BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे PM मोदी, क्या है BRICS शिखर सम्मेलन ?

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 22-23 अक्टूबर 2024 को रूस की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को दी। यह BRICS शिखर सम्मेलन की 16वीं बैठक होगी, जो रूस के कजान शहर में आयोजित की जाएगी। इस सम्मेलन में विभिन्न विकासशील देशों के नेताओं के बीच आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जो वैश्विक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण होगा। क्या है BRICS शिखर सम्मेलन ? BRICS एक अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका। इस समूह का उद्देश्य आर्थिक विकास, राजनीतिक सहयोग, और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना है। वहीं ईरान, मिस्र, इथियोपिया, और संयुक्त अरब अमीरात इसी साल जनवरी से BRICS के नए सदस्य देश बने हैं। ये देश समूह के साथ अपने आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। हालांकि, सऊदी अरब अभी तक BRICS का पूर्णकालिक सदस्य नहीं बना है। वह केवल आमंत्रित सदस्य के रूप में इसमें भाग ले रहा है। यह स्थिति BRICS के विस्तार और इसके सदस्यों की विविधता को दर्शाती है, जो वैश्विक स्तर पर प्रभाव बढ़ाने के लिए एकजुट हो रहे हैं।   BRICS शिखर सम्मेलन का महत्व BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हर साल किया जाता है, जिसमें सदस्य देशों के नेता एकत्रित होकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं। यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय नीतियों, व्यापार, निवेश, और सुरक्षा के विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है। BRICS शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच है, जो विकासशील देशों के लिए वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करता है। यह आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे BRICS देशों की आवाज वैश्विक स्तर पर सुनी जा सके।   शिखर सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं आर्थिक सहयोग: BRICS देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलें की जाती हैं। राजनीतिक संवाद: सदस्य देश वैश्विक मुद्दों, जैसे जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, और वैश्विक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हैं। विकास संबंधी मुद्दे: शिखर सम्मेलन में विकासशील देशों के मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे का विकास। संस्थानिक सहयोग: BRICS एक न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना कर चुका है, जिसका उद्देश्य विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। शिखर सम्मेलन के परिणाम हर शिखर सम्मेलन के बाद एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाता है, जिसमें सभी सदस्यों द्वारा सहमति से लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों का उल्लेख होता है। यह घोषणापत्र वैश्विक समुदाय के सामने BRICS का दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। BRICS संगठन औचारिक तौर पर किसी देश के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे विकासशील देशों की सशक्त आवाज के रूप में देखा जाता है। यह संगठन वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने और सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। संगठन की प्रभावशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संयुक्त रूप से, BRICS सदस्य देशों के पास विश्व की भूमि का लगभग 30 फीसदी और वैश्विक जनसंख्या का 45 फीसदी हिस्सा है। यह संख्या इस बात को दर्शाती है कि BRICS केवल एक आर्थिक समूह नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक बल भी है, जो विकासशील देशों के हितों को प्राथमिकता देने का प्रयास करता है। BRICS शिखर सम्मेलन का इतिहास BRICS का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में युजेन, रूस में आयोजित किया गया था। इसके बाद से यह सम्मेलन हर साल आयोजित होता है, और इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। दक्षिण अफ्रीका का समावेश 2010 में हुआ, जिसके बाद समूह का नाम BRICS हो गया।   2024 का BRICS शिखर सम्मेलन आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 और 23 अक्टूबर को रूस के कजान में आयोजित होने वाली BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है। इस बैठक के दौरान, मोदी सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। recent visitors 65

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ट्रूडो का भारत से पंगा कनाडा की अर्थव्यवस्था पड़ेगा भारी !

