दक्षिण रेलवे ने कावराईपेट्टई ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया

चेन्नई  दक्षिण रेलवे ने कहा है कि तमिनाडु में कावराईपेट्टई में हुयी ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है और आज से चरणबद्ध तरीके से सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। रेलवे की ओर से देर रात जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि शुक्रवार रात कावराईपेट्टई में मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस और एक खड़ी मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर के कारण चेन्नई-गुम्मिडीपुंडी खंड में मेल/एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। बागमती एक्सप्रेस के दस डिब्बे और मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। सात घायल यात्रियों को नियमानुसार अनुग्रह राशि दी गई। इस हादसे के कारम चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में रेल यातायात बाधित रहा। सेक्शन से गुजरने वाली करीब 20 मेल/एक्सप्रेस सेवाएं रद्द कर दी गईं, कुल 60 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित/विनियमित/पुनर्निर्धारित किया गया। चेन्नई उपनगरीय सेवाएं चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में निलंबित कर दी गईं और मिंजुर तक ईएमयू स्पेशल और दूसरे छोर पर सुलुरुपेटा से गुम्मिडिपंडी तक चलाई गईं। दक्षिणी रेलवे ने राज्य और जिला प्रशासन तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और तमिलनाडु अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से बचाव कार्य शुरू किया। विज्ञप्ति के अनुसार यात्रियों की सहायता और बचाव अभियान चलाने के लिए 500 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था। आधुनिक उपकरणों और चिकित्सा सुविधाओं से लैस दक्षिणी रेलवे की दुर्घटना राहत ट्रेनें पास के टोंडियारपेट यार्ड से लाई गईं। बागमती एक्सप्रेस के फंसे हुए यात्रियों को बसों के जरिए पोन्नेरी जैसे नजदीकी स्टेशनों पर ले जाया गया, जहां तत्काल ध्यान देने के लिए पांच मेडिकल टीमें मौजूद थीं। फंसे हुए यात्रियों को डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल पहुंचाने के लिए विशेष ईएमयू सेवाओं की व्यवस्था की गई। डॉ. एमजीआर सेंट्रल पहुंचने वाले यात्रियों को विशेष सहायता डेस्क ने सहायता प्रदान की। दुर्घटना के आठ घंटे के भीतर फंसे यात्रियों के लिए दरभंगा के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। वैकल्पिक ट्रेन सेवा, बागमती एक्सप्रेस के समान संरचना वाली एक विशेष ट्रेन, फंसे हुए यात्रियों को डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से दरभंगा ले जाने के लिए व्यवस्थित की गई थी। विज्ञप्ति में कहा गया कि रेलवे के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल जांच और भोजन और पानी के प्रावधान के बाद कल तड़के 04.45 बजे डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से रवाना हुई।इस विशेष ट्रेन में 1,800 से अधिक यात्रियों को ठहराया गया। इस बीच, पटरी से उतरे डिब्बों को फिर से पटरी पर लाने के लिए पांच भारी अर्थ मूवर्स, तीन जेसीबी और दो 140 टन के क्रेन की तैनाती के साथ बहाली का काम तुरंत शुरू हो गया। टीमों ने चौबीसों घंटे काम किया और साइट पर निर्बाध काम की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था की गई। दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक आर एन सिंह, अतिरिक्त महाप्रबंधक, डीआरएम/चेन्नई, एडीआरएम/चेन्नई और जोन के वरिष्ठ अधिकारी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों और बहाली कार्यों की बारीकी से निगरानी की। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिणी सर्कल), बेंगलुरु ने 12 अक्टूबर को दुर्घटना स्थल का वैधानिक निरीक्षण किया। विज्ञप्ति के अनुसार सीआरएस ने पटरियों, सिग्नलों, इंटरलॉकिंग पैनलों, ब्लॉकों और प्वाइंटों, कोचों और लोको की गहन जांच की और अधिकारियों तथा घायल यात्रियों से भी बातचीत की। सीआरएस 16 और 17 अक्टूबर को वैधानिक जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि कावराईपेट्टई में बहाली का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, यूपी मेनलाइन से पटरी से उतरे कोचों और वैगनों को साफ कर दिया गया है। दुर्भाग्यपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेन के ०9 एसी कोच और एक पावर कार सहित कुल 10 कोचों और मालगाड़ी के दो वैगनों को क्रेन का उपयोग करके हटा दिया गया है।   recent visitors 77

भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में चौथे नंबर पर लौटेंगे स्मिथ

भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे ग्रीन, पीठ का ऑपरेशन करवाएंगे ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में चौथे नंबर पर लौटेंगे स्मिथ मेलबर्न  ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को रीढ़ की हड्डी में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण भारत के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। यह 25 वर्षीय खिलाड़ी अपनी पीठ का ऑपरेशन करवाएगा जिससे उबरने में उन्हें छह महीने का समय लग जाएगा। पिछले महीने ब्रिटेन का दौरे में उन्हें इसका पता चला। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को जारी बयान में कहा, ‘‘तेज गेंदबाजों की रीढ़ की हड्डी में स्ट्रेस फ्रैक्चर होना आम बात है लेकिन कैमरन के फ्रैक्चर के पास वाले भाग में कुछ दिक्कत है जिसे चोट का कारण माना जा सकता है। ग्रीन का छह महीने तक बाहर रहने का मतलब है कि वह बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी ही नहीं, फरवरी में श्रीलंका के दौरे और चैंपियंस ट्रॉफी में भी नहीं खेल पाएंगे। उनका इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना भी संदिग्ध है। जसप्रीत बुमराह, जेम्स पैटिंसन, जेसन बेहरेनडोर्फ और बेन ड्वारशुइस जैसे तेज गेंदबाज भी इस तरह का ऑपरेशन करवा चुके हैं और ग्रीन ने भी यही विकल्प चुना। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा,‘‘चिकित्सकों से परामर्श करने के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि ग्रीन को ऑपरेशन करने से फायदा मिलेगा। इससे पहले कई तेज गेंदबाजों का इस तरह का ऑपरेशन सफल रहा है। इससे उबरने में लगभग छह महीने का समय लगेगा।’’ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला का पहला मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा। ग्रीन के बाहर होने का मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को अपने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना होगा। सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर के इस साल के शुरू में संन्यास लेने के बाद ग्रीन की टेस्ट टीम में वापसी हुई थी। इस कारण स्टीव स्मिथ को पारी की शुरुआत करनी पड़ी थी। स्मिथ सलामी बल्लेबाज के रूप में सफल नहीं रहे थे और भारत के खिलाफ उन्हें फिर से अपने पसंदीदा चौथे नंबर पर उतारा जा सकता है। भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में चौथे नंबर पर लौटेंगे स्मिथ  आस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला में अपने पसंदीदा चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। राष्ट्रीय चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के इस साल संन्यास लेने के बाद से स्मिथ पारी का आगाज कर रहे हैं। उन्होंने नयी भूमिका में दूसरे ही टेस्ट में नाबाद 91 रन बनाये लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने चार पारियों में कुल 51 रन ही बनाये। बेली ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा, ‘‘पैट कमिंस, एंड्रयू मैकडोनाल्ड और स्टीव स्मिथ से लगातार बात हो रही है। स्टीव ने पारी की शुरूआत की बजाय नीचे उतरने की इच्छा जताई है। पैट और एंड्रयू ने पुष्टि की कि वह इस सत्र में बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतरेगा।’’ भारत और आस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होगा।     recent visitors 81

जम्मू-कश्मीर से 6 साल बाद हटाया राष्ट्रपति शासन, उमर अब्दुल्ला का सरकार गठन का रास्ता साफ

