जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें बढ़ीं, डीएमएफ घोटाले में ED ने 22 अक्टूबर तक लिया रिमांड पर

रायपुर कोयला घोटाले में पहले से जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें और बढ़ गई है। अब उन्हें डीएमएफ (जिला खनिज निधि मद) घोटाले में भी पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिमांड पर लिया है। कोर्ट ने गुरुवार को रानू साहू को 22 अक्टूबर तक ईडी रिमांड पर भेजने का निर्णय सुनाया। ईडी को हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उनसे पूछताछ की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, कोर्ट ने रानू साहू के स्वजनों को एक दिन छोड़कर उनसे मिलने की अनुमति भी दी है। बतादें कि रानू साहू को बुधवार को जेल से अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के चलते उन्हें अदालत में पेश नहीं किया जा सका। बताया जा रहा है कि रानू साहू को हाइपर टेंशन की समस्या हुई, जिसके चलते उनकी पेशी स्थगित कर दी गई। उनकी गिरफ्तारी गुरुवार तक टल गई थी, लेकिन गुरुवार को ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। recent visitors 107

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडल समिति की पहली बैठक में घाट निर्माण सहित अन्य कामों के लिए राशि मंजूर

भोपाल साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए उज्जैन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए कई निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडल समिति की पहली बैठक में घाट निर्माण सहित 19 कामों के लिए 5,882 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस धनराशि से जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की ओर से विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। सिंहस्थ में इस बार दुनियाभर से लगभग 15 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए अभी से तैयारी की जा रही है।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी योजना तैयार की जाए कि क्षिप्रा नदी हर हाल में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो और शुद्ध जल का अविरल प्रवाह हो। उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए 19 करोड़ की लागत से शंकराचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता, उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन बड़नगर मार्ग, 18 करोड़ रुपये से खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका, भर्तहरीगुफा से रंजीत हनुमान मार्ग एवं क्षिप्रा नदी पर पुल का निर्माण, 40 करोड़ रुपये से सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक सस्पेंशन ब्रिज पहुंच मार्ग और ओंकारेश्वर में कावेरी नदी पर पैदल पुल सहित ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इंदौर-उज्जैन मार्ग बनेगा सिक्स लेन 1692 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर-उज्जैन मार्ग को सिक्स लेन, 950 करोड़ रुपये से इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड चार लेन का निर्माण होगा। 75 करोड़ रुपये से महाकाल लोक कारिडोर में फाइबर के स्थान पर पाषाण प्रतिमाओं का निर्माण, कुंभ संग्रहालय, काल गणना शोध केंद्र उज्जैन का विकास कार्य किया जाएगा। 779 करोड़ की लागत से घाट निर्माण होगा 778 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाट का निर्माण किया जाएगा। 1024 करोड़ 95 लाख रुपये का 30.15 किलोमीटर कान्ह नदी का डायवर्सन, 614 करोड़ 53 लाख रुपये से क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना (सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध), 74 करोड़ 67 लाख रुपये के क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 14 बैराजों का निर्माण, 43 करोड़ 51 लाख रुपये के कान्ह नदी पर प्रस्तावित 11 बैराजों का निर्माण, 198 करोड़ रुपये से उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना, बिजली सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। इंदौर से उज्जैन तक बिछेगी मेट्रो लाइन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि अभी तक 18 विभागों के 568 कार्यों को 15 हजार 567 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। उधर, इंदौर में लव-कुश चौराहे से उज्जैन तक नवीन मेट्रो लाइन बिछाए जाने का सर्वे करने का काम दिल्ली रेल मेट्रो कार्पोरेशन को दिया गया है। recent visitors 89

संबित पात्रा ने कहा- मुडा स्कैम में मुख्यमंत्री सिर से पांव तक खुद लिप्त हैं, देना चाहिए इस्तीफा

