2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में होगी कड़ी टक्कर

केवटी केवटी विधानसभा सीट मधुबनी लोकसभा के तहत आता है। 1977 में केवटी सीट पर हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के कैंडिडेट दुर्गादास राठौड़ ने जीत हासिल की थी। 1980 के चुनाव में केवटी सीट से कांग्रेसी कैंडिडेट  एस नबी ने जनता का समर्थन हासिल कर लिया था। वहीं 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के कैंडिडेट कलीम अहमद ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था।1990 और 1995 के चुनाव में जनता दल के कैंडिडेट गुलाम सरवर ने जीत हासिल कर लिया था। वहीं 2000 के विधानसभा चुनाव में केवटी से एक बार फिर गुलाम सरवर ने आरजेडी की टिकट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने लगातार दो बार जीत का सिलसिला कायम रखा था। 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी की टिकट पर फराज फातमी ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था, लेकिन 2020 में बीजेपी उम्मीदवार मुरारी मोहन झा ने आरजेडी को मात दे दिया था।   वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट मुरारी मोहन झा ने जीत का परचम लहराया था। मुरारी मोहन झा 76 हजार तीन सौ 72 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट अब्दुल बारी सिद्दीकी 71 हजार दो सौ 46 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस तरह से मुरारी मोहन झा ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को 5 हजार एक सौ 26 वोट के कम मार्जिन से हराया था। वहीं तीन हजार तीन सौ चार वोट के साथ निर्दलीय कैंडिडेट योगेश रंजन तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने जीत हासिल की थी। फराज फातमी 68 हजार छह सौ एक वोट लाकर पहला स्थान हासिल किया था तो बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव को 60 हजार सात सौ 71 वोट ही मिल पाया था। इस तरह से फराज फातमी ने अशोक कुमार यादव को 7 हजार आठ सौ 30 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं 3 हजार पांच सौ 13 वोट के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा था।   वहीं 2010 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 45 हजार सात सौ 91 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने 45 हजार सात सौ 62 वोट हासिल किया था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने फराज फातमी को 29 वोटों के बेहद कम अंतर से हरा दिया था। वहीं कांग्रेसी कैंडिडेट मोहम्मद मोहसिन ने 5 हजार छह सौ 79 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं 2005 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 41 हजार आठ सौ 17 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट महबूब अहमद खां को 35 हजार एक सौ 65 वोट मिला था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने महबूब अहमद खां को 6 हजार छह सौ 52 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं एलजेपी कैंडिडेट महेश प्रसाद गुप्ता ने 9 हजार चार सौ 46 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। केवटी सीट पर मुस्लिम, ब्राह्मण और यादव वोटर निर्णायक संख्या में हैं। इसके अलावा रविदास और पासवान वोटरों की संख्या भी यहां ठीक ठाक है। पिछली बार भी यहां बीजेपी कैंडिडेट ने 5 हजार से थोड़े ज्यादा अंतर से आरजेडी उम्मीदवार को हराया था। इसलिए 2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। recent visitors 86

भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश

नई दिल्ली भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे हैं। शशि थरूर, असदुद्दीन ओवैसी, अभिषेक बनर्जी, सुप्रिया सुले से लेकर रविशंकर प्रसाद तक सभी सांसद विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में बोल रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। न्यूयॉर्क, बहरीन और यूरोप के अलग-अलग मंचों से सभी नेताओं ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है आतंकियों को पनाह दोगे तो बख्शे नहीं जाओगे। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में साफ कहा ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि आतंक के खात्मे का राष्ट्रीय अभियान है। पीएम मोदी ने अपील की कि देशवासी विदेशी सामानों की पहचान करें और उसका बहिष्कार करें। उनका कहना है कि पाकिस्तान आतंक को ही टूरिज्म मानता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये सिर्फ सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। शशि थरूर ने दिखाई विपक्ष के भीतर राष्ट्रवाद की लहर न्यूयॉर्क में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 9/11 मेमोरियल जाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दो टूक कहा—हमने हमला शुरू नहीं किया, लेकिन जवाब जरूर दिया। थरूर का यह भी कहना है कि भले ही वो सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जब देश की बात आती है, तो सियासत पीछे रह जाती है। वो खुलकर स्वीकार करते हैं कि उन्होंने खुद एक लेख में सटीक लेकिन सोच-समझ कर हमला करने की बात कही थी और भारत ने बिल्कुल वैसा ही किया। ओवैसी बोले-इस्लाम आतंकवाद का विरोध करता है AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन में साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि बेकसूर की हत्या मानवता की हत्या के समान है। ओवैसी ने यह भी कहा कि मजहब का सहारा लेकर निर्दोष लोगों की जान लेना सबसे बड़ा अपराध है, और ऐसा करने वालों को किसी भी धर्म का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।    टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने कहा–पाकिस्तान आतंक का हैंडलर तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को खतरनाक पागल कुत्ता बताया और पाकिस्तान को उसका दुष्ट हैंडलर। उनका कहना है कि जब तक इस ‘हैंडलर’ से दुनिया निपटेगी नहीं, तब तक आतंकवाद की बीमारी फैलती रहेगी। recent visitors 82

मुंबई में मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, 8 राज्यों में 27 मई से 1 जून तक आंधी, रेड अलर्ट

नई दिल्ली इस बार मानसून ने पूरे देश को चौंका दिया है। जहां आमतौर पर जून में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून मई के अंत से पहले ही मुंबई पहुंच गया, वहीं इसके साथ आई मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में बारिश से मचा हड़कंप मई महीने में इतनी ज्यादा बारिश पिछले एक सदी से भी ज्यादा वक्त में नहीं देखी गई। मुंबई के कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब बन गईं और मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। वर्ली में निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन में पानी भरने से मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ीं और 250 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। कहां-कहां फैला मानसून मानसून ने तेलंगाना, रायलसीमा, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तक अपनी पकड़ बना ली है और अगले कुछ दिनों में यह पूरे महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्व भारत में फैलने की उम्मीद है। उत्तर भारत को मिली राहत, तापमान में गिरावट उत्तर भारत में गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर गया है, हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, कुछ दिनों बाद तापमान फिर से चढ़ सकता है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट 27 मई से 1 जून तक उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और यूपी में आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। महाराष्ट्र के अन्य जिले भी प्रभावित पालघर, ठाणे, रायगढ़, सतारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर जैसे जिलों में भी हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में रेलवे ट्रैक डूब गए और मेट्रो स्टेशन की फॉल्स सीलिंग ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अन्य राज्यों में भी संकट     कर्नाटक में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, तटीय इलाकों में पांच दिन का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।     केरल में बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में राहत शिविर खोले गए हैं।     महाराष्ट्र के लातूर जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत और छह घायल हुए हैं। 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई पहुंचा मानसून आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, मानसून ने इस बार 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई में दस्तक दी है। इससे पहले इतनी जल्दी मानसून केवल 1956, 1962 और 1971 में ही पहुंचा था।   recent visitors 86

फारूक अब्दुल्ला की पहलगाम से अपील- देश भर से आएं लोग, खत्म हो गया कश्मीर में डर का माहौल

