हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रघुबीर कादियान होंगे प्रोटेम स्पीकर, अब विधानसभा सत्र जल्द

चंडीगढ़ हरियाणा में नई सरकार बनने के बाद अब विधानसभा सत्र की डेट फाइनल हो चुकी है। 25 अक्टूबर से सत्र की शुरुआत होगी। सदन की कार्यवाही 2 दिन चलेगी। फिलहाल सरकार की ओर से सत्र की डेट पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सदन में सभी निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके लिए पहले प्रोटेम स्पीकर चुन लिया गया। प्रोटेम स्पीकर सबसे सीनियर MLA रघुबीर कादियान होंगे। विधायकों को शपथ दिलाएंगे। इसके अलावा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर भी चुने जाएंगे। चर्चा है कि घरौंडा से विधायक हरविंद्र कल्याण व बल्लभगढ़ से विधायक मूलचंद शर्मा में से एक को स्पीकर और जींद से विधायक डॉ. कृष्ण मिड्‌ढा व सफीदों से विधायक रामकुमार गौतम में से एक को डिप्टी स्पीकर बनाया जा सकता है। भाजपा की ओर से चीफ व्हिप के लिए भिवानी से विधायक घनश्याम सर्राफ के नाम की चर्चा है। बता दें कि शपथ ग्रहण समारोह के बाद 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी। तब नायब सैनी ने बताया था कि विधानसभा सत्र की डेट को लेकर सबके साथ चर्चा हो चुकी है। डेट भी एक-दो दिन में फाइनल कर दी जाएगी। recent visitors 106

पहले ही दिन एक्शन में दिखे ‘गब्बर’, विज ने अवैध स्टाल लगाने वालों को लताड़ा तो अधिकारियों को जमकर झाड़ पिलाई

अंबाला हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज आज पहले ही दिन मंत्रालय मिलने के बाद एक्शन में दिखे। अनिल विज कैंट बस स्टैंड पहुंचे और बस स्टैंड के स्टेशन सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया। विज ने अवैध स्टाल लगाने वालों को लताड़ा तो अधिकारियों को जमकर झाड़ पिलाई। हमेशा एक्शन में रहते हैं विज बता दें कि अनिल विज हमेशा एक्शन में रहते हैं। विज आज मंत्रालय मिलने के पहले ही दिन एक्शन में दिखाई दिए। परिवहन मंत्रालय मिलने पर अनिल विज ने सबसे पहले अंबाला कैंट बस स्टैंड का निरीक्षण किया। अनिल विज ने हर एक स्टॉल पर पहुंच अवैध स्टाल लगाने वालों को झाड़ लगाई तो वहीं अधिकारियों पर जमकर बरसे। विज ने बस स्टैंड पर ओवरफ्लो सीवरेज देखा तो विज का पारा और ज्यादा चढ़ गया। विज ने तुरंत स्टेशन सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। इस दौरान विज के समक्ष यात्रियों ने समस्याएं भी रखी, वहीं बस स्टैंड पर बैठने के उचित प्रबंध न होने पर भी विज खफा दिखाई दिए। अनिल विज ने कहा अभी मंत्रालय मिला है, सब खामियां दूर करेंगे और अवैध सिस्टम का हिसाब लेंगे। विज ने कहा कि वो बस में सफर भी करेंगे और खुद समस्याएं समझेंगे। recent visitors 92

मैंने अयोध्या विवाद का समाधान निकालने के लिए भगवान से प्रार्थना की थी: चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

पुणे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मैं प्रतिदिन भगवान की पूजा करता हूं और मैंने अयोध्या विवाद का समाधान निकालने के लिए भगवान से प्रार्थना की थी। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने पुणे जिले के खेड़ तालुका में स्थित अपने पैतृक गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार ऐसा होता है कि हमारे पास केस है, मगर उसका समाधान नहीं मिल पाता है। अयोध्या विवाद में भी कुछ ऐसा ही हुआ है, यह मामला लगभग तीन महीनों तक मेरे पास था। मैं भगवान के सामने बैठा और उन्होंने मेरे लिए भी एक रास्ता ढूंढ लिया। उन्होंने कहा कि मैं प्रतिदिन भगवान की पूजा करता हूं और उस दिन भी मैंने ऐसा ही किया। मैं परमेश्वर के सामने बैठ गया और उनसे कहा कि अब आप मेरे लिए रास्ता ढूंढें। अगर आपको उनमें विश्वास है, तो भगवान आपके लिए एक रास्ता खोज देंगे। उनके सामने मैंने एक सवाल किया कि इससे बाहर निकलने का रास्ता कैसे खोजा जाए? मैंने भगवान से प्रार्थना की और मामले का फैसला करने से पहले उनसे मदद मांगी। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि भगवान ने मेरे लिए भी एक रास्ता ढूंढ लिया। मैं हर जगह घूम चुका हूं। अनेक स्थानों के मंदिर देखे हैं। मुझे कन्हेरसर का श्री यामी देवी मंदिर बहुत पसंद है। श्री यामी देवी की कृपा से मैं भारत का मुख्य न्यायाधीश बन पाया। मुझे सम्मान देने के लिए मैं यहां के लोगों का आभारी हूं। बता दें कि 9 नवंबर 2019 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, शरद बोबडे, धनंजय चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस. अब्दुल नजीर की पांच जजों की बेंच ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने इसी साल अयोध्या के राम मंदिर का दौरा किया था और उन्होंने रामलला के दर्शन किए थे।   recent visitors 72

