जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सत्र आज से शुरू, भाजपा की अब्दुल्ला सरकार को घेरने की तैयारी पूरी

जम्मू केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की पहली विधानसभा का सत्र सोमवार से श्रीनगर में शुरू हो रहा है। पहले सत्र के ही हंगामेदार रहने की संभावना है। अनुच्छेद 370, जम्मू कश्मीर का राज्य का पूर्ण दर्जा बहाल करना, दरबार मूव, आतंकी हमलों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर तीखी बहस होने के पूरे आसार हैं। नेकां व कांग्रेस की तरफ से चुनावी घोषणापत्र में लोगों से किए गए लोकलुभावन वायदों पर भी भाजपा के निशाने पर सरकार होगी। भाजपा सरकार से वायदों को पूरा करने के लिए नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस को निशाने पर लेगी। यह तय है कि कांग्रेस जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करवाने के मुद्दे को तूल देगी, क्योंकि कांग्रेस ने इसी शर्त पर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने का फैसला किया हुआ है। recent visitors 75

भैंसाखेड़ी स्थित पं. दीनदयाल कृषि उपज मंडी में सन्नाटा, गेहूं की अपेक्षित नीलामी भी नहीं हो सकी थी

भोपाल किसानों की फसल बाजार में आने के बावजूद ग्राम भैंसाखेड़ी स्थित पं. दीनदयाल कृषि उपज मंडी में सन्नाटा है। इससे पहले यहां गेहूं की अपेक्षित नीलामी भी नहीं हो सकी थी। अब सोयाबीन, मक्का एवं धान की नीलामी नहीं हो पा रही है। किसान सीधे करोंद मंडी जा रहे हैं। अनाज व्यापारियों की भी नीलामी में रुचि नहीं है। इस बार गेंहूं की फसल लेकर कम ही किसान मंडी तक पहुंचे। मंडी समिति ने सोसायटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर खरीदी की। व्यापारियों की घटती रुचि के कारण मंडी सुनसान होती जा रही है। अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष जगदीश आसवानी के अनुसार बैरागढ़ एवं आसपास के इलाके में कृषि भूमि कम बची है। अधिकांश किसान फसल बेचने सीहोर एवं करोंद मंडी जा रहे हैं। इस कारण मंडी में कारोबार कम हो गया है। सोयाबीन की खरीदी की उम्मीद भी पूरी नहीं हो पा रही है। उधर, मंडी में धर्मकांटा लगाने के प्रस्ताव पर अमल नहीं हो पा रहा है। धर्मकांटा नहीं होने के कारण अनाज की तुलाई धीमी गति से होती है। पिछले दिनों किसानों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था, लेकिन धर्मकांटा नहीं लग सका। दाल एवं आटा मिल शिफ्ट करने का सुझाव यहां पर कृषि उपज मंडी का निर्माण लंबे संघर्ष के बाद हुआ था। पहले मंडी को मुबारकपुर में बनाया जा रहा था। व्यापारिक संगठनों के संघर्ष और कांग्रेस एवं भाजपा नेताओं के बीच आपसी सहमति के बाद मंडी भैंसाखेड़ी में ही बनी। लेकिन इस मंडी में कारोबार बहुत कम हो गया है। मंडी समिति एवं व्यापारी संघ के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं। व्यापारी कहते हैं कि हम खरीद करना चाहते हैं, पर किसान ही नहीं आते। अनाज व्यापारी संघ के संस्थापक सदस्य नरेश पारदासानी का कहना है कि मंडी समिति को दाल एवं आटा मिलों को मंडी के अंदर जगह देनी चाहिए। इससे मंडी की रौनक बढ़ेगी। किसान भी आएंगे। recent visitors 72

बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना का जमीनी स्तर पर काम शुरू, पांच वर्ष में काम होगा पूरा

