बिजली चोरी में एक आरोपी को दो वर्ष कारावास सहित 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना

बिजली चोरी के पॉंच मामलों में अर्थदंड की सजा  बिजली चोरी के मामलों में दोष सिद्ध होने पर पॉंच आरोपियों को अर्थदंड सहित एक आरोपी को 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना की सजा सुनाई बिजली चोरी में एक आरोपी को दो वर्ष कारावास सहित 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के दतिया, बैतूल एवं सबलगढ़ में विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम एवं जिला न्‍यायालय द्वारा बिजली चोरी के मामलों में दोष सिद्ध होने पर पॉंच आरोपियों को अर्थदंड सहित एक आरोपी को 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दतिया वृत्‍त अंतर्गत चेकिंग के दौरान दिनेश साहू आत्‍मज सुरेश साहू द्वारा उनकी राइस मिल में स्‍थापित कनेक्‍शन के मीटर को बायपास कर विद्युत चोरी पकड़ते हुए माननीय न्‍यायायल के समक्ष परिवाद दायर किया गया था। इस पर विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम दतिया सुदीप कुमार श्रीवास्‍तव द्वारा दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी दिनेश साहू को दो वर्ष की सजा एवं 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बैतूल वृत्‍त के मुलताई ग्रामीण वितरण केन्‍द्र अंतर्गत विनोदीलाल कवड़े द्वारा अपने परिसर में स्‍थापित घरेलू कनेक्‍शन के मीटर को बायपास कर विद्युत चोरी के मामले में विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम मुलताई जिला बैतूल पंकज चतुर्वेदी द्वारा आरोपी विेनादीलाल कवड़े के विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दोष सिद्ध पाए जाने पर वित्‍तीय लाभ का तीन गुना 22 हजार 071 रूपये का जुर्माना तथा अदायगी नहीं करने पर चार माह की सजा सुनाई है। इसी तरह सबलगढ़ अंतर्गत बिजली चोरी के मामलों में माननीय न्‍यायालय द्वितीय अति सत्र न्‍यायाधीश उपेन्‍द्र देशवाल द्वारा तीन आरोपियों को तीन गुना जुर्माना तथा अदायगी नहीं करने पर चार माह की सजा सुनाई है। इन तीन मामलों के आरोपियों में सोनू कुशवाह को 6 हजार 848 रूपये, वीरेन्‍द्र कुशवाह को 7 हजार 188 रूपये एवं राजेश कुशवाह को 7 हजार 698 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सभी आम लोगों से आग्रह किया गया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनधिकृत या अवैध रूप से बिजली चोरी दण्डनीय अपराध है तथा इसमें जुर्माना और कारावास का भी प्रावधान है।   recent visitors 63

दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल

व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट दिव्य शक्तियों का प्रदर्शन- राज्यपाल पटेल  खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल – राज्यपाल पटेल  दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल राज्यपाल ने टूर्नामेंट का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि दिव्य शक्तियों के दर्शन और प्रदर्शन का अवसर व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट हैं। खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग करते है। बॉलिंग करते है। फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना है।उन लोगों को जो मामूली शारीरिक मानसिक चुनौतियों से निराश हो जाते है। उन्हें नई प्रेरणा और उत्साह मिलेगा। राज्यपाल पटेल उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर डे एण्ड नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर पोक्षे, आयुक्त रामाराव भोसले एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड कैंपियन ग्राउंड मे किया गया था। खेलते रहने वाला ही होता है विजेता राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सच्चाई है कि निरंतर प्रयास से ही परिणाम मिलते है। हारना-जीतना उतना मायने नहीं रखता है जितना निरंतर खेलते रहना। निरंतर खेलते रहने वाले ही विजेता होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उत्साह और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि खेल भावना से खेलते रहना ही विजेता बनने का तरीका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब वर्ष 2000 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। तभी से वे खेल और खिलाड़ियों के उन्नयन के लिए कार्य कर रहें है। देश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति नया वातावरण निर्मित हुआ है। इसी तरह मोदी ने दिव्यांगजन की शक्तियों को उन्नति और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए है। इसी क्रम में जनवरी माह में युवाओं का सम्मेलन हो रहा है, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से चयनित युवा शामिल होंगे। उन्होंने प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं आह्वान किया कि वह इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सम्मेलन में शामिल होने का प्रयास करें। राज्यपाल नियत अवधि से कार्यक्रम में आधे घन्टे अधिक रहे राज्यपाल पटेल अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में नियत अवधि से आधे घन्टे अधिक समय तक उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच में छत्तीसगढ़ की पुरूष टीम की बैटिंग के नियत 10 ओवरों में से छह ओवर तक के खेल का अवलोकन किया। खिलाड़ियों के मनोबल का उत्साह वर्धन किया। इससे पूर्व राज्यपाल पटेल ने क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों में जोश का संचार किया। प्रत्येक टीम के खिलाड़ियो के पास पहुंचकर उनका परिचय प्राप्त कर उन्हें उत्साहित किया। खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दिखाया है कि जीतता वही है, जिसमें ज़िद और जज्बा होता। उन्होंने प्रतियोगिता आयोजकों को प्रतिवर्ष प्रतियोगिता में कुछ नया करने के प्रयासों की सराहना की। कहा कि सुखद है कि हर वर्ष जो नया किया जाता है वह भी किसी से कम नहीं होता है। यह बड़ी बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया, जिन्होंने दिव्यांग-जनों के लिए संवेदनशीलता के साथ विकास और उन्नयन के कार्य किए है। साथ ही उनकी मानसिक और शारीरिक दिव्यता को उजागर किया है। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल पटेल के पालक भाव से अभिभूत होने की बात कही। राज्यपाल का सामाजिक सरोकारों में आगे रहने को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग उन्‍मूलन प्रयासों को आंदोलन का रूप राज्यपाल के प्रयासों से ही मिला है। सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन कल्याण प्रयासों को व्यापक स्तर पर संचालित कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग जन के लिए विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं ग्वालियर में आयोजित की गई। इससे पूर्व ग्वालियर में ही दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि पैरा ओलम्पिक में मेडल विजेता दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक श्रीमती दीप्ती पटवा ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। बताया कि प्रतियोगिता में आठ राज्यों की दस टीमें शामिल हुई है। प्रतियोगिता में 180 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी भाग ले रहे है। कार्यक्रम में निर्मला उपाध्याय के संयोजन में दिव्यांग बच्चों ने गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन और मैच की कॉमेन्ट्री विकास ने की।   recent visitors 83

कूनो नेशनल पार्क में अब पर्यटकों को हो सकेंगे दीदार, बाड़े से आजाद हुए चीते, अग्नि और वायु को जंगल में छोड़ा

श्योपुर लंबे इंतजार के बाद कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में रखे गए चीतों में से दो चीते अग्नि और वायु को बुधवार को जंगल में छोड़ दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर विशेषज्ञों ने जंगल में उनेक विचरण, सुरक्षा, भोजन आदि को लेकर अंतिम चर्चा के बाद यह निर्णय लिया। बाड़े में कुल 12 चीते और 12 शावक हैं, जिसमें से एक मादा शावक मुखी पौने दो साल का होने के साथ पूर्ण वयस्क हो चुकी है। इसके साथ ही जल्दी ही जंगल में और चीते छोड़े जाने की संभावना बढ़ गई है। अगले दो-तीन दिन में दो और चीते छोड़े जा सकते हैं। सिंह परियोजना के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पारोंद वन क्षेत्र में चीते छोड़े गए हैं। यह क्षेत्र अहेरा पर्यटन क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में पर्यटकों को सफारी के दौरान चीतों को देखने का अवसर मिल सकता है। पवन ने बार-बार लांघी कूनो की सीमाएं कूनो नेशनल पार्क में 17 सिंतबर 2022 को नामीबिया से लाए जाने के बाद पवन चीता को सबसे पहले 21 मार्च 2023 को जंगल में छोड़ा था। बार-बार कूनो की सीमा लांघकर कभी शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क तो कभी यूपी की सीमा तक जाने के बाद उसे ट्रैंकुलाइज कर वापस लाकर बाड़े में बंद करने पड़ा था। पिछले साल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा अग्नि-वायु, गौरव-शौर्य, आशा, वीरा सहित कुल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा जा चुका है। पिछले साल जुलाई और अगस्त में कुछ चीतों की मौत व संक्रमण के मामले सामने आने के बाद सभी चीतों को वापस बाड़े में बंद कर दिया था। बरसाती नाले में एक की डूबने से हुई थी मौत छह माह पहले पवन व वीरा चीता का जोड़ा जंगल में छोड़ा था। वीरा के मुरैना व ग्वालियर क्षेत्र तक आकर ग्रामीणों के पशुओं के शिकार करने के बाद वापस बाड़े में ले जाना पड़ा था। पवन की बरसाती नाले में डूबकर मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही सभी चीतों बाड़े में ही बंद थे। अग्नि और वायु उम्र में अधिक बड़े और मजबूत चीतों में से हैं, इसलिए पहले इन्हे छोड़ा है। recent visitors 107

सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू

सतना सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू होने जा रहा है. नए बांध के जरिए जिले के 3 हजार हेक्टेर कृषि भूमि को सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिले में चार नए बांधों के निर्माण की रुपरेखा तैयार की जा रही है. जल संसाधन विभाग अवर सचिव के निर्देश पर जिले में चार नए बांध के निर्माण के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है. प्राथमिक तौर पर रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड़ चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के कंदर, नरदहा और गहबर इलाके में बांध निर्माण करने का सर्वे किया जाएगा. चार महीने के अंदर सर्वे पूरा करके पेश करना होगा रिपोर्ट जिले चार नए बांध निर्माण के लिए चार महीने के अंदर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. इसके बाद बांधों का डीपीआर तैयार किया जाएगा. वहीं, जल संसाधन संभाग सतना को संबंधित योजनाओं का सर्वे करवाए जाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शिका जारी की गई है.  रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड में होगा बांधों का निर्माण जानकारी के मुताबिक शासन के स्वीकृत के अनुसार विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट के अंतर्गत कंदर, नरदहा और गहबर में जबकि रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बालकुंड में बांधों का निर्माण किया जाएगा. इन चारों योजनाओं के निर्माण पर करीब 102 करोड़ रुपए खर्च होने और लगभग 3 हजार हेक्टेयर की सिंचाई होने का लक्ष्य प्रस्तावित है. बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का खर्च 12.39 करोड़ रुपए होगा.कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए 24.85 करोड़ खर्च आएगा. सतना में चार नए बांध निर्माण के लिए विधायकों ने की थी पहल बताया जा रहा है कि योजनाओं के प्रस्ताव शासन स्तर पर काफी समय से लंबित हैं, जिसके लिए आवश्यक मंजूरी के लिए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और चित्रकूट क्षेत्र के लिए विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की 3 सिंचाई योजनाओं को शासन से मंजूरी दिलाए जाने की मांग रखी थी. चारों बांध के निर्माण पर आएगा करीब 102 करोड़ रुपए खर्च बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य है, जिसकाखर्च 1 2.39 करोड़ रुपए होगा. वहीं, कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए निर्माण खर्च 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए बांध निर्माण पर  24.85 करोड़ आएगा. recent visitors 113

जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक राहुल कुमार वसूले, आज एक प्रगतिशील कृषक हैं

