ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया- BSNL ने वित्त वर्ष 2025 में पहली बार लगातार दो तिमाही में कमाया मुनाफा

नई दिल्ली भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने मंगलवार को जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 280 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया। दूरसंचार कंपनी 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में पहली बार घाटे से बाहर निकली है। यह कंपनी के मुनाफे की लगातार दूसरी तिमाही रही।केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए भारत की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के लिए इसे एक बहुत बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा, "बीएसएनएल ने पहली बार 18 वर्षों में दो तिमाहियों में नेट प्रॉफिट दर्ज किया है । कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 262 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट बनाया और जनवरी-मार्च में 280 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट बनाया।" बीएसएनएल को पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 849 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। पूरे वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी का घाटा अब 58 प्रतिशत घटकर 2,247 करोड़ रुपए रह गया है, जो वित्त वर्ष 2024 में 5,370 करोड़ रुपए था। सरकारी स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी की कुल आय 2024-25 के दौरान 10 प्रतिशत बढ़कर 23,427 करोड़ रुपए हो गई, जो 2023-24 में 21,302 करोड़ रुपए थी। स्पेक्ट्रम आवंटन और पूंजी निवेश सहित रणनीतिक पहलों के माध्यम से सरकार के समर्थन ने कंपनी के संचालन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी ने 2024-25 में 5,396 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए दर्ज किया, जो 2023-24 में 2,164 करोड़ रुपए था। कंपनी का मार्जिन वित्त वर्ष 2024 में 10.15 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 23.01 प्रतिशत हो गया। बीएसएनएल ने वित्त वर्ष के दौरान व्यय लागत में 3 प्रतिशत की कटौती की है, जो कि 2023-24 में 26,673 करोड़ रुपए से घटकर 25,841 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी 4जी रोलआउट और फाइबर-ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के साथ अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है। बीएसएनएल ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत किया है और नेटवर्क में निर्बाध इंटरनेट एक्सेस के लिए राष्ट्रीय वाईफाई रोमिंग के साथ ग्राहक-केंद्रित डिजिटल इनोवेशन की शुरुआत की है। बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, "यह शानदार तेजी पेशेवर प्रबंधन, सरकारी समर्थन और शीर्ष और निचले स्तर पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का प्रमाण है। बीएसएनएल को न केवल पुनर्जीवित किया जा रहा है, बल्कि इसे फिर से परिभाषित किया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "अनुशासित लागत नियंत्रण और 4जी/5जी की स्थापना के साथ हम विकास की इस गति को बनाए रखेंगे। साथ ही हर भारतीय को सस्ती, उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना तक सीमित नहीं रहेगा। हम सार्वजनिक सेवा में दूरसंचार उत्कृष्टता को फिर से परिभाषित करेंगे। जब हम लगातार सही चीजें करते हैं, उत्कृष्ट सेवा प्रदान करते हैं, वंचितों तक पहुंचते हैं, समावेशिता के लिए इनोवेशन करते हैं तो मुनाफा स्वाभाविक रूप से आएगा।" recent visitors 92

अब भारत आतंकवाद के खात्मे को एक लक्ष्य मानता है, पाकिस्तान सेना मौजूदा समय में आईसीयू में है : तरुण चुघ

