बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयर बने रॉकेट, LIC ने खरीद डाले रामदेव की कंपनी के 73 लाख शेयर

नई दिल्ली बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयर आज बुधवार को कारोबार के दौरान फोकस में हैं। कंपनी के शेयर आज 2% चढ़कर 1759 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए थे। शेयरों में इस तेजी के पीछे एक बड़ी वजह है। दरसल, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने ओपन मार्केट के जरिए से पतंजलि फूड्स में नई हिस्सेदारी खरीदी है। एलआईसी ने कंपनी में लगभग 2% हिस्सेदारी बढ़ाई है। अब पतंजलि फूड्स में एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 7% को पार कर 7.06% तक पहुंच गई। 73 लाख शेयर खरीदे गए LIC ने आज एक नियामक फाइलिंग में खुलासा किया कि उसने 25 नवंबर, 2024 और 4 मार्च, 2025 के बीच शेयर हासिल करके पतंजलि फूड्स के 73 लाख शेयर खरीदे हैं। दिसंबर तिमाही के अंत में, प्रमोटरों के पास कंपनी में 69.95% हिस्सेदारी थी, जबकि FII और DII के पास क्रमशः 13.3% और 6.3% हिस्सेदारी थी। बाकी 10.3% आम जनता शेयरधारकों के पास था। बता दें कि कंपनी खासकर तिलहनों के प्रोसेसिंग और फूड तेल के रिफाइनमेंट में सक्रिय है। क्या है डिटेल बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली भारतीय उपभोक्ता सामान कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने 2019 में रुचि सोया इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया और इसका नाम बदलकर पतंजलि फूड्स कर दिया। जनवरी 2020 में, रुचि सोया के शेयर (अब पतंजलि फूड्स) को फिर से सूचीबद्ध किया गया। दिसंबर तिमाही के नतीजे दिसंबर तिमाही (Q3FY25) के लिए, कंपनी ने नेट मुनाफे में 71% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹371 करोड़ रहा। जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में इसका नेट मुनाफा ₹217 करोड़ था। दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹9,103 करोड़ रहा, जो कि Q3 FY24 में ₹7,911 करोड़ से 15% अधिक है। जबकि परिचालन लाभ सालाना आधार पर 57% बढ़कर ₹541 करोड़ हो गया। QoQ आधार पर, इसमें 20.5% की वृद्धि हुई। दिसंबर तिमाही के लिए EBITDA मार्जिन 6% रहा, जो FY24 की तीसरी तिमाही में 7% की तुलना में 200 आधार अंक अधिक है। recent visitors 62

International Women’s Day 2025 : क्या है वुमन डे का इतिहास? जानें इसे जुड़ी खास बातें

international womens day 2025 history significance and this year theme know here हर साल 8 मार्च को international womens day 2025 मनाया जाता है. जिसे हमेशा अलग-अलग थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए आर्टिकल में जानते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के शुरुआत कब और कैसे हुई, साथ ही इस साल की थाम के बारे में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. आजकल महिलाएं घरेलू कामों के अलावा भी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कौशल का प्रदर्शन करती हैं. ऐसे में इस दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर होता है. इस दिन का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और समानता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. ऑफिस, कॉलेज और कई जगहों पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सेलिब्रेट किया जाता है. इसकी शुरुआत के पीछे की कहानी के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता होगा. हर साल महिला दिवस को एक थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए जानते हैं इस आर्टिकल में इसका इतिहास और इस साल की थीम के बारे में. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास1908 में न्यूयॉर्क शहर में महिलाएं बेहतर कार्य स्थितियों, मतदान अधिकार और समान वेतन के लिए सड़कों पर परेड निकाली थी. 1910 में कोपेनहेगन में एक अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन आयोजित किया गया, जहां क्लारा जेटकिन ने महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा. पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 19 मार्च 1911 में ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और डेनमार्क में मनाया गया था. बाद में महिला दिवस की तारीख को बदलकर 8 मार्च कर दिया गया. तब से महिला दिवस पूरी दुनिया में 8 मार्च को ही मनाया जा रहा है. 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी थी. तब से हर साल इसे एक थीम का मनाया जाता है. पहले महिलाओं को समाज में एक सीमित दायरे में रखा जाता था, लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति में सुधार हुआ है. आज महिलाएं न केवल घर के कार्यों को संभालती हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष से सफलता की मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं. आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, लेकिन फिर भी महिलाओं को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी की समस्याएं आज भी महिलाओं की जिंदगी का हिस्सा है. इस दिन का उद्देश्य इन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना और समानता की दिशा में कदम बढ़ाना है. क्या है इस साल की थीम?इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए: अधिकार, समानता. सशक्तिकरण.” है. इस थीम का मतलब सभी महिलाओं के लिए सम्मान, अधिकार, शक्ति और अवसरों से उनके भविष्य को बेहतर बनाना है. इस दिन को मनाने का मतलब सिर्फ ये नहीं है कि हम महिलाओं की सराहना करें, बल्कियह भी है कि हम उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम करें. महिलाओं के लिएसम्मान,अवसर, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस इस दिशा में पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है. Read more : बजट सत्र से पहले कांग्रेस बना रही रणनीति, बेरोजगारी महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरेंगे, 9 मार्च को बैठक recent visitors 126

