54 साल की उम्र में देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार महाराष्ट्र जैसे अहम राज्य के सीएम बनने वाले हैं

मुंबई महाराष्ट्र में 2019 में तीन दिन की सरकार चलाने के बाद सत्ता से विदाई के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने खुद को समंदर बताया था। उनका कहना था- मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर न बसा लेना। मैं समंदर हूं, फिर लौट कर आऊंगा। उनकी इस टिप्पणी की खूब चर्चा हुई थी। 2022 में उद्धव ठाकरे की सरकार विदा हुई तो एकनाथ शिंदे को भाजपा नेतृत्व ने सीएम बना दिया। फडणवीस को डिप्टी सीएम के तौर पर संतोष करना पड़ा था। लेकिन अब भाजपा को जब 132 सीटें अपने दम पर मिली है तो वह सीएम बनने जा रहे हैं। आज शपथ ग्रहण समारोह है और समंदर की इस वापसी का जोरदार जश्न मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं, कैसा होगा यह जश्न… 1. देवेंद्र फडणवीस के साथ एकनाथ शिंदे और अजित पवार डिप्टी के तौर पर शपथ लेंगे। बुधवार को शाम तक एकनाथ शिंदे को मनाने की कोशिशें जारी थीं और अंत में उन्होंने सरकार का हिस्सा बनने पर सहमति दी। 2. अब तक मिली जानकारी के अनुसार देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह में 40 हजार मेहमान होंगे। इनमें 2000 वीआईपी भी होंगे। मुख्य अतिथि के तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। 3. शपथ समारोह शाम को 5:30 बजे आयोजित किया जाएगा। आजाद मैदान में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इस कार्यक्रम में एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी रहेंगे। 4. एकनाथ शिंदे के सरकार का हिस्सा बनने को लेकर देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि उन्होंने मुलाकात की थी। मैंने एकनाथ शिंदे से कहा था कि आप सरकार का हिस्सा बनें। ऐसा महायुति के सभी लोग चाहते हैं। अब हम मिलकर जनता के वादों को पूरा करेंगे। 5. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 235 सीटों पर महायुति को जीत मिली है। बीते कई चुनावों के बाद पहली बार राज्य में इतनी मजबूत सरकार बनने वाली है। 6. शपथ समारोह में देश के अलग-अलग हिस्सों से संतों को भी आमंत्रित किया गया है। 7. आजाद मैदान फिलहाल पूरी तरह सजकर तैयार है। यहां सुरक्षा के लिए 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा एसआरपीएफ, क्विक रेस्पॉन्स टीम आदि भी तैनात हैं। 8. देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने का इतना जोरदार जश्न है कि समर्थकों ने नागपुर समेत तमाम समर्थकों में 'आपले देवेंद्र भाऊ' के पोस्टर लगाए हैं। इसका अर्थ है- अपने देवेंद्र भाई। 9. 54 साल की उम्र में देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार महाराष्ट्र जैसे अहम राज्य के सीएम बनने वाले हैं। वह पहली बार 44 साल की आयु में ही मुख्यमंत्री बने थे और पूरे 5 साल शासन चलाया था। 10. पहली बार में ही देवेंद्र फडणवीस ने नितिन गडकरी, विनोद तावड़े जैसे सीनियर नेताओं को पीछे छोड़ते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल की थी। recent visitors 160

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से की  सौजन्य मुलाकात बस्तर ओलंपिक और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होंगे गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के समापन और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे गृह मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे।    मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की हालिया उपलब्धियों और बस्तर संभाग में चलाए जा रहे विकास कार्यों के सम्बन्ध में  केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के लिए किए गए प्रयासों ने स्थानीय जनता का भरोसा जीता है, जिससे माओवादी प्रभाव कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभावित इलाकों में घटनाओं में तेजी से कमी आई है। सरकार के प्रयासों से बस्तर अब नक्सल मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बल लगातार प्रभावी अभियान चला रहे हैं, और विकास कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 15,000 मकानों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के महत्व और राज्य में इसके प्रभावों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ते हुए शांति और विकास की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। अब तक इस ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बस्तर ओलंपिक में हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी और वॉलीबॉल समेत 11 पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है, जो युवाओं को एकजुटता, सकारात्मकता और सामुदायिक भावना से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर का प्रतीक है। recent visitors 94

जिले के 96 हितग्राहियों को 2 करोड़ 16 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि

सीधी                मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘‘मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना’’ के अंतर्गत 10 हजार 236 श्रमिक परिवारों को  225 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया। कार्यक्रम में सीधी जिले के 96 हितग्राहियों को 2 करोड़ 16 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि वितरित की गई। जिले में सभी जनपद मुख्यालयों तथा नगरीय निकायों में वेबकास्ट का सीधा प्रसारण किया गया, जहाँ हितग्राहियों द्वारा सहभागिता की गई। एनआईसी कक्ष में विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, अध्यक्ष जनपद पंचायत सीधी श्री धर्मेन्द्र सिंह परिहार, कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीधी श्री अशोक तिवारी, श्रम निरीक्षक एवं प्रभारी श्रम अधिकारी श्री इंद्रजीत सिंह व हितग्राही शामिल हुए।  कार्यक्रम में जिले के संबल योजना अन्तर्गत 96 हितग्राहियों को 02 करोड़ 16 लाख रूपये अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया। जनपद पंचायत सीधी के 43 हितग्राहियों को 94 लाख रूपये, सिहावल के 10 हितग्राहियों को 24 लाख रुपये, कुसमी के 23 हितग्राहियों को 52 लाख रूपये, रामपुर नैकिन के 06 हितग्राहियों को 14 लाख रूपये, नगर पालिका परिषद सीधी के 05 हितग्राहियों को 12 लाख रूपये, नगर पंचायत चुरहट के 03 हितग्राहियों को 06 लाख रूपये, नगर पंचायत मझौली के 02 हितग्राहियों को 04 लाख रूपये एवं नगर पंचायत रामपुर नैकिन के 04 हितग्राहियों को 10 लाख रूपये अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया। recent visitors 60

pak को फाइनल में रौंद भारत लगातार तीसरी बार बना जूनियर एशिया कप का चैंपियन

मस्कट  डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने लगातार तीसरी बार मेंस जूनियर एशिया कप हॉकी खिताब अपने नाम किया। भारत के युवा शेरों ने बुधवार रात फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 5-3 से हरा दिया। भारत के लिए अरिजीत हुंदल सिंह ने सबसे ज्यादा चार गोल किए। एक गोल धीरज सिंह की स्टिक से आया। यह महाद्वीपीय टूर्नामेंट में भारत का पांचवां खिताब है। इससे पहले भारत ने 2004, 2008, 2015 और 2023 में यह खिताब जीता था। कोविड-19 महामारी के कारण यह टूर्नामेंट 2021 में आयोजित नहीं किया गया। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में मलेशिया को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दूसरी ओर पाकिस्तान जापान को हराकर खिताबी मुकाबले में पहुंचा था। हुंडल ने चौथे, 18वें और 54वें मिनट में तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और 47वें मिनट में मैदानी गोल दागा। भारत के लिए एक अन्य गोल दिलराज सिंह (19वें मिनट) ने किया। पाकिस्तान के लिए सूफियान खान (30वें और 39वें मिनट) ने दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि हन्नान शाहिद ने तीसरे मिनट में मैदानी गोल किया। पाकिस्तान ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत की और तीसरे मिनट में ही शाहिद के मैदानी गोल से बढ़त बना ली। भारत ने कुछ सेकेंड बाद ही अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया, जिससे हुंडल ने शक्तिशाली ड्रैग फ्लिक पर पाकिस्तान के गोलकीपर के दाईं ओर से गोल में पहुंचाकर टीम को बराबरी दिला दी। दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपने खेल में सुधार किया और 18वें मिनट में अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जिससे हुंडल ने गोल में बदला। एक मिनट बाद दिलराज के एक बेहतरीन मैदानी गोल करके भारत की बढ़त को 3-1 कर दिया। पाकिस्तान ने 30वें मिनट में सूफियान के पेनल्टी कॉर्नर पर दागे गोल से स्कोर 2-3 किया। सूफियान ने 39वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर पाकिस्तान को बराबरी दिला दी। भारत ने अंतिम क्वार्टर में 47वें मिनट में अपना तीसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन हुंडल के शॉट को पाकिस्तान के गोलकीपर मुहम्मद जंजुआ ने बचा लिया। हुंडल ने हालांकि कुछ सेकंड बाद ही मैदानी गोल दागकर भारत को फिर से बढ़त दिला दी। भारत ने अंतिम 10 मिनट में पाकिस्तान पर कड़ा दबाव बनाया और कुछ और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और हुंडल ने एक बार फिर बेहतरीन वैरिएशन से गोल करके टीम की 5-3 से जीत सुनिश्चित की। recent visitors 72

निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित कार्यशाला संपन्न : मंत्री सिंह

