सीधी जिले में रिश्वतखोरी पर कड़ा प्रहार: जिला पंचायत सीईओ अंशुमान राज का साहसिक कदम

Attempt to give bribe in the district failed: CEO Anshuman Raj’s bold step सीधी ! जिले में रिश्वतखोरी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन सोमवार को जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर अंशुमान राज ने एक साहसिक कदम उठाकर इस प्रवृत्ति पर कड़ा संदेश दिया। एक पूर्व पंचायत सदस्य, अखिलेश कुशवाहा, अंशुमान राज के चैंबर में मिठाई का डिब्बा और नोटों से भरा लिफाफा लेकर पहुंचे थे। परंतु, जैसे ही अंशुमान राज ने मिठाई का डिब्बा खोला, उन्होंने उसके नीचे एक नोटों से भरा लिफाफा पाया, जिससे उन्हें रिश्वत का अंदेशा हुआ। बिना किसी संकोच के, उन्होंने वह मिठाई का डिब्बा कुशवाहा के मुंह पर फेंक दिया और तुरंत पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस ने की तुरंत कार्रवाई सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों व्यक्तियों को थाने ले जाकर पूछताछ की। थाना प्रभारी के अनुसार, जांच के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। दोनों संदिग्धों ने अब तक रिश्वत के आरोपों को अस्वीकार किया है, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की संभावना है। सीईओ की ईमानदार छवि पर मुहर सीईओ अंशुमान राज की इस घटना के बाद जिले में चर्चा है। उनकी ईमानदार छवि और कार्य के प्रति समर्पण को देखते हुए जनता में उनकी सराहना हो रही है। जिले में अपनी तैनाती के बाद से ही उन्होंने कई भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कदम उठाए हैं। कई रोजगार सहायकों और सचिवों के खिलाफ की गई कार्रवाई उनके दृढ़ निश्चय को दर्शाती है। आरोपी का बयान: “रिश्वत का उद्देश्य नहीं था” दूसरी ओर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश कुशवाहा ने इस मामले में सफाई दी है। उनका कहना है कि वे पहली बार जिला पंचायत सीईओ से मिलने गए थे और मिठाई का डिब्बा लेकर गए थे। उनके अनुसार, उनके पास जो पैसे थे, वे उनके निजी कार्य के लिए थे और उनका रिश्वत देने का कोई इरादा नहीं था। उनका दावा है कि सीईओ को इस संबंध में गलतफहमी हो गई है। यह घटना न केवल रिश्वतखोरी के प्रति प्रशासन की कठोर नीति को दर्शाती है, बल्कि ईमानदारी और निडरता के प्रतीक के रूप में अंशुमान राज के प्रति जिले की जनता का विश्वास और अधिक बढ़ा है। recent visitors 149

शहडोल में पिज्जा में रेंग रहे थे कीड़े, खाद्य विभाग में शिकायत, अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

 शहडोल शहर में एक युवक को पिज्जा में जिंदा कीड़े मिले। घटना का वीडियो बाहर आने के बाद हड़कंप मच गया। इतवारी मोहल्ला निवासी रोहन बर्मन ने स्टेडियम रोड स्थित डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट से पिज्जा खरीदा था। घर जाकर डिब्बा खोलते ही उसे पिज्जा में कीड़े रेंगते दिखाई दिए। रोहन ने तुरंत घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। पूरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की बात कही है। पिज्जा का शौकीन है पीड़ित रोहन ने बताया कि वह पिज्जा प्रेमी है और अक्सर डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट से पिज्जा मंगवाता है। इस बार भी उसने बड़े चाव से पिज्जा ऑर्डर किया था, लेकिन डिब्बा खोलते ही उसकी हालत खराब हो गई। पिज्जा में एक नहीं, बल्कि कई कीड़े घूम रहे थे। दुकान के कर्मचारी क्या बोले इस घटना से घबराए रोहन ने रेस्टोरेंट जाकर शिकायत की। रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने उसे सिर्फ़ सॉरी, गलती हो गई कहकर टरका दिया। रोहन ने लोगों से अपील की है कि वे बाहर का खाना खाने से बचें और अपने स्वास्थ्य का ख़्याल रखें। संचालक ने कहा- फंसाने की साजिश घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट के संचालक राज कुमार यादव ने मामले को फंसाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि पिज्जा में कीड़े निकलना संभव ही नहीं है। अधिकारी ने दिए जांच के आदेश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।       recent visitors 69