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि कश्मीर में अब डर का माहौल काफी हद तक खत्म हो गया है। उन्होंने देश भर के लोगों से आग्रह किया कि वे कश्मीर में खूबसूरती का आनंद लेने के लिए आएं। अब्दुल्ला ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह जम्मू-कश्मीर की यात्रा के खिलाफ कुछ देशों की ओर से जारी निगेटिव ट्रैवल गाइडलाइन को रद्द कराने का प्रयास करे। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन प्रभावित हुआ है। इस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। अब्दुल्ला ने कहा, 'यहां (पहलगाम हमला) जो हुआ वह बहुत दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए था। लोग यहां खुशी-खुशी आ रहे थे। लोग अपने काम में व्यस्त थे, वे सरकारी नौकरी नहीं मांग रहे थे। पहलगाम में स्थिति ऐसी थी कि यहां कमरे उपलब्ध नहीं थे।'सीनियर लीडर ने पर्यटक रिसॉर्ट का दौरा किया और कुछ मित्रों के साथ पहलगाम गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेला। उन्होंने कहा कि हालांकि हमले से भय का माहौल पैदा हुआ है, लेकिन सरकार ने घाटी में सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'यहां डर का माहौल था, लेकिन मुझे लगता है कि अब डर का माहौल काफी हद तक कम हो गया है। आप देख सकते हैं कि कितने लोग पहलगाम आ रहे हैं। मैं गुलमर्ग में था, वहां 400-500 पर्यटक थे।' उन्होंने कहा, 'अल्ला का शुक्र है कि अब डर खत्म हो रहा है। सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। मुझे लगता है कि लोगों को आगे आना चाहिए।' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र से अपील की कि वह उन देशों से बातचीत करे, जिन्होंने अपने नागरिकों को जम्मू कश्मीर नहीं जाने के लिए परामर्श जारी किया है, ताकि ये पाबंदियां हटाई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का हवाला देते हुए कहा, 'मैं केंद्र सरकार और विदेश मंत्री से भी अनुरोध करता हूं कि अब समय आ गया है कि विदेशों द्वारा भारत आने पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए जाएं। दोनों देशों में शांति आ गई है और हम आशान्वित हैं कि शांति बनी रहेगी। उन्हें भी यहां आने की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि वे भी इस जगह को देखना चाहते हैं। इनमें से कई गोल्फ खिलाड़ी हैं, मैं आशा करता हूं कि वे आएंगे।' अब्दुल्ला ने कहा कि बहुत से लोग गोल्फ खेलते हैं और इस खेल को अब खेलो इंडिया गेम्स में भी जगह मिल गई है। उन्होंने कहा, 'यह खेल ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में खेला जाता है, इसलिए अब इसे हर जगह खेले जाने की जरूरत है। मेरा मानना ​​है कि हमारे लोगों को बड़ी संख्या में यहां आना चाहिए और इस खेल को खेलना चाहिए ताकि भारत को इन खेलों में पदक मिल सके।' कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "इस मौसम और सुंदरता को देखिए, मैंने दुनिया भर में विभिन्न स्थानों की यात्रा की है, लेकिन मैंने कहीं भी ऐसी सुंदरता नहीं देखी है। मुझे उम्मीद है कि आपके चैनल को देखने वाले लोग बड़ी संख्या में यहां आएंगे, इस सुंदरता को देखेंगे और देश को मजबूत बनाएंगे। हमें डरना नहीं चाहिए, अगर हम डर गए, तो हम मर चुके हैं।' अमरनाथ यात्रा पर बोले- यह अहम है, भोले नाथ के होंगे दर्शन अब्दुल्ला ने तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बारे में कहा कि यह तीर्थयात्रा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह कई वर्षों से जारी है। मुझे उम्मीद है कि अधिक से अधिक तीर्थयात्री यहां आएंगे और शंकर भगवान, भोले नाथ के दर्शन करेंगे तथा अपने घर जाकर लोगों को बताएंगे कि यह स्थान कितना सुंदर है।' जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा अपने मंत्रिपरिषद की बैठक तथा बाद में पहलगाम में पर्यटन हितधारकों के साथ बैठक के बारे में पूछे गए सवाल पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है और इससे शांति का संदेश जाएगा। 'यहां पूरी कैबिनेट है तो लोगों को पॉजिटिव मेसेज मिलेगा' उन्होंने कहा, 'एक बार लोगों को पता चलेगा कि पूरा मंत्रिमंडल यहां है और यहां शांति है। वे हितधारकों से भी मिलेंगे। इसका भी असर होगा क्योंकि यहां के लोग सबसे ज्यादा परेशानी का सामना कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, "इन लोगों ने ऋण लिए हैं, कुछ ने घर और होटल की मरम्मत के लिए, कुछ ने टैक्सी और घोड़ों के लिए। मुझे उम्मीद है कि हमारे देश से और ज्यादा लोग यहां आएंगे और हम उन्हें दिखाएंगे कि हमने पहले भी मेहमाननवाजी की है और आगे भी करेंगे।' पांच सालों में हमारी सरकार बहुत से बदलाव लाएगी पार्टी में खासकर श्रीनगर लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के साथ मतभेदों की खबरों पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिशें हमेशा होती रही हैं, लेकिन नेतृत्व परेशान नहीं है। यह हमारे लिए नई बात नहीं है, यह मेरे और मेरे पिता के समय भी होता रहा है। हमें क्यों चिंता करनी चाहिए?' उन्होंने कहा, 'हम यहां लोगों की समस्याएं हल करने के लिए हैं और हम ऐसा करेंगे, इंशा अल्लाह। आप देखिए कि अगले पांच सालों में इस राज्य में कितना बदलाव आएगा।'   recent visitors 76

