यूक्रेन युद्ध के चलते रूस में जनसंख्या संकट और बढ़ा, ‘सेक्स मंत्रालय’ बना जन्म दर बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना होगा

मॉस्को रूस में जनसंख्या घटने की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक बेहद अनोखे कदम पर विचार किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सहयोगी और रूसी संसद की फैमिली प्रोटेक्शन और बाल संरक्षण समिति की अध्यक्ष नीना ओस्तानीना एक 'सेक्स मंत्रालय' स्थापित करने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रही हैं। इस मंत्रालय का उद्देश्य देश की जन्म दर बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना होगा। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब यूक्रेन युद्ध के चलते देश में जनसंख्या संकट और बढ़ गया है। रूसी मैगजीन मोस्कविच के अनुसार, ग्लैवपीआर एजेंसी द्वारा पेश एक याचिका में 'सेक्स मंत्रालय' स्थापित करने का सुझाव दिया गया, जो जन्म दर से जुड़ी योजनाओं का नेतृत्व करेगा। मॉस्को की डिप्टी मेयर अनास्तासिया राकोवा ने जोर देकर कहा कि देश में जनसंख्या वृद्धि बेहद जरूरी है। राकोवा ने बताया कि मॉस्को में महिलाओं की प्रजनन क्षमता का परीक्षण करने के लिए एक विशेष तरीका अपनाया जा रहा है, जिससे महिलाओं को बच्चा पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। अजीबोगरीब प्रस्तावों की हो रही चर्चा जन्म दर बढ़ाने के लिए कई अजीबोगरीब प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। इनमें से एक योजना के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 2 बजे तक इंटरनेट और बिजली बंद करने की बात हो रही है, ताकि लोग इन घंटों में अपने रिश्तों पर ध्यान दें और बच्चे पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके अलावा, प्रस्ताव में गृहिणियों को उनके घरेलू कामों के लिए वेतन देने की बात है, जो उनकी पेंशन में गिना जाएगा। इसके अलावा, पहली डेट के लिए सरकार 5,000 रूबल (लगभग 40 पाउंड) की आर्थिक सहायता भी प्रदान कर सकती है, ताकि जोड़े अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकें। यही नहीं, सरकारी खर्च पर जोड़ों के लिए शादी की रात के होटल में ठहरने की सुविधा भी देने का प्रस्ताव है, जिसकी लागत लगभग 26,300 रूबल (लगभग 208 पाउंड) होगी। विभिन्न क्षेत्रों में भी लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के अलग-अलग उपाय लागू किए जा रहे हैं। खबारोवस्क में, 18 से 23 साल की उम्र की महिला छात्रों को बच्चे पैदा करने पर 900 पाउंड तक की राशि दी जा रही है, जबकि चेल्याबिंस्क में पहली संतान के लिए यह राशि 8,500 पाउंड तक है। जनसंख्या बढ़ाने के लिए निजी जीवन की निगरानी मॉस्को में सरकारी अधिकारी महिलाओं के निजी जीवन की गहराई से जांच कर रहे हैं। महिला पब्लिक सेक्टर कर्मचारियों को उनकी यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े सवालों से भरे विस्तृत प्रश्नावली दिए गए हैं। इस प्रश्नावली में गहरे व्यक्तिगत सवाल पूछे गए हैं, जैसे कि: – आपने यौन सक्रियता कब शुरू की? – क्या आप कंडोम या हार्मोनल गर्भनिरोधक का उपयोग करती हैं? – क्या आपको संभोग के दौरान दर्द या रक्तस्राव का अनुभव होता है? – क्या आप बांझपन का सामना कर चुकी हैं या गर्भधारण हुआ है? अगर हां, तो कितनी बार? – आपके कितने बच्चे हैं, और क्या आप अगले साल में और बच्चे पैदा करने की योजना बना रही हैं? यहां तक कि जिन कर्मचारियों ने इन प्रश्नावली को खाली छोड़ दिया, उन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए बुलाया गया, जहां उनसे ये सवाल प्रत्यक्ष रूप में पूछे गए। इन सभी योजनाओं और पहल के बावजूद, जनसंख्या वृद्धि के लिए इस प्रकार के कदम उठाए जाने से देश में एक अलग प्रकार का सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श शुरू हो गया है। क्या रूस में सेक्स मंत्रालय बनाकर जनसंख्या संकट का समाधान ढूंढा जा सकेगा? यह देखना अभी बाकी है, परंतु इतना तय है कि यह पहल पूरे विश्व में चर्चा का विषय बन चुकी है। recent visitors 229

लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर

आरसीबी को बेहतर बनाने चहल, अश्विन सहित इन खिलाड़ियों को शामिल करें : डिविलियर्स पर्थ में ख्वाजा के जोड़ीदार के तौर पर उतरेंगे मैकस्वीनी : बेली लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर मुंबई दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) में रहे स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने 2025 आईपीएल नीलामी को लेकर अपने सुझाव दिये हैं। डिविलियर्स ने कहा कि टीम को बेहतर बनाने के लिए गेंदबाजी में बदलाव की जरुरत है। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी में युजवेंद्र चहल और आर अश्विन जैसे खिलाड़ियों को खिलाड़ियों को शामिल करना होगा। इसके अलावा तेज गेंदबाज के तौर पर कैगिसा रबाडा और भुवनेश्वर कुमार को भी शामिल किया जाये। डिविलियर्स ने कहा कि आरसीबी को चहल को अपनी टीम में वापस लाना चाहिए।इसके अलावा अश्विन को अपनी टीम से जोड़ना चाहिए। साथ ही कहा कि एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ये दोनों टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। चहल और अश्विन दोनों ही पिछले सत्र में साथ थे। ये दोनों ही राजस्थान रॉयल्स की टीम का हिस्सा थे, जिन्हें इस बार बरकरार नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि रबाडा और भुवनेश्वर को टीम में लाइए। रबाडा, चहल, भुवी और अश्विन मिलकर कमाल कर सकते हैं। अब देखना होगा कि आरसीबी प्रबंधन उनकी सलाह को कितनी गंभीरता से लेता है। इसमें विराट कोहली की भी अहम भूमिका रह सकती है, जो आरसीबी के लिए पहले सत्र से खेल रहे हैं। गौरतलब है किआरसीबी ने आईपीएल के लिए 3 खिलाड़ियों को रीटेन किया है। उसने विराट कोहली को 21 करोड़, रजत पाटीदार को 11 करोड़ और यश दयाल को 5 करोड़ रुपए देकर अपनी टीम के साथ जोड़े रखा है। पर्थ में ख्वाजा के जोड़ीदार के तौर पर उतरेंगे मैकस्वीनी : बेली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ 22 नवंबर से शुरु हो रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारियों में लगी है। इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल ये था कि डेविड वार्नर के संन्यास के कारण पारी की शुरुआत के लिए किये उस्मान ख्वाजा के साथ किसे भेजा जाये क्योंकि स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ पारी की शुरुआत करते हुए असफल रहे हैं। ऐसे में अब एक युवा बल्लेबाज का नाम सामने आया है। माना जा रहा है कि भारतीय टीम के खिलाफ पर्थ में नैथन मैकस्वीनी पारी शुरु करेंगे। मैकस्वीनी अभी ऑस्ट्रेलिया ए टीम के कप्तान हैं। उनके नाम की घोषणा स्वयं मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने की थी। दाएं हाथ के बल्लेबाज मैकस्वीनी पहली बार अपने करियर में पारी शुरु करेंगे। मैकस्वीनी ने इंडिया ए के खिलाफ पहले मैच की दोनों पारियों में अच्छी बल्लेबाजी कर अपने चयन को सही साबित किया है। मैकस्वीनी के साथ मार्कस हैरिस शीर्ष क्रम में होंगे। वहीं 19 वर्षीय सैम कोंस्टास