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया है। गृह मंत्रालय (एमएचए) के इस फैसले के साथ ही आधिकारिक तौर पर केंद्र शासित प्रदेश में सरकार गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हस्ताक्षरित एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 239 और 239ए के साथ पठित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 (2019 का 34) की धारा 73 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में 31 अक्टूबर 2019 का आदेश, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 54 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति से तुरंत पहले निरस्त किया जाता है। नवनिर्वाचित सरकार को शपथ लेने की अनुमति देने के लिए यूटी में राष्ट्रपति शासन को रद्द करने की आवश्यकता थी। गृह मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 73 के आधार पर एक राष्ट्रपति आदेश लागू किया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव जीता और सरकार बनाने के लिए तैयार है। एनसी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, जिन्हें गठबंधन के नेता के रूप में चुना गया है, जम्मू-कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री होंगे। छह साल के लंबे अंतराल के बाद, जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस के गठबंधन ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है और अब वे सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उमर अब्दुल्ला को सर्वसम्मति से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक दल का नेता चुना गया है, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। यह उमर अब्दुल्ला का दूसरा कार्यकाल होगा, इससे पहले वे 2009 से 2014 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जब राज्य एनसी-कांग्रेस गठबंधन के अधीन था। राष्ट्रपति शासन हटा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को आदेश जारी कर जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रपति शासन समाप्त करने की घोषणा की। यह राष्ट्रपति शासन 19 जून 2018 को पीडीपी-भाजपा गठबंधन के टूटने के बाद लगाया गया था। 2019 में केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था, जिसके बाद यह क्षेत्र एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया था। राज्य का दर्जा बहाल करने पर जोर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि नई सरकार का प्रमुख उद्देश्य जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना होगा। उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर को एकजुट करना और चुनाव के दौरान फैली नफरत को खत्म करना होगी। राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए ताकि राज्य सुचारू रूप से कार्य कर सके और हम अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।" चुनाव परिणाम और गठबंधन इस बार के चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं। कांग्रेस की पांच सीटें कश्मीर से और एक जम्मू से हैं। दोनों पार्टियों ने चुनाव पूर्व गठबंधन किया था और चार निर्दलीय विधायकों तथा आम आदमी पार्टी (आप) के एक विधायक का समर्थन भी उन्हें मिला है। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 29 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी जगह बनाई है। 10 साल के लंबे अंतराल के बाद संपन्न हुए चुनाव जम्मू-कश्मीर में 10 साल के लंबे अंतराल के बाद विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। यह चुनाव अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पहली बार हुआ है, जिससे यह ऐतिहासिक महत्व रखता है। चुनाव तीन चरणों में सम्पन्न हुए, जिनमें 18 सितंबर, 25 सितंबर, और 1 अक्टूबर को मतदान हुआ। जम्मू-कश्मीर में छह साल बाद राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार बनने से राज्य की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में यह सरकार राज्य के पुनर्गठन और विकास के लिए कई अहम कदम उठाने की योजना बना रही है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना है। अब यह देखना होगा कि नई सरकार इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाती है। recent visitors 83

भोपाल की मुख्य शहरों से एयर कनेक्टिविटी होगी मजबूत, 27 अक्टूबर से सात नई उड़ानें शुरू होंगी

