काले हिरण का शिकार, पोस्टमार्टम में खुलासा गोली मारकर हत्या

भोपाल  भोपाल से करीब 40 किमी दूर बरखेड़ा सालम गांव में काले हिरण का शव मिला है। ग्रामीण वीर सिंह मेवाड़ा ने मंगलवार सुबह शव दिखने की सूचना वन विभाग को दी थी। दोपहर में पहुंची वन विभाग की टीम ने काले हिरण के शव को कब्जे में लिया। भोपाल के जेल पहाड़ी स्थित पशु अस्पताल में काले हिरण के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। गर्दन के पास गहरा घाव शुरुआती जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि काले हिरण की उम्र करीब पांच साल थी। उसकी गर्दन के पास गहरा घाव था। इससे आशंका जताई जा रही है कि गोली मारकर काले हिरण का शिकार किया गया होगा। हालांकि शिकारी अपने साथ शव ले जा नहीं पाए। माना जा रहा है कि ग्रामीणों के जाग जाने से वे ऐसा नहीं कर पाए हों। मौत का कारण अज्ञात वन अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही काले हिरण की मौत का सही कारण पता चल सकेगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच कमेटी बनाई जाएगी। काले हिरण का पोस्टमार्टम डा. संगीता धमीजा ने किया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट एक-दो दिन में आएगी। वन विभाग ने फिलहाल अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद छानबीन शुरू कर दी है। छिंदवाड़ा से वन विहार लाए गए नर तेंदुआ शावक की मौत उधर, पिछले साल छिंदवाड़ा वन मंडल से लाए नर तेंदुआ शावक की वन विहार में मृत्यु हो गई। उसे छिंदवाड़ा से उपचार के लिए वन विहार लाया गया था। शावक अत्यंत कमजोर और चल फिरने में असमर्थ था, जिसका पिछला हिस्सा काम नहीं कर रहा था। शावक का वन्य प्राणी चिकित्सक वन विहार डा. अतुल गुप्ता द्वारा विशेषज्ञों से परामर्श लेकर कर उपचार किया जा रहा था, लेकिन आंतरिक अंगों में कमजोरी के कारण शावक चल फिर नहीं पा रहा था। मृत नर तेंदुआ शावक का पोस्टमार्टम वन विहार के वन्य प्राणी चिकित्सक दल डा. अतुल गुप्ता, डा. हमजा नदीम और डा. रजत कुलकर्णी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। पोस्टमार्टम के बाद मृत नर तेंदुआ शावक का वन विहार में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थित दाह संस्कार किया गया। recent visitors 121

जबलपुर में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और भाई पर फायरिंग

जबलपुर  संस्कारधानी जबलपुर में नकाबपोश बदमाशों ने मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की है। फायरिंग की घटना में डॉक्टर के साथ कार में सवार भाई को कंधे में गोली लगी है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि फायरिंग में घायल 28 वर्षीय दीनू डोंगरे छिंदवाड़ा के गुलाबराम से सिविल जज की परीक्षा देने आया था। हालांकि अपराधियों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलि मामले की जांच में जुटी है। कार सीखने गया था युवक दरअसल, डॉ रविशंकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हैं। वह अपने रिश्ते के भाई को कार सीखाने के लिए बाइपास पर गए थे। इसी दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर की कार पर तीन नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कार पर हुए हमले में डॉक्टर के साथ उनकी कार में सवार रिश्ते के भाई को कंधे में गोली लगी है जो गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि पीड़ित गुलाबराम से सिविल जज की परीक्षा देने जबलपुर आए थे। अपने भाई 28 वर्षीय दीनू डोंगरे के साथ घूमने के लिए निकले थे। घूमते-घूमते डॉक्टर भाई को कार सिखाने के लिए भेड़ाघाट की तरफ पहुंचे थे। अचानक तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया और उनकी कार पर 5 राउंड गोलियां चलाईं। बाल-बाल बचे डॉक्टर फायरिंग की घटना में दीनू घायल हो गया, जबकि डॉ. रविशंकर ने किसी तरह खुद को बचाया। दीनू को घायल अवस्था में लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे और इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी। वही दीनू की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही भेड़ाघाट और धन्वंतरी नगर पुलिस थाना की टीमें, क्राइम ब्रांच और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत घटना स्थल का मुआयना किया और सबूत जुटाने की कोशिश की। हमलावरों की पहचान और उनके इरादों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है लेकिन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की तलाश जारी है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों का पता चल सके। वहीं, पूरे मामले में बरगी सीएसपी सुनील नेमा ने कहा कि एक गोली चलने की घटना हुई है, जिसमें मेडिकल कॉलेज अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं शिशु रोग विशेषज्ञ की कार में चार राउंड फायरिंग की गई है। तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। recent visitors 96

