गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल

रायपुर : नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़ – विष्णु देव साय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आपराधिक कानूनों पर समीक्षा बैठक गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की तैयारियों की दी जानकारी बैठक में  बस्तर के विकास और नक्सल उन्मूलन पर भी हुई चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शाह की अध्यक्षता आयोजित बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा की गई। इसके साथ ही  नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में सुरक्षा व न्याय तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी हैं। राज्य में 27 प्रकार की एसओपी (Standard Operating Procedures) और दिशा-निर्देश तैयार कर लागू किए गए हैं। इसके साथ ही लगभग 37,385 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। न्यायालयों, पुलिस थानों और जेलों को ई-साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से लैस किया गया है। राज्य में अब तक 53,981 एफआईआर नए कानूनों के तहत दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50% मामलों में चालान प्रस्तुत हो चुके हैं। बैठक में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में राज्य में चलाए गए ऑपरेशनों में कई वांछित नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियद नेलानार योजना, बस्तर ओलंपिक, महिला सुरक्षा केंद्र, और आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे व पर्यटन ढांचे का विकास जैसे प्रयासों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है और बस्तर को भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा और देशभर में कानूनी सुधार की इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से समन्वय और तत्परता की अपेक्षा जताई और कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, तेज़ और अधिक जनोन्मुखी बनाना है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, प्रमुख सचिव विधि रजनीश श्रीवास्तव, सचिव गृह, श्रीमती नेहा चंपावत सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। recent visitors 28

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की  महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग तेजी से विकास कर रहे हैं, जिसके कारण जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाना होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज 62 वर्षों से कार्यशील है, जिससे 12 लाख व्यापारी जुड़े हैं। प्रदेश के इस सबसे बड़े व्यापारी संगठन के इतिहास में पहली बार सर्वसम्मति से निर्वाचन संपन्न हुआ है, जो संगठन की एकजुटता का प्रमाण है। इस परंपरा को यह संगठन आगे भी कायम रखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों को हमेशा प्राथमिकता दी है। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हमने पेट्रोल पर वैट 1 रुपये प्रति लीटर कम किया है। व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया गया है। इसका लाभ प्रदेश के 40 हजार व्यापारियों को मिल रहा है। नई औद्योगिक नीति : प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति से उद्योगों के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बना है। इसके लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए हाल ही में प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। हाल ही में हमने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया। देशभर के कारोबारियों और उद्योगपतियों में इसे लेकर गजब का उत्साह है। वे छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह मुख्यमंत्री ने चैंबर के पदाधिकारियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित हो सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बाजार में धन का प्रवाह आवश्यक है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। मुख्यमंत्री साय ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। दो साल का धान बोनस भी दिया गया।  प्रदेश का बजट 6000 करोड़ से बढ़कर अब 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। देश में सर्वाधिक ऑटोमोबाइल विक्रय छत्तीसगढ़ में हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ देश के प्रथम तीन विकसित राज्यों में शामिल होगा। प्रदेश के विकास में चैंबर की भी उल्लेखनीय भागीदारी होगी। पूर्व सांसद और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी प्रकार उद्योग जगत भी प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। जब दोनों पहिए साथ-साथ चलते हैं, तो विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सर्वसम्मति से चैंबर के चुनाव होना यह दर्शाता है कि व्यापार जगत तेजी से आगे बढ़ेगा। जो देश व्यापार, व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा देता है, उसकी तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह कार्य कुशलता से किया जा रहा है। उन्होंने चैंबर के सदस्यों से आग्रह किया कि गर्मियों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पानी, पना और मठा का वितरण करें। इस अवसर पर संत साईं उदय शदाणी, साईं लालदास, अम्मा महंत मीरा देवी, अनेक जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 27

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर धर्मरक्षा महायज्ञ में हुए शामिल

