गडकरी ने विक्रमादित्य सिंह को दिया जन्मदिन का तोहफा, मंडी जिला की दो सड़कों के लिए 21.05 करोड़ रुपए मंजूर किए

शिमला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को जन्म दिन का तोहफा दिया है। केंद्र ने मंडी जिला की दो सड़कों के लिए 21.05 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसके तहत चैलचौक-पंडोह सड़क के लिए 9.10 करोड़ रुपए तथा मंडी-कमांद कटौला सड़क के लिए 11.89 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। चैलचौक-गोहर-पंडोह सड़क के सुधार व सुदृढ़ीकरण के चलते पंडोह से चैलचौक तक वैकल्पिक सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था। एचएचएआई की सड़क के बंद होने पर इस वैकल्पिक सड़क मार्ग से यातायात चलाया जाएगा। इसके अलावा गत वर्ष 16 सितम्बर, 2023 को मंडी-कमांद कटौला-बजौरा सड़क में बारिश से हुए नुक्सान की भरपाई के लिए केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा था। केंद्र ने इन दोनों प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। केंद्र ने भूस्खलन के कारण सड़कों के बंद होने के जोखिम को देखते हुए यह राशि मंजूर की है। इसको लेकर एनएचएआई ने एसई मंडी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्हें इन दोनों कार्यों के टैंडर दस्तावेज के साथ अकाऊंट व कैंसल चैक जमा करवाने को कहा है। इसके बाद टैंडर की राशि के आधार पर मंजूर राशि को विभाग के एकांऊट में जमा करवा दिया जाएगा। इसकी जानकारी लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया पेज पर दी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मेरे जन्मदिन के अवसर पर नितिन गडकरी ने बड़ा तोहफा दिया है। विक्रमादित्य ने कहा कि उन्होंने मंडी के जो मसले केंद्रीय मंत्री से पिछली मुलाकात में उठाए थे, उस पर 21 करोड़ रुपए का समर्थन लोक निर्माण विभाग को दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। याद रहे कि गत 3 अक्तूबर को केंद्र ने हिमाचल की 4 सड़कों व 1 पुल के लिए 293.36 करोड़ रुपए की राषि जारी की थी। यह राषि सीआरआईएफ के तहत मंजूर की गई थी। recent visitors 119

पुलिस ने दावा किया कि सलमान खान को मारने की साजिश रची गई थी, 25 लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था

नई दिल्ली बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की हत्या की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि सलमान खान को महाराष्ट्र के पनवेल स्थित उनके फार्महाउस के पास मारने की साजिश रची गई थी। इसके लिए 25 लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। यह सुपारी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने दी थी। इस केस में पुलिस ने 5 लोगों के नाम चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के लिए एके-47, एके-92 और एम-16 जैसे खतरनाक हथियार पाकिस्तान से लेने की तैयारी में थे। इसके अलावा तुर्की मेड जिगना पिस्तौल भी इन लोगों के पास थी, जिसका इस्तेमाल पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर में किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपी ने 18 साल से भी कम के कई लड़कों को हायर किया था। ये लोग पुणे, रायगड़, नवी मुंबई, ठाणे और गुजरात में छिपे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि सलमान खान पर 60 से 70 लोग नजर रख रहे थे। बांद्रा हाउस, पनवेल फार्म हाउस से लेकर गोरेगांव फिल्म सिटी तक में उनकी मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी। चार्जशीट के अनुसार सलमान खान की हत्या की साजिश अगस्त 2023 से अप्रैल 2024 के दौरान रची गई। इस केस में गुरुवार को ही पुलिस ने इस केस में सुक्खा को पानीपत से अरेस्ट किया है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शूटर बताया जा रहा है। उसने ही शूटर अजय कश्यप उर्फ एके और 4 अन्य लोगों को सलमान खान को मारने की सुपारी दी थी। इसके बाद कश्यप और उसकी टीम ने सलमान खान की रेकी की थी। इन लोगों ने तय किया था कि सलमान खान की सुरक्षा टाइट रहती है। बुलेटप्रूफ वाहन भी उनके साथ रहते हैं। ऐसे में उनकी हत्या के लिए मारक क्षमता वाले हथियारों की जरूरत होगी। इसके चलते ये लोग हाई रेंज वाली बंदूकों की तलाश में जुट गए थे। पुलिस का कहना है कि इन हथियारों की तलाश में सुक्खा ने पाकिस्तान के हथियार तस्कर डोगर से संपर्क किया था। उससे वीडियो कॉल पर बात की थी। इस दौरान पाकिस्तान के तस्कर ने एके-47 समेत कई हथियार दिखाए थे और डील पर बात की थी। डोगर ने हथियारों की सप्लाई पर सहमति जताई थी। इसके लिए सुक्खा ने 50 पर्सेंट एडवांस देने को कहा था। इसके अलावा बाकी पेमेंट हथियारों की भारत में डिलिवरी होने के बाद देने को कहा था। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी आगे के ऐक्शन के लिए कनाडा में बसे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई से ऑर्डर का इंतजार कर रहे थे। recent visitors 86

भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का हुआ शुभारंभ, देश-विदेश के निवेशक हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए की जा रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने आईएटीओ का अधिवेशन हुआ। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में प्रदेश की खनिज संपदा की विस्तार से जानकारी दी जाकर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश में खनिज की प्रचुर मात्रा होने और राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेशकों को आकर्षित कर रही है। निवेश के मुख्य आकर्षण आगामी 200 वर्ष के लिए कोयल का रिजर्व भंडार सरप्लस बिजली और पानी वाला राज्य बेहतर कनेक्टीविटी के लिए सड़कों का जाल ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में अग्रणी श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता निवेशकों के लिए सिंगल विन्डो सिस्टम उद्योगों में नो मैन डे लॉस ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम लोक सेवाओं की गारंटी के लिए अधिनियम लागू मैगनीज एवं कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम रॉक फॉस्फेट में देश में दूसरे स्थान पर चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर देश के मध्य में होने से यहाँ पहुँचना आसान भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में गुरूवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया। इस अवसर पर माईनिंग कार्पोरेशन के एमडी श्री अनुराग चौधरी, विभिन्न हितधारकों, उद्योग के नेताओं, शिक्षाविदों एवं प्रमुख खनिज कम्पनियों के प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी है। प्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश नम्बर दो पर है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से निरंतर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है परंतु इस बार मध्यप्रदेश में पहली बार पृथक से माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश एक समावेशी राज्य है। यहां के लोग बहुत सरल और सहज है। मध्यप्रदेश में जो भी आकर बसता है, वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। मध्यप्रदेश वह राज्य है जहां उद्योगों में "नो मेन डे लॉस" है। यहां के श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली हैं। मध्यप्रदेश के सहज प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं की सोच सकरात्मक एवं सहयोगी है। यहां पर देश में सबसे पहले लोकसेवाओं के प्रदाय की गारंटी के लिए अधिनियम लागू किया गया, जिसे बाद में अन्य राज्यों ने भी अपनाया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज की अपार संपदा है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हीरे का उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश मैंगनीज और कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर, रॉक फॉस्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में आगामी 200 वर्ष के लिये कोयले का रिजर्व भण्डार है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इस बार देश में सर्वाधिक कोल-ब्लॉक्स मध्यप्रदेश में नीलाम हुए। मध्यप्रदेश में ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम है। अगले कुछ वर्षों में कोयला उत्पादन में मध्यप्रदेश काफी आगे होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि प्रदेश में जल की प्रचुरता है। यहाँ पर नर्मदा नदी है जिसको प्रदेश की जीवनदायिनी कहते है। ऋगवेद में कहा गया है कि यमुना नदी में 7 बार स्नान करने से, गंगा नदी में एक बार स्नान करने से और नर्मदा नदी के केवल दर्शन मात्र से ही पाप नष्ट हो जाते है। नर्मदा नदी में वर्ष भर पर्याप्त जल रहता है। मध्यप्रदेश नवाचारों में अग्रणी है। रीवा में स्थापित अल्ट्रा सोलर प्लांट अद्भुत है। यहाँ अन्य राज्यों से कम कीमत पर बिजली बनती है। मध्यप्रदेश एनर्जी सरप्लस स्टेट है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। श्री सिंह ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश वन सम्पदा में भरपूर है और भारत में इसका 8वां नम्बर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का इंदौर शहर देश में सबसे स्वच्छतम शहर है। श्री सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है।  recent visitors 69

