मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू की गई नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु के किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया और अपनी परंपरा के अनुरूप रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री साय ने किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी उपस्थित थे। तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीति को बताया अनुकरणीय मुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे देश के सर्वाधिक धान मूल्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की नीति किसानों के लिए एक मिसाल है। इस पहल को किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता है, तो वे न केवल अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं, बल्कि खेती को एक स्थायी आजीविका के रूप में भी देख सकते हैं। एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने मुख्यमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि उचित समर्थन मूल्य किसानों को आश्वस्त करता है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। जब मूल्य उत्पादन लागत से मेल खाता है, तो किसान निडर होकर खेती कर सकते हैं और अपनी आजीविका को समृद्ध बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम पूरे देश में मिसाल बन सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि समृद्ध भी हों। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई यह नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही है। किसान हितैषी योजनाओं के कारण प्रदेश में धान का उत्पादन लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ की कृषि नीति को राष्ट्रीय पहचान तमिलनाडु के किसानों ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की सराहना की। किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उनका सीधा प्रभाव उनकी आय, जीवन स्तर और समृद्धि पर पड़ता है। यह मुलाकात दो राज्यों के किसानों के बीच आपसी सौहार्द और कृषि सहयोग का प्रतीक बनी। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित नीतियां न केवल राज्य में बल्कि देशभर में अनुकरणीय बन रही हैं। इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ चेरन, कालिया पेरूमल, समीनाथन, सेनगुटटुवन, सुगुमारन, बालाजी, सीतारामन, सबरी नाथन, जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे। recent visitors 28

छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया

मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 12 मार्च 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –     मंत्रिपरिषद ने राज्य में नक्सल समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2023 के स्थान पर छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।     छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025 विधानसभा के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     मुख्यमंत्री ने 27 फरवरी को फिल्म ‘‘छावा‘‘ को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में फिल्म छावा के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति किए जाने का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक योजना तैयार करने के लिए राज्य जल सूचना केन्द्र (SWIC) का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की सहमति प्रदान की गई। रायपुर          स्टेट वाटर इंफॉर्मेशन सेंटर वर्षा, नदी और जलाशयों के स्तर, भूजल गुणवत्ता, गाद, नहरों में जल प्रवाह, फसल कवरेज, जलभृत मानचित्रण, भूमि और मिट्टी के डेटा सहित जल संसाधन संबंधी विभिन्न सूचनाओं का संग्रह, विश्लेषण और भंडारण करेगा।     SWIC, NWIC  द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफार्म की सहायता से जल संसाधन प्रबंधन के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे नीति निर्माण, रणनीतिक निर्णय, मॉडलिंग, विश्लेषणात्मक उपकरणों के विकास और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के जल संसाधन विभाग के 09 बॉधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रूपए भारत सरकार के माध्यम से ऋण स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। इनमें मनियारी टैंक, घोंघा टैंक, दुधावा, किंकारी, सोंढूर, मूरूमसिल्ली (भाग-2), रविशंकर सागर परियोजना (भाग-2), न्यूज रूद्री बैराज और पेण्ड्रावन टैंक शामिल हैं।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में सुशासन और नीति क्रियान्वयन को मजबूत करने में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।     यह योजना आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउण्डेशन नई दिल्ली के सहयोग से सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं के लिए होगी। इस कार्यक्रम को सुफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले फेलो को आईआईएम रायपुर द्वारा एमबीए के डिग्री प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर चयनित फेलो को दो वर्ष की कुछ अवधि में आईआईएम रायपुर में शैक्षणिक सत्र में शामिल होना होगा तथा शेष अवधि में जिला/विभाग में राज्य की योजनाओं एवं कार्यक्रम हेतु कार्य करके जिला/विभाग को सहयोग प्रदान करना होगा। इस कार्यक्रम में होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा साथ ही फेलो को प्रति माह स्टाईपेंड भी प्रदान किया जाएगा।     मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच ईओडब्ल्यू के माध्यम से जांच कराने का निर्णय लिया है। recent visitors 37

हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान

रायपुर : श्रीरविशंकर और उनके संस्थान के परोपकार और मानवता के कल्याण के कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रीरविशंकर द्वारा नक्सल विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीरविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीरविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीरविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीरविशंकर और मुख्यमंत्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीरविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीरविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीरविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 29

मुख्यमंत्री साय ने चार नए महिला थानों का उद्घाटन, पुलिस बल को और सशक्त बनाने पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में उप निरीक्षक संवर्ग के 840 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए  कहा कि राज्य में पुलिस बल की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित हो, यह सुनिश्चित करना भी पुलिस विभाग की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कार्य लोगों के बीच शांति, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देना भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। तकनीकी संसाधनों के समावेश से पुलिस बल को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्दी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी का सम्मान करें और इसे हमेशा गर्व से धारण करें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जशपुर, रायगढ़, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में नए महिला थानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन थानों के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं के तहत तकनीकी उन्नयन, आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह पुलिस सेवा में उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुलिस अधिकारी बनने के लिए उच्च मनोबल और अनुशासन अनिवार्य है। इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 47

मुख्यमंत्री को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट कर सुशासन की सराहना की, महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री को समाज के कुटीर उद्योग पहल की जानकारी दी

रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कुनबी समाज महासंगठन के 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर, छत्रपति शंभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म "छावा" को राज्य में कर मुक्त किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह निर्णय इतिहास को सहज और सरल रूप में जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री साय को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, मराठी टोपी, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा कहा कि आपके नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रतिनिधि मंडल  ने शिवाजी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल की महिला सदस्यों श्रीमती सारिका गेडेकर व श्रीमती मनिषा बारसे ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि कुनबी समाज की महिलाओं ने सामाजिक भवन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुटीर उद्योग की स्थापना की है। इसके तहत हल्दी, मिर्च, मसाले आदि का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश कुनबी समाज भवन निर्माण से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री को दी और समाज के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में रंजीत भाऊ मुनेश्वर, उमेश घोड़मोड़,  श्रीमती सारिका गेडेकर, श्रीमती मनिषा बारसे,  दिलीप गेडेकर,  हेमराज,  प्रेम बोहरे, वासुदेव फुंडे, श्रीमती रागिणी गेडेकर, श्रीमती संगिता भंडारकर, श्रीमती रिंकु सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 63

‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति! 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मिला निवेश प्रस्ताव 57,000 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाएं, नदियों से बनेगी बिजली थर्मल और न्यूक्लियर पावर से भी मिलेगी छत्तीसगढ़ को ऊर्जा रायपुर छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो। छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी। थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे। किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रमुख निवेश और योजनाएं 1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश। 2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़। 3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़। 4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़। 5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़। 6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़। 7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़। 8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़। 9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़। 10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़। 11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़। recent visitors 44

मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित "महतारी वंदन अभिनंदन" कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने मीडिया में महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। महिला पत्रकारों ने कहा कि महिला पत्रकार राजनीति, अपराध, खेल सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की सराहना की और कहा कि यह पहल महिलाओं को घर से दूर भी सुरक्षित माहौल प्रदान करेगी। इससे अब अभिभावक अपनी बेटियों के करियर को लेकर निश्चिंत हो सकेंगे। उन्होंने पत्रकारों की सम्मान निधि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह आयोजित करने पर खुशी जताई और कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता ने हमें अपने घर बुलाया हो। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला पत्रकारों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में पहली बार इस तरह का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाएँ समाज निर्माण की सशक्त धुरी हैं, और महिला पत्रकार अपनी लेखनी से सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री साय के साथ लंच किया और उनके साथ सेल्फी भी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के लिए भविष्य में नई योजनाओं पर विचार करने का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार महिला पत्रकारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। recent visitors 67