सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी

रायपुर : 'पक्का मकान बन गया है?' – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सवाल पर मुस्कराए दल्लु राम बैगा, कहा – “हां, बन गया है” 'पक्का मकान बन गया है प्रधानमंत्री जनमन योजना बनी आत्मसम्मान की छत – एक सजीव संवाद की प्रेरक कहानी तीन लाख गरीबों का सपना हुआ पूरा, पहुंचे खुद के पक्के मकानों में सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी दूरस्थ वनांचलों में भी गरीबों और वंचितों के अब खुद के पक्के घर, सुरक्षा और सम्मान के साथ चिंतामुक्त रह रहे अपने सपने के आशियानों में रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद। प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर पूछा – “पक्का मकान बन गया है?” दल्लु राम ने हाथ जोड़कर जवाब दिया – “हां, बन गया है।” प्रधानमंत्री मोदी ने फिर स्नेहपूर्वक पूछा – “अच्छा लग रहा है की नहीं?” भावुक दल्लु राम ने जवाब दिया “अच्छा लग रहा है।” प्रधानमंत्री ने अंत में पूछा – “बाकी सब ठीक है?” दल्लु राम ने आत्मविश्वास के साथ कहा – “ठीक है।” यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था। छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की श्रीमती सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी। रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु… ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है। दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कान राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है। आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है। टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छत वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है – "मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया… और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं… रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।" बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है – "आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।" प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके … Read more

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जयस्तंभ चौक, रायपुर में भगवान झूलेलाल की जयंती और चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व पर आयोजित शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। यह शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद जयस्तंभ चौक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को भगवान झूलेलाल जयंती, चेट्रीचण्ड्र पर्व, हिंदू नववर्ष एवं नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के आराध्य नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, साहस और सेवा भाव के प्रतीक हैं। चेट्रीचण्ड्र का यह पर्व नए वर्ष की उम्मीद, विश्वास और विजय की शुरुआत है। मुख्यमंत्री साय ने भगवान झूलेलाल और मां भवानी से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा किnनवरात्रि के साथ प्रारंभ हो रहे इस शुभ समय में हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि समाज और देश के लिए मिलकर काम करें।” मुख्यमंत्री ने सिंधी समाज के संघर्षों, परिश्रम और उपलब्धियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि देश के विभाजन के बाद जब सिंधी समाज को अपना सबकुछ छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा, तब भी आपने हार नहीं मानी। आपकी कर्मठता, एकजुटता और आत्मबल ने आपको देश के हर कोने में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी जी का विशेष रूप से स्मरण करते हुए कहा कि आडवाणी जी जैसे महान नेता सिंधी समाज की प्रेरणा हैं, जिन्होंने उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री जैसे दायित्वों को निभाकर राष्ट्रनिर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। उन्होंने आगे कहा कि सिंधी समाज का योगदान व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के हर क्षेत्र में अनुकरणीय है। आपकी एकजुटता और पारिवारिक मूल्य आज भी नई पीढ़ी को रास्ता दिखाते हैं। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सिंधी काउंसिल के अध्यक्ष ललित जयसिंघ, श्रीचंद सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव, पार्षद अमर गिदवानी, फिल्म अभिनेत्री श्रीमती भाग्यसहित अनेक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 25

