हाइफ़ा पर हिज़्बुल्लाह का ‘सबसे बड़ा’ रॉकेट हमला, इजरायल की कमजोर नस बनी !

तेल अवीव हिज्बुल्लाह ने हाइफा की खाड़ी में ताबड़तोड़ करीब 100 रॉकेट दागे. कुछ को इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया. लेकिन कुछ गिरे. जिससे दो लोगों की मौत हो गई. 8 जख्मी हो गए. किरयत श्मोना में 20 रॉकेट गिरे. मौत भी यहीं हुई है. ये एक कपल था, जो अपने कुत्ते के साथ घूम रहा था. इन्हें प्रोटेक्टिव बंकर में घुसने का मौका नहीं मिला. इसलिए रॉकेट से निकले शार्पेनल की वजह से मारे गए. हाइफा की खाड़ी के पास वाले इलाके में तीन लोग बुरी तरह से जख्मी हुए हैं. इजरायली फोर्स ने कहा कि हिज्बुल्लाह के रॉकेट खुले इलाके में गिरे हैं. कुछ को हमने रोक दिया. इजरायली पुलिस और बम स्क्वाड किरयत श्मोना में कई घरों की जांच की है. पुलिस ने लोगों को ऐसी जगहों पर जाने को मना किया है, जहां पर रॉकेट गिरे हों. क्योंकि उनमें जिंदा विस्फोटक होने की आशंका है. अगर वो फटे तो नुकसान हो सकता है. आइए जानते हैं हाइफा के बारे में… येरूसल और तेल-अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर हाइफा है. 2022 के मुताबिक यहां करीब तीन लाख लोग रहते हैं. यहां पर सबसे ज्यादा बहाई समुदाय के लोग रहते हैं. माउंट कारमेल के पठारी ढलानों पर बसे इस शहर का इतिहास 3000 साल पुराना है. कांस्य युग में स्थापित हुए इस शहर सबसे पहले डाई (Dye) बनाने का काम होता था. पूरी दुनिया में यह इसी काम के लिए प्रसिद्ध था. यहां कई साम्राज्य आए और गए. बेबिलोनियन, पर्सियन, इजरायलाइट्स आदि. 1948 की फिलिस्तीन जंग में जब हाइफा में युद्ध हुआ तो यहां की अरब आबादी शहर छोड़कर भाग गई थी. इसके बाद यह शहर इजरायल का हिस्सा बन गया. हाइफा एक बंदरगाह शहर है. खाड़ी का इलाका करीब 63.7 वर्ग किलोमीटर का है. इजरायली रक्षामंत्री ने दी ईरान को चेतावनी इजरायल के रक्षामंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि ईरान ने 1 अक्तूबर को बड़ा हमला किया था. लेकिन उसे जबाव में तगड़ा हमला मिलेगा. उसका हमला आक्रामक था लेकिन सटीक नहीं. हमारा हमला घातक और पिनप्वाइंट एक्यूरेट होगा. सबसे जरूरी बात कि ये हैरान कर देगा. उन्हें पता भी नहीं कि उनके साथ क्या होने वाला है. इस बीच द जेरुसलम पोस्ट ने रिपोर्ट किया है कि इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमला नहीं करेगी. उसका फोकस मिलिट्री बेस और इंटेलिजेंस साइट्स होंगे.   recent visitors 89

बाड़मेर में सूअरों का आतंक, कलेक्टर टीना डाबी ने पेश किया सूअरों के आतंक का समाधान

