मुख्यमंत्री साय आयुष्मान कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट वितरित करेंगे

रायपुर : मुख्यमंत्री साय 8 मार्च को जशपुर के सलियाटोली में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और सामूहिक विवाह में होंगे शामिल मुख्यमंत्री साय 365 नवविवाहित जोड़ों को देंगे आशीर्वाद मुख्यमंत्री साय आयुष्मान कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट वितरित करेंगे एम्स रायपुर के विशेषज्ञ मरीजों का करेंगे उपचार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 08 मार्च को कुनकुरी के सलियाटोली स्थित बालासाहेब देशपांडे महाविद्यालय मैदान में स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में आयोजित वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री साय सलियाटोली के मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह बंधन में बंधने वाले 365 जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में आयोजित इस वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में मुख्यमंत्री आयुष्मान और सिकल सेल कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट, तथा निक्षय मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।यह शिविर जिला प्रशासन, जशपुर द्वारा एम्स रायपुर के सहयोग से सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान एम्स रायपुर एवं अन्य उच्च संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का चिन्हांकन कर उपचार करेंगे, साथ ही निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाएंगी।गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रायपुर रेफर कर विशेष इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस चिकित्सा शिविर में एम्स रायपुर के मेडिसिन, सर्जरी, कैंसर, न्यूरोलॉजी, नाक-कान-गला, नेत्र, अस्थि, गुर्दा, चर्म, स्त्री रोग और मनोरोग विशेषज्ञ मरीजों का उपचार करेंगे। मरीजों की सुविधा के लिए पंजीयन काउंटर, जनरल ओपीडी काउंटर, लैबोरेटरी काउंटर, और सभी विशेषज्ञ विभागों के पृथक-पृथक काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 365 जोड़ों का विवाह सलियाटोली मिनी स्टेडियम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 365 हिंदू जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वर-वधू को अपना आशीर्वाद देंगे। उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के विवाह पर 50 हजार रुपये तक की राशि व्यय करने का प्रावधान है। recent visitors 32

मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि

रायपुर : गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार, देशभर से आ रहे श्रद्धालु गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सुरक्षा का व्यापक विस्तार मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड का होगा निर्माण रायपुर बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और कर्मस्थली गिरौदपुरी में आयोजित गुरूदर्शन मेला अपनी भव्यता और आस्था के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 04 से 06 मार्च तक चलने वाले इस मेले में छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत से हजारों श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस बार मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित करने  के लिए  50 लाख रुपए की राशि की घोषणा की है, जो पूर्व में 25 लाख रुपए थी। इसके साथ ही, मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड के निर्माण की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं गुरू गद्दी का दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की और मेले की भव्यता बढ़ाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए मेला बजट को दोगुना करने के साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री साय की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण एवं माप-जोख करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर  इस वर्ष मेले में  श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गुरूदर्शन मेला न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र है। इस वर्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से इसे और भव्य और सुव्यवस्थित बनाया गया है। प्रशासन द्वारा की गई इन सुविधाओं की बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। गुरूदर्शन मेले का यह ऐतिहासिक विस्तार श्रद्धालुओं की सेवा और आस्था को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला साबित होगा। गुरुदर्शन मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है, जिसके अंतर्गत चिकित्सा सहायता केंद्रों की संख्या 2 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है और एंबुलेंस की संख्या 4 से बढ़ाकर 8 की गई है। निःशुल्क भोजन सेवा को भी विस्तार देते हुए अब 24 स्थानों पर 212 समूहों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पहले 20 स्थानों पर 175 समूहों द्वारा संचालित थी। पेयजल व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें स्थायी नल कनेक्शन की संख्या 110 से बढ़ाकर 195 कर दी गई है और पानी टैंकरों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिसमें पुलिस कंट्रोल रूम की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है, सुरक्षा बलों की संख्या 450 से बढ़ाकर 1150 की गई है और पहली बार 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है ।सुरक्षाकर्मियों को 130 वायरलेस सेट भी प्रदान किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब 1 के बजाय 3 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मेले में विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है, जिसमें ट्रांसफार्मरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बैकअप जनरेटर की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शौचालयों की संख्या 4 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है, स्नानागार की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 की गई है, और अतिरिक्त रूप से 80 सीटर स्थायी शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या 80 से बढ़ाकर 291 कर दी गई है ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे। इस वर्ष पहली बार गिरौदपुरी मेला डॉट कॉम नामक वेबसाइट लॉन्च की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को मेला स्थल की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाओं की ऑनलाइन जानकारी मिल सके। इससे श्रद्धालु यात्रा संबंधी सूचनाएं, पार्किंग व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की जानकारी और अन्य सुविधाओं की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। recent visitors 56

