नया किराएदारी एक्ट पूरे प्रदेश में ग्रामीण, शहरी, व्यावसायिक आदि सभी प्रॉपर्टी पर लागू होगा

भोपाल  मॉडल किराएदारी एक्ट का विधानसभा के बजट सत्र में भी पेश हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है। क्योंकि इसके ड्राफ्ट में फिर बदलाव किया जा रहा है। दरअसल, केन्द्र के निर्देश हैं कि सभी राज्यों का मॉडल किराएदारी एक्ट एक समान होना चाहिए। इसके लिए मंत्रालय से ड्राफ्ट फिर से नगरीय विकास संचालनालय को भेजा गया है। इसका पूरा रिव्यू होगा। इसके बाद इसे वरिष्ठ सचिव समिति के पास भेजा जाएगा। समिति में हर पहलू पर विचार होने के बाद जो सुझाव या आपत्तियां आएंगी। उनके अनुसार ड्राफ्ट में फिर संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद ड्राफ्ट कैबिनेट के समक्ष पेश होगा। विधानसभा में होगा पेश कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह एक्ट विधानसभा में पेश किया जाएगा। वर्तमान में किराएदारी अधिनियम 2010 केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित है। नया एक्ट पूरे मध्य प्रदेश में ग्रामीण, शहरी, व्यावसायिक आदि सभी प्रॉपर्टी पर लागू होगा। केन्द्र ने मॉडल किराएदारी अधिनियम बनाया है। इसके आधार पर ही प्रदेश में मॉडल किराएदारी अधिनियम बनाया गया है। अलग से बनेगा पोर्टल इसमें नए सिरे से किराएदारी संबंधी विवाद सुलझाने की व्यवस्था की गई है। जिससे न्यायालय जाने की जरूरत नहीं होगी। जिले में किराया प्राधिकारी डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी होगा। किराया न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर कोर्ट होगा। इसके साथ अपील के लिए जिला जज की अध्यक्षता में एक रेंट ट्रिब्यूनल गठित होगा। किराएदारी की पूरी जानकारी रखने के लिए अलग से एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। इसमें किराएदार और मकान मालिक दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है। recent visitors 55

इंदौर नगर निगम ने मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू करने की पूरी तैयारी, 2875 मकान तोड़े जाएंगे

