वैक्यूम ट्यूब और प्रेशराइज्ड व्हीकल तकनीक से न्यूयॉर्क-लंदन का सफर मात्र 54 मिनट में होगा पूरा, 19 ट्रिलियन डॉलर का सपना होगा पूरा?

वॉशिंगटन अमेरिका और यूके के बीच हवाई यात्रा करने में 8 घंटे का समय लगता है। लेकिन कल्पना कीजिए यह यात्रा आप एक ही घंटे में पूरी कर सकें। एक प्रस्तावित ट्रांसअटलांटिक टनल न्यूयॉर्क और लंदन को जोड़ेगी और यह भविष्य की एक शानदार योजना हो सकती है। 4828 किमी लंबी ट्रांस-अटलांटिक ट्रेन सुरंग बनाने का कॉन्सेप्ट सामने आया है। संभव है कि किसी दिन टेक्नोलॉजी इतनी आगे पहुंच जाए कि यह कॉन्सेप्ट सच हो जाए। यह प्रस्ताव नया नहीं है, लेकिन इसके निर्माण की लंबाई और आवश्यक धनराशि के कारण इसे एक बार असंभव माना गया था। वैक्यूम ट्यूब टेक्नोलॉजी से लेकर प्रेशर व्हीकल का विकास हुआ है। ऐसे में एक बड़ी कीमत के साथ यह कॉन्सेप्ट सच साबित हो सकता है। हवाई यात्रा से दोनों शहरो के बीच 8 घंटे के सफर की तुलना में सिर्फ 54 मिनट का सफर पूरा करना बेहद आकर्षक लग सकता है। लेकिन इसकी लागत ही सुरंग बनने के रास्ते का रोड़ा है। बनाने में कितना आएगा खर्च इस सुरंग की अनुमानित लागत 19.8 ट्रिलियन डॉलर है। फ्रांस और इंग्लैंड को जोड़ने वाली चैनल टनल 37.8 किमी लंबी है, जो छह साल में बनकर तैयार हुई। लेकिन न्यूयॉर्क और लंदन को जोड़ने वाली इस सुरंग को बनाने में बहुत अधिक समय और धन लगेगा। यह पर्यावरण के अनुकूल भी हो सकता है और हवाई यात्रा से होने वाले भारी वायु प्रदूषण में कटौती कर सकता है। वहीं जिस तरह की ट्रेनों का कॉन्सेप्ट दिया गया है उसके रास्ते में हवा प्रतिरोध नहीं होगा, जिस कारण इसकी गति 4828 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। वैक्यूम के कारण तेज चलेगी ट्रेन? यह टेक्नोलॉजी सुपरलूप ट्रेनों की तरह है, जिसका स्विस इंजीनियरों ने परीक्षण किया और दावा किया कि यह यात्रा का भविष्य बदल सकता है। वर्षों से कई और लोगों ने हाइपरलूप ट्रेन विकसित करने की कोशिश की है, जिसमें नाकामयाबी मिली है। सबसे बड़ी बाधा वैक्यूम सिस्टम, कैप्सूल प्रोपल्शन सिस्टम, स्केलेबिलिटी, सुरक्षा और आर्थिक व्यवहार्यता को बनाए रखना शामिल है। recent visitors 71

पीएम जन-मन में पीवीटीजी बहुल 360 गांवों की 432 बसाहटों में नल से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की तैयारी – मंत्री शाह

भोपाल प्राणवायु के बाद स्वच्छ जल सबकी बुनियादी जरूरत है। राज्य सरकार 'हर घर नल से जल' योजना में सबको स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिये प्रयासरत है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बसाहटों में भी विशेष प्राथमिकता से 'नल से स्वच्छ पेयजल' आपूर्ति की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रदेश में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियों (पीवीटीजी) की बहुलता वाले 11 जिलों के 360 गांवों की 432 प्रबल पीवीटीजी बसाहटों में यह काम तेजी से जारी है। राज्य सरकार इन बसाहटों में रहने वाले 5 हजार 783 पीवीटीजी परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देकर सामुदायिक रूप से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था कर रही है। इन सभी बसाहटों में फिल्हाल तेजी से काम जारी है, जिसे 31 दिसम्बर 2024 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। इस पूरे काम में 60 करोड़ 19 लाख 95 हजार रूपये व्यय किये जा रहे हैं। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं को 'नल से जल' उपलब्ध कराने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। सबको स्वच्छ जल प्रदान करने के लिये लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग योजनाबद्ध रूप से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पीएम जन-मन योजना में उमरिया जिले के सर्वाधिक 91 गांवों की 102 पीवीटीजी बसाहटों, मंडला जिले के 61 गांवों की 61 बसाहटों, अनूपपुर जिले के 55 गांवों की 57 बसाहटों, छिंदवाड़ा जिले के 41 गांवों की 73 बसाहटों, शहडोल जिले के 38 गांवों की 39 बसाहटों, विदिशा जिले के 26 गांवों की 50 बसाहटों, डिंडोरी जिले के 22 गांवों की 24 बसाहटों, सीधी जिले के 13 गांवों की 13 बसाहटों, बालाघाट जिले के 8 गांवों की 8 बसाहटों, छिंदवाड़ा जिले के 4 गांवों की 4 बसाहटों तथा नरसिंहपुर जिले के 1 गांव की 1 पीवीटीजी बसाहट में हर घर नल से स्वच्छ जल आपूर्ति के लिये तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि पीएम जन-मन में पीएचई ने 3 हजार 928 पीवीटीजी बहुल गांवों की 5 हजार 161 बसाहटों में हर घर नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त पीएचई द्वारा अन्य योजना से 3 लाख 15 हजार 82 परिवारों को नल से स्वच्छ जल प्रदान कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इनमें से एक लाख 56 हजार 600 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दे दिये गये हैं। शेष 1 लाख 58 हजार 391 परिवारों को नल से जल प्रदाय के लिये मैदानी अमला मिशन मोड पर काम कर रहा है।   recent visitors 74