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमापार पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त करने के लिए किन घातक हथियारों का किया इस्तेमाल

नई दिल्ली सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमापार पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त करने के लिए किन घातक हथियारों का इस्तेमाल किया, मंगलवार को उनका प्रदर्शन किया। बीएसएफ ने इस ऑपरेशन में विध्वंसक एंटी-मटेरियल राइफल, ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम, 12.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन और मीडियम मशीन गन जैसे हथियार यूज किए। BSF के एक जवान ने बताया, 'यह विध्वंसक एंटी-मटेरियल राइफल है, जिसकी मारक क्षमता 1300 से 1800 मीटर तक है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस हथियार ने दुश्मन के टावरों और बंकरों को नष्ट कर दिया।' बीएसएफ ने ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम का भी प्रदर्शन किया। एक जवान ने बताया, 'यह सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर में बहुत प्रभावी साबित हुआ। इसने पाकिस्तानी चौकियों, ठिकानों और उनके बुलेटप्रूफ वाहनों को नष्ट कर दिया। इसकी रेंज 1700-2100 मीटर है और इसका ग्रेनेड 10 मीटर के क्षेत्र में घातक प्रभाव डालता है।' बीएसएफ ने 12.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन का उपयोग पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोनों को मार गिराने के लिए किया। एक जवान ने बताया, 'इस गन ने दुश्मन के टैंक, कैंप और ड्रोन नष्ट किए। ऑपरेशन सिंदूर में हमने दुश्मन की चौकियों को तबाह कर उनकी सीमा चौकियों को खाली करने पर मजबूर कर दिया।' मीडियम मशीन गन ने भी किया कमाल मीडियम मशीन गन ने भी पाकिस्तानी बंकरों को नेस्तनाबूद किया। एक जवान ने कहा, 'इस गन से हमने पाकिस्तानी चौकियों और ड्रोनों को नष्ट किया। यह प्रति मिनट 600-1000 राउंड फायर कर सकती है।' इस तरह ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ ने अपनी रणनीति, हथियारों की ताकत और जवानों के जोश के दम पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। असिस्टेंट कमांडेंट नेहा भंडारी ने क्या बताया बीएसएफ की असिस्टेंट कमांडेंट नेहा भंडारी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक फॉरवर्ड पोस्ट की कमान संभाली थी। उन्होंने कहा, 'हमारा जोश बहुत ऊंचा था। हमारी जिम्मेदारी थी कि किसी भी घुसपैठ को रोका जाए, पाकिस्तान को करारा जवाब दिया जाए और अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित रखा जाए। हमने अपने घातक हथियारों से दुश्मन पर हमला किया। इस ऑपरेशन में महिला और पुरुष बीएसएफ जवानों ने एकसाथ कंधे से कंधा मिलाकर कर्तव्य निभाया।' बीएसएफ जवान शंकरी दास ऑपरेशन के दौरान फॉरवर्ड पोस्ट पर तैनात थे। उन्होंने कहा, 'हमने अपनी महिलाओं के 'सिंदूर' को मिटाने की कोशिश करने वाले पाकिस्तान से बदला लिया है।'   recent visitors 71

सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली 18 माओवादियों ने किया सरेंडर, नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ के एंटी नक्सल ऑपरेशन पर तैनात सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दक्षिण बस्तर डिवीजन और PLGA बटालियन नंबर-1 में सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली सहित कुल 18 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित है। बीहड़ जंगलों में सुरक्षा बलों के नए कैंप खुलने और फोर्स के एक्शन से नक्सलियों में दहशत है। पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के डर से 18 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सुकमा एसपी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सली कई बड़ी घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सरेंडर करने वाले 2 पुरुष नक्सलियों पर 8-8 लाख, 1 पुरूष और 1 महिला नक्सली पर 5-5 लाख, 6 पुरुष नक्सलियों पर 2-2 लाख और 1 पुरुष नक्सली पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि सरेंडर करने वालों में एक महिला और 18 पुरुष नक्सली शामिल है। सभी ने नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन के सामने बगैर हथियार सरेंडर किया है। सभी को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा। सुकमा के एसपी किरण जी चव्हाण ने बताया,"नियाद नेलनार'योजना से प्रभावित होकर आज 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से 4 नक्सली बटालियन नंबर 1 से जुड़े हैं। 4 बटालियनों से संबंधित नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है। चूंकि उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है,उन्हें राज्य सरकार के तहत चल रही सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा। मैं सभी नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करता हूं।" इन नक्सलियों ने किया सरेंडर 1. मड़कम आयता, जिला सुकमा, PLGS बटालियन नंबर 1 हेर्ड क्वार्टर कंपनी नंबर 3, प्लाटून नंबर 2 सेक्शन ‘‘बी’’ का पीपीसीएम, इनामी 8 लाख 2. भास्कर उर्फ भोगाम लक्खा, सुकमा, पीएलजीए बटालियन नंबर-1, प्लाटून नंबर 3, सेक्शन ‘‘ए’’ का पार्टी सदस्य, इनाम 8 लाख 3. मड़कम/कलमू देवे सुकमा , दक्षिण बस्तर डिवीजन टेलर टीम कमाण्डर (एसीएम) इनाम 5 लाख 4. लक्ष्मण उर्फ माड़वी छन्नू, सुकमा, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो सप्लाई टीम सदस्य/एसीएम इनाम 05 लाख 5. हेमला मंगलू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सरकार डीएकेएमएस अध्यक्ष कमेटी जन सम्पर्क शाखा अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 6. कुंजाम भीमा, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी मिलिशिया इनचीफ ईनाम 2 लाख 7. मड़कम भीमा, सुकमा, साकलेर आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर, इनाम 2 लाख 8. मुचाकी मंगा, सुकमा, भण्डारपदर आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 9. कोरसा संतोष उर्फ सोमलू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सीएनएम अध्यक्ष, इनाम 2 लाख 10. तेलाम माड़ा, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर, इनाम 2 लाख 11. वेट्टी बण्डी उर्फ देवेन्द्र कुमार, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मेडिकल टीम अध्यक्ष 12. सोयम हिंगा, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मिलिशिया सदस्य 13. माड़वी मुन्ना, सुकमा, बुर्कलंका आरपीसी मिलिशिया सदस्य 14. माड़वी गंगा, बीजापुर, कोमटपल्ली आरपीसी मिलिशिया 15. पदाम सुकालू, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी सरकार मेडिकल कमेटी अध्यक्ष 16. डोडी मंगलू उर्फ मधु, सुकमा, मण्डीमरका आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, इनाम 1 लाख 17. माड़वी लच्छु, सुकमा, नागाराम आरपीसी मिलिशिया सदस्य 18. हेमला हड़मा, जिला सुकमा, नागाराम आरपीसी मिलिशया सदस्य लीडर के मारे जाने से नक्सल संगठन में दहशत दरअसल, नक्सल लीडर और संगठन के महासचिव खूंखार नक्सली नंबाला उर्फ बसवा राजू के अबूझमाड़ में मारे जाने के बाद माओवादी संगठन में दहशत है। एनकाउंटर में मारे जाने के डर से नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। इससे पहले बीजापुर जिले में 32 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। छत्तीसगढ़ के नक्सली पड़ोसी राज्य तेलंगाना में भी सरेंडर कर रहे हैं। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ की सीमा पर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के दौरान तेलंगाना में 86 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। बता दें कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन मार्च-2026 तय की गई है। इसके बाद से बस्तर संभाग के नक्सल क्षेत्र में सुरक्षा बलों का एक्शन लगातार जारी है।   recent visitors 69