गुजरात में दो साल में 286 शेरों और 456 तेंदुओं की हो गई मौत, राज्य में 674 एशियाई शेर

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अंबानी की महत्वाकांक्षी परियोजना वनतारा का उद्घाटन किया और इसका दौरा किया। यहां पीएम मोदी वन जीवों के साथ तस्वीर भी खिचाते और शावक को दूध पिलाते नजर आए। लेकिन ठीक उसी दिन गुजरात विधानसभा में एक ऐसी रिपोर्ट पेश की गई जो जिसमें बताया गया कि राज्य में बीते दो साल में 286 शेरों की मौत हुई है। दरअसल, राज्य के वन मंत्री मुलुभाई बेरा ने मंगलवार को विधानसभा को यह जानकारी दी कि गुजरात में गत दो साल में कम से कम 286 शेरों की मौत हो गई, जिनमें 143 शावक भी शामिल हैं। इनमें से 58 शेरों की मौत अप्राकृतिक कारणों से हुईं।। बेरा ने प्रश्नकाल के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस विधायक शैलेश परमार के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्य में दो वर्षों – 2023 और 2024 – में 140 शावकों सहित 456 तेंदुओं की भी मौत हुई है। दो साल में 286 शेरों की मौत राज्य विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले दो सालों में राज्य में 143 शावकों सहित 286 एशियाई शेरों की मौत हुई है। इनमें से 58 अप्राकृतिक मौतें थीं। इसके अलावा, इसी अवधि के दौरान 456 तेंदुए और तेंदुए के शावकों की मौत की सूचना मिली। 2023 में 58 वयस्क शेर और 63 शावकों की मौत हुई, जबकि 2024 में मृत्यु दर बढ़कर 85 वयस्क शेर और 80 शावक हो गई। तेंदुओं की मौतों में सरकार ने कहा कि 2023 में 71 शावकों सहित 225 तेंदुए मारे गए, जबकि 2024 में मृत्यु दर बढ़कर 231 हो गई, जिसमें 69 शावक शामिल थे। कुल मिलाकर, 153 तेंदुए की मौतें अप्राकृतिक थीं। विशेषज्ञ का चौंकाने वाला खुलासा टीओआई से बातचीत में एक एक वन्यजीव विशेषज्ञ ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि आमतौर पर जब बड़ी बिल्लियों की बात आती है तो शावकों की मृत्यु की संख्या वयस्कों की मृत्यु से अधिक होती है। ऐसा नरभक्षण के कारण होता है। यहां तक कि शावकों के पहले तीन वर्षों तक जीवित रहने की संभावना बहुत कम है। यह लगभग 40 फीसदी है। चिंता का एक और मामला यह है कि वयस्क शेरों की मृत्यु 2023 से 2024 में 46 फीसदी बढ़ गई। विशेषज्ञ ने कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए क्योंकि इसका एक कारण किसी बीमारी का प्रकोप हो सकता है। उन्होंने कहा कि शावकों की उच्च मृत्यु दर आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि गिर में आमतौर पर एक बार में तीन शावक होते हैं। सरकार ने उठाए ये कदम अधिकारी ने कहा कि बड़ी बिल्लियों के जीव विज्ञानियों के अनुसार शेरों की आबादी में 20% तक की मृत्यु दर आमतौर पर स्वीकार्य है, लेकिन अगर यह इससे अधिक हो जाती है, तो यह चिंता का विषय है। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि शेरों और अन्य जंगली जानवरों को बीमारी या दुर्घटना से संबंधित मामलों में तत्काल चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए एक पशु चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है, और एक समर्पित एम्बुलेंस सेवा भी मौजूद है। सरकार ने कहा कि अभयारण्य क्षेत्र से गुजरने वाली सार्वजनिक सड़कों पर स्पीडब्रेकर और साइनबोर्ड लगाए गए हैं। नियमित रूप से गश्त भी की जाती है, और अधिकारी वाहनों, हथियारों और वॉकी-टॉकी से लैस होते हैं। सरकार ने कहा कि चौकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सासन में एक हाई-टेक निगरानी इकाई स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि 286 शेरों की मौत में से 121 की मौत 2023 में तथा 165 की मौत 2024 में हुई। गुजरात एशियाई शेरों का दुनिया में अंतिक प्राकृतिक आवास है। जून 2020 में की गई आखिरी गणना के अनुसार, राज्य में 674 एशियाई शेर हैं, जिनमें से मुख्य रूप से गिर वन्यजीव अभयारण्य में हैं। मंत्री ने चल रहे बजट सत्र के दौरान विधानसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि 2023 में 225 और 2024 में 231 तेंदुओं की मौत हुई। उन्होंने बताया कि 228 शेरों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई जबकि 58 मौतें अप्राकृतिक कारणों से हुईं, जैसे वाहनों की चपेट में आना या खुले कुओं में डूब जाना। बेरा ने बताया कि तेंदुओं में 303 मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं, जबकि 153 मौतें अप्राकृतिक कारणों से हुईं। वन मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने शेरों की अप्राकृतिक मौतों को रोकने के लिए पशु चिकित्सकों की नियुक्ति और शेरों तथा अन्य जंगली जानवरों के समय पर उपचार के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू करने जैसे विभिन्न कदम उठाए हैं। recent visitors 77

