दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा, चली ताबड़तोड़ गोलियां, एक युवक की मौत

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। यहां पर गोलियां चलाना अब आम बात हो गई है।  मंगोलपुरी इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर एक युवक की हत्या कर दी गई है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। वहीं, पुलिस को जब इस घटना की जानकारी दी गई तो वह मौके पर पहुंची। पुलिस ने पास में लगे सीसीटीवी कैमरे को कब्जे में ले लिया है। साथ ही घटनास्थल से पुलिस को खाली कारतूस भी मिले हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा कुछ संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान पंकज के रूप में हुई है। वह कपड़े के व्यवसाय में था। बताया जा रहा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों का पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में हाथ रहा है। आरोपी मृतक के पड़ोसी बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, आपसी विवाद के चलते कुछ लड़के अपने घर गए और पिस्टल लेकर बाहर आए और फायरिंग कर दी। इसी दौरान पंकज को गोली लग गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगोलपुरी इलाके में हुई इस घटना के बाद से लोगों में डर पैदा हो गया है। मृतक के परिजन के अनुसार, मंगोलपुरी के केके ब्लॉक में तीन लोगों के साथ पंकज का झगड़ा हुआ था। हालांकि, झगड़ा किस वजह से हो रहा था, इसके बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन जब परिजन जब बीच-बचाव करने गए तो बदमाशों ने पिस्तौल निकाली और गोली चलाकर भाग गए। इस घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस उस सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है जो घटनास्थल से ली गई है। साथ ही पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। बता दें कि मंगोलपुरी में कुछ माह पहले एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।   recent visitors 102

ASI ने पत्नी और साली को उतरा मौत के घाट, डबल मर्डर से भोपाल में सनसनी, हैरान कर देगी वजह

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मंगलवार को डबल मर्डर से दहल गया। राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) ने अपनी अलग रह रही पत्नी और साली की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ASI ने पत्नी और साली को उतरा मौत के घाट एएसआई की पहचान योगेश मरावी के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह मंडला में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी विनीत भोपाल में नौकरी करती थीं और अपनी बहन के साथ ऐशबाग इलाके में फ्लैट लेकर रहती थीं। बताया जा रहा है कि योगेश का पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। जांच में जुटी पुलिस हत्या की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रियंका शुक्ला ने बताया, "एएसआई की पहचान योगेश मरावी के रूप में हुई है। उसकी पत्नी विनीता अपनी बहन के साथ ऐशबाग इलाके में एक फ्लैट में रहती थी, जहां सुबह मरावी आया और दोनों की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। मृतकों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच थी।" पुलिस उपायुक्त प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मृतक के घरेलू सहायक ने उनके रिश्तेदारों को इसकी सूचना दी, जिन्होंने बाद में पुलिस को सूचित किया। आरोपी अपनी पत्नी के फ्लैट पर सुबह करीब 11 बजे पहुंचा था। डीसीपी ने आगे कहा कि आते ही आरोपी ने घरेलू सहायक को बाहर धकेल दिया और अपराध करने से पहले अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। 10 साल पहले हुई थी शादी उल्लेखनीय है कि मरावी वर्तमान में मंडला में ड्यूटी पर तैनात थे और उन्होंने करीब 10 साल पहले विनीता से शादी की थी। डीसीपी ने बताया कि वे विवाद के चलते लंबे समय से अलग रह रहे थे। उन्होंने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था। recent visitors 53

जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ पर मेहरबान विभाग, अब तक कोई एक्शन नहीं : जबलपुर विकास प्राधिकरण का घोटाला

