भारत मंडपम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आत्मीयता ने जीता सबका दिल

भारत मंडपम में दूर से खड़े खड़े कार्यक्रम देख रहे थे एक बुजुर्ग, मुख्यमंत्री ने पास बुलाया और अपने साथ बैठने का किया आग्रह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता छू गई दिल वालों की नगरी दिल्ली के लोगों को भी भारत मंडपम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आत्मीयता ने जीता सबका दिल मुख्यमंत्री साय ने किया सियान का सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सादगी और संवेदनशीलता ने एक बार फिर लोगों के दिलों को छू लिया। यह दृश्य था राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में, जहां छत्तीसगढ़ दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। छत्तीसगढ़ की परंपरा और कला की शानदार प्रस्तुतियां मंच पर हो रही थीं, और दर्शक तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री साय की नजर दर्शकों के बीच एक वृद्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने सहायक से कहा कि उस बुजुर्ग को पास बुलाएं। कुछ ही पल में वह बुजुर्ग व्यक्ति मुख्यमंत्री के पास पहुंचे। साय ने बड़े ही आत्मीय भाव से उनका स्वागत किया और उन्हें अपने पास बैठने का आग्रह किया। कार्यक्रम देखकर बाहर आये   बुजुर्ग रामावतार तिवारी ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा लगा जब मुख्यमंत्री ने मुझे सम्मान दिया, अपने पास बैठाया और मेरा हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने इतना बड़ा ओहदा हासिल करने के बाद भी अपनी विनम्रता और संस्कार को नहीं छोड़ा। रामावतार तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सीधे सरल लोगों के बारे में सुनते आये हैं। वहां के मुख्यमंत्री से मिलकर लगा कि सीधे और सरल लोगों के मुखिया भी सीधे और सरल स्वभाव के हैं। मुख्यमंत्री साय का हृदय  संवेदनशीलता से परिपूर्ण है। हम एक दूसरे से अपरिचित भले ही हो सकते हों लेकिन संवेदनशील हृदय के द्वारा हम एक दूसरे की भावनाओं को प्रगाढ़ता से महसूस कर सकते हैं। recent visitors 74

आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं

रायपुर आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं। मैं चाहती हूं कि बस्तर के अधिक अधिक से अधिक युवा सुरक्षा बलों में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मैं इस सुरक्षा बल का हिस्सा हूं और नक्सल अभियानों में मेरी भूमिका रही है।सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन की जांबाज महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके बस्तर के सेडवा कैंप प्रवास के दौरान ये बातें साझा की।              मुख्यमंत्री साय बस्तरिया बटालियन की महिला कांस्टेबल  के आत्मविश्वास से भरे शब्दों को सुनकर गर्व से भर गए और शाबाशी देते हुए कहा कि जवानों के हौसलों से ही हमें ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि नक्सल ऑपरेशन में बस्तर की बहुत सारी बेटियां चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। बस्तर में नक्सलवादियों से मुकाबला करती हमारी बेटियों के पराक्रम का कोई सानी नहीं है।             मुख्यमंत्री साय को  बताया गया कि सीआरपीएफ के चुनिंदा जवानों को कोबरा बटालियन में काम करने का मौका दिया जाता है। इन जवानों को नक्सल ऑपरेशन और जंगलवार में महारत हासिल है। जवानों ने टेकलगुड़ेम में कैम्प स्थापना के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे कई साथी घायल हुए लेकिन हमारी टीम ने डटकर मुकाबला किया और कैम्प स्थापित करने में सफल हुए, जिसके कारण नक्सलियों को गांव छोडकर भागना पड़ा।         जवानों ने अबूझमाड़ की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में कई तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सभी जवानों का मनोबल ऊंचा है। हमारी तैनाती संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में होती है और हम हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमारी कोशिश है कि हमारा राज्य नक्सलमुक्त हो। हम सब जवान टीम वर्क के साथ अभियानों को अंजाम देते हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान जब जवान घायल होते हैं तब उनके लाइफ सपोर्ट के लिए भी टीम हमेशा मुस्तैद रहती है। ग्राउंड जीरो से हायर मेडिकल फेसिलिटिज तक जवानों को ले जाने के लिए एयर लिफ्ट करने का काम भी तत्काल किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर प्रवास के दौरान अचानक ही सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में जवानों से मिलने बस्तर जिले के सेडवा कैंप पहुंचे थे। यहां उन्होंने जवानों से खुलकर आत्मीयतापूर्वक बात की और जवानों ने भी मुख्यमंत्री से आत्मीय संवाद करते हुए माओवादी आतंक के उन्मूलन के प्रयास में अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध हमने जो सफलता हासिल की है, उसमें पुलिस और सुरक्षा बलों की अनेक टीमों और बटालियनों की साझी भागीदारी है। इसके साथ-साथ स्थानीय शासन के विभिन्न विभागों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवादी मानवता के दुश्मन हैं। बारूदी सुरंगें बिछाते हुए वे जरा भी नहीं सोचते कि इनसे आम लोगों की जानें भी जा सकती हैं। कई बार छोटे-छोटे बच्चे भी इन बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों का काम सचमुच बहुत चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हर चुनौती को चूर-चूर करना आप लोगों को आता है। आज हमारे जवान अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में भी नक्सलवाद का सफाया करते हुए सफलता के झंडे लहरा रहे हैं। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने देश के सामने संगठन और समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। recent visitors 62

छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चुना गया है। कांकेर जिले को यह राष्ट्रीय अवार्ड 21 नवंबर विश्व मात्स्यिकीय दिवस के अवसर पर मिलेगा। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित कार्यक्रम यह सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयन होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंड लॉक प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमारे राज्य के मत्स्य कृषकों की मेहनत का परिणाम है। छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन के मामले में न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी मछली बीज निर्यात कर रहा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1,29,039 जल स्त्रोत उपलब्ध है, जिसका जल क्षेत्र 2.032 लाख हेक्टेयर है, जिनमें 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 कि.मी का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है. अब तक कुल 6783 हेक्टर जलक्षेत्र निर्मित हो चुका है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल राज्य पर निर्भर था। कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 115 हैचरियों के माध्यम से 546 करोड़ मत्स्य बीज का प्रति वर्ष उत्पादन होने से राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को भी मत्स्य बीज निर्यात कर रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रति वर्ष 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। राज्य अन्तर्देशीय मत्स्य उत्पादन में देश में 8 वें स्थान पर है। राज्य में अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन हेतु जलाशयों एवं बंद खदानों में अब तक 9551 केज, 415 बायोफ्लॉक, 06 आर.ए.एस. एवं 253 बॉयोफलॉक पॉण्ड स्थापित किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। प्रदेश के मत्स्य पालकों का एन.एफ.डी.पी. योजना अंतर्गत पंजीयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है। recent visitors 75

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 20 नवम्बर को प्रातः 9.15 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से नई दिल्ली रवाना हुए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 20 नवम्बर को प्रातः 9.15 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से नई दिल्ली रवाना हुए। मुख्यमंत्री साय वहां संध्या  5.30 बजे से 7.30 बजे तक एम्फी थियेटर-1 भरतमंडपम में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 21 नवम्बर को दोपहर 1.45 बजे नियमित विमान से रायपुर लौट आएंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 नवम्बर से 27 नवम्बर तक आयोजित 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय मेले में छत्तीसगढ़ राज्य की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार एवं प्रदर्शन के लिए कुल 11 स्टाल लगाए गए हैं, जहां विकसित छत्तीसगढ़ 2047 की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, सेल्फ हेल्प ग्रुप, हाथकरघा, हस्तशिल्प, हर्बल एवं कृषि विभाग के प्रदर्शन स्टाल लगे हैं। 20 नवम्बर को यहां छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध संस्कृति एवं लोककला का प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। recent visitors 60

मुख्यमंत्री श्री साय सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ व कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी । मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन का यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह युवाओं को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ में हम लगातार खेलों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे राज्य में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। भारत सरकार की खेलो-इंडिया योजना को भी हम छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे अवसर मिलता है। मैं खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को जानने समझने का प्रयास करता हूं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता हूं। कल ही मैंने धमतरी की बैडमिंटन खिलाड़ी रीतिका ध्रुव से वीडियो कॉल पर बात करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिली उपलब्धियों के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीतिका ने मुझे बताया कि उनके पिता जीवन-यापन के लिए मजदूरी करते हैं और मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। संघर्षों के बावजूद रीतिका ने बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने रितिका को आश्वस्त किया कि आप खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करिये। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी तरह कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बिटिया निशा से मैंने फोन पर बात की। निशा पूर्वी-अफ्रीकी देश तंजनिया का किलीमंजारों पर्वत फतह करना चाहती है। वह माउंट एवेरेस्ट भी फतह करना चाहती है। उसके पिता रिक्शा-चालक हैं। मुझे पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह बेटी पर्वतारोहण के लिए नहीं जा पा रही है। मैंने उसे सरकार की ओर से सभी तरह के सहयोग का भरोसा दिया और कल मैंने पौने चार लाख की राशि निशा बेटी के लिए स्वीकृत कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। बैडमिंटन के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे बढ़ें इसके लिए भी हम सभी सुविधाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने मेंस डबल्स विजेता श्री हरिहरन व श्री रुबन कुमार को बधाई दी। उन्होंने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चौलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विदेश से आए खिलाड़ियों और उनकी टीम के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिसोदिया, महासचिव श्री संजय मिश्रा, श्री राकेश शेखर, श्री गौतम महंता सहित बैडमिंटन संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे। recent visitors 144

मुख्यमंत्री श्री साय आज चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होंगे