बाड़मेर  राजस्थान के बाड़मेर में आईएएस टीना डाबी की मौजूदगी में जिला परिषद के बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में सूअरों के आतंक का मुद्दे को लेकर बवाल उठा। इस दौरान धनाउ प्रधान ने सूअरों के आतंक को लेकर नाराजगी व्यक्ति की और इसका समाधान पूछा। इस पर डीएफओ ने जो जवाब दिया, उससे बैठक में मौजूद सभी लोग भी हंस पड़े। इस दौरान डीएफओ सविता दहिया ने तंज कसा। सविता दहिया ने सूअरों के आतंक को लेकर यहां तक कह दिया कि हम यहां से पकड़कर सूअरों को पाकिस्तान छोड़ सकते हैं और क्या कर सकते हैं? बाद में बाड़मेर कलेक्टर आईएएस टीना डाबी ने हस्तक्षेप कर मामले को संभाला। टीना डाबी ने कहा कि वो सूअरों को पकड़वाकर नीलामी करवाएंगी। 'यहां से सूअरों को पकड़ कर पाकिस्तान छोड़ सकते हैं, और क्या?' जिला परिषद् की बैठक में आवारा सूअरों के आतंक को लेकर मुद्दा काफी गर्माया। इस दौरान धनाउ प्रधान शम्मा खान ने अधिकारियों से पूछा कि चैहटन, सेड़वा सहित पूरे जिले में सूअरों का आतंक है। उन्होंने बताया कि सूअर कई बार बच्चों, बुजुर्गों पर भी अटैक कर चुके हैं। सूअर किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं। आखिर किसानों को इससे कैसे निजात मिलेगी? इसका क्या सॉल्यूशन है? प्रधान शम्मा खान की बात का जवाब देते हुए डीएफओ सविता दहिया ने तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि हम इन सूअर को पकड़ कर पाकिस्तान छोड़ सकते हैं और क्या कर सकते हैं। यह सुनकर बैठक में मौजूद लोग भी मुस्कुराए बिना नहीं रह पाए। ब्लॉक वाइज सूअरों का ऑक्शन करवाएंगे: टीना डाबी जिला परिषद में सूअरों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बाद में कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि 'सूअरों के आतंक का मामला गंभीर है। मैं जब से आई हूं, ऐसी शिकायतें ज्यादा आ रही है। जनप्रतिनिधियों और किसानों ने बताया है कि मवेशियों के बच्चों और इंसानों पर सूअरों ने अटैक किया है। हम इसमें जल्द ब्लॉक वाइज अखबार में विज्ञापन देकर ऑक्शन (नीलामी) करवाएंगे। हम अखबार में नोटिस देंगे, अगर सुअर किसी के पालतू है तो इन्हें ले लीजिए। अन्यथा हम सूअरों की नीलामी करवा देंगे। यह सब काम विकास अधिकारी के जरिए होगा।' recent visitors 156

जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए संघ के नाम का अनावश्यक रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं :RSS

तिरुवनंतपुरम केरल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राज्य विधानसभा के अंदर सत्तारूढ़ और विपक्षी सदस्यों द्वारा संगठन के खिलाफ की गई कथित ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों के लिए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। दक्षिणपंथी संगठन ने कहा कि यह ‘निंदनीय’ है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सदन के अंदर और बाहर यह निराधार आरोप लगा रहे हैं कि इस साल आयोजित हुए त्रिशूर पूरम में व्यवधान पैदा करने के पीछे संघ का हाथ था। ‘त्रिशूर पूरम’ केरल के त्रिशूर में आयोजित होने वाला एक वार्षिक हिंदू मंदिर उत्सव है। यह हर साल पूरम के दिन त्रिशूर के वडक्कुनाथन मंदिर में आयोजित किया जाता है। संघ के वरिष्ठ नेता और प्रांत कार्यवाहक (उत्तर केरल) एन. ईश्वरन ने पूछा कि किस आधार पर वे ऐसी “गलत” बातें बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ नेता इस मामले को लेकर जल्द ही राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमशीर से मुलाकात करेंगे। संघ नेता ने आरोप लगाया कि मंत्री, विधायक और नेता प्रतिपक्ष सहित जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए संघ के नाम का अनावश्यक रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसकी अनुमति नहीं है। संघ के पास ऐसे विवादों में हस्तक्षेप करने का न तो समय है और न ही रुचि है।’’ ईश्वरन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विवादों में संघ का नाम घसीटने का प्रयास ‘दुर्भावनापूर्ण’ है और ऐसे प्रयासों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के त्रिशूर पूरम और सबरीमाला तीर्थयात्रा जैसे प्रतिष्ठित उत्सवों में जानबूझकर तनाव और विवाद पैदा करने के लिए ये आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रतिष्ठित त्रिशूर पूरम उत्सव में हुए व्यवधान को लेकर केरल विधानसभा में बुधवार को तीखी बहस हुई। विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की जानकारी में ऐसा हुआ जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने न्यायिक जांच की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि मामले की व्यापक जांच जारी है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ कुछ समय से यह आरोप लगा रहा है कि संघ नेताओं के साथ विजयन द्वारा गुप्त सहमति जताए जाने के बाद और उनकी जानकारी में उत्सव में व्यवधान पैदा किया गया। ऐसा कहा जाता है कि त्रिशूर पूरम अनुष्ठानों में कथित तौर पर पुलिस हस्तक्षेप हुआ था और इसके बाद हुए विवादों ने इस वर्ष अप्रैल में आयोजित वार्षिक उत्सव की चमक को फीका कर दिया था।   recent visitors 77

सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे

सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी अपने राज्यों में चलाएंगे 'कैच दी रेन' का  जन आंदोलन : सीआर पाटिल 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे सूरत  सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे। सूरत में बसे बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान मूल के व्यापारी इन राज्यों में सैकड़ों रिवर्स बोरिंग बनवाने में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके तहत 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विस्तृत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने शुक्रवार को सूरत के एक होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2021 में 'कैच दी रेन' की योजना बनाई थी। इसके तहत बरसाती पानी को बेकार बहने के बजाय उसे जमीन में नीचे उताकर भूमिगत जल को रिचार्ज किया जाएगा। इसके तहत खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में ही जमीन के नीचे के जल को रिचार्ज करेगा, जिसका बाद में कई तरह से उपयोग हो सकेगा। पाटिल ने कहा कि गुजरात में इस अभियान का अच्छा रेस्पांस देखने को मिला है। गुजरात में जन भागीदारी के तहत वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अभी तक 24 हजार 800 रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट आया था। सरकार ने इसके बाद राज्य में कार्यरत एनजीओ, संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों को साथ लेकर करीब 80 हजार रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट प्राप्त करने में सफलता पाई है। राज्य में कुल 2 लाख से ऊपर रिवर्स बोरिंग का लक्ष्य रखा गया है। सूरत में बसे मूल बिहार के व्यापारियों-उद्यमियों ने भी वहां के 5 राज्यों के सभी गांवों में बोर करने का निश्चय किया है। पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री के जल संचय जल भागीदारी को जन आंदोलन में परिवर्तित करने के तहत सूरत को अपना कर्मभूमि बनाने वाले मूल राजस्थान के व्यापारियों-उद्यमियों ने राजस्थान के सभी गांवों में 4-4 रिवर्स बोर के जरिये बरसाती पानी को जमीन में उतारने का निश्चय किया है। इसके अलावा जन भागीदारी के तहत ही मध्य प्रदेश में भी 3500 बोर बनाना तय किया है। इसी के तहत आगामी 13 अक्टूबर को शाम चार बजे सूरत के इनडोर स्टेडियम में कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें राजस्थान के मुख्मंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में सूरत के व्यापारी-उद्यमी रिवर्स बोर बनाने के लिए अपने-अपने मूल राज्य के गांवों के नामों की सूची सौंपेंगे। इन राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के लिए सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी के जरिए स्वागत कार्यक्रम भी किया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में गुजरात सरकार के मंत्री कनुभाई देसाई, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, सूरत के महापौर दक्षेश मावाणी, विधायक संगीता पाटिल, शहर भाजपा प्रमुख निरंजन झांझमेरा और उद्यमी सांवर प्रसाद बुधिया, प्रमोद चौधरी, कैलाश हाकिम तथा कई अन्य लोग मौजूद रहे।   recent visitors 93

असम : हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था

गुवाहाटी असम भाजपा अपने वर्तमान सदस्यता अभियान के तहत 60 लाख नए सदस्य बनाने के 100 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, असम में भाजपा की सदस्यता 58 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य इकाई ने हर एक विधानसभा क्षेत्र को 40 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखने को कहा था। कुल 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 91 ने पहले ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, “हमें पूरे असम में बेहतरीन प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इस त्योहारी सीजन में भी लोग हमारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। यह वाकई अभूतपूर्व है। केंद्रीय नेता भी हमारे प्रदर्शन से बहुत खुश हैं।” वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “असम के 91 विधानसभा क्षेत्रों में अब ‘बीजेपी सदस्यता 2024’ के तहत 40 हजार से ज्यादा सदस्य शामिल हुए हैं। बेहाली, करीमगंज उत्तर और मजबत निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को 40 हजार से ज्यादा सदस्य बनाने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई। 58.31 लाख नए सदस्यों के साथ असम भाजपा अपने निर्धारित लक्ष्य के 100 प्रतिशत के करीब है।” राज्य में भाजपा नेता सदस्यता अभियान में 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सीएम सरमा ने पहले कहा था, “हमारी पार्टी कॉलेज या विश्वविद्यालय चुनाव नहीं लड़ती है। हालांकि, उन्हें हमारी पार्टी का सदस्य बनाने में कोई रोक नहीं है। मैं ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा में युवाओं को शामिल करने पर जोर दें। वे भविष्य में इस देश के लिए हमारे मिशन को आगे बढ़ा सकते हैं।” इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कहा कि असम देश में पार्टी के सदस्यता अभियान में 85 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करके देश में सबसे आगे है।   recent visitors 85

यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के दिन 3 नवंबर को बंद किए जाएंगे

उत्तरकाशी  गंगोत्री धाम के कपाट अभिजीत मुहूर्त में अन्नकूट पर्व के अवसर पर 2 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के दिन 3 नवंबर को बंद किए जाएंगे। परंपरा अनुसार, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने के मुहूर्त शारदीय नवरात्र के अवसर पर तय किए जाते हैं।  गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने दोनों धामों के कपाट बंद करने के शुभ मुहूर्त की घोषणा की। गंगोत्री धाम में भगवती गंगा के कपाट 2 नवंबर को दोपहर 12:14 बजे बंद होंगे। मां भगवती गंगा की डोली गंगोत्री से प्रस्थान कर रात्रि में भगवती मंदिर मारकंडेय में विश्राम करेगी और 3 नवंबर को मुखवा गांव में शीतकालीन प्रवास के लिए विराजमान हो जाएगी। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने जानकारी दी कि परंपरा अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने का मुहूर्त शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन तय किया जाता है। इस वर्ष, मां गंगा की डोली 3 नवंबर को अपने मायके मुखवा में छह महीने के शीतकालीन प्रवास के लिए पहुंचेगी। इस अवसर पर मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। यमुनोत्री धाम के कपाट भी परंपरानुसार दशहरे के दिन तय किए गए मुहूर्त के अनुसार 3 नवंबर को भैया दूज पर बंद होंगे। यमुनोत्री धाम के रावल आशीष उनियाल ने बताया कि 3 नवंबर को सोमेश्वर देवता की डोली के साथ मां यमुना की डोली खरसाली गांव के लिए रवाना होगी, जहां शीतकालीन प्रवास होगा।   recent visitors 107

राशिफल शनिवार 12 अक्टूबर 2024

मेष राशि- धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। सन्तान के स्वास्थ्‍य में सुधार होगा। रहन-सहन में कुछ दि‍क्‍कतें बनी रहेंगी। भवन के रखरखाव एवं साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। अपनी भावनाओं को वश में रखें। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। वृषभ राशि- पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। सन्तान को कष्ट होना। खर्च भी बढ़ेंगे। यात्रा पर जा सकते हैं। घर-परिवार में मांगलिक कार्य होंगे। भाई-बहन के सहयोग से कारोबार का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मिथुन राशि- क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। कारोबार का विस्तार हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। पिता का सहयोग मिलेगा। खर्च अधिक रहेंगे। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। धार्मि‍क कार्यों में रुचि‍ बढ़ेगी। कर्क राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। परिवार में शान्ति‍ के लिए प्रयास करें। किसी पुराने मित्र से पुनःसम्पर्क बन सकते हैं। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। मानसिक शान्ति रहेगी। शैक्ष‍िक कार्यों में सफलता के योग बन रहे हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी। सिंह राशि- आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। अफसरों का सहयोग मिलेगा। क्रोध की अधिकता रहेगी। खर्चों से परेशान हो सकते हैं। किसी मित्र के सहयोग से आय के साधन बन सकते हैं। बातचीत में सन्तुलन बनाए रखें। कन्या राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। अपनी भावनाओं को वश में रखें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। आय वृद्धि के साधन विकसित हो सकते हैं। तुला राशि- कार्यों के प्रति जोश एवं उत्साह रहेगा। माता-पिता का सानिध्य मिलेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। स्वास्थ्‍य का भी ध्यान रखें। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। वृश्चिक राशि- मन अशान्त हो सकता है। जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। परिश्रम अधिक रहेगा। माता-पिता का साथ रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान हो सकता है। नौकरी में कठिनाइयों का सामना हो सकता है। धनु राशि- आशा-निराशा के भाव मन में हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। परिवार से दूर किसी दूसरी स्थान पर जा सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में अफसरों का सहयोग मिलेगा। मकर राशि- मन अशान्त रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। कारोबार के लिए यात्रा पर जाना हो सकता है। स्वास्थ्‍य के प्रति सतर्क रहें। आय में कमी एवं खर्च अधिक की स्थिति रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। माता के सहयोग से धन की प्राप्‍त‍ि होगी। म‍ित्रों के साथ यात्रा के योग हैं। कुंभ राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मन अशान्त रहेगा। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। सन्तान के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। सन्तान को कष्ट होगा। मीन राशि- मानसिक शान्ति‍ रहेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। नौकरी में अफसरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। परिवार के साथ धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है। recent visitors 104