किसानों को बड़ी सौगात: गेहूं खरीदी पर मिलेगा 150 रुपए का फायदा, जानें इस बार कितनी है MSP।

Big gift to farmers: You will get a benefit of Rs 150 on wheat purchase, know what is the MSP this time. भोपाल। केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। दरअसल, अब गेहूं खरीदी पर 150 रुपए का फायदा होगा। भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए गेहूं खरीदी का न्यूनतम मूल्य निर्धारित कर दिया है। इस बार 150 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जो पिछले साल की तुलना में 150 रुपए ज्यादा है। पिछले साल सरकार ने 2275 में गेहूं खरीदा था, लेकिन इस बार 150 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। गेहूं उपार्जन के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही भारत सरकार की ओर से निर्धारित एफएक्यू् मापदण्ड के गेहूं उपार्जन के लिए केंद्रों पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग व्यवस्था की जाएगी। गेहूं की गुणवत्ता के परीक्षण के लिये सर्वेयर को सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश में बीते वर्ष 6 लाख 16 हजार किसानों ने 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। गेहूं उपार्जन के लिये किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के शीघ्र भुगतान के लिये 2199 उपार्जन केंद्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए। शेष 1495 उपार्जन केंद्र समिति स्तर पर स्थापित किए गए। किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी। recent visitors 270

गिलगित-बाल्टिस्तान में बड़ा हादसा, दूल्हा-दुल्हन समेत 26 लोगों की मौत

   गिलगित-बाल्टिस्तान दुनियाभर में अक्सर ही रोड एक्सीडेंट्स के मामले देखने को मिलते हैं। वैसे तो हर देश में रोड सेफ्टी बेहद ही अहम है, पर अक्सर ही लोगों की लापरवाही या दूसरे कारणों से रोड सेफ्टी में चूक हो जाती है और इसी वजह से रोड एक्सीडेंट्स के मामले सामने आते हैं। ऐसा ही एक हादसा मंगलवार को पाकिस्तान (Pakistan) में हुआ। पाकिस्तान में मंगलवार को एक बस भीषण हादसे का शिकार हो गई। यह बस एक्सीडेंट गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit Baltistan) के डायमेर (Diamer) जिले में यात्रियों से भरी एक बस के साथ हुआ, जब बस सिंधु नदी (Indus River) में गिर गई। बस में सवार लोग गिलगित-बाल्टिस्तान प्रांत के अस्तोर (Astore) जिले से पंजाब (Punjab) के चकवाल (Chakwal) जिले में होने वाली एक शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे। 26 लोगों की हुई मौत पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान में डायमेर जिले में मंगलवार को शादी में शामिल होने के लिए जा रहे यात्रियों से भरी बस के सिंधु नदी में गिरने से पहले 16 लोगों की मौत हो गई। बस में सवार अन्य यात्रियों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन अब मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 26 हो गया है। मरने वालों में दूल्हा और दुल्हन भी शामिल हैं। मरने वालों में 12 लोगों की तलाश अभी भी जारी है, लेकिन उन्हें मृत मान लिया गया है। किस वजह से हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार ओवरस्पीडिंग की वजह से यह बस एक्सीडेंट हुआ। बस काफी तेज़ रफ्तार से जा रही थी और इस वजह से उसका कंट्रोल छूट गया और वो नदी में गिर गई। ड्राइवर ने बस को संभालने की काफी कोशिश की, लेकिन वह हादसे को टाल नहीं सका। बस तेज रफ्तार से चलाने के चलते हुआ हादसा अधिकारियों के अनुसार हादसा बस को तेज रफ्तार से चलाने के चलते हुआ। ड्राइवर ने बस पर से नियंत्रण खो दिया था। बस पाकिस्तान के चकवाल जिले की ओर जा रही एक शादी जुलूस का हिस्सा थी। वह डायमर जिले की सीमा पर तेलची पुल से नदी में गिर गई। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने जताया शोक हादसे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने बचावकर्मियों से लापता यात्रियों को ढूंढने के प्रयास तेज करने के लिए कहा। बता दें कि खराब बुनियादी ढांचे और यातायात कानूनों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पाकिस्तान में सड़क दुर्घटनाएं आम बात हैं। यहां अगस्त में दो अलग-अलग बस हादसों में 36 लोग मारे गए थे और दर्जनों अन्य घायल हो गए थे। recent visitors 175