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान सेना मौजूदा समय में आईसीयू में है। तरुण चुघ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से यह साफ है कि अब भारत आतंकवाद के खात्मे को एक लक्ष्य मानता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में अपने संबोधन में पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को महज 20 मिनट में ध्वस्त कर दिया। इसे हमने वीडियो में भी कैद कर लिया, ताकि अगर कोई सबूत मांगे, तो उसे दिखा सकें। पाकिस्तान इस बात को जानता है कि वह हमसे जीत नहीं सकता, इसलिए वह सीमापार से आतंकवादी भेजकर यहां पर माहौल को अव्यवस्थित करना चाहता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। भाजपा नेता तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री के इस संबोधन को 140 करोड़ देशवासियों की आवाज बताया। कहा कि आज की तारीख में देशवासी नहीं चाहते हैं कि कोई भी आतंकवादी अपना फन उठाए। पाकिस्तान को हर हमले की कीमत चुकानी होगी। साथ ही, तरुण चुघ ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को 'बारात' कहने पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता सेना की बहादुरी पर सवाल उठा रहे हैं और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के संबंध में विवादित टिप्पणी कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' की तारीफ की। बोले, अगर बाला साहेब ठाकरे जिंदा होते, तो प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाते। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) पर हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किए जाने की निंदा की। कहा कि पहले जो नेता हिंदुत्व की बातें किया करते थे, अब वह पार्टी हनुमान चालीसा पढ़ने वालों को जेल भेज रही है। अब इन लोगों को आपत्ति हो रही है कि आखिर कोई कैसे हनुमान चालीसा पढ़ सकता है। अब यह पार्टी मुस्लिम लीग की विचारधारा पर चल रही है, जिसे हिंदू और हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बारे में अलग-अलग देशों में पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को ‘बारात’ कहा था। उन्होंने कहा था कि इस बारात को भेजने की कोई ज़रूरत नहीं थी। प्रधानमंत्री कमजोर हैं। भाजपा ने ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण कर दिया है। उन्हें हर चीज में राजनीति करने की आदत है। इंडिया ब्लॉक को इस 'बारात' का बहिष्कार करना चाहिए। इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) के संपादकीय में 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लिए जाने पर तरुण चुघ ने कहा, "शिवसेना की विरासत मौजूदा समय में उन लोगों के हाथों में है, जो आतंकवाद के मारे जाने पर दुख जाहिर करते हैं और वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की मौत पर तंज कसते हैं। यह 'सामना' नहीं, बल्कि शर्म का दस्तावेज है। उद्धव ठाकरे के लोग 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर भी राजनीति कर रहे हैं। यह शर्मनाक है। ऐसे लोगों से आत्मबल की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।" इसके अलावा, भाजपा नेता तरुण चुघ ने झारखंड के पलामू में नक्सली कमांडर के मारे जाने पर कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को हम बिल्कुल भी नहीं बख्शेंगे। बता दें कि झारखंड के पलामू में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोध अभियान के तहत नक्सलियों के टॉप कमांडर तुलसी भुइयां को मार गिराया है। recent visitors 96

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का शासन, न्याय और सुशासन का प्रतीक, सफाई अभियान में शामिल हुए प्रभारी मंत्री

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम लला मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद सतना जिले के धार्मिक स्थल चित्रकूट में तीर्थ यात्रियों का आवागमन कई गुना बड़ा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार चित्रकूट के समग्र विकास के लिये परियोजना कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट को विकास के जरिए भारत के नक्शे पर पहचान दिलाई जाएगी। सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को चित्रकूट में रामायण कुटी में साधु-संतों से भेंट कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि चित्रकूट को हरा-भरा रखने के लिये मंदाकिनी नदी के आसपास 5 लाख पौधे लगाएं जाएंगे। उन्होंने इस कार्य के लिये जनभागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार, महापौर योगेश ताम्रकार, रामायण कुटी के संत रामहृदय दास और संतगण मौजूद थे। प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय का ग्रामोदय विश्वविद्यालय में व्याख्यान प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के व्याख्यानमाला में अपने संबोधन में कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का शासन अनूठा उदाहरण है। माता अहिल्या कुशल प्रशासक और रणनीतिकार महिला शासक रहीं है। तत्कालीन समय में सारा देश युद्ध के वातावरण में था लेकिन उन्होंने अपने राज्य में कोई भी युद्ध नहीं होने दिया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि 31 मई से पूरे देश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह को जयंती वर्ष के रूप में में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सनातन परंपरा को पल्लवित करने का काम किया है। उन्होंने देश भर में 250 मंदिर बनवाएं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर से जीवन से बहुत कुछ सीखा जा सकता है और हर वर्ग का व्यक्ति उनके जीवन का अनुसरण कर महान बन सकता है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन चरित्र पर आधारित चित्र तैयार किये थे। मंदाकिनी नदी के सफाई अभियान में शामिल हुए प्रभारी मंत्री जल गंगा संवर्द्धन अभियान में प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय मंदाकिनी नदी के सफाई अभियान में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पवित्र मंदाकिनी नदी की सफाई और गाद निकालने का कार्य साल भर चलेगा। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि नदी को स्वच्छ रखने के लिये उनके विभाग की तरफ से हर संभव सहायता की जाएगी।   recent visitors 71

दाहोद स्थित रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप में लोको निर्माण केंद्र परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम

