धान के खेत में अजगर ने किया बुजुर्ग किसान का शिकार, चारों तरफ फैल गई दहशत

मंडला  मध्य प्रदेश के मंडला जिले से अजगर द्वारा इंसान के शिकार का मामला सामने आया है। बिछिया तहसील के राता गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे में 59 वर्षीय प्रेम लाल की मौत हो गई। प्रेम लाल शाम के समय अपने खेत की ओर जा रहे थे तभी एक अजगर ने उन पर हमला कर दिया। दरअसल, हर दिन की तरह प्रेम लाल शाम के समय अपने धान के खेत की देखभाल करने जा रहे थे। उन्हे क्या पता था कि रास्ते में खेत की मेड़ पर घास में छिपा एक अजगर उनका इंतजार कर रहा है। वे बिना उस पर ध्यान दिए हुए वहां से निकले तभी अजगर उनके पैर से लिपट गया। प्रेम लाल हड़बड़ा कर गिर पड़े और अजगर ने उनकी गर्दन को जकड़ लिया। काफी देर तक जब प्रेम लाल घर नहीं लौटे तो उनके परिजन उन्हें ढूंढने निकले। अजगर ने बनाया शिकार खेत में आकर परिजनों को दृश्य देखा उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रेम लाल को अजगर ने जकड़ रखा था। उन्होंने शोर मचाते हुए ग्रामीणों को इकट्ठा किया। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से अजगर को प्रेम लाल से अलग किया। बेहोशी की हालत में उन्हें बहमनी अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वन विभाग ने किया रेस्क्यू ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अजगर को रेस्क्यू किया और उसे जंगल में छोड़ दिया। घटना को लेकर पुलिस का कहना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि बुजुर्ग की मौत अजगर के हमले के बाद सांस रुकने के कारण हुई है। थाने में पंचनामा की कार्रवाई की गई है। recent visitors 67

गुना में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, जंगल में बेसुध मिली, भोपाल किया रेफर

गुना मध्य प्रदेश के गुना जिले के म्याना इलाके में 10 साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। बच्ची अपनी मां के साथ बाजार गई थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां को दुकान से कम पैसे वापस मिलने का कहकर बातों में लगाया और पैसे दिलवाने का भरोसे देकर बच्ची को अपने साथ ले गया। रात लगभग 9:30 बजे बच्ची जंगल में बेसुध हालत में मिली। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में बच्ची को गंभीर हालत में भोपाल रेफर किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। सिरसी थाना प्रभारी को सूचना मिली कि एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ है। सूचना मिलते ही सिरसी थाने की टीम मौके के लिए रवाना हुई। जहां घटना हुई वहां म्याना थाना क्षेत्र में आता है, इसलिए म्याना पुलिस को भी सूचना दी गई। बच्ची को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल रवाना किया गया। डॉक्टर धीरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि बच्ची की हालत बहुत अधिक गंभीर है, ऑपरेशन हो गया है। फिलहाल अभी इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता। बच्ची के पिता ने बताया कि मां-बेटी मक्का बेचने और गेहूं पिसवाने के लिए बाजार गईं थी। फसल बेचने के बाद एक दुकान से उसने गेहूं पिसवाया। इसके बाद दोनों घर लौट रहीं थी। इसी दौरान बीच रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति मिला। उसने मेरी पत्नी से कहा कि दुकानदार ने तुम्हें 100 रुपए कम लौटाए हैं। इसमें 100 रुपए कम हैं। तुम चलो या बच्ची को भेज दो, मैं पैसे दिलवा देता हूं। पिता के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति की बातों में आकर उसकी पत्नी ने बेटी को पैसे लाने उसके साथ भेज दिया। वह व्यक्ति बच्ची को बाइक में बैठाकर जंगल ले गया। वहां बच्ची के साथ रेप किया। जब वह काफी देर तक नहीं लौटा, तो पिता ने अपने कुछ परिचितों को बुलाया और बच्ची की तलाश की। लगभग दो घंटे तलाश करने के बाद बच्ची उमरी क्षेत्र में जंगल में बेसुध हालत में मिली। उसके जिस्म पर कपड़े नहीं थे। नाबालिग के प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग हो रही थी। मौके से ही पुलिस को सूचना दी गई। एसडीओपी विवेक अस्थाना ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति की तलाश में थाना प्रभारी म्याना, थाना प्रभारी सिरसी, बमोरी थाने का बल और उमरी चौकी का बल लगाया गया है। बच्ची को भोपाल रेफर कर दिया गया है। आरोपी के बारे में पता लगाया जा रहा है। recent visitors 58

