बैतूल-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित होकर पलटी बस, 28 यात्री घायल

बैतूल बैतूल-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात तेज रफ्तार से जा रही एक यात्री बस बेकाबू होकर पलट गई। भौंरा धपाड़ा के पास हुए इस हादसे में बस में सवार 28 यात्री घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर एवं जिला अस्पताल बैतूल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त बस में सवार सभी यात्री गहरी नींद में सोए हुए थे। जानकारी के अनुसार नागपुर-भोपाल फोरलेन हाईवे पर धपाड़ा जोड़ के पास अनियंत्रित होकर भोपाल ट्रैवल्स की बस बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई। बस नागपुर से भोपाल की ओर जा रही थी। बस में 32 यात्री सवार थे, जिसमें से 28 यात्री घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाने का इंतजाम किया। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर लाया गया, जिसमें से आठ मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया गया है। क्रेन की मदद से हाईवे पर पलटी बस को मार्ग से हटाया गया। recent visitors 75

चार मैच की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज, सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन के पास इतिहास रचने का मौका

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका चार मैच की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानी रविवार, 10 नवंबर को गकबेर्हा के सेंट जॉर्ज पार्क में खेला जाना है। इस मैच में टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन के पास इतिहास रचने का मौका है। सैमसन अगर आज साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 में भी सेंचुरी लगाते हैं तो वह दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बनेंगे जिसने T20I में शतक की हैट्रिक लगाई हो। जी हां, इससे पहले सैमसन साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 में और बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज के आखिरी मुकाबले में शतक ठोक चुके हैं। टी20 क्रिकेट के इतिहास में अभी तक सिर्फ चार ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने बैक टू बैक दो T20I में शतक ठोके हैं। इस सूची में संजू सैमसन के अलावा फ्रांस के गस्टव मैकेन, साउथ अफ्रीका के रिली रोसो और इंग्लैंड के फिल सॉल्ट शामिल हैं, मगर किसी भी बल्लेबाज ने आज तक T20I में शतक की हैट्रिक नहीं लगाई है।   ओपनिंग में चमकी सैमसन की किस्मत 2015 में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले संजू सैमसन नियमित मौके ना मिलने की वजह से कभी टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए। वहीं जब उन्हें मौके मिले तो वह अपनी काबिलियत को साबित नहीं कर पाए। ऐसे में जब नए टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संजू सैमसन को 7 मैचों का आश्वानसन दिया तो इस खिलाड़ी की किस्मत चमक गई। सैमसन ने खुलासा किया कि सूर्यकुमार यादव ने उन्हें दलीप ट्रॉफी के दौरान ही कह दिया था कि अगले 7 मैचों में उन्हें मौका देने वाले हैं, चाहे उनका परफॉर्मेंस कैसा भी हो। बांग्लादेश के खिलाफ पहले दो टी20 में सैमसन कुछ कमाल नहीं दिखा पाए, मगर आखिरी टी20 में उन्होंने शतक ठोक दिया। अब साउथ अफ्रीका दौरा उनके करियर के लिए काफी अहम हो गया है। पहले टी20 में तो उन्होंने शतक ठोक दिया है, अगर अगले तीन में से दो मुकाबलों में वह 50 से अधिक का स्कोर खड़ा करते हैं तो वह ओपनिंग के स्लॉट में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं। recent visitors 128

कॉलेज प्रशासन ने छात्रो से सख्ती से कहा है कि या तो दाढ़ी ट्रिप करनी होगी या फिर क्लीन शेव करनी होगी