चौथे नंबर पर खिसक गए हैं, इससे अंदाजा होता है कि उनके अंतिम ग्यारह मेंचयन की संभवना कम है जबकि मैकस्वीनी ने पहले मैच में रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। वहीं, कैमरोन बैनक्रॉफ्ट तीसरे नंबर पर बने हुए हैं। मैकस्वीनी को अभी तक ओपनिंग का कोई अधिक अनुभव नहीं है, क्वींसलैंड से दक्षिण ऑस्ट्रेलिया आने के बाद से ही वह तीसरे नंबर प बल्लेबाजी करते रहे हैं। लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर आईपीएल 2025 के लिए ऑक्शन को लेकर सभी 10 फ्रेंचाइजी अपनी तैयारियों और होमवर्क में जुटी हुई है। इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को टीम के साथ जोड़ने का इरादा जताया है। लखनऊ ने आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन से पहले निकोलस पूरन, रवि बिश्नोई, मयंक यादव, मोहसिन खान और आयुष बदौनी को रिटेन किया है। ऑक्शन के लिए इस टीम के पास 69 करोड़ रुपये का पर्स होगा। लैंगर ने फ्रेंचाइजी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “यह सब रणनीति पर निर्भर करता है। लेकिन मैं बस इतना जानता हूं, ‘प्रतिभा तो प्रतिभा ही होती है, और दुनिया में बहुत कम ऑलराउंडर हैं क्योंकि ऐसा करना वाकई बहुत मुश्किल काम है। चाहे वह बल्लेबाजी ऑलराउंडर हो या गेंदबाजी ऑलराउंडर, इसलिए वे हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं।” “यह इस मायने में एक अच्छा सवाल है कि मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विशेषज्ञों का सबसे बड़ा प्रभाव होता है। लेकिन अगर हम मार्कस स्टोइनिस जैसे किसी खिलाड़ी को लेते हैं, तो वह अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ बोनस के तौर पर भी टीम में आ जाता है। हम नीलामी में जितने प्रतिभाशाली खिलाड़ी चुन सकते हैं, उतने चुनने की कोशिश करेंगे क्योंकि प्रतिभा और क्लास ही जीत दिलाती है।” आईपीएल 2025 में लखनऊ के शीर्ष पांच रिटेंशन तय करने के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर लैंगर ने बताया, “यह किसी के लिए भी आश्चर्य की बात नहीं होगी कि हमने रवि बिश्नोई को रिटेन किया। न केवल गेंद से बल्कि वह इस टीम गेम में एक नई जान डालते हैं। हम इस साल उनसे बड़ी उम्मीदें कर रहे हैं। मोहसिन खान भी अच्छा ऑप्शन है और वह बहुत प्रतिभाशाली हैं। अगर वह स्वस्थ और फिट रहते हैं, तो वह एक बेहतरीन गेंदबाज हैं। “एक और नाम है आयुष बदौनी का। मुझे लगता है कि उनमें बहुत प्रतिभा है और वे अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। अगर वह यह प्रदर्शन जारी रखेंगे, तो उन्हें मौके मिलेंगे। मयंक यादव बस फिट रहे क्योंकि अगर ऐसा रहा तो वो अपनी छाप जरूर छोड़ेंगे।अगर वह फिट और स्वस्थ रहा तो भारतीय टीम में उससे बड़ी उपलब्धियां देखने को मिलेंगी।” लखनऊ ने 2022 और 2023 सीजन में आईपीएल प्लेऑफ में प्रवेश किया है, लेकिन 2024 संस्करण में इससे बाहर हो गया। लैंगर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम कई लोगों के लिए सिरदर्द है।     recent visitors 86