नई दिल्ली भारत और कनाडा के बीच  कूटनीतिक विवाद का असर  अब आर्थिक मोर्चे पर भी असर डालने लगा है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से शुरू हुए इस विवाद के चलते उन कनाडाई कंपनियों और फंड्स की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिन्होंने भारतीय कंपनियों में भारी निवेश किया है। खासकर कनाडाई पेंशन फंड (CPPIB) ने भारत के बैंकिंग से लेकर टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़ा इन्वेस्टमेंट किया हुआ है। जानकारी के अनुसार  भारत और कनाडा के बीच करीब 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर का वार्षिक व्यापार होता है (वित्त वर्ष 2023-24), जिसमें ज्वेलरी, फार्मास्युटिकल्स, केमिकल्स, पेपर और मिनरल्स जैसी वस्तुओं का लेन-देन शामिल है। इस विवाद से 600 से अधिक कनाडाई कंपनियां जो भारत में व्यापार कर रही हैं, और 30+ भारतीय कंपनियां जो कनाडा में मौजूद हैं, सीधे प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार में शामिल कई कंपनियां भी इस तनाव का शिकार हो सकती हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.3 अरब डॉलर का था, जो 2023-24 में बढ़कर 8.4 अरब डॉलर हो गया। इसमें भारत का कनाडा से आयात 4.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जबकि निर्यात 3.8 अरब डॉलर पर आ गया है। कनाडाई पेंशन फंड का भारत में निवेश कनाडाई पेंशन फंड CPPIB (Canada Pension Plan Investment Board) ने भारत की कई बड़ी कंपनियों में निवेश कर रखा है। इसमें कोटक महिंद्रा बैंक (6141.6 करोड़ रुपये), जोमैटो (2778.1 करोड़ रुपये) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। जोमैटो में CPPIB की हिस्सेदारी करीब 1.15% है। इसके अलावा Delhivery, FSN E-Commerce Ventures (Nykaa), और Paytm जैसी कंपनियों में भी भारी निवेश किया गया है। अन्य प्रमुख सेक्टर्स में निवेश कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़ी पूंजी लगाई है। रियल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी फंड का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। 2013 से 2023 तक, कनाडाई फंड्स ने भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में लगभग 3.8 अरब कैनेडियन डॉलर और फाइनेंशियल सर्विसेज में 3 अरब कैनेडियन डॉलर का निवेश किया। इसी प्रकार, इंडस्ट्रियल ट्रांसपोर्टेशन में 2.6 अरब कैनेडियन डॉलर का निवेश किया गया है। कंपनियों पर क्या होगा असर? कनाडाई फंड्स फिलहाल भारत में करीब 1.98 लाख करोड़ रुपए के मूल्य की घरेलू इक्विटी के मालिक हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में आई खटास के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि कनाडाई निवेशक अपने पोर्टफोलियो में कोई बड़ा बदलाव करेंगे या नहीं। बीते एक साल में, CPPIB ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी कुछ हद तक कम की है, लेकिन अब तक वे भारत से पूरी तरह से बाहर निकलने की जल्दी में नहीं दिख रहे। भारतीय कंपनियों का भी कनाडा में महत्वपूर्ण निवेश लगभग 600 कनाडाई कंपनियां भारत में अपने व्यवसाय चला रही हैं। इनमें मुख्य रूप से रिन्यूएबल एनर्जी, फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल एस्टेट और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके साथ ही, 30 से अधिक भारतीय कंपनियों का भी कनाडा में महत्वपूर्ण निवेश है, जिसका कुल मूल्य करीब 40,446 करोड़ रुपए है। इन कंपनियों के माध्यम से कनाडा में लगभग 17,000 लोगों को रोजगार मिला है। भारत से कनाडा को मुख्य रूप से रत्न, ज्वेलरी, फार्मास्युटिकल्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, रेडीमेड गार्मेंट्स और मेकैनिकल अप्लायंसेस का निर्यात किया जाता है। वहीं, कनाडा से भारत कागज, लकड़ी का गूदा, पोटाश, आयरन स्क्रैप, कॉपर और इंडस्ट्रियल केमिकल्स का आयात करता है। recent visitors 60

दीपावली से पहले पुलिस-प्रशासन ने लोगों से सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील की