CM सुक्खू का ‘समोसा’ सुरक्षाकर्मियों ने कैसे खाया , हिमाचल CID ने शुरू की जांच; क्या है पूरा मामला

शिमला हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए बनाए गए समोसे और केक उनके सुरक्षा कर्मचारियों को परोस दिए गए. इसके बाद विवाद खड़ा हो गया और सीआईडी ​​जांच की जरूरत पड़ गई. इस मामले को "सरकार विरोधी" कृत्य बताया गया. सीआईडी ​​में एक उच्च पद पर काम करने वाले अधिकारी ने 21 अक्टूबर की घटना पर कहा, "जब मुख्यमंत्री CID ​​मुख्यालय का दौरा कर रहे थे, तो जिम्मेदार लोगों ने अपने एजेंडे के मुताबिक काम किया." एजेंसी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए विपक्षी बीजेपी ने कहा कि सुक्खू सरकार को राज्य के विकास की चिंता नहीं है, बल्कि लगता है कि उसकी एकमात्र चिंता "मुख्यमंत्री का समोसा" है. यह हंगामा तब शुरू हुआ जब लक्कड़ बाजार (Lakkar Bazaar) के होटल रेडिसन ब्लू से तीन डिब्बे लाए गए, जिन्हें मुख्यमंत्री को परोसा जाना था, जो एक समारोह में भाग लेने के लिए CID ​​मुख्यालय गए थे. हालांकि, डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खाने की चीजें सीएम के सुरक्षा कर्मचारियों को परोसी गई थीं. अधिकारियों ने क्या बताया? रिपोर्ट में कहा गया है कि IG रैंक के एक अधिकारी ने पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर (SI) को सीएम के दौरे के लिए होटल से कुछ खाने-पीने की चीजें लाने के लिए कहा था. एसआई ने बदले में एक सहायक एसआई (ASI) और एक हेड कांस्टेबल को जलपान लाने का निर्देश दिया. ASI और हेड कांस्टेबल ने होटल से तीन सीलबंद बक्सों में जलपान लाया और SI को जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने अपने बयान में कहा, "जब उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पर्यटन विभाग के कर्मचारियों से पूछा कि क्या तीनों बक्सों में रखे नाश्ते मुख्यमंत्री को परोसे जाने थे, तो उन्होंने कहा कि ये मेन्यू में शामिल नहीं थे." जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल एसआई को ही इस बात की जानकारी थी कि तीनों डिब्बे सुक्खू के लिए थे. जिस महिला इंस्पेक्टर को फूड आइटम्स सौंपी गई थी, उसने किसी सीनियर अधिकारी से पूछे बिना ही जलपान को मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट (MT) अनुभाग में भेज दिया, जो जलपान से संबंधित है. इस प्रोसेस में जलपान के तीन डिब्बे कई लोगों के हाथों में गए. दिलचस्प बात यह है कि CID ​​विभाग के एक हाई रैंक अधिकारी ने अपने बयान में कहा है कि जांच रिपोर्ट में नामित सभी लोगों ने सीआईडी ​​और सरकार विरोधी तरीके से काम किया है, जिसके कारण VVIP को सामान नहीं दिया जा सका. नोट में कहा गया है कि उन्होंने अपने एजेंडे के मुताबिक काम किया. इस विवाद ने बीजेपी को सुक्खू सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया है. सुक्खू सरकार पर बीजेपी का तंज बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने गुरुवार को यहां जारी बयान में कहा, "राज्य सरकार को सूबे के विकास की कोई चिंता नहीं है और उसकी एकमात्र चिंता 'मुख्यमंत्री का समोसा' है." उन्होंने कहा कि सुक्खू के लिए लाए गए समोसे से जुड़ी हालिया घटना ने विवाद को जन्म दिया है. उन्होंने कहा कि जांच में इस गलती को "सरकार विरोधी" कृत्य बताया गया, जो कि बहुत बड़ा शब्द है. बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह घटना हिमाचल प्रदेश के सियासी हलकों में चर्चा का मुद्दा बन गई है. वास्तव में मुख्यमंत्री जैसे VVIP से जुड़े कार्यक्रम में इस तरह की समन्वय समस्याओं के कारण सरकारी मशीनरी शर्मिंदा है. क्यों समोसे पर शुरू हुई जांच अपनी जांच रिपोर्ट में डीएसपी विक्रम चौहान ने लिखा है कि आईजी द्वारा सब-इंस्पेक्टर को खाने की चीजें लाने को कहा गया था उन्होंने अपने बजाय एक सहायक सब-इंस्पेक्टर और एक हेड कांस्टेबल को इसे लाने का निर्देश दिया। एएसआई और हेड कांस्टेबल होटल से तीन सीलबंद बॉक्स में स्नैक्स लाए और एसआई को इसके बारे में सूचित किया। जिन पांच पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें से कम से कम दो ने जांच अधिकारी को बताया कि जब उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पर्यटन विभाग के कर्मचारियों (जो आमतौर पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में स्नैक्स परोसते हैं) से पूछा कि क्या तीनों बॉक्स में रखा नाश्ता मुख्यमंत्री को परोसा जाना हैं, तो उन्हें बताया गया कि ये उनके फूड मेन्यू में नहीं हैं। इसके बाद, जिस महिला इंस्पेक्टर को बॉक्स सौंपे गए थे, उसने वरिष्ठ अधिकारी से परामर्श किए बिना ही उसे मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट सेक्शन को दे दिया, जिसे रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था करने का काम सौंपा गया था। एक पुलिस कर्मी ने डीएसपी चौहान को बताया कि उसे आईजी कार्यालय में बैठे 10-12 लोगों को फूड मैटेरियल परोसने को कहा गया था, इसलिए उसने उन्हें वह परोस दी। जांच रिपोर्ट में पांचों पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाने के अलावा उन पर 'सीआईडी ​​विरोधी' और 'सरकार विरोधी तरीके' से, 'अपने खुद के एजेंडे के अनुसार' काम करने का आरोप लगाया गया है, जिससे वीआईपी लोगों को रिफ्रेशमेंट से वंचित रखा गया। सुक्खू के एक करीबी सहयोगी ने कहा 'कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सुक्खू के खाने में समोसे, पकौड़े आदि शामिल नहीं हैं। उन्हें ऑयली चीजों से परहेज करने को कहा गया है। यह तथ्य लगभग हर सरकारी कार्यालय, विभाग को पता है जो उन्हें आमंत्रित करता है।'   recent visitors 103

