मोहम्मद शमी ने बताया, युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ की है और उन्हें भारतीय गेंदबाजी का भविष्य बताया

गुरुग्राम (हरियाणा) भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ की है और उन्हें भारतीय गेंदबाजी का भविष्य बताया है। शमी ने खुद को 100 फीसदी फिट और गेंदबाजी के लिए तैयार बताया है। उनका मानना ​​है कि मयंक यादव और हर्षित राणा जैसे युवा भारतीय तेज गेंदबाजी की कमान संभाल सकते हैं। चोट के बावजूद इस टूर्नामेंट में खेलने वाले 34 वर्षीय शमी ने 10.70 की शानदार औसत से 24 विकेट लेकर भारत को 2023 वनडे विश्व कप में उपविजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। शमी अब अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं। फरवरी में लंदन में सर्जरी के बाद यह तेज गेंदबाज बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अपनी रिकवरी पर काम कर रहा है। शमी ने कहा, 'भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि हमारी तेज गेंदबाजी की ताकत वास्तव में बढ़ गई है। पहले हमारे पास कुछ ही गेंदबाज हुआ करते थे जो 140-145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे, लेकिन अब बेंच पर बैठे गेंदबाज भी 145 से ऊपर की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं। तेज गेंदबाजी में जिन नामों ने मुझे वास्तव में प्रभावित किया है उनमें से एक नाम मयंक यादव का है। वह वास्तव में प्रभावशाली हैं, वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो भविष्य में भारतीय तेज गेंदबाजी की बागडोर संभालेंगे।' शमी ने कहा, 'हमने 2014 से एक इकाई के रूप में काम किया है। भारत के पास कभी भी एक समय में तीन गेंदबाज नहीं थे जो 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकें। अब हमारे पास बेंच पर कुछ ऐसे हैं जो 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। यह पीढ़ी जानती है कि कैसे जवाबी हमला करना है और हमने विदेशों में यह दिखाया है।' recent visitors 155

रियल एस्टेट सेक्टर में तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज

नई दिल्ली रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश में 2024 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 0.96 अरब डॉलर तक पहुंच गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछली तिमाही में रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश 3.1 अरब डॉलर था, जो कि 2024 की सितंबर तिमाही में घटा है। वेस्टियन रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा कि तिमाही आधार पर 69 प्रतिशत की इस गिरावट के बावजूद दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि निवेश लगभग एक अरब डॉलर के आंकड़े को छू रहा है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “पिछले वर्ष की तुलना में निवेश में वृद्धि मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का प्रमाण है। परिणामस्वरूप, विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 2023 की तीसरी तिमाही में 27 प्रतिशत से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 46 प्रतिशत हो गई।” रिपोर्ट में कहा गया है, “इसके विपरीत, घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी एक साल पहले इसी तिमाही के 71 प्रतिशत से घटकर 2024 की तीसरी तिमाही में 43 प्रतिशत रह गई। हालांकि, मूल्य के लिहाज से यह कमी केवल 15 प्रतिशत थी।” वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव ने कहा, “मजबूत जीडीपी वृद्धि के दम पर निवेशकों ने भारत के विकास पर भरोसा दिखाया है। नतीजतन, रियल एस्टेट सेक्टर में विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ी, जिसके कारण संस्थागत निवेश 2024 की तीसरी तिमाही में एक अरब डॉलर के आंकड़े को छू गया।” उन्होंने कहा, “इसके अतिरिक्त, घरेलू निवेशक भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जिन्हें देश भर में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास से समर्थन मिल रहा है।” 2024 की तीसरी तिमाही में घरेलू निवेशकों के लिए आवासीय संपत्तियां पहली पसंद रहीं, जबकि वाणिज्यिक सौदों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत रही। ऑफिस से काम करने की अनिवार्यता और जीसीसी (वैश्विक क्षमता केंद्र) की बढ़ती प्रमुखता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया, जिससे वाणिज्यिक निवेश की हिस्सेदारी 2023 की तीसरी तिमाही के 24 प्रतिशत से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 71 प्रतिशत हो गई। दूसरी ओर, आवासीय क्षेत्र की हिस्सेदारी 2024 की तीसरी तिमाही में घटकर 19 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 44 प्रतिशत थी। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में आवासीय परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि को-लिविंग, सीनियर हाउसिंग और सर्विस अपार्टमेंट जैसे विशिष्ट परिसंपत्ति वर्ग में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।   recent visitors 112

