प्रदेश में अगले 24 घंटे में और बढ़ेगी ठंड, छा सकते है बादल, आज भोपाल में शीतलहर की संभावना, पढ़े मौसम विभाग का नया अपडेट

भोपाल पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है,गुरुवार को राज्यभर में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। आने वाले दिनों में रात के समय में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।आज राजधानी भोपाल में शीतलहर चल सकती है, वही न्यूनतम तापमान नवंबर अंत तक 14 डिग्री तक पहुंचने के आसार है। शुक्रवार और शनिवार को दिन रात के तापमान में और तेजी से गिरावट आने का अनुमान है। आने वाले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होगी।इधर, लगातार पड़ रही ठंड के चलते भोपाल के कई निजी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जल्द ही अन्य सरकारी स्कूलों के समय में भी बदलाव देखने मिल सकता है। कई शहरों में दस डिग्री से कम है तापमान   पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य शहरों जैसे शाजापुर, शहडोल, और मंडला में पारा 9 डिग्री के करीब रहा। बड़े शहरों में भोपाल और ग्वालियर में तापमान क्रमशः 10.2 डिग्री और 11.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि इंदौर और उज्जैन में यह 13.9 डिग्री और 11.5 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम-उत्तर भारत में चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। 2 दिन बाद Madhya Pradesh में छा सकते है बादल गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट के पास हवा के ऊपरी भाग में बने एक चक्रवात के आगे बढ़कर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इससे हवाओं का रुख बदल सकता है और दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं।इधर, राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के असर से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं, ऐसे में रात के तापमान में गिरावट नजर आ रही है। हवाओं के साथ कुछ नमी आने से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा बना हुआ है, शेष भागों में सुबह के समय धुंध छाई हुई है। एक सप्ताह में गिरा तापमान   पिछले एक सप्ताह से रात के साथ दिन के तापमान में भी 2-3 डिग्री की गिरावट देखी गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा, जिसके बाद दिसंबर में ठंड और तेज हो जाएगी। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में सर्दी ने नवंबर के महीने को कड़ाके की ठंड के साथ यादगार बना दिया है। जानिए MP के 5 बड़े शहरों का एक्यूआई लेवल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल की हवा सबसे खराब रही है। यहां एक्यूआई लेवल 253 दर्ज हुआ। जबलपुर में 243, उज्जैन में 233, ग्वालियर में 218 और इंदौर (विजय नगर इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स में )में 52 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ।आज शुक्रवार सुबह की बात करें तो भोपाल का एक्यूआई लेवल 258,जबलपुर में 161, उज्जैन में 243, ग्वालियर में 166 और इंदौर में 241 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज हुआ। यहां का तापमान पचमढ़ी से चार गुना ज्यादा है। यहां 30.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा सबसे ज्यादा तापमान रिकॉर्ड करने वाले चार अन्य इलाके भी हैं, जहां 29 डिग्री के आस-पास तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों के नाम हैं; खरगौन में 30 , तालुन में 29.2, नमर्दापुरम में 29.1 और रतलाम में 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए हैं। राजधानी भोपाल के मौस का पूर्वानुमान राजधानी भोपाल में कल आकाश के साफ रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही मौसम के संभावित पूर्वानुमान की बात करें तो सुबह के समय धुंध के छाए रहने का अनुमान है। यहां का तापमान अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तक जाने की संभावना है। बाकी रात में पारा गिरने से लोगों में ठंड का एहसास होने लगा है। हालांकि दिन में मौसम में गर्माहट देखने को मिल रही है।  पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम है।     भोपाल में न्यूनतम 10.2 अधिकतम 26.6, ग्वालियर में न्यूनतम 11.1 अधिकतम 26.9 और इंदौर में न्यूनतम 13. अधिकतम 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     उज्जैन में न्यूनतम 11.5 अधिकतम 27.5, जबलपुर में न्यूनतम 11 अधिकतम 26.3 ,बालाघाट में न्यूनतम 10.8 अधिकतम 23.6 और मंडला में न्यूनतम 9.1 अधिकतम 27.02 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।     भोपाल सहित सीहोर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी भी कम रही। recent visitors 78

ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में कोहरा छाया, टेम्प्रेचर 15 डिग्री

भोपाल उत्तरी हवाओं के असर से मध्यप्रदेश में सर्दी बढ़ गई है। कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर 15 डिग्री के नीचे आ गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 28 शहरों में पारा सामान्य से नीचे है। ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिन और बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल में भी सुबह के समय कोहरा है। यहां 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी यानी, दृश्यता है। राजधानी में पिछले 5 दिन से ऐसा ही मौसम है। नवंबर में पिछले साल से भी ज्यादा ठंडा है भोपाल प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में रात का टेम्प्रेचर सामान्य यानी, 15 डिग्री के नीचे है। भोपाल में पिछले साल के मुकाबले इस बार अभी से ज्यादा सर्दी पड़ रही है। यहां पिछले साल जहां नवंबर में रात का टेम्प्रेचर 12.8 डिग्री तक ही पहुंचा था। वहीं मंगलवार-बुधवार की रात टेम्प्रेचर 11 डिग्री दर्ज किया गया। यह 10 साल में नवंबर का सातवां सबसे कम तापमान है। इसलिए बढ़ा एमपी में ठंड का असर इस समय जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। वहीं, पश्चिम-उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर है। ऐसे में उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है, जिससे पारा लुढ़क गया हैं। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट हो सकती है। अभी रात के साथ दिन भी ठंडे है। पचमढ़ी में दिन का पारा 22.4 डिग्री पचमढ़ी प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है। नवंबर महीने में यहां की रातें सबसे सर्द रही हैं। पिछली 6 रातों से यहां पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम ही है। मंगलवार-बुधवार की रात पारा 7.8 डिग्री और बुधवार को दिन में तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस तरह पचमढ़ी के दिन और रात दोनों ही प्रदेश में सबसे ठंडे है। पचमढ़ी के अलावा बालाघाट में 24 डिग्री, रायसेन में 25 डिग्री, बैतूल में 26.5 डिग्री, सिवनी में 26.6 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 27.1 डिग्री, ग्वालियर में 26.4 डिग्री, इंदौर में 27.8 डिग्री, उज्जैन में 27.7 डिग्री और जबलपुर में दिन का तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। recent visitors 82

मध्य प्रदेश के इन शहरों में कोहरे का अलर्ट, तेजी से बदलते मौसम को लेकर IMD वैज्ञानिक ने ये बताया

