“कश्मीर” ही नहीं अब “इंदौर ” में भी उगने लगी “केसर”…तीन माह में हुआ कमाल

इंदौर  देश में केसर का उत्पादन खासकर कश्मीर में होता है, लेकिन बर्फीली वादियों वाले इस क्षेत्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर इंदौर के एक प्रगतिशील किसान ने ‘एयरोपॉनिक्स’ पद्धति की मदद से अपने घर के कमरे में बिना मिट्टी के केसर उगाया है. किसान के घर की दूसरी मंजिल के इस कमरे में इन दिनों केसर के बैंगनी रंग के खूबसूरत फूलों की बहार है. नियंत्रित वातावरण वाले कमरे में केसर के पौधे प्लास्टिक की ट्रे में रखे गए हैं. ये ट्रे खड़ी रैक में रखी गई हैं ताकि जगह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सके. केसर उत्पादक अनिल जायसवाल ने को बताया, ‘‘मैं कुछ साल पहले अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गया था. वहां पम्पोर में केसर के खेत देखकर मुझे इसके उत्पादन की प्रेरणा मिली.’’ जायसवाल ने बताया कि उन्होंने अपने घर के कमरे में केसर उगाने के लिए ‘एयरोपॉनिक्स’ तकनीक के उन्नत उपकरणों से तापमान, आर्द्रता, प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड का नियंत्रित वातावरण तैयार किया ताकि केसर के पौधों को कश्मीर जैसी मुफीद आबो-हवा मिल सके. कश्मीर के पम्पोर से मंगाए थे बीज उन्होंने बताया कि 320 वर्ग फुट के कमरे में केसर की खेती का बुनियादी ढांचा तैयार करने में उन्हें करीब 6.50 लाख रुपये की लागत आई. जायसवाल ने बताया कि उन्होंने केसर के एक टन बीज (बल्ब) कश्मीर के पम्पोर से मंगाए थे और इसके फूलों से वह इस मौसम में 1.50 से दो किलोग्राम केसर प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे हैं. लगभग डेढ़ महीने में खिलने लगे फूल उन्होंने कहा कि चूंकि उनकी उगाई केसर पूरी तरह जैविक है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि घरेलू बाजार में वह अपनी उपज करीब पांच लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर बेच सकेंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उन्हें इसके 8.50 लाख रुपये तक मिल सकेंगे. जायसवाल ने बताया, ‘‘ मैंने अपने घर के कमरे के नियंत्रित वातावरण में केसर के ये बीज सितंबर के पहले हफ्ते में रखे थे और अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से इन पर फूल खिलने लगे.’’ केसर की खेती में जायसवाल का पूरा परिवार उनका हाथ बंटाता है. यह परिवार केसर के पौधों को गायत्री मंत्र और पक्षियों की चहचहाहट वाला संगीत भी सुनाता है. इसके पीछे परिवार का अपना फलसफा है. जायसवाल की पत्नी कल्पना ने कहा,‘‘पेड़-पौधों में भी जान होती है. हम केसर के पौधों को संगीत सुनाते हैं ताकि बंद कमरे में रहने के बावजूद उन्हें महसूस हो कि वे प्रकृति के नजदीक हैं.’’ मांग के मुकाबले इसका उत्पादन होता है कम केसर, दुनिया के सबसे महंगे मसालों में एक है और अपनी ऊंची कीमत के लिए इसे ‘‘लाल सोना’’ भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल भोजन के साथ ही सौंदर्य प्रसाधनों और दवाओं में भी किया जाता है. भारत में केसर की बड़ी मांग के मुकाबले इसका उत्पादन कम होता है. नतीजतन भारत को ईरान और दूसरे देशों से इसका आयात करना पड़ता है. 'सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक करना चाहिए इस्तेमाल' ‘एयरोपॉनिक्स’ पद्धति की कृषि के जानकार प्रवीण शर्मा ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पद्धति से बंद कमरों में केसर उगाई जा रही है, लेकिन इसे फायदे का टिकाऊ धंधा बनाने के लिए उत्पादकों को खेती की लागत कम से कम रखनी होगी. उन्होंने कहा,‘‘एयरोपॉनिक्स पद्धति से खेती करने में काफी बिजली लगती है. लिहाजा इस पद्धति से केसर उगाने वाले लोगों को अपने बिजली बिल में कटौती के लिए सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए.’’ recent visitors 168

