एयरो इंडिया की तुलना महाकुंभ मेले से करते हुए राजनाथ ने कहा- भारत के पराक्रम और शक्ति का महाकुंभ

बेंगलुरु रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को एयरो इंडिया 2025 की तुलना महाकुंभ मेले से करते हुए कहा कि द्विवार्षिक एयरोस्पेस एवं रक्षा प्रदर्शनी अनिश्चितताओं से भरे विश्व में भारतीय धरती की ताकत और स्थायित्व को दर्शाती है। श्री सिंह ने यहां येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा, “एयरो इंडिया सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि रक्षा और एयरोस्पेस में भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। जिस तरह महाकुंभ मेला लाखों लोगों को आध्यात्मिक एकता के सूत्र में बांधता है, उसी तरह यह आयोजन वैश्विक रक्षा और एयरोस्पेस हितधारकों को भारतीय धरती पर एकजुट करता है।” रक्षा मंत्री ने उन्नत स्वदेशी तकनीक के साथ सशस्त्र बलों को मजबूत करने और वैश्विक भागीदारों के साथ रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी। प्रमुख वैश्विक रक्षा फर्मों, एयरोस्पेस कंपनियों और सैन्य प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी वाले प्रीमियर एयर शो के 15वें संस्करण में इस क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख घोषणाएं और साझीदारियां होने की संभावना है। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन में तेजी ला रहा है, जिसका उद्देश्य निर्यात को बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।   recent visitors 75

डॉ. मोहन यादव बोले- श्रेष्ठ कर्मों और व्यवहार से जनता में लोकप्रिय थे स्वर्गीय प्रजापति

भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनात पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने रविवार को हिंदी भवन में भाजपा के वरिष्ठ नेता व माटी कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रामदयाल प्रजापति के निधन के पश्चात आयोजित शोक सभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रामदयाल प्रजापति ने एक श्रेष्ठ जन प्रतिनिधि की पहचान बनाई। उनका जीवन श्रेष्ठ कर्मों और कुशल व्यवहार के कारण जाना गया है। प्रजापति के निधन के बाद उनके प्रति विभिन्न जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा व्यक्त विचारों से भी यह सिद्ध होता है कि वे एक कर्मठ व्यक्तित्व के धनी थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय रामदयाल प्रजापति भाजपा के आदर्श कार्यकर्ता थे। संगठन को गढ़ने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा स्वर्गीय प्रजापति वरिष्ठ नेता होते हुए भी सहज व्यवहार के लिये जाने जाते थे। उन्होंने आधुनिक युग के अनुकूल सूचना प्रौद्योगिकी माध्यमों का भी कुशलता से उपयोग किया। स्वर्गीय प्रजापति सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे : डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 1994-1995 से मेरी और स्वर्गीय प्रजापति के बीच अच्छी मित्रता रही। प्रजापति ने भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष और माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष के नाते अपने कार्य और आचरण से सभी को प्रभावित किया। वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जनता को साथ में लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उनके व्यक्तित्व का यह अनूठा गुण था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे कार्य के प्रति इतने कर्मठ थे कि उनका एक भी दिन ऐसा नहीं जाता था, जब वे संगठन का कार्य किए बिना रह सकें। स्वर्गीय प्रजापति का निधन पार्टी संगठन और हमारे लिए अपूर्णीय क्षति : विष्णुदत्त शर्मा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय रामदयाल प्रजापति पार्टी के आदर्श कार्यकर्ता थे। उनका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यों में निरंतर सहयोग प्राप्त होता था। कार्यकर्ता के लगातार सहयोग से विश्वास का भाव जाग्रत होता है, ऐसे ही विश्वसनीय कार्यकर्ता स्वर्गीय प्रजापति थे, जो आज हमारे बीच नहीं है। उनका देवलोक गमन संगठन और हमारे लिए एक अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने संगठन द्वारा दी गई प्रत्येक जिम्मेदारी को निष्ठापूर्वक निभाया। स्वर्गीय प्रजापति को श्रद्धासुमन अर्पित करता हॅू एवं प्रार्थना करता हॅू कि ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान कर परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। सजह व्यवहार के धनी थे स्वर्गीय रामदयाल प्रजापति : हितानंद जी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि स्वर्गीय रामदयाल प्रजापति वरिष्ठ नेता होने के साथ सजह व्यवहार के धनी थे। उनकी सहजता और सरलता के सभी कार्यकर्ता कायल थे। स्व. रामदयाल प्रजापति सदैव कार्यकर्ता के भाव से सौंपे गए दायित्व को पूरा करते रहे। वरिष्ठ नेता होते हुए भी सहज व्यवहार के कारण जाने जाते थे। उन्होंने आधुनिक युग के अनुकूल सूचना प्रौद्योगिकी माध्यमों का भी कुशलता से उपयोग किया। श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री  उमाशंकर गुप्ता, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, वरिष्ठ नेता शैलेंद्र प्रधान, पूर्व सांसद आलोक संजर, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति, पूर्व जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी एवं नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भी शोक व्यक्त किया।     recent visitors 50