प्रदेश में देर रात IPS अफसरों के तबादले: इंदौर पुलिस कमिशन बने CM के ओएसडी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मंगलवार की आधी रात को मुख्यमंत्री के ओएसडी समेत 7 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया गया। रात एक बजे गृह विभाग ने तबादले के आदेश जारी किए। इंदौर के पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाया गया है। वहीं उज्जैन के आईजी संतोष सिंह को इंदौर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा 3 जिलों के एसपी भी बदले गए हैं। उज्जैन के आईजी अब इंदौर के कमिश्नर इंदौर के पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता अब मुख्यमंत्री के नए ओएसडी होंगे। उनकी जगह उज्जैन के आईजी संतोष सिंह इंदौर के नए पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं। इसके अलावा उमेश जोगा, जो कि अभी तक अपर परिवहन आयुक्त, ग्वालियर के पद पर थे, उन्हें उज्जैन जोन का एडीजी बनाया गया है। जबलपुर के एसपी भी बदले जबलपुर के एसपी आदित्य प्रताप सिंह को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। देवास के एसपी संपत उपाध्याय को जबलपुर का नया एसपी बनाया गया है। बड़वानी के एसपी पुनीत गहलोत को देवास का एसपी बनाया गया है। इंदौर के पुलिस उपायुक्त जगदीश डाबर को बड़वानी का नया एसपी बनाया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक़ ये तबादले तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। यहां सभी तबादलों की सूची दी गई है: 1. उमेश जोगा: अपर परिवहन आयुक्त, मप्र, ग्वालियर से एडीजी, उज्जैन जोन 2. राकेश गुप्ता: पुलिस कमिश्नर, इंदौर से ओएसडी, मुख्यमंत्री 3. संतोष कुमार सिंह: पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन से पुलिस कमिश्नर, इंदौर 4. आदित्य प्रताप सिंह: एसपी, जबलपुर से एआईजी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल 5. जगदीश डाबर: पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), इंदौर से एसपी, बड़वानी 6. संपत उपाध्याय: एसपी, देवास से एसपी, जबलपुर 7. पुनीत गेहलोत: एसपी, बड़वानी से एसपी, देवास ओएसडी बदलने के पीछे की वजह साफ नहीं राकेश गुप्ता को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाए जाने के पीछे की वजह अभी साफ़ नहीं है। हालांकि माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उन्हें अपनी टीम में शामिल कर क़ानून व्यवस्था को और बेहतर बनाना चाहते हैं। उमेश जोगा को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन जोन का एडीजी बनाया गया है। वे इससे पहले फरवरी 2024 में अपर आयुक्त के पद पर नियुक्त हुए थे। यह पहली बार था जब एडीजी रैंक के किसी अधिकारी को अपर आयुक्त परिवहन के पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले इस पद पर डीआईजी रैंक के अधिकारी ही तैनात होते रहे हैं। संतोष सिंह के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी संतोष सिंह को इंदौर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है और यहां अपराध पर नियंत्रण एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में संतोष सिंह के कंधों पर बड़ी ज़िम्मेदारी होगी। गौरतलब है कि इससे पहले 10 अगस्त को भी मध्य प्रदेश सरकार ने आधी रात को 47 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया था। इस तबादले में 8 जिलों के कलेक्टर और 7 जिलों के एसपी शामिल थे। recent visitors 107

