उन्नाव में रंग खेलने पर पथराव तो नमाज पढ़ने पर डंडे, होली पर मचा बवाल

उन्नाव उन्नाव में होली के जश्न के बीच फाग जुलूस के दौरान बवाल हो गया. आरोप है कि कुछ अराजकतत्वों ने मुस्लिम क्षेत्र में अभद्र टिप्पणियां कीं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया. जानकारी के अनुसार, यह मामला उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गंज मुरादाबाद कस्बे के जोगियाना मोहल्ले का है. सूत्रों के अनुसार, होली के बाद फाग जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें हिंदू समुदाय के लोग गाते-बजाते हुए मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रहे थे. लौटते समय जुलूस में शामिल कुछ लोग शराब के नशे में थे और उन्होंने कुछ घरों पर रंग फेंकते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया. इसके चलते इलाके में तनाव बढ़ गया. घटना के दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने जब माहौल शांत करने की कोशिश की, तो नशे में धुत कुछ लोगों ने पुलिस से बहस शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस पर पथराव किया गया और कुछ अराजक तत्वों ने हाथापाई तक कर डाली. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया, जिससे उपद्रवियों को खदेड़ दिया गया. पथराव और झड़प में 3-4 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में कुछ अराजकतत्वों को हिरासत में लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस मामले को लेकर सीओ बांगरमऊ अरविंद चौरसिया ने कहा कि होली के दौरान शराब के नशे में कुछ लोग हुड़दंग कर रहे थे और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे. उन्हें समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे बार-बार माहौल खराब कर रहे थे, इसलिए हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया गया. फिलहाल, इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी बुलाया गया है.   recent visitors 51

उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में जल प्रवाह को नियंत्रित कर इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी छोड़ा गया है। ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया, जिससे इंद्रावती नदी में जल स्तर में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल से इंद्रावती नदी के जल संकट के समाधान हेतु चर्चा की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिसके परिणामस्वरूप उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया, जिससे इंद्रावती नदी के जल प्रवाह में सुधार हुआ। इसके अतिरिक्त, इंद्रावती नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर श्री सी.पी. बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेश्वर नाग और जल संसाधन विभाग के ईई श्री वेद पांडेय ने स्थानीय किसानों को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में पूरी जानकारी दी। इंद्रावती नदी और जोरा नाला की समस्या इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल गांव से हुआ है। यह नदी 534 किलोमीटर की यात्रा के बाद गोदावरी नदी में मिलती है। नदी का कैचमेंट एरिया 41,665 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें ओडिशा में 7,435 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ में 33,735 वर्ग किमी और महाराष्ट्र में 495 वर्ग किमी शामिल हैं। ओडिशा राज्य की सीमा पर ग्राम सूतपदर में इंद्रावती नदी दो भागों में बंट जाती है। एक भाग इंद्रावती नदी के रूप में 5 किमी बहकर ग्राम भेजापदर के पास छत्तीसगढ़ में प्रवेश करता है, जबकि दूसरा भाग जोरा नाला के रूप में 12 किमी बहते हुए शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है। पहले जोरा नाला का पानी इंद्रावती में आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका बहाव बढ़ने से इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो गया। समस्या गंभीर होने पर दिसंबर 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में जोरा नाला के मुहाने पर जल विभाजन के लिए कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया गया। यह स्ट्रक्चर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया गया, जिसकी डिज़ाइन केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने तैयार की। निर्माण के बाद भी जोरा नाला में अधिक पानी जाने से छत्तीसगढ़ को ग्रीष्म ऋतु में औसतन 40.71% और ओडिशा को 59.29% जल प्रवाह मिला। राज्य सरकार की पहल से समाधान की दिशा में प्रगति इंद्रावती नदी में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रयास किए। 6 जनवरी 2021 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम में जलभराव रोकने के लिए रेत और बोल्डर हटाने तथा जोरा नाला के घुमाव को सीधा करने का अनुरोध किया गया। वर्ष 2018 के बाद इंद्रावती नदी में सतत जल प्रवाह कम होने की समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार के प्रयासों से ओडिशा सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे नदी के जल प्रवाह को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। recent visitors 38

पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की : CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगों और उल्लास के महापर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करने वाला पर्व है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जीवन में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के रंग सबसे अनमोल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली का त्यौहार सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जहां भेदभाव मिट जाते हैं, और लोग आपसी स्नेह, उल्लास और उमंग के रंगों में घुल-मिल जाते हैं। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की विजय, प्रेम की जीत और समाज में सौहार्द्र को और मजबूत करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि हम सभी होली के पावन पर्व को प्रेम, सौहार्द और आनंद के साथ मनाएं, एक-दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भरें और छत्तीसगढ़ की समरसता और एकता को और अधिक सशक्त बनाएं। recent visitors 45

शेख हसीना जल्द ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में वापसी करेंगी, डॉ. रब्बी आलम ने किया बड़ा दावा

कोलकाता बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी और अमेरिका अवामी लीग के उपाध्यक्ष डॉ. रब्बी आलम ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि शेख हसीना जल्द ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में वापसी करेंगी। इसके साथ ही, उन्होंने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शेख हसीना को सुरक्षित ठिकाना और यात्रा मार्ग प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया। मिडिया को दिए एंक इंटरव्यू में डॉ. रब्बी आलम ने ये बात कही। उन्होंने कहा, "शेख हसीना बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में वापस आएंगी। युवा पीढ़ी ने गलती की है, लेकिन यह उनकी गलती नहीं है, उन्हें गुमराह किया गया है।" उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे "हमले के अधीन" बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश पर हमला हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। राजनीतिक विद्रोह ठीक है, लेकिन बांग्लादेश में ऐसा नहीं हो रहा है। यह एक आतंकवादी विद्रोह है।" साथ ही, उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस को पद छोड़ने और "जहां से आए थे, वहीं वापस जाने" के लिए कहा। उन्होंने कहा, "हम बांग्लादेश के सलाहकार से कहना चाहते हैं कि वह पद छोड़ दें और वापस वहीं चले जाएं जहां से आप आए हैं। डॉ. यूनुस, आप बांग्लादेश के नहीं हैं। यह बांग्लादेश के लोगों के लिए संदेश है कि शेख हसीना वापस आ रही हैं, वह प्रधानमंत्री के रूप में वापस आ रही हैं।" आलम ने भारत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, "हमारे कई नेता भारत में शरण लिए हुए हैं, और हम भारत सरकार को इसके लिए बहुत आभारी हैं। मैं पीएम नरेंद्र मोदी को भी हमारी प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए सुरक्षित यात्रा मार्ग प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं। हम भारत के लोगों के भी आभारी हैं।" शेख हसीना को पिछले साल अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था, जिसके बाद वह भारत में निर्वासित जीवन बिता रही हैं। उनकी पार्टी अवामी लीग के समर्थक इसे "आतंकी विद्रोह" करार दे रहे हैं। दूसरी ओर, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हसीना की प्रत्यर्पण की मांग की है और उन पर मानवता के खिलाफ अपराधों सहित कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, भारत ने अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। recent visitors 39

