कोई भी व्यक्ति या संस्था को बिना लाइसेंस के इलायची का व्यापार करने की अनुमति नहीं: मसाला बोर्ड

कोच्चि मसाला बोर्ड एक सार्वजनिक नोटिस में कहा है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था को बिना लाइसेंस के इलायची का व्यापार करने की अनुमति नहीं है। मसाला बोर्ड के अनुसार, इलायची (लाइसेंसिंग और विपणन) नियम, 1987 और मसाला बोर्ड अधिनियम, 1986 के तहत बोर्ड की ओर से जारी वैध लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही किसी भी व्यापारी को इलायची बेचने की अनुमति है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी व्यापारी या संस्था ने संबंधित नियमों का उल्लंघन किया, तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। मसाला बोर्ड के मुताबिक, लाइसेंसिंग प्रणाली का उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना और इलायची व्यापार के भीतर निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करना है। बोर्ड अन्य राज्यों में मैन्युअल नीलामी के अलावा पुट्टडी, केरल और बोडिनायकनूर, तमिलनाडु में ई-नीलामी केंद्रों के माध्यम से इलायची की नीलामी आयोजित करता है। मसाला बोर्ड ने हितधारकों से अनुरोध किया है कि वे मसाला बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अधिकृत नीलामकर्ताओं की सूची की पुष्टि करें। उन्होंने कहा कि यह नोटिस जनता के लिए एक चेतावनी है, क्योंकि अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का उल्लंघन किया गया होगा।   recent visitors 86

राज्य शासन सभी ट्राइबल ब्लॉक में विद्यालयों में 3800 शिक्षकों की भर्ती समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने की ओर अग्रसर

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय विकासख़डों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के निर्माण के लिये ठोस प्रयास कर रही है। राज्य शासन केन्द्र सरकार के साथ मिलकर सभी ट्राइबल ब्लॉक में ईएमआरएस की स्थापना के साथ इन विद्यालयों में 3800 शिक्षकों की भर्ती समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में 89 ट्राइबल ब्लॉक हैं। इनमें से वर्तमान में 50 ट्राइबल ब्लॉक में ईएमआरएस संचालित हैं। 8 ट्राइबल ब्लॉक में ईएमआरएस के नये भवन निर्माण की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। शेष 31 ट्राइबल ब्लॉकस् में ईएमआरएस की स्वीकृति का प्रस्ताव राज्य शासन द्वारा केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय को भेजा जा चुका है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने विभागीय अधिकारियों को केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सतत् सम्पर्क में रहकर शेष 31 जनजातीय विकासखंडों में भी ईएमआरएस की स्थापना के लिये प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित ईएमआरएस के लिये स्वीकृत कुल 3800 शिक्षकों के पदों के विरूद्ध अब तक 2008 शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों पर चयनितों की पदस्थापना की जा चुकी है। चयनित अभ्यर्थियों में से 1790 पदों पर अभ्यर्थियों द्वारा अपनी उपस्थिति भी दे दी गई है। ईएमआरएस के कुशल संचालन के लिये यहां आउटसोर्स पर 39 स्टाफ नर्सेस एवं 4 काउंसलर्स भी रखे गये हैं।   recent visitors 71

77 आश्रम शालाएं और 278 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी निर्माणाधीन