गडकरी ने फिर बोला अपनी ही पार्टी पर हमला, भाजपा की फसल में लग गए हैं कीड़े

Gadkari again attacked his own party, BJP’s crop is infested with insects बड़ी हो चुकी है BJP की फसल, लग गए हैं कुछ कीड़े; नितिन गडकरी बोले- छिड़कने होंगे कीटनाशक गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है भोपाल। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में दागी नेताओं के घुसपैठ को लेकर चिंता जताई। गडकरी ने कहा कि जैसे-जैसे पार्टी का विस्तार हो रहा है, कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी स्वच्छता बनाए रखने के लिए कदम उठाने होंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए नितिन गडकरी ने ‘बीमारी वाले फसलों’ का उदाहरण देते हुए कहा है कि पार्टी को ‘कीटनाशक’ छिड़कने की आवश्यकता पर जोर देना चाहिए। गडकरी ने कहा, “जब फसल बढ़ती है तो बीमारियां भी बढ़ती हैं। बीजेपी की फसल बहुत बड़ी हो गई है, जिसमें अच्छे अनाज के साथ-साथ कुछ बीमारियां भी आ रही हैं। इसलिए हमें ऐसे बीमार फसलों पर कीटनाशक छिड़कने होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की बढ़ती सदस्यता के साथ राजनीतिक नेताओं के पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया पर भी नजर रखनी होगी। साथ ही नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा और संस्कृति से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। नए लोग अलग-अलग कारणों से आ रहे हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें प्रशिक्षण दें, विचारधारा सिखाएं और उन्हें हमारे कार्यकर्ता बनाएं। हमारे प्रयास लगातार जारी हैं। हजारों कार्यकर्ता उठते हैं, लेकिन कभी-कभी एक कार्यकर्ता कुछ ऐसा कहता है जिससे हजारों कार्यकर्ताओं के प्रयास विफल हो जाते हैं।” नितिन गडकरी के ये बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के संदर्भ में आए हैं। यहां बीजेपी महायुति गठबंधन के तहत शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर चुनावी मैदान में है। सरकार का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता, लेकिन राज्य, सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए।” महाराष्ट्र में बीजेपी के प्रदर्शन और 2024 लोकसभा चुनावों में पार्टी की सीटों की संख्या में आई कमी पर नितिन गडकरी ने प्रदेश के स्थानीय नेतृत्व की क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनका राज्य में कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन उन्हें जब भी जरूरत पड़े वे सहायता के लिए उपलब्ध हैं। गडकरी ने कहा, “मुझे महाराष्ट्र में कोई औपचारिक भूमिका नहीं है। यहां के नेता सक्षम हैं। उन्हें अभी मेरी आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब भी उन्हें मेरी आवश्यकता होगी मैं सहायता के लिए उपलब्ध रहूंगा recent visitors 239