जेईई मेन्स सेशन -2 की परीक्षाएं 02 अप्रैल 2025 से होंगी शुरू, जाने शेड्यूल

नई दिल्ली जेईई मेन्स सेशन -2 की परीक्षाएं 01 अप्रैल 2025 से शुरू होंगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (IIT JEE) मेन्स सेशन-2 का शेड्यूल जारी कर दिया है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एनटीए जेईई मेन्स की आधिकारिक वेबसाइट jeemains.nta.nic.in पर जाकर शिफ्ट और सब्जेक्ट वाइड एग्जाम डेट्स चेक कर सकते हैं. जेईई मेन्स सेशन-2 के आवेदन 01 फरवरी से शुरू हुए थे और 25 फरवरी 2025 तक चले थे. जेईई मेन्स दूसरे चरण की परीक्षाएं देश के विभिन्न और देश के बाहर 15 शहरों में अलग-अलग शिफ्ट्स में आयोजित की जाएंगी. एनटीए ने जेईई मेन्स सेशन-2 की सब्जेक्ट और शिफ्ट वाइज एग्जाम डेट्स जारी की हैं. 2 अप्रैल से शुरू होंगी परीक्षाएं 2, 3, 4 और 7 अप्रैल 2025 को पेपर-1 (बीई/बीटेक) की परीक्षा होगी. परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. पहली शिफ्ट का पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरी शिफ्ट का पेपर दोपहर 3 हजे से शाम 6 बजे तक चलेगा. 8 अप्रैल को पेपर-1 (बीई/बीटेक) सिंगल शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जबकि 9 अप्रैल 2025 को पेपर-2 (बी. आर्किटेक्ट), पेपर 2B (बी. प्लानिंग) और पेपर 2A व B (बी. आर्किटेक्ट और बी. प्लानिंग दोनों) की परीक्षा होगी. 9 अप्रैल को जेईई मेन्स की परीक्षा सिंगल शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी. अधिक जानकारी नोटिफिकेशन में देख सकते हैं. जेईई मेन्स सेशन-2 का एडमिट कार्ड कब मिलेगा? जानकारी के अनुसार, जेईई मेन सत्र 2 एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप 2025 मार्च के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकती है, जबकि जेईई मेन एडमिट कार्ड (JEE Mains Admit Card) जेईई मेन्स 2025 शुरू होने से तीन दिन पहले जारी होने की उम्मीद है. एनटीए ने हाल ही में 27 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक जेईई मेन्स सेशन-2 की करेक्शन विंडो ओपन की थी. बता दें कि एनटीए ने जेईई मेन 2025 सत्र 1 के परिणाम 11 फरवरी को घोषित किए थे. इस साल, 14 छात्रों ने जेईई मेन सत्र-1 में 100 पर्सेंटाइल एनटीए स्कोर हासिल किया है. राजस्थान राज्य से पांच टॉपरों के साथ इस सूची में सबसे आगे रहे. वहीं जेईई मेन्स पेपर 2A (BArch) का रिजल्ट 23 फरवरी 2025 को जारी किया गया था, जिसमें महाराष्ट्र के पाटणे नील संदेश और पेपर 2B (B.Planing) में मध्य प्रदेश की सुनिधि सिंह ने 100 एनटीए स्कोर के साथ टॉप किया है. इस परीक्षा में कुल 63,481 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 44,144 उपस्थित हुए. recent visitors 60

केएल राहुल ने ठुकराया दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान बनने का ऑफर, अब ये खिलाड़ी बन सकता है DC का कप्तान