मध्‍य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में अगले दो महीनों तक पर्यटकों का प्रेशर बढ़ने वाला, तेजी से बुकिंग

उमरिया  दिसंबर साल का आखिरी महीना होने के साथ ही उल्लास और मौज-मस्ती का भी महीना होता है, जिसमें छुट्टियां मनाने लोग पर्यटन स्थलों पर जाते हैं। दिसंबर में एक लाख से ज्यादा पर्यटक प्रदेश के टाइगर रिजर्व में बाघ का दीदार करेंगे। टाइगर रिजर्व में अभी तक 10812 जिप्सियों के परमिट बुक हो चुके हैं प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में अभी तक 10812 जिप्सियों के परमिट बुक हो चुके हैं। एक जिप्सी में छह पर्यटक पार्क घूम सकते हैं और अभी तक की बुकिंग के हिसाब से प्रदेश के टाइगर रिजर्व में कुल 64 हजार 872 पर्यटक बाघ का दीदार करने पहुंचेंगे। दिसंबर का पूरा महीना बाकी है पार्कों में एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचेंगे बुकिंग अभी जारी है और दिसंबर का पूरा महीना बाकी है, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि दिसंबर में प्रदेश के अलग -अलग पार्कों में एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचेंगे। दिसंबर के लिए बुकिंग प्रदेश के टाइगर रिजर्व में अगले दो महीनों तक पर्यटकों का प्रेशर बढ़ने वाला है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अभी से पर्यटकों ने तेजी से बुकिंग कराना शुरू कर दिया है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े के लिए अभी से तीन हजार से ज्यादा बुकिंग कोर और बफर जोन के लिए हो चुकी है। पर्यटक कितनी भारी संख्या में यहां आने वाले हैं जनवरी के पहले पखवाड़े के लिए भी इसी तरह तेजी से बुकिंग हो रही है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पर्यटक कितनी भारी संख्या में यहां आने वाले हैं। बफर में भी होगा सफर दीपावाली की छुटि्टयों में पर्यटकों की भीड़ कुछ बढ़ी थी और इस दौरान भी जमकर पर्यटक पहुंचे। इसका लाभ छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले स्थानीय व्यापारियों को भी मिला। गेट से प्रवेश के लिए पर्यटक बुकिंग करा रहे हैं बांधवगढ़ सहित प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के न सिर्फ कोर जोन के गेट से प्रवेश के लिए पर्यटक बुकिंग करा रहे हैं। बफर जोन से प्रवेश के लिए भी भारी संख्या में बुकिंग हो रही है बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा का कहना है कि इस बार दिसंबर और जनवरी में पिछले साल से ज्यादा पर्यटकों के बांधवगढ़ पहुंचने की संभावना है। बफर जोन से प्रवेश के लिए भी भारी संख्या में पर्यटकों की बुकिंग हो रही है। recent visitors 74

लड़की होटल का कमरा बुक करने में शामिल थी, इसका मतलब ये नहीं यौन गतिविधि में शामिल होने के लिए भी अपनी सहमति दी: HC