रायपुर संस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जयंती और आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित धर्मरक्षा महायज्ञ एवं वैदिक सनातन संस्कृति सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान धर्मरक्षा यज्ञ में हवन-पूजन कर प्रदेश कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा तैयार पुस्तिका "चुनौतियों का चिंतन" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती का पुण्यस्मरण किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज को मानव कल्याण का कार्य करते हुए आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। आर्य समाज के द्वारा निरंतर देश सेवा, धर्म-संस्कृति की रक्षा तथा जनजागरण का कार्य किया जा रहा है। साय ने बताया कि वे महर्षि दयानंद के विचारों से प्रभावित होकर वर्ष 1999 से आर्य समाज से जुड़े हुए हैं और विभिन्न अवसरों पर समाज के मनीषियों का मार्गदर्शन उन्हें प्राप्त होता रहा है। आर्य समाज महर्षि दयानंद के विचारों को आगे बढ़ाते हुए संस्कार और शिक्षा का पुनीत कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी प्राकृतिक खेती और देशी नस्ल की गायों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश सरकार निश्चित रूप से इस दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक गति देगी। साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी सरकार ने मोदी की गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख आवास की स्वीकृति दी थी और अब आवास प्लस-प्लस का सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये, माताओं-बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों के तीर्थदर्शन के पुण्य संकल्प को भी पूरा किया जा रहा है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महर्षि दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि उनके जीवन-मूल्यों और विचारों को आत्मसात करने से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक उन्नति का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने महर्षि दयानंद की संपूर्ण जीवन-यात्रा और उद्देश्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि और देशी गौवंश की रक्षा एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर यदि हम गौपालन को लाभकारी बनाएंगे, तो समाज में उसकी रक्षा हेतु स्वाभाविक चेतना विकसित होगी। इससे सड़कों पर पशुओं के विचरण की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के माध्यम से हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, स्वामी धर्मानंद सरस्वती जी महाराज, सुरेश जी, कैप्टन रुद्रसेन, विनय आर्य, डॉ. राजेंद्र विद्या अलंकार, प्रबल प्रताप जूदेव, आर्य समाज के रामकुमार पटेल सहित आर्यवीर और आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित थे। recent visitors 26

नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ रोजगार भी है और संस्कार भी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने 'नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कार' विषय पर आयोजित 'की-नोट' एड्रेस में रखे अपने विचार नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक  : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। आज विदेशी हमारी संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ में बड़ी संख्या में पश्चिमी देशों के लोग श्रद्धा से गंगा स्नान करने पहुँचे। दूसरी ओर, हम दिखावे और आडंबर के चलते अपनी महान संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं और पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और संस्कार दोनों सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री साय राजधानी के बेबीलोन कैपिटल होटल में पत्रिका समूह द्वारा आयोजित 'की-नोट' एड्रेस में अपने विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं गुलाब कोठारी को बधाई देना चाहता हूं कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को निरंतर सकारात्मक दिशा दे रहे हैं। पत्रिका समूह के दायित्वों के साथ-साथ वे जो समय निकाल रहे हैं, उसे सामाजिक चेतना के लिए समर्पित कर रहे हैं – यह अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश सदियों तक विश्व गुरु रहा है। नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों में पूरी दुनिया से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे। हमारा सनातन धर्म अत्यंत प्राचीन है, जिसकी मूल भावना 'वसुधैव कुटुम्बकम्' है – अर्थात् पूरा विश्व एक परिवार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति को छत्तीसगढ़ ने अपनाया है। इस नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और संस्कार दोनों को प्राथमिकता दी गई है। इसके माध्यम से हम पुनः अपनी गौरवशाली सभ्यता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत में नारी का सम्मान सर्वोपरि रहा है। हमारे यहां कहा गया है– 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः', अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। हमारे धर्म में भगवान के नाम से पहले देवी का नाम आता है– जैसे उमापति महादेव, सियापति राम, राधाकृष्ण आदि। हम माँ सरस्वती से विद्या, माँ लक्ष्मी से धन और माँ दुर्गा से शक्ति की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' का अर्थ है – माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ हैं। माता-पिता ही बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं, और जैसा वे सिखाते हैं, बच्चे वही सीखते हैं। हमारी सभ्यता आज भी जीवित है, जो हमारी शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज हमारे परिवारों में एक गंभीर समस्या यह है कि हम बच्चों को मोबाइल थमा रहे हैं। मोबाइल में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। हमें चाहिए कि हम उसमें से अच्छाई को चुनें – जैसे हंस दूध को ग्रहण करता है, वैसे ही हमें भी विवेकपूर्वक चयन करना चाहिए। पत्रिका समूह के चेयरमैन गुलाब कोठारी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने की शक्ति केवल माँ के पास है। माँ सूक्ष्म स्तर पर जीवन जीती है। उसमें अन्न ब्रह्म और शब्द ब्रह्म दोनों विद्यमान हैं। माँ ही जीवन का पोषण करती है। आधुनिक शिक्षा ने माँ की भूमिका को कमज़ोर कर दिया है, जबकि शरीर और आत्मा दोनों के पोषण की शक्ति माँ के पास ही है। आज माँ-बाप और बच्चों के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बौद्धिक विकास जीवन में सुख की गारंटी नहीं देता। कोठारी ने कहा कि अगर हम बदलती दुनिया में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखें, तो ही हम विश्व को कुछ देने योग्य बन पाएंगे। भारतीय दर्शन हमें सिखाता है कि हम केवल शरीर नहीं, आत्मस्वरूप हैं। सूचना और ज्ञान बाहर से आते हैं, लेकिन विज़न और जीवन की दिशा भीतर से आती है। आज यही 'भीतर' हमसे छूट रहा है। आधुनिक शिक्षा ने हमें मानव संसाधन बना दिया है, जबकि हमें अपनी संस्कृति को जीवित रखना आवश्यक है। आईआईएम के डायरेक्टर प्रो. रामकुमार काकानी ने कहा कि आज पीढ़ियों के बीच जो खाई उत्पन्न हुई है, उसे पाटना ज़रूरी है। नई पीढ़ी की दुनिया अलग है – उस पर अधिक दबाव है, चौबीसों घंटे विज्ञापनों का असर है, और परिवार भी छोटे होते जा रहे हैं। संचार और तकनीक के प्रसार ने पीढ़ियों के बीच की दूरी और बढ़ा दी है। पहले की पीढ़ियों में अनुशासन और सीमित साधन होते थे, आज की पीढ़ी प्रतिस्पर्धा के दबाव में है। इससे पारिवारिक ढांचा भी बदला है, और भावनात्मक दूरी भी आई है। उन्होंने कहा कि हमें साझा मूल्यों की पुनः पहचान करनी होगी। नई पीढ़ी को सहानुभूति और स्पष्ट लक्ष्यों के साथ प्रेरित करना होगा। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुले वातावरण में संवाद को बढ़ावा देने की ज़रूरत है। अगर हम ऐसा करें, तो पीढ़ियों के बीच की दूरी को पाटा जा सकता है। कार्यक्रम में कोंडागांव की युवा उद्यमी सुअपूर्वा त्रिपाठी ने भी विचार रखे। इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पद्मश्रीमती फुलबासन यादव,  पत्रिका के स्टेट एडिटर पंकज श्रीवास्तव सहित पत्रिका समूह के अनेक सदस्य व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 22

मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने सीजीएमएससी सप्लाई चैन मैनेजमेंट एसओपी का विमोचन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) के नव नियुक्त अध्यक्ष दीपक म्हस्के के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए और मुख्य अतिथि की आसंदी से उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने सीजीएमएससी सप्लाई चैन मैनेजमेंट एसओपी का विमोचन किया।        मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) की स्थापना वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुई थी। इस संस्था की भूमिका राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और आवश्यक दवाओं व उपकरणों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आज यह कॉरपोरेशन केवल आपूर्ति एजेंसी नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।              मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि दीपक म्हस्के  पूर्व में केमिस्ट्री विषय के शिक्षक रहे हैं। यह अनुभव अब उनके नेतृत्व में सीजीएमएससी के कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बल देगा, जिससे प्रदेश की जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी राज्य स्थापना का रजत जयंती मना रहा है। वर्ष 2000 में जब राज्य का गठन हुआ, तब से लेकर अभी तक प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बेहतर हुई हैं। प्रदेश में एम्स जैसे संस्थान कार्यरत है और 13 मेडिकल कॉलेजों की भी स्थापना हो चुकी है, जो राज्य सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रतिबद्धता का प्रमाण है।          मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य किसी भी नागरिक की सबसे बड़ी पूंजी होती है और इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीब परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है। छत्तीसगढ़ में भी लाखों परिवार इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य मंत्री स्वयं ऊर्जावान और सक्रिय हैं और अब कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी दीपक महस्के जैसे कर्मठ और योग्य व्यक्ति को मिली है, तो निश्चित रूप से सीजीएमएससी प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने संबोधन के अंत में महस्के को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनका कार्यकाल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावशाली, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाएगा।                      विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जेनेरिक दवाइयां, सर्जिकल सामग्री, मेडिकल उपकरणों की समय से उपलब्धता और आधारभूत स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती के उद्देश्य के साथ वर्ष 2010 में इस कॉर्पोरेशन का गठन हुआ था। डॉ. सिंह ने कहा कि म्हस्के  जैसे योग्य, ईमानदार, दूरदर्शी और काबिल हाथों में इस कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी दी गई और वे अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में सफल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ सिंह ने म्हस्के को नए दायित्व मिलने पर अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संबोधित कर सीजीएमएससी के कार्य, स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।          इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, विधायक किरण देव, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक रोहित साहू, विधायक इंद्र कुमार साव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे,  मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित निगम मंडलों के अध्यक्ष गण, जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। recent visitors 36

UNESCO के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल हुई भगवद गीता और नाट्यशास्त्र, CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि यह हमारी सनातन और शाश्वत ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मान्यता मिलने के साथ ही हमारी संस्कृति, कलात्मक प्रतिभा और आध्यात्मिक चेतना का भी सम्मान है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ग्रंथ हमारी कालातीत धरोहर है, जिसने सदियों से भारत की आत्मा को पोषित किया है और सम्पूर्ण मानवता को नैतिकता का मार्ग दिखाया है. अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा उनके नेतृत्व में हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मंच पर सर्वोच्च स्थान मिल रहा है. recent visitors 37

नवा रायपुर में अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर का किया लोकार्पण, अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों से राहत कार्यों को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है। आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी। अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आज जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ। शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। recent visitors 30