चैंपियंस ट्रॉफी २०२५ – न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को 363 टारगेट दिया: ये चैंपियंस ट्रॉफी का हाईएस्ट टोटल

Champions Trophy 2025 – New Zealand set a target of 363 for South Africa: This is the highest total in the Champions Trophy लाहौर। चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड साउथ अफ्रीका के खिलाफ टॉस जीतकर बैटिंग कर रही है। 49 ओवर के बाद टीम का स्कोर 349/5 है। ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल क्रीज पर हैं। डेरिल मिचेल 49 रन पर ऑलआउट हुए। उन्हें लुंगी एनगिडी ने कगिसो रबाडा के हाथों कैच कराया। उन्होंने विल यंग (21 रन) को भी आउट किया। टॉम लैथम (4 रन) को कगिसो रबाडा ने बोल्ड कर दिया। उन्होंने रचिन रवींद्र (108 रन) को भी आउट किया। केन विलियम्सन (102 रन) को वायन मुल्डर ने लुंगी एनगिडी के हाथों कैच कराया। यह मैच जीतने वाली टीम 9 मार्च को भारत से दुबई में फाइनल मुकाबला खेलेगी। recent visitors 193

राम मंदिर पर हमले का पूरा ब्लूप्रिंट था तैयार, अब्दुल रहमान के ठिकाने से मिली, किया गया था उसका ब्रेनवॉश