भोपाल छिंदवाड़ा जिले के खजरी गांव के राहुल कुमार वसूले आज एक प्रगतिशील कृषक हैं। इसके साथ-साथ वे जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक भी हैं। कभी 15 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी करने वाले राहुल ने इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पढ़ाई करने के बाद पावर प्लांट में कार्य किया। लेकिन परिवार के स्वास्थ्य पर रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों को देखकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और जैविक व प्राकृतिक खेती की राह चुनी। बी.टेक और एम.बी.ए. की शिक्षा लेने के बाद राहुल ने लगभग 15 वर्षों तक पॉवर प्लांट में कार्य किया, लेकिन अपने पिता और पुत्र को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में खोने के बाद उन्होंने महसूस किया कि इन समस्याओं की मूल जड़ रासायनिक खेती से पैदा हुआ अनाज और सब्जियां हैं। इस गहरी सोच के बाद उन्होंने वर्ष 2018 में अपनी नौकरी छोड़कर जैविक खेती करने का फैसला किया। जैविक खेती को समझने और इसे प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए राहुल ने राज्य सरकार की मदद से देश के विभिन्न संस्थानों और वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत, केंचुआ खाद और नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पाद तैयार करना सीखा। साथ ही इज़राइल की तकनीक से संरक्षित खेती और मशरूम उत्पादन जैसे आधुनिक तरीके भी अपनाये। राहुल की प्रगतिशीलता से उन्हें 1 से 3 दिसंबर 2024 तक पूसा, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें 'मिलेनियर फॉर्मर ऑफ इंडिया 2024' जैसे प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2022 में आगरा में उन्हें जैविक इंडिया अवार्ड मिला। वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में गौ आधारित जैविक कृषि अवार्ड में भी राहुल को सम्मानित किया गया। जैविक खेती का मॉडल राहुल के पास 10 एकड़ भूमि है, जहां वे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, मूंग, और सब्जियों की खेती करते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खाद और जैविक तरीकों का उपयोग कर अपनी उपज की गुणवत्ता को बेहतर बनाया। इसके अलावा वे दुग्ध और मशरूम उत्पादन भी कर रहे हैं। राहुल की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है "रसायनमुक्त नवरत्न आटा," जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, काला गेहूं और अन्य अनाज भी शामिल हैं। यह आटा उनके जैविक प्र-संस्करण यूनिट में तैयार होता है, जो ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस यूनिट से क्षेत्र के 50 से अधिक जरूरतमंद लोगों को रोजगार भी मिला है। राहुल पहले 15 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी कर रहे थे, अब खेती करने के बाद उनका का वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। उनके उत्पाद गुरुग्राम, नोएडा, पुणे, मुंबई जैसे शहरों तक भेजे जा रहे हैं। राहुल ने "श्रीराम जैविक कृषक समूह" की स्थापना की, जिससे 600 से अधिक किसान जुड़े हैं। वे सभी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाते हैं। उनकी सफलता ने आसपास के किसानों को भी रसायनमुक्त खेती की ओर मोड़ दिया है। अपनी सफलता से प्रफुल्लित होकर राहुल कहते हैं कि सही सोच और मेहनत से हम न केवल अपनी, बल्कि समाज की दिशा भी बदल सकते हैं। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहते हैं कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।   recent visitors 202

अब लंबी और खुली सीमा के कारण भारतीय पहले कनाडा जाते हैं और वहां से यूएस में एंट्री करते हैं