इंदौर  इंदौर नगर निगम भले ही दावा करे कि उसने मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अब तक विस्थापन को लेकर कोई नीति तय ही नहीं हुई है। मास्टर प्लान की 23 सड़कों के निर्माण में 2875 मकान बाधक हैं। इनमें से करीब 650 ऐसे हैं, जो पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे यानी इन मकानों में रह रहे लोगों को वैकल्पिक स्थान देने के अलावा नगर निगम के पास कोई चारा नहीं है। चौड़ीकरण में जा रहा मकान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर हुई विभागों की बैठक में कहा था कि जो लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं और जिनका पूरा मकान चौड़ीकरण में जा रहा है, उन्हें वन बीएचके नहीं, कम से कम टू या थ्री बीएचके फ्लैट दिए जाएं। फ्लैट नहीं हैं समस्या यह है कि नगर निगम के पास शहरी क्षेत्र में कहीं भी टू या थ्री बीएचके फ्लैट नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब निगम के पास टू और थ्री बीएचके फ्लैट उपलब्ध ही नहीं हैं तो विस्थापितों को देंगे कैसे। अब तक निगम ने यह भी तय नहीं किया है कि किस व्यक्ति को कहां विस्थापित किया जाएगा। किसे क्या मिलेगा, यह अब तक तय नहीं सड़क चौड़ीकरण में जिन लोगों के मकान शत प्रतिशत जाते हैं, उन्हें नीति के तहत नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना में तैयार किए गए वन बीएचके फ्लैट देता रहा है। शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12 हजार आवास तैयार किए गए थे, जिनमें से करीब चार हजार अब भी खाली हैं, लेकिन ये सभी शहर के बाहरी इलाकों में हैं। समस्या यह भी है कि नगर निगम ने अब तक ऐसी कोई सूची तैयार नहीं की है, जिससे यह पता चल सके कि किस व्यक्ति को कहां फ्लैट दिया जाएगा। अब तक चली आ रही नीति में एक समस्या यह भी है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए एक हजार वर्गफीट का मकान देने वाले और 200 वर्गफीट का मकान देने वालों को एक ही चश्मे से देखा जाता है। मध्यप्रदेश में शहरों को संवारने की कवायद चल रही है। इसके अंतर्गत इंदौर शहर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों का निर्माण किया जाना है। चार पैकेज में बांटे गए इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में हर पैकेज की दो-दो सड़कों को लिया गया है। सड़क निर्माण के लिए हजारों मकान दुकान तोड़े जाएंगे जिससे भवन मालिक बेचैन हो गए हैं। इधर, सड़कों का काम जल्द शुरू हो, बाधक हटाने में विवाद न हो और गुणवत्तापूर्ण निर्माण हो, इसके लिए विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक, सांसद और एमआइसी सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की।  नई सड़कों के लिए छोटे-बड़े करीब 3 हजार बाधक मकान और धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं। जिनके पूरे मकान तोड़े जाने हैं, उन्हें जनप्रतिनिधियों ने प्लॉट देने की पैरवी की। अफसरों ने कहा कि यह प्रावधान नहीं है, हम सिर्फ फ़्लैट दे सकते हैं, वह भी वन बीएचके। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि वह टू या थ्री बीएचके का फ़्लैट देने का प्रपोजल दें, मैं स्वीकृति दूंगा। बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ हजार लोगों के लिए लाखों लोगों को सड़क का लाभ मिलने से वंचित नहीं किया जा सकता। शहर हित में कड़े निर्णय लेना जरूरी है। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि भमोरी में कई लोगों की दुकानें जा रही हैं। ऐसे तो व्यापारी मर जाएंगे। विजयवर्गीय ने दो टूक कहा कि ऐसा ही रहा तो काम ही नहीं कर पाएंगे। मकान की व्यवस्था करेंगे, दुकान की नहीं। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि सड़क को 80 फीट की कर दें। विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि शहर पहले ही छोटा पड़ रहा है। आप 1000 लोगों की चिंता मत करो, 40 लाख लोगों की करो। सड़क छोटी कर दोगे तो 10 साल बाद फिर कुछ करना पड़ेगा। बैठक में एक अहम मसला उठा। निगम ने गणेशगंज में कुछ लोगों को विंध्यांचल कॉलोनी में एक बिल्डर के यहां शिफ़्ट करवाया था। इसके बाद से अफसरों ने इस बिल्डिंग को खाली नहीं करवाया है। इसकी शिकायत मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तक पहुंची तो समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विस्थापितों को मकान देने के बाद भी निजी बिल्डिंग खाली नहीं करवाई है। काकाजी का राज चल रहा है क्या। किसी की भी बिल्डिंग ले लोगे। 15 दिन में बिल्डिंग खाली हो जानी चाहिए। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि पाटनीपुरा में तीन मंजिला दुकान तोड़ी थी। उसके बदले मकान आज तक नहीं मिला। एक पार्षद ने कहा कि एरोड्रम से छोटा बांगड़दा क्षेत्र में निगम की दो प्रॉपर्टी में से एक पर धर्मशाला तो दूसरे पर स्कूल बन गया है। मंत्री ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में विधानसभावार प्रेजेंटेशन देखा। बताया गया कि शहर के पुराने मकानों में पीढ़ियों से लोग रह रहे हैं। उनके लिए बीच का रास्ता निकालना चाहिए, सड़क की चौड़ाई कम करने पर भी विचार होना चाहिए। विजयवर्गीय ने अफसरों से कहा कि व्यक्तिगत जाकर सर्वे करो, अगर पूरे मकान जा रहे हैं तो कुछ करेंगे। मेरा मार्गदर्शन लेना, मैं तो निर्दयी हूं। किसी का भी वार्ड हो, मास्टर प्लान की सड़क को लेकर काम होना चाहिए। ऐसी कोई योजना भी बनाएं, जिसमें पीड़ितों को प्लॉट मिल सकें। जहां सड़क निर्माण होगा, वहां नगर निगम बोर्ड चस्पा करेगा। इसमें लागत, ठेकेदार, समय सीमा और सुपरविजन करने की जानकारी दी जाएगी। महापौर हर 15 दिन में इसकी समीक्षा कर रिपोर्ट मंत्री विजयवर्गीय को देंगे। मंत्री ने कहा कि यदि कहीं धार्मिक स्थल की बाधा है तो हम बात करेंगे। recent visitors 55