उत्तर प्रदेश ATS में तैनात महिला के साथ दबंगों ने की छेड़छाड़, पहले कपड़े फाड़े फिर जान से मारने की दी धमकी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में महिला सिपाही के साथ छेड़खानी और मारपीट की सनसनीखेज घटना सामने आई है. आरोप है कि इलाके के कुछ दबंगों ने सिपाही के घर में घुसकर उसके और पति के साथ बुरी तरह मारपीट की है. यहां तक कि सिपाही का कपड़ा तक फाड़ डाला है. इसके बाद उन दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला सिपाही और उसका पति यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) में तैनात हैं. 11 नवंबर को इलाके का एक दबंग अंकित यादव अपने कुछ साथियों के साथ उनके घर में घुस गया. महिला को गाली देते हुए मारपीट करने लगा. बीच-बचाव करने आए पति को भी उन्होंने जमकर पीटा. इसके बाद आरोपी ने सिपाही के साथ छेड़खानी करते हुए कपड़े फाड़ डाले. इसी बीच कॉलोनी के लोगों के आने के बाद वो लोग घर से बाहर निकले. इस बीच पीड़ित दंपत्ति ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करने की कोशिश भी की, लेकिन दबंग उनके दरवाजे पर बैठे रहे. उन्हें जान से मारने की धमकी देते रहे. उनके जाने के बाद पीड़ित कृष्णानगर थाने पहुंचे. उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2), 352, 351 (2), 191 (2), 74 और 332 (सी) के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही है. बताते चलें कि इसी साल अप्रैल में लखनऊ में ही एक महिला सिपाही के साथ छेड़खानी की घटना सामने आई थी. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इससे पहले लोगों ने उनकी जबरदस्त पिटाई भी की थी. आरोपी युवक महिला सिपाही का ड्यूटी से घर लौटते समय पीछा कर रहे थे और अश्लील इशारे कर रहे थे. विरोध करने पर महिला सिपाही को धमकाते हुए भाग रहे थे. लेकिन शोर मचाने पर राहगीरों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया. इसके बाद उनकी जबरदस्त धुनाई कर दी. लखनऊ के बाजार खाला थाना थाने में तैनात महिला सिपाही रात में सिविल ड्रेस में स्कूटी से राजाजीपुरम स्थित अपने घर जा रही थी. इस दौरान एमआईएस चौराहे के पास बाइक सवार दो युवकों ने उस पर अश्लील कमेंट पास करना शुरू कर दिया. महिला द्वारा खुद को सिपाही बताने के बाद भी उन्होंने अपनी हरकत जारी रखी और धमकाते हुए भागने लगे. महिला सिपाही ने भी शोर मचाते हुए उनका पीछा शुरू कर दिया.   recent visitors 85

उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ-2028 के शांति एवं गरिमापूर्ण आयोजन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की तैयारियां गति पकड़ रही