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर तंज कसते हुए कहा कि मुडा के चेयरमैन ने अभी-अभी इस्तीफा दिया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भी इस्तीफा देना चाहिए। क्योंकि, मुडा स्कैम में मुख्यमंत्री सिर से पांव तक खुद लिप्त हैं। संबित ने कहा, चंद दिनों पहले सिद्धारमैया ने पेशकश की थी कि जो जमीन उन्हें मुआवजा के तौर पर आवंटित हुई थी, उसे वापस करेंगे। मुडा के चेयरमैन का इस्तीफा और सिद्धारमैया द्वारा जमीन वापस करने की पेशकश से साफ होता है कि इस स्कैम में कांग्रेस पार्टी के कर्नाटक के सबसे बड़े नेता सिद्धारमैया खुद लिप्त हैं। संबित ने प्रदेश की सरकार गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने एससी-एसटी वेलफेयर फंड का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, कर्नाटक में एससी-एसटी के लिए जो फंड है, उसका दुरुपयोग किया गया। 2024 के आम चुनाव में बेल्लारी लोकसभा में लगभग सात लाख से अधिक लोगों में 200 रुपए बांटे गए। संबित ने ईडी की चार्जशीट का हवाला देते हुए कहा, कांग्रेस को वोट देने के लिए सात लाख लोगों को 200 रुपए बांटे गए। जहां तक यह मुडा स्कैम का मामला है, लेखा अधीक्षक पी.चंद्रशेखर ने आत्महत्या की थी। उन्होंने सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें बहुत कुछ चौंकाने वाला था। नोट में लिखा था, कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के खाते से 187 करोड़ रुपए अनाधिकृत हस्तांतरण हुए हैं। देश में एक नियम है कि जो पैसे एससी-एसटी समुदाय के लिए आवंटित है, उस फंड को डायवर्ट नहीं किया जा सकता है। संबित ने कहा, राहुल गांधी विदेश जाते हैं तो कहते हैं कि हम कभी सत्ता में आएंगे तो आरक्षण खत्म कर देंगे। दूसरी तरफ कर्नाटक की कांग्रेस सरकार है, जिसने एससी-एसटी कल्याण के लिए आवंटित बजट से लोकसभा चुनाव, कार, फ्लैट, निजी हवाई यात्रा, निजी कर्मचारियों को सैलरी, बिजली के बिलों का भुगतान किया है।   recent visitors 62

खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण में पांच वर्ष के लिए अपना पंजीयन निशुल्क करा सकेंगे, सब्जी और खाद्य पदार्थ बेचने वाले लोग

भोपाल केंद्र सरकार ने सब्जी-फल या खाने की अन्य सामग्री घूमकर बेचने वालों को बड़ी राहत दी है। अब वह खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) में पांच वर्ष के लिए अपना पंजीयन निशुल्क करा सकेंगे। प्रतिवर्ष सौ रुपये निर्धारित पांच वर्ष का पंजीयन शुल्क 500 रुपये अब उनसे नहीं लिया जाएगा। उन्हें दूसरा लाभ यह होगा कि पंजीयन नहीं होने के कारण लगने वाले अर्थदंड व अन्य कार्रवाई से वे बच सकेंगे। पंजीयन नहीं होने पर एडीएम द्वारा पांच हजार रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक अर्थदंड लगाया जाता है। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वेंडर पंजीयन कराने से बचते थे, इसलिए भारत सरकार ने यह सुविधा दी है। एफएसएसएआई ने 30 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से या खुद वे अपना पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन में फोटो, आधार कार्ड भी लगेगा। यह भी बताना होगा किस चीजों का व्यापार करते हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मयंक अग्रवाल का कहना है कि एफएसएसएआई ने बहुत अच्छा प्रयास किया है। फेरी वाले जिन हाकर्स ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है वह निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। मप्र स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थ बेचने वाले लगभग 38 लाख हाकर्स हैं, जिनमें 16 से 18 लाख फेरी वाले होंगे। फेरी वालों को यह होगा लाभ अभी बिना लाइसेंस पकड़े जाने पर पांच हजार से 20 हजार रुपये तक अर्थदंड लगता है, जिससे बच जाएंगे। पंजीयन की शर्तों के अंतर्गत उन्हें यह पता रहेगा कि क्या करना और क्या नहीं करना। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास उनका ब्योरा होने से उन्हें समय-समय पर विभाग या एनजीओ के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा सकेगा। सिंहस्थ के लिए सरकार ने कसी कमर! घाट निर्माण सहित कई कार्यों के लिए 5,882 करोड़ रुपये मंजूरसिंहस्थ के लिए सरकार ने कसी कमर! घाट निर्माण सहित कई कार्यों के लिए 5,882 करोड़ रुपये मंजूर सरकार को यह लाभ होगा पंजीयन होने से फेरी लगाकर खाद्य पदार्थ बेचने वालों का ब्योरा सरकार के पास रहेगा। पंजीयन कराने के साथ ही फेरीवालों को शपथ पत्र देना होता है कि वह शर्तों का पालन करेंगे। इस तरह वह नियम से बंध जाएंगे। पंजीयन में पता और मोबाइल नंबर भी रहेगा। फेरी वालों के विरुद्ध कोई शिकायत आती है तो नोटिस भेजना आसान हो जाएगा। खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने में स्वच्छता का मापदंड पूरा कराना भी आसान होगा। आवश्यकता होने पर मोबाइल पर उन्हें एक साथ मैसेज भेजा जा सकेगा।   recent visitors 95