इंदौर बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना का जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। पांच वर्ष में तैयार होने वाली इस परियोजना में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस नई रेल लाइन से धार, खरगोन और बड़वानी के आदिवासी अंचल से पहली बार रेल लाइन गुजरेगी। परियोजना से लगभग एक हजार गांवों और 30 लाख आबादी का रेल सेवा से सीधा संपर्क जुड़ेगा। परियोजना से पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र को गति मिलेगी। प्रोजेक्ट पूरा होने पर 16 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन का संचालन होगा, जिसमें 50 लाख यात्री शुरुआती वर्षों में सफर करेंगे। हर साल इस प्रोजेक्ट से रेलवे को 900 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलेगा। इंदौर से मुंबई की दूरी भी 830 किमी से घटकर 568 किमी रह जाएगी। संघर्ष समिति के मनोज मराठे ने बताया कि हाल ही में रेलवे ने जो जानकारी दी है, उसके अनुसार रेलवे ने प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रोजेक्ट पूरा होने से 24 मालगाड़ियों का संचालन होगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू 16 हजार करोड़ रुपये से बनेगी 309 किमी लंबी नई रेल लाइन। इंदौर से मुंबई की दूरी घटकर 568 किमी रह जाएगी। पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी गति।   यहां से गुजरेगी रेल लाइन नई रेल लाइन महू से धार होते हुए धरमपुरी, ठीकरी, राजपुर, सेंधवा, सिरपुर, शिखंडी, धुले, मालेगांव होकर मनमाड़ पहुंचेगी। पूरी परियोजना में 30 नए रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे। ये भी जानें 309 किमी लंबी लाइन लाइन बिछेगी। इंदौर-मुंबई के बीच सबसे छोटा रेल मार्ग बनेगा। मप्र के चार जिलों से होकर गुजरेगी रेल लाइन। 2028-29 तक पूरी होगी परियोजना।   recent visitors 97

10 साल या उससे पुराने आधार कार्ड में जानकारी अपडेट न होने के कारन 65 हजार लोगों का आधार कार्ड हो सकते है रद्द!

नई दिल्ली आधार कार्ड उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। सरकार 65 हजार लोगों का आधार कार्ड कैंसिल कर सकती है। दरअसल, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 10 साल या उससे पुराने आधार कार्ड में जानकारी अपडेट कराने के लिए मुफ्त ऑनलाइन सुविधा प्रदान की है। केंद्र सरकार ने आधार में जानकारी अपडेट करने के लिए कई बार डेडलाइन बढ़ाई है, लेकिन अब भी हजारों लोगों ने यह काम नहीं कराया है। भोपाल में ऐसे करीब 65 हजार लोगों का आधार कार्ड कैंसिल हो सकता है, जिन्होंने अब तक अपने आधार में अपडेट नहीं किया है। इसके लिए ‘MyAadhaar’ पोर्टल पर जाकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। क्यों जरूरी है आधार अपडेट? आधार कार्ड आज एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र बन गया है, जिसका उपयोग सरकारी योजनाओं से लेकर बैंक खाता खुलवाने तक में किया जाता है। 10 साल पुराने आधार में आपके पते और तस्वीर में बदलाव हो सकता है। जानकारी अपडेट कराने से धोखाधड़ी पर रोक लगेगी और सटीक जनसंख्यिकी जानकारी प्राप्त होगी। 14 दिसंबर डेडलाइन? UIDAI ने 10 साल पुराने आधार में जानकारी अपडेट के लिए 14 दिसंबर तक का समय दिया है। इससे पहले डेडलाइन को तीन बार बढ़ाया गया था: पहले 14 मार्च, फिर 14 जून, और उसके बाद 14 सितंबर। अब 14 दिसंबर अंतिम डेडलाइन मानी जा रही है। कैसे करें आधार कार्ड अपडेट? ‘MyAadhaar’ पोर्टल पर जाएं: यहां लॉगिन करके अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें: अपनी पहचान और पते के लिए नए दस्तावेजों को अपलोड करें। फ्री ऑनलाइन अपडेशन: यह सेवा मुफ्त है, जिसका लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द अपडेट कराएं। आधार कार्ड अपडेट के लिए जरूरी दस्तावेज     राशन कार्ड     मतदाता पहचान पत्र     निवास प्रमाण पत्र     जन-आधार कार्ड     मनरेगा/एनआरईजीएस जॉब कार्ड     श्रम कार्ड     भारतीय पासपोर्ट     पैन/ई-पैन कार्ड     सीजीएचएस कार्ड     ड्राइविंग लाइसेंस आधार कार्ड को अपडेट कराकर आप अपनी पहचान को सुरक्षित और अद्यतन बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा, इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेना भी सुगम हो जाएगा।   recent visitors 85