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय कार्य विभाग के अधीन सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये हैं। विभागीय निर्माण कार्यों की गत दिवस समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि शासन द्वारा जनजातीय विकासखंडों के लिये मंजूर 94 सीएम राइज स्कूल शीघ्रतापूर्वक पूर्ण कर हेण्डओवर कराये जायें, ताकि जनजातीय विद्यार्थियों को इन स्कूलों में आधुनिक तरीके से शिक्षा प्राप्त करने का लाभ मिले। राज्य शासन द्वारा जनजातीय विकासखंडों में 94 सीएम राइज स्कूल खोलने के निर्णय पर तेजी से काम जारी है। मंजूर सीएम राइज स्कूलों में से लोक निर्माण विभाग (पीआईयू) द्वारा 40 स्कूल, म.प्र. भवन विकास निगम के जरिये 40 स्कूल और शेष 14 स्कूल म.प्र. पुलिस हाउसिंग एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा निर्मित किये जा रहे हैं। बीते 9 वित्त वर्षों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के 16 निर्माण कार्य, 77 आश्रम शालाओं, 278 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 84 कन्या शिक्षा परिसर, 8 क्रीडा परिसर, 4 गुरूकुलम, 43 जूनियर छात्रावास, 19 पीवीटीजी सीनियर छात्रावास, 23 संयुक्त छात्रावास, 3 सांस्कृतिक भवन, संग्रहालय एवं कम्युनिटी सेंटर, 206 सीनियर छात्रावास, 12 महाविद्यालयीन छात्रावास, पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 125 बहुउद्देशीय केन्द्र, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के 16 निर्माण कार्य, इन्हीं विद्यालयों में सीबीएसई मापदंड के अनुसार 12 उन्नयन संबंधी निर्माण कार्य एवं 8 उन्नयन संबंधी अतिरिक्त निर्माण कार्य, 30 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऑडिटोरियम भवन का निर्माण कार्य एवं वर्तमान वित्त वर्ष में विभिन्न प्रकार के 163 नवीन कार्यों सहित कुल 1205 निर्माण कार्य मंजूर किये गये। इस कार्यों के लिये 86 करोड़ 60 लाख 46 हजार रूपये निर्माण राशि भी मंजूर की गई। मंजूर सभी निर्माण कार्यों पर काम जारी है और अब तक इन निर्माण कार्यों पर 39 करोड़ 14 लाख 78 हजार रूपये व्यय किये जा चुके हैं। इन सभी निर्माण कार्यों के लिये निर्माण एजेंसी भी नियुक्त हैं। लोक निर्माण विभाग (पीआईयू), म.प्र. भवन विकास निगम, म.प्र. पुलिस हाऊसिंग एवं अधोसंरचना विकास निगम एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के माध्यम से यह सभी निर्माण कार्य पूरे कराये जा रहे हैं। कुछ कार्य विभागीय टेक्निकल विंग द्वारा कराये जा रहे हैं। बताया गया कि नवम्बर 2024 माह के अन्त तक जनजातीय कार्य विभाग के लिये शासन द्वारा कुल स्वीकृत 1205 निर्माण कार्यों में से 387 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। विभिन्न श्रेणी के 606 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं और शेष अप्रारंभ निर्माण कार्यों को इसी वर्ष प्रारंभ करने की तैयारी अंतिम चरण में है।   recent visitors 163

चेन पुलिंग समस्या को समाप्त करने RPF ने विशेष अभियान शुरू किया, रेलवे लेगा मोटा जुर्माना

 भोपाल बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की चेन खींचना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है. पश्चिम मध्य रेलवे ने चेन पुलिंग करने पर जुर्माने के साथ अब ट्रेन जितनी देर रुकेगी उसका खर्चा भी अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे में भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया, अक्सर देखा गया है कि कुछ यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए 06 दिसंबर 2024 से रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. इसमें अवैध अलार्म चेन पुलिंग पर जुर्माने के साथ ट्रेन रोकने का खर्च वसूला जाएगा. अब अगर किसी यात्री ने बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचीं तो उसे ₹1000 का जुर्माना ही नहीं बल्कि ट्रेन को रोकने (डिटेंशन) का खर्च भी चुकाना होगा. रेलवे ने यह लागत ₹8,000 प्रति मिनट निर्धारित की है. उदाहरण के तौर पर अगर ट्रेन 5 मिनट के लिए रुकी तो जुर्माना ₹8,000x 5=₹40,000 और इसमें चेन पुलिंग का ₹1000 जोड़ने पर कुल जुर्माना ₹41000 होगा. अगर ट्रेन 10 मिनट के लिए रुकी तो कुल जुर्माना ₹1000+₹8,000×10=₹81000. यह लागत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि चेन पुलिंग से प्रभावित अन्य गाड़ियों का भी डिटेंशन चार्ज चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा जो ₹1 लाख तक पहुंच सकता है. इन दो कारणों पर मान्य होगी अलार्म चेन पुलिंग भोपाल मंडल के मुताबिक, केवल दो विशेष परिस्थितियों में अलार्म चेन पुलिंग मान्य मानी जाएगी. पहला, अगर यात्री की जान को खतरा हो जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. दूसरा मान्य कारण होगा, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का छूट जाना जैसे अगर वह चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल पड़ी. इनके अलावा हर अन्य कारण को अवैध माना जाएगा.   recent visitors 91