37 साल से देश का कोई नेता नहीं तोड़ पाया इनका रिकॉर्ड, अब राव नरबीर सिंह भी बने हरियाणा के मंत्री

हरियाणा हरियाणा की सबसे बड़ी विधानसभा सीट से धमाकेदार जीत हासिल करने वाले राव नरबीर सिंह नायब सिंह सैनी सरकार में मंत्री बन गए हैं। उन्होंने गुरुवार को चौथी बार मंत्री पद की शपथ ली। गुरुग्राम की बादशाहपुर सीट से जीत हासिल करने वाले राव नरबीर सिंह को सियासत और शासन का लंबा अनुभव है। राव नरबीर के नाम है बड़ा रिकॉर्ड राव नरबीर सिंह ने सन 1987 में जाटूसाना (हरियाणा) और 1996 में सोहना (हरियाणा) से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। 1987 के पहले चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद राज्य के गृह मंत्री बने थे। 1996 में दूसरी बार जीत दर्ज करने के बाद हरियाणा सरकार में परिवहन, खाद्य और आपूर्ति और सहकारिता मंत्री का पद संभाला था। 26 साल की उम्र में राज्य गृह मंत्रालय का पद संभालने वाले देश के सबसे कम उम्र के निर्वाचित प्रतिनिधि बन गए,आज भी उनके यह रिकॉर्ड बना हुआ है। उनके पास 1996 में खेल और मुद्रण और स्टेशनरी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी था। उन्होंने 2009 में गुड़गांव से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन असफल रहे थे। भाजपा सरकार में पहले भी थे मंत्री राव नरबीर सिंह वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। वह एक सक्रिय सामाजिक और राजनीतिक सुधारक हैं। साल 2014 में बादशाहपुर से तीसरी बार जीत दर्ज करने बाद वह भाजपा सरकार में लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर)और लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग(जल आपूर्ति और स्वच्छता),हरियाणा विभाग में कैबिनेट मंत्री (2014-19) तक रहे थे। उन्होंने 2014 के हरियाणा विधान सभा चुनाव के दौरान बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। चौथी बार बने मंत्री साल 2019 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर राव नरबीर सिंह ने चुनाव नहीं लड़ा था। साल 2024 में भाजपा ने बादशाहपुर से उम्मीदवार बनाया था। 60 हजार से ज्यादा वोट से जीत दर्ज करने के बाद गुरुवार को चौथी बार उन्होंने पंचकूला में आयोजित समारोह में कैबिनट मंत्री हरियाणा सरकार में शपथ ली। राव नरबीर सिंह जब-जब विधायक बने हैं, वह हर बार मंत्री बने हैं। बता दें कि राव नरबीर सिंह मोहर सिंह यादव के पोते हैं। जो सन 1942 में एमएलसी थे। भारत और पाकिस्तान के विभाजन से पहले पंजाब राज्य में थे। उनके पिता महावीर सिंह यादव भी हरियाणा राज्य में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे थे। recent visitors 83

विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत कनाडा संबंधों को जो नुकसान हुआ है, उसकी जिम्मेदारी सिर्फ श्री ट्रूडो पर

नई दिल्ली भारत ने कनाडा में एक जांच आयोग में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयान का खंडन करते हुए दोहराया है कि उनकी सरकार ने भारतीय राजनयिकों के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं दिए हैं और इस मामले की वजह से भारत कनाडा संबंधों को जो नुकसान हुआ है, उसकी जिम्मेदारी सिर्फ श्री ट्रूडो पर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जांच आयोग में श्री ट्रूडो के बयान को लेकर मीडिया के सवालों के जवाब में कहा, “आज हमने जो सुना है, वह केवल उस बात की पुष्टि करता है, जो हम लगातार कहते आ रहे हैं। कनाडा ने भारत और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के समर्थन में हमें कोई भी सबूत पेश नहीं किया है।” श्री जायसवाल ने कहा, “इस नुकसान की जिम्मेदारी इस तरह के गैर जिम्मेदाराना एवं अभिमानी व्यवहार की है। भारत-कनाडा संबंधों में जिस तरह का व्यवहार खराब हुआ है, उसका सारा दोष अकेले प्रधानमंत्री ट्रूडो पर है।”   recent visitors 75

संवैधानिक है नागरिकता अधिनियम, देश की सर्वोच्च अदालत ने 4-1 की बहुमत से फैसला सुनाया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने असम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए 1985 में संशोधन के माध्यम से नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। देश की सर्वोच्च अदालत ने 4-1 की बहुमत से फैसला सुनाया। संविधान पीठ ने नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए की वैधता की पुष्टि की है। इसके तहत 1 जनवरी, 1966 और 25 मार्च, 1971 के बीच असम में प्रवेश करने वाले अवैध अप्रवासियों को नागरिकता का लाभ दिया गया था। आपको बता दें कि इनमें से अधिकतर बांग्लादेश से थे। सीजेआई धनंजय वाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत, एमएम सुद्रेश और मनोज मिश्रा की पीठ ने इसके पक्ष में फैसला सुनाया। वहीं, जस्टिस जेबी पारदीवाला ने इस प्रावधान को असंवैधानिक करार देते हुए इसे भविष्य में प्रभावी माना। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत, एमएम सुद्रेश और मनोज मिश्रा की बहुमत की राय से असहमति जताई। यह आदेश उस याचिका पर आया जिसमें कहा गया था कि बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) से शरणार्थियों के आने से असम के जनसांख्यिकीय संतुलन पर असर पड़ा है। इसमें कहा गया था कि नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए राज्य के मूल निवासियों के राजनीतिक और सांस्कृतिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। बहुमत का फैसला पढ़ते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि धारा 6ए का अधिनियमन असम के समक्ष उपस्थित एक अनूठी समस्या का राजनीतिक समाधान है। बांग्लादेश के निर्माण के बाद राज्य में अवैध प्रवासियों के बड़े पैमाने पर प्रवेश ने इसकी संस्कृति और जनसांख्यिकी को गंभीर रूप से खतरे में डाल दिया था। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "केंद्र सरकार इस अधिनियम को अन्य क्षेत्रों में भी लागू कर सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। यह असम के लिए खास बना था। असम में आने वाले प्रवासियों की संख्या और संस्कृति आदि पर उनका प्रभाव असम में अधिक है। असम में 40 लाख प्रवासियों का प्रभाव पश्चिम बंगाल के 57 लाख से अधिक है, क्योंकि असम का क्षेत्रफल पश्चिम बंगाल से कम है।" recent visitors 69