किसानों से खेती पर गंभीरता से चर्चा हुई, कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि छोटे किसानों के लिए कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर दिया जाएगा। श्री सिंह ने यहां किसान और किसान संगठनों से मुलाकात के अपनी साप्ताहिक कार्यक्रम के बाद कहा कि किसानों से खेती से संबंधित कई विषयों पर गंभीरता से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने एक-दो या ढाई एकड़ ज़मीन वाले किसानों को लाभकारी खेती के लिए मॉडल कृषि फार्मिंग के प्रशिक्षण पर ज़ोर दिया है। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उनके समाधान का प्रयास किया जायेगा। इनमें से राज्यों को संबंधित विषय भेजेंगे और केंद्र सरकार के विषयों पर विभाग कार्रवाई करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों से संवाद बहुत उपयोगी‌ है और‌ इससे मूल समस्याओं की जानकारी मिल रही है। साथ ही सरकारी योजनाण्ं भी किसानों तक पहुंच रही हैं। संवाद में शामिल किसान अलग-अलग संगठनों और राज्यों से थे। श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये सभी प्रयासों सहित पिछले कल रबी की एमएसपी बढ़ाने की जानकारी किसानों को दी गयी। संवाद के दौरान किसानों ने एक एकड़ वाले खेत में ही लाभकारी खेती कर रहे किसानों के उदाहरण भी दिये। उन्होंने पानी पहुँचाने, उर्वरकों के प्रयोग, मिट्टी को स्वस्थ बनाना, प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान के कारण परेशानियां, चीनी मिलों के बंद होने और आवारा पशुओं की समस्याओं आदि को लेकर चर्चा की। किसानों ने श्रीअन्न को बढ़ावा देने को लेकर भी सुझाव दिये। recent visitors 69

उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को जारी होंगे नियुक्ति पत्र, मिली राहत

भोपाल उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिल गई है। अब इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी में भी जुट गया है। इससे करीब प्रदेश के चार हजार पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। उच्च न्यायालय ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों के ईडब्ल्यूएस के पात्र अभ्यर्थियों की याचिका पर उनके पक्ष में निर्णय सुनाया है। 12 नवंबर से विभाग नियुक्ति पत्र जारी करना शुरू कर देगा। अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। आठ हजार 720 पदों पर भर्ती होनी है। यह पद स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में हैं। ये है पूरा मामला स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 में उच्च माध्यमिक शिक्षक यानी वर्ग-1 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए परीक्षा कराई थी। 29 सितंबर 2022 को नियुक्ति प्रक्रिया को नई भर्ती बताकर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोक दी गई। इससे 848 ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल सकी, जबकि इस भर्ती को भी वर्ष 2018 के परीक्षा परिणाम के आधार पर ही की गई थी। इस पर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी। इस कारण नई भर्ती पर रोक लगा दी गई। उच्च न्यायालय ने 848 अभ्यर्थियों को 45 दिन में नियुक्ति देने का आदेश दिया है। पदवृद्धि की भी उम्मीद स्कूल शिक्षा विभाग अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 भर्ती के लिए पहली काउंसलिंग ही कर रहा है। भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं, इसे लेकर विभाग ने विषयवार खाली पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से परामर्श भी ले लिया है। बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत करीब 300 अभ्यर्थी परेशान उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 पात्रता और चयन परीक्षा की नियमावली में स्कूल शिक्षा ने एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के नियमों का पालन नहीं किया। इसमें बीएड के प्रथम वर्ष में प्रवेशित पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है। भर्ती के समय यह उल्लेख किया गया था कि दस्तावेज सत्यापन या काउंसलिंग के समय डिग्री पूरी होनी चाहिए। पात्र अभ्यर्थी लक्ष्मण सिंह राठौर का कहना है कि अब बीएड कर चुके करीब 300 पात्र अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बाद नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में नियमों में संशोधन करते हुए बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को वर्ग-1 में नियुक्ति के लिए पात्र माना गया है।   recent visitors 66