चित्तौड़गढ़ दीपावली का पर्व नजदीक आने के साथ ही राजस्थान में जिला प्रशासन ने बाजारों से अतिक्रमण हटाने की मुहिम तेज कर दी है। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने लोगों से सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील की। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन ने मिलकर नगर में दुकानों के बाहर और सड़कों के आसपास के अतिक्रमण को हटाने के लिए एक अपील की। इसके साथ ही, भविष्य में इस तरह के अतिक्रमण को रोकने के लिए चेतावनी भी दी गई है। पुलिस उप अधीक्षक विनय चौधरी ने बताया कि जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देश पर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुक्रवार से कार्रवाई की शुरुआत की, जिसमें शहरी क्षेत्र के बाजारों में दुकानों के बाहर पड़े सामान को हटाया गया। इसके अलावा, सड़कों के आसपास ठेला गाड़ियों और अवैध तरीके से खड़े वाहनों को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त टीम ने जिला कलेक्ट्रेट चौराहे से लेकर शास्त्री नगर चौराहे तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। दुकानदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी दुकान की सीमा से बाहर किसी भी प्रकार का सामान नहीं रखें, अन्यथा उसे जब्त कर लिया जाएगा। इस अभियान के दौरान, प्रशासन ने आम जन और दुकानदारों से अपील की है कि चित्तौड़गढ़ शहर सभी का है और इसे स्वच्छ और साफ बनाने के लिए सभी को पहल करनी होगी। साथ ही, वाहन चालकों से भी अनुरोध किया गया है कि वह अपने वाहनों को पार्किंग स्थल या सुरक्षित स्थलों पर खड़ा करें, ताकि अन्य लोगों को परेशानी न हो। प्रशासन की यह कोशिश है कि दीपावली के पर्व पर शहर को साफ-सुथरा रखा जाए और नागरिकों को कोई परेशानी न हो। बता दें कि प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई व्यापार की ओर से जिला प्रशासन पर लगातार बनाए गए दबाव के बाद की गई है।   recent visitors 71

20 अक्टूबर को वाराणसी जाएंगे PM मोदी, 1400 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं की देंगे सौगात

काशी हरियाणा विजय और जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 20 अक्टूबर को काशी आ रहे हैं। वैसे उनका यह दौरा पहले से तय है। वह काशी में करीब साढ़े पांच घंटे के प्रवास के दौरान दो सभा को संबोधित करेंगे। इसे लेकर प्रशासन व भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सारनाथ में हुए अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा. प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम नए निर्माण के साथ-साथ अपने सुनहरे अतीत को भी सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को प्रधानमंत्री 1,300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान दो जनसभाओं को भी संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित है. वाराणसी में क्या है पीएम का कार्यक्रम? प्रधानमंत्री मोदी रविवार को वाराणसी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे. बीजेपी की काशी इकाई के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि संभावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी यहां उतरने के बाद रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल का उद्घाटन करेंगे. अस्पताल का निरीक्षण करेंगे और करीब 1,000 लोगों को संबोधित करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सिगरा स्थित सम्पूर्णनानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंच कर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का भी लोकार्पण करेंगे. पीएम ने इस स्टेडियम का उद्घाटन जुलाई 2023 को किया था. प्रधानमंत्री यहां कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे दिल्ली वापसी करेंगे. शंकरा नेत्र अस्पताल से सबको मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों के संबंध में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल के शुरू होने से वाराणसी सहित पूर्वांचल और बिहार के लोगों को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री वाराणसी दौरे पर बाबतपुर हवाई अड्डा टर्मिनल और अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं सहित करीब 1,400 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होना है. पीएम मोदी की यात्रा पर प्रशासन अलर्ट प्रधानमंत्री मोदी की वाराणसी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे को लेकर तैयारियां जारी हैं. व्यवस्था ऐसी की जा रही है जिससे आम जनता को तकलीफ ना हो और सुरक्षा भी दुरुस्त हो. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के लिए पुख्ता योजना बनाई गई है. इस दौरान 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही ड्रोन से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी. इस दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं. recent visitors 77