पीसीबी चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने को तैयार नहीं

लाहौर  पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहसिन नक़वी ने कहा है कि वह चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने को तैयार नहीं हैं। लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “उनकी इस बारे में बीसीसीआई से कोई आधिकारिक बात नहीं हुई है और ना ही बीसीसीआई ने आधिकारिक रूप से कोई आपत्ति जताई है।” नक़वी ने आगे कहा, “मैंने इस बारे में अपनी टीम से बात की है और हमारा रूख़ साफ़ है कि अगर उन्हें कोई आपत्ति है तो हमें इसको लिखित रूप में दें। तब तक हाइब्रिड मॉडल के बारे में कोई भी बात नहीं होगी और हम इसे स्वीकार करने को तैयार भी नहीं हैं। भारतीय मीडिया भले ही ऐसा कुछ रिपोर्ट कर रही हो, लेकिन अभी तक पीसीबी से इस बारे में कोई औपचारिक बात नहीं हुई है।” नक़वी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने पिछले साल वनडे विश्व कप के लिए भारत का दौरा किया था, इसलिए भारत को भी पाकिस्तान आना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमें भारत से कोई पत्र मिलता है तो हम अपनी सरकार के पास जाएंगे और उनके निर्णय को मानेंगे। इससे पहले पाकिस्तान ने भारत के लिए बड़ा दिल दिखाते हुए एशिया कप का आयोजन हाइब्रिड मॉडल पर किया था और पाकिस्तान की टीम वनडे विश्व कप के लिए वहां गई थी। लेकिन हर बार ऐसा नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता है तो अगली बार से हम भी भारत में किसी टूर्नामेंट में जाने के लिए सरकार से अनुमति लेंगे, ना कि पीसीबी कोई निर्णय लेगी।” राजनीतिक तनाव के कारण 2012-13 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई भी द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं हुई है, वहीं दोनों देशों के बीच आख़िरी टेस्ट 2007 में हुआ था। नक़वी ने कहा कि क्रिकेट, राजनीति से मुक्त होना चाहिए। चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए लाहौर, रावलपिंडी और कराची तीन मैदान निर्धारित किए गए हैं, लेकिन भारत को प्रस्ताव दिया गया है कि वे अपने सभी मैच लाहौर में खेल सकते हैं, जो कि भारतीय बॉर्डर से काफ़ी पास है। इससे भारतीय दर्शकों को भी सुविधा होगी। पीसीबी ने बताया है कि उसने भारतीय दर्शकों के लिए लगभग 17,000 वीज़ा की व्यवस्था की है। नक़वी ने कहा, “लगभग सभी देश चाहते हैं कि टूर्नामेंट पाकिस्तान में हो और पीसीबी उन्हें हर सुविधा देने को तैयार है। मैं कुछ बोर्ड के भी संपर्क में हूं और सभी यहां खेलने के लिए उत्साहित हैं। मुझे नहीं लगता कि इसे कोई राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहिए। हम हर टीम को हर तरह की सुविधा देंगे। हम चाहते हैं कि इस टूर्नामेंट के लिए विदेशों से भी फ़ैंस आएं।” ईएसपीएन क्रिकइंफो को मिली जानकारी के मुताबिक़ बीसीसीआई ने भले ही इस मामले को औपचारिक रूप से साझा नहीं किया है, लेकिन उनका रूख़ बदलने वाला नहीं है। वे पाकिस्तान जाने के लिए भारत सरकार की अनुमति का इंतज़ार करते रहे हैं और अभी भी वही करेंगे। हालांकि अभी साफ़ नहीं हो पाया है कि बीसीसीआई ने अभी तक इस टूर्नामेंट के लिए अनुमोदन मांगा है या नहीं। ग़ौरतलब है कि यह टूर्नामेंट पाकिस्तान में 19 फ़रवरी से 9 मार्च के बीच होने वाला है, जिसके शेड्यूल की औपचारिक घोषणा आईसीसी द्वारा अभी होनी बाक़ी है।     recent visitors 102

उपचुनाव: भाजपा-कांग्रेस दोनों जातिगत समीकरण साधने लगा रहे ताकत, आदिवासी वोटर होंगे निर्णायक