प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की तबादला एक्सप्रेस एक बार फिर शुरू होने की तैयारी की जा ही है. प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने के लिए पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी की जा रही है. हालांकि राज्य सरकार बीते 4 माह में 19 पुलिस अधीक्षकों, 4 जोन के आईजी, डीआईजी को बदल चुकी है. कई जिलों के अधिकारी अभी और बदले जा सकते हैं. उधर प्रदेश पुलिस के नए मुखिया बनने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना जिलावार रिव्यू करने जा रहे हैं. इसके बाद थाना स्तर तक बदलाव किए जाएंगे. पुलिस मुख्यालय में भी दिखाई देंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना कार्यभार संभालने के बाद से ही काम में जुट गए हैं. जिलों के एसपी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ डीजीपी ने बैठक की है. बताया जा रहा है कि जल्द ही डीजीपी जोन स्तर पर जिला बार कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद कानून व्यवस्था के आधार पर रैंकिंग के आधार पर अधिकारियों को बदला जाएगा. बदलाव जिलों में थाना स्तर तक दिखाई देगा. हालांकि डीजीपी कैलाश मकवाना का कहना है कि काम को लेकर किसी को भी समय दिया जाना चाहिए, लेकिन बेहतर रिजल्ट न आने पर बदलाव जरूरी होता है. जाहिर है कानून व्यवस्था न संभाल पाने वाले अधिकारियों पर तबादले की तलवार चलेगी. भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर शिकायतों में मैदानी पुलिस अधिकारियों को हटाया जाएगा. पुलिस मुख्यालय में भी होंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना ने जिलों और रेंज के अलावा अब पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग ब्रांच की समीक्षा शुरू कर दी है. समीक्षा बैठकों के बाद पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं होगी.     सरकारी कर्मचारियों का घर बैठे होगा ट्रांसफर, तबादले के लिए नहीं काटने होंगे भोपाल के चक्कर     एक्शन में नए DGP कैलाश मकवाना, SP-IG की बुलाई बैठक, बोले-अनुशासन में रहे पुलिस, न लगे कोई दाग पिछले चार माह में कौन-कौन बदला     18 नवंबर को राज्य सरकार ने शहडोल, सिंगरौली, छिंदवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक और ग्वालियर, नर्मदापुरम के आईजी को बदल दिया.     22 अक्टूबर को राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी सहित 7 आईपीएस अधिकारियों को बदला. इनमें बड़वानी, देवास, जबलपुर के एसपी को बदल दिया गया.     13 अक्टूबर को विदिशा, सीहोर और टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.     24 सितंबर को 15 आईपीएस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई. इसमें लोकायुक्त डीजी को बदल दिया गया.     10 सितंबर को राज्य सरकार ने रतलाम, नरसिंहपुर और भोपाल रेल एसपी को बदल दिया.     3 सितंबर को राज्य सरकार ने लोकायुक्त कार्यालय के विशेष पुलिस स्थापना में करीब 6 अधिकारियों के तबादले किए.     10 अगस्त को 21 आईपीएस के तबादले किए गए. इनमें शहडोल आईजी के अलावा, जबलपुर, ग्वालियर, खरगौन के डीआईजी और मऊगंज, बालाघाट, मुरैना, रायसेन, पांढुर्णा, मंदसौर, अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया. recent visitors 82

