मुख्यमंत्री ने ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ के तहत आदिवासी क्षेत्रों में किए जा रहे सेवाकार्य की सराहना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर भगवान राम, भारत माता, बिरसा मुंडा, स्वर्गीय जगदेव राम उरांव और स्वर्गीय बाला साहब देशपांडे के छायाचित्र पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के तहत आदिवासी क्षेत्रों में किए जा रहे सेवाभाव की सराहना की। इस अवसर पर एनटीपीसी लारा के महाप्रबंधक रविशंकर ने कलेक्टर रोहित व्यास को जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय के निर्माण के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय लोगों के सेवाकार्य और इन क्षेत्रों के विकास में स्वर्गीय जगदेव राम उरांव, स्वर्गीय बाला साहब देशपांडे, स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निर्माण मानव समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से इस अस्पताल के निर्माण के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपये आबंटित किया गया है। इस अस्पताल के बन जाने से जशपुर और इसके आसपास के ग्रामीण अंचल के रहवासियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बार के बजट में जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद से अब तक के कार्यकाल में ही मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया गया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रति माह 01 हजार रुपये देकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा 5500 रुपये मूल्य निर्धारित किया गया है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों का विकास किया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी इलाकों का विकास कार्य और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बस्तर के नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, आपातकालीन वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। आदिवासी क्षेत्रों में जाकर कार्य कर रहा है ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ सेवांकुर भारत की तरफ से 5 से 13 अप्रैल तक ‘एक सप्ताह देश के नाम’ मनाया जा रहा है। सेवांकुर भारत एक सेवाभावी संस्था है, जिसमें डॉक्टरों सहित मेडिकल फील्ड से जुड़े अन्य लोग काम कर रहे हैं। यह संस्था आदिवासी इलाकों में जाकर मेडिकल कैंप लगाकर उनका इलाज करती है और अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराती है। इस संस्था में 18 ग्रुप हैं, प्रत्येक ग्रुप में 15 से 16 लोग जुड़े हैं। सेवांकुर भारत 2016 से हर वर्ष ‘एक सप्ताह देश के नाम’ से आदिवासी इलाकों में जाकर सेवा का कार्य कर रही है। यह संस्था नए चिकित्सकों को सेवा कार्य के लिए प्रेरित भी करती है। इसके अलावा यह संस्था आदिवासियों के घरों में जाकर उनकी संस्कृति और जीवनशैली का अध्ययन करती है, ताकि उनके इलाज की जरूरतों को बेहतर समझा जा सके। इस अवसर पर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक रायमुनि भगत, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार सिंह, महामंत्री योगेश बापट,  संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांतीय अध्यक्ष रणविजय सिंह जूदेव, कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, कृष्ण कुमार राय सहित वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 38

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोंडवाना सामाजिक भवन के जीर्णाेद्धार, बाउंड्री वॉल के लिए 80.48 लाख रूपए की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर के ग्राम भिरावाही में गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित मरका पंडुम (चैतरई महापर्व) के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गोंडवाना समाज के आराध्य बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा-अर्चना कर तेंदू, चार, चिरौंजी, महुआ और आम फल अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की। मुख्यमंत्री साय ने भिरावाही के गोंडवाना भवन परिसर में आयोजित मरका पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का समृद्धशाली इतिहास रहा है। मरका पण्डुम पर्व में नए फलों, फसलों का अर्पण अराध्य देवी-देवताओं को किए जाने की परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री साय ने समाज को शिक्षित होने पर जोर देते हुए बच्चों को पढ़ाने के लिए सबको आगे आने तथा जागरूक होने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति का तेजी से विकास हुआ है, वहीं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी जैसी उच्च संस्थाएं स्थापित हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर से नक्सलवाद जड़ से खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि अब नियद नेल्लानार योजना के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अधिक से अधिक ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर 80 लाख 48 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिसमें गोंडवाना समाज के भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 45 लाख रुपए, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 23 लाख 47 हजार रूपए और देवगुड़ी के सांदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों के लिए 12 लाख 01 हजार रूपए की स्वीकृति शामिल है। समापन समारोह को कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हितचिंतक मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे, यह गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को विस्मृत नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी जड़ और वास्तविक पहचान है। इस दौरान बस्तर गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने सामाजिक गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। recent visitors 32

8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ 8 अप्रैल से होने जा रहा है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जाएंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य इस वर्ष अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह वर्ष सौभाग्य से छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है, जिसे राज्य सरकार "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में मना रही है। सुशासन की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी। *समाधान शिविर और योजनाओं का प्रचार* तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे कार्यों की वास्तविकता का भी मूल्यांकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे सुशासन तिहार से जुड़ें और शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराएं, ताकि उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल की जा सके। recent visitors 31