उज्जैन उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ-2028 के शांति एवं गरिमापूर्ण आयोजन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की तैयारियां गति पकड़ रही हैं। पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना ने बुधवार 13 नवंबर को पुलिस मुख्यालय भोपाल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वृहद बैठक कर कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उज्जैन आईजी तथा एसपी भी उपस्थित रहे। बैठक में विशेष रूप से सरबजीत सिंह सेवानिवृत्‍त विशेष पुलिस महानिदेशक जो सिंहस्‍थ-2004 में आईजी उज्‍जैन तथा सिंहस्‍थ 2016 में विशेष पुलिस महानिदेशक इंटेलीजेंस के पद पर रहे तथा उपेन्‍द्र जैन विशेष पुलिस महानिदेशक जो सिंहस्‍थ- 2004 में उज्‍जैन एसपी रहे और मनोहर वर्मा सेवानिवृत्‍त आईपीएस जो सिंहस्‍थ-2016 में एसपी उज्‍जैन रहे, ने अपने अनुभव साझा किए। डीजीपी सक्सेना ने कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ – 2028 विश्व का सबसे वृहद धार्मिक – सांस्कृतिक आयोजन होगा। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों का आगमन इस दौरान होगा। अतः सुव्‍यवस्थित यातायात और सुरक्षा के इंतजाम भी इसके अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि क्राउड कंट्रोल और क्राउड मैनेजमेंट सिस्‍टम बहुत ही सुदृढ़ होना चाहिए। क्राइम कंट्रोल, एंटी नेशनल एलिमेंट कंट्रोल तथा टेरेरिस्‍ट गतिविधियों पर सजग निगाहें रखना जरूरी है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में लगे सभी व्यक्तियों की परस्पर संचार व्यवस्था तथा अन्य विभागों से भी अच्छा सम्पर्क और समन्‍वय होना अत्यावश्यक है। ड्रोन कैमरों तथा सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था और 24×7 मॉनीटरिंग हेतु डेडिकेटेड कार्मिक होना बहुत जरुरी है। डीजीपी सक्‍सेना ने बैठक में इन बिंदुओं पर विस्‍तार से चर्चा की। सुरक्षा व्यवस्था इस बार सिंहस्थ में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। मेले की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, और फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाए। साथ ही, मेला क्षेत्र में मोबाइल पुलिस चौकियाँ स्थापित की जाएं। पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे पुलिस गश्त रहेगी और एंटी-टेरर स्क्वॉड तथा बम निरोधक दस्ते को भी तैनात किया जाए। विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष दल तैनात किए जाएं। पुलिस और अन्य विभागों के बीच निर्बाध संचार सुनिश्चित करने के लिए एडवांस वायरलेस सिस्टम और कमांड सेंटर का उपयोग किया जाए। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए QRT, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें हर समय तैयार रखें। डीजीपी ने कहा कि बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। इनके लिए विशेष सहायता केंद्र और मेला क्षेत्र में नजदीकी पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सिंहस्थ मेला क्षेत्र को विभिन्न ज़ोन और सेक्टर में विभाजित किया जाए। प्रत्येक सेक्टर में एक प्रभारी अधिकारी तैनात होगा, जो सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा। ट्रैफिक व्यवस्था इस बार ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न रूट प्लान बनाए जाएं। उज्‍जैन के नजदीकी जिलों को भी ट्रेफिक प्‍लान में सम्मिलित कर विस्‍तृत प्‍लान बनाएं। मेला क्षेत्र में वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सिटी बसों के साथ-साथ ई-रिक्शा की भी व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए मुख्य मार्गों पर सूचना केंद्र बनाए जाएंगे और रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन भी उपलब्ध कराया जाना प्रस्‍तावित है। उज्‍जैन के बाहरी क्षेत्रों में भी रेलवे स्‍टेशन तथा नजदीकी जिलों में भी व्‍यापक व्‍यवस्‍थाओं पर चर्चा की गई। विशेष प्रबंध पुलिस प्रशासन इस बार सिंहस्थ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगा, जो 24×7 सक्रिय रहेगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पडेस्क और बाल सुरक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई जाए। इसके अलावा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों को भी शामिल किया जाए। बैठक में उपस्थित सभी अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशकों ने अपनी-अपनी शाखाओं की सिंहस्‍थ की तैयारियों के संबंध में विस्‍तार से जानकारी दी। डीजीपी ने कहा कि उज्‍जैन पुलिस से समन्‍वय कर सभी शाखाएं अपनी विस्‍तृत कार्ययोजना बनाकर 15 दिवस में प्रस्‍तुत करना सुनिश्चित करें। हर ब्रांच अपना दायित्‍व, मेनपॉवर, ट्रेनिंग, परमानेंट स्‍ट्रक्‍चर, टेम्‍प्रेरी स्‍ट्रक्‍चर, उपकरण, वाहन तथा वर्तमान में संसाधनों की उपलब्‍धता और आवश्‍यकतानुसार बजट की मांग अपनी कार्ययोजना में सम्मिलित करें। पूर्व में उज्‍जैन सिंहस्‍थ महाकुंभ के दौरान कार्यरत् रहे सेवानिवृत्‍त आईपीएस सरबजीत सिंह ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि क्राउड मूवमेंट का विशेष ध्‍यान रखें। साथ ही टेली कम्‍यूनिकेशन में लेटेस्‍ट टेक्‍नोलॉजी का प्रयोग सुनिश्चित करना आवश्‍यक है। स्‍पेशल डीजी उपेन्‍द्र जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सभी विभागों से पुलिस का अच्‍छा समन्‍वय होना कार्य को आसान बना देता है एवं से.नि. आईपीएस मनोहर वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्‍नान घाट तकनीकी रूप से अच्‍छी प्‍लानिंग के अनुसार बनें तथा ट्रेफिक एवं महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए उज्‍जैन के पड़ोसी जिलों को भी कार्य योजना में शामिल किया जाए।     recent visitors 118

कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम में राज्य शूटिंग (शॉटगन) अकादमी की कु. मानसी

भोपाल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी शूटिंग चौम्पियनशिप 9 से 13 नवंबर 2024 का आयोजन दिल्ली में किया गया। इस चौम्पियनशिप के स्कीट इवेन्ट में भारत को कांस्य पदक प्राप्त हुआ। कांस्य पदक प्राप्त करने वाली 3 सदस्यीय भारतीय टीम में म.प्र. राज्य शूटिंग (शॉटगन) अकादमी की खिलाड़ी कु. मानसी रघुवंशी और कु. वंशिका तिवारी शामिल थी। तीसरी खिलाड़ी कु. यशस्वनी राठौर राजस्थान की खिलाड़ी है। प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक इटली की टीम को और रजत पदक स्लोवाकिया की टीम को मिला। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने चैम्पियनशिप में कांस्य पदक प्राप्त करने वाली भारतीय टीम को शुभकामनाएं दी है। म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी के कुल 04 खिलाड़ियों ने विश्व यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 में प्रतिभागिता की थी। सभी खिलाड़ियों ने पदक अर्जित किये है। यह विश्व शूटिंग चौम्पियनशिप में म.प्र.राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ियों का यह चौथा पदक है। प्रतियोगिता में 4-4 पदक अर्जित करने पर खेल मंत्री सारंग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि यह परिणाम विभाग द्वारा दिये जा रहे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और उनकी कड़ी मेहनत का प्रतिफल है। उन्होंने उम्मीद जताई हमारे खिलाड़ी इसी तरह विश्व स्तर पर प्रदेश और देश को गौरवान्वित करते रहेंगें। विश्व यूनिवर्सिटी गेम्स में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा 04 पदक प्राप्त किये गये। ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने 50 मी 3 पोजीशन राईफल इवेन्ट की व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक और टीम इवेन्ट स्वर्ण पदक, कु. नीरू ढांडा ने महिला स्कीट व्यक्तिगत इवेन्ट में रजत पदक तथा कु. मानसी एवं वंशिका ने महिला स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक प्राप्त किया। खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक सहित कुल 4 पदक प्राप्त किये।   recent visitors 168