मोहम्मद शमी ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से वापसी को लेकर दिए संकेत, नेट पर बहाया पसीना

बेंगलुरु भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बिना किसी परेशानी के करीब एक घंटे तक नेट पर गेंदबाजी की। शमी, जो इस साल की शुरुआत में टखने की सर्जरी से उबर रहे हैं।  शमी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के पहले टेस्ट मैच के बाद नेट सत्र में गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल की निगरानी में अभ्यास किया। 34 वर्षीय शमी ने छोटे रनअप से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने पूरे रनअप और अच्छी गति के साथ गेंदबाजी की। इस दौरान उन्होंने सहायक कोच अभिषेक नायर को अपनी स्विंग गेंदों से परेशान किया। शमी के बाएं पैर में पट्टी बंधी हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज करते हुए काफी अच्छे से गेंदबाजी की। उन्होंने अभ्यास के दौरान क्षेत्ररक्षण अभ्यास भी किया और बाद में गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल से चर्चा की। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने हाल ही में कहा था कि शमी अभी पूरी तरह से फिट नहीं हैं और टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए उन्हें जोखिम में नहीं डालना चाहती। रोहित ने कहा था, ईमानदारी से कहूं तो हमारे लिए अभी यह फैसला करना काफी मुश्किल है कि वह वर्तमान श्रृंखला या ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए पूरी तरह फिट हो पाते हैं या नहीं। हाल ही में उनके घुटने में सूजन थी, जो असामान्य है। उन्होंने बताया कि शमी अपनी फिटनेस हासिल करने की प्रक्रिया में थे, लेकिन घुटने में सूजन के कारण इस प्रक्रिया में देरी हो गई है। वह इस समय एनसीए (राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी) में हैं, जहां फिजियो और चिकित्सक उनकी देखरेख कर रहे हैं।इस बीच, शुभमन गिल, जो गर्दन में जकड़न के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में नहीं खेल सके थे, ने भी नेट सत्र के दौरान शमी के साथ अभ्यास किया। गिल ने मोर्कल और टीम फिजियो के साथ हल्का अभ्यास किया और फिर ड्रेसिंग रूम लौट गए।   recent visitors 89

कश्मीर में पहली बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों एक पार्टी से, अब हमारे विरोधी क्या कहेंगे : CMअब्दुल्ला

जम्मू जम्मू कश्मीर के नए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस केवल मुस्लिमों की पार्टी नहीं है। यदि ऐसा होता तो किसी भी हिंदू को उपमुख्यमंत्री नहीं बनाते। परिणाम के बाद ही कुछ लोग कहना शुरू हो गए थे कि नेकां मुसलमानों और कश्मीरियों की पार्टी है, जिसमें जम्मू को कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन हमने जम्मू से हिंदू उपमुख्यमंत्री बनाया।कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उमर ने कहा कि हिंदू उपमुख्यमंत्री बनाना उन लोगों को जवाब है, जो नेकां को परिवारवाद वाली पार्टी कहते थे। उपमुख्यमंत्री हिंदू है और जम्मू का है और मेरे परिवार से संबंध नहीं रखता है। पहले उपमुख्यमंत्री गठबंधन की मजबूरी में बनाए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। बिना किसी मजबूरी या दबाव में हमने उपमुख्यमंत्री बनाया। पहली बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों एक पार्टी से हैं। अब हमारे विरोधी क्या कहेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उमर अब्दुल्ला  पहली बार जम्मू पहुंचे। पार्टी कार्यालय में उनका कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उमर भाजपा पर हमलावर रहे। सीएम ने कहा, कुछ लोगों ने बीते आठ सालों में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) को खत्म करने के लिए हर हथकंडा अपनाया। जिस तरह से परिसीमन करवाया, आरक्षण में बदलाव किया, उसका उद्देश्य सिर्फ एक पार्टी को लाभ पहुंचना था, लेकिन लोगों ने उस सब को एक तरफ रखकर सोच-समझकर वोट दिया। भाजपा पर आरोप लगाते हुए सीएम ने कहा कि बीते आठ सालों में हमारे नेताओं को डराया गया। कुछ लोग पार्टी छोड़ गए तो उन्हें लगा था, उनके जाने से पार्टी खत्म हो जाएगी, लेकिन नेकां कार्यकर्ताओं ने साबित कर दिया कि पार्टी नेताओं की नहीं कार्यकर्ताओं की है। चुनाव में जीते निर्दलीय उम्मीदवारों ने बिना किसी शर्त के पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला लिया। खुद के लिए कुछ नहीं मांगा। अब फैसले कार्यालय या सचिवालय में नहीं लिए जाएंगेसीएम ने कहा, पार्टी कार्यकर्ताओं को सरकार से उम्मीद है। उन्हें भी कई साल हुए हैं सचिवालय गए हुए। अधिकारियों को कुछ समय दो, उन्हें आदत हो जाए कि अब लोगों की सरकार है। अब फैसले बिना लोगों की राय के सचिवालय या अधिकारियों के कार्यालयों में नहीं लिए जाएंगे। अब प्रोजेक्ट और डीपीआर बनेंगे। लोग जो चाहेंगे, वह काम उनके इलाके में होगा।   recent visitors 160