भोपाल  शहर के राजा भोज एयरपोर्ट से जल्द ही सात नई उड़ानें शुरू होने वाली हैं। इससे एयरपोर्ट पर रोजाना उड़ानों की आवाजाही 32 से बढ़कर 46 हो जाएगी। यह नया विंटर शेड्यूल आगामी 27 अक्टूबर से लागू होगा। इससे यात्रियों को भोपाल आने-जाने के लिए और भी सुविधा होगी। सूत्रों का कहना है कि फ्लाईबिग भोपाल और दतिया के बीच भी उड़ानें शुरू कर सकती है। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि विंटर शेड्यूल में इसकी मांग की गई थी। पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सात अन्य नई उड़ानों का भोपाल एयरपोर्ट से परिचालन शुरू होना तय है। इन शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना इंडिगो एयरलाइंस दो लोकप्रिय शहरों- पुणे और गोवा के लिए रोजाना उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है। इससे व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों दोनों को फायदा होगा। पुणे अपने आईटी उद्योग और शिक्षण संस्थानों के लिए जाना जाता है, जबकि गोवा अपने समुद्र तटों और जीवंत संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। कोलकाता के लिए भी मिलेगी फ्लाइट इसके अलावा इंडिगो एयरलाइंस कोलकाता के लिए भी हफ्ते में तीन उड़ानें शुरू करेगी। इससे भोपाल भारत की सांस्कृतिक राजधानी से जुड़ जाएगा। लोगों को अपने परिवार, दोस्तों से मिलने या शहर के समृद्ध इतिहास और भोजन का पता लगाने में मदद मिलेगी। एयर इंडिया भी शुरू कर सकती है परिचालन इंडिगो एयरलाइंस के अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस के दिसंबर में भोपाल एयरपोर्ट से अपना परिचालन शुरू करने की उम्मीद है। एयर इंडिया की यह कम लागत वाली सहायक कंपनी चार प्रमुख महानगरों- मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए रोजाना उड़ानें संचालित करेगी। यात्रियों मिलेंगे बेहतर विकल्प भोपाल एयरपोर्ट के निदेशक रामजी अवस्थी ने कहा कि इससे न केवल यात्रियों को किफायती यात्रा के अधिक विकल्प मिलेंगे, बल्कि इन प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों से भोपाल की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। विकास के साथ पर्यटन को विस्तार भोपाल हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाओं का विस्तार शहर के व्यवसाय और पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ते महत्व का प्रमाण है। अवस्थी ने कहा कि उड़ानों और गंतव्यों की संख्या बढ़ने से लोगों को अपनी यात्राओं की योजना बनाने में अधिक लचीलापन होगा। वे देश के विभिन्न हिस्सों से बेहतर संपर्क की उम्मीद कर सकते हैं। नई उड़ानें भोपाल जैसे टियर-2 शहरों में हवाई यात्रा के बुनियादी ढांचे और सेवाओं को बेहतर बनाएगी। recent visitors 111

Rajkumar Hirani को खंडवा में मिला राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण सम्मान, किशोर दा को याद कर कही ये बात

 खंडवा  हरफनमौला गायक किशोर दा की पुण्यतिथि पर हर साल की भांति इस साल भी मध्य प्रदेश सरकार शासन द्वारा अलंकरण समारोह का आयोजन किया. निर्माता निर्देशक राजकुमार हिरानी को इस साल राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया गया. इस दौरान गायक नीरज श्रीधर ने गीतों के जरिए किशोर दा को श्रद्धांजलि दी. वहीं कार्यक्रम में बोलते हुए राजकुमार हिरानी ने कहा कि वे हमेशा सोचते थे कि किशोर दा की जन्मभूमि कैसी होगी, जिसके चलते वे उनके नाम का सम्मान लेने के लिए यहां आये हैं. हिरानी ने कहा कि आज से 37 साल पहले वे किशोर दा के मुंबई वाले बंगले के सामने खड़े थे कि उन्हें एक बार अंतिम दर्शन हो जाए. जब मुझे किसी ने अंदर जाने नहीं दिया लेकिन आज ऐसा लग रहा है कि किशोर दा ने अपने रियल घर में बुला लिया है. हर साल किशोर दा की याद में होता है कार्यक्रम बता दें कि किशोर दा की पुण्यतिथि हर साल 13 अक्टूबर को उनकी खंडवा नगर स्थित समाधि पर मनाई जाती है. इस दौरान शहर में कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं. किशोर दा की पुण्यतिथि पर नगर निगम प्रशासन एवं किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच के तत्वावधान में सुबह से ही सुरमई श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां खंडवा के साथ ही देशभर से आये किशोर दा प्रेमियों ने उन्हें दूध जलेबी का भोग लगाकर गीतों के माध्यम से स्वरांजलि दी. खंडवा के पुलिस ग्राउंड स्टेडियम में मध्य प्रदेश शासन सांस्कृतिक विभाग द्वारा राष्ट्रीय किशोर सम्मान अलंकरण समारोह व किशोर नाइट संगीत संध्या का  आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे. राजकुमार हिरानी को दिया गया किशोर सम्मान पुरस्कार इस साल मध्य प्रदेश सांस्कृतिक विभाग द्वारा वर्ष 2023 का किशोर सम्मान पुरस्कार महान निर्माता लेखन राजकुमार हिरानी को दिया गया, जिन्होंने मुन्ना भाई एमबीबीएस, 3 इडियट, संजू, डंकी जैसे कई फिल्में बनाई है. उन्हें इस सम्मान के रूप में 5 लाख रुपए की राशि एवं श्रीफल ताम्रपत्र भेंटकर शाल उढाकर सम्मानित किया गया. इस दौरान राजकुमार हिरानी ने कहा कि उनकी खंडवा आने की बड़ी इच्छा थी. किशोर दा मुंबई में इतने साल रहने के बाद भी कहते थे कि किसी दिन खंडवा वापस जाऊंगा, दूध-जलेबी खाऊंगा और वापस वहीं बस जाऊंगा. राजकुमार हिरानी ने कहा कि मैं हमेशा से यह जानना चाहता था कि कैसी भूमि है जहां इतना बड़ा कलाकार पैदा हुआ, जिसकी आवाज सदियों तक गूंजती रहेगी.  recent visitors 72

