भारत में कनाडा का ट्रेड मिशन, कारोबार और निवेश के नए अवसरों की खोज में

नई दिल्ली   कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत से एक ट्रेड मिशन  6 फरवरी, 2026 तक भारत आएगा। इसका मकसद दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते मार्केट में से एक में कमर्शियल संबंधों को मजबूत करना और साझेदारी के नए मौके तलाशना है। बता दें, कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत के साथ इसके तनाव में कड़वाहट देखने को मिली थी। हालांकि, वर्तमान पीएम मार्क कार्नी के शासन में भारत-कनाडा के संबंधों में सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा भारत के साथ अपने बिगड़े हुए संबंधों को सुधारने की पहल कर रहा है। कनाडाई ट्रेड मिशन का भारत आना उन्हीं पहलों में से एक है। इस मिशन को अपॉर्चुनिटीज न्यू ब्रंसविक (ओएनबी) का समर्थन है और यह उस व्यापार पर फोकस करेगा जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विविधता लाना चाहते हैं, भारत में विस्तार करना चाहते हैं और नई कमर्शियल और सप्लाई-चेन साझेदारी विकसित करना चाहते हैं। लक्षित बिजनेस-टू-बिजनेस मीटिंग, मार्केट ब्रीफिंग और ऑन-द-ग्राउंड समर्थन के जरिए हिस्सा लेने वाली कंपनियों को संभावित खरीदारों, साझेदारों और निर्णय लेने वालों तक सीधी पहुंच मिलेगी। यह मिशन भारतीय बाजार के लिए न्यू ब्रंसविक की लंबे समय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और प्रांत की इन-मार्केट उपस्थिति को बढ़ाता है। इससे कंपनियों को स्थानीय व्यापार के माहौल में आगे बढ़ने और विकास के अवसर पहचानने में मदद मिलती है। यह ओएनबी के मार्च 2025 के भारत के व्यापार मिशन की सफलता पर भी आधारित है। इसमें व्यापार संबंधों को गहरा करने, निर्यात बढ़ोतरी को समर्थन करने और न्यू ब्रंसविक को व्यापार और निवेश के लिए एक कॉम्पिटिटिव और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर स्थापित करने पर लगातार केंद्रित किया गया है। ल्यूक रैंडल, अपॉर्चुनिटीज एनबी और आर्थिक विकास और छोटे बिजनेस के लिए जिम्मेदार मंत्री हैं। वह इस मिशन को लीड करेंगे। रैंडल ने कहा, “वैश्विक व्यापार ऑर्डर तेजी से बदल रहे हैं, और न्यू ब्रंसविक भारत जैसे खास मार्केट के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत कर रहा है। हमारा प्रांत भारत में आर्थिक अवसरों को पहचानने वाला अकेला नहीं है, बल्कि हम इन-मार्केट टीम वाला अकेला अटलांटिक प्रांत हैं और इसके नतीजे में हमने मजबूत साझेदारी बनाई हैं जो नए अवसरों के दरवाजे खोल रही हैं जो लंबे समय की विकास, विविधता और रेसिलिएंस का समर्थन करती हैं।” इस मिशन में चार न्यू ब्रंसविक कंपनियां और एक एकेडमिक इंस्टिट्यूशन शामिल हैं, जो एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-फूड, एडटेक, एजुकेशनल और प्रोफेशनल सेवाएं और एकेडमिक रिसर्च जैसे खास सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपॉर्चुनिटीज एनबी, कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत के लिए लीड बिजनेस डेवलपमेंट एजेंसी है। यह स्थानीय व्यापार का समर्थन करता है और आर्थिक और जॉब ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर से नया निवेश आकर्षित करता है। recent visitors 49

3.72 करोड़ का शिक्षा विभाग घोटाला मैहर में, स्कूल निर्माण के लिए किए गए वित्तीय कुप्रबंधन का पर्दाफाश