IPL कई फ़्रैंचाइज़ियों ने 100-बॉल लीग द हंड्रेड में औपचारिक रूप से रुचि दिखाई

नई दिल्ली  इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की आधा दर्जन से ज़्यादा फ़्रैंचाइज़ियों ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा संचालित 100-बॉल लीग द हंड्रेड में औपचारिक रूप से रुचि दिखाई है। शुक्रवार, 18 अक्टूबर को पहले दौर की बोलियाँ जमा करने की समयसीमा थी, और आधिकारिक तौर पर रुचि दिखाने वालों में से ज़्यादातर भारतीय निवेशक हैं, ख़ास तौर पर आईपीएल फ़्रैंचाइज़ी। क्रिकबज के अनुसार, चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके), सनराइज़र्स हैदराबाद (एसआरएच), लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी), मुंबई इंडियंस (एमआई), कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) ने बोलियाँ जमा की हैं। हालाँकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन समझा जाता है कि राजस्थान रॉयल्स ने भी बोली लगाई है, साथ ही महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की एक फ़्रैंचाइज़ी यूपी वॉरियर्स ने भी बोली लगाई है, जिसका स्वामित्व दुबई स्थित कैप्री ग्लोबल ग्रुप के पास है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के सह-मालिक और आईएलटी20 में डेजर्ट वाइपर्स टीम के संचालक, एवरम ग्लेज़र की लांसर कैपिटल्स ने भी बोली में भाग लिया है। दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटिश फर्म डियाजियो के स्वामित्व वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स की तरह ही बोली नहीं लगाई, जिसने इंग्लिश लीग में टीम के मालिक बनने के अवसर से दूर रहने का विकल्प चुना। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि गुजरात टाइटन्स बोली में हिस्सा ले रहा है या नहीं, लेकिन अहमदाबाद फ्रैंचाइज़ के मालिक सीवीसी कैपिटल का यू.के. में एक कार्यालय है। सीवीसी के भारतीय अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं है कि यू.के. कार्यालय ने बोली लगाई है या नहीं। विभिन्न खेल संपत्तियों में सीवीसी कैपिटल की विश्वव्यापी भागीदारी को देखते हुए, ऐसी धारणा है कि उन्होंने भी रुचि दिखाई होगी। संयोग से, गुजरात टाइटन्स के परिचालन प्रमुख निक क्लैरी लंदन में रहते हैं, जिससे उनकी संभावित भागीदारी की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि यह बोली का केवल पहला दौर है, इसलिए इस स्तर पर निवेशकों के लिए द हंड्रेड में आठ टीमों में से किसी एक का चयन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह निर्णय दूसरे और अधिक गंभीर दौर में आएगा, जो ईसीबी के अनुसार, आईपीएल नीलामी समाप्त होने के बाद हो सकता है। दूसरे दौर में वाणिज्यिक चर्चाएँ भी अपेक्षित हैं, सूत्रों से पता चलता है कि ईसीबी 75 मिलियन पाउंड और 100 मिलियन पाउंड के बीच फ्रैंचाइज़ मूल्यांकन की उम्मीद कर रहा है। ईसीबी द्वारा साझा किए गए सूचना ज्ञापन (आईएम) के अनुसार, इंग्लिश बोर्ड वर्तमान में द हंड्रेड प्रतियोगिता और इसकी सभी टीमों का 100 प्रतिशत स्वामित्व रखता है। यह आठ टीमों में से प्रत्येक का कम से कम 49 प्रतिशत हिस्सा नए निवेशकों को बेचेगा, जिनके पास द हंड्रेड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दृष्टि, अनुभव और क्षमताएं हैं। किसी टीम में हिस्सेदारी खरीदने के इच्छुक निवेशकों को किसी एक टीम में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 40 मिलियन पाउंड से 50 मिलियन पाउंड के बीच निवेश करना पड़ सकता है। बोली के दूसरे दौर के दौरान मूल्यांकन सामने आएगा। शेष 51 प्रतिशत प्रत्येक टीम से जुड़ी काउंटियों के पास रहेगा, जिससे नए निवेशक संबंधित काउंटी के साथ संयुक्त उद्यम में भागीदार बन जाएंगे। निवेशकों के पास काउंटियों के 51 प्रतिशत का कुछ या पूरा हिस्सा खरीदने का विकल्प भी है। आईएम के प्रासंगिक हिस्से में कहा गया है, ईसीबी फिर प्रत्येक टीम में अपनी शेष हिस्सेदारी उनके संबंधित मेजबानों को उपहार में देने की योजना बना रहा है, जिससे नए निवेशकों और दुनिया के कुछ प्रतिष्ठित क्रिकेट संस्थानों के बीच एक स्थायी साझेदारी बनेगी। इस प्रक्रिया के एक हिस्से के रूप में, मेजबानों के पास टीमों में अपनी इक्विटी का एक हिस्सा नए निवेशकों को बेचने का विकल्प भी होगा ताकि नियंत्रण की स्थिति का रास्ता मिल सके।     recent visitors 99

