बांग्लादेश में मुक्ति संग्राम के नायक मुजीबुर रहमान से जुड़े दिनों पर होने वाली छुट्टियों को रद्द कर दिया

ढाका बांग्लादेश में अगस्त महीने में तख्तापलट हो गया था। इस दौरान खूनखराब हुआ तो तत्कालीन पीएम शेख हसीना ने देश छोड़ दिया था और भारत आ गई थीं। तब से वह यहीं पर निर्वासित जिंदगी जी रही हैं। उनकी सत्ता से बेदखली के बाद नोबेल विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने कमान संभाल रखी है। वह भले ही अर्थशास्त्री हैं और दुनिया भर में उनका नाम है, लेकिन वह बांग्लादेश को पाकिस्तान के एजेंडे पर आगे बढ़ाते दिख रहे हैं। यही वजह है कि अब बांग्लादेश में मुक्ति संग्राम और उसके नायक मुजीबुर रहमान से जुड़े दिनों पर होने वाली छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इस तरह बांग्लादेश की सरकार का वैचारिक झुकाव पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा है। वही पाकिस्तान जिससे अलग होकर बांग्लादेश का गठन हुआ था। बांग्ला भाषी लोगों पर अत्याचार, भेदभाव के आरोप तत्कालीन पाकिस्तान सरकार पर लगे थे। इसी के विरोध में आंदोलन भड़का था, जिसे बांग्ला मुक्त संग्राम का नाम मिला था। अंत में 16 दिसंबर 1971 को बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। इसमें भारत ने भी मदद की थी। मुजीबुर रहमान को उस आंदोलन का नायक माना जाता है। यही वजह थी कि उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर बांग्लादेश में छुट्टी होती रही है। अब बांग्लादेश सरकार ने इन छुट्टियों को रद्द कर दिया है। कुल 8 राष्ट्रीय अवकाशों को मोहम्मद यूनुस सरकार ने रद्द कर दिया है। इनमें 7 मार्च और 15 अगस्त शामिल हैं, जिन्हें मुक्त संग्राम से जोड़ा जाता है। इन छुट्टियों को रद्द करने का फैसला हाल ही में हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया था। इस संबंध में जल्दी ही नोटिफिकेशन भी जारी किया जाएगा। मोहम्मद यूनुस सरकार के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। खासतौर पर अवामी लीग ने इसकी निंदा की है और कहा कि यह सरकार बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के इतिहास को ही मिटा देना चाहती है। यह अच्छी बात नहीं है। recent visitors 92

