मुख्यमंत्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल प्रांगण में गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाश पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने प्रकाश पर्व पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज इस पवित्र दिन सिख समुदाय के अपने भाइयों-बहनों के बीच आकर मैं बहुत खुशी का अनुभव कर रहा हूँ। गुरु नानक देव जी का जीवन न केवल सिख समुदाय के लिए प्रेरक है अपितु सभी भारतीयों के लिए उनका जीवन प्रेरणादायी है। गुरु नानक जी के वचनों में सामाजिक एकता पर जोर दिया गया है। उन्होंने एक समतामूलक समाज के निर्माण पर जोर दिया। देश की आज़ादी में सिख समाज का बहुत बड़ा योगदान है। सिख समाज का इतिहास बहुत ही गौरवशाली और समृद्ध है। धर्म के प्रति समर्पण और सेवा की भावना सिख समाज की अभिन्न पहचान है।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जब हम गुरु गोविंदसिंह जी का जीवन देखते हैं तो हमें पता चलता है कि उनके पुत्र साहेबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी पर धर्म बदलने का दबाव आया। उन्होंने शहादत कबूल की लेकिन धर्म नहीं बदला। ऐसा इतिहास सिख समाज का रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने साहेबजादों के शहादत दिवस 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया और हर साल हम गर्व के साथ यह दिन मनाते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री मनमोहन चावला व गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे। recent visitors 61

छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगा

आज सुबह मुख्यमंत्री के कॉल ने निशा के लिये खोली किलिमंजारो फतह की राह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निशा से कहा हम तुम्हारा सपना पूरा करेंगे छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगा  आर्थिक तंगी अब सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगी रायपुर अलसुबह आज बिलासपुर में रहने वाली निशा यादव के पास एक फोन आया और फोन पर एक सौम्य सी आवाज में किसी ने उससे कहा आपको किलिमंजारो चढ़ना है, आप खर्च की चिंता न करें। निशा चकित हुई और आश्चर्य से पूछा आप कौन हैं, सामने से आवाज आई बेटा मैं विष्णु देव साय बोल रहा हूं। निशा ने आश्चर्यचकित भाव से कहा आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं। उसे यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने पूरी बात बताई और कहा कि आप अपने लक्ष्य पर फोकस करें। छत्तीसगढ़ के हर एक बेटी का सपना पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण  आश्वासन को सुनकर निशा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। निशा को इस बात पर भी यकीन करना पड़ा मुश्किल हो रहा था कि बिना किसी आवेदन या आग्रह के मुख्यमंत्री ने उनका सपना पूरा करने की पहल की है।          मुख्यमंत्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से बात की। निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने आगे बताया कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं और उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है।         निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को आगे बताया कि मैं पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था।  मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा । आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है।  मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं।       निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। उन्होंने निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी। recent visitors 128

मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया, आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के अमर नायकों और बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हर साल 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल, जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया। उनके क्रांतिकारी विचार और देश प्रेम की भावना आज भी हम सभी को प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए  अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर हमारा प्रदेश आगे बढ़े और विकास के पथ पर सतत अग्रसर रहे, इस के प्रयास हम सभी को मिलजुलकर करने हैं। recent visitors 102

नई औद्योगिक नीति में निर्धारित है विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के मेफेयर रिसार्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लांच किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।   हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमने ऐसी उद्योग नीति तैयार की है जो प्रदेश के उद्योग जगत के सभी जरूरतों को पूरा करेगा। हमारा प्रयास था कि ऐसी नीति बने जिससे  प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे और निवेश को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि नई नीति से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे प्रदेश को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। मंत्री देवांगन ने उद्योग नीति के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और उसके क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।  राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है। इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है। इस नीति में प्रथम बार … Read more

मुख्यमंत्री साय ने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देर रात कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विधायक मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की निःशुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की। recent visitors 51

14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय

चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी आज 14 नवंबर से शुरू मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान खरीदी की सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण, 2739 उपार्जन केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी रायपुर राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर प्रदेश के सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27 लाख 1 हजार 109 है। इस वर्ष 1 लाख 35 हजार 891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं और 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी। धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिये गये है। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है। समितियों में राशि आहरण हेतु ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी। खाद्य मंत्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है। एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा। recent visitors 114

मुख्यमंत्री ने ॐ का उच्चारण कर महाआरती का किया शुभारंभ, गंगा आरती दरहाघाट का किया लोकार्पण

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में हुए शामिल  मुख्यमंत्री साय मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने ॐ का उच्चारण कर महाआरती का किया शुभारंभ, गंगा आरती दरहाघाट का किया लोकार्पण महाआरती में मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सक्ती जिले के चंद्रपुर में महानदी के दरहाघाट तट पर आयोजित मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर सीएसआर मद से निर्मित गंगा आरती दरहाघाट का लोकार्पण किया। महाआरती में मातृशक्ति महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने गंगा आरती के अवसर पर सभी को देवउठनी एकादशी की बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक दशक पहले इस भव्य आयोजन के शुभारंभ का सौभाग्य मुझे मिला था। आज पुनः यहां आने का मौका मिला है। महानदी छत्तीसगढ़ के लिए जीवनदायिनी है। इससे जनजीवन को जल तो मिल रहा है, इसके साथ ही यह प्रदेश में ऋषि परम्परा की साक्षी भी है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है। प्रभु राम का ननिहाल है। अब अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बन चुका है। प्राण प्रतिष्ठा के हम सब साक्षी बने हैं। छत्तीसगढ़ से भी लोग अयोध्या में सेवा दे रहे हैं। यहां के डॉक्टर अभी भी वहां निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। राम लला दर्शन योजना से प्रदेश के श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि तीर्थ यात्रा योजना को पुनः शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर बनाने का भी काम कर रहे है। नदियां हमारी अमूल्य विरासत है, आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सहेजें – मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नदियां किसी भी संस्कृति की जीवंत प्रतीक होती हैं। नदियां केवल बहता पानी नहीं बल्कि इसके साथ बसे समाज के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की पहचान होती हैं। भारतीय संस्कृति में नदियों को जीवनदायिनी कहा गया है। मानव सभ्यता को पीढ़ी दर पीढ़ी सींचती संवारती हमारी इस अमूल्य विरासत रूपी नदियों को सहेजने का भाव हम सभी के अंदर एक कर्तव्य के रूप में पल्लवित हो, इसमें यह आयोजन महती भूमिका निभाएगा। साध्वी प्रज्ञा देवी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद जांजगीर चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, गोकुलानंद पटनायक, संतराम यादव, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, मातृशक्ति महिलाएं, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। recent visitors 68