‘दंगल’ की कमाई ₹2000 करोड़, बबीता फोगाट के परिवार को मिले मात्र ₹1 करोड़

मुंबई पूर्व महिला पहलवान बबीता फोगाट ने एक बड़ा दावा दंगल फिल्म को लेकर किया है, जो उनके और उनके परिवार के ऊपर बनी। इस फिल्म का मुख्य किरदार सुपरस्टार आमिर खान ने निभाया था। इस फिल्म में गीता और बबीता की उपलब्धियों का भी जिक्र है। ये फिल्म ब्लॉकबस्टर रही थी और करीब 2000 करोड़ रुपये कमाए थे। हालांकि, आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 2016 में रिलीज हुई ये सुपरहिट फिल्म के लिए फोगाट परिवार को सिर्फ एक करोड़ रुपये ही मिले। इसका खुलासा खुद पहलवान बबीता फोगाट ने किया है। बबीता फोगाट ने इंटरव्यू में जब ये बताया कि फिल्म ने वर्ल्डवाइड 2000 करोड़ रुपये कमाए और उसमें से एक करोड़ रुपये ही फोगाट फैमिली को मिले तो ये जानकर एंकर हैरान रह गया। इस बातचीत के दौरान एंकर ने इस चीज की पुष्टि करनी चाहिए कि क्या 2000 करोड़ रुपये दंगल ने कमाए और उसमें से फोगाट परिवार को सिर्फ एक करोड़ रुपये मिले? इसके जवाब में पहलावन से राजनीति में आईं बबीता ने कहा कि जी हां ये सच है। इसके अलावा, जब उनसे पूछा गया कि क्या इससे उन्हें निराशा हुई, तो बबीता ने अपने पिता महावीर फोगाट द्वारा सिखाए गए मूल्यों को दर्शाते हुए एक शालीन जवाब दिया। बबीता ने कहा, "नहीं, पापा ने एक चीज कही थी कि लोगों का प्यार और सम्मान चाहिए।" 23 दिसंबर 2016 को ये फिल्म रिलीज हुई थी। इसका डायरेक्शन नितेश तिवारी ने किया था, जिसमें आमिर खान ने ना केवल महावीर फोगाट की मुख्य भूमिका निभाई थी, बल्कि वे फिल्म के को-प्रोड्यूसर भी थे। इसमें महावीर फोगाट की उस यात्रा को दर्शाया गया था कि कैसे उनके बेटा नहीं हुआ तो उन्होंने अपनी बेटियों को इस खेल में उतारा और देश को बड़ी स्पर्धाओं में मेडल दिलाए। आपको बता दें, बबीता फोगाट का कुश्ती करियर शानदार रहा है। उन्होंने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता और 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। साल 2012 में उन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने 2016 के रियो ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन मेडल नहीं मिला। 2019 में बबीता ने पेशेवर कुश्ती को अलविदा कहा और राजनीति में कदम रखा। recent visitors 116

Actor Darshan को अदालत से राहत नहीं, जमानत पर सुनवाई 28 अक्तूबर तक सुनवाई स्थगित

बेंगलुरु  फैन की हत्या मामले में जेल में बंद एक्टर दर्शन की जमानत याचिका को कर्नाटक हाई कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने  दर्शन की जमानत याचिका पर सुनवाई 28 अक्टूबर तक के लिए स्थगित की। जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। दर्शन की ओर से पेश हुए सीनियर वकील सी.वी. नागेश ने पीठ के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि एक्टर को पीठ में तेज दर्द है और उनका डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। एक्टर को इलाज की जरूरत है और इसी आधार पर जमानत मांगी गई है। वकील नागेश ने आगे कहा कि एक्टर को सर्जरी की जरूरत है और इस वजह से उन्हें जल्द ही जमानत दी जानी चाहिए। इस पर पीठ ने दर्शन की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जेल अधिकारियों से मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों ने दर्शन को एमआरआई स्कैनिंग कराने को कहा है। एक्टर ने पहले किसी भी तरह के इलाज से इनकार कर दिया था। हालांकि, अब वह विजयपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (वीआईएमएस) में एमआरआई स्कैनिंग कराने के लिए तैयार है। एक्टर के वकील ने कहा, “जेल अधिकारी फिजियोथेरेपी ट्रीटमेंट दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद दर्शन का पीठ दर्द कम नहीं हुआ है। अधिकारियों की तरफ से दर्शन को एमआरआई स्कैनिंग को ले जाने के लिए वीआईएमएस में सुरक्षा व्यवस्था कर रहे हैं।” बेंगलुरु की एक कोर्ट ने पिछले सोमवार को कन्नड़ एक्टर दर्शन और उनकी साथी पवित्रा गौड़ा की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था। वह दोनों फैन रेणुकास्वामी हत्या मामले में जेल में बंद हैं। ज्ञात हो कि रेणुकास्वामी का अपहरण करने और बेरहमी से हत्या करने के आरोप में एक्टर दर्शन, पवित्रा गौड़ा और 15 अन्य आरोपियों को 11 जून को गिरफ्तार किया गया था। कथित तौर पर फैन ने पवित्रा को गंदे और अश्लील संदेश भेजे थे। बेंगलुरु सेंट्रल जेल में स्टार के साथ शाही व्यवहार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसके बाद एक्टर को बेल्लारी जेल में ट्रांसफर किया गया था। दर्शन पर तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं।     recent visitors 101

युवा शक्ति को सशक्त बनाने में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है