पब्लिक सेक्टर बैंकों का जोरदार प्रदर्शन, 9 महीनों में 1.29 लाख करोड़ रुपए का कमाया लाभ

नई दिल्ली वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की ओर से 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 31.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वित्‍त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पीएसबी ने अब तक का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ, बेहतर एसेट क्वालिटी, व्यापार में मजबूत बढ़ोतरी और पर्याप्त पूंजी बफर हासिल किया है। वहीं, नीति और प्रक्रिया सुधारों की वजह से क्रेडिट अनुशासन, तनावग्रस्त एसेट की पहचान और समाधान, जिम्मेदार लेंडिंग, बेहतर प्रशासन, वित्तीय समावेशन पहल, प्रौद्योगिकी अपनाने आदि के लिए प्रणालियां और प्रक्रियाएं बेहतर हुई हैं। 242.27 लाख करोड़ रुपये रहा कुल कारोबार मंत्रालय ने कहा कि 0.59 प्रतिशत के काफी कम शुद्ध एनपीए रेश्यो से भी बेहतर एसेट क्वालिटी का पता चलता है। सरकारी बैंकों ने 9.8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ सालाना 11 फीसदी की कुल व्यावसायिक वृद्धि दर्ज की है। समीक्षाधीन अवधि में सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इन बैंकों ने 12.4 प्रतिशत की मजबूत ऋण वृद्धि भी दर्ज की। इसमें खुदरा ऋण वृद्धि 16.6 प्रतिशत, कृषि ऋण वृद्धि 12.9 प्रतिशत और एमएसएमई ऋण वृद्धि 12.5 प्रतिशत रही। बेहतर स्थिति में हैं सरकारी बैंक बयान के अनुसार, 14.83 प्रतिशत के जोखिम भारित परिसंपत्तियों के अनुपात के साथ पर्याप्त पूंजी बफर का निर्माण 11.5 प्रतिशत की न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक था। मंत्रालय ने कहा, ''सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर्याप्त पूंजीकृत हैं और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की ऋण मांगों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जिसमें कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया है।'' वित्त मंत्रालय ने कहा कि नीति और प्रक्रिया संबंधी सुधारों के चलते ऋण अनुशासन, संकटग्रस्त परिसंपत्तियों की पहचान और समाधान, बेहतर संचालन व्यवस्था, वित्तीय समावेश पहल और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए बेहतर प्रणाली को बढ़ावा मिला है। आपको बता दें, मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन ने प्रमुख वित्तीय मापदंडों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। 31दिसंबर 2024 तक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं –     वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में 31.3% (वर्ष-दर-वर्ष) की रिकॉर्ड शुद्ध लाभ वृद्धि, 1,29,426 करोड़ रुपये का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ प्राप्त हुआ।     0.59% के बेहद कम नेट एनपीए अनुपात (कुल शुद्ध बकाया एनपीए 61,252 करोड़ रुपये) के साथ एसेट क्वालिटी बेहतर दिखाई दे रही है।     सकल व्यावसायिक वृद्धि 11.0% (वर्ष-दर-वर्ष) के साथ समग्र जमा वृद्धि 9.8% (वर्ष-दर-वर्ष) रही। पीएसबी का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।     16.6% की रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, 12.9% की कृषि क्रेडिट ग्रोथ और 12.5% ​​की एमएसएमई क्रेडिट ग्रोथ के चलते 12.4% की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ हुई ।     14.83% के रिस्क वेटेड एसेट अनुपात वाली कुल पूंजी के साथ पर्याप्त पूंजी बफर्स का निर्माण हुआ, जो 11.5% की न्यूनतम आवश्यकता से काफी ऊपर है। मंत्रालय ने बताया कि पीएसबी पर्याप्त रूप से पूंजीकृत हैं और कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर देने के साथ अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की क्रेडिट की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।   recent visitors 81

