देवास में ढाबा संचालक जांच करने का विरोध कर रहा था, ASI पर सरिया से किया हमला, हुए घायल

देवास ढाबे पर अवैध गतिविधियों की जांच करने पहुंचे एएसआई पर ढाबा संचालक व उसके साथियों ने हमला कर दिया। ढाबा संचालक जांच करने का विरोध कर रहा था। मामले में ढाबा संचालक सहित तीन आरोपितों पर शासकीय कार्य में बाधा व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। ढाबे की जांच करने पहुंचे थे एएसआई पुलिस के अनुसार एएसआई जज सिंह अरोरा शासकीय कार्य से देवास गए थे। वापसी में थाने आते समय मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि वरिष्ठ अधिकारी का आदेश हैं कि शराब दुकान एवं उसके आसपास चल रहे अवैध अहातों की जांच की जाए। इसके बाद अरोरा अपने वाहन चालक अंकित सोलंकी के साथ बायपास के पास शराब दुकान के सामने स्थित ढाबा पहुंचे। यहां ढाबा संचालक सुरेश बरगुंडा, उसके साथी सचिन बरगुंडा व राज बगानिया ने एएसआई से गालीगलौज करते हुए कहा कि "तू हमारे ढाबे में कैसे चेक करने आ गया।"   सरिया से हमला इसी दौरान ढाबे के अंदर से सुरेश सरिया निकालकर मारपीट करते हुए बोला, "पुलिस वाले बहुत परेशान कर रहे हैं, आज सरदार को बता दो फिर कोई पुलिस वाला इधर नहीं आयेगा" तीनों नेहमला कर दिया। सचिन ने एएसआई की पगडी खींचकर जमीन पर गिरा दी व उन्हें जमीन पर पटक दिया। कांच की बरनी भी मारी सचिन ने दुकान में रखी कांच की बरनी उठाकर एएसआई के ऊपर मारी जिससे वो बच गए। लात, घूंसों व लोहे के सरिये से मारपीट की गई। चालक सोलंकी बीचबचाव करने आया तो उसे भी आरोपित मारने दौड़े। हमले में एएसआई के दोनों पैर, पीठ में व चेहरे पर चोट आई है, जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। recent visitors 90

सैयद शुजा नाम के शख्स ने दावा किया था कि ईवीएम की फ्रीक्वेंसी से छेड़छाड़ कर उसे हैक किया जा सकता है, बुरा फसा

नई दिल्ली मतदान में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हैक करने का दावा कर रहे शख्स पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सैयद शुजा नाम के शख्स ने दावा किया था कि ईवीएम की फ्रीक्वेंसी से छेड़छाड़ कर उसे हैक किया जा सकता है। निर्वाचन अधिकारियों ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी सैयद शुजा द्वारा किया गया दावा झूठा और निराधार है। अधिकारी ने बताया कि 30 नवंबर को दक्षिण मुंबई के साइबर थाने में बीएनएस और आईटी ऐक्ट के तहत ‘इस वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के खिलाफ’ प्राथमिकी दर्ज की गई। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति को यह दावा करते सुना जा सकता है कि वह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ईवीएम की ‘फ्रीक्वेंसी’ से छेड़छाड़ कर उसे (ईवीएम को) हैक कर सकता है, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने यह कार्रवाई की। निर्वाचन आयोग ने 2019 में भी इसी तरह का दावा करने के लिए शुजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘झूठे दावों से जुड़ी इसी तरह की एक घटना में आयोग के निर्देश पर 2019 में दिल्ली में इसी व्यक्ति (शुजा) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो किसी अन्य देश में छिपा हुआ है।’ आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और मुंबई पुलिस मामले की सक्रियता से जांच कर रही है तथा इस तरह की ‘दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों’ में संलिप्त ऐसे व्यक्तियों के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति की पहचान व गिरफ्तार करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। अधिकारी ने बताया कि इस तरह की हरकतें एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आयोग ने कहा है कि ईवीएम ऐसी मशीन है जिसे ‘वाई-फाई’ या ‘ब्लूटूथ’ सहित किसी भी नेटवर्क से नहीं जोड़ा जा सकता। इसने इस बात पर भी जोर दिया है कि ईवीएम के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। उच्चतम न्यायालय ने भी ईवीएम पर अपना भरोसा जताया है। recent visitors 75

संभल हादसे का जिक्र कर महबूबा बोलीं- हमारी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय हर मस्जिद में मंदिर ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं

श्रीनगर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रविवार को संभल हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह लोग हमारी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय हर मस्जिद में मंदिर ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। संभल हादसे का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, “जिन लोगों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं था, उन्हें भी अपनी जान गंवानी पड़ी। यह लोग किसी से बात नहीं करना चाहते हैं। जो कोई भी इनसे बात करने की कोशिश करता है, उसे सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है, जैसे उमर खालिद को जेल में डाल दिया गया। वो चार सालों जेल में है। आज कल कहीं पर जनता की बात नहीं सुनी जा रही है।” अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर भी महबूबा मुफ्ती ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम सभी धर्मों के लोग जाते हैं। अजमेर शरीफ भाई चारा और गंगा जमुनी तहजीब की निशानी है। अगर किसी को भारत में गंगा जमुनी तहजीब की निशानी देखनी है, तो उसे अजमेर शरीफ जाना चाहिए, वहां उसे भाईचारे का प्रतीक देखने को मिलेगा। आपको वहां पर देखने को मिलेगा कि कैसे हमारी हिंदू-बहनें और मां अपना सिर झुकाती हैं और मन्नते मानती हैं। वहां पर आपको हिंदू, मुस्लिम और सिख सभी धर्मों के लोग देखने को मिलेंगे। लेकिन, अब यह लोग इसके पीछे भी पड़ चुके हैं। यह दावा कर रहे हैं कि अब इसे भी खोदो। क्या पता यहां भी मंदिर निकल आए। उन्होंने कहा, “मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि यह सब कब तक चलेगा। अब लोग जाग चुके हैं।” महबूबा ने चुनावी प्रणाली पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात पर आशंका जाहिर की कि चुनाव के दौरान भी विसंगति बरती जाती है, ताकि राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में किया जा सके। जानबूझकर किसी एक प्रदेश को विपक्ष के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि सवाल ना उठाया जा सके। इलेक्शन कमीशन इसे लेकर कोई जवाब नहीं देता है। अगर छह बजे वोटिंग बंद हुई, मतदान अगर 58 फीसद था, तो तीन घंटे बाद वो 68 कैसे हो गया? और काउंटिंग से पहले वो 70 फीसद कैसे हो गया। मुझे लगता है कि लोगों को जागना पड़ेगा। इस बीच, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले का जिक्र कर कहा कि वहां हमारे हिंदू भाइयों के साथ ज्यादती हो रही है और यहां पर भी हम अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार कर रहे हैं, तो हममें और उनमें फर्क रहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि अगर हम भारत में अल्पसंख्यकों को परेशान करेंगे। उनकी मस्जिदों में जाकर मंदिर ढूंढेंगे तो ऐसी स्थिति में बांग्लादेश और हमारे बीच में क्या फर्क रह जाएगा। बांग्लादेश में भी तो लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके धार्मिक स्थलों पर हमला किया जा रहा है। बांग्लादेश में जिन लोगों ने हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें वहां जेल में दिया गया, ठीक उसी प्रकार से यहां पर भी जो लोग अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार के विरुद्ध बोलते हैं, उन्हें भी जेल में दिया जा रहा है। recent visitors 76

मल्लिकार्जुन खड़गे ने महारैली को संबोधित करते हुए कहा- संविधान बचा तो हम सब लोग बचेंगे

नई दिल्ली कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में संविधान की रक्षा के लिए आयोजित महारैली को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर संविधान को बचाने की बात कही है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि आज ऐतिहासिक समय है। जब हम लोगों को किसी चीज को हासिल करना है तो एकता होनी बहुत जरूरी है। जब तक एकता नहीं आएगी, तब तक आप लोग कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर हम टुकड़े टुकड़ों में बाटेंगे और कन्याकुमारी से कश्मीर तक एक नहीं होंगे, तब तक हम कोई चीज हासिल नहीं कर सकते। आपका एक संगठन नहीं, देश के सभी संगठन चाहते हैं कि इस देश में संविधान को बचाना चाहिए। संविधान बचा तो हम सब लोग बचेंगे। इसलिए हमको एक रहकर इस संविधान को बचाना होगा और हर पार्टी के लोग अपने-अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। उसके साथ ही हमको लोकतंत्र को भी बचाना है। लोकतंत्र नहीं बचेगा तो आपकी हिस्सेदारी नहीं बढ़ेगी। संविधान बाबा साहेब अंबेडकर की देन है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1922 में एक कांग्रेस के अधिवेशन में रेज्युलेशन पास किया था। उन्होंने आजादी के बाद हम सभी लोगों को वयस्क मताधिकार देंगे, उस वक्त ब्रिटिश के जमाने में सिर्फ चंद लोग वोटर्स थे। recent visitors 69

न्यायिक आयोग की टीम ने कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिद के पास कोट गर्वी इलाके में हिंसा प्रभावित इलाकों का किया दौरा

