प्रियंका गांधी ने कहा- सरकार आम आदमी की अनदेखी करती है और केवल अमीर व्यापारियों के कर्ज माफ कर उन्हें बढ़ावा देती है

वायनाड प्रियंका गांधी ने रविवार को अपने भाई राहुल गांधी के साथ चुनावी मंच से महंगाई और बेरोजगारी को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार आम आदमी की अनदेखी करती है और केवल अमीर व्यापारियों के कर्ज माफ कर उन्हें बढ़ावा देती है। केरल के वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपने प्रचार के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, आवास और शिक्षा में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीण रोजगार योजना के लिए अध‍िक न‍िवेश को संसद में सरकार पर दबाव बनाने का वादा करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अमीर व्यापारियों के 16 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए, लेकिन किसानों को फसल नुकसान के लिए मुआवजा देने या बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और नौकरियों पर खर्च करने में अनिच्छुक है। बड़े व्यापारियों का फेवर लेने के लिए पीएम मोदी पर हमला करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उनका उद्देश्य क्रोध और नफरत फैलाकर, आपको विभाजित करके सत्ता में बने रहना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अत्याचार कर रहे हैं और लोगों को उनके अधिकारों से वंचित कर रहे हैं। वायनाड के मतदाताओं की ओर से राहुल गांधी द्वारा शुरू की गई लड़ाई को जारी रखने का वादा करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में आपकी समस्याओं को उठाकर उन्हें हल करने का बहुत प्रयास किया है। महंगाई और बेरोजगारी को मूलभूत समस्याओं के रूप में रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार लोगों के लिए काम नहीं कर रही हैं। उन्होंने वायनाड के मतदाताओं को उनके भाई राहुल गांधी के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया, जबकि उन पर भाजपा द्वारा हर दिन हमला किया जा रहा था और उनकी छवि को खराब करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा था। वायनाड में विकास के लिए अपना खाका साझा करते हुए कांग्रेस महासचिव ने लोगों की आय बढ़ाने के लिए पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की क्षमता पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में राजनीतिक मुद्दे उठाने से परहेज करने वाले राहुल गांधी ने कहा कि देश में लड़ाई नफरत से नहीं, बल्कि विनम्रता और प्यार से बनाए गए संविधान की रक्षा और उसे कायम रखने तक सीमित है। इस दौरान उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कभी-कभी मैं अधिक तार्किक होता हूं, लेकिन वह मुझसे अधिक भावुक होती हैं। इसलिए मुझे विश्वास है कि आपको सबसे अच्छा सांसद मिलने वाला है। मैं यह दृढ़ता से कह रहा हूं कि उनसे बेहतर कोई भी आपका सांसद बनने के लिए उपयुक्त नहीं है। प्रियंका गांधी की प्रतिबद्धता का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज सुबह जब वह यहां आ रही थीं, तो उनके पास एक सूची थी कि हम भविष्य में कहां ध्यान केंद्रित करेंगे, हम वायनाड के लिए कहां लड़ेंगे और हम वायनाड की क्षमताओं को कहां मजबूत करेंगे। recent visitors 112

बुरहानपुर में पाड़ों की टक्कर करा पशुओं के साथ क्रूरता का लागया आरोप, मेला समित के अध्यक्ष समिह 9 लोगों पर FIR

बुरहानपुर परंपरा के नाम पर पाड़ों की टक्कर करा पशुओं के साथ क्रूरता करने के आरोप में शाहपुर थाना पुलिस ने मेला समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी सहित नौ लोगों पर प्रकरण दर्ज किया है, हालांकि रविवार शाम तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। करीब 200 पाड़ों को किया गया था शामिल शनिवार दोपहर एक बजे से शाहपुर स्थित अमरावती नदी के तट पर पाड़ों की टक्कर का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में मप्र और महाराष्ट्र के करीब दो सौ पाड़ों को शामिल कराया गया था। उनकी टक्कर को देखने के लिए भी करीब एक लाख लोग शाहपुर पहुंचे थे। कई सालों से हो रहा आयोजन बीते कई दशक से यह आयोजन होता आ रहा है। इस बार कुछ समाज सेवियों ने इस आयोजन का विरोध करते हुए इसे पशुओं के साथ क्रूरता बता कार्रवाई की मांग की थी। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर पुलिस ने देर रात आयोजकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया। इनके खिलाफ दर्ज हुआ प्रकरण थाना प्रभारी शाहपुर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मेला समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी 38 वर्ष निवासी शाहपुर के साथ ही कन्हैया नवलखे, दिनकर चौहान, सुधीर महाजन, दीपक येवले, उमाकांत पाटिल, गोकुल महाजन, सुनील वानखेड़े और वासुदेव महाजन सभी निवासी शाहपुर के खिलाफ बीएनएस व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। recent visitors 88

सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान CM चंद्रबाबू नायडू को देख बिगड़ी महिला की नियत, किस करने की कोशिश

आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक महिला ने अचानक सीएम नायडू को किस करने की कोशिश की। वीडियो की जानकारी यह वीडियो Gulte नाम के एक एक्स हैंडल पर शेयर किया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला एक गुलदस्ता लेकर सीएम नायडू के पास आती है और उन्हें देती है। इसके बाद, वह अचानक उन्हें किस करने की कोशिश करती है। हालांकि, चंद्रबाबू नायडू ने इसे टालते हुए महिला को रोक दिया और उनके सुरक्षाबल ने महिला को वहां से वापस भेज दिया। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ वीडियो वायरल होने के बाद, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ आनी शुरू हो गई हैं। चंद्रबाबू नायडू का राजनीतिक प्रदर्शन इस बीच, यह भी उल्लेखनीय है कि सीएम चंद्रबाबू नायडू की पार्टी, टीडीपी, ने हाल ही में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है। लोकसभा चुनाव में उन्होंने राज्य की 25 सीटों में से 16 सीटें जीती थीं। विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने उनके नेतृत्व में शानदार जीत हासिल की थी। यह वीडियो और सीएम नायडू की प्रतिक्रिया लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। recent visitors 66

भारत में टीबी 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 237 मामलों से घटकर 2023 में यह संख्या 195 हुई: WHO

नई दिल्ली विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में भारत में तपेदिक (टीबी) के मामलों में सुधार की सराहना की है। रिपोर्ट के अनुसार, 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 237 मामलों से घटकर 2023 में यह संख्या 195 हो गई है, जो 18% की गिरावट दर्शाती है। यह वैश्विक गिरावट 8% की तुलना में दोगुनी से अधिक है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह गिरावट टीबी मामलों की खोज के लिए भारत द्वारा किए गए प्रयासों का परिणाम है। देश भर में 1.7 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण के प्रयास भी इसकी एक वजह हैं। टीबी से मौतों में कमी पिछली रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने भारत में टीबी मृत्यु दर को कम किया था, और मौजूदा रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि टीबी से होने वाली मौतों में भी कमी आई है। यह संख्या 28 प्रति लाख जनसंख्या से घटकर 22 प्रति लाख जनसंख्या तक आ गई है, यानी 21% की गिरावट। बजट में वृद्धि स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि टीबी के लिए बजट आवंटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2015 में 640 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 3,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि टीबी कार्यक्रम के लिए अधिकांश धन सरकारी संसाधनों से आता है। तकनीकी प्रगति केंद्र सरकार ने टीबी के व्यापक प्रयोगशाला नेटवर्क के पूरक के लिए 800 से अधिक एआई-सक्षम पोर्टेबल चेस्ट एक्स-रे मशीनें खरीदने का फैसला किया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीबी प्रयोगशाला नेटवर्क है, जिसमें 7,767 त्वरित आणविक परीक्षण सुविधाएं और 87 संस्कृति तथा दवा संवेदनशीलता परीक्षण प्रयोगशालाएं शामिल हैं। भारत ने टीबी नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए सितंबर में, सरकार ने अपने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (एमडीआर-टीबी) के लिए एक नए उपचार योजना 'बीपीएएलएम' की शुरुआत की, जो कम समय में अधिक प्रभावी है। 2024 के पहले नौ महीनों में, भारत ने 19.8 लाख टीबी रोगियों की रिपोर्ट की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4% की वृद्धि है। इस प्रकार, भारत ने टीबी नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे टीबी के मामलों में कमी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो रहा है। recent visitors 92

बीना विधायक निर्मला सप्रे के मुंह पर भाजपा ने बांध दी पट्टी, नहीं कर सकती हैं मीडिया से बात