पणजी गोवा स्थित बॉम्बे उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि कोई लड़की किसी पुरुष के साथ होटल का कमरा बुक कराती है और कमरे में वे एक साथ चले भी जाते हैं तो इसका अर्थ यह नहीं है कि लड़की ने यौन संबंध बनाने के लिए सहमति दे दी है.  रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति भरत देशपांडे की अगुवाई वाली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मडगांव ट्रायल कोर्ट द्वारा मार्च 2021 में पारित आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति को बलात्कार के आरोपों से मुक्त कर दिया गया था. ट्रायल कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि चूंकि लड़की होटल का कमरा बुक करने में शामिल थी, इसका मतलब है कि उसने उस कमरे में होने वाली यौन गतिविधि में शामिल होने के लिए भी अपनी सहमति दी थी. कोर्ट ने कहा कि इसलिए, गुलशेर अहमद नामक व्यक्ति पर बलात्कार का आरोप नहीं लगाया जा सकता. हालांकि, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने 3 सितंबर को एक आदेश पारित किया, जिसे हाल ही में सार्वजनिक किया गया, जिसमें कहा गया था कि ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश ने ऐसी टिप्पणी करके 'स्पष्ट रूप से गलती की है.' 'कल्पना की कोई सीमा…': HC अपने आदेश में, न्यायमूर्ति देशपांडे ने लिखा, 'इस तरह का निष्कर्ष निकालना स्पष्ट रूप से स्थापित प्रस्ताव के विरुद्ध है और विशेष रूप से तब जब घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज की गई थी. भले ही यह स्वीकार किया जाए कि पीड़िता आरोपी के साथ कमरे के अंदर गई थी, लेकिन इसे किसी भी तरह से यौन संबंध के लिए उसकी सहमति नहीं माना जा सकता है.' बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में दो पहलुओं को मिला दिया है, एक यह कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ कमरे के अंदर गई थी, दूसरा यह कि उसने उक्त कमरे के अंदर हुई गतिविधि के लिए सहमति दी थी. न्यायमूर्ति देशपांडे ने कहा कि पीड़िता के कमरे से बाहर निकलने के तुरंत बाद की उसकी हरकतें बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे संकेत देती हैं कि उसने ऐसे किसी भी यौन कृत्य के लिए सहमति नहीं दी थी. लाइव लॉ के अनुसार न्यायाधीश ने कहा, 'कमरे से बाहर आने के तुरंत बाद पीड़िता की ओर से की गई कार्रवाई और वह भी रोना, पुलिस को बुलाना और उसी दिन शिकायत दर्ज कराना यह दर्शाता है कि आरोपी द्वारा कमरे में कथित रूप से किया गया खुला कृत्य सहमति से नहीं किया गया था.' आरोपी ने दी थी ये दलील इसके अतिरिक्त, उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि पूरी घटना होटल के कर्मचारियों द्वारा भी बताई गई थी. आरोपी ने यह भी तर्क दिया कि पीड़िता को होटल का कमरा बुक करने में कोई दिक्कत नहीं थी और कमरे में प्रवेश करने से पहले उसने उसके साथ दोपहर का भोजन भी किया था, जिससे संकेत मिलता है कि उसने यौन संबंध बनाने के लिए सहमति दी थी. हालांकि, न्यायमूर्ति देशपांडे ने इस दलील को खारिज कर दिया. एकल न्यायाधीश की पीठ ने टिप्पणी की, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह दिखाने के लिए सामग्री मौजूद है कि आरोपी और पीड़िता ने कमरा बुक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, हालांकि, इसे यौन संबंध बनाने के उद्देश्य से पीड़िता द्वारा दी गई सहमति नहीं माना जाएगा.' मामला क्या था? यह मामला 3 मार्च, 2020 को घटी एक घटना से जुड़ा है, जब आरोपी ने पीड़िता को विदेश में प्राइवेट नौकरी दिलाने का वादा किया था. वह उसे मडगांव के एक होटल में ले गया और कहा कि वे नौकरी के लिए एक एजेंट से मिलेंगे. इसके बाद उन्होंने एक साथ होटल का कमरा बुक किया. लेकिन पीड़िता के बयान के अनुसार, कमरे में घुसते ही आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और फिर उसके साथ बलात्कार किया. जैसे ही वह बाथरूम में गया, वह कमरे से भाग गई और रोती हुई होटल से भागती हुई बाहर आई. फिर उसने पुलिस को बुलाया, जिसके बाद आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. बार एंड बेंच ने बताया कि पुलिस ने अहमद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है. न्यायमूर्ति देशपांडे ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा बहाल कर दिया है. recent visitors 90