कप्तान कमिंस ने स्टीव स्मिथ को टेस्ट में चौथे नंबर पर वापस भेजने का फैसला किया

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया पुरुष टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने खुलासा किया कि उन्होंने और कप्तान पैट कमिंस ने स्टीव स्मिथ को टेस्ट में चौथे नंबर पर वापस भेजने का फैसला किया है, जबकि कुछ समय तक उन्होंने ओपनिंग की थी। डेविड वार्नर के संन्यास के बाद स्मिथ चौथे नंबर से ओपनिंग करने के लिए टेस्ट में आए, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली, उन्होंने वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ मैचों में 28.50 की औसत से 171 रन बनाए। मैकडोनाल्ड ने एबीसी रेडियो के समर ग्रैंडस्टैंड शो में कहा, “यह पैटी और मेरे ऊपर है और हम इस अंतिम निर्णय को लेते हैं। हमें सामूहिक रूप से लगा कि नेतृत्व समूह के रूप में, टीम के लिए यह सबसे अच्छा था कि वह ओपनिंग से हट जाए। स्पष्ट रूप से, पिछले साल के चरण में हमें लगा कि टीम के लिए यह सबसे अच्छा था कि वह ओपनिंग करे।” कोच ने कहा, “इससे हमें कैमरून (ग्रीन) को नंबर 4 स्लॉट पर लाने में मदद मिली। जैसे-जैसे समय बीतता है, आप भविष्य के बारे में सोचते हैं और इस गर्मी में हमारे सामने अलग-अलग चुनौतियाँ हैं। यह सामूहिक निर्णय था। आखिरकार, यह ऐसा निर्णय है जो स्टीव नहीं लेते।” उस्मान ख्वाजा के टेस्ट में ओपनिंग करने के साथ, शीर्ष पर उनके साथ कौन होगा, इस दौड़ पर रविवार से नज़र रहेगी, जब मार्कस हैरिस, कैमरून बैनक्रॉफ्ट, मैथ्यू रेनशॉ और युवा खिलाड़ी सैम कोंस्टास शेफ़ील्ड शील्ड के अगले दौर में अपनी-अपनी टीमों के लिए खेलेंगे। हैरिस, बैनक्रॉफ्ट और कोंस्टास के साथ ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ टीम में भारत ‘ए’ के खिलाफ़ दो चार दिवसीय मैचों के लिए, जो इस महीने के अंत में मैके और मेलबर्न में खेले जाने हैं, मैकडोनाल्ड ने कहा कि ऊपर बताए गए सभी नाम 22 नवंबर को पर्थ में शुरू होने वाली महत्वपूर्ण बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज़ के लिए दावेदारी में हैं। उन्होंने कहा, “पहले शील्ड गेम में सैम कोंस्टास ने जो काम किया, उससे उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए सेट-अप में मौका मिला है और साथ ही उन्हें अपना काम करने का मौका भी मिला है। हम ऑस्ट्रेलिया ए के कुछ चयनों में भविष्य को लेकर थोड़ी-बहुत नजर रखते हैं और कुछ हद तक यहां और अभी को लेकर भी।” मैकडोनाल्ड ने निष्कर्ष निकाला, “इसके बजाय, सामान्य उम्मीदवारों के बारे में बात की जा रही है: बैनक्रॉफ्ट, हैरिस, रेनशॉ, साथ ही कोंस्टास। लेकिन यह कोई बैट-ऑफ नहीं है, सभी कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। हमारे पास कुछ बाएं हाथ के विकल्प हैं, कुछ दाएं हाथ के विकल्प हैं।हमारे पास कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने समय-समय पर रन बनाए हैं, इसलिए हम उस समय उन्हें पुरस्कृत करते हैं। लेकिन वे सभी इस समय चर्चा में हैं।”   recent visitors 85

जायसवाल से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें : ज्वाला

बेंगलुरु  भारतीय क्रिकेट टीम को युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल से अगले माह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं। यशस्वी के कोच ज्वाला सिंह का मानना है कि यश्स्वी की सबसे बड़ी परीक्षा ऑस्ट्रेलिया दौरे में होगी पर जिस एकाग्रता से वह खेलते हैं उससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी। कोच ने कहा इस स्तर पर पहुंचकर ये अहम होता है कि आप दबाव को कैसे संभालते हैं। आप हमेशा तकनीक पर काम कर सकते हैं पर अगर आपके पास सही रवैया और मानसिकता नहीं है, तो आप सफल नहीं हो सकते। यशस्वी काफी परिपक्व हैं और इसका लाभ उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में हालात अलग होते हैं। इसका कारण है कि वे वहां काफी कठिन क्रिकेट खेलते हैं और विपक्ष पर बेहद दबाव डालते हैं। पूर्व कोच के अनुसार टेस्ट पदार्पण के बाद से ही एक बल्लेबाज के रूप में विकास किया है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहने से उन्हें काफी सहायता मिली है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से यशस्वी ने 11 टेस्ट मैचों में 64.05 की औसत से 1217 रन बनाए हैं और तीन लंबी पारियां खेली हैं जिसमें 171,209 और 214 रन शामिल हैं। साथ ही कहा कि वह हमेशा एक बल्लेबाज के रूप में आक्रामक रहा है। पहले, वह लगभग हर गेंद पर प्रहार करने जाता था पर अब वह हालात के अनुसार ऐसा करता है। वह अब अपने खेल के बारे में अधिक जानकारी रखता है। उसे इस बारे में बेहतर जानकारी है कि किस गेंद पर आक्रमण करना है और किस को छोड़ना है। इसके साथ ही उसकी फील्डिंग भी बेहतर होती है। इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ यशस्वी ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। वहीं भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा को भी यशस्वी के कौशल स्तर और अनुकूलन क्षमता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, उनके पास हर तरह की परिस्थितियों में खेलने के लिए मैच है। आप उन पर दांव लगा सकते हैं और उनसे टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर सकते हैं। recent visitors 78