लखनऊ उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला राज्य है। ऐसे में, प्रदेश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने और उसे वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। इस कड़ी में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है। सीएम योगी के विजन अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2021 से 2023 के बीच 19.84 लाख टैब व 26.91 लाख स्मार्टफोन समेत कुल 46.75 लाख गैजेट वितरित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, 13.14 लाख गैजेट (जिनमें 12.94 लाख स्मार्टफोन व 20 हजार से ज्यादा टैबलेट शामिल हैं) को पात्र विद्यार्थियों को आवंटित करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। ऐसे में, प्रदेश में पात्र विद्यार्थियों को गैजेट्स के वितरण की प्रक्रिया पूर्ण करने वाले जिलों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 8 जिलों का परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। वहीं, विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण की दिशा में 6 जिलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा आवंटन की दर रही है और 10 टॉप जिलों में 69 प्रतिशत से ज्यादा सफलतापूर्वक आवंटन हो चुका है। प्रदेश में युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए न केवल स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण हो रहा है, बल्कि डिजी शक्ति पोर्टल के जरिए सरकार की योजनाओं और कौशल विकास के विभिन्न कोर्सेस का एक्सेस व एंड टू एंड मॉनिटरिंग उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना को प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। वर्ष 2022-23 में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना को प्रदेश में 5 वर्षों के लिए लागू किया गया। ऐसे में, परियोजना के जरिए उच्च व उच्चतर शिक्षण संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा कोर्स, कौशल विकास के प्रशिक्षणार्थी तथा पैरामेडिकल व नर्सिंग जैसे कोर्सेस के विद्यार्थियों को टैब व स्मार्टफोन वितरण के जरिए लाभान्वित किया जाता है। सीएम योगी के युवा सशक्तीकरण के विजन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद सार्थक कदम बनकर उभरा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, पात्र विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैब वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के 8 जिलों में स्मार्टफोन वितरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। वहीं, दो जिलों में यह 99.99 प्रतिशत रहा है। इनमें हरदोई, जालौन, कन्नौज, कासगंज, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रामपुर, उन्नाव, ऐटा व मीरजापुर प्रमुख हैं। इसी प्रकार, टैब वितरण के लक्ष्यों की प्राप्ति में 79.31 प्रतिशत के साथ संभल प्रथम है। वहीं, 74.88 प्रतिशत के साथ मुरादाबाद दूसरे, 74.05 प्रतिशत के साथ बरेली तीसरे, 72.47 प्रतिशत के साथ शामली चौथे तथा 71.25 प्रतिशत के साथ सहारनपुर पांचवें पायदान पर है। लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर 70.34 प्रतिशत के साथ गाजियाबाद छठे, 69.85 प्रतिशत के साथ प्रतापगढ़ सातवें, 69.67 प्रतिशत के साथ गोरखपुर आठवें, 69.58 प्रतिशत के साथ हाथरस नौवें व 69.18 प्रतिशत के साथ बिजनौर दसवें पायदान पर स्थित है। इसी प्रकार, कम टैब व स्मार्टफोन वितरण वाले जनपदों को भी चिन्हित करके उनमें वितरण की प्रक्रिया को गति देने पर योगी सरकार द्वारा फोकस किया जा रहा है।     recent visitors 110

यूक्रेनी युद्ध के मैदान में रूसी और उत्तर कोरियाई झंडे एक साथ दिखे : दावा

सोल  रूस समर्थक टेलीग्राम अकाउंट ने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें यूक्रेनी युद्ध के मैदान में रूसी और उत्तर कोरियाई झंडे एक साथ दिखाए गए हैं। इससे उन अटकलों को बल मिलता है कि उत्तर कोरिया ने संभवतः युद्ध में यूक्रेन के खिलाफ रूस की मदद के लिए सैनिक भेजे हैं। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आरवीवीओईएनकेओआर_बोओटी, नामक ब्लॉगर द्वारा शेयर की गई तस्वीर में पोक्रोव्स्क में एक खदान के ऊपर दो झंडे एक साथ लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। पोक्रोव्स्क यूक्रेन के पूर्वी मोर्चे पर स्थित गढ़ों में से एक है। ब्लॉगर ने कहा कि हाल ही में शहर के पास खदान में एक पहाड़ी पर उत्तर कोरियाई झंडा फहराया गया, जो उन संदिग्ध जगहों में से एक है जहां उत्तर कोरियाई सैनिकों के तैनात होने की आशंका है।  दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सर्विस ने घोषणा की कि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के साथ अपने लंबे युद्ध में रूस का समर्थन करने के लिए लगभग 12,000 सैनिक भेजने का फैसला किया, जिनमें से लगभग 1,500 पहले से ही रूस के सुदूर पूर्व में तैनात हैं। अगर यह दावा सच है कि तो यह पहली बार होगा जब उत्तर कोरिया ने इतने बड़े पैमाने पर जमीनी सैनिकों को भेजा है। हालांकि इससे पहले उसने विदेशी मुद्रा कमाने के लिए सैनिकों के छोटे समूहों को विदेशों में भेजा था। अभी तक उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने रूस में अपनी सेना की तैनाती के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के एक दूत ने  दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वह यूक्रेन में युद्ध में रूस के साथ लड़ने के लिए अपने सैनिकों को भेज रहा है। उसने इन आरोपों को ‘निराधार अफवाह’ बताया। उन्होंने तर्क दिया कि मॉस्को के साथ उसके संबंध ‘वैध और सहयोगात्मक’ हैं।     recent visitors 111