भारतीय पीएम और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात से पहले भारत टैरिफ कटौती की योजना बना रहा

नई दिल्ली भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी हफ्ते दो दिवसीय अमेरिकी यात्रा पर जा रहे हैं.यात्रा के पहले भारत अमेरिकी निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए टैरिफ कटौती की योजना बना रहा है.पीएम मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिकी दौरे पर जा रहे हैं.समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारतीय पीएम और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात से पहले भारत संभावित ट्रेड वॉर से बचने के लिए कुछ अमेरिकी सामानों पर टैरिफ कटौती की योजना बना रहा है.बुधवार और गुरुवार को मोदी की अमेरिका यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप कई देशों पर टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं, जिसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार संबंधों को अमेरिका के पक्ष में नया स्वरूप देना है.ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन देशों पर इसका असर पड़ेगा, लेकिन उन्होंने पहले भारत को व्यापार के मामले में "टैरिफ अब्यूजर" कहा था और इस बात पर जोर दिया था कि भारत को निष्पक्ष द्विपक्षीय व्यापार संबंधों की ओर बढ़ने के लिए अधिक अमेरिकी निर्मित सुरक्षा उपकरण खरीदने चाहिए. टैरिफ में छूट देने की योजनारिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अमेरिका से निर्यात बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक, मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के साथ-साथ कुछ रसायनों समेत कम से कम एक दर्जन क्षेत्रों में टैरिफ कटौती पर विचार कर रहा है.तीन सरकारी अधिकारियों ने कहा कि ये कटौती नई दिल्ली की घरेलू उत्पादन योजनाओं के अनुरूप है.नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि उन वस्तुओं के लिए रियायतों पर विचार किया जा रहा है जिन्हें भारत मुख्य रूप से अमेरिका से खरीदता है या अधिक खरीदने की संभावना रखता है.अधिकारियों के मुताबिक यह कदम भारत की घरेलू उत्पादन योजनाओं के अनुरूप भी है.उम्मीद है कि मोदी अपनी यात्रा के दौरान ट्रंप के साथ टैरिफ पर चर्चा करेंगे और भारत संभावित मिनी ट्रेड डील पर चर्चा करने के लिए तैयार है.भारत ने कहा नहीं दिखना चाहते संरक्षणवादीअमेरिकी व्यापार संबंध और संभावित टकरावएक और भारतीय अधिकारी ने कहा कि इस शुरुआती यात्रा से अमेरिका और चीन के बीच चल रहे "व्यापार युद्ध जैसी स्थिति" से बचने की उम्मीद है. ट्रंप ने चीनी आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया, जिसके जवाब में बीजिंग ने अमेरिकी ऊर्जा पर शुल्क बढ़ा दिया है.भारत के व्यापार मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर रॉयटर्स के सवालों का अब तक जवाब नहीं दिया है.टैरिफ रियायतों पर चर्चा भारत के आम बजट में कई वस्तुओं पर औसत आयात शुल्क दरों को 13 प्रतिशत से घटाकर 11 प्रतिशत करने और महंगी बाइक और लग्जरी कारों पर टैक्स में कटौती के बाद हुई है.मोदी-ट्रंप की मुलाकात के मुद्देमोदी और ट्रंप के बीच होने वाली बैठक व्यापार, रक्षा सहयोग और टेक्नॉलोजी पर केंद्रित होगी.लेकिन पिछले हफ्ते अमेरिका से भारतीयों का निर्वासन इन मुद्दों पर भारी पड़ रहा है.एक सौ ज्यादा भारतीयों को अमेरिकी सैन्य विमान से जिस तरह से भारत लाया गया उसको लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है और संसद में भारतीय विदेश मंत्री को इस मुद्दे पर बयान तक देना पड़ा. भारत की व्यापार प्रथाओं की ट्रंपकी आलोचना के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को "शानदार" बताया है.2023-24 में भारत और अमेरिका के बीच कुल व्यापार 118 अरब डॉलर पार कर गया, जिसमें भारत को 32 अरब डॉलर का व्यापार सरप्लस मिला.यानी भारत ने अमेरिका को ज्यादा सामान बेचा, बनिस्बत इसके कि उसने अमेरिका से खरीदा.अब जब अमेरिका ने चीन, मेक्सिको और कनाडा पर टैरिफ बढ़ाने का एलान किया है, तो भारत का निर्यात और ज्यादा बढ़ने की संभावना बनती है.पिछले दशक में दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध लगातार बढ़े हैं, वॉशिंगटन, नई दिल्ली को चीन के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव के बड़े विकल्प के रूप में देखता है. recent visitors 44

