वैभव सूर्यवंशी ‘बाउंसर टेस्ट’ में रहे असफल, U-19 वर्ल्ड कप में एक ही पैटर्न में 4 बार आउट

मुंबई  14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप में अपने बल्ले से चमक बिखेरी है. उन्होंने 6 मैचों  की 6 पार‍ियों में 264 रन 44 के एवरेज से बनाए. इस दौरान  वैभव का स्ट्राइक रेट 147.48 का रहा. वैभव ने पूरे वर्ल्ड कप में 26 चौके और 15 छक्के लगाए.  वैभव ने बुधवार (4 जनवरी) को अफगानिस्तान की अंडर 19 टीम के ख‍िलाफ हुए सेमीफाइनल  मुकाबले में भी शानदार 68 रनों की पारी  महज 33 गेंदों पर खेली. इसमे 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि वैभव इस सेमीफाइनल मैच में शतक जड़ेंगे, लेकिन वो एक बार फ‍िर बाउंसर गेंद के सामने असहाय दिखे और आउट हो गए. उनको नूर‍िस्तानी उमरजई ने ओस्मान सादात के हाथों कैच आउट करवाया.  कुल म‍िलाकर वैभव ने इस पारी से यह तो दिखाया कि वह ताबडतोड़ अंदाज में ही खेलने में व‍िश्वास करते हैं, लेकिन उनकी कमजोर कड़ी भी सामने आ गई है. दरसअल, वैभव बाउसंर गेंदों को ठीक से नहीं खेल पा रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि इस अंडर 19 वर्ल्ड कप में वैभव कैसे कैसे आउट हुए हैं.  1– अमेरिका के खलाफ वैभव बोल्ड 2 रन बनाकर ऋत्विक अप्पिडी की गेंद पर बोल्ड हो गए थे.  2- बांग्लादेश के ख‍िलाफ वैभव ने 72 रन बनाए. गेंद बहुत ज्यादा छोटी (बाउंसर) नहीं थी, लेकिन सूर्यवंशी पीछे हटे, नीचे झुके और डीप मिडविकेट के ऊपर से बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की. गेंद हवा में तो गई, लेकिन दूरी नहीं मिली. लेकिन वह कैच आउट हो गए. हालांकि गेंद नो-बॉल की लाइन के बहुत करीब थी, लेकिन अंपायर ने उसे सही गेंद माना.  3-न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ वैभव ने 40 रन बनाए, लेकिन उनको जसकरन संधू ने ऑफ स्टंप के बाहर छोटी गेंद (बाउसंर) डाली. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद ऊंची हवा में मिड-ऑफ की तरफ चली गई. मेसन क्लार्क ने पीछे की ओर काफी दौड़ लगाई, गेंद पर नजर बनाए रखी और दौड़ते हुए डाइव लगाकर शानदार कैच लपक लिया.  4-ज‍िम्बाव्बे के ख‍िलाफ 2 रन बनाकर वैभव सीधे मिड-ऑफ फील्डर को कैच थमा बैठे.  5- पाक‍िस्तान के ख‍िलाफ मुकाबले में वैभव की कमजोरी एक बार फ‍िर नजर आई, यहां भी वो बाउंसर गेंद पर 30 रन बनाकर आउट हुए. यह साफ इशारा था है कि आगे के करियर में सूर्यवंशी को छोटी गेंदों का खूब सामना करना पड़ेगा. पाकिस्तान के ख‍िलाफ सूर्यवंशी ने स्क्वायर के सामने पुल शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन बल्ले का निचला किनारा लगा और गेंद कीपर के पास चली गई. वैभव सूर्यवंशी बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, पाक‍िस्तान और  अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ सेमीफाइनल में बाउंसर गेंदों पर आउट हुए. कुल म‍िलाकर 6 में 4 बार. यानी साफ है कि वैभव को अब बाउंसर पर खेलने के लिए कुछ सुधार करने हेांगे, क्योंकि व‍िपक्षी टीमों ने उनकी कमजोर कड़ी को भांप लिया है.  recent visitors 33

वैभव सूर्यवंशी ने यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ा, तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के जूनियर स्तर पर भी कई प्लेयर अपनी धाक जमाने में कामयाब हो रहे हैं। भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया की अंडर 19 टीम के साथ यूथ टेस्ट खेल रही है। इसमें खेलते हुए भारत की ओर से महज 13 साल की उम्र में ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने शतक ठोक दिया है। वह यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले पहले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने चेन्नई के एम.ए.चिदंबरम स्टेडियम में यह उपलब्धि अपने नाम की। युवा खिलाड़ी ने 62 गेंदों में 104 रन बनाए जिससे भारतीय टीम दूसरी पारी में 62.4 ओवर में ही 296 रन बनाने में सफल रही। वैभव ने अपनी पारी के दौरान 14 चौके और 4 छक्के भी जड़े। वैभव ने इस शतक के साथ पाकिस्तान के नासिर जमशेद का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 15 साल की उम्र में दोहरा शतक बना दिया था।   इसके अलावा, वह युवा टेस्ट प्रारूप में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले और इस प्रारूप में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक लगाने वाले भी प्लेयर बन गए हैं। इंग्लैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोईन अली ने साल 2005 में यूथ टेस्ट खेलते हुए 56 गेंदों में शतक बनाया था। युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी पहले ही प्रथम श्रेणी प्रारूप में पदार्पण कर चुके हैं जहां उन्होंने दो मैचों के लिए बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड एक साल पहले ही वैभव सूर्यवंशी 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की खास लिस्ट में शामिल हुए थे और महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। रणजी ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड पूर्व क्रिकेट अलीमुद्दीन के नाम दर्ज है जिन्होंने 12 साल 73 दिन की उम्र में रणजी डेब्यू किया था। वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर से आते हैं। उन्होंने 5 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद पटना आकर ट्रेनिंग शुरू की और देखते-देखते अलग-अलग स्तर पर कुल 49 शतक जड़ चुके हैं। recent visitors 147