इंटरनेशनल मास्टर्स लीग के मैच लखनऊ और रायपुर में आयोजित होंगे, समापन मैच की मेजबानी रायपुर करेगा

मुंबई इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (आईएमएल) ने अपनी गवर्निंग काउंसिल के गठन की घोषणा की है, जिसमें तीन महान क्रिकेट खिलाड़ी और मास्टर्स शामिल होंगे – लीग कमिश्नर सुनील गावस्कर, सर विवियन रिचर्ड्स और शॉन पोलक। यह त्रिमूर्ति आईएमएल की रणनीतिक दिशा, नियमों और संचालन की देखरेख करेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लीग खेल प्रेमियों के लिए एक प्रमुख मंच बनी रहे, जहां खेल की विरासत और मनोरंजन का संगम हो, और दुनिया भर के प्रशंसकों को दिग्गजों के खेल का अद्वितीय रोमांच मिल सके। इंटरनेशनल मास्टर्स लीग का उद्घाटन संस्करण 17 नवंबर से 8 दिसंबर 2024 तक आयोजित हो रहा है। नवी मुंबई के डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में उद्घाटन मैच खेला जाएगा। इसके अलावा लखनऊ और रायपुर में भी मैच आयोजित होंगे। समापन मैच की मेजबानी रायपुर करेगा। टेस्ट क्रिकेट में 10, 000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज और क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक सुनील गावस्कर अपनी उत्कृष्ट क्रिकेट समझ और खेल की शुचिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, “गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि इंटरनेशनल मास्टर्स लीग क्रिकेट की भावना के प्रति सच्ची रहे, जबकि दुनिया भर के प्रशंसकों को मनोरंजन प्रदान करे। आईएमएल न केवल खेल के दिग्गजों को सम्मान देने का मंच है, बल्कि उन प्रशंसकों के लिए भी एक उत्सव है, जो आज भी अपने नायकों का सम्मान करते हैं।“ सर विवियन रिचर्ड्स, जो क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं, 1970 और 1980 के दशक में वेस्टइंडीज टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जिसने उस समय क्रिकेट जगत पर अपना दबदबा कायम रखा। सीमित ओवरों के खेल में अपने समय से आगे माने जाने वाले सर विवियन रिचर्ड्स की कप्तानी में वेस्टइंडीज ने एक भी टेस्ट सीरीज नहीं हारी। आईएमएल की गवर्निंग काउंसिल में शामिल होने पर सर विवियन रिचर्ड्स ने कहा, “आईएमएल एक अद्भुत मंच है, जहां खेल के पूर्व दिग्गजों को एक बार फिर से एक्शन में देखने का अनोखा रोमांच खेल प्रशंसकों को मिलेगा। मैं गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा बनकर और इस नवाचारी लीग को सफल बनाने में मदद करने के लिए उत्साहित हूं।“ शॉन पोलक, पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान और सर्वकालिक सफल ऑलराउंडर्स में से एक, आईएमएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में अपने अनुभव और बहुमुखी प्रतिभा को सामने लाएंगे। उन्होंने कहा, “क्रिकेट के महान खिलाड़ियों के साथ गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा बनना शानदार है। आईएमएल उन मास्टर्स के कौशल और क्लास का आनंद लेने का एक अवसर है, जिन्होंने वर्षों तक अपने लाखों- करोड़ों प्रशंसकों का मनोरंजन किया है। वे एक नई पीढ़ी को भी प्रेरित करेंगे। मैं इस लीग को सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनाने में अपनी भूमिका निभाऊंगा।”     recent visitors 77