बुजुर्गों को मिलेगा आयुष्मान वय वंदना कार्ड, 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, जानिए कार्ड बनाने का पूरा प्रोसेस

नई दिल्ली आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी मिलेगा। केंद्र सरकार ने 70 वर्ष तक और उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर इस योजना की शुरुआत की, जिससे लगभग 1,17,129 बुजुर्ग लाभान्वित होंगे। योजना के लाभ इस योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को सरकारी और निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल सकेगा। बुजुर्गों को विशेष रूप से कार्ड प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वे इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। कौन से अस्पताल शामिल ? गोरखपुर जिले में इस योजना के अंतर्गत 13 सरकारी और 60 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जहां बुजुर्ग इस योजना का लाभ ले सकते हैं। Ayushman Card कैसे बनवाएं Ayushman Card बनवाने के लिए बुजुर्गों को निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना होगा: नजदीकी केंद्र पर जाएं: कार्ड बनाने के लिए जिला अस्पताल, सभी डिविजनल अस्पताल और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पर जाना होगा। आधार कार्ड और मोबाइल लिंकिंग: आधार कार्ड का मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है। यदि नंबर लिंक नहीं है, तो पहले इसे लिंक कराना होगा। साइट पर जाएं: बुजुर्ग यहां जाकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज कार्ड बनवाने के लिए बुजुर्गों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे: आधार कार्ड मोबाइल नंबर बुजुर्ग का हालिया फोटो इसके अलावा, ओपीडी फॉर्म में नाम, पता, राज्य और परिवार का विवरण भरना होगा। इस प्रक्रिया में बुजुर्ग को नाम, पते और उम्र का विवरण देने के साथ ही उनकी फोटो भी खींची जाएगी, जो कार्ड पर प्रिंट की जाएगी। इस योजना के माध्यम से बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।   recent visitors 110

चारधाम यात्रा में इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं में 53 की मौत अब तक हुई, क्या है वजह?

