साइबर सेल में शिकायत कर ब्लैकमेलर को आप दिला सकते हैं सजा

नई दिल्ली  सोशल मीडिया के इस दौर में अपनी जानकारी बचा के रख पाना काफी मुश्किल काम हो जाता है. लोग न चाहते हुए भी कई बार इस तरह की गलतियों कर देते हैं. जो उनके लिए काफी मुश्किल खड़ी कर देती है. कई बार लोग अपनी इस प्राइवेट तस्वीर खींच कर अपने फोन में रख लेते हैं. या फिर किसी को भेज देते हैं. लेकिन फिर कई बार लोगों की प्राइवेच तस्वीरों का गलत इस्तेमाल हो जाता है. कई लोग ऐसे में प्राइवेट तस्वीर दिखाकर लोगों से पैसे मांगते हैं. उन्हें ब्लैकमेल करते हैं. ऐसे में बहुत से लोग अपनी इज्जत बचाने के लिए ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते है. लेकिन आपको इस तरह की सिचुएशन में घबराना नहीं चाहिए और न ही खुद को ब्लैकमेल होने देना चाहिए. आप ब्लैकमेलर की शिकायत कर सकते हैं.  उसे कानून के हाथों सजा दिलवा सकते हैं. साइबर सेल में कर सकते हैं शिकायत अगर कोई आपके प्राइवेट फोटो इस्तेमाल करके आपको ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है. तो ऐसी स्थिति में आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आपको सबसे पहले तुरंत साइबर सेल में ब्लैकमेलिंग के बारे में शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए आप चाहें तो ऑनलाइन  https://cybercrime.gov.in/  पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है. या फिर आप चाहें तो ऑफलाइन साइबर सेल की ऑफिस जाकर के भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. वहां जाकर आपको घटना की पूरी जानकारी देनी होती है. जिसमें काॅल डिटेल्स, मैसेज, और भी जो चीजें ब्लैकमेलर को ट्रेस करने में सहायक हो सकें. पुलिस करेगी कार्रवाई भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 384 के तहत ब्लैकमेलिंग एक सीरियस ऑफेंस है. यानी अगर कोई आपको प्राइवेट फोटो का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है. ऐसे में आप साइबर सेल में शिकायत करते हैं. तो फिर पुलिस अपराधी को ट्रेस करने की कोशिश करती है. और फिर उस पर कार्रवाई करती है. इस मामले में IPC की धारा 384 के तहत 3 साल तक की सजा हो सकती है. वहीं इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 503 के तगत भी इसके अलावा धारा 503 के तहत 2 साल तक की सजा हो सकता है. recent visitors 52

महिला हॉकी लीग में रानी पंजाब और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए सूरमा हॉकी क्लब की कोच होंगी