जबलपुर जबलपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा अपराध पंजीकृत किए जाने के बाद से शहर में एक नई बहस छिड़ गई है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को उजागर करता है, बल्कि शहर के विकास कार्यों पर भी सवाल खड़े करता है। करप्शन सामने आने के बाद भी अब तक भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, पीङित किसान परेशान हैं। न्याय के लिए भटक रहे हैं। जिम्मेदारों ने साध रखी चुप्पी सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। यह चुप्पी लोगों में और अधिक संदेह पैदा कर रही है। क्या सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? यह एक गंभीर सवाल है जिसका जवाब सरकार को कारॅवाई कर देना होगा।   यह था मामला… जेडीए की जमीन में फर्जीवाड़ा कर सरकार को 2 करोड़ 40 लाख चपत लगाने एवं 25 लाख की स्टाम्प ड्यूटी की हानि पहुँचाने के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जेडीए के सीईओ दीपक वैद्य सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में गढ़ा मानस स्कूल के पास रहने वाली विद्याबाई प्यासी और उनके बेटे हरीश प्यासी, सौरभ प्यासी, प्रवीण प्यासी और आशीष प्यासी को भी आरोपी बनाया गया है। ज्ञात हो कि पूर्व में संजीवनी नगर थाने में विद्याबाई और उसके बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू को गढ़ा निवासी अशोक प्यासी द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कछपुरा में योजना क्रमांक 6 और 41 की कुछ जमीन को जेडीए द्वारा अधिग्रहित किया गया था। इसके एवज में जेडीए ने भू-स्वामियों को दो करोड़ 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया। जेडीए इस जमीन के दस्तावेजों में अपना नाम नहीं चढ़वा पाई। इस दौरान विद्या बाई और उनके बेटों ने जेडीए अधिकारियों के साथ साँठगाँठ कर अधिग्रहित की गई जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए और जमीन को बेच दिया। इसमें 25 लाख रुपए के स्टाम्प की भी हानि शासन को पहुँचाई। गलत जानकारी प्रस्तुत की थी जाँच के दौरान ईओडब्ल्यू ने सीईओ दीपक वैद्य से जानकारी माँगी, तो उनके द्वारा ईओडब्ल्यू को गलत जानकारियाँ दी गईं। इस पूरे मामले में तत्कालीन जेडीए सीईओ समेत भू-अर्जन अधिकारी और राजस्व अधिकारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। इनकी भी जाँच की जा रही है। जाँच में जिन अधिकारियों की मिलीभगत होगी उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। यह सवाल लोगों के जेहन में उठ रहे  * क्या इस मामले में राजनीतिक दखल है?  * क्या विभाग इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है?  * क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीतियां कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं? recent visitors 76

IANS की रिपोर्ट के अनुसार चिन्मय दास की बेल के लिए पैरवी करने को कोई वकील ही तैयार नहीं, बेल के लिए करना होगा इंतजार

ढाका इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश में जेल से बाहर निकलने के लिए इंतजार करना होगा। मंगलवार को केस की सुनवाई थी, लेकिन उनकी पैरवी के लिए कोई वकील ही नहीं पहुंचा। खबर है कि कट्टरपंथियों के डर से वकील उनका केस लेने से ही डर रहे हैं। इसी के चलते जब मंगलवार को अदालत लगी तो उनकी पैरवी के लिए कोई नहीं था। इस पर बेंच ने उनकी बेल अर्जी पर सुनवाई के लिए 2 जनवरी, 2025 की नई तारीख तय की है। IANS की रिपोर्ट के अनुसार चिन्मय दास की बेल के लिए पैरवी करने को कोई वकील ही तैयार नहीं हुआ है। इससे पहले उनके एक वकील पर हमला भी हुआ है, जो फिलहाल आईसीयू में एडमिट हैं और उनकी हालत गंभीर है। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोते के प्रवक्ता रहे चिन्मय कृष्ण दास को बीते सोमवार को देशद्रोह के मामले में अरेस्ट कर लिया गया था। वह हिंदुओं और इस्कॉन के खिलाफ हिंसा के विरोध में हुए एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद उन पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया और एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। चिन्मय कृष्णदास पर इस तरह की कार्रवाई किए जाने की भारत समेत दुनिया भर में निंदा हो रही है। कनाडा, अमेरिका जैसे देशों में रह रहे हिंदुओं ने भी इस ऐक्शन की निंदा की है और वहां विरोध प्रदर्शन हुए हैं। चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी का बांग्लादेश में अच्छा प्रभाव रहा है। वह बांग्लादेश चटग्राम में इस्कॉन के डिविजनल ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी रहे हैं। उनके वकील रामेन रॉय पर भी सोमवार को हमला हुआ है। वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। चिन्मय दास ने भी इस पर बयान जारी किया है। उनका कहना है कि रामेन रॉय का अपराध यही था कि अदालत में उन्होंने उनकी पैरवी की थी। खबरों के अनुसार इस्लामिक कट्टरपंथियों ने रामेन रॉय के घर पर हमला किया था और फिर उन्हें भी जमकर पीटा गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में एडमिट हैं। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता ने कहा कि रामेन रॉय फिलहाल अस्पताल में एडमिट हैं। वह अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'एडवोकेट रामेन रॉय के लिए प्रार्थना करें। उनकी एक ही गलती थी कि उन्होंने अदालत में चिन्मय कृष्ण दास की पैरवी की थी।' बता दें कि भारत ने भी बांग्लादेश के हालातों पर चिंता जताई है और वहां की सरकार से कहा है कि हिंदुओं पर हमले न किए जाएं। recent visitors 60