भुराडाबरा, पालेड़ी और भंवरपिपलिया में आठ किसानों के खेतों में स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए, किसानों ने एक नई दिशा में कदम रखा

भोपाल मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में जब पारम्परिक खेती से आगे बढ़ने की बात आई, तो जनजातीय किसानों ने एक नई दिशा में कदम रखा। जिले के प्रगतिशील किसान रमेश परमार और साथी अन्य किसानों ने अपनी हिम्मत, मेहनत और नवाचार से असंभव को संभव बना दिया है। पारम्परिक खेती से उद्यानिकी की ओर जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्र में पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती का प्रयोग शुरू हुआ। परम्परागत रूप से ज्वार, मक्का और अन्य सामान्य फसलों के लिए जाने जाने वाले इस इलाके में अब किसानों ने उद्यानिकी फसलों की ओर रुख किया है। जिले के रामा ब्लॉक के तीन गांवों भुराडाबरा, पालेड़ी और भंवरपिपलिया में आठ किसानों के खेतों में स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए गए। झाबुआ में, स्ट्रॉबेरी सामान्यतः ठंडे इलाकों की फसल है, को यहां अनुकूलित परिस्थितियों में उगाने का प्रयोग किया गया। महाराष्ट्र के सतारा जिले से 5000 पौधे मंगवाकर हर किसान के खेत में 500 से 1000 पौधे लगाए गए। हर पौधे की कीमत मात्र 7 रुपये थी, लेकिन इसे उगाने की प्रक्रिया ने किसानों को बागवानी की उन्नत और आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराया। रोटला गांव के रमेश परमार ने अपने खेत में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर 1000 स्ट्रॉबेरी पौधे लगाए। वे बताते हैं कि "पहले बाजार में इन फलों को देखा था, लेकिन खरीदने की हिम्मत कभी नहीं हुई। अब जब खुद के खेत में उगाए, तो इसका स्वाद भी चखा और इसकी उच्च कीमत का महत्व भी समझा।" रमेश ने 8 अक्टूबर 24 को पौधों की बुवाई की थी और केवल तीन महीनों में फलों की पैदावार शुरू हो गई। वर्तमान में बाजार में स्ट्रॉबेरी की कीमत 300 रुपये प्रति किलो है। फिलहाल उन्होंने अपनी पहली फसल घर के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ बांटी है। समूह की सफलता रमेश अकेले नहीं हैं। उनके साथ अन्य किसान भंवरपिपलिया के लक्ष्मण, भुराडाबरा के दीवान, और पालेड़ी के हरिराम ने भी अपनी जमीन पर स्ट्रॉबेरी उगाई है। सभी किसानों के पौधों में फल लगने शुरू हो गए हैं। ये किसान अपनी उपज को लोकल हाट-बाजार और हाईवे के किनारे बेचने की योजना बना रहे हैं। नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक झाबुआ जिले की यह पहल न केवल कृषि नवाचार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की ओर एक ठोस कदम भी है। यह झाबुआ जिले के जनजातीय किसानों ने साबित किया है कि सही मार्गदर्शन, तकनीक और मेहनत से किसी भी क्षेत्र में अपार संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं। आर्थिक और सामाजिक बदलाव की ओर बढ़ रहे जनजातीय किसान स्ट्रॉबेरी की खेती से न केवल इन किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि यह दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। यह पहल झाबुआ जिले के लिए उद्यानिकी खेती का एक नया अध्याय खोलेगी। झाबुआ के जनजातीय किसान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े बदलाव की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।   recent visitors 79

