मुरैना में यूजीसी के विरोध में बाजारों की हड़ताल, 100 से अधिक पुलिस जवान तैनात, 2 बजे बाद खुलेगा व्यापार

मुरैना  यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज ने आज मुरैना बंद का ऐलान किया था, इसी के चलते आज मुरैना शहर के सभी प्रतिष्ठान बंद नजर आए। यह बंद सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। शादियां होने के कारण दोपहर 2 बजे से बाजार खोलने के लिए आंदोलन कर्ताओं और प्रशासन में बनी सहमति।  सवर्ण समाज की ओर से आज यूजीसी कानून का विरोध करते हुए मुरैना शहर का बाजार बंद कराया। सदर बाजार, हनुमान चौराहा, मिर्च बजरिया, मार्कण्डेश्वर बाजार, एम एस रोड, सिकरवारी बाजार, तेलीपाड़ा, नाला नंबर एक सभी मुख्य बाजार पूर्ण रूप से बंद दिखे। व्यापारियों ने भी इस बंद में खुल कर सहयोग करते हुए बाजार को बंद रखा। दोपहर 2 बजे तक रहेगा बंद सवर्ण समाज के द्वारा यूजीसी कानून का विरोध करते हुए बाजार बंद की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन ने कल आंदोलन कर्ताओं से बैठक की थी, जिसमें शादियों का सीजन देखते हुए बंद सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखने का निश्चय हुआ था। इस पर व्यापारियों ने भी सहमती दी थी। 100 से अधिक जवान अधिकारी तैनात सीएसपी दीपाली चन्दौरिया के अनुसार यूजीसी कानून के विरोध में मुरैना शहर बंद कराया गया है इस पर 100 पुलिस जवान अधिकारी शहर में चप्पे चप्पे पर मौजूद है । बज्र रिजर्व फोर्स किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है । अभी यह सिर्फ संकेत सर्वण समाज सदस्य और ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दंडोतिया ने बताया कि यूजीसी कानून के विरोध में सांकेतिक बंद है, सभी व्यापारियों का सहयोग मिल रहा है। स्वेच्छा से बंद में शामिल है। बुधवार को जिला प्रशासन की बैठक में भी हमसे और प्रशासनिक अधिकारियों से बहस हुई थी लेकिन हम अपनी बात पर अड़े थे। शादियां होने के कारण हमने दोपहर दो बजे के बाद व्यापारियों भाइयों को बाजार खोलने की सहमति भी दी है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 19

UGC गाइडलाइन से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर, उच्च शिक्षा विभाग ने दिया आदेश जारी

भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइन को लेकर उठे विवाद और सुप्रीम कोर्ट से रोक लगाए जाने के बाद अब पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। छात्रों की शिकायतों का निवारण यूजीसी विनियम, 2023 को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त विभाग ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय- अशासकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग तथा संबद्ध कॉलेजों को नियमों पालन करने के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश संस्थानों में लोकपाल की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन यूजीसी 2023 के प्रावधानों के अनुरूप अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे छात्रों की शिकायतें लंबित रहती हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों को बताएं शिकायत कहां करना है जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपनी वेबसाइट और प्रोस्पेक्टस में एसजीआरसी के सदस्यों के नाम, पदनाम, संपर्क विवरण और लोकपाल का नाम, पता, ई-मेल आईडी तथा कार्यकाल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को यह जानकारी हो कि शिकायत कहां और किस प्रक्रिया से दर्ज करनी है। हर संस्थान को छात्रों के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करना होगा। शिकायत प्राह्रश्वत होने के 15 दिनों के भीतर उसे स्क्रिप्ट के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रवेश से 60 दिन पहले प्रोस्पेक्टस जारी करना होगा प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पूर्व प्रोस्पेक्टस का ऑनलाइन प्रकाशन अनिवार्य किया गया है। प्रोस्पेक्टस में पाठ्यक्रमों का विवरण, सीटों की संख्या, योग्यता मानदंड, चयन प्रक्रिया, पूरी फीस संरचना, रिफंड नीति, जुर्माना, संकाय की योग्यता, बुनियादी ढांचा, हॉस्टल, लाइब्रेरी और रैगिंग-रोधी नियमों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर छात्र सीधे एसजीआरसी और लोकपाल से शिकायत कर सकेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