केंद्र सरकार भी 10 हाथियों की मौत पर सख्त, मांगी रिपोर्ट

उमरिया उमरिया जिले में आने वाले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। सब यह जानना चाहते हैं कि अचानक से इतने हाथियों की मौत कैसे हुई। राज्य सरकार ने भी इस मामले में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। जबकि केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर सख्त नजर आ रहा है। पीएमओ ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि अब तक 10 हाथियों की मौत का खुलासा नहीं हो पाया है। फिलहाल, लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उमरिया में अचानक से 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि सभी हाथियों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जबकि हाथियों की निगरानी के लिए टीम भी रहती है। फिलहाल, इस घटना के बाद हाथियों की निगरानी के लिए छह विशेष दल गठित किए गए हैं। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। जहां लापरवाही मिलने पर फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी और पनपथा एसडीओ फतेह सिंह निनामा को मामले में सस्पेंड भी किया गया है। सीएम ने इस मामले में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, जबकि केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि हाथियों की मौत के मामले में अगर कुछ और अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी एक्शन हो सकता है। क्योंकि हाथियों ने मौत से पहले बड़ी मात्रा में कोदो खाया था। फिलहाल, जंगली हाथियों पर निगरानी रखने के लिए वन विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है। सीएम मोहन यादव ने हाथियों की मौत के मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पिछले कुछ समय में हाथियों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की बात भी सामने आई है। क्योंकि हाथी स्थानीय रहवासी इलाके में भी घुसे हैं, जिससे कई बार स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोग भी हाथियों को भगाते हैं, जिससे यहां डर बना रहता है। यही वजह है कि स्पेशल फोर्स गठित करने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं। recent visitors 71

प्रधानमंत्री मोदी ने की हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा, प्रदर्शन में शामिल पुलिस अधिकारी निलंबित

ओटावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायराना कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के ऐसी घटनाएं कभी भी देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। पीएम मोदी ने कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने का आह्वान किया। कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट बता दें कि कनाडा के ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शिविर में रविवार लोगों के साथ हिंसा की गई। हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। हमलावरों ने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना उसके बाद मौके पर पहुंची कनाडा पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। वहीं, कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से कहा कि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में लिप्त लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों और कनाडाई नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास अधिकारियों की पहुंच को धमकी, उत्पीड़न और हिंसा से रोका नहीं जाएगा। वीडियो में पहचाना गया कनाडा पुलिस का अधिकारी सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में विरोध प्रदर्शन के वीडियो में पहचाने जाने के बाद पील क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबित अधिकारी सार्जेंट हरिंदर सोही हैं। एक ऑफ-ड्यूटी कनाडा पुलिस अधिकारी प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया पील पुलिस के प्रवक्ता रिचर्ड चिन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बारे में पता है, जिसमें उनके एक ऑफ-ड्यूटी अधिकारी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। सीबीसी न्यूज के अनुसार, चिन ने कहा, “हमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बारे में पता है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पील पुलिस अधिकारी को प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया है। इस अधिकारी को तब से सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस अधिनियम के अनुसार निलंबित कर दिया गया है। हम वीडियो में दर्शाई गई परिस्थितियों की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, हम आगे कोई जानकारी देने में असमर्थ हैं।” इस बीच, पील क्षेत्रीय पुलिस ने दावा किया कि वे अधिकारियों को तैनात करके “शांतिपूर्ण और वैध” नियोजित विरोध प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं। recent visitors 81

