Friday, July 10, 2026 9:00 am

मध्य प्रदेश में दिसंबर से तापमान में तेजी से गिरावट के बाद ठंड और कोहरे का डबल अटैक

भोपाल दिसंबर से मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आज 29 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जिससे बर्फीली हवा की रफ्तार तेज होंगी और ठंड व कोहरे के साथ शीतलहर की स्थिति बनने का अनुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।दिसंबर में सर्द हवाओं से ठिठुरन बढ़ेगी। खास करके मालवा-निमाड़ क्षेत्र में इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक,  वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम , दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब का क्षेत्र और अफगानिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। वही हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है। इन सभी मौसम प्रणालियों के चलते आज से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होगी जिससे तापमान में एक-दो दिन तापमान में कुछ और भी गिरावट होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     गुरुवार को मैदानी क्षेत्र में सबसे कम 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में दर्ज किया गया।     हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा।     टीकमगढ़ में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     भोपाल 10.2 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.9 डिग्री, उज्जैन में 12.2 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रहा।     भोपाल में 6 दिन के बाद पारा 10 डिग्री के ऊपर पहुंचा। इससे पहले की छह रातों में पारा 8.8 डिग्री से 9.8 डिग्री के बीच रहा था।     इंदौर में बुधवार के मुकाबले गुरुवार को दिन के तापमान में 1.7 डिग्री की गिरावट हुई। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस कम 25.9 डिग्री दर्ज हुआ। इस सीजन में यह पहला मौका है जब अधिकतम तापमान 26 डिग्री से कम रहा है। recent visitors 47

पचमढ़ी से भी ठंडा रहा मंडला, पारा 6.8 डिग्री, बर्फीली हवा से शहडोल, मंडला शिमला, माउंट आबू, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी ठंडे हैं

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की रात हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी हो गई है। गुरुवार-शुक्रवार की रात भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में पर 9.6 डिग्री रहा। सबसे ठंडा पूर्वी हिस्से का मंडला शहर रहा। बर्फीली हवा की वजह से शहडोल, मंडला जैसे छोटे शहर शिमला, माउंट आबू, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी ठंडे हैं। यहां रात का टेम्प्रेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। दिन भी सर्द हैं। सर्दी और कोहरे की वजह से ट्रेनों में रेलवे ने फॉग सेफ डिवाइस लगाई हैं। मौसम वैज्ञानिक कुमार ने बताया कि पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 278 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। एक दिन में ही 18 किमी रफ्तार बढ़ी है। इस वजह से प्रदेश में भी सर्द हवाएं आ रही हैं। अभी हवा की ऊंचाई 12.6 किमी है। जब यह नीचे बहेगी, तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कल्याणपुर, मंडला ने पचमढ़ी को पीछे किया प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी है। हरियाली से घिरा होने से यहां अब तक दिन और रात का तापमान सबसे कम रहा, लेकिन फिलहाल शहडोल का कल्याणपुर और मंडला की रातें सबसे ठंडी हैं। बुधवार-गुरुवार की रात में कल्याणपुर में टेम्प्रेचर 6.1 डिग्री और मंडला में 6.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। पचमढ़ी में 7.2 डिग्री, उमरिया में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में पारा 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। इनमें से कई शहर ऐसे हैं, जो शिमला, माउंट आबू जैसे शहरों से भी ठंडे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में शिमला में 7.2 डिग्री, देहरादून में 9.4 डिग्री, मसूरी में 7.1 डिग्री, माउंट आबू में 7 डिग्री, जम्मू शहर में 10.1 डिग्री और कटरा में तापमान 9.2 डिग्री रहा। देश के उत्तरी राज्यों के साथ-साथ अब मध्य भारत के राज्यों में भी ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 8 राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। उत्तर भारत के राज्यों में बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर फिलहाल सबसे ठंडे राज्य हैं। मौसम विभाग ने बताया हिमाचल के लाहौल स्पीति में रात का तापमान माइनस 11 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। वहीं, मध्य भारत में MP के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में ज्यादा सर्दी पड़ रही है। शहडोल और मंडला में न्यूनतम तापमान शिमला, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी कम है। यहां रात का टेम्परेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। उधर, तमिलनाडु में कल यानी 30 नवंबर की सुबह फेंगल तूफान टकरा सकता है। इसके असर के कारण तमिलनाडु के कई जिलों में पिछले 3 दिनों से तेज बारिश का दौर जारी है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी आज बारिश का अनुमान जताया गया है। recent visitors 77

