रेलवे ने संधारण कार्य के लिए मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक के कारण कई ट्रेनों को निरस्त करने का निर्णय लिया

ग्वालियर उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में पुल क्रमांक 110 के संधारण कार्य के लिए मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक के कारण रेलवे द्वारा कई ट्रेनों को निरस्त करने के साथ ही कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया है। इनमें तीन ट्रेनें ग्वालियर से होकर गुजरती हैं। इन तीनों ट्रेनों को मार्च से लेकर अप्रेल माह के बीच परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। रेलवे (Indian Railways) द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार बरौनी से चलकर ग्वालियर आने वाली ट्रेन 11124 बरौनी-ग्वालियर मेल को 19 मार्च से लेकर 29 अप्रेल के बीच वाया वाराणसी, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए संचालित किया जाएगा। इसी प्रकार ट्रेन 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस (MUZAFFARPUR JN SURAT EXPRESS) 23 व 30 मार्च, 6,13, 20 व 27 अप्रेल तथा ट्रेन 15045 गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस (GORAKHPUR OKHA EXPRESS) को 20 व 27 मार्च, तीन, 10, 17 व 24 अप्रेल को गोरखपुर, औडि़हार, जौनपुर, फाफामऊ, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए संचालित किया जाएगा। recent visitors 42

प्रयागराज महाकुंभ में रेलवे ने दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों का संचालन किया, जिससे श्रद्धालुओं सहायता मिली

जबलपुर  प्रयागराज महाकुंभ के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने भारी यात्री दबाव के मध्य ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करने जोर दिया। इस समयबद्धता से रेलपथ पर अतिरिक्त ट्रेनों के लिए जगह बनी। दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों के संचालन की सफलता प्राप्त की, जिससे श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक पहुंचाने में सहायता मिली। पमरे का यह प्रयास अब दूसरे रेल जाने के लिए भी मॉडल बन गया है। अब प्रत्येक पर्व एवं मेला के दौरान यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर पमरे की नीति पर समस्त रेल जोन में ट्रेन संचालन की तैयारी है। इसके लिए रेलवे की ओर से तैयारी की जा रही है। वहीं, पमरे के प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था भी कारगर रही है, जिसके कारण कहीं पर भी कोई अराजकता की स्थिति निर्मित नहीं हुई। सौ की जगह दो सौ से ज्यादा ट्रेनें चलाई पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर और भोपाल रेल मंडल होकर रेलपथ महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात सहित दक्षिण भारत के राज्यों को प्रयागराज से जोड़ता है। इन राज्यों से आने वाली ट्रेनें कटनी-मानिकपुर के रास्ते प्रयागराज पहुंचती हैं। कटनी-मानिकपुर के मध्य सामान्य दिनों में 100-125 यात्री ट्रेनें संचालित होती हैं, जहां पर महाकुंभ के दौरान प्रतिदिन दो सौ से ढाई सौ ट्रेनें संचालित हुईं। नियमित ट्रेनों के साथ ही स्पेशल ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करके पमरे ने अतिरिक्त ट्रेनों के लिए रेलपथ में गुंजाइश बनाया। महाकुंभ में रेल जोन में सबसे अधिक ट्रेनों को चलाया जा सका। पहले से की तैयारी, सामंजस्य बैठाया महाकुंभ के दौरान भीड़ बढ़ने और प्रयागराज से नजदीकी को ध्यान में रखकर पमरे ने अतिरिक्त ट्रेन के रैक तैयार किए। आवश्यकता होने पर कम यात्री संख्या वाली ट्रेनों को चिह्नित करके रखा। इसके कारण प्रयागराज में जब भी भीड़ बढ़ी और आवश्यकता होने पर तुरंत ट्रेन के अतिरिक्त रैक उपलब्ध कराने में सफल रहा। इससे यात्री परिवहन की निरंतरता बनाई रखी जा सकीं। भीड़ का आंकलन करके सतना, मैहर, कटनी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन के बाहर तीन से चार हजार वर्गफीट के अस्थाई यात्री विश्राम स्थल विकसित किए। वहां पेयजल, शौचालय से लेकर चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराया। बेहतर सुविधा मिलने से यात्री स्टेशन के बाहर ही रुके। ट्रेन आने पर प्लेटफार्म में प्रवेश दिए जाने से कहीं पर भी भीड़ अनियंत्रित नहीं हुई। recent visitors 35