तिलक वर्मा की बदौलत भारत का विजय ‘तिलक’, T20I में बने कई रिकॉर्ड

सेंचुरियन सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने धमाल कर दिया है. टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मैच में 11 रनों से शानदार जीत दर्ज की. यह मुकाबला  सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 220 रनों का टारगेट दिया. तिलक वर्मा ने तूफानी अंदाज में शतक जमाया. जवाब में अफ्रीकी टीम ने 7 विकेट गंवाकर 208 रन ही बना सकी और मैच गंवा दिया. इस तरह भारतीय टीम ने सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली है. अब आखिरी मुकाबला शुक्रवार (15 नवंबर) को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा. जानसेन ने 16 गेंदों पर जमाई फास्टेस्ट फिफ्टी अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने 17 गेंदों पर सबसे ज्यादा 54 रनों की पारी खेली. जानसेन 16 गेंदों पर सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले अफ्रीका के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं. अफ्रीका के लिए सबसे तेज फिफ्टी क्विंटन डिकॉक ने 15 गेंदों पर जमाई थी. यह फिफ्टी वेस्टइंडीज के खिलाफ मार्च 2023 में सेंचुरियन में ही आई थी. मौजूदा मैच में हेनरिक क्लासेन ने 22 गेंदों पर 41 रन बनाए. भारतीय टीम की ओर से सभी ने दमदार गेंदबाजी की. अर्शदीप सिंह ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए. जबकि हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने 1-1 सफलता हासिल की. वरुण ने 4 ओवर में 54 और पंड्या ने 50 रन लुटाए. तिलक ने शतक जड़कर रच दिया इतिहास मैच में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी. टीम ने मैच की दूसरी बॉल पर पहला विकेट गंवाया था. संजू सैमसन बगैर खाता खोले आउट हुए. इसके बाद अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने टीम को संभाला और 52 गेंदों पर 107 रनों की दमदार पार्टनरशिप कर टीम को मुश्किल से निकाला. अभिषेक ने 24 गेंदों पर फिफ्टी जमाई. वो ठीक अगली बॉल पर 50 रन बनाकर केशव महाराज का शिकार बने. इसके बाद तिलक वर्मा ने 32 गेंदों पर फिफ्टी जमाई. फिर तिलक ने गैर बदला और धांसू अंदाज में बैटिंग करते हुए अपने इंटरनेशनल करियर का पहला शतक भी जमा दिया. उन्होंने यह सेंचुरी 51 गेंदों पर जमाई. तिलक टी20 में शतक जड़ने वाले सबसे युवा प्लेयर बन गए हैं. 22 साल के तिलक ने 56 गेंदों पर नाबाद 107 रनों की पारी खेली. अपनी पारी में उन्होंने 7 छक्के और 8 चौके जड़े. डेब्यू मैच खेल रहे रमनदीप सिंह 6 गेंदों पर 15 रन बनाकर रनआउट हुए. इसके बदौलत भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 219 रन बनाए. अफ्रीका के लिए केशव महाराज और एंडिले सिमेलाने ने 2-2 विकेट लिए. वहीं अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने 17 गेंदों पर सबसे ज्यादा 54 रनों की पारी खेली. जानसेन 16 गेंदों पर सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले अफ्रीका के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं. अफ्रीका के लिए सबसे तेज फिफ्टी क्विंटन डिकॉक ने 15 गेंदों पर जमाई थी. यह फिफ्टी वेस्टइंडीज के खिलाफ मार्च 2023 में सेंचुरियन में ही आई थी. मौजूदा मैच में हेनरिक क्लासेन ने 22 गेंदों पर 41 रन बनाए. भारतीय टीम की ओर से अर्शदीप सिंह ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए. जबकि हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने 1-1 सफलता हासिल की. वरुण ने 4 ओवर में 54 तो पंड्या ने 50 रन लुटवा दिए.  'प्लेयर ऑफ द मैच' तिलक ने अपनी इस पारी को लेकर कहा कि वह काफी समय से शतक का इंतजार कर रहे थे. उन्होंने कहा- इंजरी से वापसी करने के बाद यह यह शानदार अहसास है. उन्होंने विकेट डबल पेस वाला था और शुरुआत में चुनौतीपूर्ण था. हालांकि कुछ समय बाद यह ठीक हो गया.  भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी  यशस्वी जायसवाल – 21 वर्ष, 279 दिन, एश‍ियन गेम्स, 2023 में नेपाल के विरुद्ध तिलक वर्मा – 22 वर्ष, 2024 में सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध शुभमन गिल – 23 वर्ष, 146 दिन, 2023 में अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के विरुद्ध सुरेश रैना – 23 वर्ष, 156 दिन, साउथ अफ्रीका के विरुद्ध वेस्टइंडीज में 2010 में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे तेज टी20आई अर्धशतक (गेंदों का सामना) 15 क्विंटन डी कॉक बनाम वेस्टइंडीज सेंचुरियन 2023 16 मार्को जानसेन बनाम भारत सेंचुरियन 2024 17 क्विंटन डी कॉक बनाम इंग्लैंड डरबन 2020 19 ट्रिस्टन स्टब्स बनाम इंग्लैंड ब्रिस्टल 2022 भारत के खिलाफ सबसे तेज टी20आई अर्धशतक (गेंदों का सामना) 16 मार्को जानसेन सेंचुरियन 2024 19 कैमरून ग्रीन हैदराबाद 2022 20 जॉनसन चार्ल्स लॉडरहिल 2016 20 दासुन शनाका पुणे 2023 द्विपक्षीय टी20आई सीरीज में भारत के लिए सबसे ज़्यादा विकेट 10 वरुण चक्रवर्ती बनाम साउथ अफ्रीका 2024 (3*) 9 रव‍िचंद्रन अश्विन बनाम श्रीलंका 2016 (3 मैच) 9 रवि बिश्नोई बनाम ऑस्ट्रेलिया 2023 (5) recent visitors 141

