ग्वालियर में होगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी जिम्मेदारी संभाल रहे प्रचारकों का चार दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी सम-वैचारिक संगठनों के संगठन मंत्री और अन्य पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रचारकों का चार दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण वर्ग इस बार ग्वालियर में आयोजित किया जा रहा है। 1 से 4 नवंबर तक यह वर्ग चलेगा। इसके लिए 30 अक्टूबर को सभी प्रचारक ग्वालियर के केदारधाम सरस्वती शिशु मंदिर में एकत्र होंगे। इसमें सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और अखिल भारतीय टोली के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। स्वयंसेवकों के लिए संघ शिक्षा वर्ग की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने प्रचारकों के लिए भी समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन करता है। आमतौर पर हर पांच वर्ष में संघ की ओर से सभी सम-वैचारिक संगठनों के उन संगठन मंत्रियों का प्रशिक्षण वर्ग किया जाता है, जो पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, आरोग्य भारती, प्रज्ञा प्रवाह, चित्र भारती जैसे संगठनों में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में ग्वालियर में संघ के सम-वैचारिक संगठनों में कार्यरत प्रचारकों को संघ चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।   नए पाठ्यक्रम की बनेगी रूपरेखा संघ की स्थापना के अगले वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यही वजह है कि संघ इस वर्ग में अपने सम-वैचारिक संगठनों में भेजे गए प्रचारकों के प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने जा रहा है। संघ की अखिल भारतीय टोली की मौजूदगी में ही नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। इसमें संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित अन्य सहसरकार्यवाह भी उपस्थित रहेंगे। वर्ग के लिए संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत 30 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचने की संभावना है। 31 अक्टूबर को अखिल भारतीय टोली की बैठक हो सकती है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। recent visitors 100

कर्मचारियों के लिए वेतन एक या दो नवंबर को देने के स्थान पर 28-29 अक्टूबर को दे दिया जाए, अच्छे से मना पाएंगे दीपावली: मप्र सरकार

भोपाल दीपावली पर्व को देखते हुए सरकार 11 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को अक्टूबर का अग्रिम वेतन दे सकती है। वित्त विभाग ने इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस संबंध में प्रस्ताव दिया जा रहा है। अक्टूबर में कई त्योहार हैं। वेतन एक या दो नवंबर को देने के स्थान पर 28-29 अक्टूबर को दे दिया जाए। ऐसा होने से वह त्योहार अच्छे से मना सकेंगे। प्रदेश में नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों की संख्या 7 लाख और पेंशनरों की 4 लाख के आसपास है। इन्हें वेतन, पेंशन और भत्ते देने में लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये लगते हैं। प्रतिमाह एक-दो तारीख को वेतन का भुगतान किया जाता है, जिसके लिए कोषालय में बिल 28-29 तारीख को लगाए जाते हैं। मुख्यमंत्री का होगा अंतिम निर्णय दीपोत्सव को देखते हुए इस बार वेतन चार-पांच दिन पहले दिया जा सकता है, जिससे सभी कर्मचारी अच्छे से त्योहार मना सकें। इसके लिए वित्त विभाग ने पूर्व के उदाहरण देते हुए प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मुख्य सचिव अनुराग जैन के माध्यम से अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। संगठनों ने की अग्रिम भुगतान की मांग कर्मचारी संगठनों ने भी अग्रिम भुगतान की मांग सरकार से की है। संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने मांग की है कि दीपावली को देखते हुए 25 अक्टूबर तक संविदा और आउटसोर्स वाले सभी कर्मचारियों को अग्रिम भुगतान किया जाए, जिससे वे अच्छे से त्योहार मना सकें। recent visitors 115

बंगाल में ममता सरकार पर बरसे जेपी नड्डा, सत्ता में बैठे हैं उनके मन में करुणा आए, अन्याय के खिलाफ लड़ सकें

