सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी, आबकारी नीति को भी मिली मंजूरी

लखनऊ सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. कैबिनेट बैठक में यूपी सरकार ने 2025-26 की आबकारी नीति को मंजूरी दी है. इससे उत्तर प्रदेश में अंग्रेजी शराब की दुकान, बीयर शॉप या अन्य वाइन शॉप का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा. आबकारी विभाग की नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया गया है. recent visitors 64

ब्राजील में लगे पशुओं के मेले में भारतीय नस्ल की गाय 40 करोड़ में बिकी, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में बनाई जगह

नई दिल्ली ब्राजील में लगे पशुओं के मेले में भारतीय नस्ल की एक गाय 40 करोड़ रुपये में बिकी है। यह किसी भी गाय के लिए लगी अब तक की सबसे महंगी बोली है, जिसने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बना ली है। यह बोली ब्राजील के मिनास गेरैस में लगी, जहां एक ग्राहक ने वियाटिना-19 नाम की गाय के लिए इतनी ऊंची बोली लगा दी। गाय का वजन 1101 किलो पाया गया है, जो इस नस्ल की अन्य गायों की तुलना में लगभग दोगुना है। नेल्लोर नस्ल की यह गाय चर्चा में आ गई है। यह नस्ल भारत के आंध प्रदेश, तेलंगाना में पाई जाती है। वियाटिना-19 नाम की गाय ने पूरी दुनिया में पहचान हासिल की है। इसकी पहचान असाधारण जीन और शारीरिक सुंदर के लिए है। इस गाय ने मिस साउथ अमेरिका का टाइटल भी जीता था। इसके बाद से ही यह गया चर्चा में है। दुनिया के कई देशों में इस गाय की संतानों को लोग लेकर गए हैं ताकि अच्छी नस्ल गायें तैयार की जा सकें। यही वजह है कि जब इस गाय के लिए बोली लगाई गई तो एक ग्राहक ने 40 करोड़ रुपये तक का ऊंचा मूल्य चुकाने का फैसला लिया। नेल्लोर नस्ल की गायों को ऑन्गोल ब्रीड के तौर पर भी जाना जाता है। इन गायों की विशेषता यह है कि ये बेहद कठिन और गर्म परिस्थितियों में भी रह सकती हैं। इनकी दूध देने की क्षमता प्रभावित नहीं होती। आमतौर पर अत्यधिक गर्म मौमस में गायों का दूध कम हो जाता है। इसके अलावा नेल्लोर नस्ल की गायों की इम्युनिटी भी शानदार होती है और वे बीमारियों से लड़ पाती हैं। यही कारण है कि इनकी दुनिया भर में लोकप्रियता काफी अधिक है। यह गाय बेहद कम देखभाल के साथ भी कठिन परिस्थिति वाले इलाकों में रह लेती हैं। सफेद फर और कंधे पर ऊंचे हंप वाली इन गायों की यह विशेषता है कि ये ऊंटों की तरह लंबे समय तक के लिए खाने और पीने की सामग्री को स्टोर कर लेती हैं। इसके चलते इनका रेगिस्तान, गर्म वाले इलाकों में रहना आसान होता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया में नेल्लोर नस्ल की गायों की मांग बढ़ गई है। कई बार चारे आदि की कमी पर पशुओं के लिए सर्वाइव करना मुश्किल होता है। ऐसे में ये गायें एक अच्छा विकल्प हैं। ये गायें फैट की स्टोरेज कर लेती हैं। इसे कठिन परिस्थितियों में भी उनके स्वास्थ्य पर ज्यादा असर नहीं दिखता। नेल्लोर नस्ल की गाय की इतनी ऊंची बोली लगने से साफ है कि इनकी डिमांड काफी तेज है। इन गायों का बीमारियों से बचाव का प्रतिरोधी तंत्र काफी मजबूत होता है। इसके अलावा उनका गर्म मौसम में रहना बहुत कठिन नहीं है। इन गायों की रोग प्रतिरोधक क्षमता ऐसी होती है कि उन्हें कम से कम मेडिकल केयर की जरूरत रहती है। बता दें कि साहीवाल, नेल्लोर, पेंगनूर और बदरी गाय समेत देश में ऐसी कई नस्लें हैं, जिनकी भारत समेत दुनिया भर के देशों में काफी ज्यादा डिमांड है। नेल्लोर नस्ल की गायों को ब्राजील में भी बड़े पैमाने पर पाला जाता है। वर्ष 1800 से ही ब्राजील में इनका पालन हो रहा है। recent visitors 45

आर्थिक तंगी के चलते जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज के वंशज शिरिश महाराज मोर ने आत्महत्या कर ली