‘विदेश से पैसा भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करना जरूरी’, आरबीआई गवर्नर ने बताया कारण

सितंबर में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 1.84 फीसदी पर, खाद्य पदार्थों की कीमतों में उछाल से बढ़ोतरी  खाद्य पदार्थों के महंगे होने से थोक मूल्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 1.84 फीसदी हो गई 'विदेश से पैसा भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करना जरूरी', आरबीआई गवर्नर ने बताया कारण नई दिल्ली  सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के महंगे होने से थोक मूल्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 1.84 फीसदी हो गई। अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 1.31 फीसदी थी। पिछले साल सितंबर में यह 0.07 फीसदी घटी थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 11.53 फीसदी हो गई, जबकि अगस्त में यह 3.11 फीसदी थी। इसकी वजह सब्जियों की मुद्रास्फीति रही, जो सितंबर में 48.73 फीसदी बढ़ी थी। अगस्त में यह 10.01 फीसदी घट गई थी। आलू की मुद्रास्फीति सितंबर में 78.13 और प्याज की 78.82 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर बनी रही। ईंधन और बिजली श्रेणी में सितंबर में 4.05 फीसदी की अपस्फीति देखी गई, जबकि अगस्त में 0.67 प्रतिशत की अपस्फीति हुई थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सितंबर, 2024 में मुद्रास्फीति की सकारात्मक दर मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों, खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलरों के निर्माण, मशीनरी और उपकरणों के निर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण है। खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है आरबीआई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। आरबीआई ने इसी महीने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य ब्याज दर या रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े दिन में जारी किए जाएंगे। 'विदेश से पैसा भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करना जरूरी', आरबीआई गवर्नर ने बताया कारण  भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को विदेशों से धन भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि नई प्रौद्योगिकी और भुगतान प्रणाली का उपयोग सीमा पार भुगतान में तेजी लाने और विस्तार के लिए किया जा सकता है। दास ने 'सेंट्रल बैंकिंग एट क्रॉसरोड्स' विषय पर आयोजित सम्मेलन के दौरान कहा, "भारत सहित कई उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सीमा पार पीयर-टू-पीयर (पी2पी) भुगतान की संभावनाओं को तलाशने के लिए धन प्रेषण पहला कदम है। हमारा मानना है कि इस तरह के धन प्रेषण की लागत और समय को काफी कम करने की अपार संभावनाएं हैं।" इसके अलावा, उन्होंने कहा कि डॉलर, यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख व्यापारिक मुद्राओं में लेनदेन निपटाने के लिए वास्तविक समय सकल निपटान (आरटीजीएस) के विस्तार की व्यवहार्यता द्विपक्षीय या बहुपक्षीय व्यवस्था के माध्यम से तलाशी जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत और कुछ अन्य अर्थव्यवस्थाओं ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों तरीकों से सीमा पार तीव्र भुगतान प्रणालियों के संपर्क का विस्तार करने के प्रयास पहले ही शुरू कर दिए हैं। आरबीआई की ओर से शुरू किए गए ई रूपी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कुशल सीमा पार भुगतान की सुविधा प्रदान करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते हुए, मानकों और अंतर-संचालन में सामंजस्य सीबीडीसी को सीमा पार भुगतान और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी गंभीर वित्तीय स्थिरता चिंताओं को दूर करने में सक्षम बनाएगा। आरबीआई गवर्नर ने बैंकिंग क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे साइबर हमले और आंकड़ों के लीक होने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, "बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को इन सभी जोखिमों के खिलाफ पर्याप्त जोखिम उपाय करने चाहिए। बैंकों को एआई और बिगटेक फायदों का लाभ उठाना चाहिए।"   recent visitors 81