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के निर्माण में बनें अग्रणी भागीदार: मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सुधारों से भारत बनी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने बैंक ऑडिट एंड एआई विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला को किया संबोधित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स विकसित छत्तीसगढ़  2047 के निर्माण में बनें अग्रणी भागीदार: मुख्यमंत्री साय रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक आर्थिक सुधारों के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जीएसटी और कर सुधारों ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया है और राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है।चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की इस विकास यात्रा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में भी उनकी भागीदारी अहम होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बैंक ऑडिट एंड एआई' को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने सीए छत्तीसगढ़ के विशेष लोगो का भी विमोचन किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य का सबसे बड़ा औजार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बौद्धिक वर्ग हमेशा नई तकनीकों को अपनाता है और एआई (AI) ऐसी ही एक गेम-चेंजर तकनीक है। उन्होंने माना कि एआई न केवल सीए पेशे को और सशक्त करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की गुणवत्ता व गति को भी बढ़ाएगा। उन्होंने एआई से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री साय ने आईसीएआई की स्थापना को भारतीय अकाउंटिंग क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1949 में 1600 लोगों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज चार लाख से अधिक सदस्यों का मजबूत संगठन बन चुका है, जो देशभर में आर्थिक उत्तरदायित्व निभा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश, प्रदेश को 4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति निवेशकों के लिए आकर्षक है और सभी वर्गों का ध्यान रखती है। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिथियम जैसे दुर्लभ खनिज की उपलब्धता और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में राज्य सरकार ने कई दूरदर्शी फैसले लिए हैं, जिससे प्रदेश में तेज़ी से विकास हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हो रहा है। छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047: विकसित भारत में प्रदेश की महती भूमिका मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का ज़िक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रदेश के 3,000 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इसमें भागीदार बनेंगे। आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने संस्था की स्थापना (1949) से लेकर अब तक की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट के कार्य से जुड़ी चुनौतियों और दायित्वों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश के सभी सीए मिलकर प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपनों को साकार करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी सीए अमित चिमनानी, सीए पंकज शाह, सीए अभय छाजेड़, सीए विकास गोलछा सहित आईसीएआई के रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ ब्रांच के सदस्य उपस्थित थे। recent visitors 34

सीएम साय बोले, ‘क्रूर, निरंकुश नक्सलवाद का अंत निकट, 2026 तक भयमुक्त होगा प्रदेश

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में आज हुई मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस ऑपरेशन में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के दो जवान घायल हुए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन की सफलता पर जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘X’ पर लिखा, नक्सलवाद के नासूर को खत्म करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के बढ़ते कदम… सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ आज जारी मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मुठभेड़ में डीआरजी के 2 जवान के घायल होने की खबर है। ईश्वर से शीघ्रातिशीघ्र उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उसको जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं। निश्चित ही जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी बहादुरी को नमन करता हूं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के अनुरूप हमारा छत्तीसगढ़ 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  नक्सलियों ने 4 अप्रैल को बंद बुलाया माओवादियों का कहना है कि हजारों सुरक्षाकर्मी उनके मुख्य इलाकों में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं। वेस्ट बस्तर डिवीजन के प्रवक्ता मोहन ने एक प्रेस नोट जारी किया है। उन्होंने कहा है कि माओवादियों ने हालिया अभियानों के विरोध में 4 अप्रैल को 'बंद' का आह्वान किया है। आंकड़ों के मुताबिक एक साल में अब तक 410 नक्सली मारे जा चुके हैं। हालात ये हैं कि जंगल में जवानों के बूट की आवाज सुनते ही नक्सली कांपने लगते हैं। जवान भी काल बनकर नक्सलियों के ऊपर मंडरा रहे हैं। मारे गए दर्जनों नक्सली माओवादियों ने अपने बयान में कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारें 31 मार्च, 2026 तक माओवादी आंदोलन को पूरी तरह से खत्म करने का दावा कर रही हैं। इन हमलों को उसी का हिस्सा माना जा रहा है। 20 मार्च को हुई मुठभेड़ में मारे गए 26 नक्सलियों में से 24 के नाम 'शहीद' के रूप में उनकी रैंक के साथ जारी किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने 40 ग्रामीणों को नक्सली समर्थक बताकर गिरफ्तार किया है। संयुक्त अभियान पर निकली थी टीम सुकमा पुलिस ने बताया कि केरलापाल क्षेत्र में नक्सलियों की सूचना पर 28 मार्च को डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जवानों ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेर लिया। इसी जगह कलेक्टर को बनाया था बंधक केरलापाल वही जगह है जहां नक्सलियों ने पहले कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को बंधक बना लिया था। उन्हें छुड़ाने के लिए नक्सलियों से बात करनी पड़ी थी। मारा गया था 25 लाख इनामी इससे पहले 25 मार्च को सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों के पास विस्फोटक बरामद हुआ था। तलाशी में मिली एके-47, इंसास समेत कई हथियार मुठभेड़ स्थल से जवानों को 10 से ज्यादा एके-47, इंसास राइफल और एसएलआर जैसे हथियार मिले हैं। इससे पता चलता है कि वहां नक्सलियों के बड़े नेता मौजूद थे। ऐसे में और भी बड़े नक्सलियों के मारे जाने की आशंका है। अभी पतझड़ का मौसम चल रहा है, जिससे नक्सली इलाकों में तलाशी अभियान चलाना मुश्किल होता है। पत्तों के गिरने से जवानों के आने की खबर नक्सलियों को लग जाती है। 14 महीनों में 333 नक्सली ढेर, ऑपरेशन तेज छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान को और तेज कर दिया है। पिछले 14 महीनों में 63 मुठभेड़ों में 333 नक्सली मारे जा चुके हैं। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं, जो नक्सली संगठनों के खिलाफ रणनीति बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं। नक्सलवाद का खात्मा बस्तर के विकास की ओर एक बड़ा कदम गौरतलब है कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर की जनता को शांति और सुरक्षा का अनुभव होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बस्तर का विकास तेजी से होगा। छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता। recent visitors 23