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी की पूर्व कप्तान रानी रामपाल अब महिला हॉकी लीग में अब मेंटोर और कोच की भूमिका में नजर आयेंगी। महिला हॉकी लीग के इस पहले सीज़न में रानी पंजाब और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए सूरमा हॉकी क्लब की कोच होंगी। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समग्र रूप से भारतीय महिला हॉकी के लिए एक कदम आगे है। रानी ने कहा कि इससे उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरु होगा। रानी कई सालों तक भारतीय महिला हॉकी का चेहरा रहीं। इस दौरान उनका नेतृत्व कौशल और जुनून प्रेरणादायक रहा।  रानी टोक्यो ओलंपिक 2021 में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम की कप्तान रही थीं। रानी ने कहा, ‘‘हॉकी मेरा जुनून है। मैने जितने समय खेला, जुनून के साथ खेला। मेरे दिमाग में हमेशा से यह था कि भारतीय हॉकी से जुड़ने के लिये जो भी मौका मिलेगा, उसे मैं स्वीकार जरूर करूंगी। हॉकी मेरे दिमाग में हमेशा चलती रहती थी।’’ रानी ने भारत के लिये 212 मैचों में 134 गोल कर किये हैं और इस प्रकार उन्हें खेल का लंबा अनुभव है। इस खिलाड़ी ने कहा कि पहली बार शुरु हो रही इस महिला लीग से उभरती हई खिलाड़ियों को एक मंच मिलेगा। रानी ने कहा कि मैं एक महिला खिलाड़ी हूं और मैने बहुत संघर्ष झेला है। एक खिलाड़ी हमेशा खिलाड़ी होता है। खेलने की इच्छा कभी खत्म नहीं होती। कई बार आपको कठिन फैसला लेना होता है और इसी लिए लीग में न खेलते हुए ही मैने कोचिंग स्टाफ के साथ जुड़ने का फैसला किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संन्यास के बारे में बोलना अभी मुश्किल है। अभी लीग में नई चुनौती का सामना करूंगी और उसके बाद कोई अंतिम फैसला लूंगी।’’ साथ ही कहा कि भारतीय हॉकी टीम को अब 2026 एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारी करनी चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास हरेंद्र सिंह के रूप में एक बेहतरीन कोच है जो पोडियम फिनिश का सपना पूरा कर सकते हैं। इस महान स्ट्राइकर ने कहा, ‘‘कोई भी टीम हारना नहीं चाहती। हम अतीत को बदल नहीं सकते लेकिन अब 2028 के लिये देखना है। पहला लक्ष्य 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई करना होना चाहिये। साथ ही कहा कि महिला लीग खिलाड़ियों का पूल तैयार करने में काफी सहायक हो सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हरेंद्र सर कोच के तौर पर लौटे हैं जिनके साथ मैंने काफी हॉकी खेली है। उनके साथ सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह हमारी संस्कृति और जानते हैं। हमें भरोसा है कि हरेंद्र सर के साथ टीम 2028 में टीम अच्छा करेगी।’’रानी ने स्वीकार किया कि महिला लीग के पहले सत्र में नीलामी के लिये पर्स छोटा है लेकिन उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अधिक फ्रेंचाइजी लीग से जुड़ेंगी और पैसा भी बढेगा। उन्होंने कहा, ‘‘नीलामी के लिये पर्स कम जरूर है लेकिन कोई भी चीज शुरू करना कठिन होता है। हॉकी इंडिया के लिये भी यही है लेकिन लीग का प्रभाव अच्छा रहता है तो उम्मीद है कि और टीमें आगे आयेंगी और पर्स भी बढेगा। हमारे खिलाड़ी बहुत साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं तो आर्थिक तौर पर यह लीग बहुत मदद करेगी।’’     recent visitors 135

400 पुलिसकर्मियों पर रेलवे ने लगाया फाइन, चेतावनी के बावजूद कर रहे थे बिना टिकट यात्रा, लगा मोटा जुर्माना

गाजियाबाद प्रयागराज रेलवे डिवीजन ने पिछले डेढ़ महीने में गाजियाबाद और कानपुर के बीच विभिन्न स्थानों पर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले 400 से अधिक पुलिसकर्मियों का जुर्माना किया है। विशेष अभियानों का संचालन कर रहे यातायात अधिकारियों ने पाया कि अधिकतर पुलिसकर्मी वातानुकूलित डिब्बों और पेंट्रीकार में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही थी। त्रिपाठी ने कहा, ‘बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों से न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि रेलवे को भी वित्तीय नुकसान होता है। इसलिए, हमने अनधिकृत यात्रा की जांच के लिए सख्त कदम उठाए हैं और हम अपने प्रयासों में काफी सफल रहे हैं।’ भारतीय रेलवे टिकट निरीक्षण कर्मचारी संगठन (एनसीआर जोन) के सचिव संतोष कुमार ने कहा कि कई पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करते हैं, वातानुकूलित कोचों में घुस जाते हैं और खाली सीटों पर लेट जाते हैं। कुमार ने कहा, ‘वे अधिकृत यात्रियों के लिए सीट खाली नहीं करते हैं और यहां तक कि उन्हें और रेलवे अधिकारियों को भी धमकाते हैं।’ रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से कई पुलिसकर्मियों ने यातायात अधिकारियों और टिकट निरीक्षकों को धमकी दी कि अगर उन पर जुर्माना लगाया गया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने चेतावनी भरे पत्र और परिपत्र जारी किए हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों से बिना टिकट के ट्रेनों में यात्रा न करने को कहा गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि इन पत्रों का उन पर कोई खास असर नहीं हुआ है।’ recent visitors 84

सुप्रीम कोर्ट ने आम जनता के हित में बड़ा और सार्थक कदम उठाया, कोर्ट की सुनवाई को लाइव देख सकेगें