बिजली उपभोक्ता अब

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के बिजली उपभोक्ताओं को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के बैंकों की तर्ज पर शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ देने के उद्देश्य से शुरू की गई केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 3 लाख 55 हजार 105 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया में नर्मदापुरम ग्रामीण में 39 हजार 745, बैतूल ग्रामीण में 64 हजार 146, राजगढ़ ग्रामीण में 21 हजार 017, शहर वृत्त भोपाल में 25 हजार 573, भोपाल ग्रामीण में 29 हजार 078, गुना ग्रामीण में 26 हजार 083, विदिशा ग्रामीण क्षेत्र में 27 हजार 14, सीहोर ग्रामीण में 16 हजार 420, ग्वालियर ग्रामीण में 12 हजार 407, शहर वृत्त ग्वालियर में 8 हजार 336, अशोकनगर ग्रामीण में 10 हजार 620, दतिया ग्रामीण में 12 हजार 980, रायसेन ग्रामीण में 16 हजार 171, शिवपुरी ग्रामीण में 14 हजार 903, हरदा ग्रामीण में 11 हजार 765, श्योपुर ग्रामीण में 5 हजार 396 , मुरैना ग्रामीण में 8 हजार 631 एवं भिण्ड ग्रामीण में 4 हजार 820 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे कंपनी द्वारा की जा रही केवायसी प्रक्रिया से आमजन और बिजली उपभोक्ताओं को अवगत कराना सुनिश्चित करें। साथ ही कंपनी द्वारा "उपाय" एप से घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही केवायसी करने की सुविधा के बारे में भी अवगत कराएं। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी। कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि गूगल प्ले-स्टोर पर उपलब्ध उपाय एप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं।   recent visitors 90

संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़ने का काम मस्जिद कमेटी ने शुरू करा दिया