UGC के नए नियमों पर सवर्ण समाज का विरोध, न्यायधानी में बंद का नहीं दिखा असर

बिलासपुर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में आज देशभर में सवर्ण समाज ने बंद का आह्वान किया है. हालांकि, छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बंद बेअसर नजर आया और मुख्य बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे. लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है. सामान्य वर्ग के समाज प्रतिनिधियों, शिक्षकों, छात्रों और विभिन्न संगठनों ने UGC के नए नियमों पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ये शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों के खिलाफ है. सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है. यूजीसी कानून विरोध आंदोलन के संयोजक डॉ प्रदीप शुक्ला ने कहा कि जब तक इन नियमों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. आज शहर में बड़ी रैली निकालने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे. जानिए क्यों हो रहा UGC के नियमों का विरोध बता दें, UGC ने यह नियम रोहित वेमुला और पायल तड़वी की कथित जातिगत भेदभाव के कारण हुए हत्या मामलों के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तैयार किए थे, ताकि कैंपस में जातिगत और अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सके. लेकिन नियम लागू होते ही देशभर में सवर्ण समाज ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विवाद की मुख्य वजहें और विरोधियों के तर्क सामान्य वर्ग (S-4 जैसे संगठन) और कई शिक्षक समूहों द्वारा विरोध के पीछे निम्नलिखित तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:     OBC को शामिल करना: विरोधियों का तर्क है कि SC-ST के साथ अब OBC को भी इन कड़े सुरक्षा प्रावधानों में शामिल करना नियमों के दुरुपयोग की संभावना को बढ़ाता है.     झूठे आरोपों का डर: सवर्ण संगठनों का मानना है कि ‘इक्विटी स्क्वाड’ और ‘समता दूत’ जैसी व्यवस्थाओं से निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को आपसी रंजिश के चलते झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है.     असमान सुरक्षा: तर्क दिया जा रहा है कि नियम केवल आरक्षित वर्गों की सुरक्षा की बात करते हैं, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भेदभाव से सुरक्षा का कोई स्पष्ट ढांचा इसमें नहीं दिखता. सुप्रीम कोर्ट ने नए नियम पर लगाई रोक चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इन नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि ‘भेदभाव’ की परिभाषा वर्तमान रेगुलेशन में बहुत धुंधली है.नियमों को और अधिक समावेशी बनाने की जरूरत है ताकि यह देखा जा सके कि ये ‘समानता के अधिकार’ का उल्लंघन तो नहीं कर रहे. कोर्ट ने कहा कि जब तक इस पर अंतिम फैसला नहीं आता, 2012 के पुराने यूजीसी नियम ही प्रभावी रहेंगे. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 23

UGC ने स्टूडेंट्स के लिए साइबर हाइजीन को लेकर गाइडलाइंस जारी की , पब्लिक USB चार्जर घोटाले से सावधान रहें