अमेरिका की बड़ी चेतावनी- बिना सूचना के अपने स्टडी प्रोग्राम से हटते हैं, तो उनका छात्र वीजा रद्द किया जा सकता है

वाशिंगटन अमेरिका ने भारतीय और अन्य विदेशी छात्रों को एक सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि यदि वे अपनी कक्षाएं छोड़ते हैं या बिना सूचना के अपने स्टडी प्रोग्राम से हटते हैं, तो उनका छात्र वीजा रद्द किया जा सकता है। यह चेतावनी अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई और सामूहिक निर्वासन की चिंताओं के बीच आई है। चेतावनी में कहा गया है कि अगर ये छात्र बिना जानकारी दिए अपने कोर्स से अलग हो जाते हैं, तो उनका स्टूडेंट वीजा रद्द किया जा सकता है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "अगर आप कोर्स छोड़ते हैं, कक्षाएं नहीं जाते, या अपनी पढ़ाई का कार्यक्रम बिना अपनी यूनिवर्सिटी को सूचित किए छोड़ देते हैं, तो आपका स्टूडेंट वीजा रद्द हो सकता है। इससे आप भविष्य में अमेरिका का वीजा नहीं प्राप्त कर पाएंगे। हमेशा अपने वीजा की शर्तों का पालन करें और छात्र स्थिति बनाए रखें ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके।" यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका में विदेशी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कई छात्रों के वीजा अचानक और बिना पूर्व सूचना के रद्द किए जा रहे हैं। इनमें कुछ मामलों में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में भाग लेना, ट्रैफिक उल्लंघन, या वीजा शर्तों का उल्लंघन जैसी विविध वजहें सामने आई हैं। ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के खिलाफ अपनी नीतियों को और सख्त किया है। हाल ही में, हार्वर्ड विश्वविद्यालय को नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को नामांकन करने की अनुमति से वंचित कर दिया गया था, जिसने लगभग 788 भारतीय छात्रों सहित हजारों छात्रों को प्रभावित किया। चिंता की बात यह है कि कई बार न तो छात्र और न ही उनकी यूनिवर्सिटी को यह पता चलता है कि छात्र की जानकारी SEVIS सिस्टम से हटा दी गई है। SEVIS एक वेब-आधारित प्रणाली है जिसे अमेरिका का होमलैंड सिक्योरिटी विभाग अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर निगरानी रखने के लिए संचालित करता है। यह चेतावनी भारतीय छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका में 3 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो वहां के विश्वविद्यालयों में दूसरा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय छात्र समूह है। इस बीच, भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों में इस बात को लेकर भी गहरी चिंता है कि ट्रंप प्रशासन "ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT)" कार्यक्रम को समाप्त करने की योजना बना रहा है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने की अनुमति देता है। अमेरिकी सांसदों ने पहले ही "उच्च कुशल अमेरिकियों के लिए निष्पक्षता अधिनियम 2025" नामक एक विधेयक पेश कर दिया है, जिसमें OPT कार्यक्रम को समाप्त करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) के प्रमुख पद के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नामित जोसेफ एडलो ने यह घोषणा की है कि वे OPT और STEM OPT (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के छात्रों के लिए विस्तारित संस्करण) कार्यक्रमों को खत्म करने के पक्ष में हैं।   recent visitors 68