अयोध्या  फरीदाबाद के पाली से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को राम मंदिर पर हमले का टारगेट दिया गया था. 19 वर्षीय अब्दुल रहमान को इस हमले के लिए पूरी तरह तैयार किया गया था. पूरे महीनों तक ब्रेनवॉश और ट्रेनिंग के बाद, अब्दुल को दो ग्रेनेड देकर नापाक मंसूबे को अंजाम देने के लिए भेजा जा रहा था. हालांकि, अयोध्या के लिए निकलने से पहले ही गुजरात एटीएस ने उसे दबोच लिया. अयोध्या के मिल्कीपुर में दुकान चलाता था अब्दुल पूछताछ में यह बात सामने आई है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आरोपी को आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए उसका ब्रेनवॉश किया गया था. अब्दुल रहमान, जो अयोध्या के मिल्कीपुर में दुकान चलाता था, लंबे समय से राम मंदिर की रेकी कर रहा था. गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़े अब्दुल ने खुलासा किया कि राम मंदिर को उड़ाने की साजिश आतंकी संगठनों ने रची थी. वह इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था और नाम बदलकर बड़ी साजिश रच रहा था.   वीडियो कॉल पर ली थी ट्रेनिंग अब्दुल ने वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग ली थी और दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में भी काफी समय बिताया था. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस दौरान वह किस-किसके संपर्क में रहा. राम मंदिर के अलावा, अब्दुल रहमान के निशाने पर अन्य कई धार्मिक स्थल भी थे. उसके मोबाइल में कई अन्य धार्मिक स्थलों की फोटो और वीडियो मिले हैं, जिसके चलते उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. आईएस के इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस मॉड्यूल से जुड़ा अब्दुल रहमान नाम बदलकर बड़ी साजिश रच रहा था। उसने वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग ली थी। वह दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में भी काफी समय बिताया था। एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस दौरान वह किस-किसके संपर्क में रहा। मोबाइल में कई धार्मिक स्थलों के फोटो और वीडियो मिले निशाने पर राम मंदिर के अलावा भी अन्य कई धार्मिक स्थल भी थे। अब्दुल रहमान के मोबाइल में कई अन्य धार्मिक स्थलों की फोटो और वीडियो मिले हैं। जिसे लेकर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। राम मंदिर और आसपास के फुटेज खंगाल रहीं एजेंसियां सूत्रों ने बताया है कि सुरक्षा एजेंसियां राम मंदिर और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगालेगी। पता किया जा रहा है कि राम मंदिर की रेकी के अलावा वह जहां-जहां गया उसके साथ कौन-कौन मौजूद था। अब्दुल रहमान के फरीदाबाद पहुंचने का राज सीसीटीवी कैमरा खोलेगा। जांच में जुटी गुजरात एटीएस और पलवल एसटीएफ की टीम अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अलावा पाली में मौका स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। सीसीटीवी की जांच कर रही पुलिस सुरक्षा एजेंसियां राम मंदिर और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही हैं. सूत्रों के अनुसार, यह पता किया जा रहा है कि राम मंदिर की रेकी के अलावा वह जहां-जहां गया, वहां कौन-कौन मौजूद था. अब्दुल रहमान के फरीदाबाद पहुंचने का राज सीसीटीवी कैमरा खोलेगा. जांच में जुटी गुजरात एटीएस और पलवल एसटीएफ की टीम अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अलावा पाली में मौका स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.   recent visitors 77

शरत कमल के 20 साल के करियर पर लगा पूर्ण विराम, अचानक किया संन्यास का ऐलान, हो गए भावुक

मुंबई  भारत के महान टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल ने बुधवार को घोषणा की कि चेन्नई में इस महीने के अंत में होने वाला डब्ल्यूटीटी कंटेंडर टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा। यह टूर्नामेंट 25 से 30 मार्च तक खेला जाएगा। 42 वर्षीय शरत ने कहा, "मैंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट चेन्नई में खेला था और अब यहीं पर मेरा आखिरी टूर्नामेंट होगा। यह पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर मेरा आखिरी मुकाबला होगा।" एक करियर जो प्रेरणा बना शरत कमल ने अपने दो दशक लंबे करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में सात स्वर्ण पदक और एशियाई खेलों में दो कांस्य पदक जीते। पिछले साल पेरिस ओलंपिक में उन्होंने पांचवीं और आखिरी बार भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां वह उद्घाटन समारोह में भारत के संयुक्त ध्वजवाहक भी थे। 6 बार के गोल्ड मेडलिस्ट हैं कमल शरत ने राष्ट्रमंडल खेलों में छह स्वर्ण पदक जीते हैं जबकि एशियाई खेलों में दो कांस्य अपने नाम किये. पिछले साल पेरिस में पांचवां और आखिरी ओलंपिक खेलने वाले इस दिग्गज ने कहा, 'मैने राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों में पदक जीते हैं. ओलंपिक पदक मैं नहीं जीत सका. उम्मीद है कि मैं आने वाली युवा प्रतिभाओं के जरिये अपना सपना पूरा कर सकूंगा.' 20 साल के सफर को किया याद शरत कमल ने कहा, 'चलिए 40 साल पहले की बात करते हैं, जब मैं दो साल का था. तब मैंने पहली बार अपने हाथ में रैकेट पकड़ा था, मुझे नहीं पता था कि यह मेरा सबसे लंबा साथी बन जाएगा. मैं इसे पूरी तरह से छोड़ नहीं रहा हूं, लेकिन यह निश्चित रूप से बड़ी भीड़ के सामने बड़ी टेबल पर हमारे लिए अंत है. अपने बंदना और रैकेट को थोड़ा आराम देने का समय आ गया है. इस खेल ने मुझे जो खुशियाँ, प्यार, दर्द, सबक और सभी लोगों का दिया है, उसके लिए मैं शब्दों से परे आभारी हूँ. हर छोटी-बड़ी चीज़ हमेशा मेरे साथ रहेगी.' ओलंपिक पदक का सपना अधूरा अपने करियर के अंत की घोषणा करते हुए शरत ने कहा, "मैंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में पदक जीते, लेकिन ओलंपिक पदक हासिल नहीं कर सका। मुझे उम्मीद है कि आने वाली युवा प्रतिभाएं मेरा यह सपना पूरा करेंगी।" शरत वर्तमान में आईटीटीएफ (अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ) रैंकिंग में दुनिया के 42वें नंबर के खिलाड़ी हैं और भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले टेबल टेनिस खिलाड़ी भी। इंस्टाग्राम पर शेयर किया भावुक संदेश शरत ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक लंबा संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने करियर के लिए आभार व्यक्त किया और नए चरण में खुद को फिर से तलाशने का वादा किया। उन्होंने लिखा, "मैं यह नहीं कह रहा कि मैं पूरी तरह से खेल छोड़ रहा हूं, लेकिन यह निश्चित रूप से दर्शकों की भीड़ के सामने बड़ी टेबल पर खेलने का अंत है। अब मेरे 'बंदाना' और 'रैकेट' को थोड़ा आराम देने का समय है।" दो साल की उम्र से शुरू हुआ सफर शरत ने अपने संदेश में उस समय को याद किया जब उन्होंने महज दो साल की उम्र में पहली बार रैकेट पकड़ा था। उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता था कि यह मेरा सबसे लंबे समय तक चलने वाला साथी बन जाएगा। इस खेल ने मुझे खुशी, प्यार, दर्द और सबक दिया है। हर छोटी चीज हमेशा मेरे साथ रहेगी।" एथलीट आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में नई भूमिका शरत वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ के एथलीट आयोग के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, "यह कल्पना करना कठिन है कि जब मैं टेबल टेनिस नहीं खेलूंगा, तो जीवन कैसा होगा। लेकिन ऐसा होगा ही।" recent visitors 71