नई दिल्ली अगर आप भी सार्वजनिक वाई-फाई इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि इससे आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं और आपका बैंक अकाउंट खाली भी हो सकता है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने स्टूडेंट्स के लिए साइबर हाइजीन को लेकर गाइडलाइंस जारी की है. 'Stay Cyber-Safe!' के माध्यम से यूजीसी ने हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स (HEIs) और स्टूडेंट्स लिए एक हैंडबुक भी जारी की है. हैंडबुक में साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए की जानकारी दी गई है. पब्लिक USB चार्जर घोटाले से सावधान रहें सार्वजनिक स्थानों पर अपना फ़ोन चार्ज करने से बचें. साइबर अपराधी सार्वजनिक स्थानों जैसे कि हवाई अड्डों, कैफ़े, होटल और बस स्टैंड आदि पर लगे USB चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के लिए कर सकते हैं. ऐसे USB चार्जिंग स्टेशनों पर अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने से आप जूस-जैकिंग साइबर हमले का शिकार हो सकते हैं. जूस जैकिंग की वजह से दुर्भावनापूर्ण ऐप इंस्टॉल हो सकता है, आपके डिवाइस का एन्क्रिप्शन और अपराधी इसे रिस्टोर करने के लिए फिरौती मांग सकते हैं या आपके डिवाइस से डेटा चुरा कर आपसे पैसे ऐंठ सकते हैं. कैसे बचें?     सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों या पोर्टेबल वॉल चार्जर पर प्लग करने से पहले दो बार सोचें.     अपने मोबाइल डिवाइस को चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रिकल वॉल आउटलेट का इस्तेमाल करें.     अपने साथ अपना खुद का केबल या पावर बैंक ले जाने की कोशिश करें.     सॉफ़्टवेयर सुरक्षा सुविधा का उपयोग करके अपने मोबाइल डिवाइस को लॉक करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह किसी कनेक्टेड डिवाइस के साथ पेयर न हो सके.     अपने फोन को तब चार्ज करने की कोशिश करें जब वह स्विच ऑफ हो. क्या न करें?     पब्लिक Wi-Fi: पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय अपनी पर्सनल या प्रोफेशनल ईमेल आईडी, ऑनलाइन बैंक अकाउंट न खोलें.     पायरेटेड सॉफ़्टवेयर: पायरेटेड सॉफ़्टवेयर का उपयोग करने से बचें, क्योंकि इसमें अक्सर मैलवेयर होता है. वेलिड सोर्स से ही कॉन्टेक्ट करें.     संदिग्ध ईमेल: अनजान सेंडर्स या संदिग्ध ईमेल से अटैचमेंट न खोलें.     सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर: अपने सुरक्षा सॉफ़्टवेयर को डिसेबल न करें.     जोखिम भरी वेबसाइटें: ऐसी वेबसाइट से बचें जो मैलवेयर वितरित करने के लिए जानी जाती हैं जैसे कि अनवेलिड डाउनलोडिंग साइट. क्या करें?     ईमेल सावधानी: ईमेल अटैचमेंट या इमेज खोलते समय बहुत सावधान रहें, खासतौर पर अनजान सेंडर्स से.     रेगुलर बैकअप: साइबर अटैक की स्थिति में रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण फ़ाइलों का रेगुलर बैकअप लेते रहें.     विश्वसनीय सॉफ़्टवेयर: एंटी-मैलवेयर/एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर केवल ऑथराइज्ड प्रोवाइडर जैसे, प्ले स्टोर, ऐप स्टोर, आधिकारिक वेबसाइट से इंस्टॉल करें.     अपडेट और फ़ायरवॉल: अपने OS और सॉफ़्टवेयर को सुरक्षा पैच के साथ अपडेट रखें. अपने सिस्टम के फायरवॉल को अनेबल करें.     डाउनलोड सिक्योरिटी: केवल विश्वसनीय सोर्स से फाइलें डाउनलोड करें. अनजान सेंडर्स और संदिग्ध लिंक से अटैचमेंट से बचें. दरअसल, हाल के समय में उच्च शिक्षण संस्थान (HEIs) विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील रहे हैं. COVID-19 महामारी के दौरान HEI समुदाय को ‘ऑनलाइन’ पर शिफ्ट होना पड़ा, जिसमें कुलपति, शिक्षक, छात्र और सहयोगी स्टाफ शामिल थे. साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और साइबरस्पेस में भरोसे की कमी के कारण HEIs को ‘ऑनलाइन’ शिक्षा की ओर सुचारू रूप से शिफ्ट होने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसलिए, साइबर खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ साइबर आदतों का पालन करना HEIs के साइबर सुरक्षा तंत्र (cyber security ecosystem) को मजबूत करने के लिए अनिवार्य है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, जो शिक्षा में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देती है, शिक्षण में तकनीक के उपयोग की आवश्यकता को पहचानती है और इसके संभावित जोखिमों और खतरों को भी स्वीकार करती है. यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऑनलाइन/डिजिटल शिक्षा के लाभों का पूरा लाभ उठाते हुए डिजिटल विभाजन की चिंताओं का समाधान किया जा सके. हमारे हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स को भी अच्छे साइबर स्वच्छता आदतों को विकसित करने और साइबर सुरक्षा के नए सामान्य मानकों को अपनाने की आवश्यकता है. यह शिक्षार्थियों और संगठनों को एक सुरक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण और व्यवहार के माध्यम से संभावित साइबर खतरों को कम करने में मदद करेगा. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 118