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आम जनता के हित में बड़ा और सार्थक कदम उठाया है। अब कोई भी आम आदमी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लाइव देख सकेगा। इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। अब से, आप सभी अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर देख पाएंगे। इससे पहले तक, सुप्रीम कोर्ट सिर्फ संविधान पीठ और राष्ट्रीय महत्व के अन्य मामलों की सुनवाई को ही यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम करता था। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में स्वप्निल त्रिपाठी मामले में अपने फैसले में महत्वपूर्ण मामलों में कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का समर्थन किया था।  इसके बाद, देश के कोने-कोने के नागरिकों को शीर्ष अदालत की कार्यवाही देखने का मौका मिले, इसलिए पूरे न्यायालय ने संविधान पीठों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने का फैसला किया। इसके अलावा, महत्वपूर्ण सुनवाई का लाइव ट्रांसक्रिप्शन तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग तकनीक का भी उपयोग किया जाता है। हाल ही में, नीट-यूजी मामले और आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लोगों ने काफ़ी संख्या में ऑनलाइन देखा। पिछले साल अगस्त में, संविधान के अनुच्छेद 370 पर संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान, भारत के मुख्य न्यायाधीश डी।वाई। चंद्रचूड़ ने कहा था कि शीर्ष अदालत देश भर की सभी निचली अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को सक्षम बनाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए अपना खुद का क्लाउड सॉफ्टवेयर स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा था कि ईकोर्ट्स (प्रोजेक्ट) के तीसरे चरण में, हमारे पास एक बड़ा बजट है, इसलिए हम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए अपना खुद का क्लाउड सॉफ्टवेयर स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। मुख्य न्यायाधीश ने बताया था कि महामारी के दौरान, भारत भर की अदालतों ने वर्चुअल माध्यम से 43 मिलियन सुनवाई कीं। औपनिवेशिक छाप और पारंपरिक विशेषताओं को त्यागते हुए एक अन्य पहल में, सीजेआई चंद्रचूड़ के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के जजों के पुस्तकालय में लेडी जस्टिस की मूर्ति अब एक तलवार के बजाय भारतीय संविधान की एक प्रति रखी है, और उसकी आंखों से पट्टी हटा दी गई है। परंपरागत रूप से, आंखों पर बंधी पट्टी कानून के समक्ष समानता का सुझाव देती थी, जिसका अर्थ है कि न्याय का वितरण पक्षकारों की स्थिति, धन या शक्ति से प्रभावित नहीं होना चाहिए। तलवार ऐतिहासिक रूप से अधिकार और अन्याय को दंडित करने की क्षमता का प्रतीक थी। हालांकि, लेडी जस्टिस के दाहिने हाथ में न्याय के तराजू को बरकरार रखा गया है, जो सामाजिक संतुलन और फैसला सुनाने से पहले दोनों पक्षों के तथ्यों और तर्कों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के महत्व का प्रतीक है।   recent visitors 83

टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में आज दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी न्यूजीलैंड