मुख्यमंत्री शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का दिया जवाब, विपक्ष को कठघरे में किया खड़ा

जयपुर राजस्थान विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया अध्याय लिखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब दिया और विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के न बोलने को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर "षड्यंत्र" का आरोप लगाते हुए इसे पार्टी की अंदरूनी कलह करार दिया। हंगामे के बीच विपक्षी विधायक नारे फोन टैपिंग बंद करो, मुख्यमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाते रहे। कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष पर तंज मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर वंचित वर्ग से आने वाले नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका, जिससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी के भीतर गहरी खींचतान चल रही है। सत्ता पक्ष के इस आरोप से एक ओर जहां कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठते हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट होता है कि भाजपा इस मुद्दे को एक बड़े चुनावी नैरेटिव के रूप में देख रही है। राज्य की योजनाओं पर आरोप-प्रत्यारोप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार और धीमी गति का आरोप लगाया। यह बयान स्पष्ट करता है कि भाजपा आने वाले समय में कांग्रेस शासन की नाकामियों को जोर-शोर से उठाकर खुद को मजबूत स्थिति में लाने की रणनीति अपना रही है। चार साल बाद कांग्रेस के विधायक सदन में नहीं दिखेंगे? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह दावा कि "चार साल बाद कांग्रेस विधायक सदन में नजर नहीं आएंगे", यह दिखाता है कि भाजपा अपने चुनावी भविष्य को लेकर बेहद आत्मविश्वास से भरी हुई है। हालांकि, यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस पूरी तरह हाशिए पर चली जाएगी, लेकिन विधानसभा में मौजूदा गतिरोध और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को देखते हुए भाजपा के लिए यह अवसर जरूर है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करे। उपचुनाव के नतीजों पर सियासी वार मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि "मोरिया किसका बोला?" यानी उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस की हार की ओर इशारा करते हैं। इससे साफ है कि भाजपा राजस्थान में उपचुनाव के परिणामों को कांग्रेस के खिलाफ बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। विपक्ष की रणनीति और भाजपा की आक्रामकता मुख्यमंत्री का यह बयान कि "डोटासरा के चक्कर में आ गए जूली", यह दर्शाता है कि भाजपा विपक्षी एकता को तोड़ने और कांग्रेस में अंतर्विरोध को उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी गुटबाजी को खत्म कर एक संगठित विपक्ष की भूमिका निभाए, वरना भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाने में कामयाब हो जाएगी। recent visitors 64