By-election: Both BJP and Congress are trying to balance caste equations, tribal voters will be decisive मध्य प्रदेश में दो सीटों बुधनी और विजयपुर सीट पर 13 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। इन दोनों ही सीटों पर प्रमुख राजनीतिक दल जातीय समीकरण साधने पर जोर लगा रहे हैं। विजयपुर में आदिवासी वोटर निर्णायक भूमिका में है।  भोपाल। प्रदेश की उपचुनाव वाली बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर सियासी पारा तेज हो गया है। दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस ने जातिगत समीकरण साधने के लिए नेताओं की पूरी फौज उतार दी है। विजयपुर सीट पर अनुसूचित जनजाति वोटर निर्णायक भूमिका में है। यह सीट कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। कांग्रेस इस सीट पर अभी तक ओबीसी प्रत्याशी उतारती आई थी। इस बार कांग्रेस ने आदिवासी कार्ड खेला है। कांग्रेस ने इस सीट पर मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए 44 हजार वोट प्राप्त किए थे।  विजयपुर में आदिवासी वोट 60 हजार से ज्यादा हैं। यहां पर सहरिया जनजाति के अलावा कुशवाह, धाकड़ व गुर्जर वोटर बड़ी संख्या में हैं। भाजपा ने सहरिया वोट साधने के लिए पूर्व भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया है। भील भिलाला वोटर्स को साधने के लिए मंत्री निर्मला भूरिया को जिम्मेदारी दी है। वहीं, कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के लोगों को साधने के लिए आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रामू टेकाम और विधायक हीरालाल अलावा समेत अन्य नेताओं को जिम्मेदारी दी है। विजयपुर में अब तक 15 चुनाव हुए हैं। इसमें नौ बार कांग्रेस और छह बार भाजपा चुनाव जीती है। भाजपा काम तो कांग्रेस ने कुपोषण-गरीबी के साथ ही बिकाऊ और टिकाऊ का नाराज दिया है बुधनी सीट दिग्गजों ने झोंकी ताकत बुधनी विधानसभा सीट केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। इस सीट पर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है। यहां पर किरार, पवार, ब्राह्मण, यादव ओर राजपूत के साथ ही आदिवासी वोटर्स भी है। इस सीट पर 2003 से लगातार भाजपा चुनाव जीतते आ रही है। इस सीट पर भाजपा ने रमाकांत भार्गव और कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है। पटेल किरार समाज से आते हैं, जो बुधनी में निर्णायक वोट बैंक माना जाता है। इसलिए यहां पर चुनाव कांटे की टक्कर वाला है। वह 1993 में इस सीट पर चुनाव जीत चुके हैं। बुधनी में 1957 से अब तक 17 बार चुनाव हुए हैं। इसमें 11 बार भाजपा और 5 बार कांग्रेस चुनाव जीती है। एक बार 1962 में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। यहां पर भाजपा विकास तो कांग्रेस सरकार को जगाने जनता से वोट मांग रही है। इस सीट पर भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत कई दिग्गज चुनाव मैंदान में जुटे हुए हैं। recent visitors 108

प्रयागराज महाकुंभ :स्वच्छ कुंभ कोष के माध्यम से सफाईकर्मीयों के रहने, खाने-पीने और बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जा रही