मुख्यमंत्री साय ने गिरौदपुरी मेला की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने तथा मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थाई शेड निर्माण की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी धाम में आयोजित गुरुदर्शन मेला के पहले दिन गुरु गद्दी का दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर मेला समिति की मांग पर गिरौदपुरी मेले की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने एवं श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, कलेक्टर दीपक सोनी, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय गिरौदपुरी मेला 4 मार्च से 6 मार्च तक आयोजित होगा। गिरौदपुरी धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है। recent visitors 52

युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान

 बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी तीव्र गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करता बजट विधानसभा में प्रस्तुत – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सूत्रवाक्य रखा, ज्ञान से गति की ओर, पिछले बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के लिए फोकस रखा था, अब इन्हें आगे बढ़ाने गति अर्थात सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी, तकनीक और औद्योगिक विकास पर होगा जोर अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर अटल निर्माण वर्ष के अनुरूप पूंजीगत व्यय पर 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक का हमने रखा बजट, नदियों को जोड़ना उनका था सपना, इसे करेंगे साकार युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान रायपुर यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी। इसमें धान के कटोरे की चमक ‘‘कृषि अर्थव्यवस्था‘‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपरोक्त बातें कही।     साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करेें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले। इस बार बजट का थीम है ‘‘ज्ञान के लिए गति‘‘ यह हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि गति से हमारा तात्पर्य सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी लाना, तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग और औद्योगिक विकास में तीव्र वृद्धि करना है। हम इन सभी मानदंडों को पूरा करेंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी।     इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जन्म शताब्दी वर्ष  को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते थे, उनके सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रख दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी अधोसंरचना की जरूरत होगी जो एक विकसित औद्योगिक राज्य की जरूरतों को पूरी करती हो। इसके लिए हमने बजट में विशेष प्रावधान किये हैं। रायपुर-दुर्ग मेट्रो सेवा का सर्वे होगा। नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहे हैं। इसके लिए 700 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। महानदी- इंद्रावती तथा कोडार-सिकासर जैसी नदियों को जोड़ेंगे, खेती में निवेश करेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शो के अनुरूप हमने अंत्योदय के कल्याण के लिए तथा इनके समग्र विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान रखा है। पिछले बजट में गरीब युवा, अन्नदाता तथा नारी शक्ति एवं जनजातीय विकास के लिए जो योजनाएं आरंभ की गई थी, उनके लिए बजट प्रावधान के साथ ही इनके विकास के लिए नई योजनाएं भी इस बजट में आरंभ की गई है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा। recent visitors 44

फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे। नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, 'सिंगल विंडो 2.0' प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे। औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे। recent visitors 28

नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार 'अटल विश्वास पत्र' में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे।  उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 22

मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री साय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर दिया गया जोर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से गांवों में धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में एक मजबूत आधार बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में मनरेगा के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति, लेबर बजट 2025-26, योजना के प्रमुख इंडिकेटर्स और अभिसरण (कॉन्वर्जेंस) मॉडल पर गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। मनरेगा आयुक्त रजत बंसल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत हो चुके हैं, 299 पूर्ण हो चुके हैं, और 472 पर कार्य प्रगति पर है। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, पी. दयानंद, राहुल भगत, मनरेगा आयुक्त रजत बंसल एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे। recent visitors 31