कोलकाता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हो रहे अन्याय से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दुर्गा पूजा में कोलकाता के एक दिवसीय दौरे पर आए नड्डा ने महानगर के प्रसिद्ध पूजा आयोजक संतोष मित्रा स्क्वायर के पूजा पंडाल का परिदर्शन के बाद यह बात कही। कोलकाता में सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म व हत्या के मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। नड्डा सुबह करीब 11 बजे कोलकाता पहुंचने के बाद महासप्तमी के अवसर पर सबसे पहले हावड़ा में रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ पहुंचे। दुर्गा पूजा में हुए शामिल नड्डा बेलूर मठ में दुर्गा पूजा में भी शामिल हुए। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार और बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी उनके साथ थे। यहां दर्शन पूजन के बाद नड्डा दोपहर में मध्य कोलकाता के संतोष मित्रा स्क्वायर पूजा कमेटी के पंडाल में पहुंचे, जिसके प्रमुख कोलकाता नगर निगम में भाजपा के पार्षद सजल घोष हैं। लास वेगास क्षेत्र की तर्ज पर बनाए गए इस पंडाल का परिदर्शन और देवी दुर्गा के समक्ष प्रार्थना करने के बाद नड्डा ने बंगाल में अन्याय से लड़ने के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा हमें नया जोश और तब तक अन्याय के खिलाफ लड़ने की नई ऊर्जा देती है, जब तक कि सत्य और न्याय की जीत न हो जाए। ममता सरकार पर बोला हमला जेपी नड्डा ने कहा, 'मां दुर्गा करुणा और शक्ति की प्रतीक हैं, लेकिन जब मैं बंगाल आता हूं और यहां महिलाओं के साथ हो रही क्रूरता देखता हूं तो मैं मां दुर्गा से विशेष प्रार्थना करता हूं कि यहां जो सत्ता में बैठे हैं उनके मन में करुणा आए और हम यहां हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ सकें।' उन्होंने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस की संस्कृति 'धमकी संस्कृति' बन गई है। गुंडागर्दी और कट मनी संस्कृति टीएमसी का पर्याय बन गई है। जनता हकीकत जानती है और मुझे पूरा भरोसा है कि वे टीएमसी को कड़ा सबक सिखाएंगे। नड्डा ने दुर्गा पूजा के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं और इस त्योहार के सांस्कृतिक महत्व तथा अन्याय से लड़ने की भावना को पुनर्जीवित करने में इसके महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद नड्डा ने बांग्ला को शास्त्रीय भाषा घोषित करने के केंद्र के हालिया फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने के वास्ते कोलकाता के न्यूटाउन स्थित एक पांच सितारा होटल में आयोजित प्रतिष्ठित हस्तियों की एक बैठक में भाग लिया। हाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बांग्ला सहित पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी है। recent visitors 82

नेशनल कॉन्फ्रेंस को मिल सकता है 4 और विधायको का साथ, जम्मू-कश्मीर में अपने दम पर बना सकती है सरकार

