मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी के प्रति आभार जाताया

रायपुर भारत सरकार के केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत नेशनल हाईवे क्रमांक 130 में उच्च स्तरीय पुल तथा नेशनल हाईवे क्रमांक एनएच 153 के उन्नयन तथा नेशनल हाईवे क्रमांक 130 सी फोर लेन सड़क निर्माण के लिए कुल 147 करोड़ 26 लाख रूपए की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जाताया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 130 (बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग) में चुलहट नाला पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 4 करोड़ 88 लाख रूपए और राष्ट्रीय राजमार्ग 153 (रायगढ़-सराईपाली मार्ग) के चंद्रपुर सेक्शन में 2 लेन एवं उन्नयन कार्य के लिए 99.13 करोड़ रूपए तथा नेशनल हाईवे क्रमांक 130 सी में गरियाबंद नगरीय क्षेत्र  में फोर लेन सड़क निर्माण के लिए 43.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। recent visitors 58

हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद

नारी शक्ति का हुआ सम्मान महतारी वंदन ने बढ़ाया मान महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित विष्णु देव सरकार हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद रायपुर छत्तीसगढ़ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा के उद्देश्य से विष्णु देव सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना से हितग्राही महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं इस मदद की राशि से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अतिरिक्त आय उपार्जन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने लगी है। श्रीमती बिंदिया प्रजापति को जब से महतारी वंदन योजना के तहत हर महिने एक-एक हजार रूपए मिल रहे है, उनके चेहरे में खुशी की चमक देखते ही बन रही है। मरवाही विकासखण्ड के ग्राम धरहर की श्रीमती प्रजापति महतारी वंदन की राशि का उपयोग अपने ईंट व्यवसाय के कारोबार को बढ़ाने में कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर बिंदिया बाई को पहले ईंट बनाने के लिए मिट्टी, पकाने के लिए भूंसी-लकड़ी आदि के लिए उधारी लेना पड़ता था, अब उन्हें दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। बलौदा बाजार जिला के वनांचल ग्राम बल्दा कछार की निवासी श्रीमती ममता परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है, जिसमें बचत कर वो अपनी बेटियों को शिक्षित कर रही हैं। कोरिया जिले के ग्राम जमड़ी की निवासी श्रीमती सुनीता साहू के जीवन में महतारी वंदन योजना ने बदलाव लाया। तीन बच्चों की मां श्रीमती साहू ने योजना से मिली राशि को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय की निवासी लाभार्थी श्रीमती चंद्रमणि और उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर 6 सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करते हैं। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना अब उनके परिवार के लिए सहारा साबित हो रही है। जिससे चंद्रमणि को एक हजार रूपए तथा उसकी सास रुकनी को महतारी वंदन योजना से 500 रुपए एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत 500 रूपए मिल रही है, जो इस गरीब परिवार के लिए बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन उपयोगी साबित हो रही है। इसी तरह कई महिलाएं हैं जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना की बदौलत आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। सरकार का यह कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। recent visitors 72

मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को पूर्ण करने तेजी से करेंगे प्रयास – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी निर्णायक लड़ाई – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी निर्णायक लड़ाई  – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को पूर्ण करने तेजी से करेंगे प्रयास  – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर हो रहा अग्रसर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों  एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के 15,000 मकानों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में नक्सल परिदृश्य पर बड़ी समीक्षा बैठक हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों के मूल्यांकन और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उसी दिशा में प्रभावी रणनीतियां तैयार करनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल आत्मसमर्पण के लिए जनजागरूकता अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। बस्तर क्षेत्र के लोग अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं, जिसकी झलक हाल ही में संपन्न बस्तर ओलंपिक में भी दिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15,000 मकानों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद मुक्त होगा। सरकार की प्राथमिकता स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करने की है। बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सिविल सोसाइटी को अभियान से जोड़ने और नक्सलियों के आत्मसमर्पण हेतु किए जा रहे प्रयासों को तेज करने पर बल दिया। शर्मा ने नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे। बैठक में  सुरक्षा ग्रिड का विस्तार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए कैंप स्थापित करना, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और आवास संबंधी योजनाएं और ज्वाइंट एक्शन प्लान सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, एस आर पी कल्लूरी, विवेकानन्द सिन्हा, अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 93

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास नीति के संबंध में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप को किया सम्बोधित

नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ में खुला रेड कारपेट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 27 बड़े औद्योगिक समूहों को 32 हजार 225 करोड़ रुपए के नवीन पूंजी निवेश के लिए प्रदान किए गए ‘इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर’ मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास नीति के संबंध में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप को किया सम्बोधित रायपुर छत्तीसगढ़ में नए नए उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां मिनरल्स का विपुल भंडार है, अनुकूल औद्योगिक वातावरण है, साथ ही उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा कर राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 तैयार की गई है। इस नवीन नीति में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए रेड कारपेट छत्तीसगढ़ में खुला है। निवेश की जटिलताएं अब छत्तीसगढ़ में नहीं रही। सिंगल विंडों सिस्टम ने सब कुछ बहुत सरल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संयुक्त रूप से ‘‘छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के संबंध में हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम (स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप)’’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। इसके लिए हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना होगा। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। छत्तीसगढ़ के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेकर किया गया है। नई नीति तैयार करने में उद्योगपतियों से सुझावों को शामिल किया गया है। इस नीति से प्रदेश में निवेश तो आएगा ही, नये उद्योगों की स्थापना होगी, साथ ही राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा। नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीत सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन गया है। छत्तीसगढ़ के नवीन औद्योगिक नीति की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। इस नीति से प्रदेश में सस्टेनेबल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। नई नीति में एमएसएमई उद्योगों को सशक्त बनाने का अच्छा प्रयास किया गया है। नये क्षेत्रों में निवेश के लिए इंसेन्टिव स्कीम तैयार की गई है। इस उद्योग नीति में रोजगार सृजन महत्वपूर्ण पहलू है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर प्रदान किए। इनमें राज्य के कोर सेक्टर के साथ ही नये निवेश क्षेत्रों जैसे आईटी, एआई, डाटा सेंटर, एथेनॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें शिवालिक इंजीनियरिंग, मां दुर्गा आयरन एण्ड स्टील, एबीआरईएल ग्रीन एनर्जी, आरएजी फेरो एलायज, रिलायंस बायो एनर्जी, यश फैंस एण्ड एप्लायंसेस, शांति ग्रीन्स बायोफ्यूल, रेक बैंक डाटा सेंटर आदि सम्मिलित हैं। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन, निर्यात प्रोत्साहन और उद्योगों की मंजूरी और स्थापना की प्रक्रिया के सरलीकरण पर फोकस किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने बताया कि नवीन औद्योगिक विकास नीति में राज्य की प्राथमिकताओं एवं राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिये प्रावधान किये गये हैं । कार्यक्रम में आयोजित पैनल डिस्कशन में रोजगारवर्धक औद्योगिक विकास में औद्योगिक अधोसंरचना, नीति समर्थन एवं उद्योग स्थापना हेतु औपचारिक आवश्यकताओं को कम करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 56

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान और सशक्त मोबाइल ऐप का किया लांचिंग

साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती, जिसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना आवश्यक – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने किया साइबर भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान और सशक्त मोबाइल ऐप का किया लांचिंग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में राज्य स्तरीय साइबर भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साइबर अपराध की चुनौतियों और उससे निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और इसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें साइबर भवन का उद्घाटन एक अहम पहल है। मुख्यमंत्री साय ने अक्टूबर माह में प्रदेश में आयोजित 410 जनजागरूकता कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता अभियान साइबर अपराध रोकने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा हमारे पुलिस अधिकारियों ने क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग के बहाने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों को ट्रैक करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई और आईआईएम रायपुर के साथ हुए अनुबंध साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर यूनिसेफ द्वारा बनाए गए ऑनलाइन मॉड्यूल की प्रशंसा की।   कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान मोबाइल ऐप और सशक्त मोबाइल ऐप को लांच किया। उन्होंने साइबर अपराधों की उत्कृष्ट विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम नई तकनीक को अपनाकर साइबर अपराधों को रोकने की दिशा में  और अधिक दक्षता के साथ काम करेंगे। उन्होंने इस दिशा में काम कर रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।       उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और सुदर्शन की नीति को आधार बनाकर किए गए कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आज देश में सबसे उत्कृष्ट कार्य करने वाली सरकार के रूप में उभर रही है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना ने 70 लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है और समाज के हर वर्ग तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस तंत्र को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे एक प्रभावी प्रणाली में तब्दील कर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में पुलिस ने नक्सलवाद को सीमित करने में अद्भुत कार्य किया है। यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और रणनीतिक प्रयासों का परिणाम है। साइबर अपराधों पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष पहल की है। हाल ही में चलाए गए साइबर जागरूकता पखवाड़े का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। आज उद्घाटन किए गए साइबर भवन से बड़े अभियानों को संचालित किया जाएगा, जो इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के अपने लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी बड़े निर्णय लेकर जनता के हित में कार्य करेगी। इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, एस आर पी कल्लूरी, विवेकानन्द सिन्हा, अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत, हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 50

5 दिसम्बर गुरुवार को होने वाला जनदर्शन स्थगित

रायपुर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में 5 दिसम्बर गुरूवार को प्रस्तावित जनदर्शन कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया है। recent visitors 55

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी

प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नगरीय निकायों में 15 हजार नए आवास स्वीकृत राज्य के सभी शहर शामिल, प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन के आधार पर मिली नए आवासों की स्वीकृति केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।   भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है। राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में 'सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है। recent visitors 60