कोरोना के बाद AC कोचो का बड़ा चलन, रेलवे ने जारी किया आकड़ा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे के जरिए रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. यात्रियों के लिए रेलवे हजारों की संख्या में ट्रेन चलाता है. भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. सामान्य तौर पर बात की जाए तो अगर कोई कहीं जाना चाहता है और दूर का सफर तय करना चाहता है. तो ऐसे में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. बीते कुछ सालों में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. लेकिन जब पूरी दुनिया की तरह भारत भी कोविड-19 की चपेट में था. तो महामारी के बाद जब चीजें सामान्य हुईं. तो ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बदलाव देखने को मिला. थर्ड एसी में ट्रैवल करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हैरान कर देंगे रेलवे के जारी किए गए आंकड़े. कोरोना के बाद बढ़े थर्ड एसी के यात्री साल 2019 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था. तब से ही लोग साफ सफाई को लेकर सजग रहने लगे. इसके बाद लोगों की जिंदगी में कई आदते पूरी तरह से बदल गईं. वहीं कोरोना महामारी के बाद बात की जाए तो भारतीय रेलवे में सफर करने वालों यात्रियों की संख्या में भी काफी बदलाव हुआ. हाल ही में रेलवे की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में यह बात सामने निकल कर आई कि कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों में पहले जो यात्री स्लीपर में सफर करते थे. वह यात्री थर्ड एसी में सफर करने लगे हैं. कोविड के बाद थर्ड एसी पैसेंजर्स की संख्या में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. आंकडे कर देंगे हैरान कोरोना महामारी के बाद से लेकर अब तक के 5 सालों में एसी थर्ड से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. साल 2019-20 में 11 करोड़ यात्री थर्ड एसी से सफर करते थे. यानी कुल यात्रियों का 1.4% ही. वहीं साल 2024-25 की बात की जाए तो इसमें 19% का इजाफा हुआ है. और यात्रियों की संख्या 26 करोड़ हो गई है. साल 2019-20 में जहां थर्ड एसी से भारतीय रेलवे ने 12,370 करोड रुपये का राजस्व कमाया था. तो वहीं साल 2024 25 में यह बढ़कर 30,089 करोड़ हो गया है. यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. बता दें कोरोना महामारी से पहले यानी 2019-20 तक रेलवे के राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान स्लीपर क्लास के यात्रियों में हुआ करता था. लेकिन इस बार थर्ड एसी के यात्रियों का राजस्व सबसे ज्यादा है. recent visitors 57

Train Cancel: इस रूट की 50 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल

नई दिल्ली भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसने अपनी जिंदगी में कभी ट्रेन से सफर न किया हो. रोजाना भारतीय रेलवे के जरिए देश में करोड़ों की संख्या में यात्री एक शहर से दूसरे शहर सफर करते हैं. इन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की तरफ से 13000 से भी ज्यादा पैसेंजर गाड़ियां चलाई जाती हैं. अक्सर जब किसी को कहीं दूर का सफर तय करना होता है. तो ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन ही होती है. ट्रेन के सफर में आपको बाकी अन्य साधनों से ज्यादा सहूलियत मिलती है. हाल ही में आयोजित हुए महाकुंभ में भी भारतीय रेलवे की ओर से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं को प्रयागराज पहुंचाया गया था. लेकिन हाल ही में भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर आई है. रेलवे ने अगले महीने कई ट्रेनों को किया है कैंसिल. सफर पर जाने से पहले देख लें इन ट्रेनों की लिस्ट. अगले महीने इन ट्रेनों को किया है कैंसिल भारतीय रेलवे को रेलवे के संचालन को दूर दराज तक के इलाकों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग रूटों पर नई-नई रेल लाइन जोड़नी पड़ती है. इसके अलावा रेलवे को कई बार रेल ट्रेक्स का रखरखाव भी करना होता है. इन सभी कामों के लिए रेलवे को कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. ऐसा ही इस बार हुआ है. रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक डोमिनगढ़-गोरखपुर रेलखंड पर रेल लाइन जोड़ने का काम किया जाना है. इस वजह से कई ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 15047 कोलकाता-गोरखपुर एक्स. 14 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15211/12 दरभंगा-अमृतसर एक्स. 16 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15031/32 गोरखपुर-लखनऊ जं. एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15065 पनवेल-गोरखपुर एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22531/32 छपरा-मथुरा जं. एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस 16 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15005 गोरखपुर-देहरादून एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19409 साबरमती-गोरखपुर एक्स. 17 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15068 बांद्रा टर्मिनेस-गोरखपुर 18 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19410 गोरखपुर-साबरमती 19 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर 19 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14010 आनंद विहार टर्मिनस-बापूधाम मोतीहारी 19 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14009 बापूधाम मोतीहारी-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20104 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12571 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12572 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 21 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12595 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 21 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर12596 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 22 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22549/50 वंदे भारत एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल recent visitors 40