भारतीय क्रिकेटर ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के छुड़ाए पसीने, 58 गेंद में जड़ा तूफानी शतक

चेन्नई भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमों के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है, जिसका पहला मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच में 13 साल के एक बल्लेबाज ने अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बता दें कि, दोनों टीमों के बीच अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का मुकाबला 30 सितंबर को शुरू हुआ है। वहीं, दूसरा मैच भी चेपॉक में सात अक्तूबर से शुरू होगा। वैभव ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड इस मुकाबले में बिहार के लाल ने महज 58 गेंदों में शतक जड़ा है। अब वह इंग्लैंड के बल्लेबाज मोईन अली से महज सिर्फ एक स्थान पीछे हैं। उन्होंने 2005 में अंडर-19 में 56 गेंदों में शतक जड़ा था। इसी के साथ वैभव ने अंडर-19 टेस्ट में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बना लिया है। युवा खिलाड़ी ने अपनी दमदार पारी के दौरान 14 चौके और चार शतक लगाए। वह मात्र 62 गेंदों पर 104 रन बनाकर रन आउट हो गए। भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बोर्ड पर लगाए 293 रनों के स्कोर का मजबूत जवाब दिया। रणजी में भी कर चुके डेब्यू वैभव वही बल्लेबाज हैं जिन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024 में महज 12 साल और 284 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वह ऐसा करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर सहित कई खिलाड़ियों का रिकॉर्ड तोड़ा है। सचिन बेहद कम उम्र में रणजी क्रिकेट में बड़ा नाम बन गए थे और भारतीय टीम में भी जगह बनाई थी। नौ साल की उम्र में शुरू हुई क्रिकेट यात्रा वैभव के बल्लेबाजी का स्टाइल पृथ्वी शॉ और शिखर धवन से मिलता-जुलता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी पारी में कई तरह के शॉट शामिल थे, जिसमें स्क्वायर ड्राइव, डीप मिड-विकेट पर पुल और कवर ड्राइव शामिल थे। सूर्यवंशी की क्रिकेट यात्रा नौ साल की उम्र में शुरू हुई, जब उन्हें अपने पिता संजीव सूर्यवंशी से शुरुआती कोचिंग मिली। क्रिकेट के प्रति उनके पिता के जुनून और खुद उनके समर्पण ने वैभव को इतनी कम उम्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया, जिससे वह भारतीय क्रिकेट में एक होनहार प्रतिभा बन गए। बांग्लादेश के मौजूदा कप्तान नजमुल हुसैन शांतो का रिकॉर्ड तोड़ा बिहार के बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 13 साल और 188 दिन की उम्र में नजमुल हुसैन शांतो का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौजूदा बांग्लादेशी टीम के कप्तान ने 14 साल और 241 दिन की उम्र में 2013 में श्रीलंका के खिलाफ शतक बनाया था। सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में 12 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में पदार्पण किया था, लेकिन वह चार पारियों में 7.75 की औसत से केवल 31 रन ही बना सके थे। सूर्यवंशी और विहान के बीच 18.5 ओवर में 133 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के 293 रन पर आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने विहान मल्होत्रा ​​के साथ 18.5 ओवर में 133 रनों की ओपनिंग साझेदारी की। आखिरकार वह 19वें ओवर में रन आउट हो गए। क्वाड्रांगुलर सीरीज के लिए भी हुआ चयन बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी और अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया है। सूर्यवंशी को इसके बाद क्वाड्रांगुलर सीरीज के लिए चुना गया, जिसमें बांग्लादेश और इंग्लैंड भी शामिल हैं। 13 वर्षीय भारतीय ओपनर ने दूसरा सबसे तेज युवा टेस्ट शतक जड़ा भारत की बल्लेबाजी ने पहले दिन सीनियर टीम की तरह खेल दिखाया. कल बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट के दौरान भारत की सीनियर टीम ने सबसे तेज 250 रन बनाए, जूनियर ने उनके नक्शेकदम पर चलने की कोशिश की, और 7.36 के रन रेट से सिर्फ 14 ओवर में 103 रन बनाए. जबकि विहान मल्होत्रा ​​37 गेंदों पर 21 रन बनाकर नाबाद थे, साथी ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों पर नाबाद 81 रन बनाकर दिन का खेल खत्म किया. वह ऑफ-साइड पर विशेष रूप से प्रभावशाली थे, उन्होंने 172.34 के स्ट्राइक रेट से पारी खेली. दूसरे दिन भी इसी तरह से शुरुआत करते हुए, सूर्यवंशी ने अपना शतक बनाने में समय बर्बाद नहीं किया, उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों पर 19 रन बनाए और 58 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की. यह किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे तेज युवा टेस्ट शतक है और 2005 में श्रीलंका के खिलाफ मोईन अली द्वारा 56 गेंदों में बनाए गए 100 रन के बाद रिकॉर्ड किए गए इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक है.   recent visitors 128