Congress’s Krishi Yatra: Jitu पटवारी का बयान, दिग्विजय की चेतावनी

Congress’s Krishi Yatra: Jitu Patwari’s statement, Digvijay’s warning भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के Congress’s Krishi Yatra: Jitu अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह और सज्जन वर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में संयुक्त रुप से सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि बार-बार यह बात स्थापित होती जा रही है कि बीजेपी की सरकार शिवराज और मोहन यादव किसान विरोधी है। ऋण माफी योजना बंद की. कांग्रेस पार्टी जो योजना लेकर आई थी उन्हें बंद किया. जो वादा इन्होंने किया था समर्थन मूल्य का वह अब तक पूरा नहीं किया और किसानों को धोखा दिया है. गेहूं और धान का वादा के अनुरूप एमएसपी नहीं दिया। यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे यह राजनीतिक नहीं बल्कि किसानों का विषय है। सबसे बड़े किसान विरोधी शिवराज सिंह चौहान देश में मध्यप्रदेश की दुहाई देकर झूठ बोल रहे हैं. पूरे प्रदेश से किसने की समस्याओं और दुर्गति की खबरें हैडलाइन बन रहीं. मैं हर मंगलवार को शिवराज से समय मानता हूं. अगला मंगलवार पांचवा होगा जब तक वह समय नहीं देंगे हम लगातार उनसे समय मांगेंगे. किसानों की समस्या को लेकर से मांग रहा हूं. कांग्रेस गांव, खेत यात्रा निकालेगी। आग्रह करेंगे सरकार से जो आपने बातें की है वह पूरी करो व्यवस्थाओं को दुरुस्त करो. जल्द तारीख का ऐलान करेंगे. यात्रा में सभी बड़े नेता शामिल होंगे. दिग्विजय सिंह ने कहा- सहकारिता आंदोलन के प्रमुख सुभाष यादव जी ने जितना काम किया उतना किसी ने नहीं किया. तब तय किया था जितनी भी खाद किसानों को चाहिए बोहनी से पहले सरकारी गोदाम से उपलब्ध कराएंगे. कभी किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई किसानों को. एक बोरी की भी कालाबाजारी नहीं हुई कांग्रेस शासन काल में. 2004 के बाद कृषि विभाग का सत्यानाश हुआ. ट्रांसपोर्ट विभाग बड़ा कमाऊ विभाग है.. कृषि विभाग ने ट्रांसपोर्ट विभाग को भी पीछे छोड़ दिया. झूठे आंकड़े देकर हजारों करोड़ ऑन का घपला किया है. सब्सिडी में किसानों के फर्जी नाम डाले गए. ऑर्गेनिक पर मिलने वाली ग्रांट पर भी घपला किया. शिवराज पूरे कृषि मंत्रालय को लूट रहे 40 से 50 प्रतिशत का जो खाद का कोटा आ रहा है उसे प्राइवेट को सौंप दिया. बिना कालाबाजारी के एक बोरी भी नहीं मिल रही. भाजपा के नेता कर रहे कालाबाजारी. केंद्र सरकार का आदेश है 17 नवंबर 2022 का..जबरन वह सामान भी खरीदने के लिए किसानों को कहा जा रहा है जो नॉन फर्टिलाइजर है. उसे समय शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे. शिवराज जी ने उत्तर प्रदेश को लूट पूरे देश के कृषि मंत्रालय को लूट रहे हैं. जितनी आवश्यक्ता है उतनी नहीं हो रही. सरकार खुद कम डिमांड कर रही है. DAP के स्थान पर NPK खरीदी का दबाव बना रही है किसानों पर सरकार. हमारी मांग है कि इस देश में 08 लैबोरेट्री, सभी कंपनी के खाद बुलाएं और जांच कराएं हमारे सामने..अमानक निकलेगा पूरा खाद. राजगढ़ में टेस्टिंग भी हुई थी. Read More : https://mysecretnews.com/nirmala-sapres-clarification/ recent visitors 184

मध्य प्रदेश की निकिता ने जीता फेमिना मिस इंडिया 2023 का खिताब, मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन को रिप्रेजेंट करेंगी