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ पीड़ित बच्चों की हुई निःशुल्क जांच, उपचार भी रहेगा पूर्णतः निःशुल्क रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जिला अस्पताल, जशपुर में सिकलसेल, थैलेसीमिया परामर्श जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस विशेष शिविर में न केवल जशपुर जिले, बल्कि पड़ोसी जिले बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर एवं झारखंड के गुमला जिले से भी सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए। बेंगलुरु से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक, निःशुल्क हुआ एचएलए डीएनए टेस्ट शिविर में बेंगलुरु के नारायणा हॉस्पिटल से आए बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. सुनील भट्ट द्वारा 12 वर्ष तक के बच्चों  का एचएलए डीएनए टेस्ट और परामर्श निःशुल्क किया गया। यह परीक्षण बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की पहचान हेतु आवश्यक होता है। संपूर्ण इलाज सहित विदेश में होने वाला महंगा टेस्ट भी अब निःशुल्क शिविर में कास फाउंडेशन की श्रीमती काजल सुरेश सचदेव ने बच्चों एवं परिजनों को सिकलसेल और थैलेसीमिया के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए न केवल आवश्यक दवाइयों एवं जांच की सुविधाएं निःशुल्क दी जा रही हैं, बल्कि जर्मनी में होने वाला अत्यंत महंगा एचएलए डीएनए टेस्ट और देश के प्रमुख अस्पतालों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रिया भी पूर्णतः निःशुल्क कराई जा रही है। राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत जशपुर जिले में 0-15 आयु वर्ग के 209 सिकलसेल एवं थैलेसीमिया मरीजों की पहचान की गई है। इनमें से 110 बच्चों का एचएलए डीएनए टेस्ट कर ट्रांसप्लांट के लिए चयनित किया गया, जिनमें से अब तक 8 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, संगवारी संस्था एवं कास फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से जिले में सिकलसेल के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह,  नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, संभागीय कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। recent visitors 34

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों को एक और बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में आज 26 हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो राज्य की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों के जवानों को सहृदय बधाई देते हुए कहा कि नक्सलवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को निरंतर सफलता मिल रही है। इस उपलब्धि में नियद नेल्ला नार योजना और लोन वर्राटू अभियान की अहम भूमिका रही, जो आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा लाल आतंक प्रभावित गांवों को नक्सलमुक्त घोषित होने पर ₹1 करोड़ की विशेष सहायता राशि की घोषणा के सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  एवं गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि हम निश्चित रूप से तय समयसीमा के भीतर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महज कोई अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सुरक्षा और समृद्धि का मिशन है। recent visitors 26

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौर ऊर्जा से संचालित ई-रिक्शा और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन का किया लोकार्पण