लोक निर्माण से लोक कल्याण नवाचार हमारी ताकत, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ इन्हें लागू करें : मंत्री सिंह निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित कार्यशाला संपन्न भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्रशासनिक अकादमी में किया गया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता एमडी एमपीआरडीसी अविनाश लावनिया,एमडी एमपीबीडीसी डॉ पंकज जैन,ईएनसी पीडब्ल्यूडी केपीएस राणा, ईएनसी (भवन) एसआर बघेल एवं ईएनसी भवन विकास निगम अनिल श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य सभी मुख्य अभियंता, वरिष्ठ अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित रहे। विभाग में नवाचार,पारदर्शिता और सामूहिकता से बढ़ेगी कार्यक्षमता  लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में नवाचार, पारदर्शिता और सामूहिकता की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा “नवाचार हमारी ताकत है हमें नवाचार के साथ समरस होकर कार्य करना चाहिए।”  मंत्री सिंह ने कहा कि “विकसित प्रदेश से विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने में इंजीनियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें ‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ की भावना को मूर्त रूप देने का अवसर मिला है। विभाग को अधिक जनहितैषी बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।” मंत्री सिंह ने विभाग में नए आने वाले इंजीनियर्स को प्रेरित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी नवाचारों के माध्यम से विभाग को और अधिक सक्षम बना सकती है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे हमारे युवा इंजीनियरों की नई सोच को समझें और अगर कोई सुझाव उपयोगी हो तो उसे अपनाएं। हमारे निर्णय सही होने के साथ सही दिखना भी चाहिए  निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीक व्हाइट टॉपिंग पर चर्चा के दौरान कुछ इंजीनियर ने सुझाव दिया कि व्हाइट टॉपिंग के लिए सड़कों का चुनाव करते समय परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों को भी सम्मिलित किया जा सकता है क्योंकि व्हाइट टॉपिंग के लिए ऐसी सड़के चाहिए जिनकी बुनियाद या क्रस्ट मजबूत हो। इस बात पर मंत्री सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे निर्णय सही होने के साथ-साथ सही दिखने भी चाहिए। यदि तकनीकी रूप से ऐसा करना आवश्यक है तो इस आशय की सूचना सार्वजनिक रूप से जारी कर इस आवश्यकता को प्रचारित करना बेहतर होगा। अपने निर्माण कार्य को गर्व के साथ प्रचारित करें  मंत्री सिंह ने विभाग के अधिकारियों और इंजीनियर्स को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने निर्माण कार्यों के प्रति स्वामित्व का भाव रखते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ सामने आना चाहिए और गर्व से कहना चाहिए कि निर्माण हमने किया है। भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। कार्य की पूर्णता और सफलता तब होती है जब उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाए।”  मंत्री सिंह ने सड़कों और संरचनाओं की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा, “जो संरचनाएं हम बनाते हैं, उन पर पीढ़ियां चलती हैं। हमें गर्व होना चाहिए कि हम ऐसा काम कर रहे हैं जो लंबे समय तक समाज के लिए उपयोगी साबित हो।”  मंत्री सिंह ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, “हमारे अच्छे कार्य संवाद के अभाव में जनता तक नहीं पहुँच पाते हैं। हमें अपने कार्यों की जानकारी लोगों तक प्रामाणिकता के साथ पहुंचानी चाहिए।” मानक निविदा दस्तावेज पर हुई वृहद चर्चा विभाग में पहली बार ऐसा हुआ कि निविदा दस्तावेज पर इतने व्यापक स्तर और एक बड़े मंच पर गहन चर्चा की गई है। मानक निविदा दस्तावेज में सुधार की संभावनाओं को तलाशने के लिए अन्य राज्यों में प्रचलित निर्माण कार्यों के निविदा दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया गया। मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग से तीन अध्ययन दल महाराष्ट्र, तेलंगाना और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भेज कर निविदा शर्तों का अध्ययन कराया गया। इन दलों से प्राप्त सुझावों को कार्यशाला में सम्मिलित करते हुए इन पर विस्तार से चर्चा की गई। निविदा पत्र दस्तावेज में प्रस्तावित संशोधनो पर सार्थक चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि सभी निर्माण विभागों के लिए एक मानक निविदा दस्तावेज वर्ष 2014 में तैयार किया गया था। कालांतर में हुए तकनीकी विकास और नियमों में परिवर्तन के कारण इस दस्तावेज में अनेक सुधारो की गुंजाइश है। आज की आवश्यकताओं के अनुरूप मानक निविदा दस्तावेज को संशोधित कर निर्माण कार्यों को और अधिक पारदर्शी,गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।   निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने हेतु कार्यशाला में निविदा दस्तावेज में सुधार हेतु अनेक सुझाव प्राप्त हुए जिनमें मुख्य सुझाव इस प्रकार हैं:         2 करोड़ से अधिक लागत वाली सभी निविदाओं में प्रीक्वालिफिकेशन शर्तें लागू की जाएं पूर्व में यह सीमा 5 करोड़ थी।         अनुमानित लागत के 20% के बराबर के तीन कार्यों के अनुभव के स्थान पर 40% के तीन कार्यों को रखाजाए।         निविदाकर्ता के पास उपलब्ध मानव संसाधन और उपकरणों के लिए न्यूनतम शर्ते जोड़ी जाए।         2 करोड़ से अधिक के सड़क निर्माण कार्यों के लिए निर्माण स्थल पर गुणवत्ता परीक्षण लेब की स्थापना अनिवार्यकी जाए।         अव्यावहारिक दरें डालकर टेंडर प्राप्त की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए 80 प्रतिशत से कम दरें डालने वाले निविदाकर्ताओ से अंतर की दोगुनी परफॉर्मेंस गारंटी ली जाए। साथ ही बैंक गारंटी के स्थान पर फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट के माध्यम से परफॉर्मेंस सिक्योरिटी ली जाए।         क्षमता से अधिक कार्यों के ठेके लेने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए बिड कैपेसिटी संबंधी शर्तों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।         निविदाकर्ता के पास बैच मिक्स प्लांट, डब्लू एम एम मिक्स प्लांट एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता संबंधी शर्त जोड़ी जाए।         गुणवत्ता नियंत्रण हेतु समय-समय पर किए जाने वाले परीक्षणों, डामर की गुणवत्ता, आदि से संबंधित शर्तें भी जोड़ी जाए।  इसी प्रकार कंसलटेंट के चयन हेतु निर्धारित निविदा दस्तावेज पर भी अनेक सुझाव प्राप्त हुए जिसे कंसलटेंट एजेंसी और नियुक्त इंजीनियरिंग स्टॉफ की गुणवत्ता में सुधार हो सके।  मंत्री सिंह राकेश सिंह ने इन सभी सुझावों के अनुसार निविदा दस्तावेज में सुधार करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।  मानक निविदा दस्तावेज में सुधार की यह प्रक्रिया न केवल कार्यकुशलता को बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि ठेकेदारों से होने वाले विवादों को … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी जानकारी