सुरक्षाबलों को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, किया एक आतंकी ढेर, मुठभेड़ जारी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है। सुरक्षाबलों को इस इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। आतंकियों ने खुद को गिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवानों में भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। जवानों ने एक आतंकी को मार गिराया है। फिलहाल, अभी दोनों ओर से गोलीबारी जारी है। इससे पहले कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, “विशिष्ट खुफिया इनपुट के आधार पर, सुरक्षाबलों के संयुक्त दलों ने दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सीएएसओ (घेराबंदी और तलाशी अभियान) शुरू किया है। ऑपरेशन जारी है।” बता दें कि आतंकवादियों द्वारा किए गए कई हमलों के बाद हाल के दिनों में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। 20 अक्टूबर को आतंकवादियों ने गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक बुनियादी ढांचा परियोजना कंपनी के श्रमिकों के शिविर पर हमला किया था। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को बारामूला जिले के गुलमर्ग के बोटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर हमला कर आतंकवादियों ने सेना के तीन जवानों और दो नागरिक कुलियों की हत्या कर दी थी। वहीं, 2 नवंबर को श्रीनगर में पर्यटक स्वागत केंद्र के पास व्यस्त संडे मार्केट में आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंका था। इसमें एक 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य नागरिक घायल हो गए थे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन दो हमलों के बाद कहा कि इन हमलों में शामिल लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।   recent visitors 85

दिल्ली में इस बार भाजपा विधानसभा चुनाव में मुफ्त लारही है योजनए, आप पार्टी के दाव से पटकने की तैयारी

नई दिल्ली दिल्ली में अपना 'वनवास' खत्म करने को बेकरार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जहां इस बार आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ एंटी इंकंबेंसी की आस है तो अरविंद केजरीवाल को परास्त करने के लिए इस बार उनके ही 'हथियार' को अपनाने की तैयारी है। मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं को मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों के जरिए लगातार तीन बार दिल्ली की सत्ता में पहुंची 'आप' से 'विधानसभा की चौथी जंग' में भाजपा मुफ्त पर खूब दांव लगाने जा रही है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि यदि वह सत्ता में आई तो दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर की सुविधा मिलती रहेगी। भाजपा ने यह वादा ऐसे समय पर किया है जब केजरीवाल जनता से कह रहे हैं कि यदि भाजपा जीत गई तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर देगी। पार्टी के मेनिफेस्टो कमिटी के चेयरमैन और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यदि भाजपा को विधानसभा में बहुमत मिलता है तो भाजपा मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों को जारी रखेगी। बिधूड़ी ने कहा कि गुरुवार से पार्टी दिल्लीवालों से संकल्प पत्र के लिए सुझाव लेने की शुरुआत करेगी। भाजपा नेता ने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दूसरे पार्टी नेता प्रोपेगेंडा के जरिए लोगों को गुमराह करना चाहते हैं कि भाजपा की सरकार बनी तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर दिया जाएगा। बिधूड़ी ने कहा कि ना सिर्फ भाजपा इन योजनाओं को जारी रखेगी बल्कि इनमें सुधार किए जाएंगे। पार्टी के एक नेता ने बताया कि दिल्ली में इन स्कीमों का बड़ा लाभार्थी वर्ग है, जो अरविंद केजरीवाल सरकार के कामकाज से संतुष्ट तो नहीं है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ चाहती है। आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए बस सफर जैसी योजनाओं को जारी रखने का वादा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह आर्थिक सहायता देने का वादा भी किया जा सकता है। वह मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक कई राज्यों में भाजपा को मिली चुनावी सफलता में इसके योगदान का जिक्र करते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली और हर महीने 20 हजार लीटर पीने का पानी मुफ्त देती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए बस में सफर भी मुफ्त है। माना जाता है कि पिछले दो चुनावों में 'आप' को मिली बंपर जीत में इन योजनाओं का अहम योगदान है। भाजपा ने पहले इन योजनाओं का 'रेवड़ी कल्चर' कहकर विरोध किया, लेकिन दिल्ली की जनता में इन योजनाओं की स्वीकार्यता को देखते हुए पार्टी अपने स्टैंड को बदलती दिख रही है। दिल्ली में अगले साल जनवरी या फरवरी में विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के महज 8 विधायक हैं, जबकि 2015 में केवल उसे तीन सीटों पर जीत मिली थी। जुमले में नहीं आएंगे दिल्लीवाले: AAP भाजपा की ओर से मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर योजना को जारी रखने के वादे पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह जुमला है और लोग इस पर भरोसा नहीं करेंगे। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंक कक्कड़ ने एएनआई से बातचीत में कहा, 'दिल्लीवाले भाजपा के जमुलों में नहीं आने वाले हैं। हमें पता है कि भाजपा के पास 20 राज्य हैं, वे कहीं भी आज तक मुफ्त बिजली या मुफ्त पानी नहीं दे पाए हैं। अगर गलती से भी भाजपा दिल्ली में जीत जाती है तो सबसे पहले दिल्लीवालों की मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी बंद करेगी। सीधा डिस्कॉम को अडाणी के हाथ में देगी जो महंगी बिजली और लंबे-लंबे पावर कट देंगे,जैसा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में होता है।' recent visitors 84