कर्नाटक कर्नाटक के एक कॉलेज में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर के छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरन दाढ़ी कटवाई जा रही है। उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने सख्ती से कहा है कि या तो उन्हें दाढ़ी ट्रिप करनी होगी या फिर क्लीन शेव करनी होगी। हसन जिले के सरकारी नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने दावा किया है कि दाढ़ी कटवाए बिना क्लीनिकर एक्टिविटी में उन्हें अनुपस्थित कर दिया जाता है। छात्रों के मुताबिक यहां करीब 24 कश्मीरी छात्र हैं और उनसे कहा गया है कि वह या तो नंबर 1 पर दाढ़ी को ट्रिम करवा लें, या फिर क्लीन शेव कर लें। उन्होंने कहा कि दाढ़ी रखने की वजह से क्लास में उनकी अनुपस्थिति दर्ज हो जाती है और इसलिए उनका अकैडमिक रिकॉर्ड भी खराब हो रहा है। इस मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स असोसिएशन ने करन्टाक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखा और उनसे दखलल की मांग की। पत्र में कहा गया कि इस तरह दाढ़ी कटवाने का दबाव बनाकर छात्रों के सांस्कृतिक और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। इस पत्र में कहा गया. जानकारी के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को दाढ़ी कटवाने का आदेश दिया है। जिन स्टूडेंट्स की दाढ़ी हैं उनकी एब्सेंट लगा दी जाती है। ऐसे में उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि वे किसी खास ग्रुप को टारगेट नहीं कर रहे हैं। कॉलेज के क्लीनिकल इन्सपेक्टर विजय कुमार ने कहा कि निर्देश सभी छात्रों के लिए जारी किए गए हैं। इसमें यहां के स्थानीय छात्र भी शामिल हैं। क्लीनिकल ड्यूटी के लिए हाइजीन मेनटेन रखना जरूरी है और इसलिए ये नियम बनाए गए थे। कॉलेज के बयान में कहा गया था, कॉलेज से निर्देशों के बावजूद छात्र उनका पालन नहीं कर रहे हैं। इस बार सख्त चेतावनी दी जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि कश्मीरी छात्र अकसर क्लास से गायब रहते हैं और धार्मिक प्रार्थनाओं में चले जाते हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के निर्देशों के बाद कॉलेज प्रशासन ने कश्मीरी छात्रों के साथ बैठक की और फिर उन्हें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चलने की छूट दे दी। recent visitors 60

कनाडा के रडार पर ISI एजेंट कियानी, भारत ने नहीं, पाकिस्तान ने कराई निज्जर की हत्या?

नई दिल्ली खालिस्तानी आतंकवादी हदीप सिंह निज्जर की हत्या की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है। इस बीच एक बड़ी बात सामने निकलकर आई है। कनाडा भले ही इस हत्या का आरोप भारत की सरकार पर लगा रहा है, लेकिन इस केस में अब पाकिस्तान का एंगल भी सामने आ चुका है। तारीक कियानी और उनके साथी राहत राव, जो कि ISI एजेंट हैं, दोनों को रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने हदीप सिंह निज्जर की हत्या के संबंध में जांच के घेरे में लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया, "कनाडा में निज्जर के नजदीक जाना हर किसी के लिए संभव नहीं था। राव और कियानी कनाडा में ISI के दो प्रमुख एजेंट हैं। दोनों ही खुफिया एजेंसी के लिए सबसे अधिक सक्रिय हैं। दोनों ही उन आतंकवादियों को भी हैंडल कर रहे हैं जो भारत से कनाडा आए हैं।" पाकिस्तान ने कराई थी हत्या? सूत्रों के अनुसार, कियानी और राव को निज्जर की हत्या का आदेश दिया गया था ताकि ड्रग व्यापार को सीधे उनके द्वारा नियंत्रित किया जा सके। सूत्र ने कहा, "निज्जर समय के साथ शक्तिशाली हो रहा था और कनाडाई समुदाय में उसकी लोकप्रियता बढ़ रही थी। राव, कियानी और पन्नू को शायद इस व्यापार को नियंत्रित करने का काम दिया गया था। यह उनका मुख्य आय स्रोत था। निज्जर का पाकिस्तान के नेताओं से संबंध ISI के लिए एक समस्या बन गया था। इसलिए, शायद व्यापार को फिर से कंट्रोल करने के लिए उन्होंने निज्जर को पहला निशाना बनाया।" कियानी और राव की गतिविधियां अब कनाडा के खुफिया अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन चुकी हैं। ये दोनों कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहे हैं और कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों और आतंकवादियों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। कनाडा में हुई हिंसा के लिए हिंदुओं को ठहराया दोषी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के एजेंट और रिपब्लिक प्लस टीवी के मालिक तारीक कियानी ने कनाडा में दीवाली से पहले हुई हिंसा का बचाव किया है। कियानी ने 3 नवंबर को हुई हिंसा के लिए हिंदुओं को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि सिख शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन हिंदुओं ने ही हालात को बिगाड़ा। इस घटना से जुड़ी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। कियानी ने एक 30 मिनट लंबी वीडियो में यह दावा किया कि हिंसा में सिखों का कोई हाथ नहीं था और यह सब हिंदुओं के कारण हुआ। उन्होंने कहा, "सिखों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन हिंदुओं ने झड़प शुरू की।" एक वीडियो में कियानी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी बयान दिए। सूत्रों ने कहा, "उनका टीवी शो भारत की घरेलू राजनीति में दखल दे रहा है। वह कश्मीर से कन्याकुमारी तक के मुद्दों पर बोलते हैं। यह अनुचित है कि वह एक सत्तारूढ़ सरकार को अपराधी कह रहे हैं। वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बचाव भी कर रहे हैं और साफ तौर पर कनाडा में उनकी मौजूदगी को नकार रहे हैं।" recent visitors 82