नई दिल्ली भारतीय रेल ने मालवाहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण छलांग लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 26 मई, 2025 को गुजरात के दाहोद स्थित रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप में लोको निर्माण केंद्र का लोकार्पण किया जाना इस परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। एक ऐसा कदम जो तेज गति, माल वाहन में वृद्धि और सतत विकास को गति देने की प्रतिबद्धता से परिपूर्ण होगा। इस अत्याधुनिक सुविधा में 9,000 हॉर्सपावर क्षमता वाले 1,200 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक मालवाहक इंजनों का निर्माण किया जाएगा। इससे मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड को बढ़ावा मिलेगा। ये इंजन 4,500 से 5,000 टन तक के भारी माल को तीव्र चढ़ाई पर भी आसानी से ले जाने में सक्षम हैं। जिससे भारी मालवाहन परिवहन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित ये इंजन अत्याधुनिक IGBT-आधारित प्रणोदन तकनीक से सुसज्जित हैं, जो ऊर्जा दक्षता और संचालन प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं। ये विशेषताएं भारतीय रेल को आधुनिक, विश्वसनीय और पर्यावरण अनुकूल मालवाहक लॉजिस्टिक्स के अग्रणी पथ पर ले जाती हैं। 9000 हॉर्सपावर की यह लोकोमोटिव भारतीय रेल द्वारा विकसित सबसे शक्तिशाली एकल-इकाई इलेक्ट्रिक इंजन है। अब तक मालवाहक इंजन आमतौर पर 4500 या 6000 हॉर्सपावर की क्षमता वाले चलते थे। जबकि 12,000 हॉर्सपावर के इंजन भी हैं, वे दो 6000 हॉर्सपावर इकाइयों को जोड़कर बनाए जाते हैं। इसके विपरीत, दाहोद में निर्मित यह इंजन एकीकृत उच्च-शक्ति समाधान प्रदान करता है, जो लंबे और भारी माल गाड़ियों को आसानी से खींच सकता है। इस बढ़ी हुई क्षमता का अर्थ है कम ट्रिप्स में अधिक माल परिवहन। जिससे समय की बचत, भीड़भाड़ में कमी और बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता सुनिश्चित होती है। इससे रेल यातायात अनुकूलित होगा। जिससे व्यस्त मार्गों पर दबाव घटेगा। साथ ही, मानव संसाधन और ऊर्जा खपत में कमी आएगी। ये सभी लाभ उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर मूल्य प्रतिस्पर्धा और आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाएंगे। एक समय ऐसा भी था जब रेलवे कार्यों का प्रमुख केंद्र रहे दाहोद में गतिविधियां घट गई थीं। 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने इसे रेलवे निर्माण के एक नए केंद्र के रूप में पुनः स्थापित करने का दृष्टिकोण रखा। आज यह दृष्टिकोण साकार हो रहा है। लोको निर्माण केंद्र भारतीय रेल के लिए ब्रॉड गेज और निर्यात के लिए स्टैंडर्ड गेज दोनों प्रकार के इंजन बनाने में सक्षम है। यह दोहरी क्षमता भारत को वैश्विक रेल निर्माण बाजार में मजबूत स्थिति प्रदान करती है। इस परियोजना में 89% पुर्जे भारत में बनाए गए हैं, जिससे यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ दोनों अभियानों के अनुरूप है। 9000 हॉर्सपावर इंजन की खासियत इसकी सततता में निहित है। इसका निर्माण हरित ऊर्जा से संचालित फैक्ट्री में होता है, जिसे ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग टैग मिला है। इसके अलावा, इसमें पुनर्योज्य ब्रेकिंग तकनीक भी है, जो ब्रेक लगने पर ऊर्जा को ग्रिड में वापस भेजती है। जिससे कार्बन फुटप्रिंट कम होता है। ये विशेषताएं भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को सशक्त करती हैं। इस इंजन में 'कवच' प्रणाली (भारत की स्वदेशी टक्कर-रोधी प्रणाली), वातानुकूलित ड्राइवर केबिन, कम शोर और कंपन जैसी विशेषताएं हैं, जो सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करती हैं। इंजन के सभी ओर लगे कैमरे निगरानी और सुरक्षा को और बेहतर बनाते हैं। इसके शौचालय में इलेक्ट्रॉनिक लॉक होते हैं जो केवल इंजन के स्थिर रहने पर खुलते हैं। जिससे संचालन अनुशासन सुनिश्चित होता है। दाहोद सुविधा की एक प्रमुख विशेषता कौशल विकास पर ज़ोर है। एक वर्चुअल डिजिटल मॉडल विकसित किया गया है, जो मैकेनिकों और ड्राइवरों को प्रशिक्षण देने में सहायता करता है। इस परियोजना से जुड़े अवसंरचना विकास के तहत 85% नौकरियां स्थानीय युवाओं को मिली हैं। कार्यबल की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाए गए हैं। यह लोको निर्माण केंद्र न केवल रोजगार सृजित कर रहा है, बल्कि दाहोद क्षेत्र में उद्योगों और आधारभूत संरचना के विकास को भी गति दे रहा है। 9000 हॉर्सपावर इंजन मालवाहन परिवहन की एक नई प्रणाली का केंद्र बनने जा रहा है। इसकी शक्ति, दक्षता और डिजाइन भारतीय रेल को अधिक प्रतिस्पर्धी, अधिक टिकाऊ और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए बेहतर सुसज्जित बनाएंगे। तकनीक, क्षेत्रीय विकास और वैश्विक दृष्टिकोण के संयोजन से दाहोद में बना यह इंजन न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मालवाहन परिवहन की दिशा को नया आयाम देगा। recent visitors 81