BJP has tied a bandage on the mouth of Bina MLA Nirmala Sapre, she cannot talk to the media भोपाल। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी संगठन ने बीना विधायक निर्मला सप्रे पर इस बात की पाबंदी लगा दी है कि वे अब मीडिया से बात नहीं कर सकेंगे। दरअसल मीडिया ने कोशिश की वो उनसे मिलें बातचीत करें और उनसे जाने कि निर्मला का अगला कदम क्या होगा, लेकिन सप्रे ने साफ साफ कह दिया है कि मीडिया से बात नहीं करने के लिए मुझे ऊपर से आदेश है।मतलब भारतीय जनता पार्टी के संगठन से आदेश है कि जब तक वे अंतिम निर्णय नहीं लेती है जब तक कि वे किस पार्टी में है किसमें नहीं है, यह तय नहीं कर लेती हैं तब तक अब मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे। निर्मला 2023 में कांग्रेस के टिकट पर बीना से विधायक चुनी गई थी।लेकिन 3 मई 2024 को रात में उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने के बाद आज तक निर्मला सप्रे ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। वे चाहतीं तो इस्तीफा देकर बीजेपी से चुनाव लड़ेगी, लेकिन ऐसी कुछ परिस्थितियां बन गई है कि विधायक सप्रे अब इस्तीफा देने को तैयार नहीं है। सब जानते हैं कि जो निर्मला सप्रे ने अपने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं व अपने समर्थकों से जो कहा था कि अभी बीना के विकास के लिए इस्तीफा दे रही है। प्रदेश में अभी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तो बीना का विकास होगा। बीना जिला भी बनेगा, लेकिन यह बात तय हो गई है कि अब भारतीय जनता पार्टी बीना को जिला नहीं बनाएगी। क्योंकि बीना और खुरई के बीच में जिला बनाने को लेकर विवाद चल रहा है। कौन जिला बनना चाहिए, कौन नहीं बनना चाहिए। दूसरा मध्यप्रदेश में अब जिलों को लेकर एक परिसीमन समिति का गठन कर दिया गया है।जब तक वह समिति की रिपोर्ट नहीं आती है तब तक बीना जिला नहीं बनेगा। बेशक मुख्यमंत्री ने बीना का दौरा कर लिया है। तमाम विकास कार्यों की घोषणा कर दी है, लेकिन निर्मला सप्रे आज भी हिम्मत नहीं कर पा रही है कि वे कांग्रेस से इस्तीफा दे दें और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े। एक इंटरव्यू में सप्रे ने यह दावा था कि अक्टूबर में वे कांग्रेस के विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे और भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव का रास्ता सुगम कर देंगी। लेकिन आप जानते हैं कि उस समय से लेकर आज तक निर्मला सप्रे लगातार कहती रही है कि वह जल्द निर्णय लेंगी, लेकिन उन्होंने ऐसा अभी तक नहीं किया। पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में उनको देखा गया। उनसे मीडिया ने कुछ सवाल जानने की कोशिश की, लेकिन वे भाग निकली। भाजपा ने उनके मुँह पर पट्टी बांध दी है कि कुछ भी हो जाए, लेकिन अब आपका कोई भी बयान मीडिया में नहीं आना चाहिए। वरना आपके लिए खतरा पैदा हो सकता है। क्योंकि अब यह पूरा मामला कोर्ट कचहरी की ओर जा रहा है। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बाकायदा एक शिकायत विधानसभा स्पीकर को दी है कि सप्रे को अब आप दलबदल कानून के तहत बाहर का रास्ता दिखाएं। उन्हें नोटिस भी मिले।एक नहीं तीन तीन नोटिस मिले। उन्होंने जवाब भी दे दिया कि कांग्रेस की विधायक हैं। बीजेपी में गई नहीं है। कितना झूठ बोल सकते हैं वो सारे झूठ के सहारे ले लिए गए हैं। उसके बाद अभी तक अध्यक्ष ने अपना फैसला नहीं सुनाया है। निश्चित तौर पर जैसे ही अध्यक्ष का फैसला आएगा, उन्हें तीन महीने में निर्णय लेना होता है। जैसे फैसला आएगा कांग्रेस हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट का रास्ता खुला वहां जा सकती है। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं ने निर्मला से कहा है बिल्कुल चुप रहना है। एक शब्द नहीं बोलना है। आपका एक भी शब्द हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में बयान माना जा सकता है। बीना में इस बात की भी चर्चा है कि उन्हें उपचुनाव में शायद हार का मुँह देखना पड़ सकता है इसलिए वे इस्तीफा नहीं दे रहीं हैं। वे बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के हालात से भी डरी हुई हैं। recent visitors 226

खतरनाक हुई दिल्ली की हवा! 8 इलाकों में AQI 400 पार, ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 के पार