नीमच शहर में इस खतरनाक लंपी वायरस का प्रकोप दिखना शुरू हो गया

नीमच  एमपी के नीमच शहर में इस खतरनाक लंपी वायरस का प्रकोप दिखना शुरू हो गया है। अब तक इस वायरस की चपेट में आने से सैकड़ों पशुधन की मौत हो गई है। वहीं इसके केस भी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। लंपी वायरस को विज्ञान की भाषा में माइरसवायरस कहते हैं। लंपी वायरस एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से गायों और भैंसों को प्रभावित करती है। यह बीमारी मच्छरों और अन्य कीटों के काटने से फैलती है। हालांकि यह बीमारी इंसानों को नहीं होती है, लेकिन यह पशुधन के लिए काफी हानिकारक हो सकती है। अब तक इतने जानवरों ने तोड़ा दम नीमच में अब तक इस खतरनाक बीमारी से कई जानवर चपेट में आए हैं। लंपी से 200 पशुओं की मौत हो चुकी है। आंकड़े ठीक से बचाव न करने पर और भी भयावह हो सकते हैं। इसलिए नीचे दिए गए तरीकों का इस्तेमाल करने आप अपने पशुधन को इस वायरस से सुरक्षित रख सकते हैं। लंपी वायरस से बचाव के उपाय सबसे प्रभावी उपाय है सावधानी बरतना और अपने पशुओं के आस पास साफ सफाई रखना। साथ ही टीकाकरण करने से आपके पशुओं में बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। इसके अलावा मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए अपने पशुओं के रहने की जगह को साफ-सुथरा रखें। रुके हुए पानी को हटाएं और मच्छरों से बचाव के लिए दवाओं का उपयोग करें। संक्रमित पशुओं को बाकियों से अलग रखें यदि आपके किसी पशु में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत अन्य पशुओं से अलग कर दें। इसके बाद बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें। ताकि समय पर पशु को इलाज मिल सके। recent visitors 53

मोहाली में हथियारों की नोक पर लूटपाट करने वाले छह गिरफ्तार, नौ दिन में लूटीं दो कारें पुलिस ने की बरामद

