मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे और मतदान की तैयारियों की व्यवस्था करेंगे

भोपाल प्रदेश के बुधनी और विजयपुर विधानसभा क्षेत्रों में 13 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए मंगलवार सुबह मतदान दल रवाना हुआ। ये दल कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे और मतदान की तैयारियों की व्यवस्था करेंगे। इन दोनों सीटों पर चुनाव के लिए करीब 2800 कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। दोनों ही सीटों पर कुल 5,31,616 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर नए विधायक चुनेंगे। दोनों जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर आज अपनी निगरानी में मतदान दलों को रवाना करेंगे। चुनावी शोर थमा, नेता अपने क्षेत्र लौट चलें बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनावी शोर सोमवार शाम पांच बजे थमने के बाद अब प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर जाकर सीधे संपर्क कर वोट मांग रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अपने प्रत्याशी की जीत के लिए डेरा जमाए नेता अब अपने क्षेत्रों को लौट आए हैं या इन जिलों से बाहर चले गए हैं। आज सुबह से ही मतदान दलों को रवाना करने के लिए विजयपुर और बुधनी विधानसभा मुख्यालय पर अधिकारियों की टीम जुटी हुई है। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें चुनाव आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की हिदायत के साथ भेजा गया है। बुधवार को दिन भर मतदान कराने के बाद टीमों को ईवीएम वहीं जमा करनी हैं, जहां से वे रवाना हुए थे। विजयपुर विधानसभा में करीब 1,308 और बुधनी में 1,452 कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। recent visitors 98

CM नायडू पर बयान देकर फंसे राम गोपाल वर्मा, फिल्ममेकर के खिलाफ केस हुआ दर्ज

हैदराबाद 'सत्या', 'रंगीला' और 'कंपनी' जैसी यादगार फिल्में बना चुके फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा आजकल अपनी फिल्मों के लिए कम और विवादों के लिए चर्चा में ज्यादा रहते हैं. अब राम गोपाल एक बार विवादों में आ गए हैं. आंध्र प्रदेश पुलिस ने उनपर, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक कंटेंट सर्कुलेट करने के लिए केस दर्ज किया है. राम गोपाल वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उनके बेटे नारा लोकेश समेत टीडीपी नेताओं और जनसेना पार्टी के चीफ, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मॉर्फ्ड फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर कीं. आंध्र प्रदेश में रामगोपाल वर्मा के खिलाफ केस  टीडीपी लीडर रामलिंगम ने प्रकाशम जिले के मद्दिपडु पुलिस स्टेशन में राम गोपाल वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. उनका आरोप है कि फिल्ममेकर ने सीएम नायडू, उनके बेटे लोकेश और बहू ब्राह्मिनी समेत परिवार को टारगेट करते हुए अपमानजनक कंटेंट सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया. अपनी शिकायत में रामलिंगम ने आरोप लगाया कि वर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट्स मुख्यमंत्री, उनके डिप्टी और परिवार को समाज में नीचा दिखाती हैं. रविवार रात को वर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक कंटेंट पोस्ट अपलोड करने की शिकायत दर्ज की गई. प्रकाशम के पुलिस एसपी ए.आर. दामोदर के अनुसार ये केस आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया, 'हमने मौजूदा मुख्यमंत्री, उनके परिवार के सदस्यों और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ ऑफेंसिव तरीके से तस्वीरें मॉर्फ करने के लिए, मद्दिपडु पुलिस स्टेशन में राम गोपाल वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है.' नायडू पर विवादित फिल्म भी बना चुके हैं रामगोपाल वर्मा राम गोपाल वर्मा, YSR कांग्रेस पार्टी से करीबी रखने के लिए जाने जाते हैं और वो लंबे समय से चंद्रबाबू नायडू की खुलकर आलोचना करते रहे हैं. उनकी फिल्म 'Lakshmi's NTR' (लक्ष्मी के एनटीआर), टीडीपी के फाउंडर और पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामा राव के जीवन पर आधारित थी. इस फिल्म का फोकस लक्ष्मी पार्वती से एनटीआर के रोमांस और शादी की कहानी पर था. फिल्म में एनटीआर के राजनीतिक पतन में चंद्रबाबू की भूमिका को आलोचना की नजर से दिखाया गया था. कहानी में 1995 की उन घटनाओं को हाईलाइट किया गया था जब एनटीआर के दामाद चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी के अंदर गुटबंदी करके, एनटीआर को ही पार्टी से बाहर निकलवा दिया था और खुद मुख्यमंत्री बन गए थे.   recent visitors 141