शिमला  संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़ने का काम मस्जिद कमेटी ने शुरू करा दिया है। नगर निगम शिमला के आयुक्त की कोर्ट ने मस्जिद की तीन मंजिलों को अवैध करार देते हुए मस्जिद कमेटी को अपने ख़र्चे पर इसे दो महीने में गिराने के फरमान दिए थे। कोर्ट के फरमान के 15 दिन बाद मस्जिद में बने अवैध हिस्से को तोड़ने का काम शुरू हो पाया है। यह मस्जिद रिहायशी इलाके में बनी है। मस्जिद के आसपास कई भवन सटे हैं। ऐसे में अवैध तीन मंजिलों को गिराने में काफी वक्त लगेगा। इस कार्य के लिए मजदूर लगाए गए हैं। मजदूरों ने पहले दिन मस्जिद की सबसे ऊपर की मंजिल में लगी टीन को उखाड़ना शुरू किया। मस्जिद कमेटी को अपने ख़र्चे पर अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश हैं। संजौली मस्जिद कमेटी के प्रधान लतीफ मोहम्मद की देखरेख में अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है। लतीफ मोहम्मद ने कहा कि अवैध हिस्से को गिराने में काफी खर्चा आएगा और इसके लिए फंड जुटाया जा रहा है। मस्जिद कमेटी अपने स्तर पर फंड की व्यवस्था कर रहा है। इस कार्य के लिए हमें राज्य सरकार व अन्य किसी संस्था से धनराशि नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक फंड की मैनेजमेंट नहीं हुई और काम करने के लिए काफी फंड की जरूरत है। ऐसे में अवैध हिस्से को तोड़ने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है और अगली सुनवाई में कोर्ट से अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमन, शांति व भाईचारा कायम रखने के लिए मस्जिद कमेटी ने अवैध निर्माण तोड़ने का निर्णय लिया है और नगर निगम कोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी ने इन मंजिलों को गिराने के लिए खुद ही कोर्ट में लिखित आवेदन भी दिया था। मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिले अवैध, दो माह में गिराने के आदेश सुर्खियों में रहने वाली इस विवादित चार मंजिला मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर बीते 5 अक्टूबर को नगर निगम के कोर्ट में सुनवाई हुई। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर सुनवाई करते हुए मस्जिद कमेटी को अहम आदेश दिया है। मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिलें अवैध रूप से बनी हैं। कोर्ट ने फरमान जारी किए हैं कि मस्जिद की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिलों को गिराना होगा। 14 साल में आया फैसला, 46 बार हुई सुनवाई मस्जिद में अवैध निर्माण की पिछले 14 सालों से आयुक्त कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 46वीं सुनवाई पर नगर निगम आयुक्त ने यह फैसला सुनाया है। वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी को अपने खर्चे पर तीन मंजिलें गिराने को कहा गया है। कोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई 21 दिसंबर 2024 को निर्धारित की है। मस्जिद में बिना अनुमति खड़ी कर दीं चार मंजिलें संजौली की इस विवादित मस्जिद का निर्माण वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों ने मस्जिद को अवैध बताते हुए वर्ष 2010 में इसके खिलाफ नगर निगम की कोर्ट में याचिका दाखिल की। तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। खास बात यह है कि तब से लेकर प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन किसी भी सरकार के कार्यकाल ने इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। मस्जिद कमेटी के पूर्व प्रधान ने कोर्ट में बताया कि वर्ष 2012 तक मस्जिद दो मंजिला थी। इसके बाद यहां अवैध निर्माण हुआ। संजौली मस्जिद विवाद पर हिंदु संगठनों ने किये थे उग्र प्रदर्शन संजौली की इस मस्जिद के मुद्दे पर पूरे प्रदेश में कोहराम का आलम रहा। सितंबर महीने में हिन्दू संगठनों के बैनर तले हिन्दू शिमला सहित अन्य जिलों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर अवैध मस्जिदों को गिराने और बाहर से आने वाले विशेष समुदाय के लोगों की रजिस्ट्रेशन की मांग कर रहे हैं। संजौली में बीते 11 सितम्बर को हिंदूओं ने उग्र प्रदर्शन कर विवादित मस्जिद स्थल तक पहुंचने की कोशिश की थी।   recent visitors 99