भाजपा ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को पार्टी से किया निष्कासित

बेंगलुरु भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये दोनों विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। निष्कासित किए गए विधायकों में यशवंतपुर से एसटी सोमशेखर और येल्लापुर से ए शिवराम हेब्बार शामिल हैं। पार्टी की तरफ से इस कार्रवाई की पुष्टि कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। विजयेंद्र ने कहा कि यह निर्णय पार्टी की गरिमा बनाए रखने और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था। कारण बताओ नोटिस के बाद आई कार्रवाई पार्टी के केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने ए शिवराम हेब्बार को एक औपचारिक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया है कि बार-बार पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करने के चलते उन्हें यह सजा दी गई है। पत्र में लिखा है कि समिति ने 25 मार्च 2025 को भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार किया और पाया कि विधायक द्वारा पार्टी की मर्यादाओं का कई बार उल्लंघन किया गया। इसके आधार पर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। साथ ही वे पार्टी के किसी भी पद पर बने नहीं रहेंगे। बीजेपी में अनुशासन सर्वोपरि बीजेपी हमेशा से अनुशासन को सबसे ऊपर मानती रही है। चाहे वह वरिष्ठ नेता हों या जनप्रतिनिधि, पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता। यही वजह है कि पार्टी ने अपने दो मौजूदा विधायकों पर भी सख्त कार्रवाई करने में देर नहीं की। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम पार्टी के अंदर संदेश देने के लिए भी है कि अनुशासनहीनता या गुटबाजी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। recent visitors 76

भारत में मेक इन इंडिया को मिलेगी नई उड़ान, कर्नाटक में बनेगी पहली प्राइवेट एयरफोर्स हेलिकॉप्टर फैक्ट्री

नई दिल्ली भारत में एयरोस्पेस सेक्टर को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कर्नाटक के कोलार जिले में देश की पहली प्राइवेट सेक्टर की वायुसेना हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट बनने जा रही है। इस यूनिट को स्थापित करने की जिम्मेदारी एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की साझा साझेदारी को दी गई है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा और एयरोस्पेस निर्माण में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह असेंबली लाइन यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस और भारत की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा मिलकर बनाई जा रही है। इस संयंत्र में H125 सिविल हेलिकॉप्टर बनाए जाएंगे, जो एयरबस का सबसे ज्यादा बिकने वाला हल्का हेलिकॉप्टर है। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट होगी। इससे पहले हेलिकॉप्टर असेंबली का काम भारत में सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जाता था। कहां बनेगा यह प्लांट? यह प्लांट कर्नाटक के कोलार जिले के वेमगल इंडस्ट्रियल एरिया में बनेगा, जो बेंगलुरु से लगभग दो घंटे की दूरी पर है। यहां पहले से ही टाटा ग्रुप के उपग्रह निर्माण और अन्य एयरोस्पेस इकाइयां मौजूद हैं। टाटा समूह ने इस प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में 7.4 लाख वर्गफुट का प्लॉट अधिग्रहित किया है, जिसमें विमान निर्माण, फाइनल असेंबली और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस संयंत्र में शुरुआत में हर साल 10 H125 हेलिकॉप्टरों का निर्माण किया जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। एयरबस के अनुसार आने वाले 20 वर्षों में भारत और दक्षिण एशिया में 500 लाइट हेलिकॉप्टरों की जरूरत होगी, जिसे देखते हुए यह प्लांट भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्या है इस यूनिट का महत्व? मेक इन इंडिया को मजबूती – स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नई नौकरियों के अवसर – स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार खुलेंगे।   Aequs के चेयरमैन और सीईओ अरविंद मेलिगेरी का कहना है कि यह परियोजना न केवल स्थानीय स्तर पर नौकरियां पैदा करेगी, बल्कि भारत को उन्नत औद्योगिक क्लस्टर के रूप में भी स्थापित करेगी। गुजरात को लेकर क्यों उठे सवाल? गौरतलब है कि टाटा और एयरबस इससे पहले वडोदरा (गुजरात) में भी C295 सैन्य विमान असेंबली लाइन की स्थापना कर रहे हैं। इसके साथ ही गुजरात को सेमीकंडक्टर प्लांट और डायमंड बोर्स जैसी बड़ी परियोजनाएं भी मिली हैं। इन्हीं वजहों से विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर गुजरात को विशेष तरजीह देने का आरोप लगाया है। हालांकि कोलार में हो रहे इस निवेश से दक्षिण भारत में भी संतुलन बनने की उम्मीद है। recent visitors 71