सीमा पर बनी हुई सुरक्षा चुनौतियों के बीच रक्षा मंत्रालय निगरानी हेलिकॉप्टर की खरीदी करेगा

नई दिल्ली देश की उत्तरी और पश्चिमी सीमा पर बनी हुई सुरक्षा चुनौतियों के बीच रक्षा मंत्रालय द्वारा सेना के लिए निगरानी हेलिकॉप्टर और सभी परिस्थितियों में कारगार वाहन (एटीवी) की खरीद की जाएगी। इस बाबत सूचना के लिए अनुरोध (आरएफआई) जारी किया गया है। जिसके मुताबिक उक्त रक्षा सामग्री की खरीद मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रमों के जरिए की जाएगी। साथ ही इसमें वर्ष 2020 में बनाई गई रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीएपी) के दूसरे अध्याय की श्रेणियों की भी अहम भूमिका होगी। आरएफआई निकालने के पीछे उत्पाद सेवा से जुड़ी गुणवत्ता जरूरतों को अंतिम रूप देना है।  जिसके जरिए खरीद की श्रेणी और चिन्हित भारतीय खरीदार के बारे में अंतिम निर्णय किया जाएगा। जो कि समझौते के दो वर्ष के अंदर इन सैन्य उत्पादों को अन्य जरूरी चीजों के साथ बल को सौंप देंगे। आरएफआई में इस निगरानी हेलिकॉप्टर के प्रयोग से जुड़े हुए भौगोलिक माहौल का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि इसे देश की पश्चिमी सीमा पर मैदान और मरुस्थली इलाके में प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा करीब 4 हजार 500 मीटर के पहाड़ी क्षेत्र में भी यह कारगर साबित होगा। वहीं, एटीवी सेना के पैदल दस्ते को जरूरत पड़ने पर सीमा पार रणनीतिक गतिविधियों में बेहद सहायक सिद्ध होगा। इसकी मदद से सैन्य अभियानों के दौरान निगरानी, हथियारों की तैनाती के लिए मोबाइल प्लेटफार्म और लॉजिस्टिक पुन:सप्लाई में मदद मिलेगी। इसके अलावा सेना को आकाशतीर परियोजना के जरिए 107 नियंत्रण, रिपोर्टिंग सिस्टम की आपूर्ति की गई है। जबकि बाकी 105 को मार्च 2025 तक सौंपा जाएगा। इसके बाद 2027 के मध्य तक सभी सिस्टम सेना के युद्धक बेड़े में शामिल हो जाएंगे।   recent visitors 78