दुबई  सोफी डिवाइन के नेतृत्व में न्यूजीलैंड की स्वर्णिम पीढ़ी के खिलाड़ियों के पास वैश्विक आईसीसी ट्रॉफी पर हाथ रखने का आखिरी मौका होगा जब टीम टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में रविवार को यहां दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी। इस फाइनल मैच से टी20 विश्व का नया चैम्पियन मिलना तय है क्योंकि दोनों टीमों ने इससे पहले कभी भी इस प्रारूप का खिताब नहीं जीता है। न्यूजीलैंड की महिला टीम ने 2000 में एकदिवसीय विश्व कप जीता था लेकिन मौजूदा टीम का कोई भी सदस्य उस ऐतिहासिक खिताबी जीत का हिस्सा नहीं था। इस आयोजन के शुरू होने से पहले लगातार 10 मैचों में हार के कारण न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास डगमगाया हुआ था लेकिन डिवाइन के नेतृत्व में इस समूह ने शानदार वापसी की। टीम को सुजी बेट्स, अमेलिया केर और ली ताहुहू जैसी अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी का फायदा मिला। यह संभवतः आखिरी बार है डिवाइन, बेट्स और ताहुहू किसी वैश्विक टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलेंगे। पैतीस वर्षीय डिवाइन के नाम सफेद गेंद प्रारूप में 7000 से अधिक रन हैं, जबकि 37 वर्षीय बेट्स के नाम 10, 000 से अधिक रन हैं। तेज गेंदबाज ताहुहू 34 साल की है। उन्होंने वनडे में 112 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 93 विकेट चटकाये हैं। यह खिलाड़ी विश्व कप ट्रॉफी के सपने को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। दक्षिण अफ्रीका भी पिछले साल की कसक को दूर कर खिताब को अपने नाम करना चाहेगा। पिछले साल घरेलू मैदान पर विश्व कप फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त मिली थी। न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों में टूर्नामेंट में अहम मौकों पर अपने खेल के स्तर को ऊंचा उठाया है और जब बल्लेबाजों के प्रदर्शन में गिरावट आयी तो गेंदबाजों ने टीम को मैच जिताया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भी ऐसा ही नजारा दिखा जब गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों को रोककर कम स्कोर वाले मैच को अपने नाम किया। केर के नाम टूर्नामेंट में अब 12 विकेट है। उन्हें दूसरे छोर से एडेन कारसन (आठ विकेट), रोसमरी मायर (सात विकेट) और अनुभवी ताहुहू का अच्छा साथ मिला। न्यूजीलैंड ने प्रतियोगिता में अपने अभियान का आगाज भारत पर बड़ी जीत से किया था लेकिन ग्रुप चरण में उसे टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 60 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। टीम ने कम स्कोर वाले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज पर मनोबल बढ़ाने वाली जीत दर्ज कर तीसरी बार फाइनल का टिकट पक्का किया। दक्षिण अफ्रीका ने खेल के हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया है। लौरा वोलवार्ट (190 रन) और तजमिन ब्रिट्स (170 रन) टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों में शामिल है। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर आठ विकेट की शानदार जीत के कारण टीम का मनोबल काफी बढ़ा होगा। दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट पर 135 रन पर रोकने के बाद दो ओवर से अधिक बाकी रहते मैच को अपने नाम किया था। दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी हद तक वोलवार्ट और ब्रिट्स की जोड़ी पर निर्भर रहेगी। इस जोड़ी को हालांकि एनेके बॉश और मारिजान कैप जैसे खिलाड़ियों के साथ की भी जरूरत होगी। गेंदबाजी में नॉनकुलुले म्लाबा (10 विकेट) को भी सेमीफाइनल के अपने प्रदर्शन को दोहराने के लिए बाकी गेंदबाजों की जरूरत होगी। टीमें: न्यूजीलैंड: सोफी डिवाइन (कप्तान), सूजी बेट्स, एडेन कारसन, इसाबेला गेज (विकेटकीपर), मैडी ग्रीन, ब्रुक हॉलिडे, फ्रैन जोनास, लेह कास्पेरेक, अमेलिया केर, जेस केर, रोसमरी मायर, मौली पेनफोल्ड, जॉर्जिया प्लिमर, हन्ना रोवे, ली ताहुहू। दक्षिण अफ्रीका: लौरा वोलवार्ट (कप्तान), एनेके बॉश, ताजमिन ब्रिट्स, नादिन डी क्लार्क, एनेरी डर्कसन, मिके डी रिडर (विकेटकीपर), अयांदा ह्लुबी, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), मारिजान कैप, अयाबोंगा खाका, सुने लुस, नॉनकुलुले म्लाबा, सेशनी नायडू, तुमी सेखुखुने, क्लो ट्रायॉन। मैच भारतीय समयानुसार शाम 07:30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 88

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा- लाखों नागरिकों के जीवन को सरल बनाने में मदद कर रहा डिजिलॉकर