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए निर्वाचित सात निर्दलीय उम्मीदवारों में से तीन नेशनल कान्फ्रेंस में अपनी घर वापसी के लिए तैयार हैं। इनके अलावा कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले एक विजयी उम्मीदवार भी हाथ के बजाय हल (नेकां का चुनाव चिन्ह) थामने के मूड में हैं। वहीं, कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार को उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए जाने की भी चर्चा है। चुनाव परिणाम में सात निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। इनमें से तीन नेशनल कान्फ्रेंस के बागी हैं, जिन्होंने टिकट न मिलने पर पार्टी से नाता तोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीता है। राजौरी के थन्नामंडी सीट पर भाजपा के मोहम्मद इकबाल मलिक को 6179 वोटों के अंतर से हराने वाले पूर्व जज मुजफ्फर इकबाल खान का संबंध नेकां से रहा है। जज की नौकरी छोड़ थामा था नेकां का दामन मुजफ्फर खान को नेकां ने उम्मीदवार बनाने का वादा किया था, लेकिन कांग्रेस से गठबंधन समझौते में यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। पूर्व जज के पिता असलम खान 2002 में राजौरी से विधायक चुने गए थे। 2019 में मुजफ्फर खान ने जज की नौकरी छोड़कर नेकां का दामन थाम लिया था, लेकिन टिकट न मिलने पर निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतर पड़े और जीत गए। अब वह फिर से नेकां में शामिल हो जाएंगे। थन्नामंडी से कांग्रेस के मोहम्मद शब्बीर खान ने गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और हार गए। ये विधायक कर सकते हैं घर वापसी किश्तवाड़ जिले के इंद्रवाल से निर्दलीय चुनाव जीते प्यारे लाल शर्मा भी नेकां के सदस्य रहे हैं। नेकां-कांग्रेस गठजोड़ होने के कारण इंद्रवाल से गठबंधन की तरफ से कांग्रेस के मोहम्मद जफरुल्लाह ने चुनाव लड़ा। अपना टिकट कटने से नाराज प्यारे लाल शर्मा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत गए। वहीं नेकां में वापस जाने का एलान कर चुके हैं। पुंछ के सुरनकोट से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले चौधरी अकरम खान ने वर्ष 2014 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। कई निर्दवीय विधायक आ सकते हैं नेकां में करीब चार वर्ष पहले वह जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी का हिस्सा बने थे और कुछ समय बाद उन्होंने उससे नाता तोड़ नेकां का दामन थाम लिया था। सुरनकोट सीट से कांग्रेस के पक्ष में उम्मीदवार न उतारने के नेकां नेतृत्व के फैसले से आहत होकर अकरम खान ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीता। उन्होंने गठबंधन के उम्मीदवार मोहम्मद शहनवाज चौधरी को 8851 वोटों के अंतर से हराया है। ये सभी निर्दलीय नेकां में लौटने को तैयार हैं। सभी नेकां नेतृत्व के साथ लगातार संवाद और संपर्क बनाए हुए हैं। इंद्रवाल से निर्वाचित प्यारे लाल शर्मा तो बुधवार को किश्तवाड़ से श्रीनगर के लिए रवाना हुए हैं। उनके गुरुवार को नेकां विधायक दल की बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। ये निर्दलीय भी हैं कतार में जम्मू के छंब से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तारांचद को हराने वाले निर्दलीय सतीश शर्मा (कांग्रेस के बागी) भी कथित तौर पर नेकां में शामिल होने के मूड में हैं। नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी उनके साथ कथित तौर पर संपर्क किया है। यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व भी उन्हें मनाने का प्रयास कर रहा है। अलबत्ता, वह कांग्रेस नेतृत्व द्वारा की गई अपनी उपेक्षा से आहत हैं और लौटने के मूड में नहीं हैं। सतीश शर्मा से जब इस बावत संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन बंद था। वहीं कठुआ जिले के बनी में भाजपा उम्मीदवार व पूर्व विधायक जीवन लाल को हराने वाले निर्दलीय डा. रामेश्वर सिंह भी नेकां में जाने का मन बना चुके हैं और वह भी अगले एक दो दिन में हल के निशान वाला लाल झंडा थाम लेंगे। recent visitors 86

सीएम योगी ने दी प्रतिक्रिया, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को 1,78,173 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण जारी किया

लखनऊ केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्य सरकारों को 1,78,173 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण (टैक्स रिवॉल्यूशन) जारी किया है, इसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश को 31,962 करोड़ रुपये मिले हैं। त्योहारों से पहले मिली यह राशि राज्यों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कर हस्तांतरण के हिस्से के रूप में उत्तर प्रदेश को मिली धनराशि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया है। इंटरनेट मीडिया अकाउंट एक्स पर किए गए पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा कि, यह अग्रिम किस्त त्योहारों के मौसम की तैयारियों को बढ़ावा और पूरे राज्य में विकास व कल्याण की पहल को गति देगी। हम सभी मिलकर मजबूत व समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं।   recent visitors 83

इस वर्ष देश में विदेशियों का आगमन 10 मिलियन से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा

नई दिल्ली भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या में आने वाले समय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद की जा रही है। इस वर्ष ही देश में विदेशियों का आगमन 10 मिलियन से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बुकिंग डॉट कॉम द्वारा एक्सेंचर के सहयोग से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में विदेशी पर्यटकों का आगमन इस वर्ष 10.1 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2022 में 9.2 मिलियन से अधिक है। यह अभी भी 2019 में कोविड महामारी के पूर्व स्तर 10.9 मिलियन से कम है। 'हाउ इंडिया ट्रैवल्स 2024 – द इनबाउंड एडिट' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2025 तक कोरोना महामारी के पहले की आगमन की संख्या को भी पार कर जाएगा। विदेशी आगमन में देरी के बावजूद, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने समकक्षों की तुलना में भारत में पर्यटकों के खर्च में सुधार उल्लेखनीय रूप से तेज रहा है, जो 2023 तक 2019 के खर्च का 94 प्रतिशत हो गया है। इसी अवधि के दौरान भारतीय यात्रियों द्वारा औसत खर्च में भी 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और यूएई भारत के शीर्ष इनबाउंड स्रोत बाजारों के रूप में उभरे हैं। पहले चीन, कनाडा और बांग्लादेश जैसे देश भारत के स्रोत थे। यह एक बड़े बदलाव को भी दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, हम्पी, लेह और खजुराहो जैसे उभरते स्थलों की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस रिपोर्ट में लिमिटेड कस्टमाइजेशन ऑप्शन (49 प्रतिशत), बंडल ट्रैवल पैकेज की कमी (51 प्रतिशत), सूचनाओं का अतिभार (43 प्रतिशत) जैसी चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है। इनकी वजह से यात्रियों के अनुभव में बाधा आती है। कई अंतरराष्ट्रीय आगंतुक व्यक्तिगत यात्रा कार्यक्रम चाहते हैं। लेकिन, सहज यात्रा की योजना बनाने के लिए संघर्ष करते हैं। रिपोर्ट में उद्योग द्वारा डिजिटल संसाधनों में सुधार, सीधी उड़ानों का विस्तार, वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने और भारत की विविध यात्रा पेशकशों को बढ़ावा देकर इन मुद्दों को हल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। बुकिंग डॉट कॉम में भारतीय उपमहाद्वीप और इंडोनेशिया के कंट्री हेड संतोष कुमार के अनुसार, "भारत का इनबाउंड पर्यटन अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य के कारण अभूतपूर्व वृद्धि का अनुभव कर रहा है।" उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक-2024 में भारत का 39वें स्थान पर पहुंचना, जो 2021 में 54वें स्थान से ऊपर है, वैश्विक गंतव्य के रूप में देश की बढ़ती अपील को रेखांकित करता है। recent visitors 138