मुझे प्रसन्नता है कि मप्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस की सेवा जीवन भर जवान रखने वाली सेवा है। पुलिस के सामने सदैव चुनौतियां रहती हैं, मुझे प्रसन्नता है कि म.प्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है। बड़ी बात है कि हमारी पुलिस 24 घंटे सेवा में तत्पर रहकर प्रदेश और समाज की सुरक्षा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि हमें आंतरिक एकात्मकता को और अधिक उभारने की जरूरत है। इस संदर्भ में सर्विस मीट बेहद लाभकारी और प्रासंगिक है। इस तरह के सेवा समागम से अधिकारियों को एक दूसरे के अनुभव सुनने, साझा करने और उन पर अमल करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भारतीय पुलिस सेवा समागम (आईपीएस मीट) का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि वे कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के थानों की जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर ग्रेडेशन करें और अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत भी करें। इससे जनता के बीच प्रदेश और पुलिस की साख बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारी पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है। हम सभी को जीवन के अच्छे गुणों का विकास कर पुलिस को उनके काम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जिस अपराध मुक्त, भय मुक्त और सकारात्मक माहौल में जी रहे हैं। यह सब पुलिस की सेवा समर्पण अनुशासन और उनकी कर्मठता से ही संभव है। सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के प्रति बेहद संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। आईपीएस सर्विस मीट सिर्फ एक समागम न होकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला के रूप में ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें सेवा का अवसर दिया है, तो इसे ईश्वर का आशीष मानकर हमें अपनी क्षमताओं का शत-प्रतिशत उपयोग समाज की भलाई, सेवा, सुरक्षा और समाज को एक सुसंस्कृत समाज बनाने की दिशा में करना चाहिए, यही कर्म साधना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब सारी सीमाएं बंद हो जाती हैं, तभी कोई व्यक्ति पुलिस के पास जाता है। इस संदर्भ में पुलिस उम्मीद की अंतिम किरण होती है। पुलिस को जनता की यह विश्वास बहाली हमेशा बनाए रखना चाहिए। एक दूसरे से संवाद, समागम, शिक्षण-प्रशिक्षण के जरिए अपनी योग्यताओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सर्विस मीट सिर्फ मीट ना होकर, आपकी सोच का मीत मिलने की जगह बननी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस बल के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश के थानों में अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारी को भी पुरस्कृत करने की परंपरा प्रारंभ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल को सर्व-संसाधनयुक्त कर अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। टीकमगढ़ जिले के बम्होरीकलां थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ और थाना प्रभारी बम्होरीकलां सुश्री रश्मि जैन को इसके लिए सम्मानित किया। जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। हमने नये आपराधिक कानून का बेहतरीन क्रियान्वयन किया है। इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय गृह सचिव से भी सराहना मिली है। हम पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उनके प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहे हैं। हमारी पुलिस ने अतीत में बेहतरीन काम किए हैं। पुलिस ने समाज के साथ साझा प्रयासों से प्रदेश से डकैत समस्या का उन्मूलन किया है। नक्सल समस्या के उन्मूलन के तरफ भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारी चुनौतियां बढ़ रही हैं, साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इस दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। बीते माहों में हमने पूरे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अभियान चलाया। अब तक 10 लाख से अधिक स्टूडेंट और इतने ही नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए जागरूक किया है। इस काम में हमें अभूतपूर्व सफलता मिली है। आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रवि कुमार गुप्ता ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सबके कल्याण की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज हमारे बीच है। हमारी पुलिस प्रदेश के हर व्यक्ति की सुरक्षा में तत्पर है। हम अपनी जिम्मेदारियां से कभी पीछे नहीं हटते। उन्होंने समिट में आकर पुलिस का उत्साहवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार ज्ञपित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आईपीएस ऑफीसर्स के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर सबका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 64

मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी 60 किलोमीटर की लाइन डाल रही, अब नहीं होगी बिजली कटौती

 जबलपुर बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए आरआरडीएसएस योजना के तहत पहले चरण में 60 किलोमीटर की विद्युत लाइन को इंटर कनेक्ट किया जा रहा है। ऐसे में यदि एक जगह से आपूर्ति बाधित हुई, तो दूसरी जगह से तत्काल शुरू हो जाएगी। इससे औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ता और कृषि उपभोक्ताओं को फायदा होगा। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के संचारण एवं संधारण वृत्त द्वारा यह 60 किलोमीटर की यह लाइन डालने का कम किया जा रहा है। यह लाइनें दो विद्युत लाइनों को जोड़ेंगी। पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर, चार फीडर ओएंडएम के अंतर्गत आने वाले मुरई सब स्टेशन का काम पूरा हो चुका है। यहां 33/11 केवी का सब स्टेशन तैयार किया गया। इस सब स्टेशन से चार फीडर निकाले गए हैं। वहीं पांच एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर यहां लगाया गया है। औद्योगिक क्षेत्र को भी होगा फायदा लाइनों के इंटरकनेक्ट होने से सबसे ज्यादा फायदा औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ को होगा। यहां पहले एक ही लाइन और फीडर से सप्लाई की जा रही है। लाइनों के इंटरनेक्ट होने के बाद यहां बिजली की समस्या से निजात मिलेगी। इतना ही नहीं बिजली कम्पनी यहां आवश्यकतानुसार लोड बढ़ा और घटा भी सकेगी। वहीं लोड को ट्रांसफर भी किया जा सकेगा। हरगढ़ और रमखरिया की लाइनों को इंटरकनेक्ट किया जाएगा। इसके साथ ही ओएंडएम के अंतर्गत पाटन से ग्राम रौसरा, किसरोद से शहपुरा, कटंगी से पोला, रौसरा से बोरिया, बेलखेड़ा वन से बेलखेड़ा टू को जोड़ा जाएगा। वहीं शहर में कई जगहों पर रिंगमेन सिस्टम है। जहां यह सिस्टम नहीं है, वहां भी लाइनों का इंटरकनेक्ट किया जाएगा। आरआरडीएसएस योजना के तहत 60 किलोमीटर की विद्युत लाइन का इंटरकनेक्ट किया जा रहा है। इससे डबल सप्लाई का ऑप्शन मिल जाएगा। यदि एक फीडर बंद होता है, तो उसी लाइन के जरिए दूसरे फीडर से विद्युत सप्लाई की जा सकेगी। जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।   recent visitors 53