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों के कब्जे में पूरी ट्रेन, 200 लोग अभी भी बने हुए हैं बंधक, बंधकों को छुड़ाने में पाकिस्तानी सेना के छूट रहे पसीने

क्वेटा पाकिस्तान के बलूच अलगाववादी विद्रोहियों ने बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक ट्रेन पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया है। ट्रेन में 200 से ज्यादा बंधक मौजूद हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल जूझ रहे हैं। ये ट्रेन बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर के लिए जा रही थी। बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा से 160 किमी की दूरी पर सिबी शहर के पास पहाड़ी इलाके में ट्रेन पर हमला किया, जब यह क्षेत्र में पड़ने वाली कई सुरंगों से गुजर रही थी। बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और बंधकों के कब्जे में होने का दावा किया है। अब तक क्या हुआ? पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर को जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से 160 दूर सुरंगों की शृंखला से गुजर रही थी, उस दौरान उस पर हमला किया गया। 9 डिब्बों वाली ट्रेन में 400 से ज्यादा यात्री सवार थे। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए सैन्य अभियान जारी है। अधिकारियों ने अब तक 104 बंधकों को छुड़ाने का दावा किया है। क्वेटा में पाकिस्तान रेलवे के एक अधिकारी के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों समेत लगभग 70 यात्री हमले की जगह से लगभग 6 किमी दूर पानिर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में नौ बोगियां जिनमें तकरीबन 500 लोग सवार हैं, जिनमें सेना और सीक्रेट एजेंट की भी अच्छी-खासी तादाद है. पेशावर जा रही ट्रेन जैसे ही टनल में घुसी, उसी वक्त घात लगाकर बैठे बलूच विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया. ताजा खबर के मुताबिक अभी तक 104 बंधकों को छुड़ा लिया गया है. रेस्क्यू कराए गए बंधकों में 50 से ज्यादा पुरुष, 30 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे भी हैं. पाकिस्तानी सेना के लिए कितना मुश्किल है रेस्क्यू ऑपरेशन? सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए हैं. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि पेहरा कुनरी और गदालर के बीच जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर फायरिंग कर बीएलए के आतंकियों ने उस पर कब्जा किया था. ठ्रेन को टनल नंबर 8 में रोका गया. बोलन के जिला पुलिस अधिकारी राणा मुहम्मद दिलावर का कहना है कि यह पूरा इलाका पहाड़ी है, जो सुरंगों से पटा पड़ा है. उन्होंने बताया कि हाईजैक हुई ट्रेन इस समय बोलन दर्रे में खड़ी है. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है, जिस वजह से मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है. इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें भी हैं. इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इन सब चुनौतियों के बावजूद सेना का मनोबल बना हुआ है. बता दें कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. BLA की मांग है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग किया जाए. BLA की सबसे प्रमुख मांग है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सरकार या सुरक्षा एजेंसी का कोई भी नुमांइदा वहां नहीं होना चाहिए. इसके अलावा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी बलूचिस्तान से होकर गुजरता है. BLA इसका विरोध करती है. पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने 16 बलूच चरमपंथियों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों का खंडन किया है और इसे पाकिस्तानी आर्मी का प्रोपेगैंडा बताया है। बीएलए ने बंधकों को छुड़ाने की खबरों को भी खारिज किया और दावा किया कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इंसानियत के नाते छोड़ा गया है। समूह ने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है और उनका स्थिति पर पूरा नियंत्रण है। हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी समूह ने दावा किया कि उन्होंने कम से कम छह सैन्य कर्मियों को मार दिया और रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया, जिससे ट्रेन को रुकना पड़ा। बीएलए ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने कोई अभियान शुरू किया तो बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। इसके साथ ही बीएलए ने बलूच राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है और 48 घंटे तक इसके पूरा न होने पर हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी दी है। कैसे बीएलए की बढ़ी ताकत? विश्लेषकों का मानना है कि बीएलए की बढ़ती ताकत और उसका मुकाबला करने में राज्य की विफलता पुरानी रणनीतियों पर उसकी निर्भरता को दर्शाती है। वाशिंगटन डीसी में स्थित बलूचिस्तान विशेषज्ञ मलिक सिराज अकबर ने कहा कि बीएलए छोटे पैमाने पर हमले करने से लेकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन करने तक विकसित हो गया है। समूह अब यात्री ट्रेन पर हमला कर रहा है, जो दिखाता है कि सरकार के पास उन्हें रोकने की क्षमता नहीं है। इसके साथ ही समूह अब मीडिया में बने रहने के तरीकों को सीख गया है, जो उसे नए लड़ाकों की भर्ती के लिए आकर्षित करने में मदद कर रहा है। ट्रेन पर हमले के बाद समूह ने लगातार सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है, जिसमें लगातार घटनाक्रम पर अपडेट दिया है। यही नहीं, इसने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों को भी गलत ठहराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है। जिस इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वह दुर्गम पहाड़ी दर्रा है, जहां मोबाइल नेटवर्क और संसाधन पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में पाकिस्तानी आर्मी के लिए एक कड़ा अभियान चलाने में मुश्किल आ रही है। BLA ने बलूच कैदियों की रिहाई के लिए पाक सरकार को दिया 48 घंटे का … Read more

