पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है, इसे छुपाने के लिए वह अक्सर भारत पर आरोप लगाता रहता है: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर बलूचिस्तान की घटनाओं के संबंध में पाकिस्तान के तमाम आरोपों को खारिज कर दिया। मंत्रालय द्वारा जारी संक्षिप्त बयान में कहा गया है, "खुजदार में हुई घटना में पाकिस्तान भारत पर आरोप लगा रहा है। भारत सरकार इस आधारहीन आरोप का खंडन करती है और इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करती है। पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है, इसे छुपाने के लिए वह अक्सर भारत पर आरोप लगाता रहता है। दुनिया को धोखा देने वाला यह प्रयास असफल होने वाला है।" पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार जिले में एक स्कूल बस को निशाना बनाकर विस्फोट किया गया। इस घटना में तीन बच्चे और दो वयस्क मारे गए हैं और 38 से अधिक घायल हैं। पाकिस्तान ने इस हमले के लिए भारत को दोषी ठहराया है। भारत ने पाकिस्तान के इस आधारहीन आरोप को खारिज कर दिया है। इस घटना की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है लेकिन शक बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) पर है, जो पूर्व में भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में जवाबी कार्रवाई की थी और आतंकवादियों के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइलों से हमले के जवाब में भारत ने उसके एयर डिफेंस सिस्टम और 11 एयरबेस तबाह कर दिए। पाकिस्तान अपने बड़े नुकसान को स्वीकार करने की बजाय भारत के मिसाइलों और राफेल विमानों को गिराने की झूठी कहानी अपने लोगों और दुनिया को सुना रहा है। पाकिस्तान की इसी झूठ का पर्दाफाश करने के लिए भारत सरकार ने सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है जो विदेशों में जाकर सबूत सहित पाकिस्तान को हुए नुकसान को बताएगा और उसकी पोल खोलेगा। recent visitors 59

सॉलिसिटर जनरल ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा- ट्रस्ट की जमीन को सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है

नई दिल्ली वक्फ कानून में संसद द्वारा किए गए हालिया संशोधनों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बुधवार को सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रस्ट की जमीन को सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। तुषार मेहता ने कहा, वक्फ कानून 2013 के संशोधन से पहले अधिनियम के सभी संस्करणों में कहा गया था कि केवल मुसलमान ही अपनी संपत्ति वक्फ कर सकते हैं। लेकिन 2013 के आम चुनाव से ठीक पहले एक संशोधन किया गया था, जिसके मुताबिक कोई भी अपनी संपत्ति वक्फ कर सकता है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "वक्फ का अर्थ है कि उपयोग के अनुसार संपत्ति किसी और की है। आपने निरंतर उपयोग करके अधिकार अर्जित किया है। इसलिए जरूरी है कि निजी/सरकारी संपत्ति का उपयोग लंबे समय तक किया जाए। अगर कोई इमारत है जो सरकारी संपत्ति हो सकती है, तो क्या सरकार यह जांच नहीं कर सकती कि संपत्ति सरकार की है या नहीं? इसका प्रावधान 3(सी) में है। ट्रस्ट की जमीन सरकार सभी नागरिकों के लिए सुनिश्चित करना चाहती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा, "वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने वालों का कहना है कि वक्फ प्रॉपर्टी के विवाद की स्थिति में सरकार अपना ही मामला खुद ही सुनवाई कर तय करेगी।" इस पर तुषार मेहता ने कहा, "राजस्व अधिकारी तय करते हैं कि यह सरकारी भूमि है या नहीं, लेकिन यह केवल राजस्व रिकॉर्ड के उद्देश्य से है। वह विवाद तय नहीं कर सकते। उनका निर्णय अंतिम नहीं है। उनकी जांच पर कलेक्टर निर्णय लेंगे, जबकि यहां उठाई गई आपत्ति यह है कि कलेक्टर अपने मामले में न्यायाधीश होंगे। इसलिए जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) ने सुझाव दिया कि कलेक्टर के अलावा किसी और को इसमें नामित अधिकारी बनाया जाए।" सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ का मतलब अनिवार्य रूप से यह है कि आप किसी और की संपत्ति का भी उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को यह क्यों नहीं जांचना चाहिए कि संपत्ति सरकार की है या नहीं। परामर्श के दौरान आपत्ति उठाई गई थी कि कलेक्टर को यह निर्धारित करने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए कि भूमि सरकारी भूमि है या नहीं, इसके लिए हमने नामित अधिकारी को बदल दिया।" उन्होंने अदालत में दावा किया कि वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में झूठी और काल्पनिक कहानी गढ़ी जा रही है कि उन्हें दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे या वक्फ पर सामूहिक कब्जा कर लिया जाएगा। वक्फ कोई मौलिक अधिकार नहीं है और इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई है। एक फैसले के मुताबिक, अगर कोई अधिकार कानून के तहत प्रदान किया जाता है, तो उसे कानून के तहत लिया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का एक अनिवार्य अंग नहीं है। दान हर धर्म का हिस्सा है और यह ईसाई के लिए भी हो सकता है। हिंदुओं में दान की एक प्रणाली है। सिखों में भी यह मौजूद है। इस्लाम में वक्फ कुछ और नहीं बल्कि दान है। वक्फ बोर्ड केवल धर्मनिरपेक्ष कार्य करता है – वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करना, हिसाब-किताब सही रखना, खातों का ऑडिट रखना आदि। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वक्फ बोर्ड में अधिकतम दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से कोई बदलाव नहीं आएगा। ये लोग किसी भी धार्मिक गतिविधि को प्रभावित नहीं करते। हिंदू बंदोबस्ती आयुक्त मंदिर के अंदर जा सकते हैं, मंदिरों में पुजारी का निर्णय भी राज्य सरकार कर रही है, यहां वक्फ बोर्ड धार्मिक गतिविधि में बिल्कुल दखल नहीं देता है। धर्म में धर्मनिरपेक्ष प्रथाओं को नियंत्रित करने की शक्ति होती है। संपत्ति का प्रशासन कानून के अनुसार ही होना चाहिए। recent visitors 67