पहाड़ों पर बर्फबारी ने एमपी में बढ़ाई ठिठुरन, पचमढ़ी सबसे ठंडा, भोपाल

भोपाल  जम्मू कश्मीर, मनाली सहित उत्तर भारत के राज्यों में हो रही बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में दिखने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में सर्द हवाएं चलना शुरू हो चुकी हैं। मंगलवार को प्रदेश का न्यूनतम तापमान गिरकर 5.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मैदानी जिलों की बात करें तो यहां न्यूनतम पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजधानी भोपाल सहित पांच शहरों का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से तापमान में और गिरावट आने के आसार नजर आ रहे हैं। सर्द हवाओं के चलने से मध्य प्रदेश में सिहरन हो सकती है। कहां कितना तापमान प्रमुख स्थानों के न्यूनतम तापमान को देखा जाये तो मैदानी क्षेत्र के जिलों में मंडला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी की बात करें तो यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। भोपाल में 9.8, राजगढ़ में 9.6, नौगांव 9.3 और उमरिया में 9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। आगे भी रह सकता है ऐसा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में काफी गिरावट आ रही है। अभी हवा का रुख भी उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है। आगे भी ऐसा ही मौसम रह सकता है। इन सलाहों को अपनाएं मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों का मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने सुझाव दिया है कि कुछ स्थानों में कोहरा पड़ सकता है, इसलिए लोगों को बस का उपयोग करना चाहिए क्योंकि कोहरे में मौजूद कारण पदार्थ और विभिन्न प्रकार के प्रदूषण होते हैं। इनके संपर्क में आने से लोगों के फेफड़े के कार्य क्षमता प्रभावित हो सकती है। खांसी और सांस की समस्या भी बढ़ सकती है। साथ ही वाहनों को धीमी या औसत गति पर चलाएं। आगे वाली गाड़ी से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। फॉग लैंप का इस्तेमाल करें ताकि कोहरे के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना ना हो पाए। recent visitors 53

भोपाल में​ रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सर्दी अब पचमढ़ी तक गई है, सोमवार को रात का तापमान 5.6 डिग्री पर आ गया

भोपाल जैसे जैसे नवंबर का महीना खत्म होने को है वैसे वैसे मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर बढ़ता ही जा रहा है।सोमवार को प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वही 49 साल बाद नवंबर के महीने में भोपाल में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नवंबर महीने में लगातार चार दिन तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहना भोपाल के लिए नया रिकॉर्ड है। भाेपाल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। 24 घंटे में इसमें 0.2 डिग्री की गिरावट हुई। भोपाल में लगातार 4 दिन से पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। यहां 49 साल बाद ऐसी नौबत आई। भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 7 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। एमपी मौसम विभाग ने इस हफ्ते शीतलहर और कोहरे की चेतावनी जारी की है। हवाओं का रुख उत्तरी होने से अगले 48 घंटों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ों पर बर्फबारी और जेट स्ट्रीम के असर से मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। MP Meteorological Department का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम और पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरे कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है।हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है। पश्चिम विक्षोभ के असर से भी उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने के आसार हैं। इसके बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। भोपाल: पारा 10 डिग्री के आसपास बना रहेगा     मौसम केंद्र की डिप्टी डायरेक्टर डॉ दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि पहाड़ी इलाकों से सीधी बर्फीली हवा आ रही है। इसका ज्यादा असर मप्र के मध्य और पूर्वी हिस्से में पड़ रहा है।     भोपाल संभाग, जबलपुर संभाग सहित मध्य प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्से के शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। recent visitors 29

उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बढ़ी, रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने से ठंड और कोहरे का डबल अटैक