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की स्मृति में होगी सुशासन पर केंद्रित व्याख्यान माला नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के साथ अन्य गतिविधियाँ भी होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. सुंदरलाल पटवा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित अनेक योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में अमूल्य सहयोग दिया। भोपाल में वीआईपी मार्ग के निर्माण में उन्होंने दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए कार्य पूर्ण करवाया। सुशासन स्थापित करने के लिये उन्होंने विशेष योगदान दिया। स्व. पटवा की स्मृति में उनके जन्म-शताब्दी वर्ष पर विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत सुशासन पर आधारित व्याख्यान माला और स्मारिका के प्रकाशन के कार्य होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक सुरेंद्र पटवा के निवास पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूलकुंवर पटवा से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुन्दरलाल पटवा की स्मृति में आगामी एक वर्ष तक विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह स्व. पटवा के कृतित्व, व्यक्तित्व और कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा “प्रजामंडल’’ और “राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’’ से जुड़े रहे। वे वर्ष 1957 में पहली बार विधायक बने। उन्होंने निर्वाचनों में निरंतर विजय प्राप्त की। प्रतिपक्ष के नेता रहते हुए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बस्तर से झाबुआ तक लगभग तीन हजार किलोमीटर की पद यात्रा तय की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मेरी यादें उनके साथ जुड़ी हैं। कई बातें उनसे सीखने को मिलीं। उनका आत्मविश्वास माउंट एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा था। उन्होंने अपनी धाक और साख बनाई। वे प्रखर वक्ता थे। स्वाध्याय का ध्यान रखते थे। कार्य में डूबे रहना उन्हें पसंद था। उनका मानना था कि क्षेत्रीय विकास पर निरंतर ध्यान देना चाहिए, साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के अलावा व्यापक स्तर पर जन कल्याण के कार्यों में भी संलग्न रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए राजनीति व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा है। स्व. सुंदरलाल पटवा का मानना था कि राजनैतिक क्षेत्र में भी बेहतर कार्य करते हुए स्वयं को परिष्कृत करते रहना चाहिए। वे निडर, परमार्थी और पुलिस सहित प्रशासनिक अमले का मनोबल बनाए रखने में विश्वास रखते थे। वर्ष 1992 के सिंहस्थ के लिए उन्होंने 100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी, जबकि इसके पहले 1980 के सिंहस्थ में मात्र एक करोड़ रुपए की राशि तत्कालीन सरकार ने मंजूर की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हुए हैं जिनका नामकरण 2 दिग्गज नेताओं स्व. सुंदरलाल पटवा और स्व. वीरेंद्र कुमार सखलेचा के नाम पर किया गया है। इस अवसर पर सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी स्व. सुंदरलाल पटवा को श्रद्धांजलि दी और उनसे जुड़े संस्मरण सुनाए। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने राजनीति में अमिट छाप छोड़ी है। प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। विधायक सुरेंद्र पटवा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने भोजपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी कई योजनाएं संचालित कीं। आज की पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चले, यह आवश्यक है। सुरेंद्र पटवा ने नागरिकों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में पधारने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की स्मृति में भजन संध्या का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, मत्स्य विकास राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार और अन्य अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 42