न्यायिक आयोग के सामने पेश हुए हाथरस सत्संग में 121 श्रद्धालुओं की मौत मामले में बाबा नारायण साकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के हाथरस सत्संग में 121 श्रद्धालुओं की मौत मामले में बाबा नारायण साकार हरि गुरुवार को लखनऊ स्थित सचिवालय में न्यायिक आयोग के सामने पेश हुए। इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया था। वकील डॉ. एपी सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत करते हुए बताया कि हाथरस में घटी दुखद घटना को लेकर बाबा नारायण साकार न्यायिक आयोग के सामने पेश हुए। उनसे करीब 2 घंटे से अधिक समय तक बयान लिए गए। बयान लेने के बाद उनको वापस भेज दिया गया, अब उनको यहां पर पेश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि ऐसी घटना पहले भी बहुत हुई है, मक्का मदीना में भी हो चुका है, लेकिन सनातन धर्म सॉफ्ट टारगेट है, इसलिए यहां ज्यादा हो जाता है। हम चाहते हैं कि ऐसा मैकेनिज्म बनना चाहिए, जिससे भविष्य में दोबारा जो सनातन विरोधी या राज्य सरकार विरोधी हो, वो ऐसी साजिश में कामयाब नहीं हो सके। जो गाइडलाइन तैयार की जाएगी, उसको हम भी और सेवादार भी फॉलो करेंगे। उसको पुलिस और शासन-प्रशासन भी फॉलो करेगी। वकील ने आगे बताया कि क्रिमिनल केस में चार्जशीट फायर हो चुकी है, 11 लोगों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है और जो दूसरे एंगल पर जांच चल रही है, वो सही ढंग से हो रही है। एसपी हाथरस पर हमें पूरा भरोसा है। जो हमने 1,100 शपथ पत्र और देव प्रकाश मधुकर की तरफ से लिखित शिकायत दी है, उस पर पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। कोई भी दोषी नहीं बचना चाहिए और कोई निर्दोष फंसना नहीं चाहिए। वकील ने हादसे को साजिश बताते हुए कहा कि घटना वाले दिन 15-16 युवकों ने जहरीला स्प्रे किया और वहां से भाग गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन जुलाई को हाथरस त्रासदी और भगदड़ के पीछे किसी साजिश की संभावना की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया था। इस हादसे में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर सहित अन्य सेवादारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, प्राण घातक हमला करने, गंभीर चोट पहुचाने, लोगों को बंधक बनाने, निषेध्याज्ञा का उल्लंघन करने और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इन पर यह भी आरोप था कि सत्संग में 80 हजार लोगों के जुटने की शर्त का उल्लंघन कर ढाई लाख लोगों की भीड़ जुटाई गई। यातायात प्रबंधन में भी मदद नहीं की गई। मामले में पुलिस ने एक अक्टूबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। 3,200 पेज की इस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, राम प्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि 2 जुलाई को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में नारायण साकार हरि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। उनका काफिला निकालने के लिए सेवादरों ने भीड़ को रोक दिया था, इस दौरान उनकी चरण रज लेने की होड़ में लोग गिरते गए। इस मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। recent visitors 78