प्रदेश में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा, अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी, लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म का जोर

उज्जैन  इस वर्ष मालवा की माटी में गेहूं की बंपर पैदावार होने की संभावना है। करीब 4.5 लाख हेक्टेयर में बोवनी की जा रही है। चने की बोवनी का रकबा कम बताया जा रहा है। किसान तेजस, पोषक, 322 किस्म के गेहूं का बीज ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बीते तीन वर्षों से किसानों को सोयाबीन भाव ठीक नहीं मिल रहे हैं, जबकि गेहूं के भाव काफी अच्छे मिल रहे हैं। यही कारण है कि किसानों का रुझान चने की बनिस्बत गेहूं की बोवनी पर अधिक है। अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी     कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष 4.50 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की जा रही है। अब तक 50 फीसद बोवनी हो चुकी है। किसान अधिक उत्पादन के किस्म का गेहूं अधिक बो रहे हैं।     व्यापारी अखिलेश जैन के अनुसार, किसानों ने पोषक, तेजस, 322 किस्म का बिजवारा अधिक खरीदा। इस किस्म के गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा बताया जा रहा है।     बीज कंपनी से लेकर व्यापारिक क्षेत्र में यह गेहूं 3300 से 4500 रुपया क्विंटल तक बिक गया। इसके बाद किसानों ने पर्याप्त पानी के चलते लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म को बोया है। इनके भाव भी ऊंचे में 4000 रुपया क्विंटल तक रहे। देशावर में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा इस वर्ष देशावर में गेहूं के बीज की आपूर्ति मालवा क्षेत्र से हो रही है। 322, लोकवन, पूर्णा, पोषक गेहूं के बीजवारे की मांग महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार में काफी चल रही है। इस कारण गेहूं के भाव भी ऊंचे हैं। शरबती की बोवनी नगण्य किसी समय में मालवा की माटी का शरबती की मिठास देश के महानगरों में काफी पसंद की जाती थी। मुंबई में इस गेहूं की कीमत 5 से 8 हजार रुपये क्विंटल तक होती थी, लेकिन जिले के सभी क्षेत्र में पानी पर्याप्त मात्रा में होने से किसानों ने शरबती गेहूं की बोवनी से किनारा कर लिया। बता दें इस किस्म का गेहूं काफी कम पानी की पैदावार है। उत्पादन भी अन्य गेहूं की बनिस्बत कम है। अब अधिक उत्पादन पर किसान ध्यान देता है। recent visitors 110

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