नई दिल्ली उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2024 नवंबर महीने में अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। दो नवंबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद आज 3 नवंबर को केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो गए है। उसके बाद रविवार दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट भी विधि विधान से बंद कर दिए गए हैं। बीती 10 मई को शुरू हुई चारधाम यात्रा में इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं में 53 की मौत अब तक हुई है। जिनमें यमुनोत्री धाम में 40 और गंगोत्री धाम में 13 तीर्थयात्री शामिल हैं। बताया गया है कि कठिन चढ़ाई के साथ ही मौसम में बदलाव भक्तों की मौत का मुख्य वजह बन रहा है। इसके अलावा, डॉक्टरों का कहना है कि बीमार और बुजुर्ग भक्तों को अपना पूरा स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही चारधाम यात्रा पर जाना चाहिए। चारधाम यात्रा रूट पर 3 कांवड़िए लापता है। जिनका अभी अभी तक पता नहीं चल पाया है। गत वर्ष की बात करें तो वर्ष 2023 में यमुनोत्री धाम में 62 लोगों की मौत हुई थी। जिनमें यमुनोत्री में 41 और गंगोत्री में 21 तीर्थयात्री यात्रा के दौरान अपनी जान गंवाए थे। 15 लाख से अधिक लोग पहुंचे गंगोत्री-यमुनोत्री गंगोत्री धाम के कपाट शनिवार को विधिवत पूजा अर्चना के बाद बंद कर दिए गए हैं। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। लेकिन छह माह के इस यात्राकाल में इस वर्ष रिकार्ड संख्या में तीर्थ यात्री इन दोनों धामों के धामों के दर्शन को पहुंचे हैं। दोनों धामों में अब तक 15,21,752 तीर्थयात्रियों दर्शन कर चुके हैं। जिनमे से यमुनोत्री धाम में 7,10,210 और गंगोत्री धाम में 8,11,542 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। अक्षय तृतीय के पर्व पर गत 10 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाटोद्घाटन के साथ प्ररांभ हुई चारधाम यात्रा का वर्तमान सत्र अब समाप्त होने जा रहा है। यमुनोत्री मंदिर के कपाट आज रविवार को भाई दूज के पावन पर्व पर दोपहर 12:03 पर बंद कर दिए जाएंगे। इन दोनों धामों की तुलना में गत वर्ष का आंकलन करें तो 22 अप्रैल 2023 को कपाटोद्घाटन के बाद गंगोत्री मंदिर के कपाट 14 नवंबर 2023 को तथा यमुनोत्री मंदिर के कपाट 15 नवंबर 2023 को बंद हुए थे। इस प्रकार बीते वर्ष गंगोत्री धाम की यात्रा 207 दिन और यमुनोत्री धाम की यात्रा 208 दिनों तक संचालित हुई थी। जिसमें गंगोत्री धाम में 905456 यात्री तथा यमुनोत्री धाम में 737245 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए थे। इस वर्ष गंगोत्री धाम का यात्रा काल 177 दिन और यमुनोत्री धाम का यात्रा काल 178 दिनों का रहा है। इसके बावजूद अभी तक 15 लाख से अधिक श्रद्धालु मां गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर लौट चुके हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवम्बर को होंगे बंद बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 17 नवम्बर को रात्रि 9 बजकर 7 मिनट पर बंद होंगे। बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने से पूर्व श्रद्धालु भगवान के दर्शन करना चाहते हैं। इसलिए अक्तूबर से लेकर अभी तक प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी 6500 से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंचे। पुलिस प्रशासन द्वारा दिए आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार तक बदरीनाथ में यात्रा अवधि में 12 लाख 74 हजार से अधिक यात्री बदरीनाथ धाम दर्शन के लिए पहुंचे। पहाड़ में इस समय मौसम खुशगवार है। इसलिए बदरीनाथ सहित सभी मंदिरों में भारत ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु बदरीनाथ के कपाट बंद होने से पूर्व प्रकृति और भगवान दोनों के दर्शन के लिए यहां आ रहे हैं। आम और खास सब भगवान के दरबार में माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। recent visitors 96

अमेरिकी नागरिकों को उम्मीद है कि नई सरकार देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर लगाम लगाएगी

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रोजगार एक बड़ा मुद्दा। अमेरिकी नागरिकों को उम्मीद है कि नई सरकार देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर लगाम लगाएगी। हालांकि, चुनाव से पहले कई ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही है कि अमेरिका में मौजूद विदेशी मूल के लोगों की वजह से अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां नहीं मिल रही। नौकरी के लिए तरस रहे अमेरिकी मूल निवास: रिपोर्ट कुछ ट्रम्प समर्थक अर्थशास्त्री और MAGA मीडिया ने श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के डाटा का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि विदेशी मूल के लोग अमेरिका के ज्यादातर नौकरियां ले रहे है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल   800,000 अमेरिकी नागरिकों  ने नौकरियां खो दी हैं, जबकि विदेशी-निवासी श्रमिकों ने 1 मिलियन  (10 लाख) से अधिक नौकरियां हासिल की हैं। अमेरिकी श्रम बाजार विदेशी श्रमिकों और सरकारी नौकरशाहों से भरा पड़ा है। रिपोर्ट में ये दावा किया जा रहा है कि कई संस्थाएं अमेरिकी मूल नागरिकों की जगह विदेशी मूल के लोगों को नौकरी देना ज्यादा पसंद करती है। कोरोना महामारी के बाद कुछ ही अमेरिकी नागरिकों को नौकरियां मिली है। नौकरियों पर कब्जा कर रहे अवैध प्रवासी: रिपोर्ट ब्रेइटबार्ट रिपोर्ट  के अनुसार, विदेशी लोग बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हो रहे है। वे मूल अमेरिकी की नौकरियां ले रहे हैं और आगे भी ऐसा हो सकता है। प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 तक 3 करोड़ से अधिक अवैध अप्रवासी और अवैध विदेशी अमेरिकी नौकरियों पर कब्जा कर चुके हैं। recent visitors 102