भोपाल  उत्तरी हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ ठिठुरन बढ़ने लगी है। मंगलवार को प्रदेश में दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, राजधानी भोपाल में सुबह से ही धुंध व कोहरा छाया रहा।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में पारा तेजी से गिरेगा और ठंड का असर तेज होगा। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदेश में न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तो अधिकतम तापमान में भी एक से दो डिग्री तक की कमी आ सकती है।मंगलवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में दिन के टेम्प्रेचर में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। वातावरण में नमी के चलते ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा।भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और दतिया में विजिबिलिटी भी कम रही। एमपी मौसम विभाग ने आज बुधवार को ग्वालियर दतिया भिंड मुरैना जिले में हल्का से मध्य कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है।अगले 2 से 3 दिनों में प्रदेश में और अधिक ठंड पड़ने की संभावना है।दिसंबर में सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जबरदस्त ठंड पड़ेगी।निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में ठिठुरन बढ़ेगी। जानिए MP के 5 बड़े शहरों का एक्यूआई लेवल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, ग्वालियर जिले की हवा सबसे खराब हो रही है, आज बुधवार को सिटी सेंटर का एक्यूआई लेवल 335, भोपाल का एक्यूआई 184, इंदौर 185, जबलपुर 192 और उज्जैन 214 दर्ज किया गया है, जो अनहेल्दी की कैटेगरी में आता है।इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर का एक्यूआई लेवल 329 , राजधानी भोपाल का एक्यूआई 290 , इंदौर में 246, उज्जैन में 219 और जबलपुर में 154 दर्ज हुआ था। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     पचमढ़ी में आठ डिग्री सेल्सियस भोपाल में 14 ग्वालियर में 12.3 इंदौर में 16.5 उज्जैन में 15.1 जबलपुर में 13 मंडला में 10.4 और बालाघाट में 11.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।     भोपाल में 26.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 27 इंदौर में 27.2 पचमढ़ी में 23.8 उज्जैन में 28 इंदौर में 27.2 और जबलपुर में 28.9 डिग्री सेल्सियस बालाघाट में 24.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ।     बैतूल में 27 डिग्री, धार में 27.6 डिग्री, गुना में 28.6 डिग्री, ग्वालियर में 27 डिग्री, रायसेन में 26 डिग्री, रतलाम में 28.2 डिग्री, शिवपुरी में 28.2 डिग्री, उज्जैन में 28 डिग्री, दमोह में 28.5 डिग्री, जबलपुर में 28.9 डिग्री रहा।     खजुराहो में 29.4 डिग्री, मंडला में 29 डिग्री, नरसिंहपुर में 28 डिग्री, नौगांव में 27.2 डिग्री, रीवा में 27.6 डिग्री, सागर-सतना में 28.2 डिग्री, सिवनी में 28 डिग्री, सीधी में 2518 डिग्री, उमरिया में 28.7 डिग्री और बालाघाट में 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। recent visitors 74

मंडला में सबसे कम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, पचमढ़ी में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई जिलों में अब तेज ठंडक दस्तक देने लगी है। राजधानी भोपाल में भी जहां दिन में धूप तेज हो रही है। वहीं शाम और सुबह ठंडा का एहसास हो रहा है। प्रदेश के उत्तरी इलाकों में तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के कई जिलों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक काम हो गया है। शुक्रवार को भोपाल में सीजन की सबसे सर्द रात रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है। मंडला में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं, एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। उत्तरी हवाओं से बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में से आ रही शीत लहरों एवं जम्मू कश्मीर में हुई बर्फबारी का प्रभाव मध्य प्रदेश में भी देखने को मिला है। इस कारण यहां कई जिलों में ठंडक देखने को मिल रही है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। सबसे सर्द भोपाल राजधानी भोपाल में गुरुवार की रात इस मौसम की सबसे ठंडी रात रही। यहां रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 12.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि दिन का तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम रहा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। प्रदेश के उत्तरी हिस्से के जिलों को देखें तो बालाघाट उमरिया और छतरपुर में तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में और न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है। मौसम विशेषज्ञ बता रहे हैं कि प्रदेश में अब दिन और रात के तापमान में भी गिरावट आएगी। आने वाले दिनों में लगातार तापमान में कमी देखने को मिल सकती है। मंडला बालाघाट पचमढ़ी सहित कई जिलों की न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आने की आसार नजर आ रहे हैं। recent visitors 57

मध्य प्रदेश अगले महीने से कड़ाके की ठंड,कोहरा, शीतलहर का रहेगा कहर, पारा 11 डिग्री तक गिरने की संभावना