बैरागढ़ के कपड़ा मार्केट में लगी आग, बैरागढ़ में 3 दुकानें खाक, फ्लैट में रखा सामन भी जला

भोपाल राजधानी भोपाल में शुक्रवार तड़के आगजनी की बड़ी घटना हो गई। भोपाल के सबसे बड़े कपड़ा मार्केट बैरागढ़ में 3 दुकानें और एक फ्लैट आग की चपेट में आ गया। आग इतनी भीषण थी कि चंद मिनटों में लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटें फर्स्ट फ्लोर पर रह रहे परिवार तक पहुंच गईं। कोई जनजानि तो नहीं हुई, लेककिन गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया है। भोपाल के बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर ) आगजनी की यह घटना शुक्रवार सुबह 5 बजे हुई है। सूचना मिलते ही बैरागढ़, फतेहगढ़ और गांधीनगर फायर स्टेशनों से आधा दर्जन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे मशक्कत कर आग बुझाई। फिलहाल, घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। खाली था फर्स्ट फ्लोर बैरागढ़ मेन मार्केट में सुरेश इलेक्ट्रिक के पास स्थित जिस बहु मंजिला इमारत में आग लगी है। उसके ग्राउंड फ्लोर में कपड़े की रिटेल दुकानें और ऊपरी मंजिल में परिवार रहता है। सेकंड फ्लोर खाली था। आग पहले एक कपड़ा दुकान में आग लगी और बाद में आसपास की दो अन्य दुकनों को चपेट में ले लिया। फिर फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गई। गनीमत रही कि यह फ्लैट खाली था। जिस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। बैरागढ़ में 400 से अधिक दुकानें सुबह 7 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। बैरागढ़ भोपाल का सबसे बड़ा कपड़ा मार्केट है। यहां थोक और रिटेल की 400 से अधिक दुकानें हैं। जिन दुकानों में आग लगी है, ठीक उसके पीछे कपड़ की थोक दुकानें हैं। समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो मुश्किल हो सकती थी।  राजधानी के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में मेन रोड पर स्थित एक कपड़ा दुकान में शुक्रवार तड़के अचानक आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास स्थित दो दुकानों के अलावा बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बने फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर बैरागढ़, फतेहगढ़, गांधीनगर समेत अन्य फायर स्टेशनों से करीब एक दर्जन दमकलों को मौके पर रवाना किया गया, जिन्होंने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग से करीब एक करोड रुपए के नुकसान का अनुमान है। डीपी से उठी चिंगारियां जानकारी के अनुसार आग मोहिनी टेक्सटाइल की दुकान से शुरू हुई। इस दुकान के बाहर बिजली कंपनी की डीपी लगी हुई है। बताया जा रहा है कि वहीं से पहले चिंगारियां उठीं और आग लग गई। कपड़ा व्यापारी संघ के अध्यक्ष कन्हैया इसरानी ने बताया कि आग लगने के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचा। इस कारण आग फैल गई और आसपास की दो दुकानों में भी पहुंच गई। रिद्धि-सिद्धि टेक्सटाइल एवं वाहेगुरु टेक्सटाइल की दुकान में रखा कपड़ा भी आग से जल गया। कपड़ों का थोक बाजार आग इतनी भीषण थी कि नगर निगम की दमकलों को आग बुझाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। नेहरू क्लॉथ मार्केट स्थित इस बाजार में 100 से अधिक कपड़े की दुकानें है। यदि तत्काल आप पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। दुकान के ऊपर रहवासी फ्लैट भी बने हैं। एक फ्लैट में भी आग पहुंची, हालांकि कोई जनहानि की सूचना नहीं है। कपड़ा बाजार के निकट सुरेश इलेक्ट्रिकल की दुकान भी है। समय पर आग बुझाने के कारण इस लाइन में आग नहीं पहुंच सकी।   recent visitors 168