कनाडा में मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, हमले का मास्टरमाइंड है आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी है

कनाडा कनाडा में मंदिर पर हमला करने के मामले में चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान ब्राम्पटन के 35 वर्षीय इंदरजीत गोसाल के रूप में हुई है। वह मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड है और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी है। ग्रेटर टोरंटो में हिंदू मंदिर पर हमले का प्लान इंदरजीत ने ही तैयार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश देकर छोड़ भी दिया गया। इससे पहले पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इंदरजीत गोसाल सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का दाहिना हाथ है। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद वही रेफरेंडम से जुड़े काम को देख रहा है। पुलिस ने बताया, गोसाल को 8 नवंबर को गिरफ्तार किया गया है। उसे जमानत पर छोड़ दिया गया है और कहा गया कि तय तारीख पर कोर्ट में हाजिर होना है। बता दें कि 4 नवंबर को खालिस्तानियों ने कनाडा में कई मंदिरों को निशाना बनाया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए कनाडा को कड़ा संदेश दिया था। कनाडा में हिंदुओं पर इस तरह के हमले को लेकर दुनिया के कई देशों ने निंदा की थी। पुलिस ने कहा, घटना की जांच के लिए एक विशेष दल बनाया गया है और इसकी जांच की जा रही है। हमलों के आरोपियों के पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने देश के कुछ नेताओं पर हिंदुओं और सिखों को “जानबूझकर एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने” की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडाई मूल के हिंदू और सिख एक तरफ हैं और खालिस्तानी दूसरी तरफ। आर्य की यह टिप्पणी ब्रैम्पटन के एक मंदिर में हिंदुओं पर हमले की घटना के कुछ दिन बाद आई है। आर्य ने कहा कि कनाडा के कई नेता ब्रैम्पटन की घटना को कनाडाई मूल के हिंदुओं और सिखों के बीच संघर्ष के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के जानबूझकर किए गए कृत्यों और खालिस्तानियों के प्रभाव के कारण कनाडा के लोग अब खालिस्तानियों और सिखों को एक जैसा समझने लगे हैं। खालिस्तानी झंडे लिए प्रदर्शनकारियों की गत तीन नवंबर को ओंटारियो के ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र के ब्रैम्पटन शहर में स्थित हिंदू सभा मंदिर में लोगों के साथ झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर अधिकारियों और भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बाधा डाली थी। ओंटारियो के नेपियन क्षेत्र से सांसद आर्य ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कुछ नेता जानबूझकर इस हमले के लिए खालिस्तानियों को जिम्मेदार ठहराने और उनका जिक्र करने से बच रहे हैं। वे अन्य तत्वों पर दोष मढ़ रहे हैं। वे इसे हिंदुओं और सिखों के बीच एक मुद्दे के रूप में पेश करके कनाडा के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।” आर्य ने कहा, “खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा मंदिर पर किए गए हमले को लेकर नेता हिंदुओं और सिखों को इस तरह से चित्रित कर रहे हैं कि वे एक-दूसरे के खिलाफ हैं। जबकि, यह सच्ची तस्वीर नहीं है। हकीकत में हिंदू-कनाडाई और सिख-कनाडाई एक तरफ हैं और खालिस्तानी दूसरी तरफ।”  recent visitors 61

आयुष्मान धारक मरीज नहीं जायेगे निजी अस्पताल, सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर्स करेंगे इलाज

भोपाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक में आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले अधिकतर रोगियों का उपचार अब वहीं पर हो जाएगा। उन्हें मेडिकल कालेज या दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए राज्य सरकार नीति बना रही है, जिसमें किसी विशेषज्ञता के डाक्टर नहीं होने पर निजी डाक्टर को बुलाया जा सकेगा। अभी यह सुविधा मात्र भर्ती होने वाले मरीजों को मिल पाएगी। बाद में ओपीडी मरीजों के लिए भी इसका विस्तार किया जा सकता है। निजी डाक्टरों को उपचार के बदले प्रति विजिट के हिसाब से राशि दी जाएगी। यह राशि आयुष्मान भारत योजना के पैकेज से उपलब्ध कराई जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल और जिला अस्पतालों के रोगियों को इसका लाभ मिल सकेगा। प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत जनसंख्या आयुष्मान योजना की परिधि में है, जिन्हें इसका लाभ मिल सकेगा। अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी बता दें कि प्रदेश में आधे से अधिक सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी विषय के विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में मरीज को भर्ती ही नहीं किया जाता। उदाहरण के तौर पर हड्डी का डॉक्टर है, लेकिन एनेस्थीसिया का नहीं है तो सर्जरी नहीं हो सकती। अब एनेस्थीसिया का निजी विशेषज्ञ बुलाया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच तरह के विशेषज्ञ होने चाहिए। कई पद हैं रिक्त मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग और एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ मिलाकर कुल 826 पद हैं। इनमें 400 से अधिक रिक्त हैं। सर्जरी के साथ ही कई बीमारियों में एक साथ दो से तीन विषय के विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है, पर एक के भी नहीं होने से मरीज को रेफर करना पड़ जाता है। एक सर्जरी के लिए कई तरह के विशेषज्ञ डाक्टरों की आवश्यकता सभी सीएचसी में सीजर डिलीवरी की सुविधा होनी चाहिए। इसके लिए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होना जरूरी है। किसी एक के भी नहीं होने से सीजर डिलीवरी नहीं हो पाती। स्थिति यह है कि 52 जिला अस्पताल, 161 सिविल अस्पताल और 348 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिलाकर 140 अस्पतालों में ही सीजर डिलीवरी की सुविधा है। देशभर में मप्र की शिशु मृत्युदर सबसे अधिक होने के बाद यह स्थिति है। संसाधन होने के बाद भी विशेषज्ञ नहीं होने से सीजर डिलीवरी नहीं हो पा रही है। recent visitors 81

जिला शिक्षा अधिकारियों ने नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों की जानकारी जुटाने के लिए नोटिस जारी किए

रायपुर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हर्बल प्रोडक्ट्स की नेटवर्क मार्केटिंग (Network Marketing) और चिटफंड व्यवसाय (Chit Fund Business) से जुड़े फ्रॉड (Fraud) को लेकर सरकार सख्ती दिखा रही है. इसी मामले में छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग (Education Department) ने एक नोटिस जारी किया है. इसमें साफ तौर पर उन शिक्षकों (CG Teachers) के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही गई है जो इस तरह के मामलों में लिप्त पाए जाएंगे. शिक्षा विभाग की ओर से महासमुंद, बिलाईगढ़ और कोरबा समेत अन्य जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा हर्बल लाइफ और नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों की जानकारी जुटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं. वहीं अब दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी ने नेटवर्क मार्केटिंग और चिटफंड से जुड़े शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गरियाबंद में भी ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. स्कूल टाइम पर कई टीचर मार्केटिंग से जुड़े रहते हैं सूत्रों के मुताबिक गरियाबंद के विभिन्न स्कूलों जैसे बेहराबुड़ा, सढ़ौली, पारागांव, बेन्दकुरा, भिलाई, और आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल आदि में शिक्षकों की संख्या काफी है, जो विद्यालयीन समय में मार्केटिंग कार्यों में जुटे रहते हैं. कई मामलों में पति-पत्नी दोनों एक साथ इस व्यवसाय में जुड़े हुए हैं. व्हाट्सएप पर शिक्षकों से संपर्क करने पर हर्बल प्रोडक्ट्स के प्रचार के संदेश भी देखे गए हैं.   विशेषज्ञों का मानना है कि ये गतिविधियां न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सरकारी सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का भी उल्लंघन कर रही हैं, जो सरकारी कर्मचारियों को अन्य व्यवसायों में संलिप्त होने से रोकता है. अधिकारियों का क्या कहना है? जिला शिक्षा अधिकारी एके सारस्वत ने बताया कि शिक्षकों की सूची मंगवाई जा रही है और जानकारी आने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी. recent visitors 77