भोपाल नवंबर का महीना जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे मध्य प्रदेश में ठंड का असर तेज होता जा रहा है। सर्द दवाओं की रफ्तार बढ़ने से तापमान में भी गिरावट आने लगी है। 16  नवंबर के बाद सर्द दवाओं की रफ्तार तेज होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल नवंबर माह में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन नवंबर अंत में ग्वालियर चंबल के इलाके में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है या फिर बादल छा सकते हैं। एमपी मौसम विभाग की मानें तो पाकिस्तान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है और एक द्रोणिका भी है, जिसके प्रभाव से प्रदेश के तापमान में गिरावट हो रही है। प्रदेश के सभी संभाग के जिलों में दिन और रात के तापमान में कमी आई है, अधिकतम तापमान की अपेक्षा न्यूनतम तापमान में गिरावट अधिक हुई है।जल्द पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहे है, जिसके बाद प्रदेश के तापमान में और अधिक गिरावट होगी। दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक पारे में गिरावट होगी, लेकिन सामान्य से नीचे जाने की संभावना नहीं है। अगले महीने से कड़ाके की ठंड/कोहरा/ शीतलहर     एमपी मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ेगी, इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोहरे के साथ कोल्ड वेव की स्थिति रहने का अनुमान है।दिसंबर की शुरुआत में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 11 से 12 डिग्री तक गिरने की संभावना है। 20 दिसंबर के बाद मध्य प्रदेश के हिस्सों में कड़ाके की ठंड की शुरुआत होने का अनुमान है।     दिसंबर में सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जबरदस्त ठंड पड़ेगी।खास करके निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में ठिठुरन बढ़ेगी। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और मंडला में 11 डिग्री सेल्सियस दर दर्ज किया गया।     अधिकांश शहरों में पारा 15 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है।पचमढ़ी, शाजापुर और अमरकंटक में ही पारा सबसे कम है।     सर्वाधिक अधिकतम तापमान खजुराहो में 33.4 डिग्री सेल्सियस ।     सिवनी में रात का तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जो 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज ।     भोपाल में इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज।     भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.2 डिग्री , इंदौर में 30.3 डिग्री, जबलपुर में 30.8 डिग्री और उज्जैन में व ग्वालियर में 31.5 डिग्री दर्ज हुआ। recent visitors 66

राजस्थान के मौसम में तगड़ा बदलाव, 17 नवंबर के बाद पड़ेगी जबरदस्त ठंड!

जयपुर  राजस्थान में तापमान में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर भी दिखने लगा है. बीते 14 नवंबर को बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में अति घना कोहरा दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दिनों में मौसम शुष्क  रहेगा. साथ ही बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में आगामी 3 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है. ठंड की बात करें तो फिलहाल पश्चिम विक्षोभ नहीं आया है, जिससे तापमान में भारी गिरावट नहीं हुई है. राजस्थान (Rajasthan) ही नहीं, बल्कि पूरे देश में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दिख रहा है. आगामी 17 नवंबर से ठंड बढ़ने की संभावना. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक गिरावट की संभावना है. अजमेर में 32.8 तो गंगानगर में 25.2 डिग्री तापमान कई जिलों में अधिकमत तापमान 35 डिग्री से कम है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट हुई है. अजमेर में अधिकतम तापमान 32.8, भीलवाड़ा में 32.3, अलवर में 30.5 डिग्री, जयपुर में 32.4, सीकर में 30.5, कोटा में 32.7, चित्तौड़गढ़ में 33.8, धौलपुर में 33.8, सिरोही में 33.6, करौली में 31.6, जैसलमेर में 33.1, जोधपुर में 34.2, बीकानेर में 32, चूरू में 32.5, फलोदी में 31.8, गंगानगर में 25.2 और जालौर में 34 डिग्री अधिकतम तापमान है. अगले कुछ राजधानी जयपुर में कुछ ऐसा रहेगा मौसम अगले कुछ दिन राजधानी में भी पारा लुढ़कने की संभावना है. जयपुर में आगामी 19 नवंबर तक न्यूनतम पारा 3 डिग्री तक गिरकर 15 डिग्री तक पहुंच सकता सकता है. जबकि 15 और 16 नवंबर को पारा 16 डिग्री तक रहने की संभावना है. recent visitors 82

इस वर्ष पड़ेगी कड़ाके की ठंड, IMD की भविष्याणी ने बढ़ा दी टेंशन, ला नीना के एक्टिव होने की संभावना