भोपाल उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बढ़ रही है। फिलहाल नंवबर अंत तक मौसम का मिजाज यूही रहने वाला है।आने वाले दिनों में रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने से ठंड और कोहरे का डबल अटैक देखने को मिल सकता है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है।कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी के कारण उत्तरी हवाएं प्रदेश में आ रही हैं, जिससे दिसंबर में शीतलहर और कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिम विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर और बर्फबारी होने के बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने के आसार हैं। वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम और पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में स्थित है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है।वही हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। पिछले 24 घंटे में मौसम का मिजाज     भोपाल, जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 9 शहरों में रात का टेम्परेचर 10 डिग्री से नीचे आ गया है।     पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज।     मंडला में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.8 डिसे, अधिकतम तापमान 28 डिग्री दर्ज हुआ।     इंदौर में न्यूनतम 13.6 डिग्री जबकि अधिकतम 27.9 डिग्री सेल्सियस ।     ग्वालियर में न्यूनतम 11.2 अधिकतम 29.8 डिग्री सेल्सियस ।     जबलपुर में न्यूनतम 9.9 अधिकतम 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। recent visitors 56

शहर में इस साल कड़ाके की ठंड में अलाव नहीं जलाए जाएंगे, आबोहवा रहे स्वच्छ लिया निगम ने फैसला

 भोपाल  शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस बार शहर में अलाव नहीं जलाए जाएंगे । नगर निगम प्रशासन ने यह निर्णय पहली बार लिया है ताकि वायु प्रदूषण का स्तर कम किया जाए सके। लिहाजा शहर के वह 500 स्थान जहां पर हर साल कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव जलाए जाते थे, वहां इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। नगर निगम की इस पहल से यकीनन वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, लेकिन अहम बात यह है कि जो लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते थे। वह किस तरह इस कड़ाके की ठंड से अपना अब बचाव करेंगे। लोगों से अपील इसको लेकर भी निगम ने नागरिकों से अपील की है कि बेवजह ठंडे में बाहर नहीं रहें। रैन बसेरों में पर्याप्त कमरे और गर्म रजाई-गद्दे हैं। वह आराम से वहां सोए। अस्पतालों में भर्ती मरीजों के संग सिर्फ एक अटेंडर परिसर में रुके। बाकी के लोग अपने घरों में रहें। प्राइवेट कॉलोनियों में जो लोग अलाव जलाते रहे हैं, वे हीटर का उपयोग करें। ताकि लोग ठंडे से भी बचे रहें और शहर की हवा भी स्वच्छ हो सके। अलाव के लिए नहीं किए आदेश जारी शहर में अलाव जलाने के लिए नगर निगम द्वारा कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव के लिए लकड़ियां मुहैया करवाने के आदेश जारी किए जाते थे, लेकिन इस बार निगमायुक्त ने ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया। अलाव जलाने के लिए निगम के स्टोर से लकड़ियां मुहैया करवाई जाती थीं। इन लकड़ियों को निगम के वाहनों से सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचाया जाता था। जिसमें डीजल खर्च के अलावा निगम को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता था, लेकिन इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। लिहाजा लाखों रुपये के डीजल खर्च की बचत भी होगी। इसलिए लिया निर्णय शहर की हवा की सेहत को सुधारने के लिए निगम प्रशासन ने यह निर्णय लिया है, क्योंकि तमाम प्रयास के बाद भी शहर में बढ़ता वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई 300 पार हो गया था। शाम सात बजे पर्यावरण परिसर क्षेत्र में एक्यूआई 305, टीटी नगर में 285 और कलेक्ट्रेट में 236 दर्ज किया गया थे। शहर की हवा में अभी भी पीएम 2.5 धूल कण अधिक मात्रा में है, जो कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को बीमार करने के लिए काफी है। इस हवा में सांस लेना बीमारियों को न्योता देने के बराबर है। सर्दी ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड हालांकि राजधानी में कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो चुकी है। भोपाल में सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। नवंबर में सबसे ठंडी शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात रही, जब पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे एक दिन पहले भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। इससे पता चलता है कि सर्दी लगातार जोर पकड़ रही है। recent visitors 58