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के "मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट" पर सहमति  पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना के  "मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट" पर हस्ताक्षर की सहमति बन गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के "मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग" के बाद अब उसके "मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट" पर हस्ताक्षर की सहमति बन गई है। योजना की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मंत्रि-परिषद के समक्ष संक्षेपिका 15 दिवस में प्रस्तुत की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पूर्व मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 75 हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के 11 जिले गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल एवं औद्योगिक आपूर्ति के लिए जल भी उपलब्ध होगा। योजना में मध्यप्रदेश में 21 बांध एवं बैराज बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत प्रदेश में कराए जाने कार्यों की लागत लगभग 36 हजार 800 करोड़ रुपए है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के चंबल और मालवा क्षेत्र के लाखों किसानों का जीवन बदलेगा। उन्हें न केवल सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, अपितु संबंधित क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की 17 परियोजनाएं एवं राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना शामिल हैं। परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रूपए प्रस्तावित है। परियोजना के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश के कुल लगभग 6.11 लाख हेक्टेयर नवीन क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल व उद्योगों के लिए लगभग 172 मि.घ.मी. जल का प्रावधान किया गया है। परियोजना से लगभग 40 लाख परिवार लाभांवित होंगे। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना में मध्यप्रदेश से प्रारम्भ होने वाली पार्वती, कूनो, कालीसिंध, चंबल, क्षिप्रा एवं सहायक नदियों के जल का अधिकतम उपयोग किया जायेगा। परियोजना के अंतर्गत श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स में 04 बांध (कटीला, सोनपुर, पावा एवं धनवाड़ी), 02 बैराज (श्यामपुर, नैनागढ), कुम्भराज कॉम्पलेक्स में 02 बांध (कुम्भराज-1 एवं कुम्भराज-2) तथा रणजीत सागर, लखुंदर बैराज एवं ऊपरी चम्बल कछार में 07 बांध (सोनचिरी, रामवासा, बचेरा, पदुनिया, सेवरखेडी, चितावद तथा सीकरी सुल्तानपुरा) शामिल हैं। इसके अलावा गांधी सागर बांध की अपस्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदियों पर छोटे-छोटे बांधों का निर्माण भी प्रस्तावित है। राज्य शासन की यह एक बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। केन्द्र सरकार के सहयोग से बनने वाली इस परियोजना का कार्य आगामी 05 वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा। परियोजना अंतर्गत कुल 21 बांध, बैराज एवं बैलेंसिंग रिजर्वायर आदि का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही परियोजना में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मध्य मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर (CRMC) एवं मध्य प्रदेश क्षेत्र में CRMC सिस्टम को अंतिम छोर तक नवीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु प्रावधान रखा गया है, जिससे मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिण्ड जिलों को सिंचाई एवं पेयजल हेतु आवंटित जल प्राप्त हो सकेगा। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के मंत्री, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री और दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव की उपस्थिति में दिनांक 28 जनवरी 2024 को परियोजना की डी.पी. आर. तैयार करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स की 06 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। शेष परियोजनाओं की डीपीआर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का भारत सरकार से प्राप्त ड्राफ्ट समझौता अनुबंध (MOA) को मध्य प्रदेश शासन द्वारा संशोधन उपरांत भारत सरकार को 25 अक्टूबर 2024 को प्रेषित कर अनुरोध किया गया था कि मध्यप्रदेश के बिन्दुओं (कार्यों) को MOA में समावेश कर अंतिम रूप दिये ड्राफ्ट समझौता अनुबंध (MOA) को मध्य प्रदेश शासन को भेजें, जिससे अंतिम ड्राफ्ट (MOA) पर शासन से अनुमोदन प्राप्त किया जा सके।   recent visitors 56