पाकिस्‍तान :बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने ट्रेन को हाईजैक किया, 500 यात्री बंधक, 6 पाकिस्‍तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया है। इस ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार हैं। बलूचिस्तान के अलगाववादी गुट बीएलए ने एक बयान जारी कर ट्रेन पर कब्जा करने का दावा किया है। गुट का कहना है कि ट्रेन को हाईजैक करने की कोशिश पाकिस्तान के छह सैन्यकर्मी भी मारे गए हैं। इस संघर्ष के बाद उन्होंने ट्रेन को काबू करते हुए 100 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाने का दावा किया है। हालांकि बंधकों की सही संख्या की जानकारी नहीं मिल सकी है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार की ओर से अभी तक कोई बयान इस संबंध में नहीं आया है। सेना ने भी इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा है। हाईजैक हुई ट्रेन पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी, तभी उस पर हमला हुआ। पाक अखबार डॉन के मुताबिक रेलवे नियंत्रक मुहम्मद काशिफ ने बताया कि नौ डिब्बों वाली इस ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार थे। ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग बंधक बनाए गए हैं। महिला, बच्चों और बलूच लोगों को छोड़ देने का दावा किया जा रहा है। टनल पर रोकी गई है ट्रेन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हथियारबंद लोगों ने जाफर एक्सप्रेस नाम की इस ट्रेन को बलूचिस्चान में टनल 8 पर रोक रखा है। लंबे समय से बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लड़ रहे गुट बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ट्रेन को हाईजैक करने के बाद जारी बयान में कहा गया है कि बंधकों में पाकिस्तानी सेना के जवान और सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य शामिल हैं। बीएलए ने कहा है कि उनकी बात ना माने जाने पर इनको नुकसान पहुंचाया जा सकता है। बीएलए ने कहा है कि उन्होंने ट्रेन में महिलाओं, बच्चों और बलूच यात्रियों को रिहा कर दिया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी बंधक पाकिस्तानी सेना के ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि विदेशियों को बंध बनाने का उनका इरादा नहीं है। बलूचिस्तान में अलगाववादी बीएलए और पाकिस्तानी सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। ट्रेन हाईजैक की ये घटना इस संघर्ष के तेज होने का इशारा करती है। बीएलए लंबे समय से इस क्षेत्र में स्वायत्तता की मांग कर रहा है। बीएलए लड़ाके पहले भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले करते रहे हैं। हालांकि ट्रेन को हाईजैक करने का ये अपनी तरह का पहला मामला है। बलूचिस्तान प्रांत में बताया जा रहा है कि बोलान इलाके में ट्रेन सुरंग के अंदर पहुंची, जब यह हमला हुआ. मसलन, ट्रेन सुरंग नंबर 8 में ट्रेन जैसे ही पहुंची और ट्रैक पर धमाका हो गया. ट्रेन रुक गई और हमलावरों ने ट्रेन के इंजन पर फायरिंग की और इसमें ड्राइवर जख्मी हो गया. क्वेटा से पेशावर तक चलती है जाफर एक्सप्रेस जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से पेशावर के बीच हर रोज चलती है. यह एक यात्री ट्रेन है. ये ट्रेन रोहरी-चमन रेलवे लाइन और कराची-पेशावर रेलवे लाइन के एक हिस्से के साथ यात्रा करते हुए, 1,632 किलोमीटर (1,014 मील) की दूरी तय करती है. ये दूरी कवर करने में ट्रेन को 34 घंटे 10 मिनट लगते हैं. पाकिस्तानी सेना के 100 से ज्यादा जवान भी बंधक बलूच लिब्रेशन आर्मी ने एक बयान में कहा है कि उनके पास 100 से भी ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवान बंधक हैं. इस बीच बीएलए ने पाकिस्तानी आर्मी के छह जवानों को मौत के घाट उतार दिया है. इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर किसी तरह की कार्रवाई की जाती है तो सभी को मार दिया जाएगा. बलूचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तान का विरोध होता है. recent visitors 30