बड़ा बदलाव, राज्य में 26 आईएएस अफसरों का तबादला, नवीन पदस्थापना के आदेश जारी, देखें लिस्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों (IAS Officers) को आधी रात इधर से उधर (IAS Transfer) कर दिया गया है. इस बार 26 IAS अफसरों के तबादले हुए हैं. कई विभागों के प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव, सचिव और उपसचिव के प्रभार बदले गए हैं. अब मुख्यमंत्री सचिवालय से संजय कुमार शुक्ला बाहर हो गए ह्रैं. वहीं मुख्यमंत्री के अपर प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा को वर्तमान कर्तव्यों के साथ लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. आइए हम आपको सभी 26 अधिकारियों के नए विभागों व जिम्मेदारी के बारे में बताते हैं. ये रही सभी 26 अधिकारियों के ट्रांसफर की लिस्ट (IAS Transfer List) क्र. नाम वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना 1. मनु श्रीवास्तव एसीएस, उर्जा विभाग, नवीन एवं नवकरणीय उर्जा विभाग एसीएस, नवीन एवं नवकरणीय उर्जा विभाग, खेल एवं युवा कल्याण का अतिरिक्त प्रभार 2. नीरज मंडलोई एसीएस, नगरीय विकास एवं आवास एसीएस, उर्जा विभाग, पावर मैनेजमेंट कंपनी का अतिरिक्त प्रभार 3. संजय कुमार शुक्ला प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी व विमानन विभाग प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, विमानन विभाग, हाउसिंग बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार 4. उमा कांत उमराव प्रमुख सचिव, श्रम विभाग प्रमुख सचिव, खनिज एवं श्रम विभाग, पशु पालन एवं डेयरी 5. राघवेन्द्र सिंह प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, लोकसेवा प्रबंधन, उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार प्रमुख सचिव, उद्योग और एमएसएमई, आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार 6. गुलशन बामरा प्रमुख सचिव, पर्यावरण प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य 7. ई रमेश कुमार प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जनजातीय कल्याण विभाग प्रमुख सचिव, अनुसूचित जनजातीय कल्याण विभाग 8. नवनीत मोहन कोठारी सचिव, एमएसएमई एवं आयुक्त उद्योग सचिव, पर्यावरण विभाग, महानिदेशक, एफ्को का अतिरिक्त प्रभार 9. श्रीमन शुक्ल आयुक्त, शहडोल संभाग आयुक्त, आदिवासी विभाग 10. मदन विभीषण नागरगोजे सदस्य, राजस्व मंडल ग्वालियर आयुक्त, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा 11. सुरभि गुप्ता सचिव, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त, शहडोल संभाग 12. दिलीप कुमार प्रबंध संचालक, कृषि आयुक्त, उद्योग और प्रबंधन संचालक, लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार 13. प्रियंका दास मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अपर सचिव, एमएसएमई 14. प्रीति मैथिल अपर सचिव, श्रम विभाग अपर सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण 15. मनीष सिंह आयुक्त, हाउसिंग बोर्ड अपर सचिव, परिवहन विभाग, एमडी, राज्य सड़क परिवहन निगम 16. अनुराग चौधरी एमडी, खनिज निगम अपर सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण 17. मोहित बुंदस प्रबंध संचालक, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा आयुक्त, रेशम, वन विभाग में अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार 18. मनोज पुष्प संचालक, पंचायती राज आयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं 19. गौतम सिंह परियोजना संचालक, स्किल डवलपमेंट प्रोजेक्ट अपर सचिव, राजस्व विभाग 20. गिरिश शर्मा अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग परियोजना संचालक, स्किल डवलपमेंट प्रोजेक्ट और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभारी 21. पंकज जैन प्रबंध संचालक, पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम, सदस्य सचिव, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार 22. निधि निवेदिता प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम प्रबंध संचालक, मत्स्य महासंघ, उपसचिव, मछुआ कल्याण का अतिरिक्त प्रभार 23. कुमार पुरुषोत्तम उप सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण प्रबंध संचालक, कृषि मंडी बोर्ड 24. उमा महेश्वरी आर अपर मिशन संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र सह संचालक, भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी, एफ्को का अतिरिक्त प्रभार 25. डॉ. सलोनी सिडाना सह संचालक, भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी, एफ्को का अतिरिक्त प्रभार मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रबंध संचालक, पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन का अतिरिक्त प्रभार 26. सुचिस्मिता सक्सेना उप सचिव, राजस्व उप सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दोनों ही प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला और राघवेंद्र कुमार सिंह अब अलग-अलग विभागों के प्रमुख सचिव होंगे. recent visitors 80

वन विभाग ने राज्य सरकार की सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की

भोपाल वन विभाग ने राज्य सरकार की सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। नर्मदापुरम् जिले के मड़ई स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटकों के लिये सोलर बोट का संचालन शुरू किया गया है। प्रदेश की यह पहली बोट होगी, जो सौर ऊर्जा से संचालित होगी। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-प्राणी और क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व श्रीमती राखी नंदा ने 10 नवम्बर को सोलर बोट का उद्घाटन किया। सोलर बोट की क्षमता 12+1 व्यक्तियों की है, जिसमें 2 KW के सोलर पैनल, 8 KW के दो इलेक्ट्रिक इंजिन, 16.5 KWH क्षमता के 2 लिथियम ऑयन बैटरी सिस्टम से लैस है। सोलर बोट नवगथी मरीन डिजाइन एवं कंस्स्ट्रक्शन प्रा.लि. इरनाकुलम केरल की कम्पनी द्वारा 37.5 लाख की लागत से निर्मित की गयी है। उन्होंने बताया कि सोलर बोट के संचालन से न केवल पेट्रोल की बचत होगी, वरन् प्रदूषण भी नहीं होगा। श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि सोलर बोट में इलेक्ट्रिक इंजिन के कम आवाज होने से पर्यटकों को पक्षियों के दर्शन में एक बेहतर अनुभव होगा और वन्य-प्राणियों को प्रदूषण मुक्त वातावरण मिलेगा।   recent visitors 80