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अगले सीजन की शुरुआत में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 10 टीमों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली कैपिटल्स को छोड़कर सभी ने अपने कप्तानों के नाम का भी एलान कर दिया है। केएल राहुल को दिल्ली के अगले कप्तान के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन इस खिलाड़ी ने कप्तानी करने से इनकार कर दिया है। दिल्ली की कप्तानी अब तक ऋषभ पंत के हाथों में थी। लेकिन इस बार दिल्ली काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें रिटेन नहीं कर पाई। पंत को फिर लखनऊ सुपर जायंट्स ने खरीदा जिसके कप्तान अब तक राहुल थे। यानी एक तरह से पंत और राहुल की दिल्ली और लखनऊ में अदला-बदली हो गई। राहुल को कप्तानी का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन ऐसा लग रहा है कि वह अब ये जिम्मेदारी निभाते नहीं दिखेंगे।   राहुल नहीं अब ये खिलाड़ी होगा कप्तान  राहुल के कप्तानी ठुकराने के बाद सवाल ये है कि अब दिल्ली की कप्तानी किसके हिस्से आएगी? इस रेस में अक्षर पटेल का नाम सबसे आगे है या यूं कहें तय है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा, "हां, अक्षर पटेल आईपीएल-2025 के लिए दिल्ली कैपिटल्स के अगले कप्तान हो सकते हैं। फ्रेंचाइजी ने केएल राहुल से कप्तान बनने के बारे में पूछा था, लेकिन उन्होंने एक खिलाड़ी के तौर पर टीम में योगदान देने की बात कही है।" अक्षर पटेल साल 2019 से दिल्ली के साथ हैं। उन्हें दिल्ली ने 18 करोड़ की कीमत देकर खरीदा था। उन्होंने हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी में दमदार खेल दिखाया था। अक्षर ने बैट और गेंद दोनों से टीम की सफलता में अहम योगदान दिया था। वह इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में भारत के उप-कप्तान भी थे। पहले खिताब का इंतजार दिल्ली को अपने पहले खिताब का इंतजार है। इस टीम ने अभी तक सिर्फ एक ही बार फाइनल खेला है, लेकिन उसमें भी जीत हासिल नहीं कर सकी। साल 2020 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में दिल्ली ने आईपीएल का फाइनल खेला था, लेकिन मुंबई इंडियंस से हार गई थी। दिल्ली ने इस सीजन काफी कुछ बदला है। उसने अपने पूरे कोचिंग स्टाफ को ही बदल दिया। रिकी पोंटिंग को हटा हेमंग बदानी को टीम का कोच बनाया गया है। मुनाफ पटेल को टीम का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है। भारत के पूर्व बल्लेबाज वेणुगोपाल राव को आईपीएल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाया गया है। इंग्लैंड के केविन पीटरसन को टीम में मेंटर बनाया है। ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू मॉट टीम का सहायक कोच नियुक्त किया गया है। recent visitors 52

यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड के जरिए से किए गए लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क वापस लाने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रही

नई दिल्ली यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड के जरिए लेनदेन पर बहुत जल्द शुल्क लग सकता है। यानी यूपीआई करना फ्री नहीं रहेगा, इसके लिए भी अलग से पैसे देने पड़ सकते हैं। दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और RuPay डेबिट कार्ड के जरिए से किए गए लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क वापस लाने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रही है। अगर ऐसा होता है तो फिर अगर डिजिटल पेमेंट महंगा हो जाएगा। क्या है डिटेल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इन ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है। बता दे कि डिजिटल पेमेंट इंडस्ड्रीज में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) उसे कहते हैं, जो किसी मर्चेंट या दुकानदार को पेमेंट सर्विस को शुरू करने के लिए देना होता है। इस शुल्क को साल 2022 में सरकार के द्वारा माफ कर दिया गया था। अब खबर है कि फिर से सरकार इसे लागू करने पर विचार कर सकती है। वर्तमान में, UPI और RuPay डेबिट कार्ड भुगतानों पर कोई MDR लागू नहीं है, जिन्हें नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के माध्यम से सुगम बनाया जाता है। रिव्यू किया जा रहा है मीडिया रिपोर्ट में एक बैंकर के हवाले से कहा गया है कि बड़े व्यापारियों के लिए UPI लेनदेन पर MDR को फिर से लागू करने का औपचारिक अनुरोध बैंकिंग उद्योग द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया गया है और संबंधित विभाग इसकी समीक्षा कर रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार, 40 लाख रुपये से अधिक के सालाना कारोबार वाले व्यापारियों के लिए उनके GST फाइलिंग के आधार पर MDR को फिर से लागू किया जा सकता है। सरकार UPI के लिए एक स्तरीय मूल्य निर्धारण मॉडल पर भी विचार कर सकती है, जहां बड़े व्यापारियों को अधिक शुल्क देना होगा, जबकि छोटे व्यवसायों को कम शुल्क देना होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों के लिए UPI भुगतान निःशुल्क रहेगा। यूपीआई लेनदेन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2025 में यूपीआई ने 16.11 बिलियन लेनदेन दर्ज किए, जिनकी राशि लगभग 22 ट्रिलियन रुपये थी। जनवरी में कुल लेनदेन 16.99 बिलियन था। recent visitors 51