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से हुआ चीता अभियान शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की भी धरोहर, इसको संभालकर रखना है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से हुआ चीता अभियान शुरू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पूरे देश में वन्यजीवों के लिए एक आदर्श स्थान है। इसी कारण मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट बना है। चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की धरोहर हैं। इस नाते इस धरोहर को हमें संभालकर रखना है। चीतों से हमारा ऐसा ही आत्मीय स्नेह बना रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों की सौगात मिली है। "अग्नि और "वायु" को स्वतंत्र वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों के साथ मध्यप्रदेश में पर्यटन भी रफ्तार भरेगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भारत के सभी राज्यों में जितने टायगर नहीं हैं उससे अधिक संख्या में मध्यप्रदेश में हैं, जो एक रिकार्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने दो दिन पहले ही टाइगर रिजर्व को मंजूरी दी है। रातापानी टाइगर रिजर्व 8वें क्रम पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार माधव टाइगर पार्क के लिए भी जल्द ही आवश्यक मंजूरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग सौ साल पहले चीता मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश या एशिया से भी विलुप्त हो गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से हमने अन्य महाद्वीप से लाकर इस प्राणी को अपने यहां बसाने का अभियान शुरू किया। मुझे संतोष है मध्यप्रदेश में चीतों का परिवार फल-फूल रहा है। अब उनकी नई पीढ़ी आंखें खोल कर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रयोग से आगे चलकर यह संभव होगा कि अन्य राज्य भी भागीदार बन सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता दिवस के अवसर पर आनंद के क्षणों के साथ प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देना चाहता हूँ जिनके प्रयासों से हमें यह चीता प्रोजेक्ट मिला। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विभिन्न आयोजन अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर श्योपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में कूनो राष्ट्रीय उद्यान द्वारा चीता-मित्रों की रैलियों का आयोजन किया गया। इस अवसर को यादगार बनाने के लिये भारतीय भूमि पर चीतों के रोचक छायाचित्रों से भरपूर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के ऑफीशियल कैलेण्डर-2025 का विमोचन पालपुर में किया गया। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर एक लघु फिल्म जारी की गयी। फिल्म में चीता परियोजना के पिछले 2 वर्षों की झलक दिखायी गयी। नेशनल पार्क के अंतिम विस्थापित ग्राम बागचा की एक वीडियो स्टोरी भी जारी की गयी। इस अवसर पर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल, पीसीसीएफ एण्ड होप असीम श्रीवास्तव, पीसीसीएफ वन्य-जीव शुभरंजन सेन एवं मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक और चीता स्टीरिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजेश गोपाल, सदस्य डॉ. एच.एस. नेगी और सलाहकार डॉ. एस.पी. यादव उपस्थित रहे।   recent visitors 80