मैहर  मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्कूलों में लघु निर्माण कार्य जैसे पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड बनाने के नाम पर हुए 3.72 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच शुरू हो गई है. दरअसल खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया गया. जांच में सामने आया कि जिन स्कूलों में लाखों रुपये का भुगतान दिखाया गया, वहां ज़मीन पर कोई ठोस निर्माण कार्य नजर ही नहीं आया. जांच टीम को क्या मिला? एसडीएम एस.पी. मिश्रा के नेतृत्व में बनी टीम ने कई स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया. टीम में संदीपनी विद्यालय मैहर के प्राचार्य दिनेश गोस्वामी, तहसीलदार ललित धार्वे, बीईओ राजेश द्विवेदी, बीआरसीसी चंद्र प्रताप शुक्ला, सहायक लेखपाल विनय सिंह और पटवारी आनंद पांडेय शामिल थे. टीम ने पाया कि अधिकांश स्कूलों में सिर्फ रंगाई-पुताई दिखाई दी, जबकि पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड जैसे निर्माण कार्य का कोई प्रमाण नहीं मिला. किन फर्मों को हुआ भुगतान जांच में सामने आया कि भोपाल की वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर, मैहर की श्री रुद्र इंटरप्राइजेज और सतना की श्री महाकाल ट्रेडर्स को करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया. विभिन्न स्कूलों से 21 लाख से 24 लाख रुपये तक के बिलों का भुगतान दर्शाया गया है. कुल मिलाकर 17 स्कूलों में लगभग 3 करोड़ 72 लाख रुपये के बिल पास किए गए.  फर्जी हस्ताक्षरों की आशंका कई प्राचार्यों का कहना है कि उन्होंने न तो कोई वर्क ऑर्डर जारी किया और न ही ऐसे किसी बिल को मंजूरी दी. इससे फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजी हेराफेरी की आशंका गहरा गई है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है. रिपोर्ट में संबंधित फर्मों के साथ-साथ लगभग 14 प्राचार्यों की भूमिका की जांच की सिफारिश की गई है. माना जा रहा है कि जल्द ही निलंबन, एफआईआर और वित्तीय वसूली जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल, मामला संभागीय स्तर तक पहुंच चुका है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. recent visitors 46

भोपाल मंडल का बड़ा कदम: 9 महीनों में ट्रैक कायाकल्प से सुरक्षित सफर की तैयारी

भोपाल  पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ट्रैक नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से ट्रैक अनुरक्षण से जुड़े संरक्षा-आधारित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भोपाल मंडल में कंप्लीट ट्रैक रिन्यूअल (सीटीआर), थ्रू रेल रिन्यूअल (टीआरआर), थ्रू स्लीपर रिन्यूअल (टीएसआर), थ्रू टर्नआउट रिन्यूअल (टीटीआर) तथा डीप स्क्रीनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य आवश्यक ट्रैफिक ब्लॉक लेकर उच्च संरक्षा मानकों के अनुरूप निष्पादित किए जा रहे हैं। नौ माह में हुआ व्यापक ट्रैक नवीनीकरण वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल से दिसंबर तक नौ माह की अवधि में 100.741 ट्रैक किलोमीटर में सीटीआर, 121.23 ट्रैक किलोमीटर में टीआरआर, 80.245 ट्रैक किलोमीटर में टीएसआर तथा 80.250 समतुल्य यूनिट्स में टीटीआर का कार्य पूर्ण किया गया है। इसके अतिरिक्त 55 टर्नआउट्स एवं 168.391 ट्रैक किलोमीटर प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग भी की गई।   recent visitors 49

नई ड्यूटी नियमावली: 75,000 रुपये से अधिक कीमत वाले सामान पर यात्रियों को देना होगा शुल्क

नई दिल्ली बीते एक फरवरी को आम बजट में कई ऐसे ऐलान हुए हैं। बजट-डे पर एक अहम ऐलान लगेज यानी सामान को लेकर हुआ है। केंद्र सरकार ने भारत में 'ड्यूटी फ्री' आयातित सामान लाने की लिमिट बदल दी है। ड्यूटी फ्री लगेज की लिमिट पहले के मुकाबले बढ़ाई गई है। पहले यह 50,000 रुपये था जिसे अब बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब 75 हजार रुपये से ज्यादा के सामान पर ड्यूटी चार्ज लगेगा। बता दें कि सरकार ने सामान नियम, 2026 को नोटिफाई किया है। इसके तहत भारत में भूमि मार्ग के अलावा किसी भी अन्य मार्ग से आने वाले भारतीय नागरिकों या भारतीय मूल के पर्यटकों को 75,000 रुपये तक का ड्यूटी फ्री सामान लाने की अनुमति होगी। कितने आभूषण लाने की होगी छूट नये नियम दो फरवरी की मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएंगे और एक दशक पुराने सामान संबंधी नियम की जगह लेंगे। नये नियमों के तहत भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों (शिशु को छोड़कर) को 25,000 रुपये तक के मूल्य का 'ड्यूटी फ्री' सामान लाने की इजाजत होगी। पहले यह सीमा नियम के तहत 15,000 रुपये थी। इसके अलावा, जो भारतीय नागरिक या भारतीय मूल के लोग एक साल से अधिक समय से विदेश में रह रहे हैं, उनके लिए गहनों (ज्वेलरी) को लेकर अलग नियम बनाए गए हैं। 40 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी लाने की इजाजत भारत लौटने पर महिला यात्री 40 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी ला सकती हैं। वहीं, पुरुष यात्री (या महिला के अलावा अन्य) 20 ग्राम तक की ज्वैलरी बिना ड्यूटी ला सकते हैं। यह ज्वैलरी यात्री के वैध सामान का हिस्सा होनी चाहिए। ज्वैलरी में सोना, चांदी, प्लेटिनम या अन्य कीमती धातुओं से बने आभूषण शामिल हैं, चाहे उनमें रत्न जड़े हों या नहीं। सरकार का कहना है कि बैगेज नियम, 2026 आज के समय में बढ़ती यात्रा और लोगों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। recent visitors 261