रायपुर अक्षय ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग स्वच्छ, सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएगा। बिजली आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए लक्ष्य तय किए गए हैं और इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के क्रेडा कार्यालय परिसर में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 50 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सौर ऊर्जा संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन और सामान्य से सौर ऊर्जा में परिवर्तित ई रिक्शा का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को रामनवमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज के इस शुभ घड़ी में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े कामों की शुरुआत हुई है। परंपरागत ईंधन के स्रोतों से पर्यावरण को हो रही क्षति को देखते हुए सौर और  नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बड़ा परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के आमजनों और  किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में भी नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बिजली पहुंचाने का काम पूरा हो रहा है और सुदूर अंचल के गांव इससे रोशन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से संचालित ई रिक्शा का आज लोकार्पण किया गया है और इस पहल से ई रिक्शा का संचालन किफायती हो जाएगा और ई रिक्शा चालकों के आय में वृद्धि होगी। साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हॉफ बिजली नहीं बल्कि मुफ्त बिजली मिले और इस दिशा में सरकार प्रयासरत है। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताया और कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक गरीब परिवारों को इससे लाभान्वित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान बजट में किया गया है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी दी और कहा कि इससे ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और हम भविष्य की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया स्वच्छ पर्यावरण के लिए अक्षय ऊर्जा को अपना रही है। उन्होंने कहा कि अब फॉसिल फ्यूल का उपयोग धीरे धीरे कम होगा और आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा से यह रिप्लेस हो जाएगा। डॉ. सिंह ने अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल बताया। अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्य किया। लोकार्पण किए गए कार्यों में रायपुर में 29 लाख की लागत से सौर ऊर्जा संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, सामान्य ई रिक्शा को सोलर ई रिक्शा में परिवर्तित करने तथा नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत स्थापित 54 नग सोलर हाई मास्ट, 152 नग सोलर ड्यूल पंप एवं दो नग सोलर पावर प्लांट स्थापना कार्य शामिल है। इसी तरह भूमिपूजन किए गए कार्यों में  बिलासपुर, राजनांदगांव एवं जगदलपुर के ऊर्जा शिक्षा उद्यानों में सौर ऊर्जा से संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापना कार्य, प्रदेश के समस्त ऊर्जा शिक्षा उद्यानों को नेट जीरो करने, ऊर्जा शिक्षा उद्यान राजनांदगांव का जीणोद्धार का कार्य शामिल है। साथ ही जिला बालोद में मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप दो नग सोलर हाई मास्ट एवं एक नग सामुदायिक बायोगैस संयंत्र की स्थापना कार्य, जिला बलौदा बाजार में मुख्यमंत्री के घोषणा अनुरूप 23 ग्रामों के पर्यटन स्थलों में 50 नग सोलर हाई मास्ट संयंत्र का स्थापना कार्य, जिला कोरबा अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जीकरण का कार्य, हिर्री डोलोमाइट खदान जिला बिलासपुर में 500 किलो वाट क्षमता के ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट का स्थापना कार्य, जिला कोरबा अंतर्गत आश्रम/ छात्रावासों का सौर ऊर्जीकरण कार्य, ग्राम कुंजारा जिला जशपुर में 280 किलो वाट क्षमता के ऑन ग्रिड एवं 2.4 किलो वाट क्षमता के ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट की स्थापना कार्य का भूमिपूजन किया गया। क्रेडा के नवाचारी पहल से बैटरी ऑपरेटेड ई रिक्शा चालकों की बढ़ेगी आय सौर ऊर्जा से मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने पर हो रहा है काम क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा ने बताया कि सौर संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन क्रेडा द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बैटरी ऑपरेटेड इलेक्ट्रिक रिक्शा के लिए विकसित किया गया है। बैटरी स्वैपिंग के मदद से ई-रिक्शा चालक कम समय में सस्ते दर पर डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज बैटरी से बदल सकते हैं। इससे ई-रिक्शा चालक प्रतिदिन अधिक दूरी तय कर पाएंगे तथा इससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। इसी तरह सोलर पैनल आधारित ई-रिक्शा साधारण ई-रिक्शा के मुकाबले एक ऊर्जा दक्ष ई-रिक्शा के रूप में क्रेडा द्वारा विकसित किया गया है। इससे रिक्शा चालक को बार-बार बैटरी चार्ज करने की समस्या से राहत मिलती है। साधारणतः रिक्शा चालक प्रतिदिन बैटरी चार्जिंग समस्या से अधिक दूरी तय नहीं कर पाते हैं। ई-रिक्शा में सौर पैनल स्थापित कर इस समस्या को क्रेडा द्वारा काफी हद तक दूर किया गया है। राणा ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में सौर ऊर्जा से मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने में क्रेडा द्वारा अनेकों प्रयास किये जा रहे हैं, जिसमें आश्रम-छात्रावासों, स्वास्थ्य केन्द्रों, ऊर्जा शिक्षा उद्यान में सौर संयत्रों की स्थापना, पथ प्रकाश व्यवस्था हेतु सौर संयंत्रों से सामुदायिक स्ट्रीट लाईट का संचालन, सोलर हाई मास्ट लाईट की स्थापना एवं सामुदायिक बायोगैस संयंत्रों की स्थापना जैसे कार्य सम्मिलित है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, क्रेडा के नवनियुक्त अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, नव नियुक्त निगम मंडलों के अध्यक्षगण, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे। recent visitors 27

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ कन्याओं को कराया भोजन, प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के बगिया ग्राम में स्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस शुभ अवसर पर उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवारजनों के साथ देवी माँ का विधिवत पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रीमती कौशल्या साय ने इस अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और स्नेहभाव के साथ नन्हीं कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर कन्याओं का पूजन एवं सम्मान, हमारी सांस्कृतिक जड़ों को संजोने के साथ-साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे राष्ट्रीय अभियान को भी जीवंत करता है। यह संदेश देता है कि बालिकाएँ केवल परिवार की नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास की भी आधारशिला हैं। उनका सम्मान, संरक्षण और सशक्तिकरण ही राष्ट्र के विकास के संकल्प को पूर्णता प्रदान करता है। recent visitors 24