उज्जैन  मध्य प्रदेश की निकिता पोरवाल को फेमिना मिस इंडिया 2024 का ताज पहनाया गया है। 18 साल की उम्र में टीवी एंकर के रूप में अपना करियर शुरू करने वाली निकिता एक एक्ट्रेस हैं। पिछले साल की विजेता नंदिनी गुप्ता ने उन्हें ताज पहनाया। जबकि एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने उन्हें मिस इंडिया सैश प्रदान किया। फेमिना मिस इंडिया का ग्रैंड फिनाले बुधवार (16 अक्टूबर) रात मुंबई में हुआ। इस दौरान पूर्व मिस इंडिया संगीता बिजलानी ने शानदार प्रदर्शन किया और रनवे की शोभा बढ़ाई। इस समारोह में एक्ट्रेस नेहा धूपिया, डांसर राघव जुयाल और कई अन्य हस्तियां शामिल थीं। अनुषा दांडेकर ने प्रतियोगिता के लिए जूरी पैनल में काम किया। मिस इंडिया प्रतियोगिता एक प्रतिष्ठित आयोजन है। कौन हैं निकिता पोरवाल? फेमिना मिस इंडिया 2024 का खिताब जीतने वाली निकिता पोरवाल (Meet Nikita Porwal) मध्य प्रदेश के उज्जैन की रहने वाली हैं। निकिता एक एक्ट्रेस हैं जो 18 साल की उम्र से काम कर रही हैं। उन्होंने अपना करियर एक टीवी एंकर के रूप में शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने इस क्षेत्र में शामिल होने का फैसला किया क्योंकि उन्हें कहानी सुनाना बहुत पसंद था। उन्होंने 60 से ज्यादा नाटकों में अभिनय किया। यहां तक ​​कि 'कृष्ण लीला' नामक 250 पन्नों का नाटक भी लिखा। निकिता एक फीचर फिल्म का भी हिस्सा हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय समारोहों में दिखाया गया है। जल्द ही उसे भारत में रिलीज किया जाएगा। मध्य प्रदेश की यह खूबसूरत युवती पशु प्रेमी है। वह मानती है कि मनुष्य होने के नाते, "हमारे विवेक और विकास का उपहार न केवल हमारे अपने हितों की पूर्ति के लिए होना चाहिए, बल्कि उन प्राणियों के लाभ के लिए भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो पूरी तरह से हम पर निर्भर हैं।" निकिता आगे कहती हैं, "हमें उनका ख्याल रखना चाहिए और उनकी रक्षा करनी चाहिए, हमारी साझा दुनिया के सामंजस्य को बनाए रखना चाहिए। यह पहचानना चाहिए कि हमारे कार्यों का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।" एजुकेशन निकिता ने अपनी शिक्षा कार्मेल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। फिर महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से उच्च शिक्षा प्राप्त की। निकिता इस आदर्श वाक्य पर जीती हैं, "ऐसा जीवन जिएं जो मायने रखता हो, ऐसा नुकसान जो महसूस किया जाए।" पूर्व मिस वर्ल्ड और एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन की प्रशंसक निकिता उनकी सुंदरता और बुद्धिमत्ता की प्रशंसा करती हैं। वह उन्हें "सुंदरता और बुद्धि का सही मिश्रण" बताती हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने ऐश्वर्या की उनके संतुलन, बुद्धि और आकर्षण के लिए प्रशंसा की। आधुनिकता को सहजता से अपनाते हुए अपनी भारतीय विरासत का गर्व से जश्न मनाने के लिए ऐसे गुण जिन्हें निकिता खुद भी अपनाना चाहती हैं। क्या है सपना? जिम्मेदारी और जुनून की गहरी भावना उनकी महत्वाकांक्षाओं को बढ़ाती है। वह फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का सपना देखती हैं। 2024 में निकिता को फेमिना मिस इंडिया का ताज पहनाया गया, जिससे उन्हें मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। यह खिताब न केवल उनकी सुंदरता और प्रतिभा को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक कारणों और व्यक्तिगत विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। recent visitors 76

आरोपी ने लगाए थे ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे, कोर्ट ने ने दी अनोखी सजा

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने के आरोपी को अनोखी शर्त पर जमानत दे दी है. अदालत ने आदेश कहा कि मुकदमे की समाप्ति तक हर महीने आरोपी को दो बार भोपाल पुलिस थाने में 21 बार राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देनी होगी और 'भारत माता की जय' का नारा लगाना होगा. जस्टिस डीके पालीवाल ने आदेश में कहा कि आरोपी को कुछ शर्तें लगाकर जमानत पर रिहा किया जा सकता है ताकि उसमें उस देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना पैदा हो, जिसमें वह पैदा हुआ और रह रहा है. अदालत ने आरोपी को महीने के पहले और चौथे मंगलवार को राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने और 'भारत माता की जय' का नारा लगाने का आदेश दिया. आरोपी ​​फैजान को 50 हजार रुपए के बॉन्ड पर जमानत दी गई. आरोपी फैजल उर्फ ​​फैजान को इसी साल 17 मई के दिन भोपाल की मिसरोद थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 'पाकिस्तान जिंदाबाद' और 'भारत मुर्दाबाद' के नारे लगाने का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153बी के तहत कार्रवाई की थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने पाकिस्तान समर्थक नारा लगाया था, जो विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के बराबर था और उसका कृत्य सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक था, इसलिए उसे जमानत न मिले. बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि आवेदक को झूठा फंसाया गया है. वह इसी देश का नागरिक है. हालांकि, आवेदक के वकील ने निष्पक्ष रूप से  कहा है कि एक वीडियो में आवेदक पाकिस्तान की तारीफ करते हुए और भारत की निंदा करते हुए नारे लगाता हुआ दिखाई दे रहा है. राज्य सरकार के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आवेदक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं. हाई कोर्ट ने सभी तर्कों पर विचार करते हुए शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दे दी.   recent visitors 115

सरकार देश के कई राज्यों के राज्यपाल बदलने की तैयारी में केन्‍द्र, राम माधव बन सकते हैं जम्मू और कश्मीर के नए एलजी