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा

अयोध्या अयोध्या में स्थित श्री राम मंदिर में दर्शन और अनुष्ठान के समय में अब बदलाव किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन के लिए नए समय कार्यक्रम की घोषणा की है। इस बदलाव के बाद, मंदिर अब सुबह छह बजे खुलेगा, जबकि पहले यह सुबह सात बजे खोला जाता था। इस समय में बदलाव श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें और मंदिर में चल रहे विभिन्न अनुष्ठानों का भी समुचित लाभ उठा सकें। नया समय कार्यक्रम: – मंगला आरती: सुबह 4 बजे     मंगला आरती तड़के चार बजे होगी, जिसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। यह आरती मंदिर में विशेष रूप से भगवान श्री राम की पूजा के समय होती है।   – श्रृंगार आरती: सुबह 6 बजे     श्रृंगार आरती सुबह 6 बजे होगी, इसके साथ ही मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए भी खोल दिया जाएगा। श्रद्धालु अब इस समय से मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। श्रृंगार आरती मंदिर के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है, जिसमें भगवान राम की सजावट की जाती है। – राजभोग: दोपहर 12 बजे     राजभोग अनुष्ठान दोपहर 12 बजे होगा। इसके बाद भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, और मंदिर में भोग के समय भी श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।   – संध्या आरती: शाम 7 बजे     संध्या आरती शाम सात बजे होगी। इस समय मंदिर के पट 15 मिनट के लिए बंद रहेंगे। फिर पुनः मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। संध्या आरती में विशेष रूप से दीप जलाने का कार्य किया जाता है, जो श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का कारण है। – शयन आरती: रात 10 बजे     शयन आरती रात 10 बजे होगी, जबकि पहले यह 9:30 बजे होती थी। यह आरती भगवान राम को सोने के लिए तैयार करने का एक अनुष्ठान है, जिसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते समय का विस्तार श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि के कारण मंदिर में दर्शन के समय और अनुष्ठान कार्यक्रम में यह बदलाव किया गया है। अब दिन में आधा घंटा और सुबह में डेढ़ घंटा अतिरिक्त समय जोड़ा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे आराम से दर्शन कर सकें। इसके अलावा, प्रसाद के समय भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि अयोध्या में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन में शानदार वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में आगंतुकों की संख्या में बहुत बढ़ोतरी हुई है। 2020 में अयोध्या में आगंतुकों की संख्या लगभग 60 लाख थी, जो 2024 में बढ़कर 16 करोड़ से अधिक हो गई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या के धार्मिक पर्यटन में इस तरह की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राम मंदिर का निर्माण कार्य राम मंदिर के निर्माण कार्य के बारे में बात करें तो, 22 जनवरी 2024 को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ था, जब मंदिर के आंशिक निर्माण को पूरा किया गया था। अब तक मंदिर के पूरे ढांचे का निर्माण कार्य चल रहा है, और श्रद्धालु इसके हर चरण में शामिल हो रहे हैं। राम मंदिर के पूरा होने के बाद, यह धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, और हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।   recent visitors 56