जल्द हो जनगणना, पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गारंटीकृत लाभ मिल सके, सोनिया ने RS में उठाई मांग

नई दिल्ली कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पार्टी संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को जल्द से जल्द जनगणना कराने की मांग उठाई ताकि सभी पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गारंटीकृत लाभ मिल सके। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य सुरक्षा विशेषाधिकार नहीं बल्कि नागरिकों का एक मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा पेश किया गया राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एक ऐतिहासिक पहल थी, जिसका उद्देश्य 140 करोड़ आबादी के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उन्होंने कहा कि इस कानून ने लाखों कमजोर परिवारों को भुखमरी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर कोविड 19 महामारी के संकट के दौरान तथा साथ ही इसी अधिनियम ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को आधार प्रदान किया। गांधी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 75 प्रतिशत ग्रामीणों के साथ ही 50 प्रतिशत शहरी आबादी सब्सिडी वाले खाद्यान्न प्राप्त करने की हकदार है। उन्होंने कहा कि हालांकि लाभार्थियों के लिए कोटा अब भी 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जो अब एक दशक से अधिक पुरानी है। उन्होंने कहा, ‘स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना में 4 साल से अधिक की देरी हुई है। मूल रूप से यह 2021 के लिए निर्धारित थी लेकिन अब भी इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि जनगणना कब आयोजित की जाएगी।’ गांधी ने कहा कि बजट आवंटन से पता चला है कि जनगणना इस वर्ष भी आयोजित किए जाने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘इस प्रकार लगभग 14 करोड़ पात्र भारतीयों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उनके उचित लाभों से वंचित किया जा रहा है। यह जरूरी है कि सरकार जल्द से जल्द जनगणना पूरा करने को प्राथमिकता दे और यह सुनिश्चित करे कि सभी पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गारंटीकृत लाभ प्राप्त हों।’ उन्होंने कहा, ‘खाद्य सुरक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं है, एक मौलिक अधिकार है।’ recent visitors 49

हज यात्रा के लिए शुरू हुए रजिस्ट्रेशन, सऊदी अरब ने किया बड़ा एलान, इस बार हज यात्री अपने साथ बच्चों को नहीं ले जा पाएंगे

दुबई सऊदी अरब ने हज को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इस बार हज यात्री अपने साथ बच्चों को नहीं ले जा पाएंगे। हज और उमराह मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया है। सऊदी अरब की तरफ से कहा गया है कि हज और उमराह के दौरान भारी भीड़ होती है। ऐसे में बच्चों के लिए बहुत खतरा रहता है। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि उन लोगों को हज यात्रा की इजाजत पहले दी जाएगी जो पहली बार हज करने जा रहे हैं। सऊदी के नागरिकों के लिए हज यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। नुसुक ऐप और आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए हज का रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। यात्रियों को अपनी जानकारी को वेरिफाई करना होगा। इसके अलावा छूट के लिए भी आवेदन करना होगा। नुसुक ऐप पर हज का पैकेज भी उपलब्ध है। यात्री अपना पसंदीदा पैकेज ले सकते हैं। इसके लिए ई वॉलेट का इस्तेमाल किया जा सकता है। सऊदी के यात्रियों के लिए खास सुविधा सऊदी अरब के स्थानीय नागरिकों के लिए एक और सुविधा का ऐलान किया गया है। यहां के लोग हज पैकेज का भुगतान तीन किश्तों में कर सकते हैं। पहलेी किस्त में 20 फीसदी रकम का भुगतान करना होगा। बुकिंग के 72 घंटे के अंदर इसका भुगतान करना होगा। वहीं दूसरी और तीसरी किस्त 40-40 फीसदी की होगी। वहीं मंत्रालय ने कहा है कि फाइनल भुगतान होने तक बुकिंग कन्फर्म नहीं मानी जाएगी। हर बार भुगतान करने पर उसकी रसीद जारी की जाएगी। वीजा नियम में भी हुआ है बदलाव बता दें कि इस बार सऊदी अरब ने वीजा नियमों में भी बदलाव किया है जिसका असर भारत पर भी पड़ेगा। भारत समेत 14 देशों से आने वाले लोगों को किंगडम में प्रवेश के लिए सिंगल एंट्री वीजा मिलेगा। अनाधिकृत रूप से हय यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के लिए यह नियम लगाया गया है। दरअसल मल्टिपल एंट्री वीजा वाले लोग अनाधिकृत रूप से हज यात्रा करने लगते हैं। ऐसे में भीड़ बहुत हो जाती है और प्रबंधन मुश्किल हो जाता है। सिंगल एंट्री वीजा से किसी देश में एक बार ही प्रवेश किया जा सकता है। वहीं लॉन्ग टर्म वीजा वाले लोग एक ही देश में कई बार आ-जा सकते हैं। recent visitors 37