खुलासा: इस मैदान पर धोनी खेलेंगे अपना आखिरी IPL मैच

नई दिल्ली  चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) काशी विश्वनाथन ने हाल ही में फ्रेंचाइजी में एमएस धोनी के भविष्य को लेकर कई खुलासे किए हैं। विश्वनाथन ने साफ कर दिया है कि धोनी आईपीएल-2025 का हिस्सा बनेंगे। फ्रेंचाइजी ने इस बार उन्हें रिटेन किया है। अब विश्वनाथन ने ये भी साफ कर दिया है कि सीएसके को पांच बार खिताब दिलाने वाले कप्तान धोनी कहां अपना आखिरी आईपीएल मैच खेलेंगे। चेन्नई ने इस बार धोनी को अनकैप्ड प्लेयर के तौर पर रिटेन किया है। यानी फ्रेंचाइजी इस बार धोनी को सिर्फ चार करोड़ रुपये देगी। पिछले सीजन के बाद ये बातें उठ रही थीं कि ये धोनी का आखिरी आईपीएल होगा, लेकिन इस सीजन मेगा नीलामी से पहले फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन करते हुए इन बातों पर विराम लगा दिया। धोनी को लेकर सीएसके सीईओ का खुलासा अंबाती रायडू के साथ एक बातचीत में सीएसके के सीईओ ने एमएस धोनी के आईपीएल फ्यूचर को लेकर एक बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने बताया कि धोनी किस मैदान पर अपना आखिरी आईपीएल मैच खेलेंगे। धोनी का आखिरी आईपीएल मैच कासी विश्वनाथन ने एक बातचीत के दौरान कहा कि धोनी कब क्या करेंगे केवल वही जानते हैं। वह आखिरी समय में अपना फैसला बताते हैं, लेकिन मैंने उन्हें एक इंटरव्यू में कहते सुना था कि वह अपना आखिरी मैच चेन्नई में खेलेंगे। चेन्नई से मिला अद्भुत प्यार धोनी का फैंस के प्रति क्या रवैया है यह किसी को बताने की जरुरत नहीं। फैंस धोनी को कितना चाहते हैं ये मैदान पर उस वक्त दिख जाता है जब वह बैटिंग करने के लिए आते हैं। ऐसे में जब भी वह अपना आखिरी मैच खेलेंगे वह मैदान चेन्नई का ही होगा। टूट सकता है धोनी का सपना धोनी अपना आखिरी मुकाबला चेन्नई के मैदान पर खेलना चाहते हैं, लेकिन यदि उनकी टीम प्लेऑफ में पहुंची और वेन्यू चेन्नई का न रहा तो ऐसी स्थिति में उनका आखिरी मैच होम ग्राउंड पर खेलने का सपना टूट सकता है। recent visitors 95

15 से 17 नवंबर के बीच कई राज्यों और शहरों में सरकारी छुट्टियां होंगी, जाने 15, कहां-कहां छुट्टी रहेगी

नई दिल्ली नवंबर के शुरुआती दिनों में कई त्योहारों और खास दिनों के कारण स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और बैंकों में छुट्टियां रही हैं। अब 12 से 17 नवंबर के बीच भी कई महत्वपूर्ण दिन हैं, जिनकी वजह से कुछ जगहों पर छुट्टियां रहेंगी। इनमें दिवाली, छठ पर्व, बूढ़ी दिवाली, नानक जयंती जैसे त्योहार शामिल हैं। 15 से 17 नवंबर के बीच कई राज्यों और शहरों में सरकारी छुट्टियां होंगी। आइए जानते हैं 15, 16 और 17 नवंबर को कहां-कहां छुट्टी रहेगी। 15 नवंबर: गुरु नानक देव जी की जयंती 15 नवंबर को सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी की जयंती मनाई जाती है। इस दिन पंजाब, चंडीगढ़ और कई अन्य राज्यों में सरकारी छुट्टी रहेगी। इसके अलावा 15 नवंबर को हिंदुओं का भी एक महत्वपूर्ण पर्व, कार्तिक पूर्णिमा होता है, इस कारण कुछ अन्य राज्यों में भी छुट्टी हो सकती है। 16 नवंबर: शहीद सरदार करतार सिंह सराभा का शहादत दिवस 16 नवंबर को पंजाब में शहीद सरदार करतार सिंह सराभा की शहादत दिवस के कारण सरकारी छुट्टी होगी। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे, जिनका जन्म 24 मई 1896 को लुधियाना जिले के सराभा गांव में हुआ था। इस दिन उनके सम्मान में पंजाब में छुट्टी रहती है। 17 नवंबर: साप्ताहिक छुट्टी 17 नवंबर को रविवार है, जो कि साप्ताहिक छुट्टी का दिन होता है। इस दिन देश भर के स्कूल, कॉलेज, बैंक और दफ्तर बंद रहते हैं। पंजाब में भी 17 नवंबर को साप्ताहिक छुट्टी रहेगी, जिसके कारण वहां लगातार तीन दिनों तक छुट्टी रहेगी। recent visitors 206