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले महीने शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग के दो सदस्यों ने रविवार को मस्जिद सहित शहर के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। आयोग के प्रमुख एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन ने कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिद के पास कोट गर्वी इलाके में हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। आयोग के तीसरे सदस्य, पूर्व आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद रविवार के दौरे के दौरान मौजूद नहीं थे। 24 नवंबर को हुई थी हिंसा आयोग के सदस्यों ने हालांकि सुबह के दौरे के दौरान मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। उनके साथ मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुनिराज, संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार भी थे। मंडलायुक्त ने शनिवार को बताया था कि अरोड़ा और जैन एक दिन पहले ही मुरादाबाद पहुंच गए थे, जबकि प्रसाद के संभल में उनके साथ शामिल होने की उम्मीद थी। संभल में 24 नवंबर को अदालत के आदेश पर मुगलकालीन शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी और अनेक अन्य घायल हो गए थे। सर्वेक्षण का आदेश एक याचिका पर दिया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद स्थल पर कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था। 'जांच पूरी तरह से घटनाओं की तह तक पहुंचेगी' आयोग को दो महीने के भीतर अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इस समय सीमा को बढ़ाने के लिए सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी। आयोग इस बात की जांच करेगा कि क्या पिछली 24 नवंबर को हुई हिंसक झड़पें स्वतःस्फूर्त थी या किसी सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा थीं। साथ ही स्थिति को संभालने में पुलिस और प्रशासन की तैयारियों की भी जांच होगी। आयोग हिंसा के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का भी विश्लेषण करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की सिफारिश करेगा। आयोग के सदस्य जैन ने कहा कि यह जांच पूरी तरह से घटनाओं की तह तक पहुंचेगी।  recent visitors 109

कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली भारत सरकार ने भीड़-भाड़ और अति-पर्यटन को नियंत्रित करने के लिए पूर्वोत्तर भारत के छह राज्यों में आठ कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। इसके लिए करीब 800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और त्रिपुरा में फैली हुई हैं। परियोजनाओं की मंजूरी और धनराशि इन परियोजनाओं को वित्तीय विभाग (डीओई) द्वारा मंजूरी दी गई है। विभाग ने पहली किस्त के तौर पर 66% धनराशि जारी की है जो संबंधित राज्यों को सीधे मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक पर्यटन मंत्रालय इन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करेगा। राज्यों को मार्च 2026 तक इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय दिया गया है। इन परियोजनाओं में कुछ प्रमुख स्थानों का नाम इस प्रकार है: – सिक्किम: नाथुला सीमा अनुभव (97.37 करोड़ रुपये) – त्रिपुरा: गोमती में 51 शक्ति पीठ पार्क (97.7 करोड़ रुपये) – मणिपुर: लोकटक झील का अनुभव (89.48 करोड़ रुपये) – मेघालय: शिलांग में उमियाम झील (99.27 करोड़ रुपये) – असम: गुवाहाटी में असम राज्य चिड़ियाघर (97.12 करोड़ रुपये) – अरुणाचल प्रदेश: पासीघाट में सियांग इको-रिट्रीट (46.48 करोड़ रुपये) केंद्रीय पर्यटन मंत्री की टिप्पणी केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ये परियोजनाएं भारत भर में पर्यटकों के संतुलित वितरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही हैं। इन परियोजनाओं का कुल खर्च करीब 3,295 करोड़ रुपये होगा और ये देश के 23 राज्यों में फैली हुई हैं। द्वितीयक और स्थायी पर्यटन विकास पर्यटन मंत्रालय ने इन परियोजनाओं के लिए विशेष एसएएससीआई (विशेष सहायता पूंजी निवेश) दिशानिर्देश जारी किए हैं जिससे राज्यों को स्थायी और प्रभावशाली पर्यटन स्थलों को विकसित करने का मार्गदर्शन मिलेगा। मंत्रालय का उद्देश्य कम-ज्ञात स्थलों को बढ़ावा देना है ताकि इन स्थानों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के माध्यम से इनकी पर्यटन संभावनाओं को बढ़ाया जा सके। नए निवेश और रोजगार के अवसर मंत्रालय ने राज्य सरकारों को सार्वजनिक-निजी निवेश के अवसर तलाशने के लिए भी प्रेरित किया है जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। भूमि संबंधित परियोजनाओं के लिए राज्य सरकारों द्वारा प्रदान की जाएगी। इस प्रकार इन परियोजनाओं से स्थानीय विकास, नौकरी के अवसर और सतत पर्यटन की दिशा में मदद मिलेगी। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की टिप्पणी अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हाल ही में आईटीएम (इंटरनेशनल टूरिज़म मार्ट) में कहा कि राज्य में पिछले दशक में पर्यटकों की संख्या में 205% की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने बताया कि तिब्बत की सीमा से लगे गांवों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सेना मिलकर काम कर रही है। recent visitors 92

केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक श्रीमहाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान दोपहर श्रीमहाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन कर पूजन-अभिषेक किया। पूजन अभिषेक पं.श्री राजेश पुजारी, श्री राम पुजारी और श्री आकाश पुजारी द्वारा सम्पन्न कराया गया। केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक दर्शन-पूजन के बाद नंदीमंडपम् में ध्यान एवं पूजन किया। श्रीमहाकालेश्वर मंदिर की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा को स्मृति-चिन्ह, दुपट्टा और प्रसाद भेटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं सांसद श्री वी.डी. शर्मा को मंदिर समिति की ओर से कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने स्मृति-चिन्ह, दुपट्टा और प्रसाद भेंटकर सम्मान किया। इस अवसर पर उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, डॉ. चिंतामणि मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, प्रशासक श्री गणेश कुमार धाकड़ सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।   recent visitors 61