कानपुर में दो ट्रकों के बीच चल रही थी कार, आगे वाले ने लगाए ब्रेक तो पीछे वाले ने मार दी टक्कर, 5 की मौत

कानपुर कानपुर के भौती हाईवे पर सोमवार सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे में पीएसआईटी इंजीनियिरंग कॉलेज के चार छात्रों समेत पांच की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के समय चारों स्टूडेंट्स कार से कॉलेज जा रहे थे। भौती चौराहे के पास पहुंचने पर कार ट्राले में जा घुसी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी काट कर पांचों शवों को बाहर निकालकर तत्काल पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। सनिगवां निवासी विजय साहू पीएसआईटी के बीटेक फोर्थ ईयर के छात्र प्रतीक, थर्ड ईयर के सतीश और गरिमा और फर्स्ट ईयर की आयुषी को कार में बैठाकर सोमवार सुबह कॉलेज में छोड़ने जा रहे थे। अभी कार भौती चौराहे के पास पहुंची थी। तभी एकाएक आगे चल रहे ट्राले ने अचानक ब्रेक मारी। अनियंत्रित का ट्राले में जा घुसी। इसी बीच पीछे से आ रहा ट्रक भी कर में जा घुसा। इस दर्दनाक हादसे में ड्राइवर समेत चारों स्टूडेंट की मौके पर ही मौत हो गई। कंट्रोल रूम की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गैस कटर की सहायता से कार को काटकर शवों को बाहर निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पनकी इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है। परिजनों से बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आगे चल रहे ट्रक ने लगाया ब्रेक बताया जा रहा है कि भौती में आगे चल रहे ट्रक वाले ने किसी वाहन को मुड़ता देख ब्रेक लगा दिया। आगे वाले ट्रक द्वारा ब्रेक लगाए जाने के बाद कार चालक भी ब्रेक लगाया लेकिन इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार के ट्रक ने कार में टक्कर मार दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे चल रहे ट्रक में जाकर टकरा गई और आगे तथा पीछे ट्रक से टक्कर होने के कारण कार पिचक गई। हादसे के बाद उसमें सवार लोग दब गए। इस हादसे में कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज के चार स्टूडेंट और एक चालक की मौत हुई है। मृतकों की पहचान बीटेक की छात्रा आयुषी पटेल और गरिमा त्रिपाठी तथा छात्र प्रतीक सिंह और सतीश के रूप में हुई। इसके अलावा कर चला रहा चालक विजय साहू की भी मौत हो गई। विजय साहू सनिगवां का रहने वाला था। कार को कटर से काटकर निकाले गए शव हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान आगे और पीछे दोनों तरफ से ट्रक से दब जाने के चलते कार में सवार लोग भी दब गए थे। काफी मशक्कत के बाद भी उनका शव बाहर नहीं निकाला जा सका। उसके बाद पुलिस द्वारा कटर मंगाया गया। कटर मंगाने के बाद कार को काटकर उसमें फंसे सभी लोगों का शव बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी देते हुए डीसीपी वेस्‍ट राजेश कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। मरने वाले सभी लोगों की डेड बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।     recent visitors 116