भाजपा में जुबानी जंग! प्रदेश अध्यक्ष नहीं संभाल पा रहे भाजपा, पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र ने लगाए आरोप

Verbal war in BJP! State president is unable to handle BJP, former Home Minister Bhupendra made allegations भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के सीनियर नेता भूपेन्द्र सिंह आमतौर पर सार्वजनिक रूप से सधे रूप में अपनी बात रखते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वे लगातार मुखर हैं। वे अपने बयान के बाद अब सागर जिले में अकेले पड़ गए हैं। विगत दिनों एक कार्यक्रम में कांग्रेस से आए एक नेता को लेकर भूपेंद्र सिंह के बयान से सियासी घमासान मच गया है। इस बयान पर अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की इंट्री हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने साफ कहा है कि पार्टी में आने वाला हर व्यक्ति अब पार्टी की ताकत और पार्टी का कार्यकर्ता है। किसी को कोई समस्या होगी तो पार्टी फोरम पर चर्चा की जाएगी। पार्टी में आने वाला अब पार्टी की ताकत बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व और उनके कामों से प्रभावित होकर यदि कोई आया है तो पार्टी उनका स्वागत करती है। भाजपा में आए हुए लोग अब भारतीय जनता पार्टी हैं। अब व्यक्तिगत मेरी या किसी और की किससे क्या है, मैं नहीं कह सकता। मनुष्य होने के नाते एक-दूसरे के अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन भाजपा में आने वाले सभी भाई पार्टी की ताकत और पार्टी के कार्यकर्ता हैं। आने वाले लोगों को लेकर कोई संदेह नहीं है। भाजपा में कहीं कोई मतभेद नहीं होते। यदि कहीं कोई व्यक्तिगत समस्या होगी तो पार्टी फोरम पर उस पर चर्चा होगी। पूर्व मंत्री ने कहा था- कांग्रेसियों को मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह के उस बयान पर जवाब दिया है, जो उन्होंने सागर के आदर्श गार्डन में हुए दीपावली मिलन समारोह में दिया था। भूपेन्द्र सिंह ने पूर्व के वर्षों में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा था, ” खुरई विधानसभा क्षेत्र में एक समय कांग्रेस का इतना आतंक था कि कोई भी भाजपा से जुड़ा व्यक्ति पार्षद, सरपंच और यहा तक कि विधायक का भी फॉर्म नहीं भर सकता था। पार्टी ने मुझसे कहा कि खुरई विधानसभा से लड़ना है तो मैं तैयार हो गया। इसके बाद लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस के सामने हमला हुआ, इसमें 72 कार्यकर्ता घायल हुए। ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी स्वीकार करे या न करे, मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा। भूपेन्द्र सिंह ने इसके पहले उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के सामने मोबाइल सीडीआर का भी मामला उठाया था। recent visitors 345

IAS TRANSFER 26 अफसरों का तबादला, संजय कुमार शुक्ला को मिली ये अहम जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट

IAS TRANSFER 26 officers transferred, Sanjay Kumar Shukla gets this important responsibility, see the full list भोपाल। IAS TRANSFER BREAKING: मध्य प्रदेश में एक बार फिर देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। शासन ने 26 आईएएस अफसरों का थोकबंद तबादला कर दिया है। नीरज मंडलोई को ऊर्जा एवं पावर मैनेजमेंट का जिम्मा मिला है। मनु श्रीवास्तव को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कुमार शुक्ला नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। राघवेंद्र सिंह को उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। उमाकांत उमराव खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव बनाए गए हैं। गुलशन बामोरा को जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। नवनीत मोहन कोठारी पर्यावरण विभाग के सचिव बनाए गए हैं। श्रीमन शुक्ल को आदिवासी विकास विभाग आयुक्त का प्रभार सौंपा गया है। recent visitors 180