प्रयागराज  प्रयागराज महाकुंभ 2025 को स्वच्छ और सुंदर बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने में मेला प्रशासन पूरी तत्परता से जुट गया है। लगभग 10 हजार सफाईकर्मी दिन रात पूरे महाकुंभ क्षेत्र को चमकाने के लिए लगाए गए हैं। ये सभी सफाईकर्मी सीएम योगी की मंशा के अनुरूप स्वच्छ महाकुंभ की दिशा में कार्य कर रहे हैं। महाकुंभ जैसे जैसे नजदीक आ रहा है, इनकी गतिविधियों में भी तेजी आ रही है। योगी सरकार भी इन कर्मियों की सुविधा और सम्मान का विशेष ध्यान रख रही है। स्वच्छ कुंभ कोष के माध्यम से इनके रहने, खाने-पीने और बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। योगी सरकार की इस पहल से न केवल महाकुंभ की स्वच्छता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि सफाईकर्मियों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा भी मिल रही है। सेनिटेशन कॉलोनी का निर्माण महाकुंभ मेला की विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राणा ने बताया कि महाकुंभ को स्वच्छ महाकुंभ बनाने में सफाईकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है। ये सफाईकर्मी दिन रात अपने काम में लगे हैं। ऐसे में सीएम योगी के निर्देशों के अनुरूप इनकी सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी का निर्वहन किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सफाईकर्मियों के लिए एक सैनिटेशन कॉलोनी बनाई गई है, जहां उनके खाने-पीने और रहने की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की गई है। इस पहल से सफाईकर्मियों को आराम और सुरक्षा दोनों मिल रही है। बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र महाकुंभ में सफाईकर्मियों के बच्चों की शिक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हर सेक्टर में एक प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खोले जा रहे हैं। शुक्रवार को ही मेला क्षेत्र में एक प्राइमरी विद्यालय की स्थापना की गई है, जहां बच्चों को शिक्षा के साथ ही खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इन विद्यालयों में बच्चों को मिड डे मील जैसी सुविधाएं भी प्राप्त हों सकेंगी। जरूरत पड़ने पर कुछ सेक्टर्स में एक से ज्यादा प्राइमरी स्कूल भी स्थापित किए जा सकते हैं। ये सुविधाएं महाकुंभ के दौरान अस्थाई रूप से संचालित की जाएंगी। मानदेय का डीबीटी के माध्यम से भुगतान सफाईकर्मियों के मानदेय का भुगतान भी त्वरित गति से किया जा रहा है, ताकि उनकी दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। तय व्यवस्था के अनुसार उनका निर्धारित मानदेय हर 15 दिन में डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। महाकुंभ को सफल और स्वच्छ बनाने के लिए सफाईकर्मियों के लिए एक विशेष स्वच्छ कुंभ कोष की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से सफाईकर्मियों को हर संभव सहायता दी जा रही है। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से भी इन्हें जोड़ने का प्रयास हो रहा है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। recent visitors 129

उच्च और मध्यम आय वाले देशों के युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा: शोध

वॉशिंगट  कैंसर आजकल केवल वृद्ध लोगों की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में 44 देशों के कैंसर रजिस्ट्री डेटा की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया है कि आंत और पाचन तंत्र से जुड़े 13 प्रकार के कैंसर के शुरुआती मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर 50 साल से कम उम्र के लोगों में। यह वृद्धि विशेष रूप से उच्च और मध्यम आय वाले देशों में देखी जा रही है, जहां जीवनशैली और खानपान में बदलाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा, निष्क्रियता, डायबिटीज, स्मोकिंग, एल्कोहल का सेवन, प्रदूषण और पश्चिमी देशों में रेड मीट का अत्यधिक सेवन हो सकती हैं। उनका यह भी माना कि कुछ अज्ञात कारक जैसे खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले रासायनिक तत्व भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं, जिनका अभी तक सही ढंग से पता नहीं चला है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के अधिकतर मामले पेट और पाचन तंत्र से जुड़े होते हैं। उनका कहना है कि हर साल अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान में कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में औसतन दो फीसदी की वृद्धि हो रही है। ब्रिटेन में यह दर तीन फीसदी  है, जबकि कोरिया और इक्वाडोर में यह बढ़ोतरी 5% तक पहुंच गई है। ओगिनो इसे मुद्रास्फीति के जैसे बढ़ते आंकड़ों से तुलना करते हुए बताते हैं कि अगर यह वृद्धि जारी रही तो अगले 10-20 सालों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मोटापा अब एक सामान्य समस्या बन चुका है, जो कैंसर के जोखिम को और बढ़ा रहा है। डॉ. एलिजाबेथ प्लैट्ज़, जो जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की महामारी विज्ञानी हैं, मानती हैं कि यह रिव्यू इस बात को उजागर करता है कि युवा पीढ़ी भी अब कैंसर के शिकार हो रही है। वे कहती हैं कि मोटापा अब एक आम समस्या बन चुका है, जो पहले दुर्लभ था, और यह अब युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान समय में, कैंसर एक ऐसी बीमारी बन गई है जो न केवल बुढ़ापे बल्कि युवाओं में भी फैल रही है। युवा वर्ग में इसकी बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित शारीरिक गतिविधि, और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सके।     recent visitors 93