संघ और दिल्ली से मंथन के बाद MP में नियुक्तियों की बड़ी सूची, निगम-मंडलों में होगी जल्द बदलाव

भोपाल  मध्यप्रदेश में लंबे समय से अटकी पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। निगम–मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। सत्ता और संगठन ने दिल्ली के निर्देश पर नामों की विस्तृत सूची तैयार कर ली है, जिस पर संघ से भी मंथन किया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक सूची दिल्ली भेज दी गई है और वहां से हरी झंडी मिलते ही नियुक्ति आदेश जारी किए जाने की तैयारी है। दरअसल, विधानसभा और लोकसभा चुनाव को करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होने से पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। इस असंतोष को देखते हुए जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में 12 प्रमुख निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में नियुक्तियों की योजना बनाई गई थी। नाम भी तय हो गए थे, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की घोषणा के चलते प्रक्रिया बीच में ही अटक गई। दिल्ली का साफ संदेश—छोटी नहीं, बड़ी सूची लाओ सूत्र बताते हैं कि नियुक्तियों में हो रही देरी की शिकायत भोपाल से लेकर दिल्ली तक पहुंची। इसके बाद दिल्ली से साफ संदेश आया कि अब 10–12 नामों से काम नहीं चलेगा, बल्कि एकमुश्त बड़ी सूची भेजी जाए ताकि अधिकतर निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में एक साथ नियुक्तियां की जा सकें। सीएम हाउस में हुई मैराथन बैठक राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मैराथन बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित संगठन और सरकार के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बैठक में निगम–मंडलों और प्राधिकरणों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिए प्रस्तावित नामों पर गहन चर्चा के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया।अब सबकी निगाहें दिल्ली से मिलने वाली अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का लंबा इंतजार खत्म हो जाएगा और सत्ता–संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा।   recent visitors 57

PDA की राजनीति ढोंग, असली एजेंडा परिवारवाद : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी दल को 'पीडीए' से ज्यादा 'परिवार' की चिंता है। योगी ने तंज कसते हुए कहा, "पीडीए तो बहाना है, असली लक्ष्य तो 'परिवार' है…!" मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट में पीडीए को नजरअंदाज करने के सपा प्रमुख के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो लोग यह दावा करते हैं, उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि जब सरकार ने उत्तर प्रदेश के छह करोड़ लोगों सहित पूरे देश में 25 करोड़ लोगों को गौरव और सम्मान के साथ आगे बढ़ने में मदद की, तो उनके कार्यकाल में ऐसा क्यों नहीं हो सका? पीडीए का मुद्दा तब भी जरूर रहा होगा।" उन्होंने कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि उस समय पीडीए पर चर्चा क्यों नहीं हुई? अपनी पार्टी (सपा) के शासनकाल में उन्हें (अखिलेश को) सिर्फ परिवार की ही चिंता क्यों थी?" योगी समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को परिवार के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। हमारा मुख्य उद्देश्य गरीबों, युवाओं और किसानों की सहायता करना है। हमारा लक्ष्य उच्च श्रेणी की अवसंरचना सुनिश्चित करना है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "यह दृष्टिकोण बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, लेकिन दूरदृष्टिहीन लोग, भविष्य की कोई योजना न रखने वाले लोग ऐसी निरर्थक बातों में उलझे रहते हैं।" योगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बजट की आलोचना को भी खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए बढ़ाए गए आवंटन से उत्तर प्रदेश को मदद मिलेगी, जो देश में रक्षा विनिर्माण का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के साथ-साथ निवेशकों को भी लाभ होगा। योगी ने कहा कि केंद्रीय बजट के आधार पर प्रदेश सरकार फरवरी में बजट प्रस्तुत करेग और डबल इंजन सरकार के इस बजट का लाभ देश की सबसे बड़ी आबादी को प्राप्त होगा। recent visitors 59

जयशंकर अमेरिका दौरे पर, स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षा को बनाएंगे प्राथमिकता

नई दिल्ली   भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज से तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा 2 से 4 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान वह अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में भाग लेंगे। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलाव, और रणनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा और नई तकनीकों के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। अमेरिका यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। हाल ही में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई थी। जयशंकर ने उम्मीद जताई थी कि सर्जियो गोर भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।  इसके अलावा, 25 जनवरी को जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की थी, जिसमें माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस शामिल थे। इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंध, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।इससे पहले, 13 जनवरी को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एस. जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत में नागरिक परमाणु ऊर्जा, व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग की समीक्षा की गई थी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया था और कहा था कि दोनों देशों ने व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स और आने वाले महीनों में संभावित उच्चस्तरीय बैठक को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की है। जयशंकर की यह अमेरिका यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। recent visitors 48