वॉशिंगटन  भारतीय बड़ी संख्या में 'अमेरिकन ड्रीम' के लिए अपना सब कुछ जोखिम में डाल रहे हैं। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (USCBP) के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका में अवैध रूप से भारतीयों के जाने में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। अकेले इस साल कनाडाई सीमा पर अवैध रूप से प्रवेश करते हुए पकड़े गए लोगों में 22 फीसदी भारतीय थे। आइए समझें कि भारतीयों की इतनी बढ़ती संख्या के पीछे क्या कारण है? USCBP के डेटा का वित्तीय वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। इसका डेटा कनाडाई सीमा के जरिए अवैध रूप से अमेरिका में घुसते भारतीय अमेरिकियों की बढ़ती संख्या दिखाता है। 2022 में अवैध क्रॉसिंग की कोशिश कर रहे 109,535 लोगों को पकड़ा गया था। इसमें भारतीयों की संख्या 16 फीसदी थी। 2023 में इसमें वृद्धि हुई और 189,402 लोगों में से 30,010 भारतीय पकड़े गए। इस साल आंकड़ों में फिर वृद्धि हुई है। 42764 भारतीयों को अवैध रूप से कनाडा से अमेरिका में घुसते पकड़ा गया। भारतीयों का नंबर बढ़ा BBC की रिपोर्ट के मुताबिक वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक निस्कैनन सेंटर के इमीग्रेशन एनालिस्ट गिल गुएरा और स्नेहा पुरी ने कहा कि ये आंकड़े हालांकि लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई प्रवासियों की तुलना में कम हैं। लेकिन पिछले चार वर्षों में भारतीय पश्चिम गोलार्ध के बाहर अमेरिकी सीमा पर आने वाले प्रवासियों का सबसे बड़ा समूह बन गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल है कि अभी तक ज्यादातर लोग मैक्सिको बॉर्डर से अमेरिका में घुसते हैं, तो आखिर कनाडा पहली पसंद क्यों बन गया। आखिर कनाडा क्यों? निस्कैनन सेंटर के मुताबिक कनाडा से अवैध एंट्री बढ़ने का कारण कनाडा की अधिक सुलभ वीजा प्रक्रिया है। कनाडा भारतीयों के लिए अधिक सुलभ एंट्री पॉइंट बनता जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कनाडा का वीजा पाने के लिए औसत 76 दिन लगते हैं। जबकि अमेरिकी वीजा के लिए एक साल से ज्यादा का समय लग जाता है। इसके अलावा मैक्सिको-अमेरिका बॉर्डर की तुलना में यूएस-कनाडा बॉर्डर ज्यादा लंबा और कम संरक्षित है। आने वाले ट्रंप के कार्यकाल में यूस-कनाडा बॉर्डर पर भी सख्ती देखी जा सकती है। recent visitors 106

05 दिसम्बर गुरुवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों की माता की सेहत में सुधार होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। कुटुंबों में वृद्धि होगी। संतान का साथ मिलेगा। कार्यस्थल पर तरक्की मिल सकती है। भाग्य का साथ मिलेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों की लव लाइफ अच्छी रहेगी। दिन लाभकारी रहेगा। नौकरी पेशा में उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। करियर के लिहाज से आज का दिन अनुकूल रहने वाला है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन खर्चों से भरा रहेगा। खर्च की अधिकता होने से मन परेशान हो सकता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। बिजनेस करने वालों को मुनाफा होगा। रुके हुए धन की वापसी हो सकती है। कर्क राशि– कर्क राशि वालों का आज मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। परिवार की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का मन अशांत रह सकता है। माता-पिता की सेहत में सुधार हो सकता है। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। नौकरी पेशा करने वालों का स्थान परिवर्तन हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों की वाणी में मधुरता रहेगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। संतान सुख में वृद्धि होगी। कारोबार में व्यस्तता रहेगी। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज सितारों का साथ मिलेगा। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। संतान की सेहत में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भाग्य में वृद्धि होगी। धन लाभ के संकेत हैं। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का मन परेशान रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुछ जातकों का माता-पिता के सहयोग से शादी-ब्याह भी तय हो सकता है। कारोबार में मुनाफा होगा। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। धनु राशि- धनु राशि वालों का जीवन आज उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। हालांकि आज कुछ कार्यों में आपको खर्च करने की जरूरत पड़ सकती है। परिवार का साथ मिलेगा। मन अशांत रह सकता है। मकर राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कला, संगीत आदि क्षेत्रों से जुड़े लोगों को उन्नति के अवसर मिलेंगे। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। भाग्य में वृद्धि होगी। व्यापारियों को विस्तार के अवसर मिलेंगे। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का दिन आज खुशनुमा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। पढ़ाई-लिखाई में छात्रों का मन लगेगा। सेहत पर नजर रखना जरूरी है। नौकरी पेशा करने वालों को नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। मीन राशि- मीन राशि वालों का दिन आज अनुकूल रहने वाला है। परिवार में चल रही समस्याएं खत्म हो जाएंगी। व्यापारी फंड जुटाने में सफल रहेंगे। परिवार में मेहमान का आगमन होगा। गुस्से पर काबू रखें। recent visitors 87