आज बेंगलुरु में बारिश के बाद सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ, स्कूल बंद

बेंगलुरु बेंगलुरु में सोमवार को सुबह भारी बारिश के बाद सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिसके कारण स्कूल दिनभर के लिए बंद कर दिए गए। भारी बारिश के कारण कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। बारिश और जलभराव के कारण, बेंगलुरु शहरी जिला प्रशासन ने शहर में स्कूली बच्चों और किंडरगार्टन के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ बेंगलुरु सिटी जिले के निजी और सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च विद्यालयों को दिन भर के लिए बंद कर दिया गया है। बेंगलुरु यातायात पुलिस विभाग ने वड्डारापाल्या जंक्शन पर जलभराव और बेंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर वाहनों की धीमी गति के बारे में अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने निवासियों को किसी भी आपात स्थिति में आपातकालीन हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है। शहर में तड़के हुई भारी बारिश के बाद केंद्रीय व्यावसायिक जिले की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं। फ्रीडम पार्क रोड पर जलस्तर दो से तीन फीट तक बढ़ गया, जिससे कई ऑटो और दोपहिया वाहन फंस गए। जलभराव के कारण कई दोपहिया वाहन चालक घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे। यातायात पुलिस ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का अनुरोध किया है, क्योंकि पनत्तूर रेलवे अंडरब्रिज भी जलमग्न है। भारी बारिश के कारण टेक कॉरिडोर के पास स्थित वरथुर और गुंजुर में भी यातायात की गति धीमी हो गई। मदिवाला, एमसीएचएस कॉलोनी, सैंकी रोड, सेवन मिनिस्टर क्वार्टर, गंगानगर और के.आर. सर्किल के अंडरपास जलमग्न हो गए, जिससे व्यस्त समय में यातायात जाम की स्थिति पैदा हो गई। खोडेज जंक्शन, विंड्स मैनर रेलवे अंडरब्रिज, सैंकी रोड और पीजी हल्ली मिलर्स रोड अंडरब्रिज भी जलमग्न हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) आर. अशोक और पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा विधायक सी.एन. अश्वथ नारायण बेंगलुरु में बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और सिल्क बोर्ड जंक्शन पर लोगों से बातचीत कर रहे हैं। बेंगलुरु में पिछले सप्ताह भी भारी बारिश हुई थी और जिला प्रशासन ने पिछले सप्ताह स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की थी।   recent visitors 71

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन उज्जैन में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देश की आन्तरिक सुरक्षा, एकता, अखण्डता के लिये अपने प्राणों की आहुति देकर कर्त्तव्य-परायणता का अनूठा उदाहरण देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। पुलिस देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर रहते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देती है। ऐसे सभी बलिदानी पुलिसकर्मियों को मैं सैल्यूट करता हूं। पुलिसकर्मी देश की सेवाओं के संचालन में मदद करते हैं और देश की आन्तरिक सुरक्षा में सर्वोच्च योगदान देते हैं। कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, महापौर उज्जैन श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति उज्जैन श्रीमती कलावती यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना काल में कर्त्तव्य की वेदी पर पुलिस के जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। पुलिसकर्मियों के इस अद्वितीय योगदान का स्मरण करते हुए देश-प्रदेश गौरवान्वित महसूस करता है। कोरोना काल में पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों व सफाईकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य से देश की आबादी सुरक्षित रही। आजादी से लेकर आज तक ऐसे कई कठिन मौकों पर पुलिसकर्मियों द्वारा अपनी भूमिका को सार्थक सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि “हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, आपके सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं, आपके शौर्य को नमन, आपके प्रताप को प्रणाम है, आप हमारी शक्ति हैं, मध्यप्रदेश का अभिमान हैं।” कार्यक्रम में पुलिस जवानों द्वारा परेड प्रदर्शन कर वीर शहीदों को सलामी दी गई। परेड का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक श्री रणजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव, जन-प्रतिनिधि और अधिकारियों ने पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजली अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वीर शहीद स्व. लालबहादुर सिंह, स्व. बलराम के परिजन को शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर से परिचय प्राप्त किया। आईजी श्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर पुलिसकर्मियों की याद दिलाता है, जिन्होंने समाज और देश की रक्षार्थ प्राण न्यौछावर किये हैं। आज से 65 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के बर्फीले क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सशस्त्र सेना के साथ मुठभेड में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की पेट्रोलिंग पार्टी के 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तब से प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।   recent visitors 90

मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव के लिए दोनों दलों के प्रत्याशियों के नाम आए सामने