गाड़ी चलाते समय बजाया हूटर तो चलेगा डंडा! पुलिस मुख्यालय ने विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर लाल, पीली, नीली फ्लैश लाइट, हूटर और VIP स्टीकर लगाकर रौब झाड़ने वाले चालकों के खिलाफ पुलिस अब सख्त कार्रवाई करने जा रही है. पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर सहित सभी जिलों के SP को निर्देश जारी किए हैं. 1 मार्च से 15 मार्च तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कदम अनधिकृत वाहनों की बढ़ती संख्या और अवांछित गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है. पुलिस मुख्यालय का निर्देश पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में कहा, "प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर और गलत नंबर प्लेट के मामले बढ़ रहे हैं. कार्यवाही न होने से ऐसे चालकों को प्रोत्साहन मिल रहा है." पत्र में एक हालिया घटना का जिक्र है, जहां एक जिले में VIP भ्रमण के दौरान ऐसा वाहन पकड़ा गया और उसके खिलाफ BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया. सभी जिलों से इसी तरह की कार्रवाई की अपेक्षा की गई है. रिपोर्ट 18 मार्च तक ईमेल  cell02_ptri@mppolice.gov.in या aig_ptri@mppolice.gov.in  पर मांगी गई है. अभियान का दायरा1 से 15 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में चार मुख्य बिंदुओं पर फोकस होगा:   – हूटर का दुरुपयोग   – फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती) का अनधिकृत इस्तेमाल   – VIP स्टीकर का गलत प्रयोग   – गलत नंबर प्लेट वाले वाहन दिग्विजय की मांग से शुरुआत इस अभियान की पृष्ठभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का हालिया पत्र भी है. कुछ समय पहले उन्होंने DGP को पत्र लिखकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उनका कहना था कि यह चलन न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों में भय और भ्रम भी पैदा करता है. अब पुलिस मुख्यालय के निर्देश से यह मांग कार्रवाई में बदल रही है. सड़क पर बढ़ेगा शिकंजा यह अभियान निजी वाहनों के जरिए रौब दिखाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पुलिस का कहना है कि यह कदम अवैध गतिविधियों को हतोत्साहित करेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा हूटर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस मुख्यालय ने जताई नाराजगी पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश में यह भी कहा गया कि कुछ दिन पहले VIP विजिट के दौरान एक ऐसा अनाधिकृत वाहन भी पकड़ा गया था, लेकिन उसके बाद भी मध्य प्रदेश के सड़कों पर अनवरत रूप से हूटर समेत प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग निजी वाहन चालकों द्वारा धडल्ले से किया जा रहा है. मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर अनाधिकृत सामग्री के उपयोग के मामले तेजी से बढ़े हैं गौरतलब है. प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, वाहन पर फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर व गलत नम्बर प्लेट के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से उन्हें प्रोत्साहन मिल रहा है. जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐसे अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है recent visitors 67