25 नवंबर से तेज ठंड का दौर फिर से आएगा, शनिवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में मध्यम कोहरे का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवंबर की ठंड ने इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी भोपाल में 10 साल की सबसे ज्यादा सर्दी पड़ रही है। यहां रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दिन का तापमान भी 26 डिग्री के करीब सिमट गया है। वहीं, पचमढ़ी, अमरकंटक, कल्याणपुर और शाजापुर-राजगढ़ जैसे छोटे शहर सबसे ज्यादा ठंडे हैं। शहडोल के कल्याणपुर में प्रदेश का सबसे कम तापमान 7.1 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री और मंडला में 8.1 डिग्री तापमान रहा। राजगढ़, उमरिया और शिवपुरी के पिपरसमा में रात का तापमान 9 डिग्री तक गिर गया। भोपाल, जबलपुर और इंदौर जैसे बड़े शहरों में पारा सामान्य से 5-6 डिग्री तक नीचे है। इधर, शनिवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में मध्यम कोहरे का असर देखने को मिला। इंदौर में इस सीजन में पहली बार बीती रात का तापमान 11.6 (-2) डिग्री सेल्सियस रहा। उज्जैन में बीती रात का न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तापमान में 2 डिग्री और गिरावट की आशंका जताई है। बड़े शहराें की बात करें ताे भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में तापमान सामान्य (15 डिग्री) से 5.6 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है। भोपाल में सबसे ज्यादा गिरावट हुई है, जबकि जबलपुर दूसरे नंबर पर है। इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 12 डिग्री के आसपास है। वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात कल्याणपुर में पारा 7.1 डिग्री रहा, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 8.1 डिग्री, शिवपुरी के पिपरसमा, उमरिया और राजगढ़ में 9 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई, जहां तापमान 11.6 डिग्री रहा। उज्जैन में 11.2 डिग्री और ग्वालियर में 11.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तापमान में 2 डिग्री और गिरावट का अनुमान जताया है।   प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण उत्तरी हवाएं तेज हो गई हैं, जिससे ठंड का असर बढ़ रहा है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में कोहरा छाया रहा, जबकि भोपाल सहित अन्य शहरों में सुबह धुंध देखने को मिली। मौसम विभाग ने 25 नवंबर से ठंड के और तेज होने की संभावना जताई है। इंदौर में इस सीजन में पहली बार बीती .रात का तापमान 11.6 (-2) डिग्री सेल्सियस रहा। उज्जैन में बीती रात का न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तापमान में 2 डिग्री और गिरावट की आशंका जताई है। अभी ये सिस्टम एक्टिव उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। वहीं, उत्तरी हवाएं भी प्रदेश में आ रही है। इस कारण तेज ठंड है। ड़े शहरों में सामान्य से 5.6 डिग्री तक नीचे पारा बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में तापमान सामान्य (15 डिग्री) से 5.6 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है। भोपाल में सबसे ज्यादा गिरावट हुई है, जबकि जबलपुर दूसरे नंबर पर है। इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 12 डिग्री के आसपास है। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। वहीं, गुरुवार देर रात पुलिस ने एक युवक का शव बजरिया ब्रिज से बरामद किया है, जिसकी मौत ठंड के कारण होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट के बाद हो सकेगा। कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा, पचमढ़ी दूसरे नंबर पर पचमढ़ी प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है, जो हरियाली से घिरा हुआ है। नवंबर महीने में यहां दिन और रात दोनों ही सबसे ठंडे रहे हैं, लेकिन शहडोल का कल्याणपुर पहली बार सबसे ठंडा रहा। गुरुवार-शुक्रवार की रात कल्याणपुर में पारा 7.1 डिग्री रहा, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 8.1 डिग्री, शिवपुरी के पिपरसमा, उमरिया और राजगढ़ में 9 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। उत्तरी हिस्से में कोहरा, भोपाल में धुंध शनिवार सुबह प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर-चंबल संभाग में मध्यम कोहरा देखने को मिला। वहीं, भोपाल में धुंध है। बाकी शहरों में भी धुंध का असर है। यहां दिन भी ठंडे है। अब जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों में ट्रेंड… भोपाल में सबसे ज्यादा सर्दी नवंबर में राजधानी में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से लुढ़क रहा है और यह 9.4 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था। इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में इस महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।   recent visitors 146