भोपाल मध्यप्रदेश में दो विधानसभा क्षेत्रों बुधनी और विजयपुर में होने वाले उपचुनाव के लिए दोनों प्रमुख दलों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की ओर से अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने के साथ ही अब सभी की नजरें बुधनी विधानसभा पर टिक गई हैं। सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र से अब तक राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान विधायक थे। लोकसभा चुनाव में उनके विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद श्री चौहान ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ही इस सीट के रिक्त होने के कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। बुधनी से भाजपा ने इस बार श्री चौहान के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विदिशा के पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है। वे पिछले लोकसभा चुनाव में विदिशा सांसद थे। इस लोकसभा चुनाव में उनके स्थान पर पार्टी ने विदिशा से श्री चौहान को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद अब उन्हें श्री चौहान की परंपरागत सीट से विधानसभा का टिकट दे दिया गया है। वहीं कांग्रेस ने कल देर रात इस सीट से अपने प्रत्याशी का नाम सार्वजनिक किया। पार्टी ने यहां से पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल को चुनावी मैदान में उतारा है। श्री पटेल इसके पहले भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। समझा जा रहा है कि भाजपा की ओर से श्री भार्गव को चुनावी मैदान में उतारने के बाद श्री पटेल की यहां से दावेदारी मजबूत हुई क्योंकि ये श्री चौहान के दबदबे वाला क्षेत्र है। श्री चौहान किरार समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और श्री पटेल भी इसी समाज के सदस्य हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस ने जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए यहां से श्री पटेल पर दांव खेला है। वहीं श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से भाजपा की ओर से रामनिवास रावत का मुकाबला कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा से होगा। श्री रावत इस सीट से लंबे समय से कांग्रेस के विधायक रहे हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्हें डॉ मोहन यादव सरकार मे कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उनके विधानसभा से त्यागपत्र देने के कारण ही यहां उपचुनाव हो रहा है। कांग्रेस अब इस पूरे आदिवासीबहुल क्षेत्र में श्री रावत पर कांग्रेस को धोखा देने का आरोप लगाते हुए आक्रामक चुनाव प्रचार में जुटी हुई है। इसी के चलते कांग्रेस ने अपने आदिवासी चेहरे मुकेश मल्होत्रा को यहां से चुनावी मैदान में उतारा है, जिनका सामना श्री रावत से हो रहा है। श्री मल्होत्रा की आदिवासियों की बीच खासी पैठ मानी जाती है और वे वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में थे और तीसरे नंबर पर रहे थे। इन दोनों ही क्षेत्रों में नामांकनपत्र दाखिले का कार्य प्रारंभ हो गया है। मतदान 13 नवंबर को होगा और नतीजे 23 नवंबर को घोषित होंगे।   recent visitors 101

गांदरबल में बड़े पैमाने पर आतंकवादियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू

श्रीनगर कश्मीर में नागरिकों पर लंबे समय बाद हुए सबसे घातक हमलों में से एक के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने सोमवार को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रणनीतिक श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर पर्यटक रिजॉर्ट सोनमर्ग के पास एक श्रमिक शिविर पर आतंकवादी हमले में एक कश्मीरी डॉक्टर सहित एक अवसंरचना कंपनी के सात कर्मचारी मारे गए। हमले में पांच अन्य कर्मचारी घायल भी हुए। श्रमिकों पर यह हमला जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा सामान्य स्थिति दिखाने के लिए श्रीनगर में एक प्रमुख खेल आयोजन ‘कश्मीर मैराथन’ की मेजबानी के कुछ घंटों बाद हुआ। अधिकारियों ने बताया कि हमले के तुरंत बाद पुलिस और सेना ने हमलावरों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया, जिनकी संख्या दो से तीन होने का संदेह है। उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है।” उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने आसपास के जंगलों में तलाशी के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों को भी तैनात किया है। शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अभियान की निगरानी के लिए गांदरबल में डेरा डाले हुए हैं। शुरुआती जांच में मदद के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम भी गांदरबल पहुंच गयी है। आतंकवादी समूह द रेसिस्टेंस फ्रंट, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का छाया समूह माना जाता है, ने निर्माण श्रमिकों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों ने रविवार शाम को श्रीनगर-सोनमर्ग मार्ग पर गगनगीर के पास 6.5 किमी लंबी जेड-मोड़ सुरंग का निर्माण करने वाली बुनियादी ढांचा कंपनी द्वारा स्थापित एक शिविर को निशाना बनाकर हमला किया। जेड-मोड़ सुरंग उन दो सुरंगों में से एक है जो लद्दाख को हर मौसम में खुली रहने वाली सड़क के माध्यम से बाहरी दुनिया से जोड़ेगी। इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हमले में मारे गए लोगों में एक कश्मीरी डॉक्टर के अलावा जम्मू-कश्मीर के दो, बिहार के तीन और पंजाब तथा मध्य प्रदेश के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं।   recent visitors 72