प्रधानमंत्री मोदी के भोपाल आगमन के लिए जारी तैयारियों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाओं की प्रगति के बिना देश-प्रदेश की प्रगति अधूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने ज्ञान के सूत्र के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी महिला सम्मेलन में सहभागिता के लिए 31 मई को भोपाल पधार रहे हैं। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के त्रिशताब्दी जयंती समारोह के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण और महिला स्वावलम्बन पर केन्द्रित इस सम्मेलन में दो लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। भोपाल में होने वाला यह आयोजन, नया रिकार्ड बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जम्बूरी मैदान पर जारी तैयारियों, प्रस्तावित यातायात और बैठक व्यवस्था आदि की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में बहनें भाग ले रही हैं, उनकी बैठक व्यवस्था, खान-पान और पेयजल की उपलब्धता तथा आयोजन स्थल पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित गतिविधियों और महिला स्वावलम्बन की दिशा में स्व-सहायता समूहों व कौशल उन्नयन के लिए संचालित गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। लोकमाता देवी अहिल्या, सुशासन का प्रतीक रही हैं। अत: जनकल्याण और प्रदेशवासियों का जीवन सुगम बनाने के लिए प्रदेश में संचालित कार्यक्रमों को भी यहां प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल आगमन के संबंध में जम्बूरी मैदान (भेल) में जारी तैयारियों के निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर खेल एवं युवक कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद खजुराहो श्री वीडी शर्मा, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जिला प्रशासन, भोपाल पुलिस तथा नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।   recent visitors 42