मध्य प्रदेश वालों कड़ाके की ठंड के लिए हो जाओ तैयार, अब शीत लहर से होगा सामना; येलो अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों का मौसम देखें तो प्रदेश के सभी संभागों के जिले का मौसम शुष्क रहा। रायसेन, राजगढ़, धार, जबलपुर, सिवनी, सागर, पचमढ़ी (नर्मदापुरम), नीमच, में शीत लहर का प्रभाव रहा। वहीं शाजापुर में तीव्र शीत लहर का प्रभाव रहा। भोपाल, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, बैतूल, रायसेन और नीमच जिलों का दिन ठंडा रहा। मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमोत्तर भारत के ऊपर मध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सब- ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ पवनों के मध्य एक ट्रफ के रूप में मध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई 70 डिग्री पूर्वी देशांतर व 33 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में अवस्थित है। प्रदेश के जिलों का तापमान प्रदेश में नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में विशेष रूप से गिरा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, सागर संभागों के जिलों का तापमान ज्यादा गिरा। शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। पचमढ़ी का तापमान 3.5, रायसेन 3.6, शाजापुर 4.1, राजगढ़ 5.0, शिवपुरी 5.3, सीधी 12.6, खरगोन, देवास 12.0, सिंगरौली, छिंदवाड़ा 10.9, उज्जैन, सिवनी 10.0 रहा। इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर जिलों में शीत लहर और ठंड दिन का अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, आगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, दमोह, और सागर जिले में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। बृहस्पतिवार को भी दिल्ली एनसीआर में रहेगी शील लहर जैसी स्थिति मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर में शीत लहर की स्थिति रह सकती है। इसलिए मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम है। कैसे आंकी जाती है शीत लहर? आया नगर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम है। इस वजह से आया नगर में ठंड ज्यादा रही। दिल्ली में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञ महेश पलावत ने बताया कि न्यूनतम तापमान सामान्य से साढ़े चार डिग्री सेल्सियस कम हो तो शीत लहर माना जाता है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा है। इस वजह से दिल्ली के कई इलाकों शीत लहर रही। दूसरी ओर दिल्ली के एयर इंडेक्स में पिछले दिन के मुकाबले आंशिक सुधार हुआ है। फिर भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। दिल्ली का AQI 207 दर्ज केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण (सीपीसीबी) के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली का एयर इंडेक्स 207 दर्ज किया गया। स्विस कंपनी के एप आइक्यूएयर ने सुबह में दिल्ली का एयर इंडेक्स 203 बताया। हवा चलने और आसमान साफ होने के कारण दोपहर में एयर इंडेक्स में सुधार होने की संभावना है। recent visitors 86

राशिफल गुरुवार 12 दिसम्बर 2024

मेष राशि- आज का आपका दिन थोड़ा उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। अपनी योग्यता साबित करने के लिए नई जिम्मेदारियां लेने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि आप अपने प्रेम जीवन में हर समस्या का सोल्यूशन निकाल लें। अपना बेस्ट रिजल्ट भी दें। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं। वृषभ राशि– आज का आपका दिन नॉर्मल रहने वाला है। आप अपनी फीलिंग्स को अच्छी तरह संभालना जानते हैं। रिश्ते में खुश रहने के लिए प्यार से जुड़े मुद्दों को सुलझाएं। हेल्दी और फिट रहने पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज का आपका दिन काफी लकी रहने वाला है। रोमांस, करियर, धन और स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन अच्छा है। समृद्धि भी बनी रहेगी। गाड़ी चलाते वक्त आपको अलर्ट रहना होगा। कर्क राशि- आज का आपका दिन बिजी रहने वाला है। आज स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी। प्यार में समय बिताएं और नौकरी में अपनी पेशेवर क्षमता भी साबित करें। सिंह राशि- आज के दिन अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लें। रिश्ते में छोटे-मोटे मुद्दों को सुलझाएं और ऑफिस में नई भूमिकाएं भी निभाएं। आज धन को मन लगाकर संभालें। खर्चों के प्रति सावधानी बरतना जरूरी है। कन्या राशि- आज का आपका दिन थोड़ा स्ट्रेस वाला रहने वाला है। एक रोमांटिक नोट के साथ प्यार को पार्टनर के साथ जाहिर करें। वित्तीय समृद्धि स्मार्ट निवेश डिसिजन की अनुमति देती है। तुला राशि- आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। आज आप एक खुशहाल जीवन बिता सकते हैं। अपनी पर्सनल लाइफ में आनंद की तलाश करें और पार्टनर के लिए समय निकालें। धन का बुद्धिमानी से उपयोग करें। वृश्चिक राशि- रोमांस के मामले में दिन अच्छा रहेगा। ऑफिस की पॉलिटिक्स से दूरी जरूरी है। आज आप मजबूत दिख रहे हैं। ऑफिस में तनावपूर्ण समय में भी शांत रहें। आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। धनु राशि- आज का आपका दिन रहने प्रोडक्टिव वाला है। खुशहाल प्रेम संबंध का आनंद लें। अपनी हेल्थ पर फोकस करें। परिवार के साथ वक्त बिताएं। अपने टास्क में रचनात्मक रहने की कोशिश करें। मकर राशि- आज बाहर के खाने से आज परहेज करें। आर्थिक रूप से आज आप अच्छे हैं और इससे आपको समझदारी से निवेश करने में भी मदद मिलेगी। हेल्दी ड्रिंक का सेवन करें। कुंभ राशि- आज आपका प्रेम जीवन मस्त रहेगा। व्यावसायिक सफलता भी आपकी साथी बनेगी। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं। आपका स्वास्थ्य भी आज अच्छा रहेगा। आपका दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। मीन राशि- आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। करियर में आगे बढ़ने के लिए कार्यालय की जिम्मेदारियों बखूबी निभाएं। आज आपकी आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य दोनों बढ़िया रहने वाले हैं। recent visitors 86