मुख्यमंत्री कार्यालय की तत्परता से संदीप का शव निशुल्क गृह ग्राम बांसबाहर तक लाने की व्यवस्था करवाई.

जशपुरनगर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर कर्नाटक में हादसे में जान गंवाने वाले संदीप साय पैंकरा का शव आज गृह ग्राम बांसबाहर पहुंचा. दरअसल, गरीब परिवार से आने वाले संदीप रोजगार की तलाश में कर्नाटक गया था. यहां समुद्र में डूबकर उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप, बगिया में शव वापस लाने में असमर्थता बताते हुए मदद की गुहार लगाई थी. जानकारी के अनुसार, 36 वर्षीय संदीप साय पैंकरा रोजगार की तलाश में कर्नाटक गया था. जहां वह कारवार तहसील के भटकल में एक पानी जहाज में सहायक के रूप में काम कर रहा था. 27 मार्च की रात, संदीप बोट में सो रहा था और अचानक नींद में समुद्र में गिर गया, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई. बोट के मालिक नारायण खाखी ने परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दी. आर्थिक तंगी बनी बड़ी बाधा, नहीं था शव लाने का खर्च संदीप के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, और शव को कर्नाटक से छत्तीसगढ़ लाने के लिए निजी शव वाहन संचालक भारी रकम मांग रहे थे. इस कठिन परिस्थिति में परिजनों ने कांसाबेल ब्लॉक के बगिया में संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से मदद की गुहार लगाई. मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और शव को निशुल्क गृह ग्राम बांसबाहर तक लाने की व्यवस्था करवाई. शनिवार को संदीप का शव उनके गांव पहुंचा, जिससे परिवार को अंतिम संस्कार करने में सुविधा मिली. मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बना जरूरतमंदों के लिए आशा केंद्र संदीप के परिवार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया और इस पहल की सराहना की. गौरतलब है कि बगिया में संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुका है, जहां लोग अपनी समस्याओं को लेकर मदद के लिए पहुंचते हैं. जरूरतमंदों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, “07764-250061, 07764-250062” इन नंबरों पर कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है. recent visitors 30

मुख्यमंत्री साय ने वनोपज से समृद्धि पर नीति आयोग और सरकार की साझा पहल:वन संसाधनों के समुचित उपयोग और रोजगार सृजन पर जोर