रेलवे का बड़ा फैसला! एक साथ9 ट्रेनें फिर हुई रद्द, सफर करने से पहले देख लें लिस्‍ट

रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर-बिलासपुर और कोरबा-जूनागढ़ मेमू ट्रेन के साथ कुल 9 लोकल ट्रेनों को किया रद्द कर दिया है. 9 लोकल ट्रेनों का परिचालन को कैंसिल करने के पीछे वजह रायपुर रेल मंडल के हथबंध-तिल्दा नेवरा सेक्शन का जारी विकास कार्य बताया जा रहा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर रेल मंडल के हथबंध-तिल्दा नेवरा सेक्शन में चल रहे विकास कार्यो के चलते 9 लोकल ट्रेन के परिचालन को रद्द करने का निर्णय लिया है. सूचना के मुताबिक आगामी 6 दिसंबर से 9 दिसंबर तक सभी 9 लोकल ट्रेनों का परिचालन नहीं होगा. दो मेमू ट्रेन भी प्रभावित होगा. 4 दिन रद्द रहेगा रायपुर-बिलासपुर, कोरबा-जूनागढ़ मेमू ट्रेन का परिचालन रिपोर्ट के मुताबिक आगामी 6, 7 और 9 दिसंबर को ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक होगा और 6, 7, 8 और 9 दिसंबर की ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. इस दौरान रायपुर से बिलासपुर, कोरबा और जूनागढ़ जाने वाली मेमू रद्द रहेंगी. जारी विकास कार्य के चलते अलग-अलग तारीखों में ट्रेन के परिचालन पर असर पड़ सकता है. recent visitors 71

आईसीसी ने दोबारा पीसीबी से हाइब्रिड मॉडल को स्वीकार करने के लिए कहा, जल्द ही बताएगा अंतिम फैसला

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर आईसीसी गुरुवार को फैसला करने वाला था लेकिन एक बार फिर से मीटिंग स्थगित हो गई है। शनिवार ( 7 दिसंबर) को मीटिंग में अंतिम निर्णय आने की उम्मीद है। आईसीसी ने दोबारा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से हाइब्रिड मॉडल को स्वीकार करने के लिए कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी जल्द ही बोर्ड के सामने अपना अंतिम फैसला बताएगा। इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से कहा था कि वह अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए ‘हाइब्रिड मॉडल’ को स्वीकार करने को तैयार है लेकिन विश्व संस्था को 2031 तक भारत में होने वाले टूर्नामेंट के लिए भी यही व्यवस्था अपनाने की अनुमति देनी होगी। हालांकि बीसीसीआई ने पीसीबी की इस शर्त का कड़ा विरोध किया है। आगामी चैंपियंस ट्रॉफी को शुरू होने में 100 दिन से भी कम बचे हैं लेकिन शेड्यूल का ऐलान नहीं हो सका है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को जल्द से जल्द अपना फैसला बताना होगा, वहीं बोर्ड के पास ज्यादा विकल्प भी नहीं है। पीसीबी ने पहले टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दी थी जिससे यह प्रस्ताव थोड़ा नरमी भरा है। उसने कहा था कि अगर उसे मेजबानी के पूर्ण अधिकार नहीं दिये गये और भारत की तटस्थ स्थल की मांग स्वीकार कर ली गई तो वह टूर्नामेंट का बहिष्कार करेगा। भारत को 2031 तक भारत को आईसीसी के तीन पुरुष टूर्नामेंट की मेजबानी करनी है जिसमें श्रीलंका के साथ मिलकर 2026 टी20 विश्व कप, 2029 चैंपियंस ट्रॉफी तथा बांग्लादेश के साथ मिलकर 2031 वनडे विश्व कप का आयोजन किया जायेगा। अगले साल होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर अनिश्चितता की स्थिति अब अगले कुछ दिनों में सुलझने की उम्मीद है क्योंकि अब आईसीसी कार्यकारी बोर्ड पाकिस्तान की नयी मांगों पर विचार करेगा। recent visitors 102