मोहाली हाईवे पर कार चालकों को सेक्स का लालच देकर सुनसान ले जाती और अपनी गैंग के अन्य साथियों के साथ लूटपाट कर लेती थी। मोहाली पुलिस ने इस तरह से करीब 20 कार चालकों को लूटने वाली कश्मीर की शमा खान को उसके 6 साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर थार, आईफोन, सोने का ब्रेसलेट और अन्य सामान जब्त किए है। ये सामान महिला ने पंजाब के गोबिंदगढ़ के कारोबारी से लूटे थे। इन्होंने एक अन्य पीड़ित से आई-20 कार लूटी, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है। मोहाली पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया कि आरोपियों की पहचान बठिंडा के रहने वाले अर्शदीप सिंह, जसपाल सिंह, सोहाना के विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़ सैक्टर-35 के अंगदजोत सिंह और उनकी साथी शमा खान के रूप में हुई है। मूलरूप से कश्मीर की रहने वाली आरोपी शमा खान मोहाली के मटौर में रहती थी। वह लिफ्ट मांगने के बाहने राहगीरों को रोकती थी और बाद में उन्हें सुनसान जगह ले जाकर अपने साथियों को बुला लेती थी। उसके साथी साजिश में फंसे राहगीर से मारपीट कर उसे लूट लेते थे। एक वारदात को आरोपियों ने 26 अक्तूबर व दूसरी को 3 नवम्बर को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दोनों वारदातों में लूटी गई एक थार, एक आई-20 कार, एक ​​स्विफ्ट डिजायर, एक .315 बोर का देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। डी.आई.जी. निलांबरी जगदाले ने बताया कि 3 नवम्बर की सुबह 4 बजे गोबिंदगढ़ का करने वाला कारोबारी दीपक अग्रवाल महिला मित्र के साथ थार में जा रहा था। जैसे ही वह सैक्टर-77 में लाइट प्वाइंट राधा स्वामी डेरा ब्यास के समीप पहुंचा तो एक मारुति कार थार के आगे आकर रुकी। उसमेें से 3-4 युवक उतरे और मारपीट करने लगे। इसके बाद आरोपी उसकी थार, आईफोन और सोने का ब्रेसलेट लेकर फरार हो गए थे। इस वारदात को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। एयरपोर्ट रोड पर लूटी थी आई-20 कार डी.आई.जी. ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उनसे पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपियों ने अपनी महिला साथी की मदद लेकर इससे पहले एयरपोर्ट रोड पर एक आई-20 कार लूटी थी। महिला ने पहले कार चालक को लुभा कर उसे सुनसान एरिया में रोका था। वहां योजना के तहत पहले से तैयार बैठे उसके साथियों ने पीड़ित को घेर कर उसकी कार लूट ली थी। इस मामले को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। जब कोई जाल में फंस जाता तो शमा खान उससे शारीरिक संबंध बनाने के बहाने सुनसान जगह ले जाती। उसके साथी वहां पहले से मौजूद होते थे। आरोपी विक्रम सिंह को सोहाना से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी 10वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी गुरप्रीत सिंह को बठिंडा से गिरफ्तार किया है। वह 9वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी अंगदजोत सिंह को चंडीगढ़ सेक्टर-36 से गिरफ्तार किया है, जो बीए पास है। आरोपी महिमा खान उर्फ खुशी को मटौर से गिरफ्तार किया गया है। वह अनपढ़ है और अविवाहित है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी खुशी मटौर में किराये पर रहती थी।   फेज-3बी2 में बनाई थी लूटपाट की प्लानिंग पूछताछ में सामने आया है कि अर्शदीप और गुरप्रीत सिंह दोनों बठिंडा के रहने वाले हैं। तीसरा साथी जसपाल भी मूलरूप से बठिंडा का रहने वाला है लेकिन यहां बहन के पास रहता था। अर्शदीप और गुरप्रीत दोनों जसपाल से मिलने आते थे। जसपाल ने आगे विक्रम से उनकी दोस्ती करवाई थी। चारों फेज-3बी2 की मार्केट में अंगद से मिलने आते थे। वहीं उनके संपर्क में खुशी आई। सभी ने वहीं बैठकर लूटपाट की योजना बनाई। इन वारदातों को दिया था अंजाम उक्त गिरोह ने 26 अक्टूबर अलसुबह पहली वारदात को अंजाम दिया था। टीडीआई सिटी सेक्टर-111 के रहने वाले बलजिंदर सिंह से आरोपियों ने उसकी आई-20 कार लूटी थी। बलजिंदर सिंह सुबह 11 बजे अपनी आई-20 कार में मोहाली क्लब अपनी ड्यूटी पर गया था और अलसुबह 4 बजे वह सेक्टर-86/79 कोर्ट कॉम्पलैक्स को जाती सडक़ पर अपनी गाड़ी रोककर बाथरूम करने लगा तो वहां एक स्विफ्ट गाड़ी आई जिसमें एक खुशी (उक्त आरोपी) उतरी और उसने खरड़ जाने का रास्ता पूछा। उसी दौरान कार से दो और व्यक्ति उतरे और उन्होंने बलजिंदर से उसकी कार की चाबी छीन ली और उसकी आई-20 गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में सोहाना थाने में अज्ञात के खिलाफ लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। दूसरी वारदात को आरोपियों ने 3 नवंबर को अंजाम दिया। आरोपियों ने मंडी गोबिंदगढ़ के रहने वाले दीपक अग्रवाल पर हमला कर उसकी थार कार छीन ली थी। दीपक अग्रवाल अपनी महिला मित्र पूजा के साथ थार में सवार था। वह दोनों अपने दोस्त मोहित सेठी के पास मोहाली आ रहे थे। जब वह गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना से लखनौर की तरफ जा रही सडक़ पर पहुंचे तो करीब सवा 3 बजे उनकी गाड़ी को मारूति जेन कार ने आकर घेर लिया। कार में चार व्यक्ति सवार थे और दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर वहां आकर रूके। उन लोगों ने दीपक की थार का साइड वाला शीशा तोड़ा और उसे बाहर निकालकर उसके सिर पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। उन्होंने उसकी सोने की चेन, ब्रेसलेट, मोबाइल फोन और 12 हजार कैश निकाला और उसकी थार गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में भी अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सोहाना थाने में लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने उपरांत दोनों मामलों में नामजद कर लिया है। recent visitors 79

पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाले महंत रामगिरी महाराज ने कहा है कि वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे

मुंबई पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाले महंत रामगिरी महाराज ने कहा है कि वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे। साथ ही रामगिरी महाराज ने यह भी कहाकि वह इस्लाम विरोधी नहीं हैं। रामगिरी महाराज ने यह बात मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहाकि इस मामले में कोर्ट जो भी फैसला देगा उन्हें वह मान्य होगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों रामगिरी महाराज पर नासिक जिले के सिन्नार तालुका स्थित के पंचाले गांव में पैगंबर मोहम्मद के ऊपर विवादित बयान देने का आरोप लगा था। सोशल मीडिया पर बयान वायरल होने के बाद छत्रपती संभाजीनगर के वैजापुर शहर में काफी तनाव बढ़ गया था। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी बड़े पैमाने पर हुए थे और एफआईआर भी दर्ज हुई थी। रामगिरि महाराज ने कहाकि हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है और यह अधिकार संविधान ने दिया है। उन्होंने कहाकि अगर मेरी टिप्पणियों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो यह उसका व्यक्तिगत मुद्दा है। महंत रामगिरी महाराज ने कहाकि उनके बयान के बाद देश के बाहर से सोशल मीडिया यूजर्स देश में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रेस कांफ्रेंस में रामगिरी महाराज के साथ पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह भी मौजूद थे। सत्यपाल सिंह ने कहाकि महंत रामगिरी माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि उन्होंने वही कहा जो इस्लामिक किताबों में लिखा हुआ है। सिंह ने मुंबई में पत्रकारों से कहा कि इस्लाम के विद्वानों और मौलानाओं को सभी को बताना चाहिए कि क्या रामगिरि की टिप्पणियां तथ्यात्मक नहीं थीं। महाराष्ट्र सरकार ने एक महीने पहले बंबई हाई कोर्ट के सामने कहा था कि नासिक में एक कार्यक्रम में इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर रामगिरि महाराज के खिलाफ राज्य में लगभग 67 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सरकार ने अदालत से कहा था कि साइबर अपराध पुलिस कथित अपमानजनक टिप्पणियां ऑनलाइन माध्यमों से हटा रही है। सत्यपाल सिंह ने कहा कि जिहाद के नाम और भारत में अराजकता पैदा करने के लिए पर रामगिरि महाराज को निशाना बनाने की एक साजिश रची जा रही है। सिंह ने कहाकि कुछ ताकतें ऐसी हैं जो चुनाव से पहले ही सक्रिय हो जाती हैं। हमारा काम उन ताकतों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। सिंह ने कहा कि रामगिरि महाराज और अन्य की टिप्पणियां इंटरनेट पर उपलब्ध हैं और वह इस्लाम के विद्वानों और मौलानाओं से तथ्यों को दुनिया के सामने लाने का अनुरोध करते हैं। सिंह ने कहाकि सच बोलना कोई अपराध नहीं है। कौन हैं रामगिरी महाराज रामगिरी महाराज अहमदनगर स्थित गौड़ा धाम के महंत हैं। उनका असली नाम नाम सुरेश रामकृष्ण राणे है। उन्होंने साल 2009 में दीक्षा ली और गंगागीर महाराज के शिष्य नारायणगिरि महाराज के शिष्य बन गए। नासिक जिले के सिन्नर तालुका में होने वाले हिंदू कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विवादित बयान दिया था। इस कार्यक्रम में लाखों लोग आते हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाल ही में यहां का दौरा किया था। recent visitors 135