एक लाख से अधिक महिला किसानों से 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा के परिणामस्वरूप रबी विपणन वर्ष 2025-26 में लगभग 9 लाख किसानों से 77 लाख 75 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि गत वर्ष 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ था। इंदौर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में उन्होंने किसानों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिये गये बोनस एवं उसके बाद हुए रिकार्ड गेहूँ उपार्जन पर उनका अभिनंदन कर लोकहित में कार्य करने के लिए लोकमाता की प्रतिमा भेंट की। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि गेहूँ के उपार्जन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। एक लाख से अधिक महिला किसानों से 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया गया है। इस तरह से गेहूँ का उपार्जन 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से किया गया है, जो कि देश में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 9 लाख किसानों में से 1 लाख 23 हजार महिला किसानों द्वारा 8 लाख 98 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का विक्रय किया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 3623 केन्द्र खोले गए जिसमें से 293 केन्द्र महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित किए गए, इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला। महिला किसानों के खाते में 2 हजार 335 करोड़ रूपये का बोनस सहित भुगतान किया जा चुका है। किसानों के खातों में कुल 19 हजार 322 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं उत्पादक किसानों की सुविधा के लिए समिति स्तरीय 3 हजार 176 पंजीयन केन्द्रों के अतिरिक्त 9311 एमपी ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्रों, पंचायतों के केन्द्रों के साथ किसान द्वारा स्वयं पंजीयन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के व्यय को सीमित करने के लिए 2440 केन्द्र गोदाम स्तरीय बनाए गए जिससे परिवहन एवं हैण्डलिंग व्यय की बचत हुई है। किसानों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्था समर्थन मूल्य का लाभ बिचौलियों/व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने से रोकने हेतु इस वर्ष बायोमेट्रिक / ओटीपी आधारित किसान पंजीयन की व्यवस्था की गई। किसानों द्वारा विक्रय उपज के समर्थन मूल्य की राशि उनके बैंक खाते में निर्बाध रूप से भुगतान किया जा सके, इसलिए कृषक के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था की गई है। कृषक द्वारा स्वयं उपार्जन केन्द्र का चयन कर उपज विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई। उपार्जन करने वाली समितियों को दैनिक व्यय की पूर्ति हेतु मंडी लेबर व्यय का भुगतान प्रतिदिन किसानों के भुगतान के साथ करने की व्यवस्था की गई है। शनिवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में किसान द्वारा अपनी उपज विक्रय के लिए उपार्जन केन्द्र पर लाने पर खरीदी की गई। इस वर्ष पंजीयन 20 जनवरी 2025 से शुरू कर दिया गया जो 9 अप्रैल तक चलता रहा। इस वर्ष, पिछले वर्ष की तुलना में पंजीयन के लिए ज्यादा समय दिया गया था। इस दौरान मंत्रि-परिषद के सदस्य, अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा और एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।   recent visitors 36

केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: बेसिक सैलरी ₹40,000 से ₹1 लाख! जानिए कब बढ़ेगा वेतन

नई दिल्ली सरकारी नौकरी करने वालों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से जिस घोषणा का इंतजार किया जा रहा था, वह अब जल्द पूरी हो सकती है। केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर अहम ऐलान करने की तैयारी में है। इससे देशभर के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, आयोग के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अगर सब कुछ तयशुदा योजना के अनुसार चला, तो यह आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है। क्या है फिटमेंट फैक्टर और कैसे तय होगी सैलरी? वेतन बढ़ोतरी की गणना के लिए सबसे अहम भूमिका निभाता है फिटमेंट फैक्टर। यह एक तय गुणांक (Multiplier) होता है, जो सभी कर्मचारियों के वेतन को एक समान आधार पर बढ़ाने में मदद करता है। इस बार फिटमेंट फैक्टर के 1.90 से लेकर 2.50 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह 2.5 तक पहुंचता है, तो कर्मचारियों के वेतन में 40% तक की वृद्धि हो सकती है।  कैसे बढ़ेगा वेतन? एक उदाहरण से समझिए: मान लीजिए किसी कर्मचारी का मौजूदा मूल वेतन है ₹40,000 प्रति माह। अगर 8वें वेतन आयोग में 2.5 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो संशोधित वेतन कुछ ऐसा हो सकता है: पेंशनर्स को भी मिलेगा बड़ा फायदा सिर्फ काम कर रहे कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि रिटायर्ड पेंशनभोगियों को भी इस आयोग से अच्छी-खासी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले की तरह पेंशन में भी फिटमेंट फैक्टर के अनुसार संशोधन किया जाएगा, जिससे न्यूनतम पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी संभव है। क्या नई स्वास्थ्य सुविधाएं भी जुड़ेंगी? पिछले 7वें वेतन आयोग के तहत सरकार ने कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम की शुरुआत की थी। ऐसे में इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि सरकार स्वास्थ्य और अन्य भत्तों को लेकर कुछ नई सुविधाएं जोड़ सकती है। recent visitors 58

कश्मीर के मैदानी इलाकों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना, लोगों की चिंता बढ़ा दी, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