नई दिल्ली भारत में इस साल ठंड के तेवर कैसे रहेंगे इसको लेकर मौसम विभाग की चेतावनी आ गई है। आईएमडी के मुताबिक इस साल देश में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। इसके मुताबिक इस दौरान हालात बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सर्दी काफी ज्यादा सता सकती है। गौरतलब है कि मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के शहरों में सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आ रही है। इसके अलावा दिन और रात के तापमान में ठीक-ठाक अंतर महसूस होने लगा है। क्यों कहा जा रहा कि पड़ेगी कड़ाके की ठंड इसकी वजह है अक्टूबर-नवंबर के दौरान ला नीना के एक्टिव होने की संभावना। IMD के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। हालांकि मौसम विभाग का यह भी कहना है कि ठंड कितनी पड़ेगी इसका सटीक पूर्वानुमान नवंबर में ही लग पाएगा। ला नीना के इसी महीने एक्टिव होने पर दिसंबर और जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। ला नीना की वजह से आमतौर पर तापमान में गिरावट आती है। सर्दियों में भी इसकी वजह से अधिक बारिश होती है। ला नीना का प्रभाव कितना ला नीना के दौरान पूर्वी हवाएं समुद्र के पानी को पश्चिम की ओर धकेलती हैं। इस वजह से समुद्र की सतह ठंडी हो जाती है। आईएमडी के अनुमान के मुताबिक ला नीना अक्टूबर और नवंबर के बीच एक्टिव होने की संभावना 71 प्रतिशत है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। जब ला नीना होता है, तो उत्तर भारत, खासकर उत्तर-पश्चिमी भारत और आसपास के मध्य क्षेत्र में तापमान सामान्य से कम हो जाता है। क्यों पड़ेगी अधिक ठंड मौसम विभाग के मुताबिक भारत में अधिक ठंड का संबंध ला-नीना से है। ला-नीना मौसम की एक खास अवस्था है। अगर ला-नीना बनता है तो भारत के उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी और दिल्ली-एनसीआर समेत मध्य क्षेत्र में आमतौर पर ठंड का प्रकोप देखने को मिलता है। हालांकि ला-नीना का पूरा प्रभाव आने वाले महीने में समझ में आएगा। क्या है ला-नीना स्पेनिश में ला-नीना का मतलब होता है छोटी लड़की, यह अल-नीनो का उलटा होता है। जब ला-नीना बनता है तो यह काफी ज्यादा ठंड ले आता है। यह प्रशांत महासागर की सतह पर ठंड को बढ़ाता है। इस दौरान बारिश खूब होती है और तापमान में कमी आती है। ला-नीना विभिन्न वैश्विक जलवायु परिवर्तनों से जुड़ा हुआ है। जैसे-अटलांटिक में अधिक तूफान, दक्षिण अमेरिका में सूखा, और दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में गीला मौसम। यह अप्रैल और जून के बीच शुरू होता है, अक्टूबर से फरवरी तक मजबूत होता है। यह 9 महीने से लेकर 2 साल तक कहीं भी रह सकता है। भारत पर कितना असर सितंबर में आईएमडी ने भविष्यवाणी की थी कि ला नीना के चलते भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। यह उम्मीद की जाती है कि उत्तरी क्षेत्रों, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर को ठंड के तापमान का सामना करना पड़ेगा, जो संभावित रूप से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तेज बरसात के साथ खतरनाक ठंड सर्दियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल भारत में फॉग शुरू हो चुका है। उत्तरी भारत, जिसमें जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में सुबह धुंध भरी हो रही है। इसके अलावा आने वाले कुछ दिनों में देश के उत्तर और मध्य हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, अगले दो दिन में पूर्वी भारत में तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आ सकती है। वहीं, अगले कुछ दिन के अंदर तापमान में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। recent visitors 75