उज्जैन में आज नलों में पानी नहीं आएगा, जाने क्या है कारण

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में 3 नवंबर की दोपहर को चौंकाने वाली बड़ी घटना घटी. यहां शहर की प्यास बुझाने वाले गंभीर डैम में अचानक पानी की सप्लाई रुक गई. अधिकारियों ने जब गंभीर नदी के इंटक वेल पैनल रूम की जांच की तो पता चला कि उसमें एक सांप घुस गया था. इस सांप की वजह से सिस्टम में फॉल्ट हो गया था. इसे सुधारने का काम देर रात तक जारी रहा. इस वजह से उज्जैन शहर की टंकियां नहीं भर पाईं. यानी, 4 नवंबर को शहर में जल पानी की सप्लाई नहीं होगी. बता दें, उज्जैन जिला प्रशासन गंभीर नदी से पूरे शहर में पानी की सप्लाई करता है. 3 नवंबर को प्रशासनिक अधिकारियों को पता चला कि नदी के इंटक वेल में कुछ गड़बड़ी हो गई है. इसकी वजह से शहर की टंकियों में पानी नहीं आ रहा. इसका पता चलते ही एमपीईबी की टीम मौके पर पहुंची. यहां इंटक वेल में जाते ही कर्मचारियों के होश उड़ गए. उन्होंने देखा कि पैनल रूम में करीब 20-22 फीट लंबा-मोटा सांप बैठा है. हालांकि, सांप की मौत हो चुकी थी. उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीन ने सांप का शव जब्त कर लिया. आज शहर को होगी परेशानी दूसरी ओर, एमपीईबी ने पैनल की जांच की तो पता चला कि सांप की वजह से सप्लाई लाइनें डिस्टर्ब हो गई थीं. इस वजह से उसमें फॉल्ट हो गया था. एमपीईबी की ग्रिड सहित इंटेक वेल के कंट्रोल पैनलों और ट्रांसफार्मर में जर्क आ गया था. इस वजह से पानी की सप्लाई नहीं हुई. एमपीईबी के कर्मचारी अब इसे ठीक कर रहे हैं. इसके ठीक होने के बाद ही पानी की सप्लाई शुरू होगी. चूंकि, इस फॉल्ट की वजह से शहर की टंकियां नहीं भर सकी हैं. इसलिए 4 नवंबर को पानी की सप्लाई नहीं होगी. recent visitors 195

प्रदेश के नगरीय निकायों में भू-जल संरक्षण और प्रबंधन के लिये 33 नगरीय निकायों में भू-जल प्लान तैयार किया

भोपाल प्रदेश के नगरीय निकायों में भू-जल संरक्षण और प्रबंधन के लिये 33 नगरीय निकायों में भू-जल प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के 24 नगरीय निकाय ऐसे हैं, जिन्होंने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार भी कर लिया है। भू-जल प्रबंधन प्लान में क्षेत्र के जल स्त्रोतों की पहचान कर उनके वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण के उपाय किये जा रहे हैं। इनमें क्षेत्र के बोरवेल, बावड़ियां, नदी, तालाब, कुंऍ आदि शामिल हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत पिछले दिनों आयोजित कार्यशाला में भू-जल विशेषज्ञों ने तैयार किये गये भू-जल प्रबंधन प्लान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को जन-भागीदारी से शहरी क्षेत्रों में पौध-रोपण पर विशेष ध्यान देना होगा। वृक्ष, जल-संरक्षण के उपाय में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। प्रदेश के 418 नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया। recent visitors 62

बुरहानपुर में नगर के 6 जोन में नवीन जल प्रदाय परियोजना से जल प्रदाय जारी

बुरहानपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से बुरहानपुर में जलावर्द्धन परियोजना का कार्य किया जा रहा है जो कि पूर्णता की ओर है। नगरवासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए ताप्ती नदी पर इंटेक-वैल लगाया गया है। वहीं जल को शुद्ध करने के लिए 50 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र भी स्थापित किया गया है। शोधित जल उपलब्ध होने से जल-जनित बीमारियों का जोखिम भी कम रहेगा। जल के संग्रहण के लिए 8 ओवर हैड टेंक बनाए गए है साथ ही मौजूदा 4 ओवर टैंक का इस्तेमाल भी जल संग्रहण के लिए किया जायेगा। हर घर जल पहुँचाने के लिए 296 किलोमीटर की वितरण पाइप लाइन बिछाई बिछा दी गई है। नल कनेक्शन देने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। अब तक कुल 35 हजार से अधिक नल कनेक्शन दे दिए गए है। बुरहानपुर जलावर्धन योजना अंतर्गत जोन क्रमांक 5 शिवाजी नगर, जोन क्रमांक 6 मरीचिका गार्डन एवं जोन 10 इंदिरा कॉलोनी में जलावर्धन योजना द्वारा न्यू वॉटर सप्लाई सिस्टम से नई पाइपलाइन में प्रतिदिन पानी सप्लाई किया जा रहा है और नगर निगम द्वारा पुरानी जल प्रदाय व्यवस्था को पूरी तरीके से बंद कर दिया गया है। वहीं जोन क्रमांक 1 सुभाष स्कूल, ,जोन क्रमांक 2 किला व जोन क्रमांक 3 में भी जलावर्धन योजना अंतर्गत प्रतिदिन पानी सप्लाई किया जा रहा है एवं ओल्ड सिस्टम को बंद करने की प्रक्रिया भी जारी है। परियोजना में शेष 4 जोन जिनमें जोन क्रमांक 4 लालबाग, जोन क्रमांक 8Aट्रांसपोर्ट नगर ,जोन क्रमांक 8B सिंधीपुरा, जोन क्रमांक 9 आजाद नगर में भी लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र जल आवर्धन योजना अंतर्गत वाटर सप्लाई द्वारा कवर किया जा चुका है एवं शेष कमिश्निंग का कार्य प्रगतिरत है।   recent visitors 71