नई दिल्ली दिवाली के बाद से दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। प्रदूषण के कारण राजधानी के कई इलाकों में लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। रविवार को दिल्ली का आसमान धुएं की पतली परत से ढक गया। इस दौरान दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के पार रहा। वैसे तो दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन 8 इलाके ऐसे हैं जहां रविवार को लोगों को सांस लेने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं दिल्ली में प्रदूषण का हाल। 8 इलाकों में सबसे ज्यादा पलूशन वैसे तो दिल्ली एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में प्रदूषण से हालत बदतर हुए हैं, लेकिन 8 इलाकों में हवा का स्तर खतरनाक हो गया है। यहां लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह दिल्ली के नेहरू विहार और आनंद विहार की हवा में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सीपीसीबी के आंकड़ों में दिखाया गया कि 38 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्र आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, पंजाबी बाग, नेहरू मार्ग, मुंडका, जहांगीरपुरी और अशोक विहार में एक्यूआई 400 से अधिक रहा। बाकी दिल्ली का क्या हाल दिवाली के दिन बेरोकटोट पटाखों की आतिशबाजी के बाद दिल्ली की हवा का स्तर गिरना तय था। ऐसा ही हुआ। रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 350 के ऊपर रहा। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीपीसीबी से मिली अपडेट के अनुसार, रविवार को सुबह सात बजे तक दिल्ली के न्यू मोती बाग इलाके में एक्यूआई 352 और आरके पुरम में 380 दर्ज किया गया है। इसके अलावा विवेक विहार में 388, द्वारका सेक्टर 8 में 385 और लोधी रोड में 330 दर्ज किया गया है। सीपीसीबी के अनुसार, इन सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। क्यो बोले लोग दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली के लोग चिंतित हैं। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऐसे लोगों को जिनको सांस संबंधी समस्या पहले से है। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण पर बात करते हुए दिल्ली के रहने वाले आदित्य कहते हैं कि यहां सांस लेना काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बाहर जाकर एक्सरसाइज करने का यह सही समय नहीं है क्योंकि आंखों में जलन देखने को मिल रही है। क्या कर रही दिल्ली सरकार? बढ़ते प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए सरकार कई बड़े प्रयासों का दावा कर रही है। हालांकि, ये सभी प्रयास खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि लोगों को प्रदूषण से राहत तो नहीं मिल पा रही है। बढ़ती ठंड के साथ दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। दिल्ली सरकार की तरफ से जानकारी देते हुए मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए सरकार 200 एंटी-स्मॉग गन लगाएगी। recent visitors 82

देशभर में नेशनल हाईवे पर फर्जी टोल प्लाजा का पता लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी सर्वे कराने का सरकार ने लिया फैसला

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने संसदीय समिति की सिफारिश के बाद देशभर में नेशनल हाईवे पर फर्जी टोल प्लाजा का पता लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी सर्वे कराने का फैसला किया है। इस सर्वे का मकसद सड़क यात्रियों की जेब ढीली कर रहे फर्जी टोल प्लाजा को बंद कराकर उन पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इस बाबत 10 अक्टूबर 2024 को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना एवं विकास निगम लिमिटेड (एनएचएआईडीसीएल) को आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि देश के कई हिस्सों में कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा फर्जी टोल प्लाजा बनाकर आम जनता से टोल टैक्स वसूलने की सूचना प्राप्त हुई है। विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) व परियोजना निदेशक (पीडी) अपने-अपने क्षेत्र में गहन सर्वे कार्यक्रम चलाकर ऐसे फर्जी टोल प्लाजा को बंद कराएं। इसके लिए विभाग को राज्य सरकार के प्रशासन-पुलिस की सहायता लेनी चाहिए। आदेश में कहा गया है कि फर्जी टोल प्लाजा से आम जनता को ठगा जा रहा है और इससे राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। गौरतलब है कि पर्यटन और परिवहन संबंधी संसद की स्थायी समिति ने पिछले दिनों संसद में पेश अपनी रिपोर्ट देश में चल रहे फर्जी टोल प्लाजा को लेकर सरकार का ध्यान खींचा था। समिति ने गुजरात में एक फर्जी टोल प्लाजा का निर्माण कराकर सड़क यात्रियों से टोल टैक्स वसूली का उल्लेख भी किया। इसके अलावा समिति ने बार-बार सड़क यात्रियों से तय दर से अधिक टोल वसूलने वाले टोल कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश भी की है। गुजरात में फर्जी टोल प्लाजा पर 75 करोड़ रुपये वसूले गुजरात के मोरबी जिला में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8ए पर फर्जी टोल प्लाजा बनाकर डेढ़ साल तक टोल टैक्स की वसूली होती रही। इस दौरान असमाजिक तत्वों ने आम सड़क यात्रियों से 75 करोड़ रुपये बतौर टोल टैक्स वसूले। इसकी जानकारी होने पर स्थानीय पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर जेल भेजा। कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बावजूद हो रही वसूली लगभग 900 किलोमीटर लंबे वडोदरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर भरुच खंड व भरुच-सूरत खंड पर टोल प्लाजा का अनुबंध समाप्त होने के बावजूद 100 टोल टैक्स लिया जा रहा है, जबकि सरकार का नियम कहता है ऐसे प्लाजा पर राजमार्ग के मरम्मत व रख-रखाव के नाम पर सिर्फ 40 टैक्स लिया जाना चाहिए। सूत्रों का कहना है विभाग के अफसरों की मिलीभगत से होता है। recent visitors 87