 पुणे जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज के ग्यारहवें वंशज शिरिश महाराज मोर ने आत्महत्या कर ली है. उन्होंने ऐसा कदम वित्तीय बाधाओं के चलते उठाया है. इस बात का जिक्र उन्होंने सुसाइड नोट में किया था, जिसे पुलिस ने उनके आवास से बरामद किया है. सुसाइड नोट में उन्होंने उल्लेख किया है कि वह वित्तीय बाधाओं से आत्महत्या कर रहे हैं. शिरिश महाराज संत तुकारम महाराज के ग्यारह वंशज थे. उनके पास निगडी में इडली रेस्त्रां भी था. परिवार में उनके अलावा मां और पिता हैं. उनकी पिछले महीने शादी तय हुई थी. शादी अप्रैल या मई में आयोजित की जानी थी. लेकिन शादी से पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली है. आत्महत्या की घटना से देहुगांव में शोक की लहर दौड़ गई है. फिलहाल देहरोड पुलिस घटना की आगे जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि शिरिश महाराज अपने रूम में सोए थे. सुबह जब उनको उठाने के लोए परिवार के लोग गए तो उन्होंने अंदर जवाब नहीं दिया. जिसके बाद परिवार के लोगों ने कुछ देर बाद दरवाजा तोड़ दिया. दरवाजा तोड़ने के बाद परिजनों ने जब सामने की ओर देखा तो शिरिश महाराज पड़े थे. हालांकि, इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. recent visitors 45

भाजपा और आरएसएस संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि संविधान दलितों और वंचितों को अधिकारों की गारंटी देता है: राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशव्यापी जाति आधारित जनगणना की अपनी मांग को दोहराते हुए बुधवार को कहा कि वह उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब दलित और कमजोर वर्ग के लोग भारत के हर संस्था में शीर्ष पद संभालेंगे। गांधी ने यहां स्वतंत्रता सेनानी एवं दलित नेता जगलाल चौधरी की जयंती समारोह में अपने संबोधन में यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि संविधान दलितों और वंचितों को अधिकारों की गारंटी देता है। 'मैं दलितों के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा' उन्होंने कहा, ‘‘देश के मौजूदा सत्ता तंत्र और संस्थाओं में दलितों और वंचितों की कोई भागीदारी नहीं है… दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर वर्गों की सटीक संख्या का पता करने के लिए पूरे भारत में जाति जनगणना की आवश्यकता है।'' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालने के बाद बुधवार सुबह पटना पहुंचे। गांधी ने कहा, ‘‘मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब दलित और कमजोर वर्ग देश की हर संस्था में नेतृत्व की स्थिति में होंगे… और मैं दलितों के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।'' 'यह दलितों-पिछड़ों और आदिवासियों का धन' उन्होंने कहा, ‘‘उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आप (दलितों) लोगों के इतिहास का कोई उल्लेख नहीं है। क्या देश में दलित प्रोफेसर परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार कर रहे हैं? उद्योग जगत की बात करें तो नरेन्द्र मोदी जी ने देश के 25 सबसे अमीर लोगों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया …यह दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का धन है।'' गांधी ने कहा, ‘‘देश में 100 रुपये में दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग सभी को मिलाकर हिस्सेदरी 6.10 रुपये है और इसे भी वो छीनने की कोशिश कर रहे हैं ।''   recent visitors 56

छात्रावास सुप्रिटेंडेंट ने छात्राओं से की मारपीट, थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत

अनूपपुर अनूपपुर जिले में पुलिस ने सरकारी हॉस्टल में रहने वाली 25 से अधिक नाबालिग लड़कियों की कथित तौर पर पिटाई करने के आरोप में महिला सुप्रिटेंडेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है.एक अधिकारी ने बुधवार को ये जानकारी दी है. कोतमा पुलिस थाने के प्रभारी सुंदरेश मरावी ने पीड़ितों के परिवार के सदस्यों द्वारा दर्ज की गई शिकायत के हवाले से कहा कि आरोपी ने रविवार रात यहां के एक सरकारी स्कूल की कक्षा 7 की सभी लड़कियों की हॉस्टल में कथित तौर पर पिटाई की. अधिकारी ने कहा कि इसके पीछे के कारण का अभी तक पता नहीं चला है. लड़कियों ने दावा किया कि उन्हें बिना किसी कारण के पीटा गया. उन्होंने बताया कि लड़की के परिवार के सदस्यों और स्कूल के प्रिंसिपल ने बाद में शिकायत दर्ज कराई. अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मंगलवार को छात्रावास अधीक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 (अश्लील कृत्य), 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 351 (आपराधिक धमकी) के अलावा किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की जांच चल रही है. बीते साल बिहार के मुंगेर से ऐसा ही मामला सामने आया था. यहां संग्रामपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय भीखाडीह से हैरान करने वाला मामला सामने आया था.स्कूल की एक महिला टीचर ने चार छात्राओं की बुरी तरह पिटाई कर दी थी. इस पिटाई से एक बच्ची की आंख बाल-बाल बच गई. जबकि अन्य छात्राओं के शरीर पर काला निशान बन गया थी. तब सूचना पर पहुंचे विभाग के अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही थी साथ ही शिक्षिका को क्लास में पढ़ाने से भी रोक दिया गया. recent visitors 60