श्रीनगर केंद्र सरकार जल्द ही उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश समेत कई प्रदेशों के राज्यपाल बदल सकती है। हालांकि, अब तक इस संभावित फेरबदल को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि ये फेरबद इस अक्टूबर में ही या नवंबर के अंत में हो सकते हैं। इस दौरान उन नामों पर विचार किया जा सकता है, जो पहले ही 3 से 5 साल की सेवाएं दे चुके हैं। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फेरबदल की चर्चा इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि कई राज्यपाल और उपराज्यपाल 3-5 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें खासतौर से उत्तर प्रदेश, केरल, जम्मू और कश्मीर, अंडमान एंड निकोबार आइलैंड, दादर और नगर हवेली और दमन एंड दियू शामिल हैं। जम्मू और कश्मीर में हाल ही में राज्य सरकार ने कमान संभाली है। ये हो सकते हैं नए नाम रिपोर्ट के अनुसार, अटकलें हैं कि जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की जगह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव राम माधव ले सकते हैं। वहीं, केरल राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को भी नई भूमिका दिए जाने की चर्चाएं हैं। अंडमान और निकोबार आइलैंड के उपराज्यपाल देवेंद्र कुमार को केरल या जम्मू और कश्मीर में नई जिम्मेदारी दी जा सती है। कुमार अक्टूबर 2017 से राज्यपाल हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर, हरियाणा में नई सरकार के बनने के बाद या झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद फेरबदल किए जा सकते हैं। इसके अलावा लोकसभा चुनाव के मैदान से दूर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी राज्यपाल या एलजी बनाया जा सकता है। इनमें अश्विनी चौबे, वीके सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी जैसे नाम शामिल हो सकते हैं। 3-5 साल से सेवाएं दे रहे हैं ये राज्यपाल कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, गुजरातके आचार्य देवव्रत 3 साल से ज्यादा समय से पद पर हैं। गोवा राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई और हरियाणा के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय 15 जुलाई 2021 से पद पर हैं। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, उत्तराखंड के गुरमीत सिंह 3 साल से ज्यादा समय से राज्यपाल हैं। राज्य में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में बनी है नई सरकार जम्मू-कश्मीर में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए हैं। बुधवार को वहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में नई सरकार ने सत्ता भी संभाल ली। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए राम माधव को महत्वपूर्ण भूमिका में रखा था। वह पार्टी के लिए कश्मीर में हमेशा से एक महत्वपूर्ण चेहरा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के मामलों में राम माधव की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। धारा 370 को हटाने की योजना भी उनके मार्गदर्शन में तैयार की गई थी, जो कश्मीर के इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हुआ। उनका अनुभव और समझ कश्मीर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में 22 अगस्त 1964 को जन्म राम माधव ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। वह पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े और पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने। संघ से ही वह भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश किए और धीरे-धीरे बड़े राजनीतिक पदों पर काबिज हुए। उनका सियासी अनुभव कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला हुआ है। वह एक नेता, लेखक और विचारक के रूप में चर्चित रहे हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण किताबें लिखी हैं, जो राजनीति और सामाजिक विषयों पर आधारित हैं। वह थिंक टैंक ‘इंडिया फाउंडेशन’ के अध्यक्ष भी हैं और कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने धर्म-20 फोरम में भी भाग लिया था, जो जी-20 का हिस्सा था। राम माधव का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी काफी विस्तृत है। उन्होंने रूस, सिंगापुर, इंडोनेशिया, कनाडा और चीन जैसे देशों में कई महत्वपूर्ण मंचों पर भारत का पक्ष रखा है। चाहे वह सुरक्षा के मुद्दे हों या फिर वैश्विक राजनीति के, राम माधव ने हर बार अपनी बेबाक राय रखी है। recent visitors 106

संभल में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रंगदारी मांगने के आरोप में अरेस्ट