यूपी में बीजेपी ने 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को वोटिंग कराने की मांग की, चुनाव आयोग पहुंची भाजपा

लखनऊ यूपी में नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव को एक हफ्ते टालने के लिए बीजेपी चुनाव आयोग पहुंची है। बीजेपी ने 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को वोटिंग कराने की मांग की है। बीजेपी ने यूपी के मुख्य निर्वाचल अधिकारी इस बाबत पत्र लिखा है। पत्र में कई जिलों का जिक्र करते हुए बताया है कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिया का स्नान पर्व होने के कारण लोग दो तीन दिन पहले ही इसमें भागीदारी करने चले जाएंगे। ऐसे में बहुसंख्यक मतदाता वोट देने से वंचित रह जाएंगे। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही चुनाव आयोग ने यूपी की दस में से नौ सीटों पर चुनाव की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार 18 नवंबर को नामांकन के साथ चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी। 13 नवंबर को वोटिंग और 23 नवंबर को मतगणना होगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में बीजेपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व और पूजन का धार्मिक महत्व है। 15 नवम्बर 2024 को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है और बड़ी संख्या में लोग कार्तिक पूर्णिमा के स्नान एवं पूजन करने के लिए जाते हैं। 13 नवंबर को चुनाव होने से उन्हें जाने में परेशानी हो सकती है। बीजेपी ने यह भी कहा कि इसके साथ कुन्दरकी, मीरापुर, गाजियाबाद और प्रयागराज में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला में प्रतिभाग एवं पूजन के लिए लोग 3-4 दिन पहले ही चले जाते है। कार्तिक पूर्णिमा के कारण बहुसंख्यक मतदाता मतदान से वंचित हो जाएंगे। आयोग का भी मानना है कि प्रत्येक मतदाता का शत-प्रतिशत मतदान कराया जाये। ऐसी स्थिति में शत-प्रतिशत मतदान सम्भव नहीं है इसीलिए उपचुनाव की तारीख 13 नवम्बर 2024 के स्थान 20 नवम्बर 2024 करना बेहतर होगा। ऐसा करने से प्रत्येक मतदाता का मतदान सुनिश्चित हो सकेगा। गौरतलब है कि यूपी में की इस समय दस विधानसभा सीटें खाली हैं। इनमें से नौ सीटों मैनपुरी की करहल, अलीगढ़ की खैर, बिजनौर की मीरापुर, प्रयागराज की फूलपुर, गाजियाबाद की गाजियाबाद, मिर्जापुर की मझवां, अम्बेडकरनगर की कटेहरी, संभल की कुंदरकी और कानपुर की सीसामऊ पर चुनाव का एलान हो गया है। अयोध्या की मिल्कीपुर सीट का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण चुनाव नहीं हो रहा है। recent visitors 53

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम राजा की नगरी ओरछा को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के निर्णय पर व्यक्त की प्रसन्नता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम राजा की नगरी ओरछा (जिला निवाड़ी) को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निर्णय हर्ष और गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब विश्वभर में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर की गूंज सुनाई देगी। राम राजा सरकार की नगरी 'ओरछा' मध्यप्रदेश की नई 'विश्व धरोहर' बनने जा रही है। यूनेस्को की आधिकारिक घोषणा के पश्चात ओरछा नगरी विश्व धरोहर बन जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के ओरछा नगर के विश्व धरोहर स्थल के रूप में चयन पर यूनेस्को पदाधिकारियों का आभार मानते हुए केंद्र सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के संस्कृति, पर्यटन विभाग सहित संपूर्ण मध्य प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।   recent visitors 70