डबरा में घर के बाहर खड़े युवक को 3 गोलियां मारी, घटना सीसीटीवी में कैद

डबरा ग्वालियर सिटी थाना क्षेत्र के गोपाल बाग सिटी में गुरुवार की रात दो बाइक सवार हमलावरों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने युवक पर तीन गोलियां चलाईं और 20 सेकेंड में हत्या कर फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मृतक पैरोल पर बाहर आया था और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। डबरा की गोपाल बाग सिटी में रहने वाला जसवंत सिंह उर्फ सोनी सरदार (45) चीनौर क्षेत्र के ग्राम कैथी का निवासी था। वह दस दिन पहले ही जेल से पैरोल पर रिहा हुआ था। हर रोज खाना खाने के बाद वह कॉलोनी में घूमता था। गुरुवार रात को वह कुछ लोगों से बात कर रहा था, तभी दो युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचे। उन्होंने जसवंत से कुछ बातचीत की और अचानक उस पर एक के बाद एक तीन गोलियां चलाई और फरार हो गए। गोलीबारी की आवाज सुनकर कॉलोनी में भगदड़ मच गई। परिवार वाले पास की गली से दौड़ते हुए आए और जसवंत को तुरंत ग्वालियर ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया। जसवंत सिंह ने वर्ष 2016 में ग्वालियर जिले के महाराजपुर क्षेत्र में एक युवक की हत्या कर दी थी। 2018 में उसे इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अपने अच्छे व्यवहार के कारण वह पैरोल पर आता-जाता रहता था। अभी 28 अक्टूबर को ही वह 15 दिन की पैरोल पर बाहर आया था और रोज कॉलोनी में घूमता था। इसी दौरान उसे निशाना बनाया गया। गोपाल बाग सिटी नगर की फार्म फोर कॉलोनी में गेट पर चौकीदार तैनात रहता है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि बीते दो दिनों से चौकीदार छुट्टी पर था, जिसके कारण गेट खुला हुआ था। इस वजह से हमलावर आसानी से अंदर घुसकर वारदात को अंजाम देकर भाग गए। जसवंत की हत्या करने वाले हमलावर बेखौफ नजर आए। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उन्हें अपना चेहरा दिखने की कोई चिंता नहीं थी। वे जानते थे कि चौकीदार छुट्टी पर है। जब जसवंत दूसरी गली में पहुंचा तो हमलावरों ने उसके ऊपर तीन लोगों की मौजूदगी में गोलियां चला दीं। घटना की जानकारी मिलते ही ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह यादव तुरंत डबरा रवाना हुए और आधे घंटे में घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज देखे और प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत की। एसपी के साथ एडिशनल एसपी देहात निरंजन शर्मा, एसडीओपी विवेक शर्मा और थाना प्रभारी यशवंत गोयल भी मौजूद रहे। पुलिस ने घटना को लेकर तत्काल टीमें रवाना कर दीं और विभिन्न स्थानों पर चेकिंग पॉइंट लगा दिए। फुटेज में दिखने वाले संदिग्धों के फोटो सर्कुलेट किए गए हैं ताकि हमलावरों को जल्द पकड़ा जा सके। एडिशनल एसपी देहात निरंजन शर्मा ने बताया कि घायल युवक को गंभीर हालत में ग्वालियर ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई है, हत्यारों की तलाश की जा रही है। घटना का संबंध पूर्व में हुई हत्या से जोड़ा जा रहा है।   recent visitors 69

परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना में बनने वाला बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर 2024 माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएं। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूर्ण कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर 2024 तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 68

जनजातीय संग्रहालय एक नवंबर से दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा

भोपाल मध्यप्रदेश की सभी जनजातियों के जीवन, रहन-सहन, देशज ज्ञान, कला परम्परा और सौन्दर्यबोध की विशिष्टता को स्थापित करने का कार्य जनजातीय संग्रहालय, भोपाल में किया गया है। यहां जनजातियों की बहुरंगी एवं बहुआयामी देशज संस्कृति को बेहतरीन स्वरूप में संयोजित किया गया है। जनजातीय संग्रहालय के निदेशक ने बताया कि हर साल संग्रहालय में अवलोकन का समय परिवर्तन किया जाता है। इसके तहत इस वर्ष एक नवंबर, 2024 से (मंगलवार से रविवार तक) जनजातीय संग्रहालय दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक एवं 1 फरवरी 25 से अक्टूबर 25 तक दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक दर्शकों एवं पर्यटकों के लिये खोला जाय़ेगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं में प्रदेश के जनजातीय समुदायों के आवास की वास्तुगत, शिल्पगत और व्यवहारगत रूपों को प्रदर्शित किया गया है। संग्रहालय में 6 अलग-अलग कलाओं, शिल्प माध्यमों की दीर्घाएं हैं, जिनमें जनजातीय जीवन की झलक, उनके परिवेश, खेल, संस्कृति, देवलोक आदि देखने को मिलते हैं। यहां हर दीर्घा में आगंतुकों, जिज्ञासुओं व शोधार्थियों के लिए कियोस्क भी स्थापित किए गए हैं, जिससे उस दीर्घा विशेष के बारे में हिंदी अथवा अंग्रेजी में विस्तार से जाना-समझा जा सकता है।   recent visitors 60