नई दिल्ली सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि प्रमुख ई-गवर्नेंस प्लेटफार्म डिजिलॉकर लाखों नागरिकों का जीवन सरल बनाते हुए उन्हें डिजिटल उपकरणों से सशक्त बना रहा है। आईटी मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) द्वारा एक साप्ताहिक लाइव कार्यक्रम से देश भर के लाखों लोग जुड़े। इस कार्यक्रम को डिजिटल इंडिया के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने सीधे सवाल पूछे और डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा। मंत्रालय के अनुसार, विशेषज्ञों ने एक व्यापक प्रस्तुति दी और डिजिलॉकर की कार्यक्षमताओं और लाभों के बारे में गहन चर्चा की। इस कार्यक्रम में लोगों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम में 9 ऐसे प्रतिभागियों को चुना गया, जिन्होंने डिजिलॉकर को लेकर बेहद काम के सवाल पूछे। इन प्रतिभागियों को ‘डिजिटल इंडिया प्रश्न निंजा’ के रूप में मान्यता दी गई। मंत्रालय ने कहा कि इस सीरीज का उद्देश्य ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत प्रमुख परियोजनाओं के बारे में बताना है और लोगों को इन परिवर्तनकारी कार्यक्रमों का प्रबंधन और संचालन करने वाले विशेषज्ञों से सीधे तौर जुड़ने का मौका देना है। सरकार ने हाल ही में उमंग ऐप को देश के डिजिटल वॉलेट डिजिलॉकर के साथ इंटीग्रेट करने की घोषणा की है, जिससे यूजर्स मल्टिपल सर्विस को एक ही सिंगल प्लेटफॉर्म से मैनेज कर सकेंगे। एनईजीडी के अनुसार, इस सहयोग का उद्देश्य नागरिकों को अधिक सुविधा प्रदान करते हुए सरकार की अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है। गौरतलब है क‍ि डिजिलॉकर स्टोरेज के लिए एक सुरक्षित क्लाउड बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जिसके साथ यूजर्स को उनके डॉक्यूमेंट वेरीफाई और शेयर करने की सुविधा मिलती है। डिजिलॉकर वर्तमान में 30 करोड़ यूजर्स को करीब 6.75 अरब डॉक्युमेंट स्टोर करने की सुविधा दे रहा है। recent visitors 91

विधानसभा के पहले सेशन और साल के पहले सेशन में राज्यपाल का संबोधन होना जरुरी होता: रामनारायण यादव

चंडीगढ़ हरियाणा में 15वीं विधानसभा के गठन और कैबिनेट के शपथ ग्रहण के बाद अब विधायकों की शपथ और विधानसभा सेशन का तारीख को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में हरियाणा विधानसभा से स्पेशल सचिव के पद से सेवानिवृत और संविधान के जानकार रामनारायण यादव ने नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा सत्र को लेकर कुछ रोचक जानकारी सांझा की है। बंसीलाल ने दिलाई थी 54 दिन बाद शपथ यादव ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर कई समय सीमा तय नहीं है। पूर्व में हरियाणा विधानसभा में नई सरकार के गठन के बाद 3 से 54 दिन बाद तक भी शपथ ग्रहण का रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि 1968 में चौधरी बंसीलाल ने दिल्ली में सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में शपथ ली थी। उसके 54 दिन के बाद विधायकों का शपथ ग्रहण हुआ था। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 दिन बाद शपथ ली थी। एक दिन का सत्र बुलाकर कर सकते हैं स्थगित रामनारायण यादव ने बताया कि विधानसभा के पहले सेशन और साल के पहले सेशन में राज्यपाल का संबोधन होना जरुरी होता है। यह एक संवैधानिक बाध्यता है। एक दिन का सेशन बुलाकर स्पीकर का चयन करने के बाद राज्यपाल विधानसभा में संबोधित करते हैं, जिस पर धन्यवाद प्रस्ताव पास करना होता है। इसके बाद स्पीकर की ओर से सेशन की अगली तारीख में अधिकतम 15 दिन का अंतर डाला जा सकता है। ऐसे में एक दिन का सेशन बुलाकर उसे आगे के लिए स्थगित किया जा सकता है, लेकिन इस दौरान सेशन की अगली तारीख बतानी होती है, जब फिर से सेशन की शुरूआत होगी। एक दिन का सेशन बुलाकर उसे स्थगित कर कुछ दिनों का अंतर डालकर फिर से बुलाए गए सेशन को एक ही माना जाएगा। रामनारायण यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री जब विधानसभा का सत्र बुलाते हैं। नई सरकार का कार्यकाल उसी के अनुसार तय होता है। विधानसभा सेशन के पहले दिन से ही सरकार का कार्यकाल शुरू माना जाता है, जबकि विधानसभा के सदस्यों के भत्ते उससे पहले ही शुरू हो जाते हैं। recent visitors 88