 संभल यूपी के संभल जिले में पुलिस ने 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जिसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद उनको जेल भेज दिया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष और उनके भाई सहित तीन लोगों पर उनके ही गांव के रहने वाले शख्स ने फैक्ट्री लगाने के नाम 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही थी. दरअसल, सदर कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज ने चार दिन पहले 11 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही रहने वाले कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष के भाई सुभाष शर्मा और सुधीर शर्मा के द्वारा प्लॉट निर्माण करने के नाम पर 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए बीएनएस की धारा 308(5) ,351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था.   मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए धरना देकर विरोध भी जताया था. उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद संभल कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और चौकी प्रभारी आशीष तोमर मामले की जांच पड़ताल में लगे हुए थे. जिसके बाद सदर कोतवाली प्रभारी और चौकी प्रभारी ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां दोनों पक्षों की तरफ से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं. जिसके बाद सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को जेल भेज दिया. मामले में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल कोतवाली पुलिस को 11 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज नामक व्यक्ति के पास अपनी जमीन का बैनामा होने के बावजूद विजय शर्मा और उसके साथी देशराज को इंटरलॉकिंग की फैक्ट्री नहीं लगने दे रहे हैं. इस मामले की जांच पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि वास्तव में 5 लाख रुपए की डिमांड की गई थी. इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश करने पर एक आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार किया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है. इसके खिलाफ पहले से ही एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने के पांच मुकदमे दर्ज है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर दर्ज हैं कई मुकदमे संभल कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की आरोप में भले ही अब गिरफ्तार किया है लेकिन पुलिस अधिकारियों की माने तो कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने की पांच मुकदमे पहले से भी दर्ज हैं. जिसमें कई मुकदमों का ट्रायल अभी भी कोर्ट में चल रहा है. वहीं, जिला अध्यक्ष विजय शर्मा का कहना है कि मुकदमा दर्ज करा कर मेरे ऊपर रंगदारी मांगने के जो आरोप लगाए गए हैं वह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है. पुलिस प्रशासन केवल सरकार की दबाव में ही काम कर रहा है और वैसे भी बीजेपी सरकार में ब्राह्मण समाज की हमेशा से ही अनदेखी होती रही है.   recent visitors 110

आस्ट्रेलिया का पलड़ा दक्षिण अफ्रीका पर भारी, आज होगी महाभिड़ंत

दुबई आठवीं बार फाइनल में प्रवेश की कोशिश में जुटी आस्ट्रेलियाई टीम आईसीसी महिला टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उतरेगी तो उसका पलड़ा भारी रहेगा। आस्ट्रेलिया 2009 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में सभी नौ सत्रों में सेमीफाइनल खेल चुका है। छह बार की चैम्पियन टीम का सामना दक्ष्ज्ञिण अफ्रीका से होगा। दोनों के बीच 2023 सत्र का फाइनल खेला गया था जिसमें आस्ट्रेलिया ने 19 रन से जीत दर्ज की थी। आंकड़ों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका टीम आस्ट्रेलिया के आगे कहीं नहीं ठहरती। आस्ट्रेलिया ने उसके खिलाफ दस महिला टी20 मैचों में से नौ जीते हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र जीत जनवरी में दर्ज की। महिला टी20 विश्व कप में आस्ट्रेलिया ने उसके खिलाफ सातों मुकाबले जीते हैं। मौजूदा आस्ट्रेलियाई टीम का कोर ग्रुप बरसों से साथ खेल रहा है, सिर्फ मेग लानिंग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है। बाकी सभी दस खिलाड़ियों ने 2023 का फाइनल खेला था। एलिसा हीली, बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगान शट, एशले गार्डनर के प्रदर्शन पर सभी की नजरें होंगी। दुबई के धीमे विकेट पर आस्ट्रेलिया की ताकत उसकी बल्लेबाजी की गहराई साबित हुई है। फोबे लिचफील्ड और अनाबेल सदरलैंड आक्रामक बल्लेबाजी में माहिर हैं। दक्षिण अफ्रीका की ताकत उसकी स्पिनर नोंकुलुलेको एमलाबा है जो अभी तक चार ग्रुप लीग मैचों में दस विकेट ले चुकी है। कप्तान लौरा वोल्वार्ट, सलामी बल्लेबाज तजनीम ब्रिट्ज और अनुभवी मियानो काप सभी मैच विनर हैं। लेकिन इस बार सामना हीली एंड कंपनी से है और दक्षिण अफ्रीकी खेमा दुआ कर रहा होगा कि इस बार वे सारे मिथक तोड़कर जीत दर्ज करेंगे।   recent visitors 73