रायपुर जनजातीय समाज और वनों के मध्य गहरा संबंध है और दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में संरक्षित – संवर्धित हो रहे हैं। प्रकृति की गोद में ही जनजाति समाज का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है। यह कार्यशाला आदिवासियों और वनों के सहअस्तित्व को केंद्र में रखकर उनके उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर नीति आयोग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला में सभी प्रबुद्धजनों, विषय विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को जीविकोपार्जन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी पर है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजाति समुदाय निवासरत है और 44 प्रतिशत इलाका वन आच्छादित है।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में मैने प्रदेश के जनजाति समुदाय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल  बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की व्यथा को समझा और एक आदिवासी बहुल नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया। साय ने कहा कि अटल जी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया और आदिवासियों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही राशि का सही उपयोग हो पाया। अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित हुए।    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे, इस उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर पीडीएस सिस्टम लागू कर लोगो को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया। उन्होंने समर्थन मूल्य पर वनोपज की खरीदी प्रारंभ की, जिसने आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया।    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में है। कुल 67 प्रकार के लघु वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वनोपजों से जुड़ी प्रोत्साहक नीतियों का लाभ उठाकर स्व सहायता समूह की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।     मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के आजीविका और उत्थान के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस मौके पर साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग और वन विभाग की इस संयुक्त कार्यशाला से जनजातीय समाज को तकनीक और नवाचार से जोड़ने के साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एक प्रासंगिक और  महत्वपूर्ण विषय पर आज एकदिवसीय कार्यशाला  आयोजित की गई है। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन अब तेजी से हो रहा है और वनवासी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अब सुदृढ़ हुई है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के साथ वन संसाधनों के  समुचित उपयोग पर जोर देने और रोजगार सृजन की बात कही।    कार्यशाला में नीति आयोग के सलाहकार सुरेंद्र मेहता, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एपीसीसीएफ श्रीमती शालिनी रैना, नीति आयोग के निदेशक अमित वर्मा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण और झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से आए प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।  मुख्यमंत्री साय ने वनोपज आधारित स्टालों का किया अवलोकन    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अरण्य भवन परिसर में वन उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। लीफ प्लेट टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की टीम ने मुख्यमंत्री साय को लीफ से तैयार डिनर सेट भेंट किया। इस दौरान भोपालपट्टनम, बीजापुर जिले से आये बी. आर. राव ने मुख्यमंत्री साय को बताया  कि वे पिछले 35 वर्षों से वनौषधीय पौधों के बीजों का संरक्षण कर रहे हैं। वे अपने 'गमलों से जंगल की ओर' अभियान के तहत निःशुल्क बीजों का वितरण भी करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। बलौदाबाजार जिले के अमरवा बांस प्रसंस्करण केन्द्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बांस शिल्प से बना गुलदस्ता भेंट करते हुए केन्द्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। साय ने लाख उत्पादक किसान समिति कांकेर, छत्तीसगढ़ हर्बल और जशप्योर एफपीसी जशपुर के स्टालों का अवलोकन कर समूह के सदस्यों के साथ चर्चा की। recent visitors 35

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बूढ़ा देव की पूजा-अर्चना से की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  बलौदाबाजार में आयोजित गोंडवाना सामाजिक विवाह एवं महासम्मेलन में शामिल होकर 44 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, खल्लारी महाकालेश्वर के तत्वावधान में नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में पारंपरिक गोंडी रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बूढ़ा देव की पूजा-अर्चना से की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सहयोग और संस्कारों को बढ़ावा देते हैं। यह न केवल आर्थिक रूप से सहायक हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक आदर्श भी स्थापित करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता राशि का चेक और आवश्यक विवाह सामग्री प्रदान की। उन्होंने प्रत्येक जोड़े को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी में भागीदारी निभाना है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक संबल बनकर उभरी है, जिससे वे गरिमा के साथ अपने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सम्पन्न कर सकें। शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल : कोचिंग के लिए एमओयू इस अवसर पर जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और न्यूवोको सीमेंट समूह के मध्य एमओयू (MoU) किया गया। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को जिले से बाहर उन्नत कोचिंग संस्थानों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी जी की गारंटी को पूरा करते हुए अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। महतारी वंदन योजना से महिलाएं  आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में गोंड समाज की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए बलौदाबाजार और खल्लारी-सुहेला में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20-20 लाख रुपए की घोषणा की। कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक तुलेश्वर नेताम, गोंड समाज के जिला अध्यक्ष भागबली ध्रुव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, डॉ. सनम जांगड़े व लक्ष्मी बघेल, के.पी. प्रधान, आनंद यादव, विजय केसरवानी, कलेक्टर दीपक सोनी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, गोंड समाज के पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। recent visitors 108