वाॅच, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि को बाहर ही जमा करा ली जाए। इसे आलमारी में बंद किया जाएगा। यदि परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी के पास नकल सामग्री प्राप्त होती है तो अनुचित साधन प्रतिवेदन फार्म पर जानकारी भरकर विद्यार्थी से हस्ताक्षर कराना है।अनुचित साधन फार्म पर वीक्षक या केंद्रध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षर कराकर उत्तरपुस्तिका को पैकेट में बंद कर भेजे जाएं। केंद्र कम बनाए जाएंगे ताकि निगरानी सख्ती से हो बीयू इस बार नकल प्रकरण पर रोक के लिए उड़नदस्तों की टीम को तैनात किया है और विवि में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।इसके माध्यम से परीक्षार्थियों की निगरानी की जाएगी। साथ ही अधिक निगरानी के लिए इस बार केंद्रों की संख्या कम की जाएगी। इससे सख्ती से निगरानी की जा सके। वहीं जिन केंद्रों पर सिर्फ 50 या 60 विद्यार्थी शामिल होते थे। उन केंद्रों को बंद किया जाएगा।विवि प्रबंधन इस बार परीक्षा केंद्रों को दिए जाने वाले खर्च को कम करेगा।   recent visitors 35