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में  शामिल  होंगे। बैठक बस्तर के चित्रकोट में आयोजित है। मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 10 बजे हेलीकॉप्टर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे और चित्रकोट में सवेरे 11 बजे से बजे  बैठक में शामिल होंगे। बैठक में रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री श्री साय ने  अपने एक्स हैंडल से  हल्बी में  ट्वीट कर  कहा  कि  दादा-दीदी  मन  के विकास,भलाई  और  विकास की नई  दिशा देने  आयोजित बस्तर विकास  प्राधिकरण की बैठक में  शामिल  होने बस्तर आ  रहा हूं। recent visitors 46

जनजातीय समुदाय के शहीदों की चिन्हित स्थलों पर लगेंगी प्रतिमाएं – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बैगा, गुनिया, सिरहा को दी सम्मान निधि की सौगात जनजातीय गांवों में धार्मिक व मांगलिक कार्य के लिए अखरा निर्माण विकास की योजना होगी शुरू जनजातीय समुदाय के शहीदों की चिन्हित स्थलों पर लगेंगी प्रतिमाएं जनजातीय विद्रोह के शहीदों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन हुए सम्मानित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास बहुत समृद्ध और गौरवशाली है। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने का काम किया है। अटल जी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए पृथक से मंत्रालय बनाया और इस समुदाय के विकास को एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 24,000 करोड़ रूपए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 80,000 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है, जिसके चलते जनजातीय इलाकों में तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विकास और जनजातियों की बेहतरी के काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बैगा, गुनिया,  सिरहा लोगों के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि दिए जाने की घोषणा की। इसके तहत उन्हें प्रति वर्ष 5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य के लिए अखरा निर्माण विकास योजना शुरू करने और जनजातीय समुदाय के शहीदों की प्रतिमाएं चिन्हित स्थलों पर स्थापित किए जाने की घोषणा की।   मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जनजातीय समुदाय के विभूतियों, राज्य में हुए जनजातीय विद्रोह के शहीदों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर वन अधिकार अधिनियम से संबंधित ‘‘एटलस‘‘, कैलेण्डर ‘‘शौर्यांजलि‘‘ तथा ‘‘हल्बा जनजातीय की वाचिक परंपराएं‘‘ विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया। इनका प्रकाशन छत्तीसगढ़ आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया गया है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा सांसद अरूण सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सभी वर्गाें के उत्थान और कल्याण के लिए किए जा रहे कार्याें की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की लोकप्रियता और विनम्रता की सराहना पूरे देश में होती है। उन्होंने कहा कि रायपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय नृत्य महोत्सव समारोह में आकर ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ का दर्शन हुआ है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के इस विशेष आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर जनजातीय समुदाय के महापुरूषों को नमन करते हुए कहा कि वही देश और समाज जागृत रहता है, जो अपनी संस्कृति और अपने महापुरूषों को याद रखता है। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए चिंता की है। उन्होंने इस समुदाय के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से छत्तीसगढ़ के साढे छह हजार गांवों और ग्रामीणों का समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, राज्यसभा सांसद अरूण सिंह, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को न सिर्फ सुना, बल्कि वर्चुअल रूप से उसका हिस्सा भी बना।   उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर पर देश के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं विस्तार वाली 6600 करोड़ की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने देश के जनजातीय इलाकों और जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए पांच गुना बजट खर्च कर रहे हैं। दस साल पहले इसका बजट मात्र 25,000 करोड़ रूपए हुआ करता था, जो अब बढ़कर 1,25,000 करोड़ रूपए हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बिहार के जमुई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। जमुई में आयोजित इस कार्यक्रम का लाईव प्रसारण पूरे देश में हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमने इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास किया है। इतिहास में आदिवासी समाज के लोगों को वह स्थान नहीं मिला, जिसके वह अधिकारी थे। आदिवासी समाज वो है, जिसने राजकुमार  को मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम बना दिया। इस समाज ने देश की संस्कृति और परंपरा का मान बढ़ाया है। आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लोहा लिया है। अपनी अस्मिता, संस्कृति, और स्वाधीनता के लिए जनजातीय समुदाय के हजारों नायकों ने अपने प्राण न्यौछावर किए। देश की आजादी की लड़ाई में हजारों आदिवासी भाइयो-बहनों को मौत के घाट उतार दिया गया था, उनके योगदानों को हम नहीं भुला सकते। हमने जनजातीय समुदाय के गौरव को बढ़ाने का काम किया है। पीएम जनमन के तहत जितने कार्य शुरू हुए हैं, उसका श्रेय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी को जाता है। जब वह झारखण्ड में थी, तब मुझसे अति पिछड़ी जनजातियों की चर्चा करती थी। हमने 24 हजार करोड़ रूपए से पीएम जनमन योजना की शुरुआत की, जिससे अति पिछड़ी जनजातियों के बस्तियों और गांवों का विकास हो रहा है। जनजातीय बाहुल्य जिलों को आकांक्षी जिला घोषित कर वहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया, आज वहां बदलाव दिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में देशवासियों को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरुनानक जी का प्रकाश पर्व भी है। आज भगवान … Read more