होली पर भगदड़ रोकने को रेलवे की जबरदस्‍त तैयारी, 1450 स्‍पेशल ट्रेनें, स्‍टेशनों पर अस्‍थाई होल्डिंग एरिया…

नईदिल्ली महाकुंभ के बाद होली के मद्देनजर यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए रेलवे कमर कस ली है। इस बीच  रेलवे बोर्ड में सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने होली के त्योहार के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन और अतिरिक्त ट्रेनों के बारे में जानकारी दी।   होली के अवसर पर 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना दिलीप कुमार ने कहा कि देश में होली का त्योहार बहुत खास है। इस त्योहार पर लोग भारी संख्या में अपने-अपने घर जाते हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए हमने तैयारी की है। इस साल होली के अवसर पर हमने 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। ये ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों से चलेंगी। नई दिल्ली, आनंद विहार, अहमदाबाद जैसी जगहों से भी ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। पिछले साल हमने देखा कि होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाते हैं। इसी पैटर्न के आधार पर हमने ट्रेनों की योजना बनाई है। दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे। होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं। सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है। 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था होली को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा हम अपने सोशल मीडिया साइट्स पर भी रोजाना विभिन्न ट्रेनों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने आगे का कि होली के दौरान हमने सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चले, इसमें हम जनता के सहयोग की भी अपेक्षा करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है। पिछले पैटर्न के आधार पर रूट किए निर्धारित पिछले साल होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश गए थे. इसी पैटर्न के आधार पर ट्रेनों की योजना बनाई है. दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं. भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे. होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं. सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है. अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है. इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. होली के दौरान सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है. दिलीप कुमार ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है. recent visitors 48