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जाते-जाते यूक्रेन को दी सहायता, दिया ऐसा घातक हथियार भड़क उठे मानवाधिकार संगठन

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अगले महीने खत्म हो रहे अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में यूक्रेन को 725 मिलियन डॉलर यानी करीब 6139 करोड़ रुपए की बड़ी सैन्य मदद देने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य युद्ध के मैदान में न केवल रूस का मुकाबला करना है बल्कि कीव को रणक्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इस सहायता पैकेज के साथ अमेरिका यूक्रेन को कई किस्म के हथियार भी उपलब्ध करा रहा है, जिसमें कई ड्रोन रोधी सिस्टम, हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) और एंटी पर्सनल लैंड माइंस भी शामिल है। राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा HIMARS जैसे घातक हथियार सौंपने के बाद चर्चा का बाजार गर्म है और आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) को लेकर कई किस्म की अटकलें लगाई जा रही है, जिसकी लंबी दूरी की मारक क्षमता है। यूक्रेन लंबे समय से इसका इस्तेमाल रूस के खिलाफ 186 मील अंदर तक करना चाह रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यूक्रेन को भेजे जा रहे इस सैन्य खेप में ATACMS को शामिल किया जा रहा है या नहीं। बड़ी बात ये है कि अमेरिका इस नए खेप में यूक्रेन को एंटीपर्सनल लैंड माइंस देने जा रहा है, जिसका कई मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बाइडेन प्रशासन के इस कदम को विनाशकारी करार दिया है और कहा है कि इसके इस्तेमाल से नागरिक आबादी को लंबे समय तक खतरा हो सकता है। बता दें कि एंटी-पर्सनल माइन या एंटी-पर्सनल लैंडमाइन (APL) एक प्रकार की बारूदी सुरंग है, जिसे मनुष्यों के खिलाफ उपयोग के लिए डिजायन किया गया है, जबकि एंटी-टैंक माइन्स का टारगेट वाहन होते हैं। उधर, अमेरिकी सरकार ने इसे यूक्रेन के लिए तत्काल जरूरी बताया है और कहा है कि यह स्थाई नहीं है। अमेरिका का तर्क है कि इससे नागरिकों को अप्रत्याशित नुकसान से बचाने के उपाय किए गए हैं। अमेरिका का कहना है कि इसका डिजायन ऐसा है कि ये लैंड माइन्स एक निश्चित समयावधि के बाद निष्क्रिय हो जाते हैं। पिछले करीब तीन साल से यूक्रेन और रूस 620 मील लंबी सीमा रेखा पर युद्ध लड़ रहे हैं, इसलिए यूक्रेन को भौगोलिक इलाकों में रूसी सैनिकों की बढ़त को रोकने के लिए इस एंटी पर्सनल लैंड माइन्स को तुरूप का पत्ता समझा जा रहा है। recent visitors 81