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिए हैं कि खेल का समापन समारोह भव्य और दिव्य होना चाहिए: मंत्री रेखा आर्य

देहरादून उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल (नेशनल गेम्स 2025) का आयोजन जारी है। अब नेशनल गेम्स 2025 के समापन समारोह के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों के साथ बैठक की और कार्यक्रम की रूपरेखा तय की। बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्य ने बताया, "खेल महाकुंभ में राष्ट्रीय खेलों के अब तक के सफर पर समीक्षा की गई है। साथ ही 14 फरवरी को होने वाले समापन समारोह की तैयारी के लिए भी बैठक की गई है। खेलों को देखने के लिए अधिक संख्या में दर्शक आ रहे हैं, इसलिए समापन समारोह में अधिक से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। दर्शकों की अधिक संख्या को लेकर निर्देशित किया गया है कि किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो।" रेखा आर्य ने बताया, "मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिए हैं कि खेल का समापन समारोह भव्य और दिव्य होना चाहिए। आमतौर पर राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह का कार्यक्रम मात्र औपचारिकता जैसा होता है, लेकिन हमारा यह आयोजन जिस तरह से अब तक बेहद शानदार रहा है, उसी तरह हम समापन समारोह को भी यादगार बनाएंगे।" उन्होंने बताया, "समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में देश के गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, खेल मंत्री मनसुख मांडविया, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी।" बता दें कि उत्तराखंड में 38वें नेशनल गेम्स 2025 के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं, जिनमें से अधिकांश प्रतियोगिताएं समाप्त हो चुकी हैं। वहीं, कई प्रतियोगिताएं अभी चल रही हैं। अब 14 फरवरी को इसका समापन समारोह होने वाला है। सरकार की तरफ से समापन समारोह को भव्य और दिव्य बनाने का आदेश दिया गया है, जिसको लेकर तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। मशहूर बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर, कुमाऊनी गायिका श्वेता माहरा और दिगारी ग्रुप इस समापन समारोह की शान बढ़ाएंगे।   recent visitors 32

कुंभ की भव्यता की साइबेरियाई पक्षियों ने बढ़ाई खूबसूरती, हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे संगम

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के बाद फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। संगम के किनारे जहां नावों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, वहीं घाटों पर बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। इस बीच, साइबेरियाई पक्षी गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के पास अपनी खूबसूरती से इन नदियों के दृश्य में चार चांद लगा रहे हैं। इन पक्षियों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। कहां से आते हैं ये साइबेरियाई पक्षी? साइबेरियाई पक्षी, जिन्हें "Migratory Birds" भी कहा जाता है, सर्दियों के मौसम में साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की यात्रा करके भारत आते हैं। ये पक्षी अक्टूबर के आखिरी दिनों से भारत पहुंचना शुरू होते हैं और ठंड के मौसम तक यहां रहते हैं। प्रयागराज में इनका अधिकांश जमावड़ा संगम के आस-पास देखा जाता है। इन पक्षियों का झुंड दिनभर भोजन करता है और अपनी मधुर आवाज़ से लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। इनकी तंत्रिकाएं मनुष्यों के मुकाबले अधिक सक्रिय और सटीक होती हैं। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या महाकुंभ के दौरान संगम में पवित्र स्नान करने वालों की संख्या अब 40 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 7 फरवरी को 48 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर डुबकी लगाई। यह संख्या अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। नेताओं और हस्तियों ने भी लगाई डुबकी महाकुंभ में सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि कई प्रमुख नेता और हस्तियां भी स्नान करने के लिए संगम पहुंची हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हैं। इसके अलावा, अभिनेत्री हेमा मालिनी, अभिनेता अनुपम खेर, ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा जैसी जानी-मानी हस्तियां भी महाकुंभ में डुबकी लगा चुकी हैं। recent visitors 88