पाकिस्तान के खिलाफ युवा तेज गेंदबाजों पर जताया भरोसा, चोटों से जूझ रहा बांग्लादेश: बांग्लादेश मुख्य कोच

लाहौर चोट के कारण सीनियर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान और तस्कीन अहमद के बाहर होने के बाद बांग्लादेश के मुख्य कोच फिल सिमंस को उम्मीद है कि बाकी तेज गेंदबाज पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, जो बुधवार को लाहौर में शुरू होगी। तस्कीन टखने की चोट के कारण दो महीने से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं, जबकि मुस्तफिजुर को पिछले हफ्ते दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए अपने अंतिम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैच के दौरान अंगूठे में चोट लग गई थी। सिमंस ने कहा, 'आपको अपने सीनियर तेज गेंदबाजों की कमी खलेगी। जैसा कि हमने देखा, फिज (मुस्तफिज़ुर) उस समय आईपीएल में किस तरह की गेंदबाजी कर रहे थे। हमें उनकी कमी खलेगी। यह किसी के लिए इस सीरीज में उनकी जगह लेने का मौका भी है। उम्मीद है कि कोई गेंदबाज इस सीरीज में फिज की जगह लेना चाहेगा। इस फॉर्मेट में हमारी गेंदबाजी आमतौर पर हमारी मजबूती होती है। लेकिन दो वरिष्ठ गेंदबाजों, तस्कीन और फिज के बाहर होने से संतुलन बिगड़ा है।' मुस्तफिज़ुर की अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं ने खालिद अहमद को शामिल किया है। नाहिद राणा के प्रतिस्थापन खिलाड़ी को नहीं चुना गया है जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए दौरे से नाम वापस ले लिया है। खालिद के अलावा, तेज गेंदबाजी इकाई में तंजीम हसन साकिब, हसन महमूद और शोरीफुल इस्लाम शामिल हैं। ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज को भी चोटिल सौम्य सरकार की जगह लाया गया है ताकि उनके गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत किया जा सके। यूएई से 2-1 से सीरीज हारने के बावजूद सिमंस आशावादी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का मनोबल अच्छा है और लाहौर में शानदार प्रदर्शन के साथ वापसी करने को उत्सुक है। उन्होंने कहा, 'यूएई में सीरीज हारना मुश्किल था, लेकिन फिर कभी-कभी इससे आपका मनोबल बढ़ता है। हमारा मनोबल बहुत अच्छा रहा है, इसलिए हमें उम्मीद है कि (यूएई में परिणाम) हमारा मनोबल बढ़ाएगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सीरीज जीतने का हमेशा अच्छा मौका रहता है। लोग कहते रहते हैं कि पाकिस्तान अच्छा नहीं खेल रहा है। फिर से, यह उस दिन होने वाली घटनाओं पर निर्भर करता है। हमारे पास यहां सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। हम सभी पहलुओं में सुधार करने की कोशिश में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उम्मीद है कि हम इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।' यह सीरीज बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी विभाग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी, जिसमें शॉन टैट दो साल के अनुबंध पर तेज गेंदबाजी कोच के रूप में अपने पहले काम के लिए कोचिंग स्टाफ में शामिल होंगे। सिमंस ने कहा कि स्पिन गेंदबाजी कोच मुश्ताक अहमद के साथ टैट, जो दोनों कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी के साथ हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग में शामिल थे, विपक्षी टीम की ताकत के बारे में मूल्यवान जानकारी देंगे। सिमंस ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह (टैट) न केवल गेंदबाजों के लिए, बल्कि पूरी टीम के लिए शानदार साबित होंगे। हम यहां स्थिति का आकलन करेंगे। मुशी PSL में थे, इसलिए हम उनसे जानकारी लेंगे और अपने फैसले लेंगे।' अनुभवी खिलाड़ियों के न होने के कारण अब युवा तेज गेंदबाजों पर जिम्मेदारी आ गई है। उनमें से सबसे अनुभवी शोरफुल इस्लाम से आगे बढ़कर नेतृत्व करने की उम्मीद की जाएगी। बांग्लादेश 28 मई, 30 मई और 1 जून को गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान से तीन टी20 मैच खेलेगा।   recent visitors 64