अब आम आदमी की टोल समस्या होगी जल्द दूर, नितिन गडकरी ने देश में बड़े बदलाव के दिए संकेत

नई दिल्ली केंद्र सरकार टोल से भी जल्द ही बड़ी राहत देने जा रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐसे संकेत दिए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि टोल को लेकर सभी की 'शिकायतें' खत्म होने वाली हैं। खास बात है कि सरकार ने बजट 2025 में 12 लाख रुपये की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगाकर बड़ी राहत का ऐलान किया था। मीडिया से बातचीत में गडकरी से जब टोल से राहत को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, 'जल्द ही मिल जाएगी।' उन्होंने कहा, 'हमारा अध्ययन पूरा हो गया है। हम जल्द ही ऐसी स्कीम लाएंगे कि सभी लोगों को टोल से एक प्रकार से तकलीफें खत्म हो जाएंगी।' हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया, लेकिन कहा, 'पर मैं जल्द ही स्कीम जारी करके इसे खत्म करूंगा।' उन्होंने कहा, 'मेरे भी बहुत कार्टून निकलते हैं। सोशल मीडिया पर लोग ट्रोल करते हैं। टोल को लेकर लोग नाराज ही हैं। मैं बस इतना ही कह सकता हूं आने वाले कुछ ही दिनों में यह नाराजगी दूर हो जाएगी।' केंद्रीय मंत्री ने टोल कलेक्शन के तरीके में भी बदलाव के संकेत दिए हैं। जब टोल टैक्स के लिए बार-बार रुकने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, 'देखिए 99 फीसदी फास्टैग हैं। रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी कहीं।' उन्होंने संकेत दिए हैं कि इसे सैटेलाइट से जोड़ने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार कई नीतियां जारी करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट पेश करने के दौरान मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये की सालाना आय पर कर छूट की घोषणा की है। वेतनभोगी करदाताओं के लिए 75,000 रुपये की मानक कटौती के साथ अब 12.75 लाख रुपये तक कोई कर नहीं लगेगा। साथ ही सरकार इनकम टैक्स को लेकर नया बिल भी इस सप्ताह पेश करने जा रही है। recent visitors 104

विजय माल्या ने दावा किया है कि किंगफिशर एयरलाइंस पर करीब 6200 करोड़ का कर्ज था, उससे कहीं अधिक बैंकों ने वसूल लिए

कर्नाटक भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने कर्नाटक हाई कोर्ट में किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ चल रही कर्ज वसूली प्रक्रिया को चुनौती दी है। विजय माल्या ने दावा किया है कि किंगफिशर एयरलाइंस पर करीब 6200 करोड़ का कर्ज था। बैंक के अधिकारियों ने प्रारंभिक कर्ज की राशि की तुलना में कहीं अधिक वसूल लिया है। आपको बता दें कि यह याचिका 3 फरवरी 2025 को दायर की गई थी। इस मामले पर न्यायमूर्ति आर देवदास द्वारा बुधवार को संक्षिप्त सुनवाई की गई। विजय माल्या के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील साजन पूवैया ने हाईकोर्ट को बताया कि वह किसी अंतरिम राहत के लिए नहीं कह रहे हैं, जब तक कि संबंधित पक्षों से सुनवाई न हो जाए। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दस बैंकों, एक वसूली अधिकारी और एक एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी को नोटिस जारी किया है। आपको बता दें कि इन्हें याचिका में पार्टी बनाया गया है। विजय माल्या ने इस सप्ताह की शुरुआत में कई राष्ट्रीय और प्राइवेट बैंकों (जिनमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और एक एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी शामिल हैं) के खिलाफ उनकी वसूली प्रक्रिया को चुनौती दी थी। अपनी याचिका में माल्या ने कोर्ट से यह अनुरोध किया कि फिलहाल इस रिकवरी की प्रक्रिया को रोकी जाए और अंतरिम स्थगन आदेश जारी किया जाए। पिछले साल दिसंबर महीने में विजय माल्या ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि बैंकों ने 6,203 करोड़ के कर्ज की राशि के अलावा ब्याज भी वसूल लिया है। यह राशि डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित की गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में लोकसभा में यह कहा था कि विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ की संपत्तियां सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लौटा दी गई हैं। आपको बता दें कि विजय माल्या 2016 में ब्रिटेन भाग गए थे। भारत में किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए कई बैंकों के कर्जों में डिफॉल्ट के कारण वह वांटेड हैं। recent visitors 37