श्रीनगर जम्मू और कश्मीर मौसम विभाग की तरफ से मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू कश्मीर में अगले कुछ दिनों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खासतौर पर गुरुवार और शुक्रवार को तापमान असामान्य रूप से ऊंचा रहने की संभावना है। आमतौर पर ठंडे माने जाने वाले इस क्षेत्र में तेज गर्मी की भविष्यवाणी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कश्मीर के मैदानी इलाकों में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है – यह बेमौसम उछाल है जो साल के इस समय के कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मौसम विज्ञानियों ने संभावित गर्मी के तनाव की चेतावनी जारी की है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए। बढ़ते तापमान ने किसानों और बागवानों के बीच चिंता पैदा कर दी है, उन्हें डर है कि अगर यह मौसम लंबा चला तो गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "कश्मीर में मई में ऐसा मौसम आमतौर पर नहीं होता। अगले कुछ दिनों में जो तापमान रहेगा, वह आमतौर पर जुलाई की गर्मियों में देखा जाता है।" विभाग ने लोगों को हाइड्रेटेड रहने, पीक आवर्स के दौरान सीधे धूप में जाने से बचने और हीटवेव के प्रभाव को कम करने के लिए निवारक उपाय करने की सलाह दी है। जम्मू में इस मौसम में पहले से ही उच्च तापमान की आदत है, लेकिन कश्मीर घाटी में असामान्य गर्मी ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है, जो पारंपरिक रूप से बहुत ठंडी होती है। अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और लोगों से आने वाले दिनों में आधिकारिक मौसम अपडेट और सुरक्षा सलाह का पालन करने का आग्रह किया है। recent visitors 47

अमेरिका ने कहा- रूस अगर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने ठोस कदम नहीं उठाता, तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे

वाशिंगटन अमेरिका ने रूस को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर वह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता, तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे । यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्री  मार्को रुबियो  ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के समक्ष दिया। रुबियो ने कहा, “हमें संकेत मिले हैं कि रूस युद्धविराम के लिए अपनी शर्तों को लिखित रूप में तैयार कर रहा है, जिससे आगे की बातचीत का रास्ता खुल सकता है। हम उन प्रस्तावों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पुतिन के असली इरादे सामने आ सकें।” रूस अगर टाल-मटोल करेगा तो कार्रवाई तय जब रुबियो से पूछा गया कि अगर रूस शांति प्रक्रिया को नजरअंदाज करता है तो क्या अमेरिका उस पर और प्रतिबंध लगाएगा, उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर यह साबित हो गया कि रूस सिर्फ युद्ध जारी रखना चाहता है और वार्ता में रुचि नहीं है, तो नए प्रतिबंध ही हमारा अगला कदम होंगे।”  राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल संयम बरत रहे रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी किसी भी तरह की प्रतिबंध की धमकी से बचना चाहते हैं, ताकि  कूटनीतिक वार्ता पर असर न पड़े। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति मानते हैं कि अगर हम पहले ही धमकी देना शुरू करें, तो रूस वार्ता से पीछे हट सकता है।” पुतिन-ट्रंप की दो घंटे की अहम बातचीत रुबियो ने खुलासा किया कि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच  दो घंटे लंबी फोन कॉल  हुई है। इस बातचीत के बाद रूस और यूक्रेन ने तत्काल युद्धविराम और शांति वार्ता शुरू करने पर सहमति  जताई है। वेटिकन करेगा शांति वार्ता की मेज़बानी इस बीच वेटिकन ने नई पहल करते हुए कहा है कि वह इन संभावित वार्ताओं की मेज़बानी करने को तैयार है। नव-निर्वाचित पोप लियो XIV  इसके लिए तैयार हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब इस्तांबुल में पिछली वार्ता असफल  रही थी, हालांकि रूस और यूक्रेन ने कैदियों की अदला-बदली पर समझौता कर लिया था।  नजरें पुतिन के अगले कदम पर अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुतिन वास्तव में शांति के प्रस्तावों को आगे बढ़ाते हैं या युद्ध को खींचते हैं। अमेरिका ने संकेत दे दिया है  *अगर शांति की दिशा में ईमानदारी नहीं दिखाई गई, तो दबाव और बढ़ेगा। recent visitors 46