साधना टॉप पर लगभग 4 इंच बर्फबारी दर्ज की गई, क्षेत्र में बर्फबारी जारी है

श्रीनगर गुलमर्ग इस समय गुलजार हो गया है। दरअसल, पर्यटकों के आवागमन के साथ-साथ यहां आज ताजा बर्फबारी हुई है। अब तक दो इंच बर्फ जमा हो चुकी है। यहां के तापमान की बात करें तो तापमान की बात करें तो फिलहाल 5 डिग्री सेल्सियस से कम है। जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की वजह से जम्मू आने वाली कई फ्लाइट्स रद कर दी गई हैं। रविवार सुबह दिल्ली से आने वाला इंडिगो का विमान अपने निर्धारित समय से दस मिनट की देरी पर 8.55 बजे जम्मू एयरपोर्ट पर उतारा। उसके बाद आसमान में धुंध ज्यादा छाने से एयरपोर्ट पर दृश्यता कम होने लगी। ऐसे में एयरपोर्ट पर विमानों को उतारने में जोखिम को देखते हुए लेह से आने वाला एयर इंडिया का सुबह 9.40 बजे आने वाला विमान जम्मू नहीं आया। recent visitors 101

राहुल लोगों को भड़का रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है: भाजपा

नई दिल्ली महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है। सोमवार को भाजपा ने चुनाव आयोग से कहा कि वह राहुल गांधी के द्वारा फैलाए जा रहे झूठ की निंदा करें और उनपर उचित कार्रवाई भी करें। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि चुनाव आयोग को अगले सप्ताह महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव के लिए राहुल गांधी को "प्रचार के दौरान झूठ बोलने" पर फटकार लगानी चाहिए। उनकी निंदा करनी चाहिए और उन्हें भविष्य के लिए भी चेतावनी देनी चाहिए। राहुल के आरोप बेबुनियाद उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग को बताया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में झूठ बोला है। राहुल गांधी बोलते हैं कि भाजपा संविधान को कुचलना चाहती है, यह पूरी तरह से बेबुनियाद आरोप है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 'एप्पल के आईफोन और बोइंग के हवाई जहाज महाराष्ट्र की कीमत पर अन्य राज्यों में बनाए जा रहे हैं' यह आरोप पूरी तरह से झूठ है। राहुल को नोटिस जारी होने के बाद भी वह लगातार इस तरह के बयान दे रहे हैं।   राहुल कर रही विभाजन की राजनीति उन्होंने कहा कि वास्तव में महाराष्ट्र राज्य अप्रैल से जून 2024-25 तक कुल ₹ 70,795 करोड़ प्राप्त करके पूरे भारत में एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) में शीर्ष पर है। राहुल गांधी अपने बयानों से महाराष्ट्र के युवाओं को भड़का रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है। राहुल गांधी महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के लोगों के बीच विभाजन पैदा करना चाहते हैं। मेघवाल ने कहा कि केवल महाराष्ट्र में चुनाव में चुनावी लाभ हासिल करने के लिए वह लगातार भाजपा के खिलाफ झूठे, असत्यापित और निराधार आरोप लगा रहे हैं। भाजपा ने याद दिलाया पुराना नोटिस भाजपा ने आम चुनाव से पहले जारी किए गए चुनाव आयोग के 1 मार्च के परामर्श का हवाला दिया, जिसमें सभी राजनीतिक नेताओं से "चुनाव प्रचार में अत्यंत संयम और शालीनता बरतने तथा चुनाव प्रचार के स्तर को 'मुद्दे' आधारित बहस तक बढ़ाने" का आग्रह किया गया था। भाजपा ने चुनाव आयोग को उसके नोटिस की याद दिलाते हुए कहा कि राजनीतिक दल और उनके नेता "मतदाताओं को गुमराह करने के उद्देश्य से झूठे बयान या बिना तथ्यात्मक आधार के बयान नहीं देंगे"। भाजपा ने कहा कि इस तरह के परामर्शों का "कांग्रेस और उसके नेतृत्व तथा स्टार प्रचारकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उनका चुनावी उल्लंघन निरंतर जारी है। recent visitors 99