कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक बयान के मामले में विजय शाह पर दिल्ली करेगी सुनवाई, राहत नदारद

भोपाल  कर्नल सोफिया को लेकर बेशर्म बयान देने वाले मोहन सरकार के मंत्री विजय शाह को लेकर भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा। माना जा रहा है कि सरकार फैसले के बाद 6 फरवरी तक कोर्ट को अपने निर्णय से अवगत कराएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि 9 फरवरी को उक्त मामले में सुनवाई होनी है। पूर्व में यह माना जा रहा था कि शाह के खिलाफ हुई एसआइटी जांच पर स़त्ता व संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई दो हफ्ते की अवधि में निर्णय ले लिया जाएगा। मंत्री सांसत में, कहीं से नहीं मिली राहत मामला बुरी तरह फंसा है। उधर मंत्री शाह की जान सांसत में है, वे भोपाल से लेकर दिल्ली तक सभी स्तर पर अपना पक्ष रख चुके हैं। बताया जा रहा है कि  देर रात तक उन्हें किसी भी स्तर से कोई राहत नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें दो टूक कह दिया है कि जो कुछ होगा, वह दिल्ली नेतृत्व ही तय करेगा। उसके आधार पर अवगत कराया जाएगा।  वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी तक उनके पास कोई निर्देश नहीं आए हैं। मामला कैबिनेट मंत्री की अभियोजन स्वीकृति का है, जिसके लिए मुख्यमंत्री का अनुमोदन जरूरी है। लेकिन अभी तक कोई भी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि विजय शाह के विरुद्ध एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर लंबित अभियोजन स्वीकृति पर दो सप्ताह के अंदर निर्णय लिया जाए। यह अवधि 2 फरवरी को पूरी हो गई है। लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। सरकार के सूत्रों को कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 9 फरवरी को है, लेकिन कार्यदिवस के आधार पर 2 सप्ताह की मोहलत 5 फरवरी तक है। इसलिए सरकार के पास अभी 3 दिन का वक्त और है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी 6 माह पहले ही अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज चुकी है। रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि के साथ ही मुकदमा चलाने की स्वीकृति देने की सिफारिश की गई है। क्यों फंसे मंत्री शाह चुनौती देकर फंसे मंत्री शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद इंदौर में कर्नल सोफिया कुरैशी पर बेशर्म टिप्पणी(Minister Vijay Shah Statement Controversy) की। इस पर हाईकोर्ट के एफआइआर के आदेश को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। यहां राहत तो नहीं, उलटा एसआइटी गठित करने के आदेश हुए। कोर्ट ने सरकार से अभियोजन की स्वीकृति पर दो हफ्ते में निर्णय लेने को कहा है। recent visitors 35

मंत्री विजय शाह मामले में SIT ने पूरी की जांच, कर्नल सोफिया अंसारी पर की थी विवादित टिप्पणी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान मामले में गठित SIT (विशेष जांच टीम) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अब यह रिपोर्ट 28 मई को सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरी जांच के दौरान मंत्री विजय शाह से कोई बयान ही नहीं लिया गया। इस बात ने ना सिर्फ सवाल खड़े किए हैं बल्कि पूरे मामले में पारदर्शिता को लेकर बहस भी छेड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने खुद इस जांच की निगरानी अपने हाथ में ली। पुलिस महानिदेशक द्वारा सागर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया। वीडियो, चश्मदीद और सभास्थल की जांच जांच के दौरान टीम ने उस विवादित वीडियो की गहराई से पड़ताल की। जिसमें मंत्री विजय शाह को कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर बयान देते हुए देखा गया। साथ ही मंच पर मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ की गई, और धार जिले के मानपुर स्थित सभास्थल का दौरा कर चश्मदीदों से भी बातचीत की गई। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर जैसे ही रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी, यह तय होगा कि आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी। अब सवाल उठता है, क्या बिना मंत्रीजी के बयान के जांच को पूर्ण माना जा सकता है? घटनास्थल पर जाकर भी SIT ने की जांच एसआईटी ने मध्य प्रदेश के धार जिले के मानपुर में घटनास्थल पर जाकर भी जांच की है। साथ ही अन्य तथ्यों का परीक्षण किया है। उस वीडियो की भी जांच की गई है, जिसमें शाह कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में बोल रहे हैं मंच पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की बात सामने आई है। जांच के दौरान विजय शाह से नहीं लिया गया कोई बयान हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जांच दल ने मामले में विजय शाह से कोई बयान नहीं लिया है। बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के निर्देश पर विजय शाह के विरुद्ध कायम की गई एफआइआर की जांच करने के लिए कहा था। हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर कायम करने के लिए कहा था। recent visitors 85

पीवीटीजी समुदाय के सभी बच्चों और महिलाओं को पोषण आहार देने के लिये 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा

सबका पोषण-सबका कल्याण भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) में आने वाले बैगा, भारिया एवं सहरिया समुदाय के सभी बच्चों और महिलाओं को पोषण आहार देने के लिये 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि पीवीटीजी बहुल 20 जिलों में बनाये जा रहे इन 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों में से 108 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूर्णता की ओर हैं, शेष 109 आंगनवाड़ी भवन 31 मार्च 2025 तक पूर्ण कर लिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि पीएम जन-मन के तहत ही पीवीटीजी परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में पोषण आहार अनुदान के रूप में राज्य सरकार द्वारा पहले 1000 रूपये प्रतिमाह दिये जाते थे। गत वर्ष अक्टूबर से यह राशि बढ़ाकर 1500 रूपये प्रतिमाह कर दी गई है। जारी वित्त वर्ष में सितम्बर 2024 तक 2 लाख 18 हजार 563 पीवीटीजी महिला मुखिया के बैंक खाते में 198 करोड़ रूपये से अधिक की आहार अनुदान राशि का वितरण किया जा चुका है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि इस महाअभियान में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 20 जिलों में 12 लाख रूपये प्रति आंगनवाड़ी केन्द्र भवन की दर से कुल 26 करोड़ 4 लाख रूपये लागत से 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा प्रदेश के शिवपुरी जिले में 39, श्योपुर में 37, शहडोल में 29, उमरिया में 23, गुना में 14, डिंडौरी में 12, अशोकनगर में 11, अनूपपुर में 7, मंडला एवं दतिया में 6-6, विदिशा, बालाघाट, ग्वालियर एवं सीधी में 5-5, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा में 4-4, मुरैना में 2 तथा कटनी, भिंड एवं रायसेन जिले में 1-1 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिये जरूरी राशि सीधे संबंधित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आंवटित की गई है। उल्लेखनीय हैकि केन्द्र एवं राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार एवं पोषण संवर्धन के प्रति बेहद गंभीर होकर प्रयासरत है। प्रदेश में नये आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन, पक्के आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण के साथ-साथ पोषण आहार के लिये विशेष अनुदान देकर सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाये हैं। राज्य सरकार द्वारा पीएम जन-मन के तहत केन्द्र सरकार को 529 नये आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन तथा 1107 पुराने आंगनवाड़ी केन्द्रों के नवीन भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव के आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 में 194 नये आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन तथा 217 आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण की मंजूरी दी गई थी। नये 194 आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन जनवरी 2024 से प्रारंभ कर दिया गया है। 217 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से 108 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण 31 मार्च 2025 तक पूर्ण हो जायेगा। राज्य सरकार के पूर्व प्रस्ताव पर ही केन्द्र सरकार द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में 355 नये आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन तथा 355 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों के निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है। जल्द ही इनपर भी काम प्रारंभ हो जायेगा।   recent visitors 66