कैबिनेट बैठक में लिए 3 बड़े फैसले, युवाओं और किसानों के लिए सीएम विष्णु देव का बड़ा ऐलान, पुलिस भर्ती में मिलेगी छूट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती के लिए अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को ऊंचाई और सीने की मापदंड में छूट, खेल प्रोत्साहन योजना के तहत आधारभूत संरचनाओं के निर्माण, और फोर्टिफाइड चावल के प्रोत्साहन जैसे मुद्दे शामिल हैं। खेल प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खेल क्लबों को प्रोत्साहित किया जाएगा और खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया।   जिसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 से.मी. एवं फुलाने पर 83 से.मी. केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एक समझौता हुआ, जिससे दुग्ध संकलन और प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान की कस्टम मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि को 80 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया गया। फोर्टिफाइड चावल के उत्पादन और वितरण के लिए भी कदम उठाए गए। विभिन्न विधायकों और कानूनों में संशोधन के लिए विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दी गई, जिसमें पंचायत राज, नगर निगम और माल और सेवा कर (GST) से संबंधित बदलाव शामिल हैं। recent visitors 63

दुबई में प्रदीप मिश्रा की कथा में पहुंचे महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल, वीडियो में दिखे, ईडी कर रही तलाश

रायपुर सोशल मीडिया में महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। दोनों ही दुबई में हैं। दरअसल, वहां पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा चल रही है। इस दौरान शूट किए गए वीडियो में दोनों के दिखने के बाद ये तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगे। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में शामिल होने पहुंचे थे। दुबई के ले मेरेडियन होटल एंड कॉन्फ्रेंस सेंटर एयरपोर्ट रोड गरहौद में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।   कभी जूस की दुकान चलाता था चंद्राकर बताते चलें कि छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी जूस की दुकान चलाता था। फिर एक समय ऐसा आया, जब उसने छत्तीसगढ़ की सरकार को हिला देने वाला महादेव सट्टा एप चलाया, जिसके चलते उसने करोड़ों रुपए की काली कमाई की। वह आज एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट का सरगना बन गया है। उस पर 5,000 करोड़ रुपए के सट्टेबाजी रैकेट चलाने का आरोप है। इंटरपोल की तरफ से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। मामले की जांच के दौरान ईडी ने दावा किया था कि इस नेटवर्क में देशभर में फैले 4,000 से ज्यादा ‘पैनल ऑपरेटर’ थे। इस धंधे से दोनों आरोपी रोजाना कम से कम 200 करोड़ रुपए कमाते थे।   टायर की दुकान चलाता था रवि उप्पल कुछ ऐसी ही कहानी रवि उप्पल की भी है। वह भी कभी भिलाई के सुपेला दक्षिण गंगोत्री में टायर की दुकान चलाता था। नेहरू नगर में वह अपने पिता के खरीदे घर में रहता था। उसके पिता भिलाई इस्पात संयंत्र में बड़े पद से रिटायर हुए थे। आरोप है कि सौरभ चंद्राकर का दायां हाथ माने जाने वाले रवि उप्पल ने महादेव ऐप के जरिए 6000 करोड़ का हेरफेर किया है। बताते चलें कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस खेल की जांच में छत्तीसगढ़ पुलिस और मुंबई पुलिस के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच ईडी कर रही है। recent visitors 70